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                <title>damaged - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का : बांसी-भण्डेड़ा मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुलिया की सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू, पुलिया के पास चार से पांच फीट गहरे गड्ढे</title>
                                    <description><![CDATA[बरसात में  पुलिया के ऊपर से पानी गुजरता रहा जिससे सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report--construction-of-protective-wall-for-damaged-culvert-begins-on-bansi-bhandera-road/article-147586"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(3)31.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा।  क्षेत्र में बांसी-भण्डेड़ा मुख्य मार्ग पर स्थित नाले की क्षतिग्रस्त पुलिया की सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा शुरू कर दिया गया है। लंबे समय से यह दीवार क्षतिग्रस्त होने के कारण यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ था। जानकारी के अनुसार दुगारी कनकसागर बांध तथा बांसी तालाब के ओवरफ्लो का पानी इसी नाले से होकर निकलता है। पिछले दो वर्षों से बरसात के दौरान लंबे समय तक पानी का तेज बहाव रहने के कारण पुलिया के ऊपर से पानी गुजरता रहा, जिससे सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई। स्थिति यह थी कि पुलिया के पास चार से पांच फीट गहरे गड्ढे बन गए थे, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। कई बार राहगीर और वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर घायल भी हुए।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने जताया दैनिक नवज्योति का आभार</strong><br />इस समस्या को दैनिक नवज्योति द्वारा प्रमुखता से उठाया गया था। 10 फरवरी और 7 मार्च को प्रकाशित खबरों के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य शुरू करवाया। अब पुलिया की सुरक्षा दीवारों के पुनर्निर्माण और गड्ढों की मरम्मत से क्षेत्रवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने इस पहल के लिए दैनिक नवज्योति का आभार जताया है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:23:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मेज नदी की पुलिया छह माह से क्षतिग्रस्त, पानी से होकर गुजरने पर मजबूर ग्रामीण</title>
                                    <description><![CDATA[सादेड़ा-विषधारी मार्ग अवरुद्ध ,  मेज नदी को पार करना बना जोखिम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/mej-river-culvert-damaged-for-six-months--villagers-forced-to-wade-through-water/article-146812"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(2)19.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के सादेड़ा से विषधारी मार्ग पर मेज नदी की पुलिया पिछले लगभग छह महीनों से क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिससे इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। पुलिया टूटने के कारण राहगीरों और श्रद्धालुओं को तीन से चार फीट पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके संबंधित विभाग अब तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।जानकारी के अनुसार सादेड़ा से संगमेश्वर (समेला) महादेव होते हुए विषधारी जाने वाले मुख्य ग्रेवल मार्ग पर मेज नदी में एक छोटी पुलिया बनी हुई थी। इसी पुलिया के माध्यम से दोनों ओर से आने-जाने वाले ग्रामीण और वाहन चालक आवागमन करते थे। मेज नदी और बेजाण नदी में कम पानी का बहाव होने पर भी इसी पुलिया से पानी निकल जाता था और लोगों को आवागमन में सुविधा रहती थी। गत वर्ष लंबे समय तक हुई बारिश के कारण यह पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिया के क्षतिग्रस्त हिस्से पर गहराई बढ़ जाने से यहां से वाहन निकलना असंभव हो गया है। इसके बाद से ही यह मार्ग अवरुद्ध पड़ा है। अब लोगों को विषधारी पहुंचने के लिए कल्याणपुरा और कालानला होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। पैदल राहगीर जब इस स्थान से गुजरते हैं तो उन्हें तीन से चार फीट पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे कपड़े भी भीग जाते हैं और जान का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि पास ही स्थित धार्मिक स्थल संगमेश्वर (समेला) महादेव के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि मेज और बेजाण नदी के ऊपरी क्षेत्रों में बड़े बांध बने हुए हैं, जिनसे नहरों में पानी छोड़ा जाता है। ऐसे में अचानक पानी बढ़ने का खतरा भी बना रहता है।</p>
<p><strong>अस्थायी रास्ता बारिश की भेंट चढा</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष मिनी डैम निर्माण कार्य के दौरान पुलिया के क्षतिग्रस्त स्थान पर मिट्टी डालकर अस्थायी रास्ता बनाया गया था, लेकिन बारिश में वह भी बह गया। तब से यह मार्ग बंद पड़ा है, जिससे क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुलिया का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।</p>
