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                <title>Orientation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Orientation RSS Feed</description>
                
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                <title>'जो खेलता है, वो खिलता है' PM Modi का युवाओं को बड़ा संदेश, खेलों को बताया उज्ज्वल भविष्य का रास्ता</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में युवाओं द्वारा खेल को करियर चुनने पर खुशी जताई। उन्होंने नागालैंड के दो बेहतरीन प्रयासों—बच्चों के लिए 'नागालैंड बेबी लीग' और बेटियों के लिए 'नागालैंड वुमेन फुटसाल लीग' (इनडोर फुटबॉल) की जमकर सराहना की, जो प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर दे रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/one-who-plays-blossoms-pm-modis-big-message-to-the/article-158312"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/modii.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहले की तुलना में अब कहीं अधिक युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं। पीएम मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात की 135वीं कड़ी में रविवार को कहा, "मैं अक्सर कहता हूँ, जो खेलता है, वो खिलता है। आज देश में ऐसे युवाओं की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है, जो खेल भी रहे हैं और खिल भी रहे हैं। पहले की तुलना में अब कहीं अधिक युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं। मुझे नागालैंड के दो ऐसे प्रयासों के बारे में जानकारी मिली है, जो बहुत दिलचस्प हैं। पहला प्रयास है 'नागालैंड बेबी लीग'. नाम सुनकर आपको जरूर लगता होगा ये बहुत छोटे बच्चों की कोई साधारण लीग होगी लेकिन ऐसा नहीं है।</p>
<p>ये पांच से 10-12 साल की आयु के छोटे-छोटे बच्चे, फूल जैसे बच्चों की एक असाधारण लीग है और इन बच्चों के फुटबाल खिलाड़ियों की एक ऐसी लीग है, जो उनकी रफ्तार को और प्रतिभा के लिए उनको प्रेरित भी करती है और उनकी पहचान भी बनाती है। इसकी शुरुआत नागालैंड के अधिक-से-अधिक बच्चों को फुटबाल से जोड़ने के लिए हुई थी। पांच से बारह वर्ष तक के लड़के और लड़कियां इसमें हिस्सा ले सकते हैं। ये लीग अब अपने तीन वर्ष पूरे कर चुकी है। इस लीग का बच्चों के मन पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ा है।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि नागालैंड में एक और अच्छा प्रयास हो रहा है। इसका नाम है, 'नागालैंड वुमेन फुटसाल लीग', हो सकता है आपके लिए ये 'फुटसाल' एक नया नाम होगा, मैं आपको बताता हूँ फुटसाल को इनडोर फुटबाल भी कहा जाता है। इसमें एक टीम में केवल पांच खिलाड़ी होते हैं। खेल का मैदान भी फुटबाल के मैदान से बहुत छोटा होता है। इस कारण खिलाड़ियों को तेज फैसले लेने होते हैं। उन्हें अपनी तकनीक और स्किल का बेहतर इस्तेमाल करना पड़ता है। नागालैंड की वुमेन फुटसाल लीग हमारी बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा अवसर दे रही है। मैं ऐसी पहलों के लिए नागालैंड के लोगों की सराहना करता हूं। ऐसे प्रयास देश के दूसरे हिस्सों को भी प्रेरणा देते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 16:53:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मन की बात में जनभागीदारी को बताया राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत, मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों संग सुना कार्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर यूपीएससी (UPSC) एवं आईएफएस (IFS) 2025 के नव-चयनित अभ्यर्थियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का 135वां संस्करण सुना। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता, जल संरक्षण और वोकल फॉर लोकल पर जोर दिया। सीएम ने जनभागीदारी को विकसित भारत की सबसे बड़ी पूंजी बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-mann-ki-baat-public-participation-was-said-to-be/article-158318"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/bhajan-lal1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा एवं भारतीय वन सेवा परीक्षा-2025 में चयनित राजस्थान के अभ्यर्थियों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 135वां संस्करण सुना। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, कार पूलिंग, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के लाभ, असम में हरगिला पक्षी संरक्षण, नागालैंड में फुटबॉल और फुटसल लीग, नालंदा विश्वविद्यालय में शास्त्रार्थ परंपरा के पुनर्जीवन, संस्कृत विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस पाठ्यक्रम, मेघालय के जीवित रूट ब्रिजों के संरक्षण और मध्यप्रदेश में महिलाओं द्वारा प्लास्टिक कचरे से ईको-ब्रिक्स बनाने जैसे विषयों का उल्लेख किया।</p>
