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                <title>Safeguard - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Safeguard RSS Feed</description>
                
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                <title>साइबर ठगी से बचाव के लिए सरकार ने जारी की एडवाइजरी, टास्क स्कैम और फर्जी लोन ऐप्स से सतर्क रहने की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने के लिए दो महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की हैं। नागरिकों को फर्जी इंस्टेंट लोन ऐप्स और पार्ट-टाइम जॉब 'टास्क स्कैम' के प्रति सतर्क किया गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-issues-advisory-task-to-protect-against-cyber-fraud-appeals/article-157393"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/secratrait8.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने आमजन को साइबर अपराधों और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने के लिए दो महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की हैं। इनमें फर्जी इंस्टेंट लोन ऐप्स और टास्क स्कैम जैसी बढ़ती साइबर ठगी के प्रति लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि अनधिकृत इंस्टेंट लोन ऐप्स तत्काल ऋण उपलब्ध कराने का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। ऐप डाउनलोड होते ही साइबर अपराधी मोबाइल डेटा, संपर्क सूची और निजी जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं तथा बाद में अत्यधिक ब्याज, धमकी, ब्लैकमेल और मॉर्फ्ड तस्वीरों के जरिए अवैध वसूली करते हैं।</p>
<p>सरकार ने नागरिकों को केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म और आधिकारिक ऐप स्टोर से ही वित्तीय ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी है। दूसरी एडवाइजरी में “टास्क स्कैम” या ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब धोखाधड़ी से सावधान रहने को कहा गया है। साइबर ठग प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर आसान कार्यों के बदले आकर्षक कमाई का लालच देकर लोगों से निवेश करवाते हैं और बाद में रकम हड़प लेते हैं। सरकार ने अपील की है कि किसी भी साइबर ठगी, जबरन वसूली या संदिग्ध डिजिटल गतिविधि की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर दें तथा शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं। साथ ही संबंधित बैंक को भी तत्काल सूचित करने की सलाह दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:25:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी : AI के लिए प्रस्तुत किया 'मानव' विजन, सुरक्षा और समावेशिता पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-7 सम्मेलन में एआई के लिए भारत का 'मानव' विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि एआई का विकास सुरक्षा, गति और जनहित पर आधारित होना चाहिए। पीएम ने डीपफेक और साइबर खतरों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग और 'ग्लोबल साउथ' तक तकनीक पहुंचाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/development-of-artificial-intelligence-should-be-based-on-the-basic/article-157305"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/modii.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी-7 देशों के सामने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बारे में भारत के 'मानव' विजन का उल्लेख करते हुए कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास समावेशिता, सुरक्षा और जनहित के मूल सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए। जी-7 देशों के 52 वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस यात्रा पर गये पीएम मोदी ने बुधवार रात फ्रांस के एवियन में "इंश्योरिंग ए सेफ, रैपिड एंड एफिशिएंट रोल आउट ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस" विषय पर आयोजित आउटरीच सत्र को संबोधित किया।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि एआई एक परिवर्तनकारी शक्ति है जिसमें मानव सभ्यता की दिशा को फिर से परिभाषित करने की क्षमता है, लेकिन इसे लोगों को सशक्त बनाने वाला भी होना चाहिए। उन्होंने विस्तार से बताया कि इसी व्यापक सोच के साथ भारत ने हाल ही में एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी की थी। प्रधानमंत्री ने एआई के लिए भारत के 'मानव' विजन को रेखांकित किया, जो इस बात पर जोर देता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास समावेशिता, सुरक्षा और जनहित के मूल सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा साइबरस्पेस को एक वैश्विक सार्वजनिक संपत्ति के रूप में देखा है और लोकतांत्रिक देशों की ऐसी एआई मॉडल तक पहुंच होनी चाहिए जो उनके महत्वपूर्ण सूचना बुनियादी ढांचे को सुरक्षित कर सकें और उन्हें साइबर खतरों से निपटने में मदद कर सकें। उन्होंने एआई विकास के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण का आह्वान किया, जिसमें सुरक्षा, गति और दक्षता पर एक साथ ध्यान दिया जाए।</p>
<p>इस संबंध में, उन्होंने चार सुझाव दिए: एआई सिस्टम को 'सेफ-बाय-डिजाइन' (निर्माण के स्तर पर ही सुरक्षित) होना चाहिए। एआई के इस्तेमाल के साथ-साथ सामान्य मानक, परीक्षण फ्रेमवर्क और नियामक दिशानिर्देश होने चाहिए। डीपफेक, गलत सूचना और साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए प्रभावी वैश्विक सहयोग होना चाहिए और एक समावेशी दुनिया सुनिश्चित करने के लिए एआई का लाभ 'ग्लोबल साउथ' के देशों तक पहुँचना चाहिए।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उद्देश्य मानव क्षमता का विस्तार करना, मानवीय विकल्पों को सशक्त बनाना और मानव गरिमा की रक्षा करना होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इन उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:08:33 +0530</pubDate>
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