<p><strong>इन गांवों से पहुंचते श्रद्धालु</strong><br />नैनवां सहित हिण्डोली दोनों उपखंडों की ग्राम पंचायतों के निकट यह मंदिर है। यहां विषधारी, डाबेटा, दरा का नयागांव, भण्डेड़ा, सादेड़ा, बांसी, रामगंज, कल्याणपुरा, गुजरियाखेड़ा, दुगारी, उरांसी, मानपुरा, डोड़ी, सांवतगढ़, निमोद, भजनेरी, मरां, मुण्डली, कालानला सहित अन्य गांवों के श्रद्धालु भगवान के दर्शनार्थ पहुंचते है। भण्डेड़ा क्षेत्र से इस रुट द्वारा आवाजाही करने पर जिला मुख्यालय की दूरी कम हो जाती है। अभी भी सैकड़ों राहगीर शॉर्टकट की वजह से रोजमर्रा ही जानजोखिम में डालकर इस रुट पर अपना सफर तय करते है पर संगमेश्वर की पुलिया व रास्ते की वजह से परेशानी झेलनी पड़ती है। </p>
<p><strong>पुलिया व रास्ते की वजह से श्रद्धालुओं की राह में बाधाएँ</strong><br />श्रद्धालुओं ने बताया कि बारह गांव की मुख्य आस्था का केन्द्र संगमेश्वर (समेला) महादेव है। यहां पर बारिश के समय की खुबसूरती आनेवाले को आकर्षित करती है। यहाँ की हरियाली चतुदर्शी व अमावस्या पर श्रद्धालुओं की अच्छी भीड़ रहती है। मगर इसके रास्ते पर संगमेश्वर की टूटी पुलिया एवं अभी तक किसी ने डामरीकृत सड़क नही बनवा पाए है। जो श्रद्धालुओं के लिए बारिश के समय एक चुनौती से कम नही है। बूंदी के लिए आवाजाही हेतु शॉर्टकट रास्ता भी है। पर संगमेश्वर पुलिया की वजह से परेशानी होती है। क्षेत्रीय लोगों को अन्य रुट से जाने पर 10 किमी का अतिरिक्त फेरा लगता है।  <br /><strong>-छोटूलाल जोशी, श्रद्धालु भण्डेडा, निवासी</strong></p>
<p>हमारे क्षेत्र की मुख्य आस्था का धार्मिकस्थल है। यहां पर बारिश के समय कच्ची पुलिया व जगह-जगह पर नाले पड़ते है। फिर भी श्रद्धालु इस समस्या का सामना करते हुए भी आते जाते है। जो काफी खतरे भरी राह से गुजरना होता है।  आवाजाही को लेकर डामरीकृत व सीसी सड़क बनाने को लेकर लंबे समय से मांग उठा रहे है। ग्रेवल रास्ते के बावजूद भी हरवर्ष दिनोंदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। लेकिन किसी ने सुध नहीं ली है।<br /><strong>-निखिल शर्मा, रामगंज निवासी</strong></p>
<p>मेज नदी की संगमेश्वर पुलिया की वजह से क्षेत्रवासियों को परेशान झेलनी पड़ती है। बारिश के समय दोनों नदियों में पानी की लहरों का नजारा व हरियाली के कारण हर किसी को आकर्षित करती है।   लड्डू-बाटी चूरमा की गोट का नजारा आम होता है लेकिन बारिश के समय श्रद्धालुओं को नदी के पानी में अपनी जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ता है।  समेला महादेव पहुंचने के लिए कच्चा रास्ता परेशानी का सबब बना हुआ है। <br /><strong>- नारायण सिंह हाड़ा, श्रद्धालु</strong></p>
<p>क्षेत्र में बारह गांवों की मुख्य आस्था का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है। संगमेश्वर महादेव का स्थान पर यहा पर तीन ग्राम पंचायतों की सीमा जुड़ा है। बारिश के समय दोनों नदियों की तरफ से आनेवाले रास्ते कच्चे है, बारिश के समय गहरे गड्ढे व कीचड़ हो जाता है।  इस राह को पार कर भगवान शिव तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस पुलिया व कच्चे रास्ते की वजह से राहगीरों सहित श्रद्धालुओं को समस्या से जूझना पड़ता है।  <br /><strong>- पदम कुमार जैन, बांसी निवासी</strong></p>
<p>यह पुलिया लंबे समय से टूटी होने से क्षेत्रीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। समेला महादेव मंदिर के दर्शनार्थ श्रद्धालुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व संबंधित विभाग इस आधुनिक युग में भी डामरीकरण सड़क को लेकर गंभीर नहीं है। हालांकि  बरसाती दिनों में यहां का मनमोहक नजारा श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करहीं होने से भक्तों को परेशानी होती है।<br /><strong>-रोहित कुमार शर्मा, भण्डेड़ा निवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहा है </strong><br />यह पुलिया डामरीकृत सड़क नहीं है। मेज नदी की पुलिया का कार्य हमारे अधीन में नहीं है। हमारे अधीन में होती तो दुरूस्त करवाया जाता हो सकता है ग्राम पंचायत द्वारा किसी मद से पुलिया का निर्माण करवाया गया होगा। <br /><strong>- रेवतीरमन शर्मा, जेईएन, सार्वजनिक निर्माण विभाग देई-नैनवां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 15:03:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>खेडा बस्ती को जोड़ने वाली पुलिया छह माह से क्षतिग्रस्त, जानें पूरा मामला  </title>
                                    <description><![CDATA[बरसात से पहले ही पुलिया की दीवार क्षतिग्रस्त होने के बाद अब तक मरम्मत  नहीं हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/culvert-connecting-kheda-settlement-damaged-for-six-months/article-140228"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)5.png" alt=""></a><br /><p>अरण्डखेडा। अरण्डखेडा ग्राम पंचायत क्षेत्र में खेडा बस्ती को जोड़ने वाली पुलिया पिछले छह माह से क्षतिग्रस्त पड़ी है। मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्राम पंचायत मुख्यालय गांव से जुड़ी खेडा बस्ती गांव की पुलिया पिछले करीब छह माह से क्षतिग्रस्त अवस्था में है। इस कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय निवासी नंद किशोर प्रजापति ने बताया कि बरसात से पहले ही पुलिया की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस संबंध में स्थानीय लोगों द्वारा पंचायत प्रशासन और ग्राम विकास अधिकारी को भी अवगत कराया गया, इसके बावजूद अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने की शीघ्र मरम्मत की मांग</strong><br />ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त पुलिया से दुपहिया और पैदल राहगीरों को खासा जोखिम उठाकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द पुलिया की मरम्मत कराकर आवागमन को सुरक्षित बनाया जाए। </p>
