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                <title>winter - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सर्दी होने लगी गायब : कहीं छाए बादल, कहीं तेज धूप</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम विभाग केन्द्र जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार 13 और 16 फरवरी को एक नया परिसंचरण तंत्र बन रहा है। इसके असर से कुछ जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/winter-started-disappearing-there-were-clouds-at-some-places-and/article-142815"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/cold-relief.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। राजधानी जयपुर सहित अधिकांश जिलों में सर्दी का असर गायब होने लगा है। तापमान लगातार बढ़ रहा है और दिन में तेज धूप अब चुभने लगी है। दिन का पारा जहां 30 डिग्री के आसपास या उससे ज्यादा दर्ज किया जा रहा है तो रात का तापमान भी 15 डिग्री के आसपास या उससे ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है। ऐसे में दिन के साथ ही रात में भी अब गर्मी का अहसास होने लगा है। हालांकि इस बीच राजधानी जयपुर सहित कुछ जिलों में बुधवार मौसम में बदलाव देखने को मिला। कहीं बादल छाए तो कहीं हल्की बारिश हुई। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मौसम विभाग केन्द्र जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार 13 और 16 फरवरी को एक नया परिसंचरण तंत्र बन रहा है। इसके असर से कुछ जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस बीच प्रदेश में बुधवार को चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 31 डिग्री दर्ज किया गया। आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में दिन का पारा 30 डिग्री या उसके नजदीक दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 10:20:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली में सर्दी का सितम : न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज, दृश्यता 50 मीटर से कम</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में सबसे कम और सामान्य से लगभग पांच डिग्री सेल्सियस नीचे है। ठंड का असर पूरी राष्ट्रीय राजधानी में देखने को मिला। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/winter-season-in-delhi-minimum-temperature-recorded-at-23-degrees/article-139685"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(3)17.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में लगातार पांचवें दिन भी शीतलहर की स्थिति बनी रही।  मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान गिरकर 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस इलाके में मौसम का सबसे कम तापमान है। मौसम  विभाग (आईएमडी) के अनुसार पालम में न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो दिल्ली में सबसे कम और सामान्य से लगभग पांच डिग्री सेल्सियस नीचे है। ठंड का असर पूरी राष्ट्रीय राजधानी में देखने को मिला। </p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार आयानगर में न्यूनतम तापमान 2.7 डिग्री सेल्सियस,  लोधी रोड पर 3.4 डिग्री सेल्सियस और रिज में न्यूनतम तापमान 4.5 सेल्सियस दर्ज किया गया। गौरतलब है कि मौसम विभाग वास्तविक न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस या उससे कम हो जाने पर शीतलहर के तौर पर परिभाषित करता है।  यह मानदंड दिल्ली के पांच मौसम निगरानी केंद्र  या बेधशाला में से चार में पूरा हुआ है।राष्ट्रीय राजधानी में ठंडी हवाओं के कारण सर्दी बढ़ गयी है, जिसके कारण सुबह के समय ऑफिस जाने वालों को परेशानी हो रही है। यहां सुबह पूरे शहर में घना से हल्का कोहरा छाया रहा। </p>
<p>मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पालम में दृश्यता एक घंटे के अंदर 200 मीटर से कम होकर 50 मीटर हो गयी।  सुबह छह बजे से 8.30 बजे तक घना कोहरा छाया रहा। सफदरजंग में भी शुरुआत में दृश्यता कम हो गयी और  सुबह छह बजे 400 मीटर से कम होकर 6:30 बजे तक 100 मीटर पर आ गयी।  घना कोहरा होने के कारण, फिर 8:30 बजे तक 200 मीटर रह गयी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 15:48:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली में ठंड का कहर जारी, कोहरे से आज भी कई उड़ानें बाधित, एक्यूआई सबसे खराब श्रेणी में</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली-एनसीआर में शीतलहर और घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित रहा। AQI खराब श्रेणी में, तापमान तीन डिग्री के करीब, कई उड़ानें रद्द और परिवहन बाधित।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cold-havoc-continues-in-delhi-many-flights-disrupted-even-today/article-139265"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/today-delhi-aqi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड़ जारी है और कोहरे के कारण कईं विमान उड़ानें बाधित रही ।राजधानी की हवा की गुणवत्ता सोमवार सुबह भी खराब श्रेणी में बनी रही और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 298 रहा। रविवार को यह 291 था लेकिन शहर के कुछ हिस्सों में सूचकांक बहुत खराब श्रेणी में चला गया, जिसमें पूसा में सबसे ज्यादा 343 दर्ज किया गया।</p>
