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                <description>Core RSS Feed</description>
                
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                <title>तहसील ने भी कर दी नियम विरुद्ध रजिस्ट्री, डीएफओ ने कलक्टर से लगाई कार्रवाई की गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[वन्यजीव अधिनियम की धारा-20 लागू होने के बावजूद खाते चढ़ा दी जमीन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/tehsil-office-executed-registration-in-violation-of-rules/article-158219"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/12200-x-600-px)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के संवेदनशील कोर एरिया में 3 हैक्टेयर जमीन की खरीद-फरोख्त और सरकारी रजिस्ट्री का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिस क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत जमीन की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है, वहीं डाबी उप तहसील ने बाहरी व्यक्ति के नाम न केवल रजिस्ट्री कर दी गई बल्कि राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण (इंतकाल) कर खाते भी चढ़ा दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा मामला करीब दो वर्षों तक वन विभाग की नजरों से ओझल रहा। मामला तब उजागर हुआ, जब खरीदार निर्माण की अनुमति लेने मुकुंदरा कार्यालय पहुंचा। इसके बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया और उप वन संरक्षक (डीएफओ) ने बूंदी जिला कलक्टर को पत्र लिखकर रजिस्ट्री निरस्त कर कार्रवाई की मांग की।</p>
<p>वन अधिकारियों का कहना है कि संबंधित भूमि जवाहर सागर अभयारण्य की अधिसूचित सीमा में स्थित है, जहां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा-20 प्रभावी है। इसके बावजूद डाबी उप तहसील में रजिस्ट्री और बाद में नामांतरण तक कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने वन एवं राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि भूमि खातेदारी है, लेकिन वह अभयारण्य की अधिसूचित सीमा में आती है।</p>
<p><strong>जवाहर सागर सेंचुरी की सीमा में है विवादित जमीन</strong><br />मामला, बूंदी जिले के धनेश्वर गांव का है, जो मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की जवाहर सागर सेंचुरी के अंतर्गत आता है। संबंधित खसरा संख्या 905 वन्यजीव अभयारणय की अधिसूचित सीमा तथा मुकुंदरा के अंबारानी ब्लॉक में स्थित है। वहीं, जवाहर सागर को अभयारण्य घोषित करने का गजट नोटिफिकेशन 9 अक्टूबर 1975 को जारी किया जा चुका है। ऐसे में नियमानुसार सेंचुरी क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त पर पूर्ण प्रतिबंध है।</p>
<p><strong>धारा-20 प्रभावी, बेचना तो दूर खाते भी नहीं चढ़ सकती जमीन</strong><br />वन अधिकारियों के अनुसार, जवाहर सागर अभयारणय की नोटिफाइड सीमा के अंदर आने वाली भूमि पर वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 की धारा-20 लागू है, जिसके तहत किसी क्षेत्र को अभयारण्य घोषित किए जाने के बाद वहां नए भूमि अधिकार नहीं दिए जा सकते। हालांकि, अधिसूचना से पहले यह किसी की निजी जमीन थी तो भी वह केवल उत्तराधिकार (विरासत) के जरिए ही आगे बढ़ सकती है लेकिन किसी तीसरे (बाहरी) व्यक्ति बेचा नहीं जा सकता। इसलिए, यह रजिस्ट्री नियमों के विरूद्ध होने से गैर कानूनी है।</p>
