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                <title>nahargarh - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बदहाल व्यवस्था और जानलेवा सफर का सामना कर रहे यात्री </title>
                                    <description><![CDATA[समाजसेवी बने सहारा, पर प्रशासन सोया!]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/passengers-facing-a-bad-system-and-a-life-threatening-journey/article-115508"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(3)31.png" alt=""></a><br /><p>नाहरगढ़।  नाहरगढ़ बस स्टैंड का इन दिनों हाल बेहाल है और यात्रियों की परेशानी चरम पर है। कहने को तो यहां समाजसेवियों की बदौलत कुछ सुविधाएं मिली हैं लेकिन रोडवेज प्रबंधन की घोर लापरवाही ने इन प्रयासों पर पानी फेर दिया है। आलम यह है कि यात्रियों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है। काफी समय से नाहरगढ़ बस स्टैंड पर यात्री प्रतीक्षालय तक नहीं था। यात्रियों को खुले आसमान के नीचे धूप, बारिश और ठंड झेलनी पड़ती थी। ऐसे में समाजसेवी डॉ. महेंद्र गर्ग देवदूत बनकर सामने आए और उन्होंने अपनी नेक कमाई से एक शानदार यात्री प्रतीक्षालय विश्रामालय का निर्माण करवाया। इतना ही नहीं यात्रियों को शुद्ध और ठंडा पानी मिल सके, इसके लिए कंपाउंडर नवल किशोर विजय ने वाटर कूलर लगवाकर एक और बड़ी राहत दी। इन प्रयासों से लगा कि अब यात्रियों की मुश्किलें कम होंगी लेकिन रोडवेज प्रबंधन की उदासीनता ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।</p>
<p><strong>खटारा बसें, जानलेवा सफर और बेसुध रोडवेज</strong><br />नाहरगढ़ से गुना (मध्यप्रदेश) तक निजी बसें धड़ल्ले से चल रही हैं, लेकिन नाहरगढ़ से बारां-कोटा रूट पर रोडवेज बसों का हाल बद से बदतर होता जा रहा है। एक समय था जब हर घंटे बसें मिला करती थीं, लेकिन अब लापरवाही की हद तो देखिए, धीरे-धीरे बसों को बंद करते-करते सिर्फ दो खटारा, कबाड़ और छोटे डिब्बे जैसी बसें ही बची हैं। ये बसें इतनी जर्जर हैं कि इनमें सफर करना अपनी जान जोखिम में डालने जैसा है। कुछ महीने पहले एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी, जब एक रोडवेज बस का अंदरूनी फर्श फट गया और चलती बस से एक छोटी बच्ची नीचे गिर गई। गनीमत रही कि बच्ची को गंभीर चोटें नहीं आईं, लेकिन यह घटना रोडवेज प्रबंधन की लापरवाही का जीता-जागसबूत है। ऐसे में यात्री डर के साए में यात्रा करने को मजबूर हैं।</p>
<p><strong>शिकायतें अनसुनी, आखिर कब जागेगा प्रबंधन?</strong><br />यात्रियों की परेशानी जब हद से ज्यादा बढ़ गई तो उन्होंने रोडवेज प्रबंधन के नंबर  पर शिकायतें करना शुरू किया। ग्रामीण लगातार अपनी आपबीती सुना रहे हैं और सुधार की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन मजाल है कि कोई कार्रवाई हो। लगता है रोडवेज प्रबंधन ने अपनी आंखों पर पट्टी बांध रखी है और यात्रियों की सुरक्षा से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। यह लापरवाही साफ तौर पर दर्शाती है कि आम जनता की सुविधाओं और सुरक्षा को ताक पर रखकर बस अपनी मनमानी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन और उच्च अधिकारियों को इस गंभीर मामले पर तुरंत ध्यान देना चाहिए और यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध करानी चाहिए।</p>
<p>हमें रोजगार के लिए या दूसरे कामों से बारां-कोटा जाना पड़ता है लेकिन बसें मिलती ही नहीं। अगर मिल भी जाए, तो वो इतनी खटारा होती हैं कि जान हथेली पर रखकर चलना पड़ता है।<br /><strong>- विजयपाल सिंह बिकावत,  ग्रामवासी</strong></p>
<p>ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए प्रयास जारी है। इस संदर्भ में अधिकारियों से भी बात की है। जल्द ही बस सेवा शुरू होगी। जिससे ग्रामीणों को राहत प्रदान की जा सके। <br /><strong>- ऋषिपाल सिंह बिकावत, भाजपा कार्यकर्ता </strong></p>
<p>इन सभी बसों की पुरानी समय-सारणी को लिखकर मंत्री के पास सूचना दी जाएगी। पहले भी इस संबंध में जानकारी दी जा चुकी है। जनता बेहद परेशान है और जल्द से जल्द इस पर कार्रवाई करना बहुत जरूरी है।<br /><strong>- डॉ. ललित मीणा, विधायक   </strong></p>
<p>मेरी नई पोस्टिंग है, पुरानी बसों की जानकारी नहीं है। बसों की कमी है इसलिए ज्यादा बसें नहीं लगा पा रहे। जल्द ही सुबह 9:30 बजे वाली कस्बाथाना कोटा बस शुरू होगी और नाहरगढ़ से कोटा के लिए भी एक नई बस चलाई जाएगी।<br /><strong>- योगेंद्र सिंह,  रोडवेज मुख्य प्रबन्ध बारां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 May 2025 17:36:47 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क : साढ़े 4 माह का हुआ शेरनी दुर्गा का शावक, खाने में दे रहे चिकन सूप और चिकन </title>