<p>रविवार रात को शीतलहर का प्रकोप बढऩे से शहर के बड़े हिस्से में कड़ाके की ठंड रही, जिससे न्यूनतम तापमान तीन डिग्री के करीब पहुंच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, आयानगर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां पारा 2.9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। पालम में तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो हाल के वर्षों में सबसे कम तापमान में से एक है। </p>
<p>सफदरजंग में रविवार रात को न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन मौसम विभाग को उम्मीद है कि आज रात यह और गिरकर लगभग तीन डिग्री सेल्सियस हो जाएगा। इस बीच, रिज वेधशाला में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर के कई हिस्सों में घना से हल्का कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी कम हो गई और प्रमुख परिवहन मार्गों पर आवाजाही बाधित हुई।</p>
<p>मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कोहरे की स्थिति प्रभावित मौसम उप-मंडलों के हवाई अड्डों, राजमार्गों और रेलवे मार्गों को प्रभावित कर सकती है, जिसके परिणामस्वरूप ड्राइविंग में मुश्किल हो सकती है, यात्रा का समय बढ़ सकता है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी कि बहुत घने कोहरे से कुछ इलाकों में बिजली की लाइनें ट्रिप हो सकती हैं। इसके अलावा, मौजूदा स्थिति अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी सांस की बीमारियों को बढ़ा सकती है और आंखों में जलन पैदा कर सकती है। इसे देखते हुए विभाग ने जनता के लिए सुरक्षा और स्वास्थ्य सलाह जारी की है।</p>
<p>इस बीच, खराब दृश्यता की स्थिति ने देश के कई हिस्सों में विमान उड़ानों को भी प्रभावित किया। रिपोर्टों के अनुसार, इंडिगो ने सोमवार के लिए निर्धारित 90 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द कर दी हैं। सोशल मीडिया एक्स  पर जारी एक परामर्श में, एयरलाइंस ने लिखा, यात्रा सलाह: चंडीगढ़ में कम दृश्यता और कोहरे के कारण फ्लाइट कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। हम मौसम पर कड़ी नजर रख रहे हैं और आपको सुरक्षित और आसानी से आपकी मंजलि तक पहुँचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप हमारी वेबसाइट या ऐप के जरिए अपनी फ्लाइट के बारे में जानकारी लेते रहें। हम साफ़ आसमान और जल्द ही अपने नियमित कार्यक्रम पर लौटने की उम्मीद करते हैं। आपके धैर्य और समझ के लिए धन्यवाद।</p>
<p>स्पाइसजेट ने भी सोमवार को अपनी निर्धारित उड़ानों के लिए एक परामर्श जारी किया। कंपनी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा था, दिल्ली  ,अमृतसर, जयपुर, लेह, श्रीनगर, जम्मू, धर्मशाला, वाराणसी, अयोध्या, दरभंगा, पटना, बागडोगरा, गोरखपुर, गुवाहाटी, कोलकाता, शिलांग, शिवमोग्गा, हैदराबाद, उदयपुर में खराब मौसम के कारण, सभी प्रस्थान/आगमन और उनकी अगली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी उड़ानों के बारे में जानकारी लेते रहें।</p>
<p>अकासा एयर ने भी एक्स पर एक पोस्ट में मौसम संबंधी अनिश्चितताओं के बारे में अपने यात्रियों को आगाह किया, उत्तरी भारत में कोहरे के कारण, हमारे नेटवर्क में कुछ उड़ानों को पुन:निर्धारित किया गया है। हमें आपके यात्रा प्लान में होने वाली असुविधा के लिए खेद है और हम इस समय आपकी समझ की सराहना करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 17:56:02 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Delhi-NCR में घने कोहरे और प्रदूषण की दोहरी मार, AQI 'खराब', आईजीआई हवाईअड्डे पर उड़ान में देरी</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में सोमवार सुबह घने कोहरे और 262 एक्यूआई (AQI) के साथ वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में रही। कम दृश्यता के कारण आईजीआई एयरपोर्ट पर कई उड़ानें प्रभावित हुईं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/double-whammy-of-dense-fog-and-pollution-in-delhi-ncr-flight/article-138435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/delhi-ncr.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार सुबह घने कोहरे की चादर छायी रही। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई)खराब श्रेणी में बना रहा, जिससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाईअड्डे पर उड़ान संचालन में बाधा आयी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, सुबह आठ बजे तक दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 260-262 रहा और लगातार दूसरे दिन भी यह <br />खराब श्रेणी में बना रहा। कई इलाकों में प्रदूषण स्तर चिंताजनक रहा।</p>
<p>बता दें कि अक्षरधाम में एक्यूआई 294 रिकॉर्ड किया गया, तो आईटीओ में 253-256 दर्ज किया गया। दोनों 'खराब' श्रेणी में हैं। आनंद विहार में ज्यादा खराब देखी गयी, जहां एक्यूआई 320 रहा। इससे यह 'बहुत खराब' श्रेणी में आया। चांदनी चौक सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक था, जहां एक्यूआई 337 रहा। अन्य स्थान जैसे अलीपुर (275), बुराड़ी (216), द्वारका सेक्टर-8 (288) और मुंडका (281) भी 'खराब' श्रेणी में रहे। वहीं, आया नगर (178), बवाना (195), आईजीआई हवाईअड्डा (153), आईआईटी दिल्ली (192), लोधी रोड (182) और एनएसआईटी द्वारका (171) में 'मध्यम' वायु गुणवत्ता स्तर दर्ज किया। घने कोहरे और धुंध से सुबह दृश्यता कम कर दी। इस कारण आईजीआई हवाईअड्डे पर कई उड़ानें देरी से उड़ी। अधिकारियों ने यात्रियों को यात्रा से पहले उड़ान का शेड्यूल जांच करने की सलाह दी है।</p>
