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                <title>Jairam Ramesh Statement - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Jairam Ramesh Statement RSS Feed</description>
                
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                <title>कांग्रेस का केंद्र पर निशाना: ई-20 सरकार की पर्यावरणीय प्राथमिकता नहीं, जयराम ने कहा- सरकार की योजना से जल संकट और खाद्य सुरक्षा पर खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने केंद्र सरकार की ई-20 एथेनॉल नीति की आलोचना करते हुए इसे जल सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। पार्टी का आरोप है कि गन्ना और चावल जैसी अधिक पानी खपत वाली फसलों से एथेनॉल बनाने के कारण भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है। साथ ही चावल पर दी जा रही सब्सिडी पर भी सवाल उठाए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-targets-centre-e-20-is-not-the-environmental-priority-of/article-162145"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/r-20.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने ई-20 ईंधन नीति को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि इसे स्वच्छ ऊर्जा और तेल आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम बताकर जल्दबाजी में पूरे देश में लागू किया जा रहा है लेकिन सच यह है कि इसके जल संसाधनों और खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का समग्र आकलन नहीं किया गया है। कांग्रेस संचार विभाग की प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार को कहा कि भारत में एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ना, धान और मक्का जैसी अधिक पानी की खपत वाली फसलों से होता है, जबकि कई अन्य देश कृषि अवशेषों और अन्य जैविक अपशिष्ट से एथेनॉल तैयार करते हैं। गन्ना और धान देश के कुल सिंचाई जल का लगभग 70 प्रतिशत उपयोग करते हैं। एक लीटर गन्ना आधारित एथेनॉल के उत्पादन में लगभग 3,630 लीटर, चावल आधारित एथेनॉल में 10,790 लीटर तक और मक्का आधारित एथेनॉल में लगभग 4,670 लीटर पानी की आवश्यकता होती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि देश के बड़े हिस्से में भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। नीति आयोग के 2021 के एथेनॉल रोडमैप में भी अधिक टिकाऊ फीडस्टॉक अपनाने की आवश्यकता स्वीकार की गई थी, लेकिन इसके विपरीत केंद्र सरकार एथेनॉल उत्पादन के लिए चावल के उपयोग को सब्सिडी दे रही है। रमेश ने दावा किया कि सरकार ने हाल ही में संसद में स्वीकार किया है कि एथेनॉल डिस्टिलरियों को अपने औसत खरीद मूल्य से लगभग 40 प्रतिशत कम कीमत पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि वास्तव में 'ग्रीन' ईंधन नीति वही होगी जो ईंधन को बढ़ावा देते हुए उसके पूरे पारिस्थितिकीय प्रभाव का भी आकलन करे। पार्टी का आरोप है कि ई20 को बढ़ावा देने के पीछे की प्रेरणा पर्यावरणीय नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 11:43:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ई-20 पेट्रोल पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा, जयराम ने कहा- आम उपभोक्ता पर बढ़ा आर्थिक बोझ, एथेनॉल उत्पादकों को फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ई20 पेट्रोल नीति की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इससे वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि कम माइलेज के कारण जनता ने अतिरिक्त खर्च उठाया है। कांग्रेस ने सरकार से एथेनॉल उत्पादकों को लाभ पहुंचाने के बजाय आम उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-cornered-the-central-government-on-e-20-petrol-jairam-said/article-162092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/jairam.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि केंद्र सरकार ने एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने के नाम पर आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ाकर उनका विकल्प छीन लिया है जबकि इस योजना का सबसे अधिक लाभ एथेनॉल उत्पादकों को मिला है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने बुधवार को यहां एक बयान में कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया था कि एथेनॉल मिश्रण के जरिए डीजल 50 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल का विकल्प 55 रुपये प्रति लीटर तक उपलब्ध कराया जा सकेगा, लेकिन कीमतों में ऐसी कोई कमी देखने को नहीं मिली। इसके विपरीत एक स्वतंत्र विश्लेषण के अनुसार अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच एथेनॉल मिश्रित ईंधन से कम माइलेज की भरपाई करने के लिए उपभोक्ताओं ने सामूहिक रूप से लगभग 88,234 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च किये।</p>
<p>कांग्रेस का कहना है कि यदि ई20 से माइलेज में कमी आती है तो सरकार को इसकी भरपाई के लिए खुदरा कीमत कम करनी चाहिए थी। पार्टी ने दावा किया कि नीति आयोग के एथेनॉल रोडमैप में भी ई10 और ई20 ईंधन पर उपभोक्ताओं को वित्तीय और कर प्रोत्साहन देने की सिफारिश की गयी थी, लेकिन सरकार ने इसके बजाय एथेनॉल उत्पादकों को 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी मंजूर कर दी। पार्टी ने कहा कि ई20 नीति के जरिए सरकार ने आम मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त ईंधन खर्च का बोझ डाल दिया है। जिन लोगों ने वर्षों की बचत करके वाहन खरीदे, उन्हें अब अधिक ईंधन खर्च उठाना पड़ रहा है। कांग्रेस का कहना है कि ई20 कार्यक्रम से यदि किसी वर्ग को सबसे अधिक लाभ हुआ है तो वह एथेनॉल उत्पादकों का है, जबकि आम उपभोक्ता को अपेक्षित राहत नहीं मिली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 18:14:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सियासी तूफान: राम मंदिर चंदा प्रकरण पर कांग्रेस का बड़ा बयान, RSS की टिप्पणी को बताया शर्मनाक</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने अयोध्या राम मंदिर के दान-पात्रों से हुई कथित चोरी को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरएसएस की प्रतिक्रिया को पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि इस महाघोटाले से भक्तों की आस्था छलनी हुई है। कांग्रेस ने मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/political-storm-in-new-delhi-congress-big-statement-on-ram/article-158931"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/jairam-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कहा कि पूरे प्रकरण की जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने रविवार को यहां एक बयान में कहा कि राम मंदिर में' चोरी हुई है और इस पर किसी तरह का कोई संदेह या विवाद नहीं है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बयान को शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जो लोग दूसरों को ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रवाद के प्रमाणपत्र देते थे, वे आज स्वयं रंगे हाथों पकड़े गए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ रुपये के चंदे का गबन और दुरुपयोग किया गया है। इस पूरे मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए तथा सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:56:29 +0530</pubDate>
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