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                <title>Strait of Hormuz Crisis - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Strait of Hormuz Crisis RSS Feed</description>
                
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                <title>ईरान पर अमेरिका का बड़ा आर्थिक वार: ट्रंप प्रशासन आज लगाएगानए प्रतिबंध; तेल, बैंकिंग और शिपिंग कंपनियां निशाने पर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ 'इकोनॉमिक डी-डे' का ऐलान करते हुए इतिहास के सबसे कठोर वित्तीय प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य ईरान की अर्थव्यवस्था को अलग-थलग करना और उसके तेल व्यापार, वित्तीय संस्थानों और व्यापारिक नेटवर्क को पूरी तरह ठप्प करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/americas-big-economic-war-on-iran-trump-administration-will-impose/article-163776"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी वित्त मंत्रालय सोमवार को ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा करने जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन कई महीनों से जारी सैन्य टकराव और वार्ता में गतिरोध के बीच ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ा रहा है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इन कदमों को 'किसी विरोधी के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय हमला' करार दिया है, जबकि राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान के लिए 'आर्थिक डी-डे' की चेतावनी दी है।</p>
<p>बेसेंट ने कहा कि ताजा कदमों का मकसद ईरानी अर्थव्यवस्था को 'कुचलना' और अपनी सेना तथा क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को वित्तपोषित करने की उसकी क्षमता को कम करना है। उन्होंने रविवार देर रात सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के सैन्य अभियान ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को 'काफी हद तक नष्ट' किया है और उसके परमाणु कार्यक्रम को कमजोर किया है। अब प्रशासन अंतिम चरण में प्रवेश कर रहा है और आर्थिक अभियान सोमवार सुबह से शुरू होगा।</p>
<p>ट्रम्प ने अलग से देशों को चेतावनी दी है कि वे ईरान को कोई आर्थिक 'संजीवनी' न दें। उन्होंने यह निर्दिष्ट किये बिना कि किन देशों को निशाना बनाया जा सकता है, 'अत्यधिक गंभीर आर्थिक परिणामों' की धमकी दी है। नये प्रतिबंध उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य वैश्विक वित्त, व्यापार और राजस्व तक ईरान की पहुंच को निशाना बनाकर उसे रियायतें देने के लिए मजबूर करना है। बेसेंट ने ईरान के साथ आर्थिक संबंध रखने वाले देशों से भी उससे दूरी बनाने का आग्रह किया और कहा कि उन्हें अमेरिका से नतीजों का सामना करने का जोखिम उठाना पड़ सकता है।</p>
<p>इस बीच, ईरान ने अमेरिका के इस अभियान में शामिल होने वाले देशों को चेतावनी दी है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसिन रजाई ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक पाबंदियों में भाग लेने वाले किसी भी देश को 'दुश्मन' माना जायेगा। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि ईरान उन देशों के हितों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है जो अमेरिका से दूरी बनाने से इनकार करते हैं। दोनों घोषणाओं के बावजूद प्रस्तावित आर्थिक कदमों का विस्तृत खाका अभी सामने नहीं आया है। बेसेंट के बयान से संकेत मिलता है कि अभियान में ईरान से तेल खरीदने वाले देशों और संस्थाओं, उसके वित्तीय लेनदेन से जुड़े संस्थानों, बैंकों, शिपिंग कंपनियों तथा अन्य वाणिज्यिक माध्यमों पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाये जा सकते हैं। ये कदम पहले से जारी नौसैनिक नाकाबंदी के साथ लागू किये जा सकते हैं।</p>
<p>इस बीच, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने अमेरिकी दावों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक ओर ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को नष्ट करने का दावा कर रहा है और अब दूसरी ओर उसके खिलाफ इतिहास का सबसे बड़ा वित्तीय अभियान शुरू करने की जरूरत बता रहा है। गरीबाबादी ने कहा, "अगर ईरान की सैन्य क्षमता नष्ट हो चुकी है और उसका परमाणु कार्यक्रम खत्म हो चुका है, तो फिर उसी ईरान के खिलाफ इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय अभियान और अमेरिकी एजेंसियों की पूरी ताकत लगाने की जरूरत क्यों पड़ रही है?"</p>
<p>उन्होंने सवाल किया कि यह अमेरिकी जीत है या फिर अमेरिका की हार की स्वीकारोक्ति। बहरहाल, अमेरिका के ये नये कदम ऐसे समय आये हैं, जब दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने की वार्ता बेनतीजा बनी हुई है और ईरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बाधित कर रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। दशकों के अमेरिकी प्रतिबंधों और संघर्ष के प्रभावों के बाद ईरान पहले से ही गंभीर आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा है। कीमतें आसमान छू रही हैं, क्रय शक्ति घटी है और कुछ आयातित वस्तुओं की किल्लत देखी जा रही है। आगे के प्रतिबंधों से ईरान की मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और भोजन, दवाओं, औद्योगिक आपूर्ति और अन्य आयातों की लागत बढ़ सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि इसका सबसे भारी असर कम आय वाले परिवारों, पेंशनभोगियों और छोटे व्यवसायों सहित आम ईरानियों पर पड़ेगा।</p>