<p>खेड़ा बस्ती में क्षतिग्रस्त पुलिया की स्वीकृति निकाल दी गई है। साथ ही ठेकेदार को भी कह दिया है। गुरुवार से कार्य शुरू हो जाएगा। <br /><strong>- महावीर जैन, ग्राम विकास अधिकारी, बनियानी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 16:41:18 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बांसी-देई मार्ग पर सड़कें बदहाल, राहगीरों में चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[डामरीकृत सड़क के कई हिस्सों पर मिट्टी बह जाने से गहरे गड्ढे बन गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/-roads-in-dilapidated-condition-on-the-bansi-dei-route--causing-concern-among-commuters/article-137744"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/500-px)-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के बांसी से देई मुख्य मार्ग की सड़कें बारिश के बाद गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिससे वाहन चालक और पैदल राहगीर दोनों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। भैरव बाबा के पास नाले की दीवार सहित मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुकी है और डामरीकृत सड़क के कई हिस्सों पर मिट्टी बह जाने से गहरे गड्ढे बन गए हैं।</p>
<p>स्थानीय लोग बताते हैं कि इस मार्ग से चौपहिया वाहन गुजरते समय सामने से आने वाले वाहनों के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती। रात्रि में अनजान राहगीर इन गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं। जोगी कॉलोनी से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बांसी तक भी यह मार्ग खतरे भरा है। स्थानीय नागरिक सत्यनारायण, सोजीलाल सैनी, हरपाल माली आदि ने कहा कि विभाग बड़ा हादसा होने तक इंतजार कर रहा है। बरसात के बाद लगभग दो माह बीत गए हैं, लेकिन संबंधित विभाग ने अभी तक सड़क की सुध नहीं ली है। इससे क्षेत्रीय लोगों में विभाग के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है और आमजन इस लापरवाही का प्रत्यक्ष रूप से सामना कर रहे हैं।राहगीरों का कहना है कि समय रहते उचित मरम्मत न होने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है और विभाग को तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए।</p>
<p>इधर विभागीय अधिकारी का कहना है कि जलदाय विभाग द्वारा पाइपलाइन निकल जाए, जल्द ही नाले की पुलिया का निमार्ण कार्य शुरू करेगें। रही बात देई मार्ग पर सड़क की, तो जहाँ-जहाँ पर डामर के पास मिट्टी के गड्ढे अधिक है। पुलिया का कार्य शुरू होते ही उन्हें भी भरवाया जाएगा।<br /><strong>-रेवतीरमन शर्मा, जेईएन, सार्वजनिक निर्माण विभाग, देई-नैनवां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 14:45:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इन्द्रगढ़-मोहनपुरा लिंक रोड की टूटी पुलिया से जनजीवन प्रभावित, बारिश में क्षतिग्रस्त पुलिया महीनों से बंद</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों की मांग है कि मिट्टी डालकर अस्थायी रूप से मार्ग चालू किया जाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/a-broken-culvert-on-the-indragarh-mohanpura-link-road-has-disrupted-public-life--the-culvert--damaged-during-the-rains--has-been-closed-for-months/article-135319"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>इन्द्रगढ़। इन्द्रगढ़ से मोहनपुरा जाने वाले लिंक रोड पर इंद्राणी नदी पर बनी पुलिया बारिश के दौरान तेज बहाव में टूट गई थी, जिसका सुधार कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। पुलिया बंद होने से मोहनपुरा के ग्रामीणों और इन्द्रगढ़ नगरवासियों को  असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग पुराना बस स्टैंड के पास स्थित भट्टे से होते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय को जोड़ता हुआ आगे मोहनपुरा ग्राम तक जाता है। इसी रास्ते से ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन्द्रगढ़ में उपचार के लिए जाते हैं और कई सब्जी विक्रेता अपनी उपज इन्द्रगढ़ और सुमेरगंजमंडी ले जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया टूटने के कारण उन्हें दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर श्रीराम चौराहा होकर इन्द्रगढ़ पहुंचना पड़ता है, जिससे चौराहे पर अनावश्यक भीड़भाड़ बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि जुलाई और अगस्त की भारी बारिश में पुलिया टूटने के बाद से स्थिति जस की तस बनी हुई है। कई विभागीय कार्यालयों जैसे तहसील, विद्युत, जलदाय तक पहुँचने के लिए भी लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की बबार्दीहो रही है।</p>
<p>ग्रामीणों की मांग है कि जब तक स्थायी पुलिया का निर्माण नहीं होता, तब तक मिट्टी डालकर अस्थायी रूप से मार्ग चालू किया जाए, ताकि आवागमन सुचारू हो सके। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही टूटी हुई रपट के स्थान पर स्थायी पुलिया निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल, स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अस्थायी समाधान उपलब्ध होने पर रोजमर्रा का आवागमन कुछ हद तक सहज हो सकेगा।</p>
<p><strong>संबंधित अधिकारी तुरंत पुलिया निर्माण का प्रस्ताव लें </strong><br />तेज बारिश होने से इंद्राणी नदी मे आए तेज बहाव से रपट पुलिया टूट गई है संबंधित अधिकारियों से मिलकर जल्द ही बड़ी पुलिया निर्माण का प्रस्ताव तैयार करवाने की मांग करेंगे ताकि इसका स्थाई समाधान हो सकें एवं आमजन को राहत मिले <br /><strong>-गिरिराज जैन, अध्यक्ष भाजपा शहर मंडल, इन्द्रगढ़</strong></p>