                                    <description><![CDATA[वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर ने बताया कि शावक की हर सप्ताह डिवार्मिंग की जा रही है। उसे खाने में चिकन सूप और चिकन दिया जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nahargarh-biological-park-is-4-and-a-half-months-old/article-105421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/6622-copy109.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के रेस्क्यू सेंटर स्थित नियो नेटल केयर यूनिट में रह रहा शेरनी दुर्गा का शावक साढ़े चार माह का हो गया है। दुर्गा के शावक की देख रेख ना करने पर उसे नियो नेटल केयर यूनिट में लाया गया था। तब इसका वजन 970 ग्राम था, जो अब बढ़कर 14 किलो से अधिक हो गया है। वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर ने बताया कि शावक की हर सप्ताह डिवार्मिंग की जा रही है। उसे खाने में चिकन सूप और चिकन दिया जा रहा है। </p>
<p>साथ ही इसे आवश्यक सप्लीमेंट्स भी दिए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त इसे पूर्णतया प्राकृतिक वातावरण दिया जा रहा है। डॉ. माथुर ने बताया कि इसे समय-समय पर नियो निटेल केयर यूनिट के बाहर जाली से कवर किए एरिया में छोड़ा जाता है। ताकि इसकी फिजिकल एक्टिविटी होती रहे। आने वाले 10 से 15 दिनों के भीतर इसको नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में शिफ्ट किया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Feb 2025 10:12:26 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हिप्पो, हॉकडियर, ऊदबिलाव- ये नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में ही प्रदेश के दूसरे बायोलॉजिकल पार्कों में फिलहाल इनकी उपस्थिति नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[ नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क आकर विजिटर्स विभिन्न प्रजातियों के देख पाते हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hippo-hawkdeer-otter-these-are-present-only-in-nahargarh/article-96436"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(1).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क आकर विजिटर्स विभिन्न प्रजातियों के देख पाते हैं। यहां कई ऐसे वन्यजीव भी हैं, जिनकी उपस्थिति प्रदेश के दूसरे बायोलॉजिकल पार्कों में नहीं दिखाई देती। इनमें सबसे पहला नाम हिप्पो का आता है। यहां इनकी संख्या 4 है, जिनमें दो नर और दो मादा हिप्पो शामिल हैं। इसके साथ ही नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में दो ऊद्बिलाव, 10 से अधिक चौसिंघा, 20 से अधिक बार्किंग डियर, 8 से अधिक सिक्का डियर, 6 हॉक डियर, 2 बारहसिंघा और 1 कबर बिज्जू शमिल हैं। यहां आकर विजिटर्स में सबसे अधिक उत्सुकता शेर, बाघ के बाद हिप्पो फैमिली को देखने की देखी जाती है। इन प्रजातियों के वन्यजीव प्रदेश के दूसरे बायोलॉजिकल पार्कों में नहीं देखी जाती।</p>
<p><strong>सफल प्रजनन से बढ़ रही संख्या</strong> <br />नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीवों में सफल प्रजनन हो रहा है। जानकारी के अनुसार भालु में 3, बाघ में दो, लायन में दो, हाइना में 5 बार सफल प्रजनन हुआ है। जो इनकी संख्या बढ़ाने में सहायक है। यहां घड़ियालों की संख्या 10 और मगरमच्छ की संख्या करीब 10 बताई जा रही है।</p>
<p><strong>सफल प्रजनन से वुल्फ के बाद अब ये भी विकल्प</strong><br />बायोलॉजिकल पार्क में विभिन्न वन्यजीवों में सफल प्रजनन हो रहा है। इसी का नतीजा है कि देश के दूसरे राज्यों से होने वाले एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत अब वुल्फ के बाद भालु, चौसिंघा, चिंकारा, हाइना, घड़ियाल भी विकल्प के तौर पर उभरे हैं। इससे पहले यहां से एक्सचेंज कार्यक्रम में वुल्फ की डिमांड ज्यादा रहती थी। इनके बदले नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में शेर, बाघ सहित अन्य वन्यजीव यहां लाए गए थे। </p>
<p><strong>ऊदबिलाव</strong></p>
<ul>
<li>भारत में स्मूथ-कोटेड ऊदबिलाव, एशियाई छोटे पंजों वाला ऊदबिलाव और यूरेशियन ऊदबिलाव पाई जाती हैं। ये मीठे पानी की झीलों, नदियों, दलदलों और समुद्री किनारों पर रहते हैं।</li>