<p>बहरहाल, ईरान ने प्रतिबंधों से बचने के लिए एक व्यापक नेटवर्क तैयार किया है, जिसमें फ्रंट कंपनियां, दलाल, एक्सचेंज हाउस और तेल के परिवहन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शैडो टैंकर बेड़ा शामिल है। इसने चीन के साथ व्यापार को भी गहरा किया है और गैर-डॉलर लेनदेन के उपयोग का विस्तार किया है, जिससे अमेरिका के लिए ईरानी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से अलग-थलग करना मुश्किल हो गया है। विश्लेषकों का कहना है कि ईरान के तेल व्यापार को बड़े पैमाने पर सीमित करने के किसी भी प्रयास के तहत चीनी खरीदारों और वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाने की आवश्यकता हो सकती है, जिससे अमेरिका-चीन के बीच तनाव पैदा हो सकता है।</p>
<p>विश्लेषक हालांकि इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या केवल आर्थिक दबाव ही ईरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर सकता है। ईरान ने वर्षों के प्रतिबंधों को झेला है और अपनी अर्थव्यवस्था को पाबंदियों के अनुकूल ढाला है, जबकि आलोचकों का कहना है कि इसका बोझ अक्सर राजनीतिक रूप से जुड़े संस्थानों की तुलना में आम जनता पर अधिक पड़ा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 18:45:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव: ओमान जाएंगे ईरानी विदेश मंत्री, अमेरिका पर समझौता उल्लंघन का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शनिवार को एक उच्च स्तरीय राजनयिक प्रतिनिधिमंडल के साथ ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचे। अमेरिका के साथ बढ़ते सैन्य तनाव और हालिया हवाई हमलों के बीच, अराघची ओमान के शीर्ष अधिकारियों के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए एक नया समुद्री तंत्र स्थापित करने पर चर्चा करेंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tension-increases-on-the-strait-of-hormuz-iranian-foreign-minister/article-159559"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/minister.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के शनिवार को ओमान की यात्रा पर जाने की संभावना है, जहां वह होर्मुज जलडमरूमध्य तथा व्यापक क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा करेंगे। रिपोर्ट में मामले से परिचित एक सूत्रों के हवाले से कहा गया कि अराघची एक राजनयिक प्रतिनिधिमंडल के साथ ओमान जाएंगे। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने भी उनकी प्रस्तावित यात्रा की पुष्टि करते हुए बताया कि वार्ता का मुख्य विषय होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति होगा।</p>
<p>यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब विभिन्न पक्ष ठप पड़ चुकी कूटनीतिक प्रक्रिया को फिर से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ समझौता ज्ञापन (एमओयू) अब समाप्त हो चुका है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ वार्ता जारी रहेगी। दूसरी ओर, विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका पर तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित समझौता ज्ञापन के एक प्रावधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने शनिवार तड़के सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “ ईरान ने अब तक अपने वचन का पालन किया है, जबकि अमेरिकी वित्त मंत्री समझौता ज्ञापन के पैरा-9 का उल्लंघन कर रहे हैं।”</p>
<p>समझौता ज्ञापन के नौवें प्रावधान के अनुसार अंतिम समझौता होने तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति बनाये रखेगा, जबकि अमेरिका कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा और क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बल तैनात नहीं करेगा। ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने भी कहा कि यदि अमेरिका समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करता है तो तेहरान ‘पूर्ण रक्षा’ के लिए तैयार है। उन्होंने शुक्रवार को कहा, “हमें अमेरिका पर भरोसा नहीं है। वार्ता के दौरान मैंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति से स्पष्ट कहा था कि हमें आप पर कोई विश्वास नहीं है।”</p>
