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                <title>aparna arora - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>aparna arora RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तुलाई कांटों के ऑटोमाइजेशन से अब तक 2.25 लाख अधिक कन्फर्म रवन्ना जनरेट, माइनिंग सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ी; 621 करोड़ रुपए अधिक रॉयल्टी मिली</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के खान विभाग द्वारा तुलाई कांटों के ऑटोमाइजेशन और वाहनों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (VTS) लागू करने से राजस्व में भारी बढ़ोतरी हुई है। एसीएस अपर्णा अरोरा के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में 621 करोड़ रुपये अधिक रॉयल्टी प्राप्त हुई है और 2.25 लाख अधिक कन्फर्म रवन्ना जारी किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/225-lakh-more-confirmed-ravens-generated-so-far-due-to/article-165525"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(11)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। खान विभाग द्वारा तुलाई कांटों के ऑटोमाइजेशन और खनिज परिवहन वाहनों में जीपीएस-आरएफआईडी आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने से कन्फर्म रवन्ना और रॉयल्टी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने बताया कि अप्रैल से 10 सितंबर तक तुलाई कांटों के ऑटोमाइजेशन के चलते पिछले वर्ष की तुलना में 2 लाख 25 हजार 515 अधिक कन्फर्म रवन्ना जनरेट हुए हैं। इस अवधि में कुल 45 लाख 81 हजार 2 कन्फर्म रवन्ना जारी किए गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 43 लाख 55 हजार 487 कन्फर्म रवन्ना जारी हुए थे। ऑटोमेशन व्यवस्था का असर राजस्व पर भी दिखाई दिया। अप्रैल से 10 सितंबर तक इस वर्ष 2465.9 करोड़ रुपए की रॉयल्टी प्राप्त हुई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 1844.9 करोड़ रुपए की रॉयल्टी मिली थी। इस तरह विभाग को 621 करोड़ रुपए अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है।</p>
<p><strong>2212 तुलाई कांटे लाइव</strong></p>
<p>प्रदेश में 2592 तुलाई कांटों पर हार्डवेयर इंस्टॉल किया जा चुका है। इनमें से 2212 तुलाई कांटों को पूरी तरह ऑटोमाइज कर लाइव कर दिया गया है। शेष कांटों को भी चरणबद्ध तरीके से लाइव किया जा रहा है। इसी तरह खनिज परिवहन करने वाले 67,903 वाहनों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (VTS) इंस्टॉल किया जा चुका है। इनमें जयपुर एसएमई क्षेत्र में सर्वाधिक 15,705 वाहनों में वीटीएस लगाया गया है। जोधपुर और बीकानेर में भी 10-10 हजार से अधिक खनिज परिवहन वाहनों में यह सिस्टम इंस्टॉल हो चुका है।</p>
<p><strong>खनिज परिवहन की रियल टाइम निगरानी</strong></p>
<p>नई व्यवस्था से खनिज परिवहन वाहनों की जीपीएस आधारित निगरानी संभव हो गई है। इससे तुलाई कांटों पर पारदर्शिता बढ़ने के साथ खनिज में छीजत पर प्रभावी रोक, कन्फर्म रवन्ना जारी करने में पारदर्शिता और खनिज परिवहन वाहनों की ट्रैकिंग आसान हुई है। एसीएस माइंस ने अधिकारियों को रवन्ना जेनरेशन, कन्फर्म रवन्ना और खनिज वजन की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति, बंद खानों को परिचालन में लाने और फील्ड स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा कि तुलाई कांटों का ऑटोमाइजेशन और खनिज परिवहन वाहनों में वीटीएस इंस्टॉलेशन सतत प्रक्रिया है। नियमित मॉनिटरिंग के चलते कम समय में इस दिशा में तेजी से काम हो सका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 16:32:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जयपुर में कल टेक्सटाइल उद्योग पर राज्य स्तरीय कार्यशाला, अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग पर होगा मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RPCB) 19 अगस्त को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में वस्त्र उद्योग में सतत विकास पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित करेगा। कार्यशाला का उद्घाटन अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा करेंगी। इसमें अपशिष्ट जल की शून्य निकासी और सर्कुलर अर्थव्यवस्था जैसे तकनीकों पर चर्चा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/state-level-workshop-on-textile-industry-tomorrow-in-jaipur-brainstorming/article-163279"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(3)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से 