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                <title>Liquidation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Liquidation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लाल निशान में खुला बाजार: आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 800 अंक ​फ़िसला, निवेशकों के करोड़ों रूपए स्वाहा</title>
                                    <description><![CDATA[लगातार पांच दिनों की तेजी के बाद घरेलू शेयर बाजार शुक्रवार को औंधे मुंह गिरा। अमेरिकी टेक दिग्गज एक्सेंचुअर द्वारा राजस्व अनुमान घटाने से आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली हुई, जिससे सेंसेक्स 811 अंक टूटकर 76,598 और निफ्टी 220 अंक गिरकर 23,947 पर आ गया। इंफोसिस और टीसीएस के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/market-opens-in-red-sensex-slips-800-points-due-to/article-157418"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/share-market3.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। आईटी सेक्टर की कंपनियों में भारी बिकवाली के दबाव में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई का सेंसेक्स 800 अंक गिर गया। लगातार पांच दिन की तेजी के बाद सेंसेक्स 557.12 अंक टूटकर 76,852.86 अंक पर खुला। आईटी कंपनियों में बिकवाली से इसकी गिरावट और बढ़ी। खबर लिखे जाते समय यह 811.19 अंक (1.05 प्रतिशत) नीचे 76,598.79 अंक पर रहा। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी एक्सेंचुअर के इस साल का राजस्व अनुमान घटाने के बाद उसका शेयर गुरुवार को 18 प्रतिशत टूट गया। अमेरिका में सूचीबद्ध भारतीय आईटी कंपनियों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली और इसका असर आज घरेलू बाजार पर दिखा।</p>
<p>इस समय इंफोसिस का शेयर आठ प्रतिशत से अधिक की गिरावट में है। टीसीएस का शेयर छह फीसदी और टेक महिंद्रा तथा एचसीएल टेक्नोलॉजीज का पांच प्रतिशत से अधिक नीचे चल रहा है। सेंसेक्स में इन चार आईटी कंपनियों के बाद सबसे अधिक गिरावट एचडीएफसी बैंक, इटरनल, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा और हिंदुस्तान यूनीलिवर के शेयरों में है। एनटीपीसी, एयरटेल, सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ट्रेंट के शेयर फिलहाल बढ़त में हैं।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 176.80 अंक गिरकर 23,991.20 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 220.85 अंक यानी 0.91 प्रतिशत उतरकर 23,947.15 अंक पर था। कमजोर निवेश धारणा से वृहत बाजार में भी बिकवाली हावी है। स्वास्थ्य और फार्मा को छोड़कर सभी सेक्टर दबाव में हैं। आईटी के साथ टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, रियल्टी, ऑटो, वित्त, बैंकिंग और एफएमसीजी समूहों के सूचकांक भी लाल निशान में हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 11:25:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से गिरावट में बंद हुए शेयर बाजार, आईटी सेक्टर पर दबाव</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान-अमेरिका तनाव और आईटी सेक्टर में बिकवाली से घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। भारी उतार-चढ़ाव के बीच बीएसई सेंसेक्स 150 अंक गिरकर 73,832.55 पर और निफ्टी 53 अंक टूटकर 23,161.60 पर रहा। इंफोसिस और एचसीएल टेक जैसे आईटी शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव दिखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/stock-markets-closed-in-decline-due-to-increasing-tension-between/article-156691"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/share-market-01.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने तथा आईटी सेक्टर में बिकवाली से घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को गिरावट रही। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई का सेंसेक्स 150.63 अंक (0.20 प्रतिशत) नीचे 73,832.55 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 53.35 अंक यानी 0.23 प्रतिशत टूटकर 23,161.60 अंक पर रहा। दोनों प्रमुख सूचकांकों की शुरुआत लाल निशान में हुई थी, लेकिन दोपहर से पहले वे हरे निशान में पहुंचने में कामयाब रहे। हालांकि आखिरी एक घंटे में फिर गिरावट में चले गये।</p>
<p>सेंसेक्स में आज 875 अंक का भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। यह नीचे 73,519 अंक तक और ऊपर 74,394 अंक तक गया। अमेरिका और ईरान के बीच इस सप्ताह तनाव बढ़ने से बाजार में निवेश धारणा कमजोर है। विशेषकर आईटी सेक्टर में बिकवाली देखी जा रही है। प्रमुख सूचकांकों के मुकाबले वृहत बाजार में गिरावट अधिक रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.82 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.67 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।</p>