<p>ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य युद्धविराम प्रयासों में प्रमुख बाधा बनकर उभरा है। ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के कुछ हिस्सों पर अपना नियंत्रण जताता रहा है और इस सप्ताह की शुरुआत में वहां से गुजर रहे जहाजों पर गोलीबारी भी की थी। इसके जवाब में अमेरिका ने कई दिनों तक ईरानी ठिकानों पर सैन्य हमले किये। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान इस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण स्थापित नहीं कर सकता, लेकिन समझौता ज्ञापन में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इसके बजाय इसमें केवल इतना कहा गया है कि ईरान वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यक व्यवस्था करेगा और जलमार्ग के भविष्य के प्रशासन को लेकर ओमान के साथ विचार-विमर्श करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 18:35:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान के हमलों से बढ़ा तनाव: ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री ने कहा, पश्चिम एशिया में संघर्ष विराम ही क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य हमलों पर गहरी चिंता जताते हुए तत्काल युद्धविराम की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस निरंतर जारी संघर्ष से न केवल क्षेत्रीय नागरिकों की जान जोखिम में है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tension-increased-due-to-us-iran-attacks-australian-foreign-minister-said/article-159405"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/पेनी-वोंग.png" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने शुक्रवार को पश्चिम एशिया में संघर्ष विराम की अपील की। उन्होंने अमेरिका और ईरान द्वारा नए हमले किए जाने के बाद इस संघर्ष को खत्म करने की अपील की है। वोंग ने मीडिया को बताया कि दुनिया पश्चिम एशिया के आम नागरिकों और वैश्विक अर्थव्यवस्था के फ़ायदे के लिए इस संघर्ष को खत्म होते देखना चाहती है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "यह निश्चित रूप से कमज़ोर पड़ रहा है और हम लगातार छिटपुट संघर्ष देख रहे हैं।" उन्होंंने कहा "दुनिया वास्तव में चाहती है कि यह संघर्ष विराम बना रहे और मज़बूत हो। दुनिया इस संघर्ष का अंत देखना चाहती है, न केवल इस क्षेत्र के लोगों के लिए, बल्कि इसलिए भी क्योंकि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।" वोंग का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार रात से गुरुवार तक नए हमले हुए, जिससे तनाव और बढ़ गया है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले व्यापारिक जहाज़ों पर ईरान के हालिया हमलों के जवाब में अमेरिका ने पिछले कुछ दिनों में ईरान के अंदर कई ठिकानों पर हमले किए, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ और बुनियादी ढांचे को क्षति पहुँची। ईरान ने इसके जवाब में कुवैत, बहरीन, कतर और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और नागरिक सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए।</p>
<p><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 11:36:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा टकराव: ट्रंप ने खत्म किया ईरान के साथ युद्धविराम, मध्य-पूर्व में बढ़ी जंग की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तीन हफ्ते पुराने युद्धविराम समझौते को पूरी तरह समाप्त घोषित कर दिया है। दोनों देशों के बीच जारी ताजा सैन्य संघर्षों और जवाबी हमलों के कारण वैश्विक तेल बाजार में भारी अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-iran-conflict-escalates-again-trump-ends-ceasefire-with-iran-fear/article-159222"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump1.png" alt=""></a><br /><p>अंकारा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तीन सप्ताह पहले हुए युद्धविराम समझौते को "समाप्त" घोषित करते हुए कहा है कि यह समझौता अब प्रभावी नहीं रहा। इसके व्यावहारिक परिणामों को लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। ट्रंप ने अंकारा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि युद्धविराम समझौता अब खत्म हो चुका है। पिछले महीने उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि संघर्ष जारी रहा तो दोनों पक्षों को "आर्थिक तबाही" का सामना करना पड़ेगा।</p>
<p>युद्धविराम के बावजूद हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई का सिलसिला जारी रहा। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों को 'आदेशों को अनसुना' करने के लिए निशाना बनाया, जबकि अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किये। इन घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गयी।</p>