<p><strong>21 में से 17 बीघा 6 बिस्वा बिकी जमीन</strong><br />रेवन्यू विशेषज्ञों के अनुसार, धनेश्वर गांव के खसरा संख्या 905 की जमाबंदी में भूमि मालिक के नाम कुल 21 बीघा 6 बिस्वा खाते की जमीन दर्ज थी। जिसमें से 17 बीघा 6 बिस्वा भूमि झालावाड़ निवासी खातेदार को बेच दी गई। बाद में खातेदार ने 28 अगस्त 2024 को इस जमीन में से 13 बीघा 1 बिस्वा अपने नाम तथा 4 बीघा 5 बिस्वा अपने पुत्र के नाम रजिस्ट्री करवाई। इसके बाद उप तहसील डाबी ने इंतिकाल खोलकर राजस्व अभिलेखों में जमीन उनके नाम दर्ज कर दी गई। रिकॉर्ड के अनुसार, खातेदार पिता के नाम 20 नवंबर 2023 को तथा पुत्र के नाम 18 जून 2024 को जमीन, खाते चढ़ाई गई, यानी नामांतरण की गई।</p>
<p><strong>डीएफओ ने कलक्टर से लगाई कार्रवाई की गुहार</strong><br />मुकुंदरा टाइगर रिर्जव के डीएफओ मूथू एस ने 18 मई 2026 को बूंदी जिला कलक्टर को पत्र भेज रजिस्ट्री रद्द कर कार्रवाई की मांग की। डीएफओ ने पत्र में लिखा कि जवाहर सागर सेंचुरी में स्थित भूमि की खरीद-फरोख्त व रजिस्ट्री नियम विरुद्ध की गई है। यह कृत्य वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 की धारा-20 का उल्लंघन है। इस धारा के अनुसार, नोटिफाइड एरिया में जमीन खरीद-फरोख्त प्रतिबंधित है।</p>
<p>हमारे पास ऐसा कोई गजट नोटिफिकेशन नहीं है कि यह खसरा सेंचूरी में है, वहीं धनेश्वर गांव की भूमि फोरेस्ट में होने की कोई इंफोर्मेशन नहीं है। हमारे यहां जो खातेदारी जमीन जमाबंदी में दर्ज है, उसकी रजिस्ट्री तभी नहीं की जाती जब कोर्ट का स्टे आॅर्डर हो या वन विभाग का गजट नोटिफिकेशन होता है। लेकिन, उक्त खसरा हमारे रिकॉर्ड में राजस्व भूमि है। खाते की जमीन है।<br /><strong>-अनिल धाकड़, नायब तहसीलदार उप तहसील डाबी</strong></p>
<p>ऐसी कई जमीन हैं, जो फोरेस्ट रिकॉर्ड के अनुसार वन विभाग में आती है और रेवन्यू रिकॉर्ड में राजस्व की होती है। इसी कारण रजिस्ट्रियां हो जाती है। मेरे सामने मामला आया तो मैंने बूंदी जिला कलक्टर को लिखा है कि सेंचूरी की सीमा में आने वाली भूमि की रजिस्ट्री नहीं होनी चाहिए। उन्होंने ने भी तालेड़ा एसडीएम व तहसीलदार को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।<br /><strong>-मूथू एस, डीएफओ मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व</strong></p>
<p>मामला संज्ञान में आया है। डीसीएफ को विधिक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। हालांकि, मुकुंदरा डीएफओ ने इस संबंध में बूंदी जिला कलक्टर से पत्राचार भी किया है। सेंचूरी की सीमा में आने वाली जमीन की खरीद-फरोख्त नहीं हो सकती। नियमानुसार रजिस्ट्री गलत है।<br /><strong>-सुगनाराम जाट, संभागीय मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक मुकुंदरा</strong></p>
<p>वन विभाग अपने डॉक्यूमेंट खसरें वाइज हमें दें, तभी हम यह तय कर पाएंगे कि किस भूमि को रजिस्ट्री से रोकनी है या नहीं। मुंकुदरा प्रशासन ने इस संबंंध में अभी तक न तो कोई डिटेल दस्तावेज और नहीं गजट नोटिफिकेशन उपलब्ध करवाया है, जिससे हमें यह पता लग सके कि पर्टिकूलर यह खसरे हैं, जिसे फोरेस्ट अपना मानकर चल रहा है।<br /><strong>-बनवारी लाल शर्मा, तहसीलदार तालेड़ा</strong></p>
<p>अभयारण की अधिसूचना जारी होने के बाद उसमें आने वाली राजस्व भूमि सिर्फ उत्तराधिकारी वसीयत के आधार पर ही ट्रांसफर हो सकती हैं, बेचान पर इंतकाल खोलना वन्यजीव अधिनियम का खुला उल्लंघन है। जिम्मेदार यह कह कर बच नहीं सकते की उनके पास इंतकाल नहीं खोलने के आदेश या नोटिफिकेशन नहीं थे।<br /><strong>-तपेश्वर सिंह, एडवोकेट एवं पर्यावरणविद्</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 15:07:49 +0530</pubDate>
