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                <title>Registry - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>राम मंदिर चढ़ावा मामला: आप सांसद संजय सिंह ने की SIT अध्यक्ष से मुलाकात, जमीन खरीद में गड़बड़ी और FIR नहीं लिखें जाने पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA['आप' सांसद संजय सिंह ने अयोध्या के कमिश्नर और एसआईटी अध्यक्ष विजय विश्वास पंत से मिलकर जमीन खरीद में बड़े भ्रष्टाचार के सबूत सौंपे। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट को महंगे दामों पर जमीनें बेची गईं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि एसआईटी तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ram-temple-offering-case-aap-mp-sanjay-singh-met-sit/article-158067"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/aap-mp-sanjay-singh.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह गुरुवार को अयोध्या के कमिश्नर और एसआईटी अध्यक्ष विजय विश्वास पंत से मिले। उन्होंने अयोध्या में जमीन खरीद में गड़बड़ियों से जुड़े दस्तावेज सौंपे और बड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कमिश्नर से मुलाकात के बाद संजय सिंह ने कहा, "अयोध्या में बहुत बड़ा भ्रष्टाचार और घोटाला हुआ है। मैंने एसआईटी अध्यक्ष को सुबूत सौंप दिए हैं। उन्होंने आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।"</p>
<p>संजय सिंह ने मांग की कि अयोध्या की यह जमीनें कहां-कहां खरीदी गई हैं, इसकी भी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दान पत्र चोरी के मामले में रोज नए सवाल खड़े हो रहे हैं। आप सांसद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "श्री राम की पादुका और हार भी चोरी कर लिया। चढ़ावे में चोरी के कुछ पैसों की बरामदगी भी हो चुकी है।"</p>
<p>संजय सिंह ने सवाल उठाया कि इतने सबूतों और बरामदगी के बाद भी अब तक एफआईआर क्यों नहीं हुई, यह जांच का विषय है। संजय सिंह पिछले दो साल से अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीनों में घोटाले का आरोप लगाते रहे हैं। उनका दावा है कि औने-पौने दाम पर जमीन लेकर ट्रस्ट को कई गुना महंगे दाम पर बेची गई। उधर, प्रशासन का कहना है कि एसआईटी मामले की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 15:33:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जांच में सुरक्षा संबंधी मिली गड़बड़ियां, एलन कोचिंग का वाराणसी और फिजिक्सवाला का कानपुर सेंटर सील </title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए वाराणसी में एलन और कानपुर में फिजिक्सवाला के सेंटर को सील कर दिया गया है। लखनऊ अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में फायर सेफ्टी ऑडिट के निर्देश दिए हैं। अब बेसमेंट में कोचिंग चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और एनओसी दिखाना अनिवार्य होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/security-related-irregularities-found-in-investigation-allen-coachings-varanasi-and/article-158017"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/allen.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। उत्तर प्रदेश के वाराणसी विकास प्राधिकरण ने एलन कोचिंग संस्थान के वाराणसी स्थित सेंटर व कानपुर विकास प्राधिकरण ने फिजिक्सवाला के कानपुर सेंटर को सुरक्षा संबंधी विभिन्न गड़बड़ियों के चलते सील कर दिया है। लखनऊ के कोचिंग संस्थान में भीषण आग  से 15 छात्रों की मौत के बाद मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाकर कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की और सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उत्तर प्रदेश  के मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद में विशेष टीम गठित कर फायर ऑडिट अभियान संचालित कर सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एन.ओ.सी.) भवन परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्र ने कहा कि भवन अथवा भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए, जिसके लिए उसे स्वीकृति प्रदान की गई है। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए तथा निर्धारित उपयोग के विपरीत किसी भी प्रकार की गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन न होने पाए। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही किया जाए।</p>
<p>मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है, हालांकि हम सभी नियमों को पूरी जिम्मेदारी से पूरा करते हैं और किसी भी बिल्डिंग की केडीए, नगर निगम फायर से एनओसी लेने के बाद ही शुरू किया जाता है। मामले में उप्र के हैड गौरव श्रीवास्तव से संपर्क किया गया तो उन्होेने कहा कि लखनऊ में एक भी सील नहीं है और कानपुर के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।</p>
<p><strong>नहीं दिया कोई जवाब </strong></p>
<p>कोचिंग संस्थान का सेंटर सील करने के मामले को लेकर एलन कोचिंग संस्थान के निदेशक नवीन माहेश्वरी,गोविन्द माहेश्वरी व नीतेश शर्मा को मोबाइल कॉल व वाट्स अप मैसेज कर पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।  </p>