<p>सर्दियों के मौसम में कम तापमान, शांत हवाएं और हवा में अधिक नमी के कारण प्रदूषक सतह के पास ही जमा हो गये हैं। इससे वायु गुणवत्ता लंबे समय से खराब बनी हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लगातार बना रहने वाला धुंध बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी वाले लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। दूसरी ओर, हवा की गुणवत्ता में आये सुधार के मद्देनजर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) उप-समिति ने शुक्रवार शाम को दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों से 'स्टेज-3' के प्रतिबंध हटा लिये हैं।</p>
<p>हालांकि, अधिकारियों ने दिल्ली वासियों से मौजूदा ग्रैप ढांचे के स्टेज-एक और स्टेज दो के तहत बताये गये उपायों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है, ताकि वायु गुणवत्ता में और गिरावट न आये। सरकार ने यह भी साफ किया कि उल्लंघन या कानूनी नियमों का पालन न करने के कारण जिन कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन साइटों को बंद करने का आदेश दिया गया है, उन्हें आयोग की स्पष्ट मंजूरी के बिना दोबारा काम शुरू करने की इजाजत नहीं दी जायेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 15:58:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली एनसीआर में कोहरे और प्रदूषण की दोहरी मार, एक्यूआई 'बहुत खराब' श्रेणी में</title>
                                    <description><![CDATA[तेज हवाओं के बावजूद दिल्ली की वायु गुणवत्ता रविवार को 361 तक पहुंच गई। रोहिणी और आनंद विहार सबसे प्रदूषित रहे, जिससे निवासियों को सांस लेने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/double-blow-of-fog-and-pollution-in-delhi-ncr-air/article-138318"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/delhi-pollution.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली के कई इलाकों में रविवार सुबह वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई जबकि तेज हवाएं चलती रहीं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीबीसीबी) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आज सुबह नौ बजे तक कई निगरानी केंद्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर बहुत खराब बना रहा। रोहिणी में एक्यूआई 361, आनंद विहार में 351, चांदनी चौक में 357, वजीरपुर में 343, पंजाबी बाग में 327, आर के पुरम में 320 और आईटीओ में 309 दर्ज किया गया। 301 से 400 के बीच का एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में आता है और इससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।</p>
<p>तेज हवाएं चलने के बावजूद राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है। सुबह में हवाओं से प्रदूषण में थोड़ी कमी आई लेकिन यह कमी एक्यूआई को मध्यम स्तर तक लाने में मददगार साबित नहीं हुई। मौसम विज्ञान विभाग ने कहा, रविवार सुबह न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि दिन में अधिकतम तापमान लगभग 17 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।</p>
<p>सबसे कम दृश्यता सफदरजंग एवं पालम में दर्ज की गई, जहां दृश्यता गिरकर 1,300 मीटर रह गयी। इस बीच, अधिकारियों ने शुक्रवार से प्रदूषण नियंत्रण प्रतिबंधों में ढील दी और वायु गुणवत्ता में अस्थायी सुधार होने के बाद श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना को बंद कर दिया।</p>
<p>पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि स्थिति में सुधार होने के मद्देनजर जीआरएपी पर सीएक्यूएम उप-समिति ने एनसीआर में तत्काल प्रभाव से सभी कार्रवाइयों को रद्द करने का निर्णय लिया है। हालांकि पहले और दूसरे चरण के उपाय लागू रहेंगे। अधिकारियों ने कहा है कि वे स्थिति पर नजदीकी से निगाह बनाए रखे हुए हैं क्योंकि मौसम की स्थिति एवं प्रदूषण का स्तर लगातार बदल रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Jan 2026 14:18:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टाइगर-लॉयन को मल्टी विटामिन तो भालू खा रहा अंडे-पिंड खजूर, सर्दियां आते ही अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में वन्यजीवों का बदला डाइट प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[शाकाहारी वन्यजीवों की मौज, ताजी हरी सब्जियों के साथ मौसमी फलों का उठा रहे लुत्फ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/tigers-and-lions-are-getting-multivitamins--while-bears-are-eating-eggs-and-dates--the-diet-plan-for-wildlife-at-abheda-biological-park-changes-with-the-arrival-of-winter/article-138237"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/tiger-or-lion-multivitamins-to-bhalu-kha-raha-ande-pind-khajoor,-sardiyan-ate-he-abheda-biological-park-mein-vanyajeevon-ka-badala-diet-plan...kota-news-03.01.2026.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सर्दी के तेवर तीखे होने के साथ ही अभेड़ा बायॉलोजिकल पार्क में वन्यजीवों के रहन-सहन व डाइट प्लान भी बदल गया है। सुबह-शाम हो रही गलन व सर्द हवाओं के झौंके से बचाव के लिए वन्यजीव विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं। एनक्लोजर व पिंजरों में वन्यजीवों को गमार्हाट देने के लिए जहां एक ओर हीटर लगाए हैं वहीं, चावल की पराल बिछाई गई है। साथ ही इंफेक्शन से बचाव के लिए हल्दी का छिड़काव भी किया जा रहा है। खुराक भी बढ़ा दी गई है। दरअसल, सर्दियों की दस्तक के साथ ही प्रदेशभर के चिड़ियाघर और बायोलॉजिकल पार्क में वन्यजीवों के डाइट प्लान में बदलाव किया जाता है। जिसके तहत ही सर्दियों का शेड्यूल लागू किया जाता है, जो फरवरी तक जारी रहता है।</p>
