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                <title>vehicles - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>वाहनों की जगह जिंदगी पर लग सकता है ब्रेक,शहर में अधिकतर स्पीड ब्रेकर क्षतिग्रस्त</title>
                                    <description><![CDATA[छोटी-छोटी गलियों और मौहल्लों में जरा-जरा सी दूरी पर स्पीड ब्रेक बने हुए हैं। 
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/instead-of-braking-vehicles--they-could-put-a-stop-to-lives--most-speed-breakers-in-the-city-are-damaged/article-149082"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/122200-x-60-px)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में मुख्य मार्गों से लेकर गली मौहल्लों तक में वाहनों की तेज गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। लेकिन अधिकतर ब्रेकर या तो क्षतिग्रस्त हो रहे हैं या बिना मानकों के बने हुए हैं। जिनसे हादसों का खतरा बना हुआ है। ऐसे में ये ब्रेकर वाहनों की गति पर ब्रेक लगाने की जगह व्यक्ति की जिंदगी पर ब्रेक लगा सकते हैं। वाहन चालक निर्धारित गति से वाहन चलाएं और मोड व स्कूल-कॉलेज के पास वाहनों की गति को नियंत्रित कर सकें। इसके लिए यातायात नियमों के तहत मुख्य मार्गों समेत कई जगह पर नगर निगम, कोटा विकास प्राधिकरण व सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। नियमानुसार तो ये स्पीड ब्रेकर निर्धारित मानकों के अनुसार ही बनाए जाने चाहिए। जिसमें उनकी ऊंचाई लम्बाई व चौड़ाई सभी निर्धारित है। साथ ही हर स्पीड ब्रेकर पर सफे द पट्टी भी होनी चाहिए। जिससे दूर से ही वाहन चालकों को स्पीड ब्रेकर का पता चल सके और वे अपने वाहनों की गति को धीमा कर सके। लेकिन हालत यह है कि शहर में अधिकतर ब्रेकर बिना मानक के और लोगों की मनमर्जी से बने हुए हैं।</p>
<p><strong>अधिकतर ब्रेकर बीच से टूटे हुए</strong><br />शहर में मुख्य मार्गो पर जहां बड़े-बड़े स्पीड ब्रेकर बने हुए हैं। वहीं छोटी-छोटी गलियों और मौहल्लों तक में जरा-जरा सी दूरी पर स्पीड ब्रेक बने हुए हैं। कई लोगों ने तो अपने घर के सामने, किसी ने अपनी दुकान के सामने, किसी ने शोरूम के सामने तो किसी ने बिना किसी कारण के स्पीड ब्रेकर बनाए हुए हैं। रबड़ वाले व डामर- गिट्टी के बने इन स्पीड ब्रेकर में अधिकतर बीच से टूटे हुए हैं। कई उबड़-खाबड़ हो रहे हैं। कई स्पीड ब्रेकर पर सफेद पट्टी भी नहीं हो रही है। जिससे उन स्पीड ब्रेकर से गुजरने वाले वाहनों विशेष रूप से दो पहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। वाहन चालकों के लिए ऐसे स्पीड ब्रेकर खतरा बने हुए हैं।<br /> <br /><strong>कुछ को तोड़ा तो कुछ हुए खराब</strong><br />जानकारों के अनुसार नगर निगम व केडीए की ओर से यातायात पुलिस की सलाह पर जो स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं वे तो नियमानुसार बने हैं। लेकिन कई स्पीड ब्रेकर लोगों ने अपनी मर्जी से या बिना किसी की जानकारी के बनाए हैं वे गलत तरीके से बने हुए हैं। उनमें से कुछ को तो लोगों ने ही तोड़ दिया है। वहीं डामर के स्पीड ब्रेकर बरसात व भारी वाहनों के कारण क्षतिग्रस्त हो गए हैं।</p>
<p><strong>शहर में हर जगह ऐसी स्थिति</strong><br />शहर में कोई भी जगह ऐसी नहीं हैं जहां स्पीड ब्रेकर पूरी तरह से सही हों। विज्ञान नगर पीएफ कार्यालय रोड, छावनी, स्माल स्केल इंडस्ट्रीयल एरिया, नयापुरा, बसंत विहार, बजरंग नगर,महावीर नगर, रंगबाड़ी रोड व दादाबाड़ी और वल्लभ नगर समेत सभी जगह पर ऐसी स्थिति हैं जहां जितने स्पीड ब्रेकर हैं उनमें से ज्यादातर टूटे हुए ही हैं। जिन पर आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।</p>
<p><strong>जहां जरूरत हो वहीं बने ब्रेकर</strong><br />लोगों का कहना है कि स्पीड ब्रेकर की जहां जरूरत हो वहीं बनने चाहिए। साथ ही यातायात नियमों व मानकों के अनुसार ही बनाए जाएं।बजरंग नगर निवासी संजय साहू का कहना है कि जगह-जगह छोटी गलियों में बिना मानक के रबड़ वाले व डामर के छोटे ब्रेकर बनाना गलत है। उनसे वाहन तो रूकते नहीं हैं लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। साथ ही इन ब्रेकर पर वाहन उछलने ने लोगों को कमर दर्द समेत कई तरह की बीमारियों का भी सामना करना पड़ रहा है।