<p><strong>दो किमी चक्कर, मुश्किल सफर</strong><br />मोहनपुरा लिंक रोड की पुलिया टूटने से मोहनपुरा वासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है ग्रामीणों को 2 किमी. अतिरिक्त चक्कर लगा कर सरकारी कार्यालयों में पहुंचना पड़ता है ।<br /><strong>-लोकेश कुमार सैनी, भाजपा नेता व निवासी ग्राम मोहनपुरा  </strong></p>
<p><strong> आवागमन बंद , आमजन परेशान </strong><br />मोहनपुरा लिंक रोड पुलिया पर आवागमन बंद होने से इन्द्रगढ़ सब्जी मंडी व कटला बाजार में आने वाले व्यापारी व ग्राहक को परेशानी हो रही है। इसका समस्या का जल्द ही समाधान होना चाहिए, जिससे व्यापारी, ग्राहक व आमजन को राहत मिले<br /><strong>-नवीन कुमार राठौर, भाजपा नेता व व्यापारी इन्द्रगढ़। </strong></p>
<p><strong>आखिर जाम से कब मिलेगी निजात</strong><br /> पुलिया टूटने से भारी परेशानी हो रही अतिरिक्त चक्कर के साथ-साथ कई बार चौराहा के जाम लगने से कई समस्या का सामना करना पड़ता है जिससे अतिरिक्त समय लगता है। इसका जल्द समाधान होना चाहिए ।<br /><strong>-सत्यनारायण बंसल, स्थानीय व्यापारी इन्द्रगढ़। </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />तेज बारिश के कारण मोहनपुरा रोड की रपट पुलिया टूट गई थी। इसके स्थान पर नई कॉलम वाली पुलिया का निर्माण कराया जाएगा, ताकि समस्या का स्थाई हल हो सके एवं कुछ दिनों में अस्थाई रूप से आवागमन शुरू करवा दिया जाएगा ।<br /><strong>-बृज भूषण शर्मा,अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका इन्द्रगढ़</strong></p>
<p> रपट पुलिया टूट जाने से मोहनपुरा से इन्द्रगढ़ में व्यापार करने आने वाले व्यापारियों के साथ सब्जी विक्रेताओ और ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है जल्द ही नई पुलिया का निर्माण करवाने का प्रयास किया जाएगा ।<br /><strong>-नीलम भारती, चेयरमैन, नगर पालिका, इन्द्रगढ़।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 15:28:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : जलदाय विभाग सक्रिय, टूटी पेयजल लाइन की दुरुस्त, रात 2 बजे तक चला कार्य </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित  होने के बाद विभाग सक्रिय हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--the-water-supply-department-activated--repaired-the-broken-drinking-water-line--work-continued-until-2-a-m/article-134679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। कस्बे में सड़क निर्माण के दौरान जलदाय विभाग की मुख्य पेयजल लाइन टूटने से करीब एक सप्ताह से हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा था। इस समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति ने मंगलवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित कि, खबर प्रकाशित होने के बाद  विभाग सक्रिय हुआ और देर रात तक कार्य कर पेयजल लाइने डलवाई। मंगलवार देर शाम सहायक अभियंता रविन्द्र सिंह मीणा, कनिष्ठ अभियंता तुलसी कुमारी पटवा तथा जलदाय विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जेसीबी की सहायता से लगभग डेढ़ फीट गहरा व 35 फीट लंबा गड्ढा कर क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को दुरुस्त किया गया। साथ ही भविष्य में पुन: समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए दूसरी नई पाइपलाइन भी बिछाई गई। टीम ने रात करीब 2 बजे तक लगातार कार्य कर मरम्मत एवं लाइन बिछाने का कार्य पूरा किया, जबकि शेष फिनिशिंग कार्य बुधवार सुबह किया गया।</p>
<p>सहायक अभियंता रविन्द्र सिंह मीणा ने स्वयं मौके पर रहकर कार्य की निगरानी की। रात में भी निरंतर निरीक्षण व मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाया। स्थानीय लोगों ने भी उनके इस त्वरित एक्शन और जनसमस्या के प्रति संवेदनशीलता की प्रशंसा की साथ ही कहा कि इस प्रकार का त्वरित समाधान जनहित में सराहनीय कदम है। बुधवार दोपहर लगभग 2 बजे दोबारा हल्का रिसाव दिखाई देने पर सड़क निर्माण संवेदक मौके पर पहुंचे और कनिष्ठ अभियंता को समस्या से अवगत कराया। संवेदक का कहना है कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त रहने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था। उन्होंने जलदाय विभाग से स्थायी समाधान कर लाइन को सुरक्षित करने की मांग की है ताकि सड़क निर्माण कार्य गति पकड़ सके। सड़क निर्माण संवेदक हुक्मचंद नागर ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने पेयजल लाइन से अपने घरों तक कनेक्शन ले रखे हैं, वे सड़क निर्माण प्रारंभ होने से पहले अपनी पाइपलाइनें निकाल लें ताकि आगे निर्माण कार्य में बाधा न आए और क्षति से बचा जा सके।</p>
<p><strong> अधिकारी का कहना </strong><br /> आमजन की समस्या को ध्यान में रखते हुए हमारी टीम ने मंगलवार रात देर तक लगातार कार्य किया। करीब रात 2 बजे तक कार्य कर पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा कर दिया गया है। अब हमारी मुख्य पेयजल लाइनों से सप्लाई सुचारु रूप से शुरू हो चुकी है। हल्का-फुल्का रिसाव दिखाई देने पर उसका मरम्मत कार्य भी निरंतर जारी है।<br /><strong>- रवींद्र सिंह मीणा, सहायक अभियंता</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 15:29:14 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 18 : सीवरेज चैंबरों का गलत लेवल, रोड क्षतिग्रस्त, नालों पर ढकान नहीं होने से नालियों में गंदा पानी जमा </title>