<li>ऊदबिलाव के शरीर का आकार लंबा और पतला होता है। जिससे यह पानी में तेजी से तैर सकता है। इनके पंजे झिल्लीदार होते हैं, जो इन्हें कुशल तैराक बनाते हैं।</li>
<li>मोटी और चमकदार फर इन्हें ठंडे पानी में गर्म रखती है। ऊदबिलाव मांसाहारी होते हैं और मुख्यत: मछली, झींगा, केकडेÞ और अन्य छोटे जलीय जीव खाते हैं।</li>
<li>ऊदबिलाव बहुत ही मिलनसार और खेलप्रेमी होते हैं। वे अक्सर एक-दूसरे के साथ खेलते हुए देखे जा सकते हैं। ये समूह में रहना पसंद करते हैं। जिसे ‘राफ्ट’ कहा जाता है। मादा ऊदबिलाव आमतौर पर एक बार में 2-4 बच्चों को जन्म देती है।</li>
</ul>
<p><strong>हिप्प</strong></p>
<ul>
<li> -हिप्पो का वजन 1,500 से 3,000 किलोग्राम तक होता है। इनकी त्वचा मोटी और गुलाबी ग्रे रंग की होती है।। यह पानी से बाहर निकलने पर धूप से बचने के लिए तेल जैसा पदार्थ छोड़ती है।</li>
<li>आहार में शाकाहारी होते हैं और मुख्यत: घास खाते हैं, लेकिन पानी के पौधे भी खाते हैं। इनका जीवनकाल 40 से 50 वर्ष के बीच होता है। ये समूह में रहते हैं। ये पानी के भीतर लगभग 5 मिनट तक सांस रोक सकते हैं।<br />अपनी ताकत और आक्रामकता के कारण इन्हें खतरनाक माना जाता है।</li>
</ul>
<p><strong>सांभर डियर </strong></p>
<ul>
<li>सांभर एशिया में पाया जाने वाला सबसे बड़ा हिरण है और भारत, नेपाल, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया में आम है।</li>
<li>यह मुख्यत: जंगलों, घास के मैदानों और पर्वतीय क्षेत्रों में रहता है।</li>
<li>इसका वजन100-350 किलोग्राम होता है। शरीरगहरे भूरे रंग होता है।</li>
<li>मादाएं नर की तुलना में हल्की होती हैं। सींग केवल नर के पास होते हैं।</li>
<li>आहार मुख्यत: पत्ते, फल, घास जलीय पौधे हैं। </li>
</ul>
<p><strong>सिक्का डियर</strong></p>
<ul>
<li>सिक्का डियर पूर्वी एशिया के जंगलों में पाया जाता है और इसकी उपस्थिति जापान, चीन, कोरिया और रूस तक सीमित है।</li>
<li>इसे इसकी सुंदरता और जटिल धब्बेदार फर के लिए जाना जाता है।</li>
<li>इनका वजन वजन 50-100 किलोग्राम होता है।</li>
<li>शरीर में धब्बेदार फर जो गर्मियों में चमकीला और सर्दियों में गहरा हो जाता है।</li>
<li>सींग नर के पास होते हैं। जो पतले और सरल होते हैं।</li>
</ul>
<p>नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ, शेर सहित अन्य वन्यजीवों में सफल प्रजनन हो रहा है। ऐसे में इनकी संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। <br /><strong>- जगदीश गुप्ता, डीसीएफ</strong></p>
<p>यहां विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीवों में सफल प्रजनन हो रहा है। यहां करीब 27 विभिन्न प्रजातियों के करीब 200 से अधिक वन्यजीव हैं। सफल प्रजनन से ही देश के अन्य बायोलॉजिकल पार्कों से बायोलॉजिकल पार्क में कई आकर्षक वन्यजीव मिले हैं। अब वुल्फ के साथ ही भालु, घड़ियाल सहित अन्य वन्यजीवों की डिमांड आ रही है। इसके अतिरिक्त यहां शेर, बाघ और भेड़ियों के माइक्रोचिप भी लगाई जाती है। ताकि इनका जेनेटिक डेटा बनाया जा सके। <br /><strong>- डॉ.अरविंद माथुर, वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 12:03:55 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नाहरगढ़ पहाड़ी से लापता दो सगे भाइयों में से छोटे का मिला शव, बड़े के लिए देर रात तक तलाश</title>
                                    <description><![CDATA[बड़े बेटे राहुल की तलाश के लिए चरण मंदिर के पीछे के जंगलों में सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय लोगों की सहायता से सर्च किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/dead-body-of-the-younger-of-the-two-brothers-missing/article-89411"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/1rtrer-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शास्त्री नगर थाना इलाके से लापता हुए दो सगे भाइयों में से रविवार को छोटे भाई आशीष शर्मा का झाड़ियों में शव मिलने से कोहराम मच गया जबकि उसके बड़े भाई राहुल शर्मा को प्रशासन सोमवार देर शाम तक भी नहीं तलाश पाया।</p>
<p>परिजन समेत स्थानीय निवासी थाने के बाहर पुलिस की कार्यशैली से नाराज होकर प्रदर्शन और नारेबाजी करते रहे। दिनभर पुलिस अधिकारियों की लोगों को समझाइश जारी रही। नाहरगढ़ की पहाड़ियों पर एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस की टीमों ने पुलिस के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन जारी रखा। एडीसीपी बजरंग सिंह शेखावत के अनुसार जांच में सामने आया कि आशीष एक चढ़ाई से 50 फीट नीचे गिर गया था, जिससे उसको अंदरूनी चोट आई और उसकी मौत हो गई।</p>