भीमगंजमंडी निवासी महेश लोधा का कहना है कि बिना मानक के बने व क्षतिग्रस्त ब्रेकर अधिक नुकसान दायक हैं। इनसे दुर्घटना का खतरा होने के साथ ही वाहनों को भी नुकसान हो रहा है। नगर निगम व कोटा विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों को पूरे मानक के अनुसार ही ब्रेकर बनाए जाने चाहिए। गलत तरीके से ब्रेकर बनवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में स्पीड ब्रेकर तो वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए हैं। जहां भी ब्रेकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। उनका सर्वे कराया गया है। पूरे मानक के अनुसार और जिला सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशानुसार ब्रेकर की मरम्मत व रखरखाव का कार्य कराया जा रहा है।<br />-<strong>मुकेश चौधरी, सचिव कोटा विकास प्राधिकरण </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 14:30:04 +0530</pubDate>
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                <title>नई-पुरानी सभी गाड़ियाँ के लिए ए20 पेट्रोल अनुकूल, बस पेट्रोल टैंक में पानी न पहुंचने दें</title>
                                    <description><![CDATA[आज से पूरे भारत में ई-20 पेट्रोल (20% इथेनॉल + 80% पेट्रोल) मिलेगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/e-20-petrol-is-compatible-with-all-vehicles%E2%80%94both-new-and-old%E2%80%94provided-that-water-is-prevented-from-entering-the-fuel-tank/article-148700"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/122200-x-60-px).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। आज से पूरे भारत में ई-20 पेट्रोल (20% इथेनॉल + 80% पेट्रोल) अनिवार्य कर दिया गया है। सभी पेट्रोल पंपों पर यही स्टैंडर्ड फ्यूल मिलेगा। इसमें कम से कम 95 फडठ (ऑक्टेन नंबर) होना जरूरी है, जो इंजन की क्वालिटी/परफॉर्मेंस का मानक है। लेकिन इसको लेकर लोगों में भ्रम की स्थित बनी हुई है। कई लोगों में भ्रम बना हुआ है कि इससे गाड़ी की माइलेज गिर जाएगा। किसी का मानना है कि पुरानी गाडि़यों के लिए सुरक्षित नहीं है तो किसी का मानना है कि पुरानी 2020 से पुरानी गाडियों के लिए यह ठीक नहींं या नई गाड़ियाँ 2023 के बाद इसके लिए डिजाइन की गई हैं । इस सब संभावनाओं को लेकर दैनिक नवज्योति ने नई ईंधन व्यवस्था को लेकर पुराने वाहन मालिकों (5-10 साल पुराने) की चिंताओं पर ऑटोमोबाइल जगत के दिग्गजों ने खुलकर बात की है। प्रस्तुत हैं उसके निष्कर्ष।</p>
<p><strong>यह है लोगों में भ्रम</strong><br />-माइलेज 3 से 7 फीसदी तक कम हो सकता है, खासकर पुरानी गाड़ियों में<br />-2020 से पहले की गाड़ियों में रबर/प्लास्टिक पार्ट्स जल्दी खराब हो सकते हैं<br />- इंजन ट्यूनिंग की जरूरत पड़ सकती है<br />-इंजन के लिए थोड़ा नुकसान देय</p>
<p><strong>विशेषज्ञों की राय</strong><br />टाटा मोटर्स में 22 वर्षों का अनुभव रखने वाले सीनियर टेक्निशियन विजय माथुर ने बताया, तकनीकी रूप से सभी गाड़ियाँ के लिए ए20 पेट्रोल अनुकूल हैं। हमारे पास किसी खराबी का कोई सर्कुलर नहीं आया है। इसलिए वाहन मालिकों को फिक्र करने की जरूरत नहीं है। यदि किसी भी प्रकार की कोई परेशानी होती तो तकनीकी अनुसंधान टीम द्वारा हमारे पास पहले से ही नोटिफिकेशन आ जाते,हमारे पास फिलहाल कोई सरकुलेशन नहीं आया है। सरकार द्वारा ए-20 पेट्रोल को लागू कर दिया गया है। इससे वाहन मालिकों को फिक्र करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। शिकायतों मे ज्यादातर मामलों में सही गुणवत्ता वाले पार्ट्स का उपयोग न होना पाया गया है। कम्पनी किसी भी पार्ट्स को बहुत सारी टेस्टिंग ओर परिस्थितियों में परखने के बाद ही उपयोग में लेती है ऐसे में इन बातों का सवाल ही नहीं उठता।</p>
<p><strong>परफॉर्मेंस में सुधार</strong><br />मारुति कंपनी के सर्विस मैनेजर योगेन्द्र नागर के अनुसार इथेनॉल के उच्च ऑक्टेन (108.5) के कारण गाड़ियों के परफॉर्मेंस और पिकअप में सुधार होगा।नई और पुरानी गाड़यों में किसी तरह का नुकसान नहीं है। उलटा उच्च ऑक्टेन (108.5) होने से परफोरमेंस में सुधार होगा। 12 साल का अनुभव रखने वाले पाठक ने बताया कि इंजन की 'नॉकिंग' कम होती है और आवाज भी घटती है।  नई गाड़ियों के टैंक पर पहले से 'ए20' लिखा आ रहा है। वैसे एथेनॉल युक्त पेट्रोल काफी समय से चल रहा है। रबर या फ्यूल लाईन में कोई भी खराबी नहीं देखी गयी है।<br />सावधानियां जो बरती जानी चाहिए<br />-पानी से बचाव ,पेट्रोल टैंक में पानी न पहुँचने दें। क्योंकि इथेनॉल नमी के साथ मिलकर पानी में परिवर्तित हो जाता है जिससे इंजन खराब होने की सम्भावना होती है व ईंधन की गुणवत्ता प्रभावित कर सकता है।<br />-नियमित इस्तेमाल करें, गाड़ी को पेट्रोल भरकर महीनों तक खड़ा न रखें। रूटीन में चलाने से फ्यूल लाइन और इंजन की ट्यूनिंग बेहतर रहती है।<br />-माइलेज ए20 से माइलेज में 2-3% की मामूली कमी आ सकती है। लेकिन बेहतर पिकअप और कम प्रदूषण इसे संतुलित कर देता है।</p>
