<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/sovereign/tag-79774" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Sovereign - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/79774/rss</link>
                <description>Sovereign RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हिन्द महासागर भारत-सेशेल्स संबंधों का स्तम्भ: पीएम मोदी बोले- इसकी सुरक्षा और समृद्धि हमारी जिम्मेदारी, यूपीआई और स्वास्थ्य क्षेत्र में समझौते</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित कर इतिहास रचा। सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान ‘ब्लू होराइजन के संरक्षक’ से सम्मानित पीएम मोदी ने हिंद महासागर को साझा विजन बताया। भारत-सेशेल्स संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने पर दोनों देशों के बीच यूपीआई (UPI) और जन औषधि क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/indian-ocean-is-the-pillar-of-india-seychelles-relations-pm-modi/article-158347"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/12200-x-600-px)-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिन्द महासागर को सेशेल्स और भारत के संंबंधोंं का स्तम्भ बताते हुए कहा है कि भारत ऐसे हिंद महासागर की कल्पना करता है, जहां समुद्री सुरक्षा के साथ आर्थिक समृद्धि भी बढ़े, जहां हमारी साझेदारी आकार नहीं, आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित हो, और जहां हम हर देश के पास-पास नहीं हर देश के साथ-साथ चलें। सेशेल्स यात्रा पर गए मोदी ने रविवार को राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद कहा कि हमारी परिकल्पना हिन्द महासागर को अवसरों का महासागर बनाना है। इस दौरान यू पीआई को सेशेल्स में लागू करने तथा जन औषधि जैसे स्वास्थ्य से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग के समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद मोदी ने सेशेल्स की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती के अवसर पर वहां की नेशनल असेंबली को भी संबोधित किया। मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।</p>
<p><strong>जलवायु कार्रवाई पर भारत का वैश्विक संदेश</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने समुद्री संरक्षण और जलवायु कार्रवाई में सेशेल्स की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित छोटे द्वीपीय देशों की चिंताओं को वैश्विक स्तर पर प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, मिशन लाइफ, आपदा-रोधी अवसंरचना और हरित विकास से जुड़ी भारत की पहलों का उल्लेख करते हुए जलवायु न्याय और समावेशी वैश्विक विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। </p>
<p><strong>भारत-सेशेल्स मित्रता के 50 वर्ष पूरे</strong></p>
<p>पीएम ने कहा कि उनकी यात्रा ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर हो रही है, जब सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता के पचास वर्ष पूरे कर रहा है, और हम भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों की भी पचासवीं वर्षगाठं मना रहे हैं। उन्होंने कहा, इन पचास वर्षों की यात्रा में हमने मित्रता को विश्वास में, विश्वास को सहयोग में, और सहयोग को जन-कल्याण में बदला है। </p>
<p><strong>साझी विरासत है हिन्द महासागर </strong></p>
<p>मोदी ने हिन्द महासागर को साझी विरासत बताते हुए कहा, हमारा विश्वास है कि हिन्द महासागर हमारा साझा घर है, इसकी सुरक्षा, सततता और समृद्धि हमारी साझा जिम्मेदारी है। यही भावना हमारे महासागर विजन का आधार है।</p>
<p><strong>सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए मोदी</strong></p>
<p>सेशेल्स ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रविवार को अपने सर्वाेच्च सम्मान ‘ब्लू होराइजन के संरक्षक’ से सम्मानित किया। पीएम मोदी को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में नेतृत्व के लिए यह सम्मान दिया गया है। यह सम्मान सतत विकास को बढ़ावा देने और हरित दृष्टिकोण के प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घकालिक प्रयासों को मान्यता देता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/indian-ocean-is-the-pillar-of-india-seychelles-relations-pm-modi/article-158347</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/indian-ocean-is-the-pillar-of-india-seychelles-relations-pm-modi/article-158347</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 11:38:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/12200-x-600-px%29-%283%292.png"                         length="1579964"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-जीसीसी गठजोड़ पर ईरान का पलटवार, विदेशी दखल को बताया खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने अमेरिका और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के संयुक्त बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया है। ईरान का कहना है कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति ही असुरक्षा और विभाजन का मुख्य कारण है। उसने अपनी संप्रभुता, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता दोहराई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-hits-back-at-us-gcc-alliance-calls-it-a-threat/article-158172"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/trump1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने शुक्रवार को खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) और अमेरिका के जारी संयुक्त बयान की कड़ी निंदा करते हुए 'हस्तक्षेपकारी, गैर-जिम्मेदाराना और उकसाने वाला' बताते हुए यह कहकर खारिज कर दिया है कि यह क्षेत्र में टकराव बढ़ाने वाली नीति है। यह बयान 25 जून को बहरीन में आयोजित जीसीसी-अमेरिका मंत्री स्तरीय बैठक के बाद आया है, जहां अमेरिकी विदेश मंत्री और जीसीसी के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी की थी। ईरान ने कहा कि इस दस्तावेज में शत्रुतापूर्ण रुख अपनाया गया है और क्षेत्रीय मामलों में दखलंदाजी को दोहराया गया है। उसने जीसीसी सदस्य देशों की सुरक्षा के प्रति अमेरिका की 'स्थायी प्रतिबद्धता' के दावे को 'महज बयानबाजी' और सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश करना बताया। ईरान का तर्क है कि इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति असुरक्षा और विभाजन का कारण बन गयी है।</p>
<p>ईरान ने कहा कि हाल ही में उस पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों के दौरान क्षेत्रीय देशों में सैन्य ठिकानों और सुविधाओं का इस्तेमाल इस बात का सबूत है कि अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों की सुरक्षा को कोई अहमियत नहीं देता। क्षेत्र में अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाते हुए ईरान ने कहा, "जीसीसी की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का अमेरिकी दावा सच्चाई को तोड़ना-मरोड़ना है।" उसने कहा, "इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति महज बोझ है, जो क्षेत्र के लोगों पर थोपा गया है और यह असुरक्षा तथा विभाजन का स्रोत रहा है।"</p>
<p>अपने बयान में मंत्रालय ने खाड़ी अरब देशों से ईरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को बढ़ावा देने से बचने का आग्रह किया। ईरान ने उनसे अपील की है कि वे 'अपने क्षेत्रों और सुविधाओं का उपयोग गैर-कानूनी कृत्यों की योजना बनाने, समर्थन करने या उन्हें अंजाम देने' के लिए न होने दें। ईरान ने क्षेत्रीय देशों से अपने रुख पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उसने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और अच्छे पड़ोसी होने के सिद्धांतों के तहत इन देशों का यह दायित्व है कि वे किसी तीसरे पक्ष को ईरान के खिलाफ शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के लिए अपनी धरती का उपयोग करने से रोकें। उसने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए क्षेत्रीय सरकारों पर 'परमाणु हथियारों से मुक्त' पश्चिम एशिया का समर्थन करने के लिए भी दबाव डाला।.</p>
<p>ईरान ने इसके साथ ही जीसीसी के सदस्य देशों से पश्चिम एशिया में परमाणु हथियारों से मुक्त क्षेत्र स्थापित करने के लिए ईरान से सहयोग करने का आग्रह किया। ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं की आलोचना करने के लिए जीसीसी-अमेरिका संयुक्त विज्ञप्ति पर तीखा हमला करते हुए ईरान ने कहा कि वह अपनी संप्रभुता और सैन्य प्रतिरोधक क्षमता की रक्षा करने में 'बिल्कुल भी ढिलाई' नहीं बरतेगा। उसने फिलिस्तीनी-लेबनानी सशस्त्र समूहों को 'ईरानी प्रॉक्सी' बताने के मामले में अमेरिका-इजरायल के सुर में सुर मिलाने वाले खाड़ी देशों के रुख पर भी सवाल उठाया। ईरान ने इसके विपरीत यह तर्क दिया कि इजरायल खुद इस क्षेत्र में प्राथमिक प्रॉक्सी के रूप में काम करता है।समुद्री सुरक्षा पर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने रुख का बचाव किया। उसने कहा कि इस जलमार्ग में कोई भी व्यवधान हालिया अमेरिकी और इजरायली कार्रवाइयों का नतीजा था। उसने दावा किया कि यह जलडमरूमध्य ईरान-ओमान के क्षेत्रीय समुद्र तट के भीतर आता है और इसका प्रबंधन ओमान के साथ हाल ही में हुए एक समझौता पत्र (एमओयू) के तहत संचालित होता है।</p>