<p>उन्होंने 'कैच द रेन' अभियान के जरिए जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और आगामी गणेश उत्सव में स्थानीय कारीगरों द्वारा निर्मित मिट्टी की मूर्तियां अपनाकर वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने की अपील भी की। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के 'मन की बात' से समाज में हो रहे सकारात्मक नवाचारों और प्रेरक प्रयासों की जानकारी देशभर के लोगों तक पहुंचती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी की शक्ति को भारत की सबसे बड़ी पूंजी बताया है, जो विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p>इस अवसर पर ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, मुख्यमंत्री कार्यालय एवं कार्मिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सिविल सेवा एवं भारतीय वन सेवा परीक्षा में चयनित अभ्यर्थी तथा उनके परिजन उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 16:32:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>समुद्र से आसमान तक भारत बन रहा आत्मनिर्भर, जानें &quot;मन की बात&quot; में और क्या क्या बोलें मोदी  ?</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर हो रहा है। उन्होंने देशवासियों से इको-फ्रेंडली मिट्टी के गणेश जी की मूर्तियां अपनाने, 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा देने और खेल-कूद व विज्ञान आधारित सोच अपनाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-is-becoming-self-reliant-from-sea-to-sky-know-what/article-158291"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/modi4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत समुद्र से लेकर आसमान तक रक्षा क्षेत्र में तेजी से अधिक सुरक्षित तथा आत्मनिर्भर बन रहा है और स्वदेशी तकनीक तथा विनिर्माण के दम पर देश नयी उपलब्धियां हासिल कर रहा है। पीएम मोदी ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' के 135 वीं कड़ी में कहा कि 2026 का आधा हिस्सा बीतने को है और इन छह महीनों में देश ने सुरक्षा तथा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन पर हर देशवासी को गर्व है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हाल ही में कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय नौसेना के बेड़े में आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय को शामिल किया गया। इन युद्धपोतों का डिजाइन और निर्माण पूरी तरह स्वदेशी है। पीएत मोदी ने कहा कि जून में ही विमानन क्षेत्र में भी बड़ी सफलता मिली है। 'मेक इन इंडिया' के तहत निर्मित सी-295 विमान ने अपनी पहली उड़ान पूरी की है और ऐसे 40 विमान भारत में ही बनाए जा रहे हैं। इससे एमएसएमई और एयरोस्पेस क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प और सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि इसी महीने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने स्वदेशी लंबी दूरी की भूमि-आक्रमण क्रूज मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया है। यह मिसाइल रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन की प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योगों की साझेदारी से विकसित की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन उपलब्धियों से स्पष्ट है कि आज भारत समुद्र से लेकर आकाश तक अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन रहा है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आप यह प्रयास करें कि आपके घर, सोसायटी या आसपास की जगहों पर गणपति बप्पा की जो मूर्ति स्थापित हो वह हमारे देश की मिट्टी से बनी हो, वो हमारे अपने कुम्हारों और स्थानीय कलाकारों के हाथों तैयार हुई हो। पीएम मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में रविवार को कहा कि मुझे कई लोगों ने पत्र लिखकर एक खास विषय पर बात करने का सुझाव भेजा है। ये विषय 'गणेश उत्सव' से जुड़ा है। वैसे तो 'गणेश उत्सव' में अभी काफी समय बाकी है लेकिन लोगों ने ये आग्रह किया है कि इस विषय पर अभी ही बात होनी चाहिए। दरअसल, गणेश जी की मूर्तियां बनाने का काम बहुत पहले शुरू हो जाता है। मूर्ति बनाने वाले, मूर्तियों के व्यापार से जुड़े लोग अभी से सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए मेरा आप सभी से एक आग्रह है। आप प्रयास करें कि आपके घर, सोसायटी या आसपास की जगहों पर गणपति बप्पा की जो मूर्ति स्थापित हो, वो हमारे देश की मिट्टी से बनी हो, वो हमारे अपने कुम्हारों और स्थानीय कलाकारों के हाथों तैयार हुई हो।