<p><strong>यह भी तर्क आये सामने</strong><br />कोटडी क्षेत्र में करीब 30 वर्षो से टूव्हीलर का काम करने वाले राजू मेहरा ने बताया कि कार्बोरेटर में सफेद चिकनाई जैसा पदार्थ जम जाता है, जिससे गाड़ियों की रेस अपने आप कम ज्यादा होने लगती है। एथेनाल से किसी किसी गाड़ी में कोई परेशानी नहीं देखी गयी है।वहीं कार मैकेनिक शानु विदेश में जर्मनी कार कम्पनी के मैकेनिक के रूप में काम कर चुके है फिलहाल 10 वर्षो से कोटा में कार गैराज के मालिक है इनका कहना है कि कारों मे इन्जेक्टर चौक हो जाते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी यही है। डीजल गाडि़यों में तो यह आम बात हो गई है। पेट्रोल गाडीयों में भी परेशानियां सामने आ रही है।<br />ताथेड़ डिपो से अब केवल ए20 की सप्लाई होगी। यह बदलाव भविष्य की जरूरतों के लिए अनिवार्य है। अब आपकी गाड़ी में डलने वाला हर लीटर पेट्रोल भारतीय किसान के पसीने और देश की आत्मनिर्भरता की महक लेकर आएगा।<br /><strong>- तरुमीत सिंह बेदी, अध्यक्ष, कोटा पेट्रोल पंप एसोसिएशन</strong></p>
<p>तकनीकी रूप से सभी गाड़ियाँ ए20 पेट्रोल के लिए अनुकूल हैं। हमारे पास किसी खराबी का कोई सर्कुलर नहीं आया है। इसलिए वाहन मालिकों को फिक्र करने की जरूरत नहीं है। परेशानियां अक्सर घटिया क्वालिटी के लोकल पार्ट्स के कारण होती हैं।<br /><strong>-अनिरुद्ध दाधिच सर्विस इंजीनियर</strong></p>
<p>पेट्रोलियम के ऑटोमेंशन के क्षेत्र से पिछले 12 वर्षो से जुडा हुं काफी समय से एथेनॉल का प्रयोग हो रहा है कभी कोई समस्या नहीं देखी। मैं खुद 8 साल पुरानी कार चला रहा हूॅ।<br />- दिलीप शर्मा,कार मालिक  सिस्टम इंजिनियर फील्ड़ मैनेजमेन्ट<br />एथेनाल पेट्रोल पहले से ही उपलब्ध हे, ऐसे में यहां पर भी नये नियमों के तहत सप्लाई जारी की जायेगी ।<br /><strong>-सागर कुमार, प्लान्ट हेड़ बीपीसीएल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <title>जयपुर में ओवरलोड वाहनों पर बड़ा एक्शन : 30 वाहन जब्त, लाइसेंस निलंबन की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में परिवहन विभाग का सख्त एक्शन, आरटीओ द्वितीय धर्मेंद्र कुमार की टीम ने महला-जोबनेर-नावा-कुचामन मार्ग पर रातभर छापा मारकर नमक, पत्थर व पाउडर से लदे 30 ओवरलोड वाहन जब्त किए। कई चालक फरार मिले। करीब 20 लाख राजस्व संभावित। अब लाइसेंस व परमिट निलंबन की तैयारी, 31 मार्च तक अभियान जारी रहेगा। अवैध मॉडिफिकेशन पर भी होगी कड़ी कार्रवाई
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-action-on-overloaded-vehicles-in-jaipur-30-vehicles-seijed/article-148318"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/6622-copy121.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">परिवहन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आयुक्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पुरुषोत्तम</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">शर्मा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निर्देश</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आरटीओ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">द्वितीय</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">धर्मेंद्र</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कुमार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">टीम</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">महला</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जोबनेर</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नावा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कुचामन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मार्ग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">विशेष</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">छापेमार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अभियान</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चलाया।