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                <title> hi tech traffic is monitored in jaipur - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> hi tech traffic is monitored in jaipur RSS Feed</description>
                
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                <title>जयपुर में ट्रैफिक पर हाईटेक पहरा : 47 कैमरों की नजर, नियम तोड़ा तो घर बैठे पहुंच रहा ई-चालान</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में 15 स्थानों पर आईटीएमएस से 24 घंटे निगरानी, हाई स्पीड के 400 से 500 और रेड जम्प के 800-900 हर रोज कटते चालान। जानिए कहां लगे हैं स्पीड और रेड लाइट जम्प की निगरानी वाले कैमरे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hi-tech-traffic-is-monitored-in-jaipur-by-47-cameras-if/article-158621"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/12200-x-600-px)-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर शहर के प्रमुख चौराहों और मागोंर् पर लगाए गए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के 47 हाईटेक कैमरे चौबीसों घंटे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की निगरानी कर रहे हैं। तेज गति, रेड लाइट जंप और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान तकनीक के माध्यम से नियम तोड़ने वाले वाहन सीधे सिस्टम में चिन्हित हो रहे हैं और ऑनलाइन ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। पुलिस उपायुक्तयातायात योगेश गोयल के अनुसार तकनीकी निगरानी का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों में यातायात अनुशासन विकसित करना है। एडीसीपी ट्रैफिक हरिप्रसाद सोमानी ने बताया कि ऑनलाइन निगरानी 24 घण्टे जारी है।</p>
<p><strong>रात में सबसे ज्यादा टूटते हैं नियम</strong><br />आईटीएमएस कैमरों के अनुसार करीब 50 प्रतिशत से अधिक ई-चालान रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच बनाए जा रहे हैं। यह संकेत है कि देर रात सड़कें खाली मिलने पर चालक तेज गति और रेड लाइट उल्लंघन अधिक कर रहे हैं।</p>
<p><strong>कैसे बनता है ई-चालान: पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है।</strong><br />पहला चरण: कैमरा नियम तोड़ने वाले वाहन के नम्बर के आधार पर रिकॉर्ड करता है। <br />दूसरा चरण: एएनपीआर कैमरा वाहन की नंबर प्लेट पढ़ता है।<br />तीसरा चरण: वाहन का विवरण परिवहन विभाग के डेटाबेस से प्राप्त होता है।<br />चौथा चरण: वाहन स्वामी के मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से चालान की सूचना पहुंच जाती है।</p>
<p><strong>किस उल्लंघन पर कितना चालान</strong><br />ओवरस्पीड: 8500 किलोग्राम तक के वाहनों के लिए जुर्माना एक हजार रुपए, 8500 किलोग्राम से अधिक के वाहनों के लिए 2000 रुपए। </p>
<p><strong>दो तरह के होते हैं चालान</strong><br />कम्पाउनडेबल: ओवर स्पीड <br />का चालान कंपाउंडेबल है <br />और इसे 15 दिन के बाद कभी भी जमा कराया जा सकता है। <br />नॉन कम्पाउंडेबल: रेड लाइट जंप का मामला नॉन-कंपाउंडेबल है, यह सीधा कोर्ट जाता है। </p>
<p><strong>जयपुर में कहां-कहां लगे हैं हाईटेक कैमरे तेज गति की निगरानी</strong><br />    पिंजरापोल गौशाला<br />    नेहरू गार्डन<br />    कॉमर्स कॉलेज<br />    सरस पार्लर<br />    पोद्दार कॉलेज<br />    वैशाली नगर<br />रेड लाइट जंप <br />(आरएलवीडी) कैमरे<br />    गवर्नमेंट हॉस्टल<br />    पांच बत्ती<br />    यादगार<br />    न्यू गेट<br />    सांगानेरी गेट<br />एएनपीआर (ऑटोमैटिक नम्बर प्लेट रिकगनीशन)<br />    नेहरू गार्डन<br />    कॉमर्स कॉलेज<br />    वैशाली नगर<br />    पिंजरापोल गौशाला</p>
<p><strong>यदि चालान गलत लगे तो क्या करें।</strong><br />यदि वाहन स्वामी को लगता है कि चालान गलत बना है तो वह चालान कटने का मैसेज आने के 15 दिन तक अपनी शिकायत ई-चालान पोर्टल, लिखित आवेदन, ई-मेल, यातायात कंट्रोल रूम (यादगार) और संबंधित यातायात अधिकारी के पास जाकर दे सकता है। </p>
<p><strong>पुराने नियम क्या कहते थे</strong><br />नोटिस 15 दिन के भीतर भेजा जाता था।<br />चालान के निस्तारण के लिए 45 दिन तक का समय रहता था।<br />समय पर भुगतान नहीं होने पर मामला न्यायालय भेजा जाता था।</p>
<p><strong>अब क्या बदला है 2026 के नए प्रावधान</strong><br />नोटिस जल्दी मिलेगा: अब इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से तीन दिन के भीतर चालान की सूचना भेजी जा सकती है।<br />45 दिन में निर्णय: वाहन स्वामी को 45 दिनों के भीतर या तो चालान स्वीकार कर भुगतान करना होगा, या दस्तावेजों सहित अधिकृत अधिकारी के समक्ष चुनौती देनी होगी। यदि अधिकारी निर्धारित अवधि में आपत्ति का निस्तारण नहीं करता तो संबंधित चालान स्वत: प्रभावहीन माना जा सकता है। यदि अधिकारी चालान को सही मानता है और वाहन स्वामी अदालत जाना चाहता है तो उसे पहले चालान राशि का 50 प्रतिशत जमा करना होगा।</p>
<p><strong>ऑनलाइन चालान जमा नहीं किया तो परेशान</strong><br />यदि निर्धारित समय तक भुगतान या चुनौती नहीं दी गई तो चालान स्वीकृत माना जाएगा। इसके बाद वाहन आरसी संबंधी कार्य, लाइसेंस संबंधी सेवाएं और वाहन से जुड़े अन्य ऑनलाइन कार्य नहीं होंगे। </p>
<p><strong>मोबाइल से नहीं लैपटॉप से करें भुगतान</strong><br />यातायात पुलिस की सलाह है कि ई-चालान जमा करते समय मोबाइल की बजाय लैपटॉप या डेस्कटॉप का उपयोग करना अधिक सुविधाजनक रहता है जिससे भुगतान प्रक्रिया आसानी से पूरी हो सके। </p>
<p><strong>रुकेंगे हादसे</strong><br /> सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना तेज गति पर नियंत्रण रेड लाइट उल्लंघन रोकना  यातायात अनुशासन विकसित करना </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 10:40:56 +0530</pubDate>
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