<p><strong>शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों की हो रही मौज</strong><br />सर्दियों का शेडयूल लागू होते ही अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों की मौज हो गई। उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। मांसाहारियों को मांस के साथ अंडे, मल्टीविटामिन, मल्टी मिनरल्स, कैल्शियम परोसा जा रहा है। जबकि, शाकाहारी ताजी सब्जियों के साथ पशुआहार, मौसमी फल, गुड़ व अजवाइन का लुफ्त उठा रहे हैं। वहीं, भालू दूध, दलिया, फल, शहद और पिंडखजूर की दावत उड़ा रहे हैं ।</p>
<p><strong>बायोलॉजिकल पार्क में हैं 86 वन्यजीव</strong><br />बायलॉजिकल पार्क में मांसाहारी व शाकाहारी मिलाकर कुल 86 वन्यजीव हैं। मांसाहारी में लॉयनेस- 1, बाघिन- 1, भेड़िया-2, सियार-4, भालू-2, लेपर्ड-4, जरख-4 हैं। इसी तरह शाकाहारी में नीलगाय-16, चिंकारा-2, चितल 39, ब्लैक बक 27 है।</p>
<p><strong>मांसाहारियों के नाइट शेल्टर में लगाए हीटर</strong><br />अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क के वनकर्मियों ने बताया कि सर्दियों की शुरूआत के साथ ही शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभी वन्यजीवों के नाइट शेल्टरों में पर्दें लगवा दिए गए हैं। लॉयनेस, टाइग्रेस, जरख, सियार, भेडिया व भालू के नाइट शेल्टर से 10 फीट की दूरी पर हीटर लगाए गए हैं। साथ ही खिड़कियों पर पर्दे लगाए गए हैं ताकि, सर्द हवाओं से बचाव हो सके।</p>
<p><strong>मांसाहारी वन्यजीवों का डाइट प्लान- </strong>लॉयनेस व टाइगे्रस को 10 किलो मांस के साथ मल्टी विटामिन<br />लॉयनेस व बाघ-बाघिन को 8 किलो पाड़ा मांस और 1 मुर्गा (प्रति एनिमल) दिया जा रहा है। इसके अलावा मल्टी विटामिन, मल्टी मिनरल्स व लीवर टॉनिक व कैल्शियम अलग से दिए जा रहे हैं। यह सप्लीमेंट्स 10 एमएल परडे मांस के टुकड़ों पर मिलाकर दिया जा रहा है। इससे शरीर में ऊर्जा का संचार बेहतर होने के साथ पाचन तंत्र भी मजबूत रहता है।<br /><strong>भेडिया :</strong> 2 किलो प्रति पाड़ा मांस, 1 अंडा सहित मल्टी विटामिन व मिनरल्स दिए जा रहे हैं।<br /><strong>सियार :</strong> 1.25 किलो मांस प्रति सियार, 1 अंडा व सप्लीमेंट्स<br /><strong>जरख :</strong> 3 किलो प्रति एनिमल्स, 1 अंडा व सप्लीमेंट्स</p>
<p><strong>3.5 किलो मांस के साथ कैल्शियम खा रहा पैंथर</strong><br />बायोलॉजिकल पार्क में मांसाहारी वन्यजीवों की डाइट में हैल्दी पोषक तत्व शामिल किए हैं। यहां 4 लेपर्ड हैं। मेल लेपर्ड को 3.5 किलो व फिमेल लेपर्ड को 2.5 किलो मांस प्रतिदिन दिया जा रहा है। इसके अलावा 1-1 अंडा व मल्टी विटामिन व कैल्शियम दिया जा रहा है। इसी तरह सभी 4 सियार को 1.25 किलो के हिसाब से प्रतिदिन 5 किलो मांस परोसा जा रहा है। वहीं, प्रत्येक भेड़िए को 2 किलो के हिसाब से 4 किलो तथा चारों हायना को 3 किलो के हिसाब से 12 किलो मीट प्रतिदिन खिलाया जा रहा है।</p>
<p><strong>ढाई लीटर दूध के साथ अंडे और खजूर खा रहा भालू</strong><br />सर्दियों में सबसे ज्यादा मजे भालू के हैं। यहां 2 भालू हैं, जिसे डाइट में प्रतिदिन 2.5 लीटर दूध के साथ 1 किलो चावल, 1.75 किलो दलिया, 2 अंडे, 200 ग्राम गुड़, 200 ग्राम शहद, 200 ग्राम शहद प्रतिदिन डाइट में दिए जा रहे हैं। साथ ही मल्टीविटामिन, कैल्शियम व मिनरल्स भी दिए जाते हैं।</p>
<p><strong>इंफेक्शन से बचाव के भी किए उपाए</strong><br />बायॉलोजिकल पार्क में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों के एनक्लोजर और नाइट शेल्टरों में हल्दी का छिड़काव किए गए हैं। हल्दी की तासीर गर्म होने के साथ एंटी बायटिक भी रहती है। यदि, उनके शरीर पर कोई चोट लग जाए तो हल्दी लगने से इंफेक्शन नहीं होगा। सर्दियों में वन्यजीवों की साइटिंग होने से पर्यटक रोमांचित हो रहे हैं।</p>
<p><strong>एनक्लोजर में बिछाई पराल</strong><br />शाकाहारियों के नाइट शेल्टर में पराल बिछाई गई है। ताकि, एनिमल के चलने फिरने व बैठने पर फर्श ठंडा न लगे। पराल से शेल्टर में गमार्हाट बनी रहती है। इसके अलावा एनक्लोजर की जालियों व पिंजरों को ग्रीन नेट से कवर किया गया है। ताकि, सर्द हवाओं के झौंकों से बच सके।</p>
<p><strong>हरी सब्जियों के साथ नमक का भी चख रहे स्वाद</strong><br />मांसाहारी वन्यजीवों के मुकाबले शाकाहारियों का डाइट प्लान बड़ा है। उन्हें गाजर, मूली, खीरा, टमाटर, ककड़ी, गोभी, लौकी, पालक, पत्ता गोभी सहित मौसमी सब्जियां, हरा चारा, पशु आहार, फल-फू्रट, गुड़, आजवाइन के साथ मल्टीविटामिन व न्यूट्रिशियन दिए जा रहे हैं। शाकाहारी वन्यजीवों का डाइट चार्ट एक ही है लेकिन डाइट की मात्रा अलग-अलग है। हैल्दी डाइट से सभी वन्यजीव सर्दियों में तंदरुस्त रहेंगे।</p>
