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                <title>damaged - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बन्धया बालाजी क्षेत्र में नाली जाम : सड़क क्षतिग्रस्त, आवागमन हो रहा प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[पेयजल योजना के लिए खोदी गई गौरव पथ सीसी सड़क खराब मरम्मत के कारण फिर उखड़ गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/drainage-clogged-and-road-damaged-in-the-bandhya-balaji-area--traffic-movement-affected/article-157576"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(7)8.png" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। कस्बे के बंधया बालाजी मंदिर के पास नाली जाम होने और पुराना बाजार मार्ग पर गौरव पथ सीसी सड़क की खराब हालत को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर के समीप नाली में कचरा और गंदगी जमा होने से पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। इससे आसपास दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी हुई है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।</p>
<p>इसी प्रकार पुराना बाजार मार्ग पर पेयजल योजना के तहत खोदी गई गौरव पथ सीसी सड़क की मरम्मत ठीक से नहीं होने से सड़क फिर से उखड़ गई है। जगह-जगह गड्ढे और उबड़-खाबड़ स्थिति के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दौरान दुर्घटना की संभावना भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से मांग की है कि बंधया बालाजी क्षेत्र में नाली की तत्काल सफाई करवाई जाए तथा पुराना बाजार मार्ग की क्षतिग्रस्त सड़क का मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और आवागमन सुचारू हो सके।</p>
<p><strong>प्रशासक की जुबानी</strong><br /> मामला मेरी जानकारी में आ कार्य करवा दिया जाएगा। गया हैं। अगले दो दिन के अंदर सफाई<br /><strong>- बजरंग लाल मेघवाल, प्रशासक, अरनेठा </strong></p>
<p><strong>यह कहा अधिकारी ने</strong><br /> मैं पुराने बाजार गौरव पथ का निरीक्षण कर लेती हूं। धरातल की स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।<br /><strong>- खुशबू मीणा, जेईएन केशोराय पाटन</strong></p>
<p> पुराने बाजार सीसी सड़क की जानकारी मंगवा लेते हैं। उसके बाद जो भी आवश्यक होगा उचित प्रयास किया जाएगा। आमजन एवं राहगीरों की किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने देंगे।<br /><strong>- अजय गहलोत, एईएन, पीएचडी विभाग, केशोराय पाटन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:03:28 +0530</pubDate>
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                <title>बरसात से पहले ही सड़कों का हुआ बुरा हाल, पानी भरने पर रहेगा हादसों का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[कहीं गड्ढे हैं तो कहीं सड़कें खुदी पड़ी हैं, वहीं सीवरेज कार्य के बाद कई सड़कों की मरम्मत भी अधूरी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-in-poor-condition-even-before-the-monsoon/article-157558"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(8)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>दृश्य एक:</strong> जयपुर गोल्डन से ज्वाला तोप की तरफ जाने वाले रास्ते पर सरोवर टॉकीज के सामने मंदिर के पीछे तालाब के सहारे की सड़क पर इतने अधिक गड्ढ़े हो रहे हैं कि वहां से निकलने वाले वाहन हिचकोले खा रहे हैं। विशेष रूप से दो पहिया वाहनों का यहां संतुलन बिगड़ रहा है। जिससे रोजाना कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।</p>
<p><strong>दृश्य दो:</strong> एरोड्राम सर्किल पर अंरडपास के ऊपर की सड़क जो झालावाड़ हाइवे रोड है। यहां से दिनभर बड़ी संख्या में और तेजी से वाहन निकल रहे हैं। वह सड़क बीच से बदहाल हो रही है। जिससे वहां से गुजरने वाले वाहनों के गड्ढ़ों से बचकर निकलने के कारण कई बार वाहन आपस में टकरा रहे हैं। ऐसे में हादसे का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>दृश्य तीन:</strong> डीसीएम रोड स्थित इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र में एक सड़क का बीच से काफी बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो रहा है। ऐसे में वहां से दो पहिया वाहन ही नहीं चार पहिया वाहनों तक को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों को इन गड्ढ़ों से बचकर निकलना पड़ रहा है।</p>
<p>ये तो उदाहरण मात्र हैं शहर की सड़कों के बदहाली को बताने के लिए। ऐसी कई अन्य सड़कें व मुख्य मार्ग हैं जहां बरसात से पहले ही सड़कों की हालत खराब हो रही है। कहीं गड्ढ़े हो रहे हैं तो कहीं सड़कें खुदी पड़ी है। कहीं सीवरेज के लिए खोदी गई सड़कों को सही ढंग से नहीं भरा गया। जिससे सड़कें बीच से धंस गई है। ऐसे में अभी ही उनसे हादसों का खतरा बना हुआ है। जबकि कुछ समय बाद बरसात शुरु होने वाली है। ऐसे में इन गड्ढों व टूटी सड़कों पर पानी भरने से उनका अंदाजा वाहन चालकों को नहीं होने पर इनसे गुजरने वाले वाहनों का संतुलन बिगडऩे पर हादसों का खतरा अधिक होने की संभावना है।</p>
<p><strong>हमेशा होती मरम्मत, फिर भी हालत खराब</strong><br />सरोवर टॉकीज के सामने मंदिर के पीछे वाली सड़क का छोटा सा हिस्सा पिछले कई सालों से बार-बार खराब हो रहा है। संबंधित विभाग द्वारा इसे हर बार सही भी कराया जाता है। लेकिन यह अधिक समय तक नहीं टिक पाता। कुछ समय बाद फिर से वही पुरानी हालत हो जाती है। गत वर्ष भी बरसात में यहां की सड़क खराब होने से इसमें पानी भरने पर वाहनों का संतुलन बिगड़ रहा था। लोगों की परेशानी को देखते हुए इसे सही भी करवा दिया था। लेकिन वर्तमान में फिर वही पुरानी जैसी हालत हो गई है। शुक्रवार को भी इस जगह पर कई वाहनों का संतुलन बिगड़ा। जिससे पीछे से आने वाले अन्य वाहनों को गति धीमी करनी पड़ी। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। बरसात में यहां हादसों की संभावना अधिक है।</p>
