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                <title>negligence - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>दिल्ली में भीषण हादसा: लोहे का पुल टूटने से नाले में गिरी महिला की मौके पर मौत, बचाव और राहत कार्य जारी</title>
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                        <![CDATA[दिल्ली के राजपुरा गुड़मंडी और रूपनगर को जोड़ने वाली पुलिया टूटने से एक महिला की नाले में गिरकर मौत हो गई। प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। विपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इस घटना ने राजधानी में जर्जर बुनियादी ढांचे की गंभीर स्थिति को उजागर कर दिया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/horrific-accident-in-delhi-woman-fell-into-drain-due-to/article-146815"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/delhi-accident.png" alt=""></a><br /><p>दिल्ली। दिल्ली के राजपुरा गुड़मंडी और रूपनगर को जोड़ने वाली पुलिया के टूटने की खबर सामने आ रही है। इस हादसे में भीख मांगने वाली एक महिला की मौत हुई है। जानकारी के अनुसार, जिस समय ये हादसा हुआ उस समय पुल पर एक महिला मौजूद थी जो हादसे के बाद सीधे नाले में जा गिरी। स्थानीय लोगों ने इस घटना की सूचना प्रशासन को दी और उसके बाद तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।<a style="background-color:rgb(255,255,255);" href="https://dainiknavajyoti.com/admin/post/post/"> </a></p>
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<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en"><a href="https://t.co/FKSTi0NcuU">https://t.co/FKSTi0NcuU</a></p>
— Press Trust of India (@PTI_News) <a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2033801938513629423?ref_src=twsrc%5Etfw">March 17, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">

</p>
</blockquote>
<p>इस हादसे के बाद विपक्ष ने निशाना साधते हुए कहा, सरकार को इस पूरे हादसे का संज्ञान लेना चाहिए, यदि कोई व्यक्ति इस हादसे का शिकार हुआ है तो उसे भी जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जाये। दिल्ली वासियों, केंद्र सरकार के अमृतकाल में कदम-कदम पर खतरा है, आपकी जान की हिफ़ाज़त करने की ज़िम्मेदारी आपकी ख़ुद की है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 14:23:31 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>न बैरिकेडिंग थी, न कोई बोर्ड...ग्रेटर नोएडा में प्रशासन की लापरवाही की भेंट चढ़ा 3 साल का मासूम, दर्दनाक मौत</title>
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                        <![CDATA[ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना इलाके के दलेलगढ़ गांव में पानी से भरे गड्ढे में गिरने से तीन साल के एक बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-was-no-barricading-and-no-board-3-year-old/article-143360"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(10)3.png" alt=""></a><br /><p>ग्रेटर नोएडा। दनकौर थाना क्षेत्र के दलेलगढ़ गांव में शनिवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां तीन वर्षीय मासूम देवांश की पानी से भरे खुले गड्ढे में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब बच्चा अपने परिवार के साथ गांव के पास एक मंदिर में आयोजित भंडारे में शामिल होने गया था।</p>
<p><strong>लापरवाही की भेंट चढ़ा मासूम</strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार, देवांश अपनी मां अंजलि के साथ बुलंदशहर से अपने ननिहाल आया था। मंदिर के पास खेलते समय वह अचानक फिसलकर बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरा। जब तक परिजनों ने उसे बाहर निकाला, तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।</p>
<p><strong>अथॉरिटी के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश</strong></p>
<p>ग्रामीणों ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सेक्टर-150 में हुई हालिया दुर्घटना, जिसमें एक इंजीनियर की मौत हुई थी, के बाद भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। कई बार शिकायत करने के बावजूद खुले गड्ढों को न तो भरा गया और न ही वहां कोई सुरक्षा घेरा बनाया गया।</p>