<p>-दिनेश जैन<br />सेंटर हैड कोटा पीडब्ल्यू <br />कोचिंग संस्थान</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 11:05:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेश मंत्रायल का बड़ा बयान: पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज, नागरिकता का प्रमाण नहीं, जानिए क्या है नागरिकता का नियम ?</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्रालय ने 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस पर स्पष्ट किया कि पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं। वर्ष 2025 में 1.5 करोड़ से अधिक सेवाएं दी गईं और पासपोर्ट केंद्र बढ़कर 545 हो गए हैं। भारत में नागरिकता का निर्धारण नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत होता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-statement-of-foreign-ministry-passport-travel-document-is-not/article-158000"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/passport.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय (MEA) ने 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है, लेकिन इसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। मंत्रालय के अनुसार पासपोर्ट का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुगम बनाना है और यह एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है। इस स्पष्टीकरण के बाद नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेजों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। मंत्रालय ने बताया कि पासपोर्ट भारत सरकार की संपत्ति होता है और आवश्यकता पड़ने पर इसे वापस लिया जा सकता है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी आधार कार्ड को नागरिकता का प्रमाण मानने से इनकार कर चुका है, जबकि वोटर आईडी को भी केवल पहचान और मतदान संबंधी दस्तावेज माना जाता है।</p>
<p>इस अवसर पर मंत्रालय ने पासपोर्ट सेवाओं में हुए विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025 में 1.5 करोड़ से अधिक सेवाएं प्रदान की गईं। देशभर में पासपोर्ट केंद्रों की संख्या बढ़कर 545 हो गई है और औसतन छह कार्य दिवस में पासपोर्ट जारी किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>क्या है नागरिकता का नियम</strong></p>
<p>भारत में नागरिकता का निर्धारण नागरिकता अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत किया जाता है। गृह मंत्रालय के अनुसार किसी व्यक्ति को जन्म, वंश, पंजीकरण, प्राकृतिककरण अथवा किसी क्षेत्र के भारत में विलय के आधार पर भारतीय नागरिकता प्राप्त हो सकती है। देश में अब तक ऐसा कोई एकल दस्तावेज या राष्ट्रीय नागरिकता कार्ड लागू नहीं किया गया है, जिसे सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य नागरिकता प्रमाण माना जाए।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म से भारतीय नागरिक बनने वाले अधिकांश लोगों के पास अलग से नागरिकता प्रमाण पत्र नहीं होता, क्योंकि उनकी नागरिकता कानून के तहत स्वतः मान्य होती है। वहीं, वे व्यक्ति जो पंजीकरण या प्राकृतिककरण की प्रक्रिया के माध्यम से भारतीय नागरिकता हासिल करते हैं, उन्हें सरकार की ओर से आधिकारिक नागरिकता प्रमाण पत्र (सिटिजनशिप सर्टिफिकेट) जारी किया जाता है। यही दस्तावेज ऐसे मामलों में नागरिकता का औपचारिक प्रमाण माना जाता है। नागरिकता संबंधी नियम और पात्रता की शर्तें नागरिकता अधिनियम में निर्धारित हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 10:34:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार में खरीफ महाभियान-2026 का आगाज: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिखाई किसान जागरूकता वाहनों को हरी झंडी; योजनाओं, तकनीक और अनुदान की जानकारी गांव-गांव पहुंचेगी</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने किसान जागरूकता और कृषि ज्ञान वाहनों को हरी झंडी दिखाई। यह वाहन किसानों को डिजिटल क्रॉप सर्वे, अनुदानित योजनाओं, उन्नत तकनीकों और फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक कर उनकी आय बढ़ाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kharif-maha-abhiyan-2026-started-in-bihar-chief-minister-samrat-choudhary/article-156965"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/samrat1.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को 01 अणे मार्ग से किसान जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 का शुभारंभ किया।श्री चौधरी ने इस दौरान शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 से संबंधित दो कृषि ज्ञान वाहन सहित सभी जिलों के लिए किसान जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीएम चौधरी ने बताया कि किसान जागरूकता वाहन द्वारा किसानों को खरीफ मौसम से संबंधित सभी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक किया जाएगा। किसानों को खरीफ फसलों की तकनीकी जानकारी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि शारदीय (खरीफ) मौसम में कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं तथा खरीफ में अनुदानित दर पर उपादान वितरण की जानकारी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि किसानों का आय बढ़ाने, डिजिटल क्रॉप सर्वे / फार्मर रजिस्ट्री के बारे में अवगत कराने के साथ-साथ कृषि उपकरण की भी जानकारी दी जायेगी।</p>