<p><strong>सीवरेज के लिए खोदी सड़कों की हालत अधिक खराब</strong><br />शहर में डामर सड़क हो या सीसी अधिकतर की हालत खराब है। लेकिन विशेष रूप से सीवरेज के लिए बीच से खोदी गई सीसी सड़कों की हालत अधिक खराब है। हर सड़क बीच से खुदी हुई है। लाइन डालने के बाद उनकी मरम्मत तो की गई लेकिन सही ढ़ंग से नहीं होने से अधिकतर सड़कों की हालत खराब है। जिससे बरसात में पानी भरने पर वहां गड्ढ़े होने से हादसों का खतरा अधिक है। यह स्थिति किसी एक या दो जगह की नहीं वरन् पूरे शहर की है। फिर चाहे वह छावनी का क्षेत्र हो या धानमंडी का। नयापुरा का क्षेत्र हो या विज्ञान नगर का। विज्ञान नगर मुक्तिधाम से पीएफ ऑफिस के सामने से कॉमर्स कॉलेज तक की सड़क और विज्ञान नगर मुख्य मार्ग की सड़क, नयापुरा मुक्तिमार्ग की सड़क सभी जगह पर ऐसी स्थिति है कि दो पहिया वाहनों का चलना दूभर हो रहा है।</p>
<p><strong>नाले को व्यू कटर से ढका, सड़क बदहाल</strong><br />औद्योगिक क्षेत्र स्थित इंद्रा गांधी नगर में एसएफएस चौराहे से प्रेम नगर की तरफ जाने वाले रास्ते में नाले पर पुलिया बनी हुई है। हाल ही में नगर निगम की ओर से उस पुलिया पर दोनों तरफ दीवार खड़ी कर व्यू कटर लगा दिए। जिससे नाले की गंदगी नजर नहीं आए। लेकिन उस सड़क को सही नहीं किया गया। निगम सूत्रों का कहना है कि यह सड़क केडीए के अधीन है। ऐसे में उस सड़क पर इतने अधिक व बड़े-बड़े गड्ढ़ें हैं कि वहां जरा सी बरसात में ही पानी भर गया। जिससे वाहनों व पैदल ही लोगों को निकलने पर संतुलन बिगडऩे से हादसों का खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>संबंधित विभाग सुधारे सड़कें</strong><br />छावनी निवासी ऐश्वर्य श्रृंगी का कहना है कि नगर निगम हो या केडीए। सड़कों को सही करना इनकी जिम्मेदारी है। कई सड़कें तो सीवरेज लाइनों के कारण खराब हुई है। जिन विभाग के अधीन जो सड़क आती है उसे सही करवानी चाहिए। वरना बरसात में ये सही होंगी नहीं। जिससे लोगों को महीनों तक परेशानी व हादसों का दंश झेलने को मजबूर होना पड़ेगा।</p>
<p>प्रेम नगर निवासी मुकेश जोनवाल का कहना है कि इंद्रा गांधी नगर के इस नाले की पुलिया से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। यहां से कई निजी व सरकारी स्कूलों के ऑटो व वैन भीबच्चों को लेकर जाती है। अभी गर्मी की छुट्टी है जिससे बच्चों के वाहन तो नहीं आ-जा रहे। लेकिन स्थानीय लोग तो निकल ही रहे हैं। अभी से यह हालत है तो बरसात में हालत अधिक खराब होने से हादसों का खतरा बना हुआ है। नगर निगम या केडीए जिस भी विभाग के अधीन सड़क आती है उन्हें बरसात से पहले सही करवाना चाहिए।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />समय-समय पर सड़कों की मरम्मत करवाई जाती है। सीवरेज लाइन डालने के बाद उस सड़क को सही करने की जिम्मेदारी संबंधित संवेदक फर्म की रहती है। फिर भी यदि कहीं सड़कों पर गड्ढ़े हैं तो उनका पता करवाकर सही करवाया जाएगा।<br /><strong>- मुकेश कुमार चौधरी, सचिव कोटा विकास प्राधिकरण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 14:59:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>करोड़ों का राजस्व फिर भी नहीं मिल रहीं सुविधाएं, बंद विश्राम गृह और खराब सीसीटीवी से किसान परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश होने पर उपज भीगने का खतरा, वाटर कूलर बंद, जगह-जगह लग रहे गंदगी के ढेर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/despite-generating-crores-in-revenue--facilities-are-lacking--farmers-distressed-by-a-closed-rest-house-and-non-functional-cctv-cameras/article-157356"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(1)34.png" alt=""></a><br /><p>इटावा। कोटा जिले की ए-ग्रेड कृषि उपज मंडी इटावा हर वर्ष करीब 10 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित करती है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के 500 से अधिक गांवों के किसान यहां अपनी उपज बेचने आते हैं। लेकिन सुविधाओं के अभाव और अव्यवस्थाओं के चलते किसानों, व्यापारियों और पल्लेदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। नालियां कचरे से अंटी पड़ी हैं, जिससे बदबू फैल रही है। कलेवा योजना स्थल के आसपास भी गंदगी के ढेर लगे होने से किसान भोजन करने में असहज महसूस करते हैं। मंडी में लगे अधिकांश सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब पड़े हैं। किसानों और व्यापारियों का आरोप है कि उपज चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं, लेकिन कैमरे बंद होने से चोरों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।</p>
<p><strong>खुले में नीलामी, बारिश में भीगती है उपज</strong><br />समर्थन मूल्य पर खरीद के कारण नीलामी शेड का उपयोग अन्य कार्यों में होने से किसानों की उपज की नीलामी खुले में करनी पड़ती है। इससे गर्मी और बारिश दोनों मौसम में किसानों और व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश होने पर उपज भीगने का खतरा बना रहता है। नीलामी क्षेत्र में पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। जिससे विशेष रूप से महिला किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>बंद पड़ा किसान विश्राम गृह</strong><br />किसानों के ठहरने के लिए बना विश्राम गृह रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुका है और उस पर ताला लगा हुआ है। अधिक आवक के दिनों में किसानों को रात खुले में गुजारनी पड़ती है। वहीं मंडी परिसर मैं लगाए गए वाटर कूलर बंद पड़े हैं। ऐसे में किसानों और मजदूरों को सीधेनल का पानी पीना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>अंधेरे में डूबी मंडी, टूटेे बिजली पोल बने खतरा</strong><br />मंडी में कई स्थानों पर रोड लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय अंधेरा छाया रहता है। बिजली कटौती होने पर जनरेटर की व्यवस्था होने के बावजूद समय पर संचालन नहीं होने से व्यापारियों और किसानों को परेशानी उठानी पड़ती है। कई स्थानों पर बिजली के पोल भी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।</p>