                                    <description><![CDATA[कचरा गाड़ी नियमित नहीं आने से  कचरा डालने की समस्या रहती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-18--incorrect-level-of-sewerage-chambers--damaged-roads--and-lack-of-covers-on-drains--leading-to-accumulation-of-dirty-water-in-the-drains/article-134625"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(3)7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 18 में पार्षद द्वारा  पार्षद निधि के माध्यम से विभिन्न विकास कार्य करवाए गए । इनमें सीसी नालियों का निर्माण, कॉलोनियों में सीसी सड़कें बनवाना सहित अन्य कई कार्य शामिल हैं। इसके बावजूद वार्ड में कई समस्याएं बनी हुई हैं। वार्डवासी दिनेश कुमार और सी.पी. सिंह ने बताया कि वार्ड में कचरा गाड़ी प्रतिदिन आती है और सफाई भी नियमित होती है। पिछले दिनों डाली गई सीवरेज लाइन के चैंबर अब वार्डवासियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गए हैं। ठेकेदार ने इन चैंबरों का लेवल सड़क के स्तर से नहीं मिलाया, जिससे बाइक सवारों सहित राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बारिश के समय चैंबरों में पानी भर जाता है, जिससे दुर्घटना का डर बना रहता है। वहीं सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, गिट्टियाँ निकल रही हैं और कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।</p>
<p><strong>ट्रांसफार्मर पर सुरक्षा दीवार नहीं, दुर्घटना का खतरा</strong><br />वार्ड में लगे बिजली के ट्रांसफार्मर पर सुरक्षा दीवार नहीं है। वार्डवासी बताते हैं कि इस कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सुरक्षा व्यवस्था न होने से बच्चों और राहगीरों के लिए यह हमेशा जोखिमपूर्ण बना रहता है।नाले पर ढकान नहीं, बारिश में दिक्कतों का सामना करना पड़ता वार्ड में स्थित कई नालों पर ढकान नहीं है। बारिश के मौसम में इन नालों से जलीय जानवर बाहर निकलकर घरों की चौखट तक पहुँच जाते हैं, जिससे भय का माहौल बन जाता है। वार्डवासी इस समस्या से लंबे समय से परेशान हैं।</p>
<p><strong>सामुदायिक भवन का अभाव—कार्यक्रमों के लिए दूसरी जगह निर्भरता</strong><br />वार्ड में सामुदायिक भवन नहीं होने की वजह से वार्डवासियों को मांगलिक कार्यों के लिए अन्य जगह महँगे किराए पर भवन लेकर कार्यक्रम करने पड़ते हैं। अंकुश कुमार व शिव कुमार ने बताया कि सामुदायिक भवन की कमी लंबे समय से बनी हुई है, जिससे वार्डवासियों को हर बार अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट परेशानी का कारण</strong><br />वार्डवासी विपुल कुमार और अनिता बाई ने बताया कि घरों और आबादी के बीच कई खाली प्लॉट पड़े हुए हैं। इनसे जहरीले जानवर निकलकर घरों तक पहुँच जाते हैं, जिससे खतरा बना रहता है। कुछ लोग इन प्लॉटों में रात्रि के समय कचरा भी डालते हैं, जिससे आवारा पशु इन प्लॉटों में मुंह मारते रहते हैं और कचरा चारों ओर फैल जाता है। इसके कारण बदबू और गंदगी का माहौल बना रहता है।</p>
<p><strong>नालियों का ढलान सही नहीं</strong><br />रामप्रताप और रूकमणी बाई ने बताया कि नालियों का ढलान सही नहीं होने से इनमें गंदा पानी जमा रहता है। नालियों की गहराई कम होने से कई बार गंदा पानी बाहर बहने लगता है। इससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और बदबू की समस्या भी रहती है।</p>
<p><strong>कुछ जगहों पर रोड लाइटें बंद</strong><br />गोपाल विहार द्वितीय के निवासी रघुनंदन ने बताया कि गली में आधे हिस्से में रोड लाइटें जलती हैं, जबकि कुछ जगहों पर बंद रहती हैं। इससे रात्रि के समय परेशानी का सामना करना पड़ता है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />गोपाल विहार प्रथम, द्वितीय, केसर बाग, वैभव नगर, सिटी पुलिस लाइन एवं नयागांव इत्यादि क्षेत्र वार्ड में आते हैं।</p>
<p>वार्ड में कचरा गाड़ी आती है। कुछ जगहों पर रोड लाइटें बंद रहती हैं, जिससे परेशानी होती है।<br /><strong>- पंकज कुमार, वार्डवासी</strong></p>
<p>हमारी तरफ तो कचरा गाड़ी आती है, पर नियमित नहीं आती। इसकी वजह से कचरा डालने में परेशानी होती है। फिर दूसरे दिन डाल पाते हैं।<br /><strong>- वी.एस. माथुर, वार्डवासी</strong></p>
<p>विहार प्रथम में नालियों का ढलान नहीं होने से गंदा पानी जमा रहता है। इससे बीमारियों का डर रहता है।<br /><strong>- रामप्रताप, वार्डवासी</strong></p>
<p>सीवरेज लाइन डालने के बाद रोड में गड्ढे हो गए। नालियों की गहराई बढ़नी चाहिए और ढलान भी सही होना चाहिए।<br /><strong>- अनिता बाई, गृहिणी</strong></p>