<p>हालांकि पूरा खुलासा पोस्टमार्टम के बाद ही हो सकेगा। बड़े बेटे राहुल की तलाश के लिए चरण मंदिर के पीछे के जंगलों में सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय लोगों की सहायता से सर्च किया जा रहा है। देर रात तक उसका पता नहीं चल सका है। आशीष के शव को सवाई मानसिंह अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया है। </p>
<p><strong>लोगों ने किया प्रदर्शन</strong><br />आशीष का शव मिलने के बाद बड़ी संख्या में भीड़ शास्त्री नगर थाने के बाहर जमा हो गई और सड़क जाम कर दी। लोगों ने मांग की कि पहले लापता राहुल का पता लगाएं और समय पर कार्रवाई नहीं करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें। मृतक परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दिलवाई जाए। पीड़ित के मामा मोहन शर्मा ने कहा कि हम रविवार को शास्त्री नगर थाने गए थे लेकिन पुलिस अधिकारियों ने हमें फटकार लगाई और तुरंत वहां से चले जाने को कहा। पुलिस ने कहा कि थाना इलाका ब्रह्मपुरी लगता है वहां जाकर बताओ। </p>
<p><strong>माता-पिता की आंखों से नहीं रुक रहे आंसू</strong><br />आशीष और राहुल के पिता सुरेश शर्मा ने बताया कि जीवन में अब कुछ नहीं बचा, सब खत्म हो गया। राहुल ने एम कॉम कर ली थी और आशीष की एम कॉम में द्वितीय वर्ष थी। दोनों ही एक निजी कम्पनी में नौकरी करते थे। सुरेश की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे और दोनों की मां बार-बार बेहोश होकर अपने दोनों बच्चों के नाम पुकार रही थीं। <br /><strong>ऐसे लापता हो गए दोनों</strong><br />सुरेश ने बताया कि वे दोनों पहली बार चरण मंदिर दर्शन करने के लिए गए थे। सुबह करीब साढ़े छह बजे दोनों निकल गए। करीब साढ़े 12 बजे मैंने फोन किया तो आशीष ने कहा कि हम वापस लौट रहे हैं। इस दौरान राहुल का मोबाइल बंद था। करीब दस मिनट उनकी मां ने आशीष को फोन कर पूछा तो कहा कि मैं अकेला रह गया हूं, राहुल भैया से बिछुड़ गया हूं। इस पर मां ने कहा कि वहीं बैठ जाओ मैं किसी को भेज रही हूं। यहां से जब हम गए तो दोनों ही नहीं मिले। शाम करीब चार बजे तब पहाड़ियों में तलाशा लेकिन एक का भी पता नहीं चल सका। इसके बाद थाने आकर जानकारी दी तो वहां भी सुनवाई नहीं हुई। </p>
<p><strong>कोई चोट का निशान नहीं मिला</strong><br />प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों का तलाशने के लिए टीमें भट्टा बस्ती की तरफ  के जंगल में चढ़ी। टीम को आशीष का शव झाड़ियों में लगभग 1.5 किलोमीटर अंदर मिला जबकि राहुल का सुराग नहीं लगा। पिता सुरेश पाराशर शास्त्री नगर में ही कांजी बड़े की दुकान चलाते हैं। </p>
<p><strong>शास्त्री नगर घटना में जिलाध्यक्ष तिवाड़ी देर रात तक मौके पर डटे</strong><br />शास्त्रीनगर थाने में दो युवकों में से एक युवक के अब भी लापता की घटना में जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष आरआर तिवाड़ी भी शास्त्रीनगर थाने पहुंचे। तिवाड़ी ने थाने पर प्रदर्शन कर रहे लोगों का समर्थन करते हुए जिला कलक्टर और पुलिस कमिश्नर से त्वरित कार्रवाई की मांग की। दूसरे युवक के नहीं मिलने पर तिवाड़ी देर रात तक परिवारजनों के साथ ही मौजूद रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 09:57:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नाहरगढ स्थित जयपुर वैक्स म्यूजियम में लगेगा विराट कोहली का मोम का पुतला </title>
                                    <description><![CDATA[ रन मशीन कहे जाने वाले क्रिकेट के किंग विराट कोहली का मोम से बना पुतला नाहरगढ के जयपुर वैक्स म्यूजियम में 18 अप्रैल को वर्ल्ड हेरिटेज डे के अवसर पर स्थापित होने जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/virat-kohlis-wax-statue-will-be-installed-in-jaipur-wax/article-74988"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/transfer-(4)10.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रन मशीन कहे जाने वाले क्रिकेट के किंग विराट कोहली का मोम से बना पुतला नाहरगढ के जयपुर वैक्स म्यूजियम में 18 अप्रैल को वर्ल्ड हेरिटेज डे के अवसर पर स्थापित होने जा रहा है। म्यूजियम प्रशासन ने आज इस मोम से बने आदमकद पुतले का फर्स्ट लुक जारी किया।</p>