<p>ईरान ने जीसीसी देशों से अपने क्षेत्रीय सुरक्षा दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उसने इस बात पर जोर दिया कि स्थायी स्थिरता विदेशी सैन्य उपस्थिति के बिना केवल क्षेत्रीय देशों के बीच सहयोग के माध्यम से ही हासिल की जा सकती है।ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब सिंगापुर के नौवहन अधिकारियों ने रिपोर्ट दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज पर 'बिना उकसावे के और अनुचित' हमला किया गया, हालांकि चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और जहाज ने अपनी यात्रा जारी रखी है। ईरानी बयान में अपने इस पुराने रुख को भी दोहराया गया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा को बाहरी सैन्य उपस्थिति के बिना क्षेत्रीय देशों द्वारा ही संभाला जाना चाहिए, क्योंकि विदेशी संलिप्तता ने बार-बार स्थिरता को नुकसान पहुंचाया है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iran-hits-back-at-us-gcc-alliance-calls-it-a-threat/article-158172</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/iran-hits-back-at-us-gcc-alliance-calls-it-a-threat/article-158172</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 18:25:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/trump1.png"                         length="574510"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्रिटिश राजशाही का बड़ा खुलासा, किंग चार्ल्स और प्रिंस विलियम ने चुकाया करोड़ों का टैक्स</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटेन के किंग चार्ल्स ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वर्ष 2024-2025 के लिए अपना ₹161 करोड़ का टैक्स बिल सार्वजनिक किया है। इसके साथ ही प्रिंस विलियम ने भी ₹96.83 करोड़ का टैक्स चुकाया। शाही परिवार की इस पारदर्शिता की जहां सराहना हो रही है, वहीं आलोचकों ने उनके भारी-भरकम खर्चों पर सवाल भी उठाए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-revelation-of-british-monarchy-king-charles-and-prince-william/article-158152"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)-(3)14.png" alt=""></a><br /><p>लंदन। ब्रिटेन के किंग चार्ल्स ने वर्ष 2024-2025 के लिए अपने लगभग 161 करोड़ रुपये के टैक्स बिल का खुलासा किया है, जिससे वह अपनी कर देनदारी सार्वजनिक करने वाले पहले ब्रिटिश सम्राट बन गये हैं। इस भुगतान के साथ ही वह ब्रिटेन के शीर्ष 100 करदाताओं की सूची में शामिल हो गये हैं। शाही परिवार की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इसी अवधि के दौरान उत्तराधिकारी और 'प्रिंस ऑफ वेल्स, प्रिंस विलियम' ने भी लगभग 96.83 करोड़ रुपये (77.6 लाख पाउंड) का टैक्स चुकाया है।</p>
<p>बकिंघम पैलेस ने इस कदम को पारदर्शिता बढ़ाने और जवाबदेही के प्रति समझ मजबूत करने का व्यक्तिगत एवं ऐतिहासिक निर्णय बताया है। इसके साथ ही यह भी साफ हो गया है कि किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला बकिंघम पैलेस के बजाय अपने पुराने निवास क्लेरेंस हाउस में ही रहना जारी रखेंगे। शाही कामकाज और महलों के रख-रखाव के लिए मिलने वाले सोवेरिन ग्रांट में भी बढ़ोतरी दर्ज की गयी है, जो वर्ष 2027-28 के लिए बढ़कर लगभग 1,247.84 करोड़ रुपये (100 मिलियन पाउंड) वार्षिक हो जायेगी। वित्त विशेषज्ञों का कहना है कि यह टैक्स खुलासा बेहद अस्पष्ट है, क्योंकि इसमें यह नहीं बताया गया है कि आय और पूंजीगत लाभ का विवरण क्या है और टैक्स की गणना किस आधार पर की गयी है।</p>
<p>किंग चार्ल्स को आधिकारिक और निजी खर्चों के लिए 'डची ऑफ लैंकेस्टर' एस्टेट से स्वतंत्र सालाना आय प्राप्त होती है, जो वर्ष 2025-26 में लगभग 314.50 करोड़ रुपये (25.2 मिलियन पाउंड) रही। वहीं प्रिंस विलियम को 'डची ऑफ कॉर्नवाल' से आय मिलती है। प्रिंस विलियम ने समाज सेवा की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए डार्टमूर जेल से मिलने वाले लगभग 18.72 करोड़ रुपये (1.5 मिलियन पाउंड) के वार्षिक किराये को छोड़ने और उस रकम को स्थानीय ग्रामीण समुदाय की मदद में खर्च करने का फैसला किया है। वार्षिक रिपोर्ट से शाही दौरों और अन्य खर्चों की बड़ी जानकारियां भी सामने आयी हैं। पिछले साल प्रिंस विलियम का तीन दिवसीय सऊदी अरब दौरा शाही परिवार का सबसे महंगा विदेशी दौरा रहा, जिस पर लगभग 1.62 करोड़ रुपये (1,30,000 पाउंड) से अधिक खर्च हुए। इसके बाद किंग और क्वीन की अप्रैल 2025 की चार दिवसीय इटली यात्रा पर लगभग 1.57 करोड़ रुपये (1,26,000 पाउंड) से ज्यादा का खर्च आया।</p>
