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                <title>दो पल के सुकून का मिटा दिया नामो-निशां, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[यह कैसा सिविक सैंस: सड़क किनारे फुटपाथ पर लगाई अधिकतर बैंचे हुई गायब।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/all-traces-of-a-peaceful-respite-have-been-wiped-out/article-156884"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(5)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। तत्कालीन नगर विकास न्यास(केडीए) की ओर से राहगीरों की सुविधा के लिए सड़क किनारे फïुटपाथ पर लगाई गई लकड़ी की अधिकतर बैंचे गायब हो गई है। हालत यह है कि बैंचों को चोरी करने वालों ने उनके नामो निशां तक मिटा दिए हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय में तत्कालीन नगर विकास न्यास की ओर से शहर में विकास व सौन्दर्यीकरण के कार्य करवाए गए थे। जिसके तहत चौराहों व मुख्य मार्गों पर भी आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जहां रोशनी के लिए डेकोरेटिव लाइटें लगाई थी। वहीं राहगीरों को कुछ समय आराम से बैठने के लिए फुटपाथ पर लकड़ी की बैंचे भी लगाई थी। जिनका फ्रेम लोहे का था। स्टेशन रोड पर सर्किट हाउस से सूचना केन्द्र व राजकीय महाविद्यालय के सामने से होते हुए आकाशवाणी कॉलोनी मुख्य मार्ग से बड़ तिराहे तक और किशोर सागर तालाब के किनारे समेत कई जगह पर ऐसी दर्जनों बैंच लगाई गई थी। जिन पर उस समय लाखों रुपए खर्च किए गए थे।</p>
<p><strong>धीरे-धीरे हुई दुर्दशा</strong><br />इन बैंचों को लोहे की एंगल से जमीन में गाड़कर फिïक्स किया गया था। जिससे कोई इन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सके। लेकिन इनके लगने के कुछ समय तक तो ये सभी रही। लोगों ने इन बैंचों पर दोनों तरफ बैठने का आनंद भी लिया। तालाब किनारे तो लोग इन बैंच पर बैठकर पानी की लहरों, फव्वारों व तालाब में तैरे घोड़ों तक का आनंद लेते रहे हैं। कुछ समय तक तो ये बैंचे सही रही। लेकिन समय के साथ धीरे-धीरे इनकी दुर्दशा होने लगी। सबसे पहले तालाब किनारे लगी बैंचों के पहले एक दो लकड़ी के पाटे गायब हुए। फिर उनकी एंगल गायब हुई। कई जगह से तो आधी बैंच गायब हुई। लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। नतीजा रह रहा है कि शहर का मुख्य व व्यस्ततम मार्ग होने के बावजूद स्टेशन रोड पर सर्किट हाउस से बड़ तिराहे तक और केएसटी के फुटपाथ पर लगी सभी बैंचें फ्रेम समेत जड़ से ही गायब हो गई हैं। इन्हें चोरी करने वालों ने इनके नामों निशां तक मिटा दिए हैं। जिससे पहले इन बैंचों पर बैठने का आनंद ले चुके लोग तक हैरान हैं।</p>
<p><strong>अनदेखी के चलते हुए जनता के धन की हुई बर्बादी</strong><br />लोगों का कहना है कि कोटा विकास प्राधिकरण ने तो शहर वासियों को बैठने व कुछ देर आराम करने की सुविधा दी थी। जिससे सुबह के समय गार्डन में सैर करने आने वाले लोग तक इन बैंचों पर बैठने का आनंद लेते थे। लेकिन शुरुआत में इनकी दुर्दशा होने पर ही ध्यान नहीं दिया गया। जिससे अनदेखी के चलते जनता की कमाई से खर्च किए गए लाखों रुपए बर्बाद हो गए।</p>
<p>आकाशवाणी कॉलोनी निवासी महेश शर्मा ने बताया कि नगर निगम व कोटा विकास प्राधिकरण लोगों की सुविधा पर व शहर को सुनदर बनाने पर लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर रहा है। लेकिन लोग विशेष रूप से असामाजिक तत्व व स्मैकची इन्हें नुकसान पहुंचा रहे हैं।</p>
<p>नयापुरा निवासी लालचंद नागर ने बताया कि उन्होंने इन बैंचों पर कई बार बैठकर आराम किया है। लेकिन अब वे नजर ही नहीं आ रही है। पुलिस व प्रशासन को चाहिए कि सीसीटीवी कैमरों के आधार पर सरकारी सप्ति को नुकसान पहुंचाने वालों का पता लगाकर उन्हें दंडित किया जाए। साथ ही उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं। जिससे लोगों को पता चले कि आखिर ऐसा कौन कर रहे हैं।</p>
<p><strong>कई बार पुलिस को दी शिकायत</strong><br />कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सम्पति को विशेष रूप से लोहे की रैलिंग,डेकोरेटिव लाइटें व बिजली की केबल समेत अन्य को चोरी व नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है। लेकिन अभी तक किसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे ऐसा करने वालों को हौंसले बुलंद हो रहे हैं।</p>
<p><strong>अधिकारियों ने साधी चुप्पी</strong><br />शहर के मुख्य मार्गों व फुटपाथ पर लगाई गई बैंचों के गायब होने के बारे में जब केडीए अधिकारियों से बात करनी चाहिए तो किसी ने भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी। सभी ने इस संबंध में चुप्पी साध ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 15:29:00 +0530</pubDate>
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