<p>हाल ही में स्टार स्पोर्ट्स की टीम ने भी विराट कोहली के मोम से बने इस पुतले को विशेष रूप से कवर किया जिसे आइ. पी. एल  के मैच के पहले जल्द ही दिखाया जाएगा। जयपुर वैक्स म्यूजियम के फाउंडर डायरेक्टर अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले एक साल से पर्यटकों के द्वारा विराट कोहली के स्टेचू को बनाने की डिमांड आ रही थी, खासकर के छोटे बच्चे और युवा वर्ग जो विराट के दीवाने हैं उनका एक स्ट्रॉन्ग ओपिनियन था कि किंग कोहली का स्टेचू म्यूजियम में जरूर होना चाहिए। अब चूंकि विराट बच्चों और युवाओं के लिए एक स्पोर्ट्स आइकन भी बन चुके हैं,  अब इससे अच्छा अवसर क्या होगा जब कोहली विश्व क्रिकेट में उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं तो हमने भी निर्णय लिया कि सचिन तेंदुलकर और धोनी के बाद मोम के बने हुए विराट कोहली की आदमकद मूर्ति को जयपुर वैक्स म्यूजियम में स्थापित किया जाए। </p>
<p>चूंकि विराट की छवि मैदान में एक आक्रामक क्रिकेटर की है इसलिए स्टेचु के पोज के लिए भी उनके आक्रामक भाव को ही चुना गया। </p>
<p>वैक्स फिगर को अनूप श्रीवास्तव के क्रिएटिव डायरेक्टशन में गणेश और लक्ष्मी की जोड़ी ने लगभग दो महीने के परिश्रम के बाद तैयार किया है। वैक्स के बने विराट के पुतले का वजन 35 किलोग्राम है जबकि हाइट 5 फिट 9 इंच है। विराट की वेशभूषा को बॉलीवुड के डिजाइनर बोध सिंह ने बनाया हैं। </p>
<p>अनूप ने बताया कि statue सिलेक्शन को लेकर हमारा हमेशा से ही एक साफ निर्णय रहा है कि म्यूजियम में सेलिब्रिटी से भी ज्यादा उन महान विभूतियों को स्थान दिया जाए जिनसे हमारी आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा मिले। म्यूजियम में अब तक कुल 44 वैक्स के पुतले स्थापित हैं।</p>
<p>जयपुर वैक्स म्यूज़ियम पहला ऐसा संग्रहालय है जो लगभग 300 वर्ष पुराने किले में बना हुआ है साथ ही दुनिया के अन्य म्यूज़ियम से जुदा इसीलिए है कि यहां पर हर पुतले को एक विशेष बने सेट के साथ स्थापित किया गया है जहां हर बैकड्रॉप को हाथ से बनी पेंटिंग, murals, पुतले से जुड़ी उनकी खास वस्तु, exclusive फोटो वॉल और एक विशेष महक के साथ रखा गया है। </p>
<p> जयपुर वैक्स म्यूजियम की खास बात यह भी है कि यहां सोने के वर्क की नक्काशी से बने रॉयल दरबार में जयपुर रॉयल फॅमिली फिगर भी स्थापित हैं साथ ही पचास लाख से भी ज्यादा कांच के टुकड़ों और ठीकरी से बना अनूठा शीशमहल म्यूजियम का एक अभिन्न अंग है।</p>
<p>जल्द ही रॉयल दरबार में दो ऐतिहासिक विभूतियां और भी स्थापित होने वाली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Apr 2024 12:14:37 +0530</pubDate>
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                <title>नाहरगढ़ की पहाड़ी से गिरी कार, एक की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस ने बताया कि सुदीप अपने दोस्त अभिषेक, अजुंल और प्रतीक के साथ कार से खाटू श्याम मंदिर घुमने आए थे। यहां से चारों नाहरगढ़ घूमने चले गए। रात करीब 11:30 बजे चारों पहाड़ी से नीचे उतर रहे थे। तभी टी-पांइट पर कार अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/car-falls-from-nahargarh-hill-one-killed/article-58994"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/accident1.jpg" alt=""></a><br /><p>नवज्योति, जयपुर। ब्रह्मपुरी थाना इलाके में शुक्रवार देर रात नाहरगढ़ की पहाड़ी से नीचे उतरते समय एक कार अनियंत्रित होकर करीब 150 फीट नीचे गिर गई। हादसे में कार सवार मुरैना (एमपी) निवासी सुदीप कुमार गुप्ता (40) और अभिषेक घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को उपचार के लिए एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने सुदीप को मृत घोषित कर दिया। वहीं अभिषेक का उपचार जारी है। शनिवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर सुदीप का शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि सुदीप अपने दोस्त अभिषेक, अजुंल और प्रतीक के साथ कार से खाटू श्याम मंदिर घुमने आए थे। यहां से चारों नाहरगढ़ घूमने चले गए। रात करीब 11:30 बजे चारों पहाड़ी से नीचे उतर रहे थे। तभी टी-पांइट पर कार अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई। हादसे में सुदीप की मौत हो गई। अभिषेक का पेर फैक्चर हुआ है। वहीं, अंजुल और प्रतीक के मामूली चोटें आई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Oct 2023 10:29:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नाहरगढ़ जैविक उद्यान में भालू ने दिया बच्चे को जन्म</title>