<p>राजशाही खर्चों की आलोचना करने वाले विश्लेषकों का कहना है कि इस खुलासे से यह साफ हो गया है कि शाही परिवार की आय बेहद विशाल है। उनका तर्क है कि यदि किंग चार्ल्स और प्रिंस विलियम राजशाही के खर्चों में कटौती की बात करते हैं तो उन्हें केवल बकिंघम पैलेस की बालकनी पर दिखने वाले लोगों की संख्या कम करने के बजाय अपने भारी-भरकम खर्चों को भी कम करना चाहिए।बकिंघम पैलेस का करीब लगभग 4,616.86 करोड़ रुपये (370 मिलियन पाउंड) की लागत से चल रहा नवीनीकरण कार्य अगले वर्ष मार्च तक पूरा हो जायेगा, जिसके बाद इसे आम जनता के लिए खोलकर राजस्व बढ़ाने की योजना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/big-revelation-of-british-monarchy-king-charles-and-prince-william/article-158152</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/big-revelation-of-british-monarchy-king-charles-and-prince-william/article-158152</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 17:21:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/1200-x-600-px%29-%283%2914.png"                         length="928197"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैश्विक पटल पर भारत की साख : पिछले 10 वर्षों में पीएम मोदी को मिले 33 सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मान, आइए डालते हैं एक नज़र</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले दशक में विभिन्न देशों द्वारा 33 प्रतिष्ठित राजकीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। सऊदी अरब के 'किंग अब्दुलअजीज सैश' से लेकर स्लोवाकिया के 'ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस' तक, ये पुरस्कार भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और मजबूत कूटनीतिक संबंधों का जीवंत प्रमाण हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/in-the-last-decade-prime-minister-modi-received-33-international/article-157218"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले दस वर्षों में दुनिया के विभिन्न देशों द्वारा 33 प्रतिष्ठित नागरिक और राजकीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। ये सम्मान न केवल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और वैश्विक प्रभाव को दर्शाते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती साख और मजबूत होते कूटनीतिक संबंधों का भी प्रमाण हैं। इन 33 सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मानों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न वैश्विक संस्थाओं और संगठनों द्वारा भी अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। ये सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, मजबूत कूटनीतिक संबंधों और प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाते हैं। आइए एक नजर डालते हैं। उन 33 प्रमुख सम्मानों पर जो विभिन्न देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रदान किए हैं।</p>
<ol>
<li>
<p>अप्रैल 2016 में सऊदी अरब ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘किंग अब्दुलअज़ीज़ सैश’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>वर्ष 2016 में अफगानिस्तान ने उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘स्टेट ऑर्डर ऑफ गाजी अमीर अमानुल्लाह खान’ दिया।</p>
</li>
<li>
<p>फरवरी 2018 में फिलिस्तीन ने ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन’ सम्मान से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>वर्ष 2019 में संयुक्त अरब अमीरात ने अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>रूस ने 2019 में प्रधानमंत्री मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित करने की घोषणा की, जिसे उन्होंने जुलाई 2024 में प्राप्त किया।</p>
</li>
<li>
<p>मालदीव ने 2019 में ‘ऑर्डर ऑफ द डिस्टिंग्विश्ड रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन’ सम्मान प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>बहरीन ने 2019 में प्रधानमंत्री मोदी को ‘किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>अमेरिका ने 2020 में प्रतिष्ठित ‘लीजन ऑफ मेरिट’ अवॉर्ड प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>दिसंबर 2021 में भूटान ने प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’ देने की घोषणा की, जो मार्च 2024 में प्रदान किया गया।</p>
</li>
<li>
<p>मई 2023 में पलाऊ गणराज्य ने ‘एबाकल अवॉर्ड’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>फिजी ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी’ सम्मान प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>पापुआ न्यू गिनी ने ‘ग्रैंड कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू’ सम्मान से नवाजा।</p>
</li>
<li>
<p>जून 2023 में मिस्र ने अपना सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ नाइल’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>जुलाई 2023 में फ्रांस ने ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ सम्मान दिया।</p>
</li>
<li>
<p>अगस्त 2023 में ग्रीस ने ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>नवंबर 2024 में डोमिनिका ने ‘डोमिनिका अवॉर्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>नवंबर 2024 में नाइजीरिया ने ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर’ सम्मान दिया।</p>
</li>
<li>
