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                <title>Containment - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>क्या फिर दुनिया बढ़ रही है महामारी की ओर? फ्रांस में पहला इबोला मरीज मिलने से स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क, जानिए किन देशों में बढ़ा खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[कांगो में एक महीने में रिकॉर्ड 1,000 से अधिक इबोला मामलों की पुष्टि के बाद यह संक्रमण युगांडा और फ्रांस तक फैल गया है। कांगो में अब तक 277 मौतें हो चुकी हैं। स्थिति से निपटने के लिए कांगो ने चिकित्सा क्षमता बढ़ाई है और युगांडा के साथ मिलकर संयुक्त सीमा अभियान शुरू किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/is-the-world-moving-towards-an-epidemic-health-agencies-alert/article-157981"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ebola.png" alt=""></a><br /><p>किंशासा। लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (डीआरसी) से शुरू हुआ इबोला वायरस का संक्रमण अब दूसरे देशों में भी पैर पसारने लगा है। कांगो में महज एक महीने के भीतर इबोला के पुष्ट मामले रिकॉर्ड एक हजार पार कर चुके हैं। वहीं बुधवार को युगांडा में इबोला का एक और नया मामला सामने आने के बाद वहां कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 20 हो गयी है। यूरोपीय देश फ्रांस में भी इबोला के पहले मामले की पुष्टि हुई है, जहां कांगो से लौटे एक डॉक्टर को जांच में पॉजिटिव पाया गया है। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पीड़ित डॉक्टर का इलाज शुरू कर दिया गया है।</p>
<p>युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 'एक्स' पर बताया कि देश में अब तक आये कुल 20 मामलों में से 15 मरीज पड़ोसी देश कांगो से आये हैं, जबकि पांच स्थानीय संक्रमण के मामले हैं। युगांडा में हालांकि राहत की बात यह है कि रिकवरी रेट काफी बेहतर है और 20 में से 15 मरीज पूरी तरह ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। फिलहाल वहां तीन मरीजों का इलाज चल रहा है और दो लोगों की मौत हो चुकी है।</p>
<p>इबोला के मुख्य केंद्र कांगो में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। 15 मई को घोषित हुए इस नये प्रकोप के शुरुआती एक महीने में ही रिकॉर्ड 1,094 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 277 लोगों की मौत हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के स्वास्थ्य आपातकाल निदेशक अब्दिरहमान महामुद ने जिनेवा में बताया कि अफ्रीका के इतिहास में इबोला फैलने के पहले महीने के भीतर आने वाले मामलों की यह सबसे बड़ी संख्या है। कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, फिलहाल 387 मरीज इलाज या क्वारंटाइन में हैं और 131 संदिग्ध मामले भी दर्ज किये गये हैं।</p>
<p>गौरतबल है कि इस गंभीर खतरे से निपटने के लिए कांगो सरकार ने बड़े पैमाने पर प्रयास तेज कर दिये हैं। पिछले दो हफ्तों में स्वास्थ्य क्षेत्रों में बेडों की संख्या बढ़ाकर 500 से अधिक कर दी गई है। इसके साथ ही, राजधानी किंशासा समेत सर्वाधिक प्रभावित प्रांतों (इतुरी, उत्तर कीवू और दक्षिण कीवू) में जांच की क्षमता को रोजाना 30 टेस्ट से बढ़ाकर 2,000 टेस्ट प्रतिदिन कर दिया गया है। कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसिकेदी ने महामारी के केंद्र 'इतुरी प्रांत' का दौरा करने का एलान किया है। इसके साथ ही, संक्रमण को रोकने के लिए युगांडा और कांगो ने मिलकर एक जॉइंट क्रॉस-बॉर्डर अभियान शुरू किया है, जिसके तहत दोनों देशों की रैपिड रिस्पांस टीमें और मोबाइल लैब सीमाओं पर मिलकर काम करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 18:25:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डीआरसी में इबोला का प्रकोप: संक्रमितों का आंकड़ा 381 के पार; 63 की मौत, WHO ने घोषित किया हेल्थ इमरजेंसी</title>