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जो लोग गणेश जी की मूर्तियां बनाते हैं, उनसे भी मेरा आग्रह है कि वे मिट्टी की मूर्तियों को प्राथमिकता दें, और जो लोग मूर्तियां खरीदते हैं, वे भी यह जरूर देखें, कि, गणपति बप्पा की मूर्ति किससे बनी है और किस देश में तैयार हुई है। प्लास्टर आफ पेरिस से बनी मूर्तियां बिल्कुल ना खरीदें। प्रधानमंत्री ने कहा कि मिट्टी की मूर्तियां पूजा के बाद सहज रूप से पानी में विलीन हो जाती हैं। इससे हमारी नदियां, तालाबों और पर्यावरण की रक्षा होती है। हमारी आस्था भी बनी रहती है और प्रकृति के प्रति हमारा दायित्व भी पूरा होता है। जब हम स्थानीय मूर्तिकाराें से मूर्ति खरीदते हैं, हम 'वोकल फोर लोकल' के संकल्प को मजबूत करते हैं। मुझे विश्वास है कि इस बार 'गणेश उत्सव' में और ऐसे हर उत्सव में हम ऐसी सारी बातों पर जरूर गंभीरता से सोचेंगे और देश-हित में कदम भी उठाएंगें।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कुछ दिन पहले इसी माह आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरी दुनिया भारत के योग अभियान से जुड़ी और धरती के विभिन्न हिस्सों में ढाई हजार से ज्यादा स्थानों पर योग से सम्बंधित विविध कार्यक्रम आयोजित किए गये। पीएम मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वीं कड़ी में रविवार को कहा कि इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विश्व के 2,500 से अधिक स्थानों पर विविध योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि भारत में करोड़ों लोगों ने विभिन्न स्थानों पर प्रधानमंत्री ने योगाभ्यास में भाग लिया।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर आयोजित विश्व योगासन चैम्पियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जिससे देश का गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस मौके पर अहमदाबाद में आयोजित विश्व योगासन चैम्पियनशिप भी चर्चा का विषय रही, जिसमें भारत ने 114 पदक जीते। इनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल हैं और भारत पदक तालिका में पहले स्थान पर रहा। श्री मोदी ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि देश के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहले की तुलना में अब कहीं अधिक युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात की 135वीं कड़ी में रविवार को कहा, "मैं अक्सर कहता हूँ, जो खेलता है, वो खिलता है। आज देश में ऐसे युवाओं की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है, जो खेल भी रहे हैं और खिल भी रहे हैं। पहले की तुलना में अब कहीं अधिक युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं। मुझे नागालैंड के दो ऐसे प्रयासों के बारे में जानकारी मिली है, जो बहुत दिलचस्प हैं। पहला प्रयास है 'नागालैंड बेबी लीग'. नाम सुनकर आपको जरूर लगता होगा ये बहुत छोटे बच्चों की कोई साधारण लीग होगी लेकिन ऐसा नहीं है। ये पांच से 10-12 साल की आयु के छोटे-छोटे बच्चे, फूल जैसे बच्चों की एक असाधारण लीग है और इन बच्चों के फुटबाल खिलाड़ियों की एक ऐसी लीग है, जो उनकी रफ्तार को और प्रतिभा के लिए उनको प्रेरित भी करती है और उनकी पहचान भी बनाती है। इसकी शुरुआत नागालैंड के अधिक-से-अधिक बच्चों को फुटबाल से जोड़ने के लिए हुई थी। पांच से बारह वर्ष तक के लड़के और लड़कियां इसमें हिस्सा ले सकते हैं। ये लीग अब अपने तीन वर्ष पूरे कर चुकी है। इस लीग का बच्चों के मन पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ा है।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि नागालैंड में एक और अच्छा प्रयास हो रहा है। इसका नाम है, 'नागालैंड वुमेन फुटसाल लीग', हो सकता है आपके लिए ये 'फुटसाल' एक नया नाम होगा, मैं आपको बताता हूँ फुटसाल को इनडोर फुटबाल भी कहा जाता है। इसमें एक टीम में केवल पांच खिलाड़ी होते हैं। खेल का मैदान भी फुटबाल के मैदान से बहुत छोटा होता है। इस कारण खिलाड़ियों को तेज फैसले लेने होते हैं। उन्हें अपनी तकनीक और स्किल का बेहतर इस्तेमाल करना पड़ता है। नागालैंड की वुमेन फुटसाल लीग हमारी बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा अवसर दे रही है। मैं ऐसी पहलों के लिए नागालैंड के लोगों की सराहना करता हूं। ऐसे प्रयास देश के दूसरे हिस्सों को भी प्रेरणा