<p>गुयाना ने नवंबर 2024 में प्रधानमंत्री मोदी को ‘द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>बारबाडोस सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस’ प्रदान करने का निर्णय लिया, जिसे मार्च 2025 में औपचारिक रूप से ग्रहण किया गया।</p>
</li>
<li>
<p>दिसंबर 2024 में कुवैत ने ‘मुबारक अल-कबीर ऑर्डर’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>मार्च 2025 में मॉरिशस ने अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>अप्रैल 2025 में श्रीलंका ने सर्वोच्च सम्मान ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ से नवाजा।</p>
</li>
<li>
<p>जून 2025 में साइप्रस ने ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस-III’ सम्मान प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>जुलाई 2025 में घाना ने ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ सम्मान दिया।</p>
</li>
<li>
<p>जुलाई 2025 में त्रिनिदाद एवं टोबैगो ने ‘ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>जुलाई 2025 में ब्राजील ने ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>नामीबिया ने जुलाई 2025 में ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस’ सम्मान से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>दिसंबर 2025 में इथियोपिया ने अपना सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>दिसंबर 2025 में ओमान ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ ओमान – फर्स्ट क्लास’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
<li>
<p>फरवरी 2026 में इजराइल ने ‘मेडल ऑफ द नेसेट’ सम्मान प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>मई 2026 में स्वीडन ने ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया, जो किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।</p>
</li>
<li>
<p>नॉर्वे ने ओस्लो यात्रा के दौरान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ प्रदान किया।</p>
</li>
<li>
<p>जून 2026 में स्लोवाकिया ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से सम्मानित किया।</p>
</li>
</ol>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/in-the-last-decade-prime-minister-modi-received-33-international/article-157218</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/in-the-last-decade-prime-minister-modi-received-33-international/article-157218</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 11:50:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/modi1.png"                         length="1517390"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराणा प्रताप जयंती पर शुभकामनाएं: सीएम भजनलाल शर्मा ने दी बधाई, स्वाभिमान और देश सेवा का किया आह्वान</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महाराणा प्रताप जयंती पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने वीर शिरोमणि को महान योद्धा और परम स्वाभिमानी बताते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। सीएम ने युवाओं से मातृभूमि की रक्षा और देश सेवा का संकल्प लेने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-sharmas-best-wishes-on-the-birth/article-157177"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bhajan-lal-sharma-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महाराणा प्रताप जयंती (ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया, 17 जून) के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप महान योद्धा, परम स्वाभिमानी और स्वतंत्रता प्रेमी थे। सत्य, धर्म और राष्ट्रहित के मार्ग पर चलकर महाराणा प्रताप ने मातृभूमि की रक्षा और आत्म गौरव के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनका जीवन हमें संप्रभुता की रक्षा करना सिखाता है।</p>
<p>उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया है कि वे महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात कर देश सेवा का संकल्प लें, जिससे देश-प्रदेश उन्नति के नए शिखर छू सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-sharmas-best-wishes-on-the-birth/article-157177</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-sharmas-best-wishes-on-the-birth/article-157177</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 19:02:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/bhajan-lal-sharma-%283%29.png"                         length="983643"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराणा प्रताप का जीवन देशभक्ति, आत्मसम्मान और परिश्रम की प्रेरणा देता रहेगा : देवनानी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने महाराणा प्रताप जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रताप का जीवन देशभक्ति और आत्मसम्मान का मार्ग दिखाता है। देवनानी ने नई पीढ़ी को गौरवशाली इतिहास से जोड़ने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में किए बदलावों को महत्वपूर्ण बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/maharana-prataps-life-will-continue-to-inspire-patriotism-self-respect-and/article-157181"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/vasudev-devnani.