                                    <description><![CDATA[मादा भालू  झुमरी ने बच्चे को जन्म दिया है। अभी मादा ने बच्चे को मांद में ही रखा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bear-gave-a-baby-in-nahargarh-biological-park/article-30066"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/whatsapp-image-2022-11-18-at-12.50.59.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नाहरगढ़ जैविक उद्यान में पर्यटन सीजन में पर्यटकों की अच्छी आवक देखने को मिल रही है। शेर, बाघ, बघेरो के साथ ही विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीव देख बड़ों के साथ ख़ासकर बच्चे रोमांचित हो जाते हैं। इस बीच जैविक उद्यान से वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी ख़बर सामने आइ है। मादा भालू  झुमरी ने बच्चे को जन्म दिया है। अभी मादा ने बच्चे को मांद में ही रखा है।</p>
<p>अभी जैविक उद्यान में नर भालू शंभु, मादा भालू झुमरी, बेबी भालू गणेश रहवास कर रहे हैं। जैविक उद्यान के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरविंद माथुर इनकी निगरानी कर रहे हैं। साथ ही इनके खानपान के साथ ही आवश्यक दवाइयाँ दे रहे है। वहीं भालुओं के केयर टेकर गोपाल लाल हैं। रेंजर गौरव चौधरी भी इनकी निगरानी कर रहे हैं।</p>
<p>इनके अतिरिक्त सवाई माधोपुर से रेस्क्यू कर लाया गया नर भालू भी यहाँ रहवास कर रहा है। ये रेस्क्यू कर लाया गया एनिमल है इसलिए इसे डिस्प्ले में नहीं रखा है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नाहरगढ़ जैविक उद्यान में मादा भालू झुमरी ने शुक्रवार सुबह बच्चे को जन्म दिया है। <br /><strong>कपिल चंद्रावल, डीसीएफ़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 18 Nov 2022 15:03:46 +0530</pubDate>
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                <title>सर्दी में इस बार शेर, बाघ और बघेरों को नहीं मिलेंगे अण्डे</title>
                                    <description><![CDATA[शेरों को 8 किलो मीट, बाघों को 8 किलो मीट और बघेरों को डाइट में 4 किलो मीट देने के अतिरिक्त अब रोजाना स्पेशल डाइट में मुर्गा दिया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/lions-tigers-and-tigers-will-not-get-eggs-this-time/article-28563"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/q-3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वन्यजीव देखने की चाह वन्यजीव प्रेमियों को नाहरगढ़ जैविक उद्यान और लॉयन सफारी की ओर खींच लाती है। जहां वे बाघ, शेर, बघेरे देख प्रफुल्लित नजर आते हैं। अब सुबह-शाम सर्दी की दस्तक के साथ वन्यजीवों की डाइट में कुछ बदलाव किए हैं। शेरों को 8 किलो मीट, बाघों को 8 किलो मीट और बघेरों को डाइट में 4 किलो मीट देने के अतिरिक्त अब रोजाना स्पेशल डाइट में मुर्गा दिया जा रहा है। इस बीच ऐसा पहली बार हो रहा है कि इन्हें खाने में अण्डे नहीं दिए जाएंगे। गौरतलब है कि गर्मियों में शेर और बाघ को 10-10 किलो मीट दिया जाता है। वहीं बघेरे को 4 किलो मीट दिया जाता है, लेकिन उस समय खाने में मुर्गा नहीं दिया जाता। </p>
<p><strong>भेड़िए, हायना और जेकौल उठा रहे अण्डों का लुत्फ</strong><br />नाहरगढ़ जैविक उद्यान के रेंजर गौरव चौधरी ने बताया कि सर्दी के समय भेड़िए, हायना और जकौल को रूटीन डाइट के साथ ही स्पेशल डाइट में अण्डा दिया जा रहा है। भालू को रूटीन सहित डाइट में पिंड खजूर दिए जा रहे हैं। वहीं सांभर को 3, चीतल और चिंकारा को खाने में दो-दो किलो गाजर दी जा रही है। नाहरगढ़ जैविक उद्यान के अलावा जयपुर चिड़ियाघर में रहवास कर रहे शुतुरमुर्ग को दो, ऐमू को एक-एक अण्डे दिए जा रहे हैं। साथ ही अन्य पक्षियों को डाइट में मछली आदि दी जा रही है। </p>
<p>एक  नवम्बर से जयपुर चिड़ियाघर में रहवास कर रहे पक्षियों की डाइट में बदलाव किए गया है। शुतुरमुर्ग और ऐमू को खाने में अण्डे दिए जा रहे हैं। घड़ियालों को डेढ़ किलो मछली खाने में दे रहे हैं।<br />- <strong>डॉ.अशोक तंवर, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, जयपुर चिड़ियाघर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 04 Nov 2022 10:47:39 +0530</pubDate>
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                <title>सफेद बाघों की कब्रगाह बना नाहरगढ़ जैविक उद्यान</title>