<p>सर्दी की शुरूआत होने के साथ ही बायोलॉजिकल पार्क में मौजूद सभी वन्यजीवों की डाइट में परिवर्तन कर दिया है। इन दिनों वन्यजीवों की खुराक बढ़ जाती है। डाइट में जरूरी पोषक तत्वों को शामिल कर जरूरत के मुताबिक उनकी मात्रा में बढ़ोतरी की गई है। वहीं, सर्द हवाओं से बचाव के लिए मांसाहारी वन्यजीवों के नाइट शेल्टर के पास हीटर व शाकाहारियों के शेल्टरों में पराल बिछाई गई है और खिड़कियों पर पर्दे लगाए गए हैं। वैसे तो वन्यजीवों को इस तरह की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि जंगल में तो वह अपने हिसाब से अपना हैबीटाट जैसे-गुफाएं, पेड़ों के नीचे, धूप में बैठकर सर्दी से खुद का बचाव करते हैं। वहीं, अलग-अलग तरह के जानवरों का शिकार करते हैं, जिससे वैराइटिज आॅफ फूड मिल जाता है लेकिन चिड़ियाघरों में इनका एरिया सीमित होता है। इसलिए यह सुविधाएं उपलब्ध करवानी पड़ती है।<br /><strong>-अनुराग भटनागर, डीएफओ वन्यजीव विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Jan 2026 16:31:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूरोप व सेंट्रल एशिया से 10 हजार किमी का सफर कर कोटा पहुंचे विदेशी परिंदे, पक्षियों की चहचहाट से गुलजार हो रहे वेटलैंड</title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी परिंदों को रास आ रही कोटा की आबोहवा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/foreign-birds-have-traveled-10-000-kilometers-from-europe-and-central-asia-to-kota--filling-wetlands-with-their-chirping/article-135158"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(5)7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सर्दी बढ़ने के साथ ही विदेशी परिंदों का हजारों किमी का सफर कर कोटा पहुंचना शुरू हो गया है। इन दिनों शहर के वेटलैंड विदेशी परिंदों की चहचहाट से गुलजार हो रहे हैं। कजाकिस्तान से रूस सहित कई देशों से बड़ी संख्या में पक्षी माइग्रेट कर शिक्षा नगरी की आबो-हवा में परवाज भर रहे हैं। यूरोपियन व एशियाई देशों में बर्फबारी होने से अपने अनुकूल वातावरण व भोजन की तलाश में यह परिंदे सात समंदर पार कर देश के विभिन्न राज्यों में अपना आशियाना बना रहे हैं। वहीं, कोटा के दो दर्जन से अधिक वेटलैंड पर देसी-विदेशी पक्षियों का कलरव चहकने लगा है।</p>
<p><strong>यूरोपियन व सेंट्रल एशियाई देशों से आए पक्षी</strong><br />नेचर प्रमोटर एएच जैदी का कहना है, विदेशी पक्षियों का कारवां यूरोपियन व सेंट्रल एशियाई देशों से कोटा पहुंचे हैं। इनमें कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, साइबेरिया, तिब्बत, नेपाल, हिमालय, स्वजरलैंड, उत्तरी अमेरिका, चीन, रूस सहित करीब एक दर्जन देशों से 10 हजार एयर किमी का सफर कर बड़ी संख्या में मेहमान प्रवास पर आए हैं। वर्तमान में कॉमन कूट, स्पोर्ट बिल परपल, मुरहेंन रुद्दी शेल डक, वाइट आई पोचर्ड, स्पून बिल, सारस क्रेन, बारहेडेड, ओपन बिल स्टोर्क, वाइट आईबीज, ग्लॉसी आईबीज, लेसर विस्लिंग, टील लिटिल ग्रीव, कोरमोरेंट, पौंड हेरॉन, पर्पल हेरॉन दिखायी दे रहे हैं।</p>
<p><strong>इन इलाकों में जमाया डेरा</strong><br />जैदी ने बताया कि शहर व ग्रामीण इलाकों के विभिन्न वेटलैंड देसी विदेशी पक्षियों के कलरव से गूंज रहे हैं। इनमें आलनिया, उम्मेदगंज, अभेड़ा, जोहरा बाई, गोपाल विहार, किशोर सागर दरा, रानपुर व लाखावा तलाब, उदपुरिया, बरधा बांध, गिरधरपुरा, बोराबांस तालाब सहित कई इलाके परिंदों की चहचहाट से गुलजार हो रहे हैं। कोटा की आबोहवा में परवाज भरते परिंदों की अळखेलियां लोगों को आनंदित कर रही है। हाड़ौती का मौसम इन परिंदों के अनुकूल होने से इनकी संख्या में इजाफा हो रहा है।</p>
<p><strong>मार्च तक प्रवास पर रहेंगे यह पक्षी</strong><br />कॉमन कूट, रूडी शेल डक, बार हैडेड गूज, ग्रेलेक गूज, पिनटेल, कॉमन टील, कॉमन पोचार्ड, गार्गेनि टील, गढ़वाल कॉटन टील, इरेशियन करल्यू, स्टेपी ईगल, ब्लू थ्रोट, ग्रेलेक गूंज, ब्लैक स्टॉर्क सहित कई विदेशी परिंदें शामिल हैं। इनके अलावा स्थानीय पक्षियों से भी तालाब गुलजार हो रहे हैं। इनमें लेसर विस्लिंग टील, स्पॉट बिल डक, पेंटेर्ड स्टॉर्क, पर्पल मुरहेंन, इंडियन मुरहेन, वाइट आईबीज, इग्रेट वाटर शामिल हैं। इनका प्रवास मार्च तक रहेगा।</p>
<p><strong>उत्तरी अमेरिका ब्लू थ्रोट, कजाकिस्तान से स्टेपी ईगल</strong><br />बर्ड्स रिसर्चर हर्षित शर्मा ने बताया कि मिस्त्र का राष्ट्रीय पक्षी स्टेपी ईगल और उत्तरी अमेरिका से ब्लू थ्रोट पक्षी भी अच्छी संख्या में नजर आ रहे हैं। वहीं, अलास्का, साइबेरिया व रूस से आए दुर्लभ प्रजाति के ब्लूथ्रोट पक्षियों ने डेरा डाल रखा है। इनके अलावा यूरेशियन कर्लियु, व्हाइट आई पोचार्ड, व्हाइट टेल्ड लैपविग, स्पॉटेड ईगल, मार्श हैरियर, मार्श सैंड पेपर, बूटेड ईगल, रुडी शैल डक भी दस्तक दे चुके हैं।</p>
<p><strong>रेड मुनिया बनी आकर्षण का केंद्र</strong><br />पक्षी प्रेमी शेख जुनैद कहते हैं, अभेड़ा तालाब में कलरफूल पक्षी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में बर्ड्स वॉचर पहुंच रहे हैं। यहां रेड मुनिया, ब्लैक काइट, रेड वेंटेड, बुलबुल साइबेरियन, मुनिया सन बर्ड सहित कई कलरफूल पक्षियों ने अभेड़ा व बायोलॉजिकल पार्क के जंगलों में डेरा जमाया हुए है, क्योंकि यह क्षेत्र जैव विविधता से भरपूर है।</p>
<p><strong>बर्फबारी से बचने व भोजन की तलाश में आते पक्षी</strong><br />शेख बताते हैं, उत्तरी अमेरिका के अलास्का, हिमालयी क्षेत्र और ईस्ट साइबेरिया में अक्टूबर से बर्फबारी शुरू हो जाती है। जिससे बढ़ने वाली तीखी सर्दी से बचने के लिए ये पक्षी ऐसे स्थानों पर आशियाना बनाते हैं, जहां इन क्षेत्रों के मुकाबले ठंड कम रहती है। विदेशी पक्षी तेज सर्दी से बचने को आशियाने की तलाश में यहां आए हैं। इनका प्रवास नवम्बर से शुरू हो जाता है, जो मार्च तक रहता है। इसके बाद यह वापस अपने मुल्क लौट जाते हैं।</p>