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, आत्मसम्मान, साहस और परिश्रम का मार्ग दिखाता रहेगा। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे युगपुरुष हैं जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष किया और कभी अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया। देवनानी ने कहा कि महाराणा प्रताप ने मातृभूमि की स्वतंत्रता, स्वाभिमान और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनका जीवन साहस, संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे महाराणा प्रताप के जीवन मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राजस्थान के विद्यालयी पाठ्यक्रम में किए गए बदलावों का उद्देश्य राज्य और देश के गौरवपूर्ण इतिहास को उजागर करना तथा विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता की भावना को मजबूत करना था। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम में परिवर्तन कर महाराणा प्रताप के योगदान और व्यक्तित्व को प्रमुखता दी गई, जिससे नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सके। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि महाराणा प्रताप के आदर्श हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, स्वाभिमान के साथ जीवन जीने और अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने कभी आत्मसमर्पण नहीं किया और अपने अदम्य साहस तथा दृढ़ संकल्प से स्वतंत्रता एवं सम्मान की रक्षा की। देवनानी ने युवाओं सहित सभी नागरिकों से सामाजिक समरसता, एकता और विकास के लिए मिलकर कार्य करने तथा महाराणा प्रताप के आदर्शों को जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/maharana-prataps-life-will-continue-to-inspire-patriotism-self-respect-and/article-157181</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/maharana-prataps-life-will-continue-to-inspire-patriotism-self-respect-and/article-157181</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 17:36:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/vasudev-devnani.png"                         length="1393006"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया में बढ़ा भारत का मान: स्लोवाकिया के सर्वोच्च राजकीय सम्मान से नवाजे गए प्रधानमंत्री मोदी, भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मिली नई मजबूती </title>
                                    <description><![CDATA[स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान से विभूषित किया है। पीएम मोदी ने इसे 1.4 अरब भारतीयों को समर्पित किया। यह उनका 33वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। इसके बाद वे जी7 शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस के लिए रवाना होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-prestige-increased-in-the-world-prime-minister-modi-honored/article-157115"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(5)12.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। स्लोवाकिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान "द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस, फर्स्ट क्लास" से सम्मानित किया है। स्लोवाकिया की तीन दिन की यात्रा पर गए मोदी को राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने सोमवार रात एक विशेष समारोह में स्लोवाकिया के सर्वोच्च राजकीय सम्मान, "द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस, फर्स्ट क्लास" से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री ने इस विशिष्ट सम्मान के लिए राष्ट्रपति, स्लोवाकिया की सरकार और जनता के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की। सम्मान स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत के 1.4 अरब लोगों तथा भारत और स्लोवाकिया के बीच स्थायी मैत्री संबंधों को समर्पित है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को भारत और स्लोवाकिया के लोगों को जोड़ने वाली आत्मीयता, विश्वास और स्नेह का प्रमाण बताते हुए आशा व्यक्त की कि यह सम्मान दोनों देशों की भावी पीढ़ियों को उनकी विशेष मित्रता को आगे भी सुदृढ़ बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा। यह प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाला 33वां अंतरराष्ट्रीय या