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सघन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कार्रवाई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">दौरान</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नमक</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पत्थर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पाउडर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भरे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कुल</span> 30 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ओवरलोड</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाहनों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जब्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">किया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गया।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जांच</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाहनों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बकाया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पाया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गया</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जिन्हें</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नियमानुसार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जब्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जोबनेर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">थाना</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सहित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">विभिन्न</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">थानों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सुपुर्द</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">किया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गया। यह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अभियान</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रात</span> 8 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बजे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सुबह</span> 9 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बजे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लगातार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चलाया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गया।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कार्रवाई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">दौरान</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चालक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाहन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">छोड़कर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">फरार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हो</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गए</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जिन्हें</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जीपीएस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मैकेनिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आरक्षित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रशिक्षित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चालकों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मदद</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सुरक्षित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रूप</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जब्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">किया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गया।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">विशेष</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अभियान</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">करीब</span> 20 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लाख</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रुपये</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">राजस्व</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्राप्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">होने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संभावना</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अब</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ओवरलोडिंग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">करते</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पाए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चालकों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ड्राइविंग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लाइसेंस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निलंबित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">किए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जाएंगे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संबंधित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाहनों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">परमिट</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निलंबन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लिए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नोटिस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जारी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">होंगे।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">साथ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ही</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अवैध</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मॉडिफिकेशन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाले</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाहनों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कड़ी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कार्रवाई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">होगी।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वरिष्ठ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">परिवहन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निरीक्षक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">राजेश</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चौधरी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अनुसार</span> 31 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मार्च</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अभियान</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जारी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रहेगा।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">विभाग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाहन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संचालकों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निर्धारित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सीमा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पालन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">करने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अपील</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 14:33:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कंडम वाहन भी दे गए निगम को डेढ़ करोड़ रुपए, 12 साल बाद हुई निगम के कंडम वाहनों व स्क्रेप की नीलामी</title>
                                    <description><![CDATA[कंडम वाहनों की रखवाली पर हर साल निगम को लाखों रुपए खर्च करने पड़ रहे थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/obsolete-vehicles-also-cost-the-corporation-1-5-crore-rupees/article-146234"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के गैराज अनुभाग में एक ओर जहां बड़ी संख्या में नए वाहन व मशीनरी आई हैं। वहीं बरसों पुराने वाहन कंडम भी हो गए हैं। ये कंडम वाहन निगम के लिए परेशानी का कारण बने हुए थे। अब उन्हीं कंडम वाहनों व स्क्रेप की नीलामी से निगम को करीब डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक की आय हुई है।</p>
<p>नगर निगम का गैराज पहले किशोरपुरा में था। बरसों पुराना होने से वहां नए-नए वाहन आने पर वह गैराज छोटा पडे लगा। निगम के गैराज में पिछली कांग्रेस सरकार के समय सफाई की बड़ी-बड़ी मशीनरी से लेकर छोटी वाहन तक आए हैं। जिससे उन वाहनों को गैराज में खड़ा करने में समस्या आ रही थी। उसके समाधान के लिए नगर निगम की ओर से हाल ही में रामतलाई में नया गैराज बनाया गया है। अब वहीं से वाहनों का संचालन हो रहा है। साथ ही गैराज अनुभाग का पूरा आॅफिस भी वहीं शिफ्ट हो गया है।</p>