<p><strong>प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल</strong></p>
<p>बारिश के बाद इन गड्ढों का जानलेवा बनना जारी है। गांववालों ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। फिलहाल, बच्चे की मौत से परिवार में मातम पसरा है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 14:01:11 +0530</pubDate>
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                <title>दिल्ली में भीषण सड़क हादसा: गड्ढे में बाइक गिरने से शख्स की मौत, सिस्टम की लापरवाही आई सामने</title>
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                        <![CDATA[जनकपुरी में सड़क पर बने गड्ढे में गिरने से बाइक सवार की मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर लापरवाही की जांच शुरू की।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/horrific-road-accident-in-delhi-man-dies-after-bike-falls/article-142134"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(2)5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में सिस्टम की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक बाइक सवार गड्ढे में गिर गया जिसके कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहां पर मौजूद लोगों ने इसके बारे में पुलिस का सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।</p>
<p>इससे पहले नोएडा में भी इसी तरह की लापरवाही का मामला सामने आया था, जिसमें एक इंजीनियर की मौत हो गई थी। फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 12:18:28 +0530</pubDate>
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                <title>बड़ा हादसा टला: भरतपुर के डीग पंचायत समिति भवन में छत से मलबा गिरा, कर्मचारी बाल बाल बचे,</title>
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                        <![CDATA[डीग जिले के कुम्हेर में पंचायत समिति भवन की छत का हिस्सा गिरा। कर्मचारी बाल-बाल बचे। पहले भी हादसा हो चुका, कर्मचारियों ने जर्जर भवन पर आक्रोश जताया।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/major-accident-averted-employee-narrowly-escapes-as-debris-falls-from/article-141114"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(16)2.png" alt=""></a><br /><p>भरतपुर। राजस्थान में डीग जिले के कुम्हेर में बुधवार सुबह भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र पंचायत समिति में छत की लेंटर के एक बड़े हिस्से का मलबा गिर गया, हालांकि वहां मौजूद कर्मचारी बाल बाल बच गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार पंचायत समिति में कर्मचारी अपने कक्षों में कार्य में लीन थे उसी दौरान छत से लेंटर का मलबा गिर गया। </p>
<p>इस पर डरे सहमे कर्मचारियों ने दौड़ भागकर भवन से बाहर आकर राहत की सांस ली। भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र पंचायत समिति में कार्यरत कर्मचारियों में इस घटना के बाद आक्रोश है। उनका कहना है कि गत वर्ष 18 अगस्त को भी भवन के एक हिस्से से छत की लेंटर के एक बड़े हिस्से का ढेर सारा मलबा गिर गया था/ उस समय  भी कर्मचारी बालबाल बचे थ। </p>
<p>उन्होंने कहा कि इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा और कर्मचारियों के जीवन से खिलवाड किया जा रहा है। और कर्मचारी इस क्षतिग्रस्त भवन में अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 18:30:28 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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            <item>
                <title>चादर को बनाया रस्सी और फिर....कन्नौज जेल से 2 कैदी पुलिस को चकमा देकर हुए फरार, जानें पूरा मामला</title>