<p>आईटी कंपनियों में बिकवाली से निफ्टी आईटी सूचकांक 1.62 प्रतिशत टूट गया। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, रसायन, एफएमसीजी, सार्वजनिक बैंकों और रियल्टी सेक्टरों पर भी काफी दबाव देखा गया। मीडिया, फार्मा और निजी बैंकों के समूहों में निवेशकों ने विश्वास दिखाया। सेंसेक्स की कंपनियों में इंफोसिस का शेयर करीब पौने तीन फीसदी टूट गया। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, अडानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, इटरनल, बीईएल, एलएंडटी, हिंदुस्तान यूनीलिवर और एशियन पेंट्स के शेयर एक से दो प्रतिशत की गिरावट में रहे। इंडिगो, बजाज फिनसर्व, टीसीएस, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, आईटीसी और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी नीचे बंद हुए।</p>
<p>महिंद्रा एंड महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर डेढ़ प्रतिशत से ज्यादा चढ़े। कोटक महिंद्रा बैंक में एक फीसदी से अधिक की तेजी रही। सन फार्मा, भारती एयरटेल और मारुति सुजुकी के शेयर भी हरे निशान में रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:21:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>उतार-चढ़ाव के बीच हरे निशान में बंद हुआ सेंसेक्स, इन शेयरों में दिखा जोरदार एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[घरेलू शेयर बाजार में दिनभर भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सेंसेक्स ऊपरी स्तरों से 694 अंक टूटने के बाद अंत में 64 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 73,983 पर बंद हुआ। हालांकि, मुनाफावसूली के दबाव में निफ्टी 27 अंक गिरकर 23,214 पर आ गया। मिडकैप और स्मॉलकैप में बिकवाली हावी रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/sensex-closed-in-the-green-amidst-ups-and-downs-strong/article-156572"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/share-market2.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई का सेंसेक्स हरे निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स की शुरुआत बढ़त के साथ हुई थी और बीच कारोबार में यह 694 अंक चढ़ गया था। लेकिन उसके बाद शुरू हुई मुनाफावसूली के दबाव में गिरते हुए कुछ देर के लिए लाल निशान में चला गया। अंत में पिछले कारोबारी दिवस के मुकाबले 64.42 अंक (0.09 प्रतिशत) ऊपर 73,983.18 अंक पर बंद हुआ।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक लाल निशान में खुला था और लगभग पूरे दिन हरे निशान में रहने के बाद अंत में 27.15 अंक यानी 0.12 प्रतिशत नीचे 23,214.95 अंक पर बंद हुआ। वृहत बाजार में पूरे दिन बिकवाली हावी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.41 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.33 प्रतिशत टूट गया। मीडिया, सार्वजनिक बैंकों, रियल्टी, तेल एवं गैस, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और ऑटो सेक्टरों पर ज्यादा दबाव रहा। एफएमसीजी, वित्तीय कंपनियों और निजी बैंकों के समूहों में लिवाली रही।</p>
<p>सेंसेक्स की कंपनियों में इटरनल का शेयर सबसे अधिक ढाई फीसदी के करीब टूट गया। टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और एनटीपीसी के शेयर एक से दो प्रतिशत तक गिर गये। इंफोसिस, बीईएल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ट्रेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, टेक महिंद्रा, इंडिगो और बजाज फाइनेंस के शेयर भी नीचे बंद हुए। हिंदुस्तान यूनीलिवर, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर डेढ़ फीसदी से ज्यादा की बढ़त में रहा। आईसीआईसीआई बैंक, आईटीसी और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी एक प्रतिशत से अधिक चढ़े। पावरग्रिड, सन फार्मा और एलएंडटी भी हरे निशान में रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 17:23:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला: अर्थव्यवस्था पर सिर्फ नारे देती है आर्थिक कुप्रबंधन की सरकार, प्रचार के जरिए लोगों को कर रही गुमराह </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर देश को आर्थिक संकट में धकेलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत दावों के विपरीत है, जहां बेरोजगारी दर चरम पर है, रुपया कमजोर हो रहा है और पेपर लीक से युवा परेशान हैं। कांग्रेस ने मणिपुर संकट और रेल सुरक्षा पर भी सरकार की निष्क्रियता को घेरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-sharp-attack-on-the-center-accuses-the-government-of/article-156450"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/031.