<p><strong>पुराने व कंडम वाहनों से हो रही थी समस्या</strong><br />पुराने गैराज में नए वाहन आने के साथ ही कई पुराने वाहन भी थे। जिसके कारण उन्हें रखने में समस्या आ रही थी। ऐसे में पहले तो पुराने वाहनों को हटाया गया था। जिससे कुछ जगह बनी लेकिन वह भी छोटी पड़ी तो नया गैराज बनाना पड़ा। अब पुराने गैराज का उपयोग किशोरपुरा मुक्तिधाम के विस्तार के रूप में किया जाएगा।</p>
<p><strong>दशहरा मैदान फेज एक व दो में रखे वाहन</strong><br />नगर निगम के पुराने व कंडम वाहनों को पहले तो दशहरा मैदान के फेज एक में रखा गया था। लेकिन दशहरा मेले के समय उन्हें वहां से हटाकर फेज दो में पुराना पशु मेला स्थल के पीछे की तरफ रखा गया था। जिससे जगह भी रूकी हुई थी और उन कंडम वाहनों की रखवाली भी निगम को करनी पड़ रही थी। जिस पर हर साल लाखों रुपए खर्च करने पड़ रहे थे।</p>
<p><strong>12 साल बाद हुई नीलामी</strong><br />नगर निगम के सफाई से लेकर मशीनरी तक हर साल कंडम हो रही थी। लेकिन उन कंडम वाहनों की नीलामी नहीं होने से उनकी संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही थी। हालांकि निगम के अधिकारियों ने कई बार प्रयास किए लेकिन किसी ने किसी कारण से नीलामी नहीं हो सकी थी। अब करीब 12 साल बाद निगम के कंडम व पुराने वाहनों के साथ ही स्क्रेप, टायर, बैटरी व एल्यूमीनियम की नीलामी हुई है।</p>
<p><strong>1.60 करोड़ की हुई आय</strong><br />नगर निगम के अधिशाषी अभियंता(गैराज) रविन्द्र कुमार सैनी ने बताया कि निगम के कंडम व पुराने वाहनों व स्क्रेप की नीलामी की गई है। जिनमें वाहनों से निगम को 1 करोड़ 1 लाख 59 हजार रुपए और इसके अलावा टायर, स्क्रेप, बैटरी व एल्यूमीनियम से कुल 1 करोड़ 60 लाख रुपए से अधिक की आय हुई है। उन्होंने बताया कि नीलामी तो हो गई है लेकिन कायार्देश जारी होने के बाद वाहनों को दशहरा मैदान फेज दो से हटाया जाएगा। अभी सभी वाहन वहीं रखे हुए हैं।</p>
<p><strong>रद्दी की भी होगी नीलामी</strong><br />नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि निगम के गैराज में बरसों से कंडम वाहन पड़े हुए थे। फिलहाल उन्हें दशहरा मैदान में पीछे की तरफ रखा गया था। जहां उनकी रखवाली पर ही काफी खर्चा करना पड़ रहा था। उसके बाद भी उन वाहनों में से आए दिन चोरी हो रही थी। ऐसे में कमेटी के माध्यम से पूरी प्रक्रिया अपनाते हुए अलग-अलग चार कैटेगरी में नीलामी की गई। बरसों बाद कंडम वाहनों की नीलामी हुई है। जिससे निगम को आय भी हुई और जहग भी खाली हो गई है। अब बरसों से जमा अखबार व अन्य रद्दी की भी नीलामी की जाएगी। सूत्रों के अनुसार रद्दी की करीब 20 साल से नीलामी नहीं हुई है। वर्ष 2006 में नीलामी हुई थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 15:22:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>1 अप्रैल से देशभर में सिर्फ E20 पेट्रोल अनिवार्य, पुराने वाहनों का माइलेज 3-7 प्रतिशत तक घट सकता है</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में कम से कम 95 आरओएन वाला E20 पेट्रोल (20% एथनॉल मिश्रित) बेचना अनिवार्य किया। इससे कच्चे तेल का आयात कम होगा, प्रदूषण घटेगा, और किसानों को फायदा। नई गाड़ियाँ E20 के अनुकूल, जबकि पुरानी गाड़ियों में थोड़ा माइलेज घट सकता।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/from-april-1-only-e20-petrol-is-mandatory-across-the/article-144630"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-60-px)-(1)8.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में कम से कम 95 आरओएन (रिसर्च ऑक्टेन नंबर) वाला E20 पेट्रोल (ए20 पेट्रोल) (20% एथनॉल मिश्रित) बेचना अनिवार्य कर दिया है। तेल मंत्रालय ने 17 फरवरी की अधिसूचना में साफ निर्देश दिया है कि सभी तेल कंपनियां भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों के मुताबिक 20 फीसदी तक एथनॉल मिला पेट्रोल, न्यूनतम रिसर्च ऑक्टेन नंबर (आरओएन) 95 के साथ बेचेंगी।</p>
<p>यह नियम सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होगा। बता दें कि E20 पेट्रोल की कीमत 97 रुपए से 106 प्रति लीटर हो सकती है। सरकार ने यह भी कहा है कि खास परिस्थितियों में, सीमित समय और विशेष क्षेत्रों के लिए छूट दी जा सकती है।</p>
<p><strong>क्यों लिया गया यह फैसला ?</strong></p>