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                        <![CDATA[कन्नौज में पास्को एक्ट के तहत बंद दो कैदी, अंकित और डिम्पी, चादर की रस्सी की मदद से ऊंची दीवार फांदकर जेल से भाग निकले। प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कर तलाश शुरू की।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-sheet-was-converted-into-a-rope-and-two-prisoners/article-138561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/uttar-pradesh-jail.png" alt=""></a><br /><p>कन्नौज। उत्तर प्रदेश के कन्नौज से एक चौकाने वाला और लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां कैदियों ने जेल से निकलने का अनोखा ही तरीका अपनाया है। बताया जा रहा है कि यहां कैदियों ने चादर से रस्सी बनाई और ऊंची दीवारों को फांदकर जेल से फरार हो गए। इस मामले में जिला न्यायाधीश आशुतोष मोहन ​​अग्निहोत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि फरार कैदियों की पहचान अंकित और डिम्पी के रूप में हुई है और दोनों ही पास्को के मामले में जेल में बंद थे।</p>
<p>फिलहाल, इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जेल से इस तरह कैदियों के फरार होने के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 13:11:12 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>असर खबर का - अब नहीं गिरेगा कचरा, तिरपाल ढककर निकलने लगे कचरे के डम्पर</title>
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                        <![CDATA[15 से 16 डम्पर कचरा रोजाना ट्रेचिंग ग्राउंड भेजा जाता है। 
]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news-report---no-more-garbage-spilling--garbage-dumpers-are-now-leaving-covered-with-tarpaulin/article-131297"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(9).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा उत्तर क्षेत्र में कचरा परिवहन कर रहे डम्परों से अब कचरा सड़क पर नहीं गिरेगा। ऐसा डम्परों में कचरे को तिरपाल से ढककर ले जाने से हो रहा है। नगर निगम कोटा उत्तर का कचरा ट्रांसफर स्टेशन थेगड़ा में है। वहां वार्डों से आ रहे कचरे को डम्परों में भरकर डीसीएम रोड व सीएडी से होते हुए नांता स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड पहुंचाया जा रहा है। हजारों टन कचरे का यहां से हो रहा परिवहन निगम के द्वारा डम्परों से किया जा रहा है। लेकिन पिछले कुछ समय से डम्परों में कचरे को बिना ढके ही ले जाया जा रहा था। जिससे वह कचरा सड़क पर बिखरने के साथ ही थेगड़ा से नांता तक दुर्गंध भी फेला रहा था। बरसात होने से भीगने पर कचरा दुर्गंध मार रहा था। उस दुर्गंध वाले कचरे को शहर के बीच होते हुए नांता स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड पहुंचाया जा रहा था। </p>
<p>डम्पर के चालक व परिचालकों की लापरवाही का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नगर निगम के इन डम्परों में अब कचरे को तिरपाल से ढककर ही ले जाया जा रहा है।  नगर निगम कोटा उत्तर के स्वास्थ्य अधिकारी मोतीलाल चौधरी ने बताया कि नगर निगम के डम्पर चालकों को पाबंद किया हुआ है कि वे कचरे को  तिरपाल से ढककर ही लेकर जाएंगे। लेकिन वे कई बार लापरवाही बरतने लगते है। अब फिर से सभी को पाबंद कर सख्त निर्देश भी दिए हैं कि कचरा बिना ढके परिवहन नहीं किया जाएगा।  उन्होंने बताया कि थेगड़ा स्थित ट्रांसफर स्टेशन  पर एकत्र होने वाले कचरे को 4 डम्परों की सहायता से ट्रेचिंग ग्राउंड पहुंचाया जा रहा है। यहां से रोजाना हर डम्पर 3 से 4 चक्कर कर रहा है यानि करीब 15 से 16 डम्पर कचरा रोजाना ट्रेचिंग ग्राउंड भेजा जा रहा है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि कचरे का खुले में परिवहन होने का मामला दैनिक नव’योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र के 30 अक्टूबर के अंक में पेज 5 पर‘ थेगड़ा से नांता तक दुर्गंध फ ैला रहे डम्पर’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें इस समस्या और उससे आमजन व  राहगीरों को होने वाली समस्या को उजागर किया था। समाचार प्रकाशित होनेक े बाद निगम अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने डम्पर के चालक व परिचालक और थेगड़ा में निगम के संबंधिर कर्मचारी को निर्देशित व पाबंद किया है कि बिना ढके कचरे का परिवहन नहीं किया जाए। जिससे लोगों को राहत मिलेगी।  शहर से रोजाना करीब 450 से 500 टन कचरा निकल रहा है। जिससे रोजाना ट्रेचिंग ग्राउंड पहुंचाया जा रहा है। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 15:20:59 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 20 - अधिकारियों की अनदेखी से परेशान जनता, जनप्रतिनिधि भी बेबस, मुख्य सड़क टूटी हुई, सफाई व्यवस्था ठप</title>