<p><strong>इनका कहना  है</strong><br />जगह-जगह गंदगी फैली हुई है और शौचालय व पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भीउपलब्ध नहीं हैं। <br /><strong>- चंदालाल मीणा, खेड़ली बेरीसाल निवासी</strong></p>
<p>नीलामी खुले में होती है, चारों तरफ गंदगी है और किसानों के लिए विश्राम गृह की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।<br /><strong>- बद्रीलाल नागर, रजोपा निवासी</strong></p>
<p> किसानों को पेयजल औरं शौचालय जैसी सुविधाओं के लिए भी भटकना पड़ता है, जबकि यहां राजस्थान और मध्यप्रदेश के सैकड़ों गांवों के किसान आते हैं।<br /><strong> - राकेश बैरवा, रणोदिया निवासी</strong></p>
<p>मंडी में सफाई,पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है तथा शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती।<br /><strong>- जोधराज गुर्जर, अध्यक्ष, पल्लेदार एसोसिएशन</strong></p>
<p> सीसीटीवी कैमरे खराब होने से चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। नवीन शेड और अन्य सुविधाओं की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन समाधान नहीं हुआ।<br /><strong>- हरिशंकर मंगल, अध्यक्ष, मंडी व्यापार संघ</strong></p>
<p> करोड़ों रुपए की आय के बावजूद किसानों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। <br /><strong>- उमाशंकर नागर, सह जिला प्रचार प्रमुख, भारतीय किसान संघ</strong></p>
<p> मानसून से पहले नालियों की सफाई करवाई जाएगी। मंडी में सफाई कार्य जारी है। पेयजल, शौचालय, सीसीटीवी कैमरे और अन्य समस्याओं का निरीक्षण कर उन्हें जल्द ठीक कराने के प्रयास किए जाएंगे। किसान विश्राम गृह की मरम्मत के लिए बजट प्रस्ताव भी भेजे जा चुके हैं।<br /><strong>- रवि सिंह पंवार, मंडी सचिव</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:19:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का  : पुलिया निर्माण के साथ बायपास बनने से आवागमन हुआ सुगम</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद जागा विभाग, राहगीरों को मिली बड़ी राहत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report---construction-of-culvert-and-bypass-eases-commute/article-151438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(5)19.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेडा। क्षेत्र के बांसी-देई मार्ग पर बांडी खाली नाले पर क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थान पर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा उच्च पुलिया का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। निर्माण के साथ ही संवेदक द्वारा पैदल एवं दोपहिया वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक बायपास मार्ग भी तैयार कर दिया है, जिससे आवागमन सुगम हो गया है।</p>
<p><strong>उच्च क्षमता की नई पुलिया का निर्माण शुरू </strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार गत मानसून सत्र में अतिवृष्टि के कारण दुगारी कनकसागर झील का ओवरफ्लो पानी बांसी तालाब में पहुंचा था। लंबे समय तक तेज बहाव के चलते नाले की छोटी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया था। इस समस्या को देखते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग ने यहां उच्च क्षमता की नई पुलिया का निर्माण शुरू कराया। प्रारंभ में निर्माण स्थल पर वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं होने से राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी। दोपहिया वाहन चालकों को करीब दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही थी।</p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति समाचार पत्र में इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद विभागीय अधिकारियों ने संज्ञान लिया </strong></p>
<p>दैनिक नवज्योति समाचार पत्र में इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद विभागीय अधिकारियों ने संज्ञान लिया और अब निर्माण स्थल के पास ही बायपास मार्ग तैयार कर दिया गया है। इससे पैदल एवं दोपहिया वाहन चालकों को राहत मिली है। वर्तमान में पुलिया निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है और शीघ्र ही पूर्ण होने की संभावना है। इस मार्ग से सीएचसी, विद्यालयों एवं आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। बायपास बनने से सभी को सुविधा मिली है और क्षेत्रवासियों ने इस पहल की सराहना की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:57:29 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : बांसी-भण्डेड़ा मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुलिया की सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू, पुलिया के पास चार से पांच फीट गहरे गड्ढे</title>
                                    <description><![CDATA[बरसात में  पुलिया के ऊपर से पानी गुजरता रहा जिससे सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report--construction-of-protective-wall-for-damaged-culvert-begins-on-bansi-bhandera-road/article-147586"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(3)31.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा।  क्षेत्र में बांसी-भण्डेड़ा मुख्य मार्ग पर स्थित नाले की क्षतिग्रस्त पुलिया की सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा शुरू कर दिया गया है। लंबे समय से यह दीवार क्षतिग्रस्त होने के कारण यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ था। जानकारी के अनुसार दुगारी कनकसागर बांध तथा बांसी तालाब के ओवरफ्लो का पानी इसी नाले से होकर निकलता है। पिछले दो वर्षों से बरसात के दौरान लंबे समय तक पानी का तेज बहाव रहने के कारण पुलिया के ऊपर से पानी गुजरता रहा, जिससे सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई। स्थिति यह थी कि पुलिया के पास चार से पांच फीट गहरे गड्ढे बन गए थे, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। कई बार राहगीर और वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर घायल भी हुए।