देते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अंधविश्वास डर पैदा करता है और जब डर मन पर हावी हो जाता है, तो इंसान सच को देखना ही बंद कर देता है और ऐसे लोगों का बड़ा नुकसान होता है। पीएम मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात की 135वीं कड़ी में रविवार को कहा कि अंधविश्वास हजारों साल से मानव समाज में घर कर करके बैठ गया है। अंधविश्वास में डूबे लोग, फिर बिना तर्क के, बिना सत्य जाने, ऐसे फैसले लेने लगते हैं, जिनका बड़ा नुकसान होता है। वहीं समाज में ऐसे लोग भी होते हैं, जो विज्ञान, अनुभव और तर्क के आधार पर उन धारणाओं को चुनौती देते हैं। अंधविश्वास से विश्वास तक की ये यात्रा आसान नहीं होती और आज मैं ऐसी ही एक सफल यात्रा के बारे में आपको जरूर बताना चाहता हूँ।</p>
<p>उन्होंने कहा कि असम में एक पक्षी पाया जाता है। उस पक्षी का नाम है 'हरगिला'। 'हरगिला' एक दुर्लभ पक्षी है। ये प्रकृति को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाता है लेकिन असम के कुछ इलाकों में लंबे समय तक इसे अशुभ माना जाता था। लोग इसे अपने आसपास देखना पसंद नहीं करते थे। कई बार उन पेड़ों को भी काट दिया जाता था जिन पर हरगिला के घोसलें बने होते थे। सोचिए, एक ऐसा पक्षी जो पर्यावरण की सफाई में मदद करता है, वही 'हरगिला' लोगों के डर का शिकार बन गया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी दौरान जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन ने ये सब देखा। उन्होंने लोगों के मन में बैठी गलत धारणा को बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने महिलाओं से बात की, उन्होंने लोगों को विज्ञान के आधार पर समझाया, धीरे-धीरे महिलाएं इस अभियान से जुडने लगीं। फिर एक बड़ा बदलाव शुरू हुआ। जिस पक्षी को कभी अशुभ मानकर भगाया जाता था, वही गांवों की पहचान बनने लगा। हजारों ग्रामीण महिलाएं 'हरगिला' को बचाने के लिए आगे आईं - आज उन्हें 'हरगिला आर्मी' के नाम से जाना जाता है। इन महिलाओं ने समाज के साथ संघर्ष भी किया। समाज को समझाने के लिए दिन-रात काम किया और अंधविश्वास को पीछे छोड़ करके रहे। उन्होंने दिखाया है जब सही जानकारी पहुंचाई जाती है, तो वर्षों पुरानी सोच भी बदल सकती है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहले की तुलना में अब कहीं अधिक युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं। पीएम मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात की 135वीं कड़ी में रविवार को कहा, "मैं अक्सर कहता हूँ, जो खेलता है, वो खिलता है। आज देश में ऐसे युवाओं की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है, जो खेल भी रहे हैं और खिल भी रहे हैं। पहले की तुलना में अब कहीं अधिक युवा खेलों को करियर के रूप में अपना रहे हैं। मुझे नागालैंड के दो ऐसे प्रयासों के बारे में जानकारी मिली है, जो बहुत दिलचस्प हैं। पहला प्रयास है 'नागालैंड बेबी लीग'. नाम सुनकर आपको जरूर लगता होगा ये बहुत छोटे बच्चों की कोई साधारण लीग होगी लेकिन ऐसा नहीं है। ये पांच से 10-12 साल की आयु के छोटे-छोटे बच्चे, फूल जैसे बच्चों की एक असाधारण लीग है और इन बच्चों के फुटबाल खिलाड़ियों की एक ऐसी लीग है, जो उनकी रफ्तार को और प्रतिभा के लिए उनको प्रेरित भी करती है और उनकी पहचान भी बनाती है। इसकी शुरुआत नागालैंड के अधिक-से-अधिक बच्चों को फुटबाल से जोड़ने के लिए हुई थी। पांच से बारह वर्ष तक के लड़के और लड़कियां इसमें हिस्सा ले सकते हैं। ये लीग अब अपने तीन वर्ष पूरे कर चुकी है। इस लीग का बच्चों के मन पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ा है।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि नागालैंड में एक और अच्छा प्रयास हो रहा है। इसका नाम है, 'नागालैंड वुमेन फुटसाल लीग', हो सकता है आपके लिए ये 'फुटसाल' एक नया नाम होगा, मैं आपको बताता हूँ फुटसाल को इनडोर फुटबाल भी कहा जाता है। इसमें एक टीम में केवल पांच खिलाड़ी होते हैं। खेल का मैदान भी फुटबाल के मैदान से बहुत छोटा होता है। इस कारण खिलाड़ियों को तेज फैसले लेने होते हैं। उन्हें अपनी तकनीक और स्किल का बेहतर इस्तेमाल करना पड़ता है। नागालैंड की वुमेन फुटसाल लीग हमारी बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा अवसर दे रही है। मैं ऐसी पहलों के लिए नागालैंड के लोगों की सराहना करता हूं। ऐसे प्रयास देश के दूसरे हिस्सों को भी प्रेरणा देते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 13:21:27 +0530</pubDate>