<ul>
<li>एथनॉल गन्ना, मक्का और अनाज से बनता है।</li>
<li>यह देश में ही तैयार होता है और पेट्रोल से ज्यादा साफ जलता है।</li>
<li>इससे कच्चे तेल के आयात में कमी आती है।</li>
<li>प्रदूषण घटाने में मदद मिलती है।</li>
<li>किसानों को फायदा, क्योंकि गन्ने और मक्का की मांग बढ़ती है।</li>
</ul>
<p>तेल मंत्रालय के मुताबिक, 2014-15 से अब तक पेट्रोल में एथनॉल मिलाने से भारत ने 1.40 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा विदेशी मुद्रा की बचत की है।</p>
<p><strong>आरओएन 95 क्यों जरूरी ?</strong></p>
<p>आरओएन यानी रिसर्च ऑक्टेन नंबर, ईंधन की नॉकिंग से बचाव की क्षमता मापता है। नॉकिंग तब होती है, जब इंजन में ईंधन असमान रूप से जलता है, जिससे आवाज, पावर की कमी और लंबे समय में इंजन को नुकसान हो सकता है। जितना ज्यादा आरओएन, उतना बेहतर इंजन प्रोटेक्शन। एथनॉल का ऑक्टेन वैल्यू करीब 108 आरओएन होता है, इसलिए 20% मिश्रण से पेट्रोल की गुणवत्ता सुधरती है।</p>
<p><strong>गाड़ियों पर क्या असर ?</strong></p>
<p>उद्योग के अधिकारियों के अनुसार, 2023-25 के बाद बनी ज्यादातर गाड़ियां E20 के अनुकूल हैं और कोई बड़ी दिक्कत नहीं होगी। हालांकि, पुरानी गाड़ियों में 3-7% तक माइलेज घट सकता है और रबर या प्लास्टिक पार्ट्स पर हल्का असर पड़ सकता है। सरकार ने 10% एथनॉल मिश्रण का लक्ष्य जून 2022 में समय से पहले हासिल कर लिया था। इसके बाद 20% लक्ष्य को 2030 से घटाकर 2025-26 कर दिया गया। फिलहाल देश के ज्यादातर पेट्रोल पंप पर ए20 उपलब्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 10:59:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान में ऑटो सेक्टर ने भरी रफ्तार : जनवरी 2026 में 20.02% की शानदार वृद्धि, दोपहिया और यात्री वाहनों की मजबूत मांग</title>
                                    <description><![CDATA[जनवरी 2026 में राजस्थान के ऑटोमोबाइल बाजार ने जोरदार शुरुआत की। कुल 1,52,995 वाहनों की बिक्री हुई, जिसमें दोपहिया 94,755 (+27.84%), यात्री वाहन 31,689 (+8.69%), ट्रैक्टर 13,902 (+11.63%), तिपहिया 4,169 (+10.52%) और वाणिज्यिक वाहन 7,945 (+9.47%) शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/auto-sector-picks-up-pace-in-rajasthan-in-january-2026/article-143177"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/hhh.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में ऑटोमोबाइल बाजार ने वर्ष 2026 की शुरुआत जोरदार प्रदर्शन के साथ की है। जनवरी 2026 में राज्य में कुल 1,52,995 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई, जो जनवरी 2025 के 1,27,472 वाहनों की तुलना में 20.02 प्रतिशत अधिक है। सभी प्रमुख श्रेणियों में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली, जबकि केवल निर्माण उपकरण (सीई) श्रेणी में गिरावट दर्ज की गई।</p>
<p><strong>दोपहिया वाहनों ने दिखाई सबसे तेज रफ्तार :</strong></p>
<p>जनवरी 2026 में दोपहिया (2W) वाहनों की बिक्री 94,755 इकाई रही, जो पिछले वर्ष के 74,119 के मुकाबले 27.84 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मजबूत मांग का संकेत देती है। बेहतर फाइनेंसिंग विकल्प, नई लॉन्चिंग और शादी-ब्याह के सीजन का असर बिक्री पर साफ दिखाई दिया।</p>
<p><strong>तिपहिया और वाणिज्यिक वाहन भी बढ़े :</strong></p>
<p>तिपहिया (3W) वाहनों की बिक्री 4,169 इकाई रही, जो 10.52 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। वहीं वाणिज्यिक वाहन (CV) श्रेणी में 7,945 वाहनों की बिक्री हुई, जो 9.47 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार, परिवहन और लास्ट माइल डिलीवरी की बढ़ती जरूरतों ने इन श्रेणियों को मजबूती दी है।</p>
<p><strong>यात्री वाहनों में स्थिर मजबूती :</strong></p>
<p>यात्री वाहन (PV) श्रेणी में 31,689 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई, जो 8.69 प्रतिशत की वृद्धि है। एसयूवी और प्रीमियम सेगमेंट की मांग में निरंतर बढ़ोतरी से इस श्रेणी को बल मिला है।</p>
<p><strong>ट्रैक्टर बिक्री में दो अंकों की बढ़ोतरी :</strong></p>
<p>ट्रैक्टर (TRAC) बिक्री 13,902 इकाई रही, जो 11.63 प्रतिशत अधिक है। अच्छी कृषि गतिविधियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार का सकारात्मक प्रभाव ट्रैक्टर बिक्री पर दिखा।</p>
<p><strong>निर्माण उपकरण में गिरावट :</strong></p>