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने जताया दैनिक नवज्योति का आभार</strong><br />इस समस्या को दैनिक नवज्योति द्वारा प्रमुखता से उठाया गया था। 10 फरवरी और 7 मार्च को प्रकाशित खबरों के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य शुरू करवाया। अब पुलिया की सुरक्षा दीवारों के पुनर्निर्माण और गड्ढों की मरम्मत से क्षेत्रवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने इस पहल के लिए दैनिक नवज्योति का आभार जताया है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:23:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मेज नदी की पुलिया छह माह से क्षतिग्रस्त, पानी से होकर गुजरने पर मजबूर ग्रामीण</title>
                                    <description><![CDATA[सादेड़ा-विषधारी मार्ग अवरुद्ध ,  मेज नदी को पार करना बना जोखिम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/mej-river-culvert-damaged-for-six-months--villagers-forced-to-wade-through-water/article-146812"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(2)19.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के सादेड़ा से विषधारी मार्ग पर मेज नदी की पुलिया पिछले लगभग छह महीनों से क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिससे इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। पुलिया टूटने के कारण राहगीरों और श्रद्धालुओं को तीन से चार फीट पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके संबंधित विभाग अब तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।जानकारी के अनुसार सादेड़ा से संगमेश्वर (समेला) महादेव होते हुए विषधारी जाने वाले मुख्य ग्रेवल मार्ग पर मेज नदी में एक छोटी पुलिया बनी हुई थी। इसी पुलिया के माध्यम से दोनों ओर से आने-जाने वाले ग्रामीण और वाहन चालक आवागमन करते थे। मेज नदी और बेजाण नदी में कम पानी का बहाव होने पर भी इसी पुलिया से पानी निकल जाता था और लोगों को आवागमन में सुविधा रहती थी। गत वर्ष लंबे समय तक हुई बारिश के कारण यह पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिया के क्षतिग्रस्त हिस्से पर गहराई बढ़ जाने से यहां से वाहन निकलना असंभव हो गया है। इसके बाद से ही यह मार्ग अवरुद्ध पड़ा है। अब लोगों को विषधारी पहुंचने के लिए कल्याणपुरा और कालानला होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। पैदल राहगीर जब इस स्थान से गुजरते हैं तो उन्हें तीन से चार फीट पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे कपड़े भी भीग जाते हैं और जान का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि पास ही स्थित धार्मिक स्थल संगमेश्वर (समेला) महादेव के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि मेज और बेजाण नदी के ऊपरी क्षेत्रों में बड़े बांध बने हुए हैं, जिनसे नहरों में पानी छोड़ा जाता है। ऐसे में अचानक पानी बढ़ने का खतरा भी बना रहता है।</p>
<p><strong>अस्थायी रास्ता बारिश की भेंट चढा</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष मिनी डैम निर्माण कार्य के दौरान पुलिया के क्षतिग्रस्त स्थान पर मिट्टी डालकर अस्थायी रास्ता बनाया गया था, लेकिन बारिश में वह भी बह गया। तब से यह मार्ग बंद पड़ा है, जिससे क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुलिया का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।</p>
<p><strong>इन गांवों से पहुंचते श्रद्धालु</strong><br />नैनवां सहित हिण्डोली दोनों उपखंडों की ग्राम पंचायतों के निकट यह मंदिर है। यहां विषधारी, डाबेटा, दरा का नयागांव, भण्डेड़ा, सादेड़ा, बांसी, रामगंज, कल्याणपुरा, गुजरियाखेड़ा, दुगारी, उरांसी, मानपुरा, डोड़ी, सांवतगढ़, निमोद, भजनेरी, मरां, मुण्डली, कालानला सहित अन्य गांवों के श्रद्धालु भगवान के दर्शनार्थ पहुंचते है। भण्डेड़ा क्षेत्र से इस रुट द्वारा आवाजाही करने पर जिला मुख्यालय की दूरी कम हो जाती है। अभी भी सैकड़ों राहगीर शॉर्टकट की वजह से रोजमर्रा ही जानजोखिम में डालकर इस रुट पर अपना सफर तय करते है पर संगमेश्वर की पुलिया व रास्ते की वजह से परेशानी झेलनी पड़ती है। </p>
<p><strong>पुलिया व रास्ते की वजह से श्रद्धालुओं की राह में बाधाएँ</strong><br />श्रद्धालुओं ने बताया कि बारह गांव की मुख्य आस्था का केन्द्र संगमेश्वर (समेला) महादेव है। यहां पर बारिश के समय की खुबसूरती आनेवाले को आकर्षित करती है। यहाँ की हरियाली चतुदर्शी व अमावस्या पर श्रद्धालुओं की अच्छी भीड़ रहती है। मगर इसके रास्ते पर संगमेश्वर की टूटी पुलिया एवं अभी तक किसी ने डामरीकृत सड़क नही बनवा पाए है। जो श्रद्धालुओं के लिए बारिश के समय एक चुनौती से कम नही है। बूंदी के लिए आवाजाही हेतु शॉर्टकट रास्ता भी है। पर संगमेश्वर पुलिया की वजह से परेशानी होती है। क्षेत्रीय लोगों को अन्य रुट से जाने पर 10 किमी का अतिरिक्त फेरा लगता है।  <br /><strong>-छोटूलाल जोशी, श्रद्धालु भण्डेडा, निवासी</strong></p>
<p>हमारे क्षेत्र की मुख्य आस्था का धार्मिकस्थल है। यहां पर बारिश के समय कच्ची पुलिया व जगह-जगह पर नाले पड़ते है। फिर भी श्रद्धालु इस समस्या का सामना करते हुए भी आते जाते है। जो काफी खतरे भरी राह से गुजरना होता है।  आवाजाही को लेकर डामरीकृत व सीसी सड़क बनाने को लेकर लंबे समय से मांग उठा रहे है। ग्रेवल रास्ते के बावजूद भी हरवर्ष दिनोंदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। लेकिन किसी ने सुध नहीं ली है।<br /><strong>-निखिल शर्मा, रामगंज निवासी</strong></p>