                                    <description><![CDATA[नाहरगढ़ जैविक उद्यान सफेद बाघ-बाघिन के लिए कब्रगाह साबित हो रहा है। यहां अब तक तीन बाघ-बाघिन लाए गए, जिससे पर्यटकों की रुचि बढ़ी, लेकिन सभी की मौत हो गई। प्रदेश में एक मात्र सफेद बाघ चीनू ने रविवार को 12 बजकर, 18 मिनट पर दम तोड़ दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nahargarh-biological-park-became-the-graveyard-of-white-tigers/article-14059"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/white-tiger-new.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> नाहरगढ़ जैविक उद्यान सफेद बाघ-बाघिन के लिए कब्रगाह साबित हो रहा है। यहां अब तक तीन बाघ-बाघिन लाए गए, जिससे पर्यटकों की रुचि बढ़ी, लेकिन सभी की मौत हो गई। प्रदेश में एक मात्र सफेद बाघ चीनू ने रविवार को 12 बजकर, 18 मिनट पर दम तोड़ दिया। चीनू के शुरुआती लक्षण लेप्टोस्पायरोसिस के लगे, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट से मौत होना आया है। वन विभाग ने मेडिकल बोर्ड बनाकर उसका पोस्टमार्टम कराया और बाद में उसका अन्तिम संस्कार किया।</p>
<p><strong>बीमार था चीनू</strong><br />सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सफेद बाघ चीनू दो जुलाई से बीमारी के चलते कभी आधा तो कभी एक किलो ही डाइट ले रहा था। 5 जुलाई से इनसे खाना बंद कर दिया था, केवल सूप और पानी पी रहा था।</p>
<p><br /><strong>मॉनिटरिंग की कमी से हो रही मौतें</strong><br />विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रशिक्षित वन्यजीव चिकित्सक, प्रशासनिक लापरवाही और मॉनिटरिंग की कमी ने नाहरगढ़ जैविक उद्यान में आए दुर्लभ सफेद बाघ जीवित नहीं बचे। जब सफेद बाघ राजा में लेप्टोस्पायरोसिस मिलने की बात सामने आई थी, उस समय भी उसे कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं दिया। ऐसा ही सीता के समय हुआ था।</p>
<p><strong>पिंजरे में केवल हाइब्रीड शेरनी, प्योर एशियाटिक सफारी में   </strong><br />नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बिग कैट्स की बात करें तो अब बाघ नाहर, शिवाजी, बाघिन रंभा, महक और रानी बचे हैं। यहां एक हाइब्रीड शेरनी सुहासिनी पिंजरे में डिस्प्लेड है। इसके अतिरिक्त विजिटर्स को प्योर एशियाटिक लॉयन केवल लॉयन सफारी में ही देखने को मिलेंगे। यहां शेर त्रिपुर, शेरनी तारा और सृष्टि रहवास कर रहे हैं, जिन्हें रोटेशन के आधार पर सफारी में छोड़ा जाता है।</p>
<p>नाहरगढ़ जैविक उद्यान में इससे पूर्व भी दो सफेद बाघ-बाघिन की मौत हो चुकी है। दिल्ली जू एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत सफेद बाघिन सीता को 2013 में जयपुर चिड़ियाघर लाया गया था और इसका जोड़ा सफेद बाघ राजा के साथ बनाया गया। नाहरगढ़ जैविक उद्यान बनाए जाने के बाद सभी वन्यजीवों का यहां शिफ्ट कर दिया। इनकी वंश बढ़ोतरी होती, उससे पहले ही सफेद बाघिन सीता की 27 सितंबर, 2019 को केनाइन डिस्टेंपर से मौत हो गई। सफेद बाघ राजा ने भी 4 अगस्त, 2020 को लेप्टोस्पायरोसिस से दम तोड़ दिया।</p>
<p>19 सितम्बर, 2019 को शेरनी सुजैन की कैनाइन डिस्टेंपर से मृत्यु<br />21 सितम्बर, 2019 को नौ माह की शावक बाघिन रिद्धि की कैनाइन डिस्टेंपर से मृत्यु<br />9 जून, 2020 को 18 माह के शावक बाघ रुद्र की लेप्टोस्पायरोसिस से मृत्यु<br />11 जून, 2020 को लेप्टोस्पायरोसिस से शेर सिद्धार्थ की मृत्यु<br />18 अक्टूबर, 2020 को कॉर्डियक अरेस्ट से शेर कैलाश की मृत्यु<br />3 नवम्बर, 2020 को लेप्टोस्पायरोसिस से शेर तेजस की मृत्यु<br />12 दिसम्बर, 2020 को शेरनी तारा के शावक की कमजोरी से मृत्यु</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Jul 2022 16:12:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व वन्यजीव दिवस आज: स्लोथ बियर और हिप्पो में सफल प्रजनन प्रदेश में केवल नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क</title>
                                    <description><![CDATA[गुलाबी नगरी स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क, झालाना लेपर्ड रिजर्व, हाथी गांव, लॉयन सफारी में वन्यजीवों को देखने की चाह लिए हजारों पर्यटक यहां की विजिट करते हैं। खासकर एगजोटिक पार्क में रहवास कर रहा हिप्पो परिवार विजिटर्स की पहली पसंद बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/world-wildlife-day-today--successful-breeding-in-sloth-bear-and-hippo-only-nahargarh-biological-park-in-the-state--beaver-can-be-brought-from-gujarat/article-5374"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/nahargarh-biological-park.