<p>सीवरेज के चैंबर सही करवाने के लिए प्रयास किया जाएगा। वार्ड में कहीं भी जमीन उपलब्ध नहीं होने की वजह से सामुदायिक भवन का निर्माण नहीं हो पाया।<br /><strong>- जियाउद्दीन, वार्ड पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 12:43:30 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 17:  सीवरेज चैंबर, क्षतिग्रस्त सड़कें ,पार्क का अभाव वार्डवासियों की बड़ी समस्या </title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड की गलियों में टिपर रोज नहीं आने कचरा डालना स्थानीय निवासियों की समस्या बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-17--sewerage-chambers--damaged-roads--and-a-lack-of-parks-pose-major-problems-for-residents/article-134348"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 17 में पार्षद द्वारा समय-समय पर विकास कार्य तो करवाए गए, लेकिन वार्ड में पिछले दिनों डाली गई सीवरेज लाइन के चैंबर सही ढंग से नहीं लगाए गए। इसकी वजह से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही वार्ड में बच्चों के खेलने के लिए पार्क का अभाव वार्डवासियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। वार्डवासी अख्तर खान और रघु कुमार ने बताया कि पार्क की समस्या के समाधान के लिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ। वहीं, वार्ड में सामुदायिक भवन भी नहीं है, जिससे मांगलिक कार्यों के दौरान महंगी दर पर भवन किराए पर लेना पड़ता है और डबल खर्च उठाना पड़ता है। यह समस्या वार्डवासी अभिनव और शिव कुमार ने भी बताई।</p>
<p><strong>ट्रांसफॉर्मर के पास सुरक्षा दीवार का अभाव</strong><br />वार्ड की मेन रोड पर स्थित ट्रांसफॉर्मर के आसपास सुरक्षा दीवार नहीं है। वार्डवासी बताते हैं कि यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।</p>
<p><strong>घरों के पास से गुजरते बिजली के तार</strong><br /> पास से ही बिजली के तार गुजर रहे हैं। अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बारिश के समय हादसे का खतरा बना रहता है।</p>
<p><strong>नियमित नहीं आते टिपर</strong><br />वार्डवासियों के अनुसार कचरा गाड़ी मेन रोड पर तो प्रतिदिन आती है, लेकिन वार्ड की गलियों में रोज नहीं पहुंचती। इसके कारण कचरा घर में ही जमा रहता है और कई बार लोगों को कचरा इधर-उधर डालकर आना पड़ता है।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बने परेशानी का कारण</strong><br />सघन बस्ती के बीच कई लोगों ने प्लॉट खरीदकर खाली छोड़ रखे हैं। मनीष कुमार बताते हैं कि उनके पास खाली पड़े भूखंड में बारिश के दिनों में पानी भर जाता है, जिससे बदबू फैलती है और जलीय जीव पनप जाते हैं। इससे आसपास रहने वालों में डर बना रहता है।</p>
<p><strong>पार्क और सामुदायिक भवन का अभाव</strong><br />वार्ड के निवासी दिलशाद और हरिओम ने बताया कि कॉलोनी में बच्चों के खेलने और लोगों के बैठने के लिए एक भी पार्क नहीं है। बच्चे मेन रोड पर खेलते हैं, जिससे दुर्घटना का डर बना रहता है। सीनियर सिटीजन्स को मॉर्निंग वॉक के लिए दूर जाना पड़ता है। राहुल, रेखा कुमारी और सुमित्रा बाई ने बताया कि बच्चों के खेलने की जगह नहीं होने के कारण उन्हें घर की छत पर ही ले जाना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्ड का क्षेत्र</strong><br />थैगड़ा, सूर्य नगर, भारत विहार, देवाशीष सिटी, ग्रामीण पुलिस लाइन, आदित्य नगर, बजरंग विहार आदि इलाके वार्ड में शामिल हैं।</p>
<p>कचरा गाड़ी तो आती है, पर कुछ गलियों में रोड लाइटें बंद होने की वजह से रात में अंधेरा रहता है और आवागमन में परेशानी होती है।<br /><strong>- जावेद, वार्डवासी</strong></p>
<p>मेन रोड पर कचरा गाड़ी प्रतिदिन आती है, लेकिन अंदर गलियों में रोटेशन के आधार पर ही आती है, जिससे असुविधा होती है।<br /><strong>- बिशन सिंह, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>पार्षद से संपर्क नहीं हुआ</strong><br />वार्ड पार्षद बबलू सिंह कसाना से बात करने के लिए कॉल किया गया, लेकिन मोबाइल स्विच आॅफ होने के कारण संपर्क नहीं हो पाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 14:06:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पूरी तरह जर्जर हुआ देवली-अरनिया स्टेट हाइवे, जगह-जगह हो रहे गड्ढों से वाहन क्षतिग्रस्त</title>
                                    <description><![CDATA[चार पहिया वाहनों की चेसिस तक सड़क से टकराने लगे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-deoli-arnia-state-highway-is-completely-dilapidated--vehicles-are-being-damaged-due-to-potholes-everywhere/article-131809"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(6)10.png" alt=""></a><br /><p>कनवास। देवली से अरनिया तक जाने वाला स्टेट हाइवे पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से आए दिन वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे नियमित रूप से टोल टैक्स का भुगतान करते हैं। लेकिन सड़क पर चलना अब जोखिम भरा हो गया है। कनवास उपखंड क्षेत्र के देवली, पीसाहेड़ा, आवां, माताजी, माधोपुर, कनवास, ककरिया, धूलेट सहित आसपास के क्षेत्रों में यह मार्ग लोगों के दैनिक आवागमन का मुख्य साधन है। लेकिन सड़क की टूटी परतें और गहरे गड्ढे अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की स्थिति और खतरनाक हो गई है।</p>
<p><strong>बारिश ने बिगाड़े हालत, फैली गंदगी </strong><br />हाल की बारिश के बाद सड़क की डामर परत उखड़ चुकी है। धूलेट चौराहे से सुभाष सर्किल तक अधूरे नालों के कारण गंदा पानी बह रहा है। इससे राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को परेशानी हो रही है।</p>
<p><strong>बस स्टैंड की स्थिति सबसे खराब </strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि कनवास बस स्टैंड के पास सड़क पर इतने गहरे गड्ढे हैं कि चार पहिया वाहनों की चेसिस तक सड़क से टकराने लगी है। बसों और छोटे वाहनों को झटके लगने से यात्रियों को परेशानी होती है। कई बार बसों के पार्ट्स टूटने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।</p>