<p>मेज नदी की संगमेश्वर पुलिया की वजह से क्षेत्रवासियों को परेशान झेलनी पड़ती है। बारिश के समय दोनों नदियों में पानी की लहरों का नजारा व हरियाली के कारण हर किसी को आकर्षित करती है।   लड्डू-बाटी चूरमा की गोट का नजारा आम होता है लेकिन बारिश के समय श्रद्धालुओं को नदी के पानी में अपनी जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ता है।  समेला महादेव पहुंचने के लिए कच्चा रास्ता परेशानी का सबब बना हुआ है। <br /><strong>- नारायण सिंह हाड़ा, श्रद्धालु</strong></p>
<p>क्षेत्र में बारह गांवों की मुख्य आस्था का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है। संगमेश्वर महादेव का स्थान पर यहा पर तीन ग्राम पंचायतों की सीमा जुड़ा है। बारिश के समय दोनों नदियों की तरफ से आनेवाले रास्ते कच्चे है, बारिश के समय गहरे गड्ढे व कीचड़ हो जाता है।  इस राह को पार कर भगवान शिव तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस पुलिया व कच्चे रास्ते की वजह से राहगीरों सहित श्रद्धालुओं को समस्या से जूझना पड़ता है।  <br /><strong>- पदम कुमार जैन, बांसी निवासी</strong></p>
<p>यह पुलिया लंबे समय से टूटी होने से क्षेत्रीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। समेला महादेव मंदिर के दर्शनार्थ श्रद्धालुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व संबंधित विभाग इस आधुनिक युग में भी डामरीकरण सड़क को लेकर गंभीर नहीं है। हालांकि  बरसाती दिनों में यहां का मनमोहक नजारा श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करहीं होने से भक्तों को परेशानी होती है।<br /><strong>-रोहित कुमार शर्मा, भण्डेड़ा निवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहा है </strong><br />यह पुलिया डामरीकृत सड़क नहीं है। मेज नदी की पुलिया का कार्य हमारे अधीन में नहीं है। हमारे अधीन में होती तो दुरूस्त करवाया जाता हो सकता है ग्राम पंचायत द्वारा किसी मद से पुलिया का निर्माण करवाया गया होगा। <br /><strong>- रेवतीरमन शर्मा, जेईएन, सार्वजनिक निर्माण विभाग देई-नैनवां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 15:03:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>खेडा बस्ती को जोड़ने वाली पुलिया छह माह से क्षतिग्रस्त, जानें पूरा मामला  </title>
                                    <description><![CDATA[बरसात से पहले ही पुलिया की दीवार क्षतिग्रस्त होने के बाद अब तक मरम्मत  नहीं हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/culvert-connecting-kheda-settlement-damaged-for-six-months/article-140228"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)5.png" alt=""></a><br /><p>अरण्डखेडा। अरण्डखेडा ग्राम पंचायत क्षेत्र में खेडा बस्ती को जोड़ने वाली पुलिया पिछले छह माह से क्षतिग्रस्त पड़ी है। मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्राम पंचायत मुख्यालय गांव से जुड़ी खेडा बस्ती गांव की पुलिया पिछले करीब छह माह से क्षतिग्रस्त अवस्था में है। इस कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय निवासी नंद किशोर प्रजापति ने बताया कि बरसात से पहले ही पुलिया की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस संबंध में स्थानीय लोगों द्वारा पंचायत प्रशासन और ग्राम विकास अधिकारी को भी अवगत कराया गया, इसके बावजूद अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने की शीघ्र मरम्मत की मांग</strong><br />ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त पुलिया से दुपहिया और पैदल राहगीरों को खासा जोखिम उठाकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द पुलिया की मरम्मत कराकर आवागमन को सुरक्षित बनाया जाए। </p>
<p>खेड़ा बस्ती में क्षतिग्रस्त पुलिया की स्वीकृति निकाल दी गई है। साथ ही ठेकेदार को भी कह दिया है। गुरुवार से कार्य शुरू हो जाएगा। <br /><strong>- महावीर जैन, ग्राम विकास अधिकारी, बनियानी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 16:41:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बांसी-देई मार्ग पर सड़कें बदहाल, राहगीरों में चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[डामरीकृत सड़क के कई हिस्सों पर मिट्टी बह जाने से गहरे गड्ढे बन गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/-roads-in-dilapidated-condition-on-the-bansi-dei-route--causing-concern-among-commuters/article-137744"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/500-px)-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के बांसी से देई मुख्य मार्ग की सड़कें बारिश के बाद गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिससे वाहन चालक और पैदल राहगीर दोनों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। भैरव बाबा के पास नाले की दीवार सहित मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुकी है और डामरीकृत सड़क के कई हिस्सों पर मिट्टी बह जाने से गहरे गड्ढे बन गए हैं।</p>
<p>स्थानीय लोग बताते हैं कि इस मार्ग से चौपहिया वाहन गुजरते समय सामने से आने वाले वाहनों के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती। रात्रि में अनजान राहगीर इन गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं। जोगी कॉलोनी से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बांसी तक भी यह मार्ग खतरे भरा है। स्थानीय नागरिक सत्यनारायण, सोजीलाल सैनी, हरपाल माली आदि ने कहा कि विभाग बड़ा हादसा होने तक इंतजार कर रहा है। बरसात के बाद लगभग दो माह बीत गए हैं, लेकिन संबंधित विभाग ने अभी तक सड़क की सुध नहीं ली है। इससे क्षेत्रीय लोगों में विभाग के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है और आमजन इस लापरवाही का प्रत्यक्ष रूप से सामना कर रहे हैं।राहगीरों का कहना है कि समय रहते उचित मरम्मत न होने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है और विभाग को तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए।</p>