19 अगस्त को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में वस्त्र उद्योग में सतत विकास और नई तकनीकों को लेकर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह आयोजन गुजरात के गांधीनगर में 15 से 18 सितंबर तक होने वाले दसवें विश्व सर्कुलर अर्थव्यवस्था मंच के पूर्व-आयोजन के रूप में किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य वस्त्र उद्योग में अपशिष्ट जल की शून्य निकासी, कचरा प्रबंधन और आधुनिक पर्यावरणीय तकनीकों को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम का उद्घाटन खान एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अध्यक्षा श्रीमती अपर्णा अरोरा करेंगी। मंडल के सदस्य सचिव श्री कपिल चन्द्रवाल स्वागत भाषण देंगे।</p>
<p>सदस्य सचिव ने बताया कि कार्यशाला में परमाणु अनुसंधान क्षेत्र के विशेषज्ञों, गुजरात के वस्त्र उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा छह तकनीकी सत्रों में जल शोधन की आधुनिक विधियों, रासायनिक प्रबंधन और निगरानी तकनीकों पर जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान का वस्त्र उद्योग देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए अब औद्योगिक विकास को सर्कुलर अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों से जोड़ना जरूरी हो गया है, जिसमें कचरे को भी संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जाए और पानी, ऊर्जा तथा कच्चे माल का बेहतर उपयोग हो। उन्होंने सभी उद्योगों से आह्वान किया कि वे शोधित सीवेज के जल का पुनः उपयोग कर भूजल का दोहन कम करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 18:28:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>फ्यूचरिस्टिक एप्रोच से बढ़ाएं खनिज उत्पादन और कारोबार : अपर्णा अरोरा</title>
                                    <description><![CDATA[अतिरिक्त मुख्य सचिव, खान एवं पेट्रोलियम, अपर्णा अरोरा ने राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खनिज उत्पादन, विपणन और वार्षिक कारोबार बढ़ाने के निर्देश। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष के शेष महीनों के लिए स्पष्ट रोडमैप बनाकर कार्य किया जाए, जिससे सकारात्मक और बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/increase-mineral-production-and-business-with-futuristic-approach-aparna-arora/article-156811"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(5)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव, खान एवं पेट्रोलियम, अपर्णा अरोरा ने राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (आरएसएमएम) को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खनिज उत्पादन, विपणन और वार्षिक कारोबार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष के शेष महीनों के लिए स्पष्ट रोडमैप बनाकर कार्य किया जाए, जिससे सकारात्मक और बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें। सचिवालय के मंथन कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि राजस्थान खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और आरएसएमएम द्वारा रॉक फास्फेट, लाइमस्टोन, लिग्नाइट तथा जिप्सम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों का खनन एवं विपणन किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आरएसएमएम का कारोबार करीब 1922 करोड़ रुपये रहा है, जिसे और बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास आवश्यक हैं।</p>
<p>बैठक में पोटाश के अन्वेषण एवं खनन की संभावनाएं तलाशने, लंबित विधानसभा प्रश्नों का निस्तारण, रिक्त पदों पर भर्ती, ऑडिट आपत्तियों के समाधान तथा लंबित पदोन्नतियां पूरी करने के निर्देश भी दिए गए। आरएसएमएम के प्रबंध निदेशक पी. रमेश ने बताया कि खनन क्षेत्र में शोध और नई तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए आरएंडडी प्रकोष्ठ का गठन किया जा रहा है। यह प्रकोष्ठ बाजार की मांग और आपूर्ति का अध्ययन कर समय-समय पर रिपोर्ट भी प्रस्तुत करेगा। उन्होंने बताया कि गत वित्तीय वर्ष में आरएसएमएम ने 70.64 लाख टन खनिजों की बिक्री की, जिसमें 41.95 लाख टन लाइमस्टोन, 17.65 लाख टन रॉक फास्फेट, 9.24 लाख टन लिग्नाइट और 1.80 लाख टन जिप्सम शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष में कारोबार और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 17:31:07 +0530</pubDate>
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