<p><strong>बर्ड्स के व्यवहार व हैबीटाट पर बढ़ रहा अनुसंधान</strong><br />पक्षी विशेषज्ञ डॉ. अंशू शर्मा कहती हैं, बर्ड्स पर अनुसंधान लगातार बढ़ रहा है। प्रोजेक्ट वर्क व बर्ड्स वॉचिंग करने बड़ी संख्या में शोधार्थी वेटलैंड पर पक्षियों पर अध्ययन कर रहे हैं। वन्यजीव विभाग द्वारा भी उम्मेदगंज में प्राकृतिक हैबीटाट डवलपमेंट पर कार्य कर रहा है। </p>
<p><strong>इसी एक ही पेड़ पर एक साथ दिखे 12 प्रजातियों के पक्षी</strong><br />सेवानिवृत प्राणीशास्त्र प्रोफेसर डॉ. सुरभि श्रीवास्तव ने बताया कि इन दिनों स्टेशन क्षेत्र में देसी विदेशी परिंदे बड़ी संख्या में नजर आ रहे हैं। हाल ही में एक ही पेड़ पर 12 प्रजातियों के पक्षी एक साथ नजर आए हैं। इनमें 3 प्रजातियों की हैरॉन, 4 प्रजातियों के इग्रेट और 3 प्रजातियों के कोरमोरेंट सहित अन्य पक्षी शामिल हैं। वहीं, कजाकिस्तान व सेंट्रल एशिया से रोजी स्टारलिंग व साइबेरियन स्टोन चैट बर्ड्स भी दिखाई दे रही है। कोटा देसी विदेशी पक्षियों को कोटा की आबोहवा रास आ रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से सौगरिया क्षेत्र में सड़क का काम चल रहा है, शोर अधिक होने से इस एरिया में पक्षियों की संख्या कम हो गई है। सड़क मरम्मत कार्य जल्द करवाया जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 14:30:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा में पड़ेगी भारी सर्दी, पहाड़ों में बर्फबारी व उत्तरी हवाओं का रह सकता है प्रकोप</title>
                                    <description><![CDATA[आने वाले समय में भी यदि अधिकतम तापमान में कमी हुई तो सर्दी अधिक पड़ेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-will-experience-severe-cold--with-snowfall-in-the-mountains-and-possible-northern-winds/article-130950"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(1)31.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । मानसून का सीजन समाप्त होने के बाद अब सर्दी आने वाली है। कोटा शहर समेत संभाग में इस बार सामान्य से अधिक सर्दी पड़ने की संभावना है। सर्दी का असर पहाड़ों में होने वाली बर्फबारी व उत्तरी हवाओं के कारण अधिक रहेगा। जबकि वर्तमान में हुई बरसात का दीर्घकालिक सर्दी पर असर नहीं पड़ेगा। प्रदेश के अधिकतर जिलों के साथ ही कोटा शहर व संभाग के अन्य जिलों में इस बार पिछले सालों की तुलना  में जहां गर्मी सामान्य से अधिक पड़ी। वहीं मानसून भी समय से पहले ही आ गया था। जून के दूसरे सप्ताह में आए मानसून की जोरदार बरसात पूरे सीजन में हुई। जिसके परिणाम स्वरूप कोटा में इस बार औसत से काफी अधिक बरसात हुई। उसे देखते हुए इस बार सर्दी का सीजन भले ही देर से शुरु हो रहा है लेकिन अचानक से तेज सर्दी शुरु होगी। जिसका असर आने वाले सर्दी के सीजन में तीन माह नवम्बर से जनवरी  तक रहेगा। </p>
<p><strong>भूजल स्तर बढ़ने से खत्म हुई उमस</strong><br />इस बार मानसून के सीजन में कोटा में औसत से अधिक बरसात होने व लगातार रिमझिम बरसात का दौर चला। जिससे नदी तालाब व बांध पूरी क्षमता से भर गए। वहीं भूजल स्तर भी बढ़ गया। ऐसे  में जमीन की नमी व उमस खत्म हो गई। जिससे आने वाले समय में ठंडी हवा चलने से मौसम में सर्दी का असर अधिक रहने की संभावना है। </p>
<p><strong>बर्फबारी पर निर्भर करेगी सर्दी</strong><br />मौसम विभाग जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि कोटा समेत प्रदेश में जिस तरह से गर्मी व बरसात का सीजन अच्छा बीता है। उसे देखते हुए अनुमान है कि आने वाला सर्दी का सीजन भी अच्छा ही होगा यानि इस बार सर्दी भी सामान्य से अधिक पड़ सकती है। लेकिन सर्दी का असर पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी व  उत्तरी हवाओं  पर निर्भर करेगा। यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी होती है तो वहां से उठने वाली हवाओं का असर राज्य  पर भी पड़ेगा। यदि बर्फबारी जल्दी हो गई तो सर्दी तेज होगी।  उन्होंने बताया कि वर्तमान में जो पश्चिमी विक्षोभ के असर से बरसात हुई है उसका आने वाले सर्दी के सीजन पर उतना अधिक असर नहीं पड़ेगा। इस बरसात  व बादलों के कारण सर्दी का असर कुछ दिन तो रह सकता है लेकिन इसका दीर्घकालिक असर नहीं रहेगा। अधिकतम तापमान में कमी होने पर सर्दी अधिक होने की संभावना रहती है। जबकि न्यूनतम तापमान कम होने पर भी सर्दी का उतना असर नहीं पड़ता है।  शर्मा ने बताया कि वर्तमान में कोटा में मौसम में हुए बदलाव के चलते अधिकतम तापमान सामान्य से कम बना हुआ है। जिससे सर्दी का असर बढ़ा है। आने वाले समय में भी यदि अधिकतम तापमान में कमी हुई तो सर्दी अधिक पड़ेगी। लेकिन इसका सही आंकलन आगामी 4 से 5 दिन बाद ही लगाया जा सकता है।  </p>
<p><strong>दो दिन की बरसात ने बढ़ाई सर्दी</strong><br />कोटा शहर में तीन दिन पहले तक मौसम में गर्माहट बनी हुई थी। लेकिन जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ और 48 घंटे से अधिक समय तक लगातार बरसात हुई। साथ ही ठंडी हवा चली। उससे मौसम में अचानक से बदलाव हो गया। अधिकतम तापमान में दो दिन में 10 डिग्री की कमी हो गई। साथ ही न्यूनतम तापमान में भी कुछ कमी हुई है। जिससे अचानक से सर्दी बढ़ गई। रात के समय ही नहीं दिन में भी कूलर व पंखे बंद हो गए। अधिकतर लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए। घर से बाहर निकलते ही लोग ठिठुरने लगे। इस ठंडक का असर आने वाले सर्दी के मौसम पर भी नजर आएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 16:04:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत में कड़ाके की सर्दी पड़ने की भविष्यवाणी : ठंडी सर्दियां आने की संभावना बहुत मजबूत, लोग रहे तैयार </title>