<p>इधर विभागीय अधिकारी का कहना है कि जलदाय विभाग द्वारा पाइपलाइन निकल जाए, जल्द ही नाले की पुलिया का निमार्ण कार्य शुरू करेगें। रही बात देई मार्ग पर सड़क की, तो जहाँ-जहाँ पर डामर के पास मिट्टी के गड्ढे अधिक है। पुलिया का कार्य शुरू होते ही उन्हें भी भरवाया जाएगा।<br /><strong>-रेवतीरमन शर्मा, जेईएन, सार्वजनिक निर्माण विभाग, देई-नैनवां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 14:45:30 +0530</pubDate>
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                <title>इन्द्रगढ़-मोहनपुरा लिंक रोड की टूटी पुलिया से जनजीवन प्रभावित, बारिश में क्षतिग्रस्त पुलिया महीनों से बंद</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों की मांग है कि मिट्टी डालकर अस्थायी रूप से मार्ग चालू किया जाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/a-broken-culvert-on-the-indragarh-mohanpura-link-road-has-disrupted-public-life--the-culvert--damaged-during-the-rains--has-been-closed-for-months/article-135319"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>इन्द्रगढ़। इन्द्रगढ़ से मोहनपुरा जाने वाले लिंक रोड पर इंद्राणी नदी पर बनी पुलिया बारिश के दौरान तेज बहाव में टूट गई थी, जिसका सुधार कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। पुलिया बंद होने से मोहनपुरा के ग्रामीणों और इन्द्रगढ़ नगरवासियों को  असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग पुराना बस स्टैंड के पास स्थित भट्टे से होते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय को जोड़ता हुआ आगे मोहनपुरा ग्राम तक जाता है। इसी रास्ते से ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन्द्रगढ़ में उपचार के लिए जाते हैं और कई सब्जी विक्रेता अपनी उपज इन्द्रगढ़ और सुमेरगंजमंडी ले जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया टूटने के कारण उन्हें दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर श्रीराम चौराहा होकर इन्द्रगढ़ पहुंचना पड़ता है, जिससे चौराहे पर अनावश्यक भीड़भाड़ बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि जुलाई और अगस्त की भारी बारिश में पुलिया टूटने के बाद से स्थिति जस की तस बनी हुई है। कई विभागीय कार्यालयों जैसे तहसील, विद्युत, जलदाय तक पहुँचने के लिए भी लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की बबार्दीहो रही है।</p>
<p>ग्रामीणों की मांग है कि जब तक स्थायी पुलिया का निर्माण नहीं होता, तब तक मिट्टी डालकर अस्थायी रूप से मार्ग चालू किया जाए, ताकि आवागमन सुचारू हो सके। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही टूटी हुई रपट के स्थान पर स्थायी पुलिया निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल, स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अस्थायी समाधान उपलब्ध होने पर रोजमर्रा का आवागमन कुछ हद तक सहज हो सकेगा।</p>
<p><strong>संबंधित अधिकारी तुरंत पुलिया निर्माण का प्रस्ताव लें </strong><br />तेज बारिश होने से इंद्राणी नदी मे आए तेज बहाव से रपट पुलिया टूट गई है संबंधित अधिकारियों से मिलकर जल्द ही बड़ी पुलिया निर्माण का प्रस्ताव तैयार करवाने की मांग करेंगे ताकि इसका स्थाई समाधान हो सकें एवं आमजन को राहत मिले <br /><strong>-गिरिराज जैन, अध्यक्ष भाजपा शहर मंडल, इन्द्रगढ़</strong></p>
<p><strong>दो किमी चक्कर, मुश्किल सफर</strong><br />मोहनपुरा लिंक रोड की पुलिया टूटने से मोहनपुरा वासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है ग्रामीणों को 2 किमी. अतिरिक्त चक्कर लगा कर सरकारी कार्यालयों में पहुंचना पड़ता है ।<br /><strong>-लोकेश कुमार सैनी, भाजपा नेता व निवासी ग्राम मोहनपुरा  </strong></p>
<p><strong> आवागमन बंद , आमजन परेशान </strong><br />मोहनपुरा लिंक रोड पुलिया पर आवागमन बंद होने से इन्द्रगढ़ सब्जी मंडी व कटला बाजार में आने वाले व्यापारी व ग्राहक को परेशानी हो रही है। इसका समस्या का जल्द ही समाधान होना चाहिए, जिससे व्यापारी, ग्राहक व आमजन को राहत मिले<br /><strong>-नवीन कुमार राठौर, भाजपा नेता व व्यापारी इन्द्रगढ़। </strong></p>
<p><strong>आखिर जाम से कब मिलेगी निजात</strong><br /> पुलिया टूटने से भारी परेशानी हो रही अतिरिक्त चक्कर के साथ-साथ कई बार चौराहा के जाम लगने से कई समस्या का सामना करना पड़ता है जिससे अतिरिक्त समय लगता है। इसका जल्द समाधान होना चाहिए ।<br /><strong>-सत्यनारायण बंसल, स्थानीय व्यापारी इन्द्रगढ़। </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />तेज बारिश के कारण मोहनपुरा रोड की रपट पुलिया टूट गई थी। इसके स्थान पर नई कॉलम वाली पुलिया का निर्माण कराया जाएगा, ताकि समस्या का स्थाई हल हो सके एवं कुछ दिनों में अस्थाई रूप से आवागमन शुरू करवा दिया जाएगा ।<br /><strong>-बृज भूषण शर्मा,अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका इन्द्रगढ़</strong></p>