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने केद्र सरकार पर अर्थव्यवस्था को लेकर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह सिर्फ लुभावने नारे देती है, प्रचार के जरिए लोगों को गुमराह करती है, जबकि जमीनी हकीकत वादों और नारों के एकदम विपरीत है। कांग्रेस शोध विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर राजीव गौड़ा तथा शोध और निगरानी विभाग के प्रभारी अमिताभ दुबे ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार में आर्थिक स्तर पर देश के जो हालात कर दिए गए हैं, वह इस सरकार के रहते बदलने वाले नहीं हैं, इसलिए सरकार को बदलना आवश्यक हो गया है। उनका कहना था कि देश में आर्थिक कुप्रबंधन चरम पर है और आर्थिक विकास को पटरी पर लाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने की बात करने वालों को यह भी मालूम होना चाहिए कि केंद्र सरकार के मंत्रियों की विदेश यात्राओं में 2021 से अब तक 500 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। उनका कहना था कि देश को विश्व गुरु बताने वाले सिर्फ नारे लगा रहे हैं, प्रचार कर रहे हैं और हकीकत से निपटने के लिए कोई प्रयास नहीं किये जा रहे हैं। प्रो. गौड़ा ने कहा कि उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को दिये जाने वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या नौ से घटाकर चार कर दी गई है। दस साल पहले घोषणा की गई थी कि महिलाओं को अब खाना पकाने के खतरनाक और हानिकारक तरीकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उज्ज्वला योजना के प्रत्येक लाभार्थी को 12 सिलेंडर देने का वादा किया गया था। पिछले साल यह संख्या घटाकर नौ कर दी गई और आज तीसरी बार महज चार कर दी गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार ने भारत को रोजगार का केंद्र बनाने की बात की थी लेकिन असलियत यह है कि बड़ी संख्या में देश के युवा रोजगार के लिए मोहताज बन गए हैं। हालात यह हैं कि लघु एवं मध्यम उद्योग रोजगार की रीढ़ होते हैं लेकिन पिछले साल देश में 40 हजार लघु एवं मध्यम उद्योग बंद हुए हैं। देश के 99 प्रतिशत लघु एवं मध्यम उद्योग बिना सरकार की मदद के चल रहे हैं। इसी तरह किसानों के लिए सरकार की कोई योजना नहीं है और किसान आत्महत्या कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार का प्रचार है कि भारत तेजी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।</p>
<p>हकीकत यह है कि हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थे और अब छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और इसका कारण रुपये का कमजोर होना है तथा यह सब केंद्र के भारत की अर्थव्यवस्था के प्रबंधन का प्रमाण है। सरकार रुपये के कमजोर होते हालात को रोकने में निष्क्रिय बनी हुई है। उन्होंने सरकार पर सिर्फ वादे करने का आरोप लगाया और कहा कि प्रचार हो रहा है कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है लेकिन सच यह है कि निवेशक भारत से दूर भाग रहे हैं क्योंकि उन्होंने सरकार पर से भरोसा खो दिया है। अगर यही सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, तो निवेशक क्यों भाग रहे हैं। वे इस विकास की कहानी में और पैसा क्यों नहीं लगा रहे हैं। इन सब स्थितियों का कारण उन्होंने कमजोर होते रुपए को बताया और कहा कि दावा था कि डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होगा, लेकिन वास्तविकता यह है कि रुपया एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा है।</p>
<p>सरकार पर सिर्फ प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार का प्रचार भारत को रोजगार सृजन का वैश्विक केंद्र बनाने का है, लेकिन असलियत यह है कि 10 में से चार स्नातक बेरोजगार हैं। शहरी युवाओं में बेरोजगारी दर 18.4 प्रतिशत है और बेरोजगार स्नातकों में से केवल सात प्रतिशत को ही एक वर्ष के भीतर स्थायी वेतनभोगी नौकरी मिल पाती है। सभी के लिए समान अवसर की बात होती है लेकिन असलियत यह है कि हम वैश्विक लैंगिक असमानता सूचकांक में 108वें स्थान पर थे। अब हम विश्व में 131वें स्थान पर आ गए हैं। इस प्रकार, हम अपनी आधी आबादी यानी महिलाओं के लिए कार्यबल में प्रवेश के अवसर पैदा न करके उन्हें निराश कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में 89 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं और अब मेडिकल प्रवेश परीक्षा में भी पेपर लीक हुआ है, इसलिए शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर वोट चोरी का आरोप लगाया और कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में इसका खुलासा कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किया है और उसके प्रमाण दिए हैं। पकड़े गए तो वोट चोरी का नया तरीका निकाला और मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। यह वोट चोरी का नया तरीका निकाला गया है।</p>