                                    <description><![CDATA[ यह विकसित हो रही है और इसका सितम सहने के लिए भारतीय उपमहाद्वीप के लोगों को तैयार रहने को कहा जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-chances-of-cold-winter-in-india-are-very-strong/article-127471"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/6622-copy29.jpg" alt=""></a><br /><p>विशाखापत्तनम। भारत और उसके पड़ोसी देशों में मानसून का सीजन खत्म हो गया है। इस क्षेत्र में सर्दी के मौसम की आमद अब बेहद करीब है। सर्दियों की शुरुआत से पहले ही ये चर्चा शुरू हो गई है कि क्या इस साल बहुत ज्यादा ठंड पड़ने जा रही है। इस चर्चा की वजह ला नीना है। ला नीना नाम की जलवायु परिघटना का इस साल सर्दियों पर सीधा प्रभाव हो सकता है। ला नीना ठंडी जलवायु का प्रतीक है। ला नीना अल नीनो के विपरीत होता है। </p>
<p>इसे अल नीना का ठंडा फेज भी कहा जाता है। यह विकसित हो रही है और इसका सितम सहने के लिए भारतीय उपमहाद्वीप के लोगों को तैयार रहने को कहा जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने कम से कम भारत में इस वर्ष कड़ाके की सर्दी पड़ने की भविष्यवाणी कर दी है। भारत में ला नीना के चलते अधिक ठंडी सर्दियां आने की संभावना बहुत मजबूत है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Sep 2025 10:54:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>350 प्रजातियों के फूलों से महका हार्ट बाजार, पौधों ने मोहा मन </title>
                                    <description><![CDATA[350 प्रजातियों के फूलों की दिलकश प्रदर्शनी ने मोहा मन, परिवार के साथ फूलों की दुनिया से रुबरू हुए शहरवासी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-fragrance-of-flowers-and-the-beauty-of-buds/article-104367"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/news.docx" alt=""></a><br /><p>कोटा। सर्दी की गुनगुनी धूप में खूबसूरत फूलों का साथ मिले तो भला कौन उन्हें निहारना व छूना पसंद नहीं करेगा। वो फूल अगर पिटुनिया, रैनन कुलस, फाइकस आइसलैंड लेंटन हिविस्कर हो तो रंगों से दोस्ती और खुशबू से याराना हो ही जाता है। मन करता है, प्रकृति के रचयिता की इन अनोखी कृतियों को निहारते ही रहें और ढेरों बातें करें। कुछ ऐसा ही नजारा शुक्रवार को किशोर सागर स्थित ग्रामीण हाट बाजार में देखने को मिला। यहां अजब-गजब फूलों का बसा संसार हर किसी को लुभा रहा था। मनमोहक भीनी-भीनी खुशबू मानो, धरती पर स्वर्ग का अहसास करा रही हो। ऐसे दिल को छू जाने वाले नजारे कोटा होर्टिकल्चर सोसायटी की ओर से आयोजित तीन दिवसीय फ्लावर एग्जीबिशन में देखने को मिले। फूलों की प्रदर्शनी में चारों ओर नजर घूमाकर देखें तो दिलकश नजारे जन्नत का अहसास करा रहे थे। पेश है खबर के प्रमुख अंश....</p>
<p><strong>350  प्रजातियों के फूलों से महका हार्ट बाजार</strong><br />कोटा होर्टिकल्चर सोसायटी की ओर से आयोजित एग्जीबिशन के पहले दिन हाट बाजार में 350 प्रजातियों के 7.50 हजार से ज्यादा पौधों की प्रदर्शनी लगाई गई। एक तरफ सैंकड़ों प्रजाति के खूबसूरत एवं सुगंधित फूल बरबस राहगिरों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। यहां पर दुर्लभ पौधे, बोनसाई, औषधीय महत्व के पौधों की प्रदर्शनी के नजारे को दर्शकों ने खूब सराहा।</p>
<p><strong>फूलों से सजे इन वैरायटीज के पौधों ने मोहा मन</strong><br /><strong>- रैनन कुलस :</strong> होर्टीकल्चर सोसायटी के सचिव राजीव अग्रवाल ने बताया कि यहां प्रदर्शनी में अधिकतर विंडर सीजन के पौधे हैं। रैनन कुलस इनमें से एक है। यह इस पौधे की खासियत यह है कि इसमें 25 तरह से अलग-अलग रंग के फूल आते हैं, जो दिखने में गुलाब से भी ज्यादा खूबसूरत होते हैं। <br /><strong>- जिंस पेंट में लगा पिटुनिया रहा आकर्षण का केंद्र :</strong> पुष्प प्रदर्शनी में बेंच पर बैठे होने की मुद्रा में जिंस पेंट में डेकोरेटेड किया गया फूलों से सजा पिटुनिया पौधा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। पिटुनिया प्लांट्स की यहां 30 से 40 तरफ की वैराइटीज देखने को मिली। इसमें अलग-अलग रंगों के दिलकश फूल आते हैं। <br /><strong>- सूर्ख लाल फूलों का गुलदस्ता सालविया :</strong> सोसायटी के सदस्य राज पुनिया ने बताया कि इस पौधे में सूर्ख लाल रंग के गुलदस्तेनुमा फूल आते हैं। सालविया विंटर प्लांट है। यदि, अक्टूबर में लगाएंगे तो सितम्बर से फूल आना शुरू हो जाते हैं। <br /><strong>- स्टॉक फ्लावर :</strong> इस पौधे में 7 से 8 रंग के फूल आते हैं। इसे अक्टूबर में लगाएं तो मार्च मध्य तक फूल आना शुरू हो जाते हैं। इसके सफेद फूल देखने में आकर्षक होते हैं। <br /><strong>- फाइकस आइसलैंड :</strong> यह पौधा पत्थर पर लगा होने से प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रहा। सोसायटी की सदस्य निविदा पारीक ने बताया कि यह पौधा बड़ा होने पर विशाल वृक्ष बनता है और इसका घनत्व अधिक होता है।<br /><strong>- 30 से 45 साल के एडिनियम बोनसाई पौधे :</strong>  प्रदर्शनी में 30 से 45 साल तक के एडिनियम बोनसाई पौधे हैं। इनकी यहां 4 वैराइटियां हैं। इसमें गर्मियों में फूल आते हैं, वह भी एक ही रंग के। इसकी जड़ों व तने के कारण अन्य पौधों से हटकर होता है। <br /><strong>- फाइकस प्लांट्स: </strong>सोसाइटी की मैंबर निविदिता पारीक ने बताया कियह पौधा बड़ा होने पर पीपल या बरगद की तरफ विशालकाय फैलाव लेता है। घनत्व अधिक रहता है।</p>
