<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/tricycle/tag-81038" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>tricycle - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/81038/rss</link>
                <description>tricycle RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मदद की राह में 90 डिग्री मोड़ से घिसटने को मजबूर 'आमीन'</title>
                                    <description><![CDATA[कागजों पर सुगम्य भारत, दिव्याशा केन्द्र में फर्श पर 62 फीट की यातना!
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-aamin--forced-to-drag-himself-along-the-ground-due-to-a-90-degree-turn-blocking-his-path-to-assistance/article-158996"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एमबीएस अस्पताल परिसर स्थित 'प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र', जिसका उद्देश्य दिव्यांगों के जीवन को सुगम बनाना और उन्हें सहायक उपकरण प्रदान करना है, वहां खुद दिव्यांगों के लिए एक बड़ी परेशानी पैदा हो रही है। केंद्र की दोषपूर्ण एंट्री और रैम्प के कारण, गुरुवार को अपनी इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल की मरम्मत की गुहार लगाने आए दिव्यांग अब्दुल आमीन को जो यातना झेलनी पड़ी, वह सिस्टम की नासमझी व संवेदनहीनता की पोल खोलती है। परिसर स्थित प्रधानमंत्री दिव्याशा केन्द्र पर सहायता के लिए जाने वाले दिव्यांगो मेन एंट्री के लिये बनायें गये रेम्प से ट्राई साईकिल को अन्दर ले जाने में परेशानी के कारण दिव्यांगों को गाडी से उतकर शरीर घिसटते हुए अन्दर तक जाना पड़ रहा है। आम जन बुजूर्ग, खास तौर पर दुर्घटना या जन्मजात विकृतियों से ग्रसित व्यक्तियों के जीवन में सामान्यता लाने व सुविधा हेतु उपकरण वितरित किये जाते है। यहां आने वाले लोगों की डिसएबीलिटी के सर्टिफिकेट, व असेसमेन्ट के आधार पर उन्हे आवश्यक उपकरण दिये जाते है।</p>
<p><strong>90 डिग्री का घुमाव बना मुसीबत</strong><br />अब्दुल आमीन अपनी इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल के पहिये में आए बेंड और टूटे स्पोक (ताड़ियां) की शिकायत करने केंद्र पहुंचे थे। लेकिन, केंद्र के मुख्य द्वार के बाहर बनी रेम्प व 90 डिग्री के तीखे घुमाव ने उनकी राह रोक दी। भारी-भरकम इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल को इस संकरे और मुड़े हुए रास्ते से अंदर ले जाना नामुमकिन था। आमीन ने बताया, पहले भी गाड़ी अंदर ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन बैटरी होने और तीखे मोड़ के कारण वह नहीं चढ़ पाई। बड़ी मुश्किल से किसी की मदद लेनी पड़ी थी। इसलिए अब गाड़ी बाहर सड़क पर ही छोड़कर आता हूँ।</p>
<p><strong>62 फीट घिसट कर लगाई गुहार</strong><br />रोड़ पर गाड़ी खडी करने के बाद अब्दुल ने 62 फीट की दुरी तय की तब जाकर केन्द्र प्रभारी जितेन्द्र कुमार को अपनी परेशानी सुना पाये।तस्वीरें गवाह हैं कि कैसे अब्दुल आमीन, जिनकी ट्राईसाइकिल बाहर खड़ी रह गई, अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए केंद्र की रैम्प पर हाथों के सहारे शरीर को घिसटते हुए आगे बढ़े। यह सफर आसान नहीं था। उन्हें सड़क से 12 फीट लंबी रैम्प, फिर 8 फीट का घुमाव, उसके बाद 22 फीट लंबा हॉल और अंत में इंचार्ज के कमरे तक 20 फीट की दूरी— कुल मिलाकर 62 फीट की दूरी घिसटकर तय करनी पड़ी। सुविधा केंद्र के फर्श पर घिसटता एक दिव्यांग, वहां मौजूद बैरिकेड्स और मुड़ी हुई रैम्प की व्यथा खुद बयां कर रहा था।</p>
<p><strong>आप की परेशानी सुनी, मै स्पोक मंगा दुंगा</strong><br />गाडी में आ रही मैकेनिकल परेशानी व स्पेयर की शिकायत सुनने के बाद केन्द्र प्रभारी ने अब्दुल से थोड़े दिन बाद स्पोक मंगवाने की बात कही स्पोक आने पर दुबारा आने की बात कहते हुए कहा कि यह सब स्पेयर आगे से मंंगाने पडेंगे। यहां हमारे पास तो नये सामान देने की परमिशन है। रिपेयरिंग व स्पेयर आर्डर पर ही आते है।<br /><strong>-अमीत कुमार केन्द्र प्रभारी</strong></p>
<p> मेरी साईकिल के पहिये का बेंड निकलवाने गया तो मिस्त्री बोला की इस साईज के स्पोक मार्केट मे नहीं मिल रहे है आपने जहां से साईकिल ली है वहीं से स्पेयर मंगवाले इसी लिये मै यहां आया था। मेरी गाडी को अन्दर जाने में परेशानी होती है। यह रेम्प सीधा होना चाहिये।<br /><strong>-अब्दुल आमीन, पीडित दिव्यांग</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री दिव्याशा केन्द्र सेन्टर गर्वंमेन्ट का उपक्रम है हमारे कार्यक्षेत्र में नही आता है। फिर भी यदि दिव्यांगो की परेशानी है तो हम बात करेंगें। किसी भी ऑफिस तक व्हील चेयर की पहुंच आसानी से होनी चाहिये।<br /><strong>- कृष्णा सविया संयुक्त निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-aamin--forced-to-drag-himself-along-the-ground-due-to-a-90-degree-turn-blocking-his-path-to-assistance/article-158996</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-aamin--forced-to-drag-himself-along-the-ground-due-to-a-90-degree-turn-blocking-his-path-to-assistance/article-158996</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 14:21:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/1200-x-600-px%29-%282%293.png"                         length="1558260"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        