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                <title>Kinshasa - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कांगो में इबोला का कहर: 837 संक्रमित; 196 मौतें, WHO ने जताई गंभीर चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[कांगो (DRC) में इबोला का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जहां पुष्ट मामले 837 और मृतकों की संख्या 196 हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि सशस्त्र हिंसा और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण पड़ोसी देशों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ebola-havoc-in-congo-837-infected-196-deaths-who-expressed/article-157248"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ibola.png" alt=""></a><br /><p>किंशासा। मध्य अफ्रीकी देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में इबोला के पुष्ट मामलों की संख्या 837 पहुंच गयी है, जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर 196 हो गयी है। इस बीच स्वास्थ्य अधिकारियों और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों ने चेतावनी दी है कि सामुदायिक स्तर पर लगातार फैलने और भौगोलिक विस्तार के कारण यह प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। कांगो स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी से मृत्यु दर 23.4 प्रतिशत रही। इस बीमारी का मात देकर 49 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 376 मरीजों को अभी क्वारंटीन किया गया है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, बुंडिबुग्यो इबोला वायरस के कारण फैला यह प्रकोप मुख्य रूप से प्रमुख प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर इतूरी प्रांत के बुनिया, मोंगब्वालु और र्वाम्परा में केंद्रित है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा मंगलवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित स्वास्थ्य क्षेत्रों का बढ़ता भौगोलिक दायरा, शहरी और खनन से जुड़े क्षेत्रों में लगातार हो रहा प्रसार, कुछ प्रांतों में संपर्कों की निगरानी की कम दर और प्रभावित क्षेत्रों में जारी असुरक्षा के कारण राहत अभियान जटिल हो रहे हैं। इससे कांगो के भीतर और पड़ोसी देशों में इसके और फैलने का खतरा बढ़ गया है।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ ने कहा कि इतूरी और उत्तरी कीवू प्रांतों में सामुदायिक स्तर पर लगातार प्रसार, मामलों और मौतों की बढ़ती संख्या तथा निरंतर भौगोलिक विस्तार के कारण स्थिति और खराब होती जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया कि नए प्रभावित क्षेत्रों में इसका फैलना शुरुआती केंद्रों से आगे निरंतर विस्तार को दर्शाता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, पड़ोसी देश युगांडा में इस अवधि के दौरान कोई नया पुष्ट मामला सामने नहीं आया है।</p>
<p>कांगो में संक्रमण से लगातार जुड़े महामारी संबंधी संपर्कों के कारण हालांकि सीमा पार प्रसार और द्वितीयक संक्रमण का खतरा बना हुआ है। अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने कल अपनी दैनिक रिपोर्ट में बताया कि युगांडा में अब तक 19 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें दो मौतें शामिल हैं। उत्तरी कीवू में प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि सोमवार देर रात एक महिला और उसका बच्चा, जो इबोला से संक्रमित पाए गए थे, उन्हें 'हथियारबंद लोग' अपने साथ ले गए।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक विरोध सहित कई कारणों से राहत प्रयासों में बाधाएं आ रही हैं। प्रभावित क्षेत्र देश के संघर्षग्रस्त पूर्वी हिस्से में स्थित हैं, जहां सशस्त्र हिंसा, विस्थापन और कमजोर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे ने राहत कार्यों के सामने लगातार चुनौतियां खड़ी की हैं। उल्लेखनीय है कि डीआरसी ने 15 मई को इस ताजा इबोला प्रकोप की घोषणा की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 15:14:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डीआरसी में इबोला का प्रकोप: संक्रमितों का आंकड़ा 381 के पार; 63 की मौत, WHO ने घोषित किया हेल्थ इमरजेंसी</title>
                                    <description><![CDATA[कांगो (DRC) में इबोला वायरस के मामले बढ़कर 381 हो गए हैं, जिनमें 63 की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री रोजर कंब के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय मदद से जांच क्षमता और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (55%) में सुधार हुआ है। तीन प्रांतों में फैले इस प्रकोप को WHO ने वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ebola-wreaks-havoc-in-democratic-republic-of-congo-63-dead/article-156124"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ibola.png" alt=""></a><br /><p>किंशासा। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में इबोला वायरस के पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 381 से अधिक हो गयी है, जिनमें से 63 लोगों की मौत हो चुकी है। डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्री रोजर कंब ने गुरुवार शाम को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वर्तमान में लगभग 233 मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ लोगों को जांच रिपोर्ट आने तक अलग रखा गया है, तो कुछ लोगों का बीमारी के लक्षण दिखने बाद इलाज किया जा रहा है। डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ‘अफ़्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र’ से 4,000 से अधिक जांच किट मिलने और अन्य अंतरराष्ट्रीय मदद के बाद देश में जांच करने की क्षमता काफी बेहतर हुई है। इसकी मदद से स्वास्थ्य अधिकारी अब मिलने वाले लगभग सभी नमूनों की जांच कर पा रहे हैं और 24 घंटे के भीतर उसकी रिपोर्ट भी दे रहे हैं।</p>
<p>कंब ने यह भी बताया कि संक्रमित लोगों के संपर्क में आये अन्य लोगों की पहचान करने के काम में काफी सुधार हुआ है। इस अभियान की शुरुआत में केवल नौ प्रतिशत संपर्कों का ही पता चल पा रहा था, जो अब बढ़कर 55 प्रतिशत हो गया है। हमारा लक्ष्य इसे 90 प्रतिशत तक पहुंचाना है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारी लगभग सभी संपर्कों की पहचान कर सकेंगे और यह पहले से अनुमान लगा पाएंगे कि नये मामले कहां आ सकते हैं।</p>
<p>स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बुंडिबुग्यो वायरस के कारण फैला यह प्रकोप अब तक देश के तीन प्रांतों, इतुरी, उत्तर किवु और दक्षिण किवु में फैल चुका है। कांगो ने 15 मई को इबोला के इस प्रकोप की आधिकारिक घोषणा की थी। इसके बाद से स्वास्थ्य अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों ने प्रभावित पूर्वी प्रांतों में जांच, मरीजों को अलग रखने, इलाज करने और संक्रमितों के संपर्क में आये लोगों की तलाश करने के काम को काफी तेज कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बाद में इस बीमारी को अंतरराष्ट्रीय चिंता का एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया था। पड़ोसी देश युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वहां भी इबोला के 16 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से एक नये मामले की पुष्टि गुरुवार को ही हुई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 17:36:37 +0530</pubDate>
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