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                        <![CDATA[वार्ड की सबसे बड़ी समस्या सोगरिया से चंदे्रसल मार्ग की जर्जर सड़क है। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-20---residents-are-troubled-by-officials--negligence--and-public-representatives-are-helpless--the-main-road-is-broken--and-the-sanitation-system-is-stalled/article-129500"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/snnss.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा उत्तर नगर निगम के वार्ड नंबर 20 में टूटी सड़कें, कॉलोनियों में लगे कचरे के ढेर तथा सुलभ कॉम्प्लेक्स के अभाव के चलते रहवासी परेशान है। स्थानीय लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सोगरिया क्षेत्र में सुलभ कॉम्प्लेक्स न होने से लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खुले में शौच की मजबूरी के कारण कई बार लोगों को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है, वहीं स्वच्छ भारत अभियान के दावे इस वार्ड में धराशायी दिखाई देते हैं। वहीं वार्ड की मानसिंह बस्ती में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, जिनसे बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सफाईकर्मी कई-कई दिनों तक नहीं आते, जिससे गलियों में गंदगी फैली रहती है। </p>
<p>नालियां जाम हैं, और बरसात के दिनों में गंदा पानी गलियों में भर जाता है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। वार्ड की सबसे बड़ी समस्या सोगरिया से चंदे्रसल मार्ग की जर्जर सड़क है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ता है। बारिश के बाद सड़क की हालत और भी खराब हो गई है। राहगीरों का कहना है कि कई बार दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों में गिर चुके हैं, लेकिन फिर भी सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />बड़ा सोगरिया, मधुबन कॉलोनी, मानसिंह बस्ती, रोटेदा, चन्दÑेसल आदि क्षेत्र शामिल है।</p>
<p>सड़क इतनी टूटी हुई है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। पिछले दो साल से हम पार्षद और नगर निगम अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन हर बार यही जवाब मिलता है, बनवा देंगे। अब तो लोग इस वादे पर भरोसा ही नहीं करते।<br /><strong>- जसवंत सिंह, वार्डवासी</strong></p>
<p>सुलभ शौचालय नहीं होने से बहुत दिक्कत होती है। बच्चों और बुजुर्गों को खुले में जाना पड़ता है, जो न केवल असुविधाजनक बल्कि असुरक्षित भी है। कई बार पार्षद कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। सफाई और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलना हमारा अधिकार है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि केवल कागजों में विकास दिखा रहे हैं। <br /><strong>- जितेन्द्र दूबे, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड के विकास कार्यों को लेकर मैंने कई बार निगम अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया है, लेकिन सरकार बदलने के बाद से अधिकारियों द्वारा किसी भी स्तर पर सुनवाई नहीं की जा रही है। इसका खामियाजा अब आम वार्डवासी समस्याओं के रूप में भुगत रहे हैं।<br /><strong>- मनोज सैनी, पार्षद</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 15:09:47 +0530</pubDate>
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                <title>सातलखेड़ी में 30 हजार की आबादी बूंद-बूंद पानी को तरस रही, कभी 72 घंटे तक सप्लाई रहती है पूरी तरह ठप </title>
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                        <![CDATA[पीएचईडी विभाग की लापरवाही से हाहाकार। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-30-000-strong-population-of-satalkhedi-yearns-for-every-drop-of-water--with-the-supply-sometimes-completely-disrupted-for-72-hours/article-127980"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(5)9.png" alt=""></a><br /><p>सातलखेड़ी। कोटा जिले का सातलखेड़ी कस्बा इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रहा है। करीब 30 हजार की आबादी वाला यह कस्बा पीएचईडी विभाग की लापरवाही के कारण बूंद-बूंद पानी को तरस रहा है। स्थिति यह है कि यहां कभी 72 घंटे तक सप्लाई पूरी तरह ठप रहती है और कभी नलों से सिर्फ बूंदें टपककर रह जाती हैं। कस्बे की बड़ी आबादी रोजमर्रा के कामकाज के लिए पानी पर निर्भर है। लेकिन सप्लाई बाधित होने से महिलाएं और बच्चे दूर-दूर तक पानी के लिए भटकते नजर आ रहे हैं। त्योहार और गर्मी के मौसम में हालात और गंभीर हो गए हैं।</p>