वैश्विक सम्मान है। मोदी जी 7 देशों के 52वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आज फ्रांस के एवियन शहर के लिए रवाना होंगे। भारत इस सम्मेलन में भागीदार देश के रूप में हिस्सा ले रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-prestige-increased-in-the-world-prime-minister-modi-honored/article-157115</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-prestige-increased-in-the-world-prime-minister-modi-honored/article-157115</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 14:11:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/111200-x-600-px%29-%285%2912.png"                         length="1562748"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गाज़ा शांति रोडमैप योजना : हमास ने फ़िलिस्तीनी गुटों का जवाब संयुक्त राष्ट्र को सौंपा, ट्रंप योजना पर दिया सकारात्मक जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[हमास और अन्य फिलिस्तीनी गुटों ने गाजा शांति रोडमैप पर अपनी संयुक्त प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र को सौंप दी है। काहिरा बैठक के बाद तैयार इस रुख में मानवीय सहायता, सैन्य कार्रवाई रोकने, इजरायली सेना की पूर्ण वापसी और गाजा पुनर्निर्माण को पहले चरण में पूरी तरह लागू करने की मांग की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/gaza-peace-roadmap-plan-hamas-submits-response-to-palestinian-factions/article-157021"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(1)19.png" alt=""></a><br /><p>काहिरा। फिलिस्तीनी संगठन हमास ने कहा है कि उसने गाजा शांति रोडमैप योजना पर फिलिस्तीनी गुटों की संयुक्त प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र के पश्चिम एशिया शांति प्रक्रिया के विशेष समन्वयक निकोलाय म्लादेनोव को सौंप दी है। हमास ने यमन की मीडिया को जारी बयान में कहा कि पिछले सप्ताह काहिरा में मिस्र, कतर और तुर्की के मध्यस्थों की मौजूदगी में विभिन्न फिलिस्तीनी गुटों के साथ कई दौर की बैठकें हुईं। इन बैठकों के बाद एक साझा राष्ट्रीय रुख तैयार किया गया, जिसे एक दिन पहले औपचारिक रूप से पेश कर दिया गया।</p>
<p>हमास ने कहा कि फिलिस्तीनी गुटों ने इस रोडमैप को "जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच" के साथ देखा है। संगठन के अनुसार सभी गुटों ने इस बात पर जोर दिया कि योजना के पहले चरण को पूरी तरह लागू किया जाए, खासकर मानवीय सहायता व्यवस्था और गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी जनता के खिलाफ सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई रोकने के मामले में। बयान में कहा गया, "फिलिस्तीनी गुटों ने राष्ट्रपति ट्रंप की योजना के दूसरे चरण को लागू करने संबंधी रोडमैप पर गंभीरता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विचार किया। उन्होंने पहले चरण के सभी प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया, विशेष रूप से मानवीय सहायता और गाजा में सभी तरह की आक्रामक कार्रवाइयों को समाप्त करने के मुद्दे पर।"</p>
<p>हमास ने कहा कि गुटों ने रोडमैप में शामिल अन्य बिंदुओं पर भी अमल की मांग की है। इनमें प्रशासनिक समिति की तैनाती, गाजा से इजरायली सेना की पूर्ण वापसी और पुनर्निर्माण प्रक्रिया शामिल है। बयान में कहा गया, "फिलिस्तीनी गुटों ने इस बात पर भी जोर दिया कि रोडमैप में उल्लिखित प्रशासनिक समिति के प्रवेश, गाजा पट्टी से पूर्ण इजरायली वापसी और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को लागू किया जाए, ताकि फिलिस्तीनी जनता अपने राज्य की स्थापना और आत्मनिर्णय के अधिकार के लक्ष्य को हासिल कर सके।"</p>
<p>हमास ने बताया कि उसका प्रतिनिधिमंडल काहिरा में मध्यस्थों और अन्य फिलिस्तीनी गुटों के साथ आगे भी बैठकें जारी रखेगा, ताकि सहमति वाले बिंदुओं को लागू करने की दिशा में प्रगति हो सके। उल्लेखनीय है कि निकोलाय म्लादेनोव ने मई में "राष्ट्रपति ट्रंप की व्यापक गाजा शांति योजना के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए रोडमैप" सार्वजनिक किया था। 15 बिंदुओं वाली इस योजना में सुरक्षा व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती, इजरायली सैनिकों की वापसी और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे शामिल हैं। अक्टूबर 2025 से लागू युद्धविराम समझौते के तहत शुरुआती चरण में कैदियों की अदला-बदली, गाजा में मानवीय सहायता की आपूर्ति और कुछ इलाकों से इजरायली सैनिकों की आंशिक वापसी शामिल थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/gaza-peace-roadmap-plan-hamas-submits-response-to-palestinian-factions/article-157021</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/gaza-peace-roadmap-plan-hamas-submits-response-to-palestinian-factions/article-157021</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 