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                <title>शेयर बाजार आउटलुक: वैश्विक कारकों और मानसून की प्रगति से तय होगी अगले सप्ताह शेयर बाजार की दिशा, इन कंपनियों में दिखेगा जोरदार उछाल</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले सप्ताह सेंसेक्स 1,274 और निफ्टी 390 अंक चढ़कर मजबूत स्थिति में बंद हुए, जिसमें मिडकैप-स्मॉलकैप का प्रदर्शन शानदार रहा। आगामी सप्ताह में बाजार की दिशा घरेलू मानसून की प्रगति, आठ कोर उद्योगों के आंकड़ों और ईरान-अमेरिका शांति समझौते से जुड़े वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/the-direction-of-the-stock-market-next-week-will-be/article-157632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/share-market4.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह रही गिरावट के बाद आने वाले हप्ता में निवेशकों की नजर वैश्विक कारकों के साथ घरेलू स्तर पर मानसून की प्रगति और आठ महत्वपूर्ण उद्योगों के आंकड़ों पर रहेगी। ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते को लागू करने में कितनी प्रगति होती है, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापार के लिए खोलने की दिशा में, इसका असर सीधे शेयर बाजारों पर पड़ेगा। दूसरी तरफ, मानसून पिछले करीब एक सप्ताह से अटका हुआ है। इससे निवेशकों में चिंता हो सकती है। साथ ही, देश के आठ महत्वपूर्ण उद्योग क्षेत्रों के आंकड़े भी इसी सप्ताह जारी होने हैं। इन सभी कारकों का असर निवेश धारणा पर दिखेगा।</p>
<p>बीते सप्ताह पहले चार दिन बाजार में तेजी रही जबकि आखिरी दिन बिकवाली का जोर रहा। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सप्ताह के दौरान 1,274.95 अंक (1.69 प्रतिशत) चढ़कर शुक्रवार को 76,802.90 अंक पर रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 390.20 अंक यानी 1.65 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त में सप्ताहांत पर 24,013.10 अंक पर बंद हुआ। मझौली और छोटी कंपनियों में निवेशकों का विश्वास अधिक रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक में 2.72 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक में 3.23 प्रतिशत की साप्ताहिक तेजी दर्ज की गयी।</p>
<p>सप्ताह के दौरान सेंसेक्स की 30 में से 25 कंपनियों के शेयर हरे निशान में रहे। टाटा समूह की रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयर में 16.32 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। इटरनल में 8.37 फीसदी, इंडिगो में 6.69, टाइटन में 5.64 और बीईएल में 5.07 फीसदी की साप्ताहिक तेजी रही। भारती एयरटेल का शेयर 4.72 प्रतिशत बजाज फाइनेंस का 4.64, बजाज फिनसर्व का 4.56, एलएंडटी का 3.94, एनटीपीसी का 3.33, आईटीसी का 2.89, पावरग्रिड का 2.67 और अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर 2.37 प्रतिशत चढ़ा।</p>
<p>एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर 1.86 प्रतिशत, भारतीय स्टेट बैंक का 1.78, सन फार्मा का 1.65, हिंदुस्तान यूनीलिवर का 1.31, रिलायंस इंडस्ट्रीज का 1.28, अडानी पोर्ट्स का 1.20, महिंद्रा एंड महिंद्रा का 1.03 और एचडीएफसी बैंक का 0.98 प्रतिशत की बढ़त में रहा। टाटा स्टील और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी ऊपर बंद हुए। इंफोसिस का शेयर सप्ताह के दौरान 5.79 फीसदी टूट गया। टीसीएस में 1.62 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 1.30 और कोटक महिंद्रा बैंक में 1.10 प्रतिशत की गिरावट रही। एशियन पेंट्स का शेयर भी लाल निशान में रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 12:58:27 +0530</pubDate>
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