<p><strong>जिम्मेदारों के सिर्फ आश्वासन</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी हर बार सप्लाई दुरुस्त करने का आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं होता। बैठकों में चर्चा होती है, लेकिन आमजन के घर तक पानी नहीं पहुंच पाता। पानी की किल्लत के चलते लोग गंदे स्रोतों से पानी भरने को मजबूर हैं, जिससे बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा।</p>
<p><strong>क्या बोले लोग</strong><br />अजय वाडिया ने कहा कि हमारा देश विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है, लेकिन गांव और कस्बे तो बुनियादी सुविधाओं से ही वंचित हैं। सातलखेड़ी खैराबाद पंचायत समिति का बड़ा कस्बा है और यहां मजदूर वर्ग की संख्या अधिक है। नल सप्लाई 3-4 दिन में सिर्फ 40 मिनट आती है, जिससे लोग परेशान हैं। कई बार ज्ञापन देने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।</p>
<p>ललित सिसोदिया ने बताया कि कस्बे में नलों से कई दिनों तक पानी नहीं आता। लोग दूर-दूर से हेडपंप से पानी भरकर ला रहे हैं। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, समाधान कोई नहीं।</p>
<p><strong>विभाग की सफाई</strong><br />सातलखेड़ी में पानी की समस्या को दूर करने के प्रयास जारी हैं। कभी पंप खराब होने जैसी तकनीकी वजहों से सप्लाई बाधित होती है, लेकिन जल्द ही स्थिति सुधारी जाएगी।<br /><strong>- सोमेश मेहर, एक्शन, पीएचईडी विभाग। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 17:42:05 +0530</pubDate>
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                <title>लापरवाही : खस्ताहाल सड़क बनी जानलेवा, सड़क पर फैली हुई है गिट्टी व रेत </title>
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                        <![CDATA[सड़क के गड्ढे दूर से दिखाई नहीं देते वाहन चालक गिरकर चोटिल हो जाते है। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--the-dilapidated-road-has-become-fatal--gravel-and-sand-are-spread-on-the-road/article-126915"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(3)1.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर क्षेत्र के बारां मेगा हाइवे व खानपुर कस्बे में प्रसिद्ध मंदिर काली तलाई बालाजी के बीच वाली सड़क पर बहुत बड़े बड़े गड्ढें हो गए है, साथ ही सड़क पर गिट्टी व रेत फैली हुई है। जिसके कारण राहगीरों व कस्बेवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क मार्ग की स्थिति इतनी खस्ताहाल हो गई है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है।  जानकारी अनुसार शुक्रवार रात को दो व्यक्ति सूमर से खानपुर आ रहे थे, उनकी गाड़ी इस खस्ताहाल सड़क पर फिसल गई गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई, गनीमत रही कि चालक को मामूली चोटे आई वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था। सड़क के गड्ढे दूर से दिखाई नहीं देते जिनके कारण वाहन चालक गिरकर चोटिल हो जाते है। खानपुर क्षेत्र में प्रसिद्ध काली तलाई हनुमान का मंदिर है जहां आए दिन श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन के लिए लगी रहती है। श्रद्धालुओं को भी मंदिर तक आने में परेशानी उठानी पड़ती है। इस सड़क मार्ग के पास ही कालीतलाई हनुमान मंदिर में एक नाला अवरुद्ध हो रहा है, जिसका कोई निकास नहीं है उसमें इतनी दुर्गंध आती है कि आने जाने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस गड्ढे के पास ही कृषि उपजमंडी पड़ती है, जहां पर किसानों का माल लेकर आना-जाना लगा रहता है कभी भी ट्रैक्टर ट्रॉली पलटी खा सकती है और उनका माल भी बेकार हो सकता है। दुकानदार व कस्बेवासियों ने मांग की है कि खस्ताहाल सड़क  को जल्द से जल्द दुरूस्त किया जाए तथा जो नाला अवरूद्ध है जिसके कारण गंदगी व दुर्गंध की समस्या है इन सभी समस्याओं क ा निस्तारण कर कस्बेवासियों को राहत दिलाई जाए। </p>