<p>सीएम चौधरी ने बताया कि अभियान के दौरान प्रशिक्षण एवं विस्तार सेवाओं के बारे में किसानों को अवगत कराया जायेगा। साथ ही खेत बचाओ अभियान, प्रकृति तथा संतुलित उर्वरक की जानकारी एवं फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरुक किया जायेगा। कार्यक्रम में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ.वीरेन्द्र प्रसाद यादव, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेन्द्र राणा, कृषि विभाग के निदेशक सौरभ सुमन यादव, निदेशक, उद्यान अभिषेक कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 18:47:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी मानहानि मामला : सत्यकी सावरकर की जिरह में कई अहम स्वीकारोक्तियां, 15 जून को होगी अगली सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[पुणे की विशेष अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान सत्यकी सावरकर ने स्वीकार किया कि 'स्वातंत्र्यवीर' कोई सरकारी उपाधि नहीं बल्कि एक सम्मानसूचक संबोधन है। उन्होंने यह भी माना कि उनके द्वारा संचालित 'हर घर सावरकर' अभियान का कोई आधिकारिक वित्तीय रिकॉर्ड नहीं रखा जाता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhi-defamation-case-many-important-confessions-in-the-cross-examination/article-155702"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/rahul.png" alt=""></a><br /><p>पुणे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर कथित मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को विशेष सांसद-विधायक अदालत में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आये। न्यायाधीश अमोल श्रीराम शिंदे की अदालत में शिकायतकर्ता एवं वीर सावरकर के प्रपौत्र सत्यकी सावरकर से राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार ने जिरह की। जिरह के दौरान सत्यकी सावरकर ने स्वीकार किया कि 'स्वातंत्र्यवीर' कोई सरकारी या कानूनी मान्यता प्राप्त उपाधि नहीं है, बल्कि एक कवि और नाटककार द्वारा इस्तेमाल किया गया सम्मानसूचक संबोधन है। उन्होंने यह भी माना कि इस प्रकार की उपाधियों के उपयोग पर कोई कानूनी रोक नहीं है।</p>
<p>सत्यकी ने कहा कि ऐसी उपाधियों का उपयोग व्यक्ति अपनी सार्वजनिक पहचान मजबूत करने के लिए कर सकता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि किसी सम्मानसूचक उपाधि की उपयुक्तता तय करने के लिए कोई सरकारी या वैधानिक संस्था मौजूद नहीं है। उन्होंने इस दावे को खारिज किया कि विनायक दामोदर सावरकर ने स्वयं 'स्वातंत्र्यवीर' की उपाधि अपनायी थी। मामले के खर्च पर उन्होंने बताया कि मुकदमेबाजी का पूरा खर्च वह स्वयं वहन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 'हर घर सावरकर' अभियान के तहत पुस्तकें, टी-शर्ट और अन्य सामग्री बेची जाती है। उन्होंने स्वीकार किया कि यह समिति पंजीकृत संस्था नहीं है और इसके खातों या बैलेंस शीट का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं रखा जाता।</p>
<p>सत्यकी सावरकर की जिरह पूरी नहीं हो सकी और मामले की अगली सुनवाई 15 जून 2026 को होगी। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2023 में सत्यकी सावरकर ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया था। उनका आरोप है कि राहुल गांधी ने मार्च 2023 में लंदन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए वीर सावरकर के बारे में अपमानजनक और तथ्यहीन टिप्पणियां की थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 14:08:32 +0530</pubDate>
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                <title>जनगणना 2027: घर-घर पहुंच रहे प्रगणक ; हेल्पलाइन 1855 पर पूछे जा रहे दिलचस्प सवाल डेटा देने से हमें क्या फायदा होगा? लोगों की जिज्ञासाओं का केंद्र बनी हेल्पलाइन</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में जनगणना 2027 का काम शुरू हो चुका है। डेटा सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर लोगों की जिज्ञासाएं दूर करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी किया गया है। नागरिक फोन करके पूछ रहे हैं कि आंकड़े देने पर उन्हें सरकार से क्या सुविधाएं मिलेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/census-2027-enumerators-reaching-every-home-interesting-questions-being-asked/article-155663"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/scaled_1000110865.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जनगणना 2027 के तहत प्रदेशभर में घर-घर जाकर जनगणना का कार्य शुरू हो चुका है। इसके लिए नियुक्त प्रगणक लोगों के घर पहुंचकर आवश्यक जानकारी एकत्र कर रहे हैं। वहीं नागरिकों की सहायता और शंकाओं के समाधान के लिए जनगणना निदेशालय द्वारा हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है, जिस पर बड़ी संख्या में लोग संपर्क कर रहे हैं। जनगणना निदेशालय के अनुसार हेल्पलाइन पर केवल तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी प्रश्न ही नहीं, बल्कि कई रोचक और जिज्ञासापूर्ण सवाल भी पूछे जा रहे हैं। लोगों में जनगणना को लेकर उत्सुकता साफ दिखाई दे रही है।</p>
<p>डेटा देने से हमें क्या मिलेगा? सबसे आम सवाल हेल्पलाइन पर आने वाले कॉल्स में कई लोग यह पूछ रहे हैं कि सरकार उनके घर की जानकारी और आंकड़े क्यों एकत्र कर रही है और इससे उन्हें क्या लाभ मिलेगा। कुछ लोगों ने सीधे सवाल किया कि आप हमारा डेटा ले रहे हैं, बदले में हमें क्या फायदा होगा? गैस सिलेंडर और सरकारी योजनाओं को लेकर भी सवाल कई नागरिकों ने यह भी पूछा कि यदि वे जनगणना में यह जानकारी देते हैं कि उनके घर में गैस सिलेंडर नहीं है, तो क्या उन्हें सरकार की ओर से गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं कुछ लोगों ने यह जानना चाहा कि जनगणना के बाद मोदी सरकार हमें कौन-कौन सी सुविधाएं दिलाएगी?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 16:10:45 +0530</pubDate>
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