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                <title>गोविंद देवजी मंदिर में 17 से 23 जून तक होगी वृंदावन के संत की भागवत कथा</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देवजी मंदिर में 17 से 23 जून तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हो रहा है। वृंदावन के विख्यात संत गौरदास महाराज श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण भक्ति और सदाचार का संदेश देंगे। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष तैयारियां और भजन-कीर्तन की व्यवस्था की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bhagwat-katha-of-the-saint-of-vrindavan-will-be-held/article-157285"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/govind-dev.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गोविंद देवजी मंदिर में 17 जून से 23 जून तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा का वाचन वृंदावन के प्रसिद्ध संत गौरदास महाराज द्वारा किया जाएगा। कथा प्रतिदिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को सुनाई जाएगी। आयोजकों के अनुसार कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्ति, धर्म, सदाचार एवं मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों का वर्णन किया जाएगा। गौरदास महाराज अपने सरल एवं भावपूर्ण प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण भक्ति का संदेश देंगे।</p>
<p>कथा आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां की गई हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए बैठक, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा के दौरान भजन-कीर्तन एवं संकीर्तन का भी आयोजन होगा, जिससे भक्तिमय वातावरण बना रहेगा। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण का लाभ लेने की अपील की है। सात दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में जयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है। गोविंद देवजी मंदिर में होने वाली यह कथा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का विशेष अवसर बनेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 18:32:24 +0530</pubDate>
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                <title>'टैलेंट हंट' पहल के ज़रिए राहुल गांधी कर रहे एक नई राजनीतिक संस्कृति की शुरुआत, युवाओं को मिलेगा बड़ा मौका : महेश गौड़</title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने कहा कि राहुल गांधी राजनीति में 'टैलेंट हंट' के जरिए नई संस्कृति की शुरुआत कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य धर्मनिरपेक्ष मूल्यों और राष्ट्रीय मुद्दों की गहरी समझ रखने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को सीधे पार्टी प्रवक्ता बनाना और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mahesh-gaur-rahul-gandhi-is-starting-a-new-political-culture/article-155624"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/22.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने कहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ताओं की नियुक्ति के लिए "टैलेंट हंट" (प्रतिभा खोज) पहल शुरू करके एक नयी राजनीतिक संस्कृति की शुरुआत कर रहे हैं। गांधी भवन में मीडिया समिति के अध्यक्ष समा राममोहन रेड्डी, पशुधन विकास निगम के अध्यक्ष चरण कौशिक यादव, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) समन्वयक शरण पटेल के साथ सोमवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री गौड़ ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करना है जिन्हें राष्ट्रीय और राज्य दोनों तरह की राजनीति की गहरी समझ हो। </p>
<p>उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में ऐसे व्यक्तियों के चयन पर भी ध्यान दिया जाएगा जो धर्मनिरपेक्ष मूल्यों और जनसेवा के प्रति समर्पित हों, चाहे वे किसी भी पारंपरिक पार्टी पृष्ठभूमि से आते हों। इस कार्यक्रम को महत्वाकांक्षी युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर बताते हुए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि श्री गांधी युवा पीढ़ी के लिए अधिक अवसर पैदा करने और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने कहा, "टैलेंट हंट पहल का उद्देश्य उन सक्षम युवाओं को प्रोत्साहित करना है जो सामाजिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता के साथ राजनीति में प्रवेश करना चाहते हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 16:05:51 +0530</pubDate>
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