<p>गड्ढे को दिखवा लिया जाएगा और तुरंत एक्शन लेकर इस पर डामरीकरण कर दिया जाएगा।<br /><strong>- एस एन मीणा अधिशाषी अभियंता विभाग खानपुर</strong></p>
<p> यहां बारा रोड पर खानपुर के प्रसिद्ध काली तलाई वाले हनुमान का मंदिर है जहां हर धार्मिक श्रद्धालु आते हैं दुपहिया वाहन से आते हैं जिससे उनको कई बार गिरने का डर लगा रहता है।<br /><strong>- सुरेश बंजारा, कस्बेवासी </strong></p>
<p>इस रोड पर इतना बड़ा गड्ढा हो गया है कि कभी भी बहुत बड़ी दुर्घटना हो सकती है अभी फिलहाल में कल रात्रि को दो एक्सीडेंट हुए । <br /><strong>- रमेश बंजारा, कस्बेवासी  </strong></p>
<p>इस जगह पर दो सड़कें आकर मिलती हैं, खानपुर से अंदर आने वाली सड़क व बारां मेगा हाइवे सड़क दोनों सड़कों पर बड़े बड़े गड्डे हो रहे है जिससे वाहनचालकों व राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। समस्या का समाधान किया जाए। <br /><strong>- विजय गोस्वामी, पुजारी कालीतलाई हनुमान </strong></p>
<p>इस सड़क मार्ग पर कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी है, सड़क पर गिट्टी व रेत फैल गई है जिससे वाहनचालक गिर रहे है। <br /><strong>- सोनू सुमन, कस्बेवासी</strong></p>
<p>कभी भी खस्ताहल सड़क से बड़ा हादसा हो सकता है , सड़क की मरम्मत करवाई जाए। <br /><strong>- चेतन गुर्जर, कस्बेवासी </strong></p>
<p>यह ऐसी सड़क है जिससे कई गांव जुड़े हुए हैं, सुमर दोबडा इसी गांव से होकर गांव वाले व्यक्तियों को आना पड़ता है वाहन चालकों को परेशान होना पड़ता है। <br /><strong>- राजू नागर, कस्बेवासी </strong></p>
<p>कालीतलाई हनुमान के मंदिर के पास नाले की सफाई व निकास व्यवस्था कर दी जाएगी।<br /><strong>- पुखराज मीण,  नगर पालिका आयुक्त खानपुर </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 17:07:15 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 9 -  निगम की अनदेखी, नहीं हो रहे विकास कार्य</title>
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                        <![CDATA[राजनीतिक भेदभाव का खामियाजा भुगत रहे वार्डवासी।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-9---corporation-s-negligence--development-work-not-being-done/article-125905"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/(630-1x-400-px).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। उत्तर नगर निगम का वार्ड संख्या 9 शहर के विकसित और प्रमुख इलाकों में गिना जाता है, लेकिन निगम प्रशासन की अनदेखी के कारण यहां के हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं के अभाव से वार्डवासी रोजाना परेशान हैं, पर जिम्मेदार अधिकारी और पार्षद केवल आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। निगम प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। वार्ड 9 की समस्याएं नई नहीं हैं। पिछले कई महीनों से नालों, सफाई, सुरक्षा और पार्क की दुर्दशा पर शिकायतें उठाई जा रही हैं।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />प्रगति स्कूल, प्रगति नगर, रेल्वे सोसायटी, 80 बीघा प्लॉट, आर के नगर, जय हिन्द नगर, पुलिस लाईन, शिव नगर, गायत्री विहार प्रथम एवं द्वितीय, ए एस पी कार्यालय का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>सुरक्षा के इंतजाम नदारद</strong><br />वार्ड में चोरी की घटनाएं लगातार हो रही हैं। रात के समय स्ट्रीट लाइटों की कमी और सुरक्षा इंतजामों के अभाव में असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायतें दर्ज कराई, लेकिन स्थिति जस की तस है। </p>
<p><strong>आर.के. नगर का पार्क बदहाल </strong><br />आर.के. नगर स्थित पार्क, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए मनोरंजन का एकमात्र साधन है, आज बदहाल स्थिति में है। पार्क में झूले टूटे पड़े हैं, जगह- जगह झाड़ियां उग आई हैं। वहीं चारदीवारी की हालत भी खराब है। नगर निगम की ओर से पार्क की देखरेख के लिए न तो माली लगाया गया है और न ही कोई सफाईकर्मी है।</p>