                                    <description><![CDATA[कांगो (DRC) में इबोला वायरस के मामले बढ़कर 381 हो गए हैं, जिनमें 63 की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री रोजर कंब के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय मदद से जांच क्षमता और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (55%) में सुधार हुआ है। तीन प्रांतों में फैले इस प्रकोप को WHO ने वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ebola-wreaks-havoc-in-democratic-republic-of-congo-63-dead/article-156124"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ibola.png" alt=""></a><br /><p>किंशासा। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में इबोला वायरस के पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 381 से अधिक हो गयी है, जिनमें से 63 लोगों की मौत हो चुकी है। डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्री रोजर कंब ने गुरुवार शाम को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वर्तमान में लगभग 233 मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ लोगों को जांच रिपोर्ट आने तक अलग रखा गया है, तो कुछ लोगों का बीमारी के लक्षण दिखने बाद इलाज किया जा रहा है। डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ‘अफ़्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र’ से 4,000 से अधिक जांच किट मिलने और अन्य अंतरराष्ट्रीय मदद के बाद देश में जांच करने की क्षमता काफी बेहतर हुई है। इसकी मदद से स्वास्थ्य अधिकारी अब मिलने वाले लगभग सभी नमूनों की जांच कर पा रहे हैं और 24 घंटे के भीतर उसकी रिपोर्ट भी दे रहे हैं।</p>
<p>कंब ने यह भी बताया कि संक्रमित लोगों के संपर्क में आये अन्य लोगों की पहचान करने के काम में काफी सुधार हुआ है। इस अभियान की शुरुआत में केवल नौ प्रतिशत संपर्कों का ही पता चल पा रहा था, जो अब बढ़कर 55 प्रतिशत हो गया है। हमारा लक्ष्य इसे 90 प्रतिशत तक पहुंचाना है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारी लगभग सभी संपर्कों की पहचान कर सकेंगे और यह पहले से अनुमान लगा पाएंगे कि नये मामले कहां आ सकते हैं।</p>
<p>स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बुंडिबुग्यो वायरस के कारण फैला यह प्रकोप अब तक देश के तीन प्रांतों, इतुरी, उत्तर किवु और दक्षिण किवु में फैल चुका है। कांगो ने 15 मई को इबोला के इस प्रकोप की आधिकारिक घोषणा की थी। इसके बाद से स्वास्थ्य अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों ने प्रभावित पूर्वी प्रांतों में जांच, मरीजों को अलग रखने, इलाज करने और संक्रमितों के संपर्क में आये लोगों की तलाश करने के काम को काफी तेज कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बाद में इस बीमारी को अंतरराष्ट्रीय चिंता का एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया था। पड़ोसी देश युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वहां भी इबोला के 16 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से एक नये मामले की पुष्टि गुरुवार को ही हुई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 17:36:37 +0530</pubDate>
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                <title>मानसून से पहले स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, मच्छरजनित रोगों पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर स्वास्थ्य विभाग मानसून से पहले डेंगू और मलेरिया रोकथाम के लिए जून माह को 'एंटी मलेरिया माह' के रूप में मना रहा है। डॉ. रवि शेखावत के अनुसार, 16 से 30 जून तक जल स्रोतों में मच्छरों का लार्वा नष्ट करने वाली गम्बुशिया मछलियां छोड़ी जाएंगी और व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/health-department-alert-before-monsoon-special-campaign-started-to-control/article-155633"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/scaled_1000547728.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मानसून पूर्व मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जून माह को एंटी मलेरिया माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। पूरे जिले में माहभर विशेष अभियान चलाकर मच्छरों की रोकथाम, लार्वा नियंत्रण और जनजागरूकता गतिविधियों को तेज किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि मानसून के दौरान मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सोर्स रिडक्शन, एंटीलार्वल तथा एंटी-एडल्ट गतिविधियां व्यापक स्तर पर संचालित की जाएंगी। जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर विशेष कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p>उन्होंने बताया कि 16 से 30 जून तक हैचरी क्रियाशील पखवाड़ा मनाया जाएगा, जिसके तहत स्थायी जलाशयों और अन्य जल स्रोतों में गम्बुशिया मछलियां छोड़ी जाएंगी। यह मछलियां मच्छरों के लार्वा को खाकर उनके प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण करती हैं। अभियान के दौरान जागरूकता रैलियां, जनसंवाद, नुक्कड़ सभाएं और आईईसी गतिविधियां भी आयोजित होंगी। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:57:51 +0530</pubDate>
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