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                <title>doors - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बायो मेट्रिक मशीन में चेहरा दिखाने पर ही खुलेगा दरवाजा, बाहर से आने वाले लोगों पर होगा नियंत्रण</title>
                                    <description><![CDATA[केडीए की नई बिल्डिंग में लागू हुआ विजिटर्स मैनेजमेंट सिस्टम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/doors-will-only-open-after-showing-their-faces-in-a-biometric-machine/article-143786"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा विकास प्राधिकरण की नई विस्तारित बिल्डिंग स्थित कार्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलने जाने वाले बाहरी लोगों को अब बायो मेट्रिक मशीन में चेहरा दिखाना व अपना नाम पता नोट करवाना आवश्यक होगा। उसके बाद ही प्रवेश द्वार खुलेगा। केडीए की ओर से नई बिल्डिग में बुधवार से विजिटर्स मैनेजमेंट सिस्टम को लागू किया गया है। हालांकि इसका ट्रायल तो पिछले करीब एक सप्ताह से अधिक समय से चल रहा था। उसके सही तरह से काम करने के बाद बुधवार से उसे लागू कर दिया गया।</p>
<p><strong>अंदर जाते व बाहर निकलते समय दिखाने होंगे चेहरे</strong><br />सामान्य तौर पर सरकारी व निजी कार्यालयों में बायो मेट्रिक मशीन का उपयोग वहां काम करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए किया जाता है। लेकिन केडीए की नई बिल्डिंग में इसे कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ ही आमजन के लिए भी लागू किया गया है।बाहरी से आने वाले किसी भी व्यक्ति को यदि अधिकारी व कर्मचारी से मिलना है तो सबसे पहले उन्हें कम्प्यूटराइज बायो मेट्रिक कक्ष में बैठे कर्मचारियों को अपना नाम व मोबाइल नम्बर के साथ ही किससे मिलना है उसकी जानकारी देनी होगी। उसे नोट करने के बाद वहां लगी बायो मेट्रिक मशीन में चेहरा दिखाना होगा। जिससे उस व्यक्ति का पंजीयन होगा।उसके बाद मुख्य प्रवेश द्वार के पास लगी मशीन में भी चेहरा दिखाना होगा। वहां से ओके होने के बाद ही दरवाजा खुलेगा। जिससे अंदर प्रवेश किया जा सकेगा। वहीं कामहोने के बाद वापस बाहर आते समय भी गेट के पास अंदर लगी बायो मेट्रिक मशीन में चेहरा दिखाने पर ही गेट खुलेगा। पहले दिन कार्यालय आए लोग इस सिस्टम को देखकर चौक गए। जबकि अधिकतर ने इसकी सराहना की।</p>
<p><strong>गेट पर आॅटोमैटिक लॉक सिस्टम</strong><br />बिल्डिंग में प्रवेश के लिए एक ही मुख्य प्रवेश द्वार है। उसे बायो मेट्रिक मशीन से जोड़ा गया है। साथ ही उसमें आॅटो मेटिक सिस्टम लगाया गया है। बाय मेट्रिक मशीन में चेहरा दिखाने के बाद ही वह गेट खुलगा। हालांकि वहां दो होमगार्ड को लगाया गया है लेकिन वे केवल व्यवस्था की दृष्टि से हैं।विजिटर्स के लिए प्रवेश की व्यवस्था सुबह 11 से शाम 5 बजे तक ही रहेगी।</p>
<p><strong>कर्मचारियों के लिए बायो मेट्रिक उपस्थिति</strong><br />आम आदमी के लिए जहां विजिटर्स मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। वहीं वहां काम करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए भी बायो मेट्रिक उपस्थिति सिस्टम लागू किया गया है। अधिकारी-कर्मचारियों के भी आते-जाते समय बायो मेट्रिक मशीन से ही उपस्थिति दर्ज होगी।</p>
<p><strong>सीसीटीवी से कवर है पूरा सिस्टम</strong><br />केडीए अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा सिस्टम सीसीटीवी कैमरे से कवर है। जिससे इसमें किसी तरह की और किसी के भी द्वारा कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सके। इसके लिए दो होमगार्ड विशेष रूप से लगाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे सिस्टम का संचालन केडीए कर्मचारियों के द्वारा ही किया जा रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कार्यालय की नई बिल्डिग में इस सिस्टम को लागू किया गया है। वहां की व्यवस्थाएं उसके अनुरूप है। इससे अनावश्यक रूप से कार्यालय में आने वाले लोगों पर रोक तो लगेगी ही। साथ ही बाहर से आने वाले लोगों का रिकॉर्ड भी रहेगा। अधिकारियों व कर्मचारियों की बायो मेट्रिक उपस्थिति तो पुरानी बिल्डिंग में भी है। विजिटर्स मैनेजमेंट सिस्टम का ट्रायल कई दिन से चल रहा था। उसे बुधवार से लागू किया गया है। विजिटर्स सुबह 11 से शाम 5 बजे तक ही प्रवेश कर सकेंगे।<br /><strong>- हर्षित वर्मा, उपायुक्त, कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 15:22:54 +0530</pubDate>