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गुलाबी नगरी स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क, झालाना लेपर्ड रिजर्व, हाथी गांव, लॉयन सफारी में वन्यजीवों को देखने की चाह लिए हजारों पर्यटक यहां की विजिट करते हैं। खासकर एगजोटिक पार्क में रहवास कर रहा हिप्पो परिवार विजिटर्स की पहली पसंद बना हुआ है। प्रदेश में नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क ऐसी पहली जगह है, जहां विजिटर्स को हिप्पो देखने को मिलते हैं। इसके अतिरिक्त यहां 26 विभिन्न प्रजातियों के तकरीबन 270 से अधिक वन्यजीव रहवास कर रहे हैं।<br /><br /><strong>स्लोथ बियर का हुआ सफल प्रजनन</strong><br />प्रदेश के बायोलॉजिकल पार्कों और चिड़ियाघरों की बात करें तो जयपुर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में रहवास कर रहे स्लोथ बियर में (कैप्टिविटी में) पहली बार सफल प्रजनन हुआ। दूसरे जिलों के बायोलॉजिकल पार्कों और चिड़ियाघर में (कैप्टिविटी में) ऐसा अब तक नहीं हो पाया है। नर भालू शम्भू, मादा झुमरी और बच्चा गणेश अपने एन्क्लोजर में चहल-कदमी करते हुए देखे जा सकते हैं।<br /><br /><strong>एक जोड़ा लाए, अब संख्या तीन हुई</strong> <br />दिल्ली चिड़ियाघर से अगस्त, 2019 में हिप्पो का पहला और एकमात्र जोड़ा नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क लाया गया। जहां 17 जुलाई, 2020 में इसका (कैप्टिविटी में) सफल प्रजनन हुआ। प्रदेश में इसकी उपस्थिति केवल जयपुर में देखने को मिलती है। साथ ही प्रदेश के बायोलॉजिकल पार्कों के इतिहास में पहली बार इस प्रजाति के एनीमल में सफल प्रजनन भी यहीं हुआ है। अभी ये हिप्पो जोड़ा बायोलॉजिकल पार्क स्थित एगजोटिक पार्क में रहवास कर रहा है। साथ ही ये जोड़ा फिर से खुशखबरी दे सकता है। <br /><br /><strong>सबसे ज्यादा वुल्फ यहां</strong><br />प्रदेश के बायोलॉजिकल पार्कों की बात करें तो सबसे ज्यादा वुल्फ नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में ही देखने को मिलते हैं। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद माथुर ने बताया कि यहां इनमें कैप्टिविटी में अच्छी ब्रीडिंग भी हो रही है। इसी का नतीजा है कि वन्यजीव एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत वुल्फ के बदले देश के विभिन्न बायोलॉजिकल पार्कों और चिड़ियाघरों से जयपुर को अच्छ एनीमल्स मिले हैं। साथ ही स्लोथ बियर और हिप्पो में सफल प्रजनन केवल यहीं देखने को मिला है।<br /><br /><strong>8 विभिन्न प्रजातियों के हिरण भी यहां</strong><br />नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क ऐसी पहली जगह है। जहां विजिटस को 8 विभिन्न प्रजातियों के हिरण देखने को मिलते हैं। इनमें चीतल, चिंकारा, सिक्का डियर, हॉक डियर, सांभर, ब्लैक बग, बारहसिंघा और चौसिंघा के नाम शामिल है। साथ ही इनमें सफल प्रजनन भी हो रहा है। खासकर चिंकारा में अच्छी ब्रीडिंग हो रही है। इन्हें एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत देश के अन्य चिड़ियाघरों में दिया जा चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Mar 2022 10:45:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिवाली और भाईदोज पर भी खुलेंगे स्मारक</title>
                                    <description><![CDATA[दूसरी ओर गुरुवार को दीपावली पर नाहरगढ़ जैविक उद्यान और चिड़ियाघर पर्यटकों के अवलोकनर्थ बंद रहेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%88%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%9C-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%95/article-2098"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के अधीन आने वाले जयपुर के स्मारक और संग्रहालय दिवाली और भाईदोज पर पर्यटकों के अवलोकन के लिए खुले रहेंगे। ताकि त्योहार पर भी पर्यटक ऐतिहासिक इमारतों को निहार सकें। क्यूँकि अन्य राज्यों से इस समय पर्यटक परिवार सहित गुलाबी नगरी घूमने आते हैं। विभाग के अधीन आने वाले स्मारक अपने नियत समय पर खुलेंगे। साथ ही सायं 5.30 बजे बंद हो जाएँगे। दूसरी ओर गुरुवार को दीपावली पर नाहरगढ़ जैविक उद्यान और चिड़ियाघर पर्यटकों के अवलोकनर्थ बंद रहेंगे। वहीं 5 अक्टूबर को ये पर्यटकों की विज़िट के लिए फिर से खोल दिए जाएँगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Nov 2021 15:15:43 +0530</pubDate>
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