<p><strong>जापान में वसीयत के रूप में देते पौधे </strong><br />जिस तरह भारत में परिवार के बड़े-बुजुर्ग अपने बच्चों को वसीयत में घर, जमीन व जायदाद देते हैं, उसी तरह जापान में पौधे दिए जाते हैं। यह नेचर के प्रति उनकी दिलचस्पी व जागरूकता को दर्शाता है। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य भी लोगों को पेड़-पौधे और फूलों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। <br />-राजीव अग्रवाल, सचिव कोटा होर्टिकल्चर सोसायटी </p>
<p><strong>350 वैराइटियों के 7.50 हजार से ज्यादा पौधे</strong><br />प्रदर्शनी में कुल 350 प्रजातियों के 7 हजार 500 से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य लोगों को प्रकृति के प्रति अवेयर करना है। सोसायटी के पास बौनसाइ पौधों का अच्छा कलेक्शन है। यहां एडिनियम व केकटस पौधों की कई ज्यादा दुलर्भ प्रजातियां हैं। प्रदर्शनी में अधिकतर विंटर प्लांट्स है। आगामी दिनों में गर्मियों के सीजन में फिर से एग्जीबिशन लगाई जाएगी। जिसमें गर्मियों के सीजन के पौधे लाए जाएंगे। प्रदर्शनी में सुबह से रात 8 बजे तक करीब 15 से 20 शहरवासी शिरकत कर चुके हैं। <br /><strong>-सलीम खान, अध्यक्ष कोटा होर्टिकल्चर सोसायटी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 17:32:26 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>तापमान में बढ़ोतरी के कारण सर्दी का असर कम : शहरों में छाए बादल, बारिश होने की संभावना</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश के अधिकांश शहरों में शनिवार को दिन का तापमान 25 डिग्री के ऊपर दर्ज किया गया वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान माउंट आबू में 6 डिग्री दर्ज किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी के कारण सर्दी का असर कम हो गया है। हालांकि राजधानी जयपुर सहित शेखावाटी इलाकों में शनिवार शाम को अचानक मौसम बदला और हल्के बादल छा गए। मौसम विभाग ने तीन फरवरी से प्रदेश के कुछ शहरों में बादल छाने के साथ ही बारिश की संभावना जताई है। इस बीच सर्दी का असर कमजोर होने के बावजूद कोहरे का असर बना हुआ है। अलवर, करौली, नीमराना, सूरतगढ़ सहित कई इलाकों में शनिवार सुबह भी घना कोहरा रहा। विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई। वहीं राजस्थान में इस सीजन दिसंबर-जनवरी में औसत सर्दी रही। अब फरवरी में भी ठंडक कम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने फरवरी में राजस्थान के अधिकांश हिस्से में तापमान औसत से ऊपर दर्ज होने की संभावना जताई है। वहीं मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने भी प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। साथ ही तीन फरवरी से एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने की संभावना है। इसके प्रभाव से भरतपुर, जयपुर और बीकानेर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बादल छाने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। </p>
<p>प्रदेश के अधिकांश शहरों में शनिवार को दिन का तापमान 25 डिग्री के ऊपर दर्ज किया गया वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान माउंट आबू में 6 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-increase-in-temperature-the-effect-of-winter-is/article-102873</link>
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                <pubDate>Sun, 02 Feb 2025 12:01:36 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में फिर बढ़ा सर्दी का असर : दिन में तापमान में बढ़ोतरी से गर्मी, रात का तापमान गिरने से बढ़ रही सर्दी</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम विभाग ने फरवरी के पहले सप्ताह में एक नया डिस्टर्बेंस आने की भी संभावना जताई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। राजस्थान में सर्दी का असर फिर से बढ़ गया है। दिन में जहां तापमान में बढ़ोतरी से गर्मी का अहसास हो रहा है। वहीं रात का तापमान लगातार गिर रहा है। इसके चलते सीकर के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान सबसे कम एक डिग्री रिकॉर्ड हुआ। सीकर जिले में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री दर्ज किया गया। ऐसे में शेखावाटी इलाकों में रातें फिर से सर्द हो गई हैं। मौसम विभाग ने फरवरी के पहले सप्ताह में एक नया डिस्टर्बेंस आने की भी संभावना जताई है।</p>
<p>मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 29 जनवरी से प्रदेश के अधिकांश इलाकों में सर्दी से और राहत मिलने की उम्मीद है। इसके चलते उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा, जिससे हवाओं की दिशा में बदलाव होगा  और पश्चिमी हवा चलने लगेगी। इससे न्यूनतम तापमान में भी दो से तीन डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। इस बीच मंगलवार को प्रदेश में ज्यादातर इलाकों में दिन का पारा 25 डिग्री के पार दर्ज किया गया। जैसलमेर और जालौर में तो दिन का पारा 30 डिग्री तक पहुंच गया। इधर, राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान बढ़कर 26.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jan 2025 11:28:54 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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