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                <title>उत्तराखंड में बदरीधाम धाम के खुले कपाट </title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। मंदिर में सबसे पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/doors-open-of-badridham-in-uttarakhand/article-9389"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/6546546462.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून। उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। मंदिर में सबसे पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई। मंदिर को ऋषिकेश के दानीदाताओं द्वारा प्रतिवर्ष लाए जाने वाले पुष्पों से सुसज्जित किया गया है।</p>
<p>अब ग्रीष्मकाल के अगले छह माह तक श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शन व पूजा अर्चना बद्रीनाथ मंदिर में कर सकेंगे। सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों एवं जय बद्री विशाल के जयकारों के साथ देश-विदेश से आए 15 हजार से अधिक श्रद्धालु इस बार, कपाट खुलने के साक्षी बने।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 10:57:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नहीं कर पाएंगे केदारनाथ धाम के दर्शन जानने के लिए देखें खब़र</title>
                                    <description><![CDATA[केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल तक के लिए बन्द]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%BC%E0%A4%B0/article-2141"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/kedarnath.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून</strong>। चार धामों में से एक प्रसिद्ध 11वें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट शनिवार को सेना के बैंडबाजों की भक्तिमय धुनों के बीच पूरे विधि विधान से शीतकाल तक के लिए बंद कर दिये गये। ब्रह्म मुहूर्त से कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हुई और प्रात: छह बजे पुजारी बागेश लिंग ने केदारनाथ धाम के दिगपाल भगवान भैरवनाथ जी का आव्हान कर धर्माचार्यों की उपस्थिति में स्यंभू शिव लिंग को विभूति एवं शुष्क फूलों से ढककर समाधि रूप में विराजमान किया। इसके बाद ठीक सुबह आठ बजे मुख्य द्वार के कपाट बंद कर दिये गये। वहीं आज (शनिवार) दोपहर को तीसरे धाम श्री यमुनोत्री के कपाट बन्द किये जायेंगे।</p>
<p><br /> बर्फ की सफेद चादर ओढ़े  केदारनाथ धाम से पंच मुखी डोली ने सेना के बैंड बाजो की भक्तमय धुनों के बीच मंदिर की परिक्रमा कर विभिन्न पड़ावों से होते हुए शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ हेतु प्रस्थान किया। उत्तराखंड के राज्यपाल गुरूमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, पूर्व सांसद मनोहर कांत ध्यानी, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद्र अग्रवाल और चारधाम विकास परिषद पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगाई ने धामों के कपाट बंद होने पर शुभकामनाएं दी। कोरोना काल के बावजूद केदारनाथ धाम यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई तथा चारो धामों में साढ़े चार लाख से अधिक तीर्थ यात्री पहुंचे है।</p>
<p><br /> देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली ने मंदिर की परिक्रमा के बाद जय श्री केदार के उदघोष के बाद पहले पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान किया। कल सात नवम्बर को डोली विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी प्रवास हेतु पहुंचेगी तथा दूसरे दिन आठ नवम्बर को डोली के पंच केदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ विराजमान हो जायेगी। इसी के साथ भगवान केदार नाथ जी की शीतकालीन पूजा शुरू हो जायेंगी। उल्लेखनीय है कि चारधामों में से गंगोत्री धाम के कपाट चार नवम्बर को बंद हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Nov 2021 11:20:15 +0530</pubDate>
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