<p><strong>नालों के खुले ढक्कन और चोरी बने खतरा</strong><br />वार्ड में सबसे बड़ी समस्या खुले पड़े नालों की है। कई जगह नालों के चेम्बर चोरी हो चुके हैं, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए ये खुले गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं, लेकिन निगम की ओर से अब तक उनकी मरम्मत या ढक्कन लगाने का काम हुआ है।<br /><strong>- प्रिती गोयल, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>सफाई व्यवस्था ध्वस्त</strong><br />वार्ड 9 की सफाई व्यवस्था नाममात्र की रह गई है। कई मोहल्लों में नियमित कचरा उठाव नहीं हो रहा। शिव नगर क्षेत्र में नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। इससे बदबू और मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। बरसात के मौसम में हालात और बिगड़ गए हैं, लेकिन सफाईकर्मी समय पर नहीं पहुंचते।<br /><strong>- अब्दुल करीम सबबाग, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>कॉलोनियों में कुत्तों का आतंक </strong><br />वार्ड 9 में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। रात के समय इन कुत्तों के झुंड गलियों में घूमते रहते हैं। कई बार लोगों को काटने की घटनाएं भी सामने आई हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों और सुबह-शाम टहलने निकलने वाले लोग भय का माहौल बना रहता हैं। वार्डवासियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि शहर के बीच बसे इस वार्ड की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। <br /><strong>- आकिब मिर्घा, वार्डवासी </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड में कई विकास कार्य करवाए गए हैं, लेकिन सरकार बदलने के बाद निगम अधिकारियों के भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर आम वार्डवासियों पर पड़ रहा है। <br /><strong>- शीतल प्रकाश मीणा, पार्षद</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Sep 2025 14:56:58 +0530</pubDate>
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                <title>जंगल में गवर्नमेंट गर्ल्स पॉलिटेक्निक कॉलेज, खतरे में छात्राओं की जान</title>
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                        <![CDATA[कक्षाओं की गैलरी की छतों के उखड़े प्लास्टर, सरिए निकले बाहर ।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/government-girls-polytechnic-college-in-the-jungle--lives-of-the-students-in-danger/article-122799"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(2)15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले का एकमात्र गवर्नमेंट गर्ल्स पॉलिटेक्निक कॉलेज घने जंगल से घिरा हुआ है। यह जंगल प्राकृतिक नहीं बल्कि कॉलेज प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। इसमें सांप, बिच्छू, गोयरा सहित जहरीले जीव-जंतुओं की मौजूदगी बनी रहती है। वहीं, बालिकाओं के टॉयलेट भी क्षतिग्रस्त  हैं। खिड़कियां टूट गई, दीवारों में सीलन तो छतों का प्लास्टर उखड़ रहा है। वहीं, कॉलेज में मुख्य विद्युत पैनल खुले पड़े हैं। जिनके पास फर्नीचर का कबाड़ लगा हुआ है। ऐसे में स्पार्किंग होने से आगजनी का खतरा बना रहता है। हालात यह है, कॉलेज कैम्पस में जगह-जगह पानी भरा हुआ है। जिनमें खरतनाक बीमारियों के मच्छर पनप रहे हैं। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्राओं की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। </p>
<p><strong>दीवारों पर उगा पीपल का पेड़, जड़ों से आई दरारें</strong><br />छात्राओं के टॉयलेट की बाहरी दीवार पर पीपल के पेड़ उग गए हैं। जिनकी जड़ों से कॉलेज की पत्थरों की दीवार फट गई। जगह-जगह गहरी दरारें आ रही हैं। जिसे कॉलेज प्रशासन द्वारा अनदेखा किया जा रहा है। ऐसे में दीवार ढहने का खतरा बना रहता है। </p>
<p><strong>गैलरी की छतों का गिरा प्लास्टर, निकले सरिए</strong><br />फर्स्ट फ्लोर पर गैलरी की छतों का प्लास्टर जगह-जगह से गिर गया। सरिए बाहर निकल रहे हैं। जबकि, इस गैलरी में कॉमर्शियल आर्ट ब्रांच की कक्षाएं संचालित होती है। इस गैलरी में छात्राओं की मौजूदगी रहती है। ऐसे में बालिकाओं पर प्लास्टर गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं, पानी पीने के लिए बना स्थान भी दुर्दशा का शिकार है। </p>