<p><strong>टोल टैक्स वसूली पर उठे सवाल </strong><br />स्थानीय लोगों ने बताया कि टोल टैक्स की वसूली तो पूरी की जा रही है, पर सड़क रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्रामीण सुरेश गुर्जर ने कहा कि हर वाहन से टोल टैक्स लिया जाता है, पर सड़क की हालत देखकर लगता है कि यह पैसा आखिर जा कहां रहा है। वाहन चालक महेश ने कहा कि बस स्टैंड के पास गड्ढों से बसें झटके खाती हैं, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कत होती है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने सरकार से लगाई गुहार </strong><br />ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि हाइवे की तुरंत मरम्मत कराई जाए और टोल कंपनी से जवाब-तलब किया जाए। जब तक सड़क दुरुस्त नहीं होती। तब तक टोल वसूली पर रोक लगाई जाए।</p>
<p>गंदे पानी के जमाव से मच्छर पनप रहे हैं। जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।<br /><strong>-कपिल गौतम, ग्रामीण </strong></p>
<p>गंदगी और बदबू के कारण ग्राहक आना पसंद नहीं करते। जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। <br /><strong>-दीपक कुमावत, दुकानदार</strong></p>
<p>देवली से अरनिया स्टेट हाइवे के मरम्मत कार्य की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जहां-जहां भी सड़क से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें प्राथमिकता से देखा जा रहा है। यह कार्य नवंबर माह में पूरा करवा दिया जाएगा।<br /><strong>-मुकेश गोचर, एक्सईएन, पीपीपी मोड, कनवास </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 16:54:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सीएडी की नहर में दरारें, ग्रामीणों ने घटिया सामग्री का आरोप लगाया</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच व दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/cracks-in-cad-canal--villagers-allege-use-of-substandard-materials/article-131421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(8)3.png" alt=""></a><br /><p>नमाना।  नमाना क्षेत्र के सिलोर—कालपुरिया—साकड़दा गांवों से होकर गुजर रही सीएडी बाय-मुख्य नहर के निर्माण कार्य को लेकर किसानों व ग्रामीणों में तीखी नाराजगी है। स्थानीय किसानों शंकर सैन, दशरथ कुशवाह, विष्णु गुर्जर, सुरेन्द्र मेघवाल, आशिष सुमन, विनोद सुमन व फोरू प्रजापत ने आरोप लगाया कि नहर निर्माण में संबंधित ठेकेदारों ने घटिया सामग्री उपयोग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साढ़े एक साल में हुए कार्य के पैनलों में जगह-जगह दरारें आ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पैनलों की ऊपरी सतह हटाकर नीचे से मिट्टी निकालने पर दरारें और अधिक स्पष्ट हो जाती हैं। ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच व दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p>ग्रामीणों द्वारा लगाया गया घटिया सामग्री का आरोप गलत है; विभाग अपना कार्य निष्ठा से कर रहा है और बरसात के कारण कुछ साधन स्थानों पर नहीं पहुँच पाए थे, किन्तु जो कमी है उसे शीघ्रता से सुधारा जाएगा। सीएडी डायरेक्ट मैनेजर सुब्बा रेड्डी ने भी घटिया सामग्री के आरोप को असत्य बताया और कहा कि पत्थर की डस्ट को एमसेंड बनाकर लगाने का प्रावधान है; जिन पैनलों को क्षति हुई है उन्हें नवंबर में रिपेयर कर दिया जाएगा।<br /><strong>-अरविंद कुमार मीणा, सीएडी अधीक्षण अभियंता।</strong></p>
<p>इनका कहना है सीएडी डायरेक्ट मैनेजर सुब्बा रेड्डी इन्होंने बताया कि घटिया सामग्री का आरोप गलत है, हम अपना कार्य कर रहे हैं, आगे से सुधार कर लिया जाएगा और जो यह पत्थर की डस्ट है, इसको एमसेंड बना कर इसको लगाने का प्रावधान भी है, और जिस जगह के पैनल डैमेज है उनको हम नवंबर के महीने में रिपेयर कर देंगे, आगे से सुधार कर लिया जाएगा।<br /><strong>-सुब्बा रेड्डी, मैनेजर, सीएडी डायरेक्ट।</strong></p>
<p>भाजपा के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष धनराज सुमन ने भी कहा कि संबंधित ठेकेदार ने घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया है और मामला गंभीर है।उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है।<br /><strong>-धनराज सुमन, पूर्व भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/cracks-in-cad-canal--villagers-allege-use-of-substandard-materials/article-131421</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 16:47:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - खस्ताहाल सड़क की हुई मरम्मत, राहगीरों को मिली राहत, कस्बे को जोड़ती है यह सड़क</title>
                                    <description><![CDATA[पीडब्ल्यू डी द्वारा मटेरियल डालने के बाद कस्बे वासियों ने दैनिक नवज्योति का आभार प्रकट किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/impact-of-the-news---dilapidated-road-repaired--commuters-get-relief--this-road-connects-the-town/article-131377"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(1)7.png" alt=""></a><br /><p> चौमहला।  चौमहला कस्बे के बिलावली रोड से चौमहला तक की सड़क काफी क्षतिग्रस्त हो रही है तथा सड़क के बीचों बीच जगह जगह घर गड्ढे हो रहे है।  सोमवार को दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद सार्वजनिक निर्माण द्वारा सड़क पर हो रहे गड्ढों पर ग्रेवल डलवा कर सही करवाया गया। दैनिक नवज्योति ने 3 नवम्बर सोमवार को बिलावली रोड से चौमहला तक की क्षतिग्रस्त को लेकर खस्ताहाल सड़क बनी राहगीरों के लिए मुसीबत शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था,समाचार प्रकाशित होने के बाद सोमवार देर शाम सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सड़क पर हो रहे गड्ढों में मटेरियल डाल कर सही करवाया गया। कस्बेवासियों ने बताया था कि सड़क पर गड्ढे होने के  कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिर कर घायल हो रहे है। यह चौमहला कस्बे को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है।</p>