<p> रपट पुलिया टूट जाने से मोहनपुरा से इन्द्रगढ़ में व्यापार करने आने वाले व्यापारियों के साथ सब्जी विक्रेताओ और ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है जल्द ही नई पुलिया का निर्माण करवाने का प्रयास किया जाएगा ।<br /><strong>-नीलम भारती, चेयरमैन, नगर पालिका, इन्द्रगढ़।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 15:28:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : जलदाय विभाग सक्रिय, टूटी पेयजल लाइन की दुरुस्त, रात 2 बजे तक चला कार्य </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित  होने के बाद विभाग सक्रिय हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--the-water-supply-department-activated--repaired-the-broken-drinking-water-line--work-continued-until-2-a-m/article-134679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। कस्बे में सड़क निर्माण के दौरान जलदाय विभाग की मुख्य पेयजल लाइन टूटने से करीब एक सप्ताह से हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा था। इस समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति ने मंगलवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित कि, खबर प्रकाशित होने के बाद  विभाग सक्रिय हुआ और देर रात तक कार्य कर पेयजल लाइने डलवाई। मंगलवार देर शाम सहायक अभियंता रविन्द्र सिंह मीणा, कनिष्ठ अभियंता तुलसी कुमारी पटवा तथा जलदाय विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जेसीबी की सहायता से लगभग डेढ़ फीट गहरा व 35 फीट लंबा गड्ढा कर क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को दुरुस्त किया गया। साथ ही भविष्य में पुन: समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए दूसरी नई पाइपलाइन भी बिछाई गई। टीम ने रात करीब 2 बजे तक लगातार कार्य कर मरम्मत एवं लाइन बिछाने का कार्य पूरा किया, जबकि शेष फिनिशिंग कार्य बुधवार सुबह किया गया।</p>
<p>सहायक अभियंता रविन्द्र सिंह मीणा ने स्वयं मौके पर रहकर कार्य की निगरानी की। रात में भी निरंतर निरीक्षण व मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाया। स्थानीय लोगों ने भी उनके इस त्वरित एक्शन और जनसमस्या के प्रति संवेदनशीलता की प्रशंसा की साथ ही कहा कि इस प्रकार का त्वरित समाधान जनहित में सराहनीय कदम है। बुधवार दोपहर लगभग 2 बजे दोबारा हल्का रिसाव दिखाई देने पर सड़क निर्माण संवेदक मौके पर पहुंचे और कनिष्ठ अभियंता को समस्या से अवगत कराया। संवेदक का कहना है कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त रहने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था। उन्होंने जलदाय विभाग से स्थायी समाधान कर लाइन को सुरक्षित करने की मांग की है ताकि सड़क निर्माण कार्य गति पकड़ सके। सड़क निर्माण संवेदक हुक्मचंद नागर ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने पेयजल लाइन से अपने घरों तक कनेक्शन ले रखे हैं, वे सड़क निर्माण प्रारंभ होने से पहले अपनी पाइपलाइनें निकाल लें ताकि आगे निर्माण कार्य में बाधा न आए और क्षति से बचा जा सके।</p>
<p><strong> अधिकारी का कहना </strong><br /> आमजन की समस्या को ध्यान में रखते हुए हमारी टीम ने मंगलवार रात देर तक लगातार कार्य किया। करीब रात 2 बजे तक कार्य कर पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा कर दिया गया है। अब हमारी मुख्य पेयजल लाइनों से सप्लाई सुचारु रूप से शुरू हो चुकी है। हल्का-फुल्का रिसाव दिखाई देने पर उसका मरम्मत कार्य भी निरंतर जारी है।<br /><strong>- रवींद्र सिंह मीणा, सहायक अभियंता</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 15:29:14 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 18 : सीवरेज चैंबरों का गलत लेवल, रोड क्षतिग्रस्त, नालों पर ढकान नहीं होने से नालियों में गंदा पानी जमा </title>
                                    <description><![CDATA[कचरा गाड़ी नियमित नहीं आने से  कचरा डालने की समस्या रहती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-18--incorrect-level-of-sewerage-chambers--damaged-roads--and-lack-of-covers-on-drains--leading-to-accumulation-of-dirty-water-in-the-drains/article-134625"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(3)7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 18 में पार्षद द्वारा  पार्षद निधि के माध्यम से विभिन्न विकास कार्य करवाए गए । इनमें सीसी नालियों का निर्माण, कॉलोनियों में सीसी सड़कें बनवाना सहित अन्य कई कार्य शामिल हैं। इसके बावजूद वार्ड में कई समस्याएं बनी हुई हैं। वार्डवासी दिनेश कुमार और सी.पी. सिंह ने बताया कि वार्ड में कचरा गाड़ी प्रतिदिन आती है और सफाई भी नियमित होती है। पिछले दिनों डाली गई सीवरेज लाइन के चैंबर अब वार्डवासियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गए हैं। ठेकेदार ने इन चैंबरों का लेवल सड़क के स्तर से नहीं मिलाया, जिससे बाइक सवारों सहित राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बारिश के समय चैंबरों में पानी भर जाता है, जिससे दुर्घटना का डर बना रहता है। वहीं सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, गिट्टियाँ निकल रही हैं और कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।</p>
<p><strong>ट्रांसफार्मर पर सुरक्षा दीवार नहीं, दुर्घटना का खतरा</strong><br />वार्ड में लगे बिजली के ट्रांसफार्मर पर सुरक्षा दीवार नहीं है। वार्डवासी बताते हैं कि इस कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सुरक्षा व्यवस्था न होने से बच्चों और राहगीरों के लिए यह हमेशा जोखिमपूर्ण बना रहता है।नाले पर ढकान नहीं, बारिश में दिक्कतों का सामना करना पड़ता वार्ड में स्थित कई नालों पर ढकान नहीं है। बारिश के मौसम में इन नालों से जलीय जानवर बाहर निकलकर घरों की चौखट तक पहुँच जाते हैं, जिससे भय का माहौल बन जाता है। वार्डवासी इस समस्या से लंबे समय से परेशान हैं।</p>
<p><strong>सामुदायिक भवन का अभाव—कार्यक्रमों के लिए दूसरी जगह निर्भरता</strong><br />वार्ड में सामुदायिक भवन नहीं होने की वजह से वार्डवासियों को मांगलिक कार्यों के लिए अन्य जगह महँगे किराए पर भवन लेकर कार्यक्रम करने पड़ते हैं। अंकुश कुमार व शिव कुमार ने बताया कि सामुदायिक भवन की कमी लंबे समय से बनी हुई है, जिससे वार्डवासियों को हर बार अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट परेशानी का कारण</strong><br />वार्डवासी विपुल कुमार और अनिता बाई ने बताया कि घरों और आबादी के बीच कई खाली प्लॉट पड़े हुए हैं। इनसे जहरीले जानवर निकलकर घरों तक पहुँच जाते हैं, जिससे खतरा बना रहता है। कुछ लोग इन प्लॉटों में रात्रि के समय कचरा भी डालते हैं, जिससे आवारा पशु इन प्लॉटों में मुंह मारते रहते हैं और कचरा चारों ओर फैल जाता है। इसके कारण बदबू और गंदगी का माहौल बना रहता है।</p>
