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                <title>Strait Of Hormuz Security - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Strait Of Hormuz Security RSS Feed</description>
                
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                <title>कतर की मध्यस्थता में न्यूयॉर्क में अमेरिका से हुई बातचीत में ईरान ने रखी शर्तें: बघाई</title>
                                    <description><![CDATA[न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के इतर कतर की मध्यस्थता से ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि ईरान ने सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्ति, नौसैनिक नाकाबंदी व आर्थिक प्रतिबंध हटाने और संपत्तियां जारी करने की शर्तें रखी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-raised-conditions-in-talks-with-america-in-new-york/article-166437"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)40.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि न्यूयॉर्क में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक कतर की मध्यस्थता में हुई, जिसमें ईरान ने कूटनीतिक बातचीत फिर शुरू करने के लिए अपनी शर्तें अमेरिकी पक्ष के समक्ष स्पष्ट रूप से रखीं। बघाई ने कहा कि यह बातचीत कतर की मध्यस्थता के जरिए हुई। उन्होंने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिकी पक्ष को अपने विचार और शर्तें 'बहुत स्पष्ट और स्पष्ट रूप से' बताईं।</p>
<p>बघाई के अनुसार, ईरान की शर्तों में सभी मोर्चों पर लड़ाई समाप्त करना, अमेरिका की ओर से किए जा रहे कथित आक्रामक कृत्यों को रोकना, ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी और आर्थिक युद्ध समाप्त करना तथा ईरान की संपत्तियां जारी करना शामिल है। उन्होंने कहा कि ईरान ने पिछले कुछ सप्ताहों में कूटनीति को लेकर अपनी शर्तें और रुख अमेरिका तक पहुंचाया है। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर ईरान का रुख भी शामिल है। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क में ईरानी प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी ने इन मुद्दों को अमेरिकी पक्ष के समक्ष स्पष्ट रूप से रखने का अवसर दिया।</p>
<p>ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच यह बैठक मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से इतर हुई। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर कई देशों के अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया और दुनिया के अन्य हिस्सों में मौजूदा घटनाक्रम पर चर्चा हुई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिये भाषण में ईरान के खिलाफ की गयी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बघाई ने कहा कि ये टिप्पणियां केवल 'दोहराये गये दावे और आरोप' थीं, जो हताशा को दर्शाती हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यहां मौजूद कई देशों के राजनयिकों और प्रतिनिधिमंडलों का भी यही आकलन था कि ये टिप्पणियां ताकत के बजाय हताशा से प्रेरित थीं। बघाई ने कहा कि सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय जमावड़े संयुक्त राष्ट्र महासभा को ऐसी टिप्पणियों के लिए मंच में बदलना, जो 'पूरी तरह गैरकानूनी' और कूटनीतिक मानदंडों के विपरीत हैं, ताकत का संकेत नहीं है। उन्होंने कहा, "किसी देश को सैन्य हमले की धमकी देना अमेरिका में मौजूदा शासन की प्रकृति और अंतरराष्ट्रीय अपराध किए जाने की स्वीकारोक्ति है।"</p>
<p>बघाई ने बताया कि ट्रंप की टिप्पणियों के विरोध में विदेश मंत्री अराघची के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल बैठक से बाहर चला गया। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन का एक राजनयिक सामान्य प्रक्रिया के तहत बैठक में मौजूद रहा और वहां की चर्चा पर नजर रखी। सभी ईरानी प्रतिनिधियों के बैठक से बाहर नहीं जाने के सवाल पर बघाई ने कहा कि ईरानी राजनयिक संयुक्त राष्ट्र में ईरान की सीट को अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए एक मजबूत आधार मानते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र महासभा जैसे मंच पर ईरान की सीट हमारा मजबूत आधार है और निश्चित रूप से यदि हम दूसरों की कठोर, शत्रुतापूर्ण या आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण इस मजबूत आधार को छोड़ देते हैं तो हम अपने दायित्व को पूरा करने में विफल होंगे।" बघाई ने कहा कि ईरानी राजनयिकों का दायित्व है कि वे घटनाक्रम पर नजर रखें और ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में ईरान की मजबूत उपस्थिति बनाये रखें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 17:57:57 +0530</pubDate>
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                <title>अराघची का दावा: होर्मुज़ का हमेशा से रक्षक रहा ईरान, टोल को लेकर सही कह रहे अमेरिकी राष्ट्रपति</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20% शुल्क लगाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा से इस रणनीतिक मार्ग का वैध रक्षक रहा है और अमेरिकी शुल्क बेहद ज्यादा है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/araghchi-claims-iran-has-always-been-the-protector-of-hormuz/article-159834"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/ईरान-के-विदेश-मंत्री.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाल के बयानों का जवाब देते हुए कहा है कि ईरान हमेशा से इस अहम अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का सच्चा और वैध रक्षक रहा है तथा हमेशा रहेगा। अराघची ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा, "अमेरिकी राष्ट्रपति बिल्कुल सही कह रहे हैं।</p>
<p>जो कोई भी होर्मुज़ जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित और महफ़ूज़ गुज़रने की सुविधा देता है, उसे इस सेवा के लिए मुआवज़ा मिलना चाहिये।" उन्होंने आगे कहा, "ईरान हमेशा से इस जलडमरूमध्य का रक्षक रहा है और हमेशा रहेगा। 20 प्रतिशत निश्चित रूप से बहुत ज़्यादा है। हम निष्पक्ष रहेंगे।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 18:39:19 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान-अमेरिका वार्ता अपडेट: स्विट्जरलैंड और कतर के बाद अब पाकिस्तान में होगी अहम बैठक, कूटनीतिक हलचल तेज</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान आगामी 11 जुलाई को अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली उच्च स्तरीय राजनयिक वार्ता के अगले दौर की मेजबानी करने जा रहा है। इस तकनीकी वार्ता में मुख्य रूप से ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने, जब्त संपत्तियों की बहाली और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार के समापन के बाद ईरान अपने आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की घोषणा करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-america-talks-update-after-switzerland-and-qatar-now-an-important/article-158933"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump-and-iran.png" alt=""></a><br /><p>रियाद। अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता का अगला दौर 11 जुलाई को पाकिस्तान की मेज़बानी में होगा। रिपोर्ट में शनिवार को कहा गया कि वार्ता के आगामी दौर में ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों, ईरान की जब्त संपत्तियों और ईरानी परमाणु मसले पर बातचीत होगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का फैसला ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के रियासती जनाज़े के समापन के बाद होगा। उल्लेखनीय है कि ईरान और अमेरिका ने सभी मोर्चों पर जंग रोकने के लिए 18 जून को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे। इसमें लेबनान में युद्धविराम भी शामिल था।</p>
<p>ईरान और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों के बीच 21 जून को पाकिस्तान एवं कतर की मध्यस्थता में उच्च स्तरीय विचार-विमर्श हुआ, जिसके बाद 22 जून को दोनों देशों के बीच स्विट्जरलैंड में तकनीकी वार्ता हुई थी। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने बुधवार को बताया कि कतरी एवं पाकिस्तानी मध्यस्थता के जरिए अमेरिका-ईरान की एक अप्रत्यक्ष वार्ता हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने आने वाले समय में बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 15:09:29 +0530</pubDate>
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