<p>कस्बे के बिलावली रोड  से चौमहला तक की सड़क काफी क्षतिग्रस्त हो रही है। इस सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे हो रहे है जिससे हमेशा दुर्घटना होने का भय बना रहता है ,गत तीन चार दिन से बरसात होने से इन गड्ढों में पानी भरा हुआ है। साथ ही सड़क पर कीचड़ ही कीचड़ हो रहा है। गंदगी के कारण आसपास के रहवासियों को परेशानी हो रही है, कीचड़ फिसलन के कारण दो पहिया वाहन चालक गिर कर घायल हो रहे है। शनिवार को दो दुपहिया वाहक इन गड्ढों में गिर गए उनके पीछे महिलाएं बैठी थी गिरने से उनके कपड़े कीचड़ में गंदे हो गए। यह मार्ग चौमहला के लिए मल्हारगंज बिलावली बाई पास मार्ग का हिस्सा है जो चौमहला को जोड़ता है इस मार्ग से बड़े बड़े ट्राले, ट्रक भी भरे हुए गुजरते है सार्वजनिक निर्माण द्वारा मटेरियल डालने के बाद कस्बे वासियों ने दैनिक नवज्योति का आभार प्रकट किया।</p>
<p> सड़क पर हो रहे गड्ढों में आज मटेरियल डाला गया,सड़क में अन्य जगह शीघ्र पेचवर्क कराया जाएगा,सड़क के नवीनीकरण का प्रस्ताव बना कर भिजवा रखे है।<br /><strong>- शंकर सिंह सहायक अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग चौमहला</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 13:28:24 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 46- महापौर के प्रयासों से बदली वार्ड की तस्वीर, अधिकतर समस्याओं का हो चुका समाधान</title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड में स्थित सामुदायिक भवन का फर्श जगह-जगह से उखड़ा हुआ है तथा गेट भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-46---the-ward-s-image-transformed-due-to-the-mayor-s-efforts--most-problems-have-been-resolved/article-130924"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(1)29.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण क्षेत्र के वार्ड 46 में शहर के कई पुराने इलाके आते हैं। वार्डवासियों ने बताया कि पहले वार्ड में अनेक समस्याएं थीं, परंतु जब से पार्षद (अब महापौर) को अवगत कराया गया, तब से टूटी सड़कें, खराब रोड लाइट, क्षतिग्रस्त नालियां, पानी के प्रेशर तथा साफ-सफाई सहित अन्य कई समस्याओं का समाधान हो चुका है। वार्डवासियों ने कहा कि जब भी हम किसी भी समस्या के लिए पार्षद को अवगत कराते हैं, तो वे तुरंत संबंधित कर्मचारियों को फोन कर समाधान के निर्देश दे देते हैं। इस वार्ड का प्रतिनिधित्व वर्तमान में दक्षिण के महापौर राजीव अग्रवाल करते हैं। वार्ड में हुए विकास कार्यों की हर कोई तारीफ कर रहा है। हालांकि कुछ समस्याओं का समाधान होना अभी शेष है।</p>
<p><strong>न्यू साबरमती कॉलोनी व हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र से मांग</strong><br />न्यू साबरमती कॉलोनी व हाउसिंग बोर्ड साबरमती कॉलोनी के निवासियों ने बताया कि यदि प्लास्टिक के स्पीड ब्रेकर लगा दिए जाएं तो तेज रफ्तार बाइक पर लगाम लग सकेगी।</p>
<p><strong>महापौर को बताने पर हो जाता है समस्या का समाधान</strong><br />हरीश कुमार, जितेंद्र सिंह सहित अन्य ने बताया कि हमारी गली में प्रतिदिन सफाई होती है तथा समय-समय पर कचरा गाड़ी भी आती है। जब भी वार्ड से संबंधित कोई समस्या होती है, तो महापौर को अवगत कराने के बाद तुरंत समाधान करवा दिया जाता है।</p>
<p><strong>वार्ड का  एरिया </strong><br />साबरमती हरिजन कॉलोनी (आधा भाग), हाउसिंग बोर्ड साबरमती कॉलोनी, बिरला मेडिकल, राष्ट्रदूत कार्यालय, भीम छात्रावास, बड़ी गाड़ी खाना, न्यू मिडिल स्कूल, पानी की टंकी का क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>सामुदायिक भवन व पार्क विकास की प्रतीक्षा में</strong><br />वार्ड में स्थित सामुदायिक भवन की फर्श जगह-जगह से उखड़ी हुई है तथा गेट भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। वहीं न्यू साबरमती कॉलोनी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पास के पार्क का मेन गेट टूटा हुआ है। घास भी ठीक से नहीं लगी है, जिससे लोगों को असुविधा होती है।</p>
<p><strong>इनका कहना </strong><br /> वार्ड में ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसके लिए वार्डवासियों को परेशान होना पड़े। विकास कार्य पर्याप्त मात्रा में करवाए गए हैं।<br /><strong>- शंकरलाल, वार्डवासी</strong></p>
<p>न्यू साबरमती कॉलोनी व न्यू मिडिल स्कूल क्षेत्र में तेज रफ्तार से बाइक निकलती हैं। यदि प्लास्टिक के स्पीड ब्रेकर लगा दिए जाएं तो बाइक की रफ्तार पर नियंत्रण हो सकेगा।<br /><strong>- प्रदीप कुमार, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्डवासियों ने जहां भी स्पीड ब्रेकर की मांग बताई है, वहां लगाए जाएंगे। पार्क में जल्द पौधारोपण भी किया जाएगा और सामुदायिक भवन का विकास कार्य भी किया जाएगा।<br /><strong>- राजीव अग्रवाल भारती, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 12:22:02 +0530</pubDate>
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