<p>इन हमलों के बाद ईरान ने भी बहरीन और कुवैत में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ट्रंप इससे पहले समझौते के उस महत्वपूर्ण प्रावधान को भी वापस ले चुके हैं, जिसके तहत ईरान को वैश्विक बाजार में अपना तेल बेचने की अनुमति दी गयी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह अपने वार्ताकारों को ईरान के साथ व्यापक परमाणु समझौते की दिशा में बातचीत जारी रखने की अनुमति देंगे, लेकिन उन्होंने इस प्रक्रिया को "समय की बर्बादी" करार दिया।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:21:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर बढ़ा तनाव: अमेरिकी सेना ने की 80 ठिकानों पर  भीषण एयरस्ट्राइक, ईरान ने लगाया शांति समझौते के उल्लंघन का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों का कड़ा जवाब देते हुए ईरान के खिलाफ भीषण सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना ने अत्याधुनिक हथियारों से ईरान के वायु रक्षा प्रणालियों, तटीय निगरानी केंद्रों और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की 60 से अधिक लड़ाकू नौकाओं सहित 80 से ज्यादा ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tension-increased-again-in-the-strait-of-hormuz-america-attacked/article-159180"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/hormuz.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर कथित हमलों के जवाब में ईरान पर कई हमले किए है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने मंगलवार रात यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने तुरंत इस हमले की निंदा की और उसके विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को समझौता ज्ञापन के पैराग्राफ एक और दो का गंभीर उल्लंघन बताया।</p>
<p>कमांड ने कल रात एक बयान में कहा, "अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने सात जुलाई को ईरान के खिलाफ आक्रामक हमलों का एक नया दौर पूरा किया। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के हालिया हमलों के तुरंत जवाब में सटीक हथियारों से 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।"</p>
<p>खबरों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास ईरानी वायु रक्षा प्रणाली, तटीय निगरानी प्रणाली, जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, जहाज रोधी मिसाइलों, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की 60 से अधिक छोटी नावों पर हमले किए, ताकि जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को कमजोर किया जा सके। एक अमेरिकी अधिकारी ने यह भी बताया कि ये हमले 10 दिन पहले किए गए हमले की तुलना में चार या पांच गुना अधिक शक्तिशाली थे।</p>
<p>कमांड ने बताया कि ,"ईरान ने हाल ही में जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया था, जिनमें मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला एम/टी अल रेकय्यात (एआई रेकय्यात ), सऊदी अरब के झंडे वाला एम/टी वेद्यान और लाइबेरिया के झंडे वाला एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी शामिल हैं।" ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने मंगलवार को रिपोर्ट दी कि कतरी जहाज 'अल-रेकय्यात' ने अमेरिकी नौसेना की मदद से ओमान मार्ग से जलमार्ग को पार करने की कोशिश की, लेकिन कई चेतावनियों के बाद हमले का शिकार हो गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 14:10:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव : 2 तेल टैंकरों पर हमला, ईरान ने दी समुद्री मार्ग का उपयोग नहीं करने की चेतावनी </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दो वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइलें दागने से अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में तनाव गहरा गया है। ओमान के लिमाह तट के पास हुए इस हमले के कारण एक तेल टैंकर के बाईं ओर भीषण आग लग गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/attack-on-oil-tanker-near-the-strait-of-hormuz-iran/article-159091"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/hormuz.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दो वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइलें दागी। इससे पहले ईरान ने जहाजों को ओमान के पास अमेरिका द्वारा स्वीकृत लेकिन ईरान द्वारा अधिकृत नहीं किए गए समुद्री मार्ग का उपयोग नहीं करने की चेतावनी दी थी। आईआरजीसी ने समुद्री रेडियो के माध्यम से जहाजों को चेतावनी दी थी कि हमारी मिसाइलें और ड्रोन आप पर हमला करने के लिए तैयार हैं।</p>
<p>यूनाइटेड मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया कि उसे सूचना मिली है कि ओमान के लिमाह तट से लगभग आठ समुद्री मील पूर्व एक तेल टैंकर के बाईं ओर (पोर्ट साइड) किसी अज्ञात प्रक्षेप्य से हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। इस घटना में हालांकि किसी के हताहत होने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की कोई सूचना नहीं है। ईरान का रुख़ स्पष्ट है कि जहाज़ ईरान के तय समुद्री रास्ते पर नहीं चल रहा था और ओमान के पास जिस अनधिकृत रास्ते का इस्तेमाल किया गया उसकी घोषणा ईरान से बिना तालमेल स्थापित किए हुए की गई थी।</p>
<p>गौरतलब है कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी शर्तें थोपना चाहता है। ईरान ने यह स्पष्ट कहा है कि उसकी मंज़ूरी के बिना कोई भी उसके आस-पास के समुद्री रास्तों का फिर से उपयोग नहीं कर सकता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 18:22:46 +0530</pubDate>
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