18:32:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/111200-x-600-px%29-%281%2919.png"                         length="1873674"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शी जिनपिंग का उत्तर कोरिया दौरा: प्योंगयांग पहुंचे चीनी राष्ट्रपति, किम जोंग उन ने हवाई अड्डे पर किया स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात साल बाद दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर उत्तर कोरिया पहुंचे। प्योंगयांग एयरपोर्ट पर किम जोंग उन ने स्वयं उनका ऐतिहासिक स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच आर्थिक सहयोग, कोरियाई प्रायद्वीप और रूस के साथ रणनीतिक समन्वय पर द्विपक्षीय वार्ता होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/xi-jinping-visits-north-korea-after-7-years-north-korea/article-156371"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/south-korea.png" alt=""></a><br /><p>प्योंगयांग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सोमवार को दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर उत्तर कोरिया पहुंचे। करीब सात वर्षों बाद प्योंगयांग की उनकी यह यात्रा हो रही है। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने स्वयं हवाई अड्डे पर पहुंचकर उनका स्वागत किया, जो एक दुर्लभ और प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार किम के निमंत्रण पर शी प्योंगयांग पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी पेंग लियुआन, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव कार्यालय के निदेशक छाई ची तथा विदेश मंत्री वांग यी भी मौजूद थे।</p>
<p>चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी द्वारा प्रसारित दृश्यों में किम जोंग उन और उनकी पत्नी री सोल-जू को प्योंगयांग हवाई अड्डे पर शी जिनपिंग और पेंग लियुआन का व्यक्तिगत रूप से स्वागत करते हुए देखा गया। विमान से उतरने के बाद दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया, जबकि उत्तर कोरियाई बच्चों ने चीनी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को फूलों के गुलदस्ते भेंट किये। शी के स्वागत के लिए हवाई अड्डे पर लाल कालीन बिछाया गया था और टर्मिनल भवन पर चीन तथा उत्तर कोरिया के राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित किये गये थे। शी ने प्योंगयांग के किम इल-सुंग स्क्वायर में आयोजित भव्य स्वागत समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उत्तर कोरियाई सेना ने 21 तोपों की सलामी दी, जबकि सैन्य बैंड ने दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाये।</p>
<p>किम के साथ शी ने उत्तर कोरिया की तीनों सेनाओं के सम्मान गार्ड का निरीक्षण भी किया। स्वागत समारोह के बाद चीन के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को कुमसुसान स्टेट गेस्ट हाउस ले जाया गया। रास्ते में बड़ी संख्या में लोग सड़कों के दोनों ओर खड़े होकर उनका स्वागत करते नजर आये। दिन में दोनों नेताओं के बीच वार्ता होने की संभावना है। बातचीत में आर्थिक सहयोग, कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति तथा रूस के साथ दोनों देशों के रणनीतिक समन्वय जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल हो सकते हैं।</p>
<p>दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी योनहाप के अनुसार, शी की यात्रा से पहले पूरे प्योंगयांग को विशेष रूप से सजाया गया था। शहर की सड़कों पर शी के चित्र, चीन और उत्तर कोरिया के झंडे तथा दोनों देशों की पारंपरिक मित्रता का उल्लेख करने वाले बैनर लगाये गये थे। शी इससे पहले 20-21 जून 2019 को उत्तर कोरिया गये थे। वह दिसंबर 2012 में चीन के राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली प्योंगयांग यात्रा थी। दोनों नेताओं की सबसे हालिया मुलाकात सितंबर में बीजिंग में हुई थी, जब किम जोंग उन चीन के विजय दिवस समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। उस अवसर पर वह शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ सैन्य परेड में मौजूद थे। दिसंबर 2011 में अपने पिता किम जोंग-इल की मृत्यु के बाद सत्ता संभालने के पश्यात किम जोंग उन अब तक पांच बार चीन जाकर शी जिनपिंग से मुलाकात कर चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/xi-jinping-visits-north-korea-after-7-years-north-korea/article-156371</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/xi-jinping-visits-north-korea-after-7-years-north-korea/article-156371</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 18:35:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/south-korea.png"                         length="1191340"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        