<p><strong>बालिकाओं के टॉयलेट बदहाल</strong><br />कॉलेज में ग्राउंड व फर्स्ट फ्लोर पर बालिकाओं के लिए बने सुविधा घर बदहाल हो रहे हैं। दीवारें सीलन से दुर्गंध मार रही है तो छतों का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़ रहा है। वहीं, फर्श भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। टॉयलेट की खिड़कियां टूटी हुई है, जबकि सामने जंगल है। ऐसे में सुविधा घरों में जहरीले जीव-जंतुओं के आने खतरा रहता है।</p>
<p><strong>वाहन स्टैंड के पास लगा गंदगी का ढेर</strong><br />कॉलेज में स्थित वाहन स्टैंड के पास ही कचरे का ढेर लगा हुआ है। दुर्गंघ से छात्राओं का सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। टेक्सटाइल की छात्रा ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कैम्पस से कई दिनों तक कचरा उठता नहीं है। परिसर में ही स्टाफ के लिए क्वार्टर बने हुए हैं। जिनके घरों का कचरा भी यहीं डाला जाता है। वहीं, मुख्य मार्ग के नालों का गंदा पानी भी कैम्पस में ही जमा रहता है। ऐसे में स्टैंड पर वाहन खड़े करने के दौरान छात्राओं का सांस लेना तक दूभर हो जाता है। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 14:41:18 +0530</pubDate>
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                <title>हरिपुरा की 76.54 करोड़ की सड़क, बारिश की भेंट चढ़ी</title>
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                        <![CDATA[र्मचारियों की अनदेखी की वजह से घटिया निर्माण कार्य होने से राहगीरों को परेशानी हो रही हैं।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/haripura-s-road-worth-rs--76-54-crores--has-fallen-prey-to-rain/article-118987"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(2)93.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड़। सार्वजनिक निर्माण विभाग बूंदी की देखरेख में स्टेट हाइवे 125 का निर्माण कार्य चल रहा है। हरिपुरा से रोटेदा तक 54 किलोमीटर दूरी बताई गई हैं, जिसमें हरिपुरा से रायथल तक डामरीकरण से बनाया गया हैं, जिसकी अनुमानित लागत 76.54 करोड़ रुपए बताई गई हैं। जहां स्थानीय लोगों ने टूटे हुए नाले नहीं बदले, निर्माण कार्य में गुणवाहीन सामग्री उपयोग में लेकर घटिया निर्माण कार्य करने का आरोप लगाया है। इस संदर्भ में "दैनिक नवज्योति ने गंभीरता से लेते हुए 27 मार्च अंक में शीर्षक खबर प्रकाशित कि थीं"लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इसे नजरंदाज किया गया हैं। सार्वजनिक निर्माण ने कार्य की अनदेखी नतीजा यह रहा कि मानसून की पहली बारिश में ही सड़क उखड़ने लगीं और कहीं जगह से धंसने लगी है। फुटपाथ पर डाली हुई मिट्टी पानी के साथ बहने लगी हैं, जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा की संभावना बनी हुई है।  क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं, लेकिन सीजन की पहली बारिश में ही सड़क उखड़ने और धंसने लगी है। कर्मचारियों की अनदेखी की वजह से घटिया निर्माण कार्य होने से राहगीरों को परेशानी हो रही हैं। सड़क पर जानलेवा गड्ढा पड़ा है, इससे बचने के लिए यहां कोई सूचना संकेत भी नहीं लगाया गया है। </p>
<p>चौपहिया वाहन परिवार के साथ कोटा से रायथल होकर अखेड़ गांव आ रहा था। नवनिर्मित सड़क पर सड़क धंसने का कोई संकेत नहीं लगा हुआ था। गुवाड़ी से पहले नाले से जैसे ही निकला तो अचानक गड्ढे में गाड़ी उछली और असंतुलित हो गई जिससे बालबाल बच गए।<br /><strong>- बाबूलाल मेघवाल, चौपहिया वाहन चालक</strong></p>
<p>जगह जगह डामर उखड़ने लग गया हैं। साइडों की मिट्टी भी कटकर कर बहने लग गई हैं। जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। यहां दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई हैं।<br /><strong>- दुर्गाशंकर मीणा रायथल </strong></p>
<p>इनका कहना है<br />मेंरी जानकारी में अब आया है। मैं आज ही कनिष्ठ अभियंता को मौके पर भेजकर जानकारी लेता हूं। अभी तो गड्ढे को जीएसबी से मिट्टी डलवाकर भरवाते हैं। <br /><strong>- शुभम जैन, सहायक अभियंता, पी.डब्लू.डी. विभाग बूंदी। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Jun 2025 17:24:19 +0530</pubDate>
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