<p><strong>नालियों का ढलान सही नहीं</strong><br />रामप्रताप और रूकमणी बाई ने बताया कि नालियों का ढलान सही नहीं होने से इनमें गंदा पानी जमा रहता है। नालियों की गहराई कम होने से कई बार गंदा पानी बाहर बहने लगता है। इससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और बदबू की समस्या भी रहती है।</p>
<p><strong>कुछ जगहों पर रोड लाइटें बंद</strong><br />गोपाल विहार द्वितीय के निवासी रघुनंदन ने बताया कि गली में आधे हिस्से में रोड लाइटें जलती हैं, जबकि कुछ जगहों पर बंद रहती हैं। इससे रात्रि के समय परेशानी का सामना करना पड़ता है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />गोपाल विहार प्रथम, द्वितीय, केसर बाग, वैभव नगर, सिटी पुलिस लाइन एवं नयागांव इत्यादि क्षेत्र वार्ड में आते हैं।</p>
<p>वार्ड में कचरा गाड़ी आती है। कुछ जगहों पर रोड लाइटें बंद रहती हैं, जिससे परेशानी होती है।<br /><strong>- पंकज कुमार, वार्डवासी</strong></p>
<p>हमारी तरफ तो कचरा गाड़ी आती है, पर नियमित नहीं आती। इसकी वजह से कचरा डालने में परेशानी होती है। फिर दूसरे दिन डाल पाते हैं।<br /><strong>- वी.एस. माथुर, वार्डवासी</strong></p>
<p>विहार प्रथम में नालियों का ढलान नहीं होने से गंदा पानी जमा रहता है। इससे बीमारियों का डर रहता है।<br /><strong>- रामप्रताप, वार्डवासी</strong></p>
<p>सीवरेज लाइन डालने के बाद रोड में गड्ढे हो गए। नालियों की गहराई बढ़नी चाहिए और ढलान भी सही होना चाहिए।<br /><strong>- अनिता बाई, गृहिणी</strong></p>
<p>सीवरेज के चैंबर सही करवाने के लिए प्रयास किया जाएगा। वार्ड में कहीं भी जमीन उपलब्ध नहीं होने की वजह से सामुदायिक भवन का निर्माण नहीं हो पाया।<br /><strong>- जियाउद्दीन, वार्ड पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 12:43:30 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 17:  सीवरेज चैंबर, क्षतिग्रस्त सड़कें ,पार्क का अभाव वार्डवासियों की बड़ी समस्या </title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड की गलियों में टिपर रोज नहीं आने कचरा डालना स्थानीय निवासियों की समस्या बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-17--sewerage-chambers--damaged-roads--and-a-lack-of-parks-pose-major-problems-for-residents/article-134348"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 17 में पार्षद द्वारा समय-समय पर विकास कार्य तो करवाए गए, लेकिन वार्ड में पिछले दिनों डाली गई सीवरेज लाइन के चैंबर सही ढंग से नहीं लगाए गए। इसकी वजह से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही वार्ड में बच्चों के खेलने के लिए पार्क का अभाव वार्डवासियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। वार्डवासी अख्तर खान और रघु कुमार ने बताया कि पार्क की समस्या के समाधान के लिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ। वहीं, वार्ड में सामुदायिक भवन भी नहीं है, जिससे मांगलिक कार्यों के दौरान महंगी दर पर भवन किराए पर लेना पड़ता है और डबल खर्च उठाना पड़ता है। यह समस्या वार्डवासी अभिनव और शिव कुमार ने भी बताई।</p>
<p><strong>ट्रांसफॉर्मर के पास सुरक्षा दीवार का अभाव</strong><br />वार्ड की मेन रोड पर स्थित ट्रांसफॉर्मर के आसपास सुरक्षा दीवार नहीं है। वार्डवासी बताते हैं कि यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।</p>
<p><strong>घरों के पास से गुजरते बिजली के तार</strong><br /> पास से ही बिजली के तार गुजर रहे हैं। अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बारिश के समय हादसे का खतरा बना रहता है।</p>
<p><strong>नियमित नहीं आते टिपर</strong><br />वार्डवासियों के अनुसार कचरा गाड़ी मेन रोड पर तो प्रतिदिन आती है, लेकिन वार्ड की गलियों में रोज नहीं पहुंचती। इसके कारण कचरा घर में ही जमा रहता है और कई बार लोगों को कचरा इधर-उधर डालकर आना पड़ता है।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बने परेशानी का कारण</strong><br />सघन बस्ती के बीच कई लोगों ने प्लॉट खरीदकर खाली छोड़ रखे हैं। मनीष कुमार बताते हैं कि उनके पास खाली पड़े भूखंड में बारिश के दिनों में पानी भर जाता है, जिससे बदबू फैलती है और जलीय जीव पनप जाते हैं। इससे आसपास रहने वालों में डर बना रहता है।</p>
<p><strong>पार्क और सामुदायिक भवन का अभाव</strong><br />वार्ड के निवासी दिलशाद और हरिओम ने बताया कि कॉलोनी में बच्चों के खेलने और लोगों के बैठने के लिए एक भी पार्क नहीं है। बच्चे मेन रोड पर खेलते हैं, जिससे दुर्घटना का डर बना रहता है। सीनियर सिटीजन्स को मॉर्निंग वॉक के लिए दूर जाना पड़ता है। राहुल, रेखा कुमारी और सुमित्रा बाई ने बताया कि बच्चों के खेलने की जगह नहीं होने के कारण उन्हें घर की छत पर ही ले जाना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्ड का क्षेत्र</strong><br />थैगड़ा, सूर्य नगर, भारत विहार, देवाशीष सिटी, ग्रामीण पुलिस लाइन, आदित्य नगर, बजरंग विहार आदि इलाके वार्ड में शामिल हैं।</p>
<p>कचरा गाड़ी तो आती है, पर कुछ गलियों में रोड लाइटें बंद होने की वजह से रात में अंधेरा रहता है और आवागमन में परेशानी होती है।<br /><strong>- जावेद, वार्डवासी</strong></p>
<p>मेन रोड पर कचरा गाड़ी प्रतिदिन आती है, लेकिन अंदर गलियों में रोटेशन के आधार पर ही आती है, जिससे असुविधा होती है।<br /><strong>- बिशन सिंह, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>पार्षद से संपर्क नहीं हुआ</strong><br />वार्ड पार्षद बबलू सिंह कसाना से बात करने के लिए कॉल किया गया, लेकिन मोबाइल स्विच आॅफ होने के कारण संपर्क नहीं हो पाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 14:06:03 +0530</pubDate>
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