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                <title>Strait of Hormuz Tension - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Strait of Hormuz Tension RSS Feed</description>
                
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                <title>ईरान के साथ विवाद सुलझाने के लिए समय-सीमा तय करना मुश्किल : राष्ट्रपति ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि ईरान के साथ सैन्य तनाव सुलझाने के लिए समय-सीमा तय करना कठिन है। उन्होंने ईरान को एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी बताते हुए कहा कि पूर्व में हुआ संघर्ष विराम अब प्रभावी नहीं है, हालांकि विशेष वार्ताकारों की टीम के माध्यम से कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/president-trump-finds-it-difficult-to-set-a-deadline-to/article-161639"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ विवाद को सुलझाने के लिए समय-सीमा तय करना मुश्किल है। ट्रंप ने शुक्रवार को 'रियल अमेरिकाज़ वॉयस' से कहा, "यह हमेशा मुश्किल होता है। हमने वेनेजुएला का मामला एक दिन से भी कम समय में निपटा लिया था। उसमें हमारा कोई नुकसान नहीं हुआ था। ईरान के मामले में, परिभाषाओं के आधार पर कहें तो, 16-18 लोग (प्रभावित हुए हैं)।"</p>
<p>उन्होंने माना कि चल रहे विवाद के दौरान ईरान उनकी पिछली सोच की तुलना में कहीं ज़्यादा कड़ा प्रतिद्वंद्वी साबित हुआ है। कैंप डेविड से बात करते हुए श्री ट्रंप ने कहा, "उनके पास न तो नौसेना है और न ही वायुसेना। ज़्यादातर लोग हार मान लेते। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, इसलिए मैं उन्हें इसका श्रेय देता हूं।" उनसे पूछा गया था कि इस्लामिक रिपब्लिक की क्षमताओं को कमज़ोर करने के लिए और कितने हमले करने होंगे।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, "वे बहुत सख्त माने जाते हैं। वे वाकई सख्त हैं।" ट्रंप ने उन अधिकारियों के नाम बताए जो अभी ईरान के साथ बातचीत में शामिल हैं, जिनमें विशेष दूत स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल हैं। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "स्टीव बात कर रहे हैं, जेरेड... जेडी बहुत मज़बूती से शामिल हैं... मार्को भी शामिल हैं।" पेंटागन के 'डिफेंस कैजुअल्टी एनालिसिस सिस्टम' के अनुसार, 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में मारे गए सैनिकों की संख्या 14 है। पेंटागन ने यह भी बताया कि "विदेशी अभियानों" में चार सैनिक मारे गए।</p>
<p>तेहरान और वॉशिंगटन ने 18 जून की रात एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें 28 फरवरी से शुरू हुए विवाद को खत्म करने की बात कही गई थी। हालांकि, 8 जुलाई के बाद से अमेरिकी सेना ने ईरान पर कई बार हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों के खिलाफ ईरान की कार्रवाई के जवाब में किए गए थे। ईरानी सेना ने मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमले करके जवाब दिया। ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक के बीच हुआ संघर्ष-विराम अब मान्य नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 18:31:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान का बड़ा दावा: अमेरिका-इजरायल के संभावित हमले के खिलाफ तैयार है व्यापक जवाबी योजना, बढ़ी वैश्विक चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने अमेरिका और इजराइल द्वारा देश के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर संभावित हमलों की खबरों को खारिज करते हुए कड़ी चेतावनी दी है। ईरान ने जवाबी रणनीति तैयार कर ली है, जिसके तहत क्षेत्र में इजराइली प्रतिष्ठानों और अमेरिकी ठिकानों को सीधा निशाना बनाया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irans-big-claim-is-that-a-comprehensive-counter-plan-is/article-161660"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(5).png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की ओर से अगर ईरान के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई होती है तो इससे निपटने के लिए उसने व्यापक जवाबी योजना तैयार कर रखी है।ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम से बातचीत में वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने यह जानकारी दी। इससे पहले मीडिया सूत्रों के हवाले से बताया था कि अमेरिका और इजरायल ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमलों की तैयारी कर रहे हैं, जो इस सप्ताहांत हो सकते हैं।</p>
<p>वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हम ईरान के बुनियादी ढांचे पर संभावित हमलों संबंधी अमेरिकी मीडिया की खबरों को पागलपन मानते हैं। हमने व्यापक जवाबी योजना तैयार की है, जिसमें जायोनी शासन (इजरायल) के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और क्षेत्र में अमेरिकी ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की रणनीति शामिल है।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि 18 जून की रात ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसके तहत 28 फरवरी से जारी संघर्ष को समाप्त करने का प्रावधान किया गया था। हालांकि, आठ जुलाई से अमेरिकी बलों ने ईरान पर कई चरणों में हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ ईरानी कार्रवाइयों के जवाब में किये गये हैं।</p>
<p>इसके जवाब में ईरान ने मध्य-पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच लागू युद्धविराम अब प्रभावी नहीं रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 16:55:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारत आ रहे एलएनजी जहाज पर ड्रोन हमला: इंजन रूम से लगी आग, क्रू मेंंबर सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[कतर से गुजरात के दहेज बंदरगाह आ रहे एलएनजी टैंकर 'अल रेकय्यात' पर ओमान की खाड़ी में संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ है, जिससे उसके इंजन रूम में भीषण आग लग गई। जहाज पर सवार चार भारतीयों सहित सभी 29 क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/drone-attack-on-lng-ship-coming-to-india-near-strait/article-159178"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(4)4.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। इसी बीच कतर से भारत आ रहे एक एलएनजी जहाज पर कथित ड्रोन हमला होने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, जहाज कतर के रास लाफान बंदरगाह से गुजरात के दहेज की ओर जा रहा था, तभी ओमान की खाड़ी में उस पर हमला हुआ। हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और वहां से घना धुआं उठने लगा।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक जहाज पर कुल 29 चालक दल के सदस्य सवार हैं, जिनमें चार भारतीय नागरिक शामिल हैं। राहत की बात यह है कि सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जहाज को कुछ नुकसान पहुंचा है, लेकिन पर्यावरणीय क्षति की भी कोई पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<p>इस घटना के बीच अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर कथित हमलों के जवाब में ईरान पर कई हमले किए है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने मंगलवार रात यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने तुरंत इस हमले की निंदा की और उसके विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को समझौता ज्ञापन के पैराग्राफ एक और दो का गंभीर उल्लंघन बताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:26:09 +0530</pubDate>
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