<p>पूर्वोत्तर को लेकर केंद्र सरकार के दावों को खोखला बताते हुए उन्होंने कहा कि मणिपुर में तीन साल से संकट चल रहा है लेकिन केद्र सरकार ने वहां स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। रेलवे को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार दावे तो बहुत करती है लेकिन सच यह है कि 67 हजार जगहों पर रेल सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 16:22:31 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आईटी सेक्टर के दबाव में शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट, इन कंपनियों में दिखा जोरदार एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[आईटी क्षेत्र में जबरदस्त बिकवाली के कारण बुधवार को घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट रही। सेंसेक्स 303.67 अंक टूटकर 74,346.17 पर बंद हुआ, जबकि टीसीएस का शेयर सर्वाधिक 8.43% तक गिरा। हालांकि, बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर में हुई लिवाली ने बाजार को निचले स्तरों से उबरने में मदद की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/big-fall-in-stock-markets-under-pressure-of-it-sector/article-155897"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/share-market1.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली होने से बुधवार को घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट रही और टीसीएस का शेयर सबसे अधिक 8.43 प्रतिशत टूट गया। बीएसई का सेंसेक्स 303.67 अंक (0.41 प्रतिशत) टूटकर 74,346.17 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 77.95 अंक यानी 0.33 प्रतिशत नीचे 23,405.60 अंक पर रहा। बाजार पर आज सुबह के समय ज्यादा दबाव था। दोपहर तक सेंसेक्स 1,157 अंक लुढ़कर 73,492.60 अंक तक उतर गया था। इसके बाद बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों में हुई लिवाली ने इसे 74,515.65 अंक तक चढ़ने में मदद की, हालांकि यह कभी हरे निशान में नहीं पहुंच सका।</p>
<p>आईटी सेक्टर में मुनाफावसूली से टीसीएस ने बीएसई में सबसे अधिक 8.43 प्रतिशत का नुकसान उठाया। सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा का शेयर 6.23 प्रतिशत, एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 5.25 प्रतिशत और इंफोसिस का 3.82 प्रतिशत गिर गया। आईटीसी में 2.21 फीसदी, इटरनल में 1.48 फीसदी और एलएंडटी में 1.19 फीसदी की गिरावट रही। अल्ट्राटेक सीमेंट, अडानी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, बीईएल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी नीचे बंद हुए।</p>
<p>भारतीय स्टेट बैंक का शेयर सेंसेक्स में सबसे अधिक 1.43 प्रतिशत चढ़ा। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1.30 प्रतिशत, ट्रेंट का 1.13, इंडिगो का 1.04 और पावरग्रिड का 1.01 प्रतिशत मजबूत हुआ। एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एक्सिस बैंक के शेयर भी ऊपर रहे। वृहत बाजार में भी बिकवाली हावी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.56 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.11 प्रतिशत लुढ़क गया।</p>
<p>आईटी निफ्टी सूचकांक 5.57 प्रतिशत लुढ़क गया। एफएमसीजी, रियलटी और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों के सूचकांकों में भी अधिक गिरावट रही। बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर में सबसे ज्यादा लिवाली देखी गयी, विशेषकर सार्वजनिक बैंकों में। स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टरों के सूचकांक भी ऊपर रहे। एनएसई में जिन 3,402 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें 1,915 के शेयर गिरकर और 1,379 के बढ़त के साथ बंद हुए। अन्य 108 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्ति रहे।</p>
<p>वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान में निक्केई 2.50 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.22 प्रतिशत ऊपर रहा जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 1.56 प्रतिशत गिर गया। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.98 प्रतिशत और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.41 प्रतिशत नीचे था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 17:51:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>लाल निशान में खुला शेयर बाजार: आईटी शेयरों में जबरदस्त बिकवाली, सेंसेक्स में 900 अंक से ज्यादा गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण घरेलू शेयर बाजारों में चौतरफा बिकवाली हुई। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 900 अंक से अधिक लुढ़क गया। टीसीएस और इंफोसिस जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निफ्टी आईटी सूचकांक करीब 4.5% टूट गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/stock-market-opened-in-red-heavy-selling-in-it-shares/article-155810"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/share-market3.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। आईटी कंपनियों में जबरदस्त बिकवाली के बीच घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में बुधवार को बड़ी गिरावट देखी गयी और बीएसई का सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा लुढ़क गया। सेंसेक्स 142.11 अंक टूटकर 74,507.73 अंक पर खुला। इसके बाद इसकी गिरावट और बढ़ती गयी। खबर लिखे जाते समय यह 903.39 अंक (1.21 प्रतिशत) नीचे 73,746.45 अंक पर रहा। अमेरिका और ईरान द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ मिसाइल दागे जाने के दावों के बाद बाजार में निवेश धारणा कमजोर हुई है। साथ ही कच्चे तेल में उछाल से भारत जैसे तेल आयातक देशों में शेयर बाजारों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।</p>
<p>बाजार में इस समय चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है। सबसे बुरा हाल आईटी सेक्टर का है जिसमें पिछले कुछ दिनों से मजबूती बनी हुई थी। निफ्टी आईटी सूचकांक करीब साढ़े चार प्रतिशत नीचे चल रहा है। रियलटी, वित्त, बैंकिंग, मीडिया, एफएमसीजी और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों के सूचकांक भी एक प्रतिशत के करीब या उससे अधिक टूट चुके हैं। सिर्फ ऑटो सेक्टर में हल्की बढ़त है।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 67.60 अंक नीचे 23,415.95 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 227.60 अंक यानी 0.97 प्रतिशत उतरकर 23,255.95 अंक पर था। सेंसेक्स की कंपनियों में टीसीएस का शेयर इस समय साढ़े छह फीसदी, टेक महिंद्रा का सवा चार फीसदी, इंफोसिस का साढ़े तीन फीसदी और एचसीएल टेक्नोलॉजीज का करीब तीन फीसदी नीचे है। चारों दिग्गज आईटी कंपनियां हैं। आईटीसी, इटरनल, बजाज फिनसर्व और एक्सिस बैंक के शेयर भी डेढ़ से ढाई फीसदी तक गिर चुके हैं। मारुति सुजुकी का शेयर फिलहाल बढ़त में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:23:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी का एक्शन: ईरान पर टूटा दुखों का पहाड़, अमेरिका ने जब्त किए एक करोड़ क्रिप्टोकरेंसी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार, "ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी" के तहत अमेरिका ने ईरान से जुड़ी 1 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी जब्त कर ली है। इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से पूरी तरह अलग-थलग करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने कई ईरानी क्रिप्टो वॉलेट्स पर सीधा नियंत्रण हासिल कर लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/a-mountain-of-sorrow-fell-on-iran-america-seized-one/article-155547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/us.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 30 मई (वार्ता) अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान से जुड़े लगभग एक अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी परिसंपत्तियां जब्त कर ली हैं। उन्होंने इसे ईरान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली तक पहुंच को बाधित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे आर्थिक अभियान का हिस्सा बताया। बेसेंट ने रीगन राष्ट्रीय आर्थिक मंच में शुक्रवार को बोलते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन के प्रतिबंध अभियान "ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी" ने हाल के सप्ताहों में ईरान पर आर्थिक दबाव को काफी बढ़ा दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "लगभग साढ़े पांच से छह सप्ताह के अत्यंत सफल सैन्य अभियान और ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी के बाद हमने उन्हें वित्तीय रूप से लगभग पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है। वे अब आर्थिक रूप से बेहद कठिन स्थिति में हैं।" मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी वित्तीय नेटवर्क से जुड़े कई क्रिप्टोकरेंसी बटुओं (वॉलेट) पर सीधा नियंत्रण हासिल कर लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 17:30:13 +0530</pubDate>
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