<p>निर्माण उपकरण (CE) श्रेणी में 535 इकाइयों की बिक्री हुई, जो पिछले वर्ष की 714 इकाइयों की तुलना में 25.07 प्रतिशत कम है। जानकारों का मानना है कि कुछ परियोजनाओं में धीमी गति और निवेश में अस्थायी ठहराव इसका कारण हो सकता है।</p>
<p>कुल मिलाकर जनवरी 2026 के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि राजस्थान का ऑटो बाजार नए साल में उत्साहजनक शुरुआत कर चुका है। विशेषकर दोपहिया, यात्री वाहन और ट्रैक्टर श्रेणियों की मजबूत वृद्धि से यह स्पष्ट है कि राज्य की उपभोक्ता मांग और ग्रामीण-शहरी अर्थव्यवस्था दोनों में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 16:40:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनएचएआई की लापरवाही से दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भ्रमित हो रहे वाहन चालक</title>
                                    <description><![CDATA[कराड़िया में दो इंटरचेंज, दोनों के मोड़ पर संकेतक नहीं होने से भटक रहे वाहन चालक।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/nhai-s-negligence-is-causing-confusion-for-drivers-on-the-delhi-mumbai-expressway/article-141796"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(20).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एनएचएआई की लापरवाही वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन रही है। कराड़िया क्षेत्र में बने कोटा और बारां के दो अलग-अलग इंटरचेंज के मोड़ पर संकेतक नहीं होने से वाहन चालक भ्रमित हो रहे हैं। नतीजा यह है कि कोटा आने वाले वाहन चालक अनजाने में बारां नेशनल हाइवे पर पहुंच रहे हैं, जहां से उन्हें अतिरिक्त चक्कर काटकर वापस लौटना पड़ता है। वहीं, कुछ वाहन चालकों को लंबी दूरी से बचने के लिए मजबूरी में 300 मीटर रॉन्ग साइड चलना पड़ता है। जिससे गंभीर हादसा होने का खतरा बना रहता है। यह समस्या स्टेट हाइवे 70 जालिमपुरा इंटरचेंज से कोटा आने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।</p>
<p><strong>दोनों इंटरचेंज के घूम पर नहीं संकेतक बोर्ड</strong></p>
<p>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के कराड़िया क्षेत्र में कोटा और बारां के लिए दो अलग-अलग इंटरचेंज बनाए गए हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन इंटरचेंज के मोड़ पर कहीं भी ऐसा संकेतक नहीं है जो यह बता सके कि कौनसा रास्ता कोटा और बारां की ओर जाता है।इधर,वाहन चालक रफीक मोहम्मद, सतीश नायक, अजय मेडतवाल का कहना है कि रात के समय स्थिति और विकट हो जाती है। अंधेरे में बिना संकेतक के सही रास्ता पहचानना मुश्किल हो जाता है।</p>
<p><strong>दोनों इंटरचेंज के बीच सिर्फ 50 मीटर का फासला</strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार, बारां इंटरचेंज के बाद महज 50 मीटर आगे ही कोटा रोड का इंटरचेंज मौजूद है। यदि यहां और पहले वाले मोड़ पर स्पष्ट और बड़े संकेतक बोर्ड लगा दिए जाएं, तो न केवल वाहन चालक भ्रमित होने से बचेंगे बल्कि उन्हें 1 किलोमीटर लंबा चक्कर और रॉन्ग साइड जाने से भी बच सकेंगे। हालांकि, कोटा इंटरचेंज के मोड़ पर बिल्कुल छोटे शब्दों में लाल रंग से कोटा लिखा हुआ है, जो देखने से भी दिखाई नहीं देता। बरहाल, बारां इंटरचेंज के मोड़ पर तो संकेतक ही नहीं है।</p>
<p><strong>वाहन चालकों की मांग</strong></p>
<p>स्थानीय निवासी और वाहन चालकों ने एनएचएआई से मांग की है कि कराड़िया के दोनों इंटरचेंज के मोड़ पर तुरंत बड़े और रिफ्लेक्टिव संकेतक बोर्ड लगाए जाएं। वहीं, रात के समय दिखने वाले फ्लोरोसेंट साइन बोर्ड लगाए जाएं।</p>
<p><strong>वाहन चालक बोले- एक्सप्रेस-वे पर बुनियादी चूक से बढ़ा खतरा</strong></p>
<p>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर इस तरह की बुनियादी चूक वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। दो बार मैं खुद इस गफलत का शिकार हो चुका हूं। एनएचएआई को वाहन चालकों के हित में रिफ्लेक्टिव संकेतक बोर्ड लगवाने चाहिए।</p>
<p>कुछ दिनों पहले सुल्तानपुर से कोटा गया था। जालिमपुरा इंटरचेंज होते हुए कराड़िया पहुंचा। यहां दो इंटरचेंज बने हुए हैं और दोनों के मोड पर कोई सांकेतिक बोर्ड नहीं होने के कारण मैं बारां वाले इंटरचेंज की ओर मुड़ गया और टोल पार करने के बाद पता चला कि कोटा रोड की जगह बारां नेशनल हाईवे पर आ गया। ऐसे में मुझे करीब एक किलोमीटर लंबा अतिरिक्त चक्कर काटने के बाद सही रास्ते पर पहुंच सका। एनएचएआई की लापरवाही के कारण मानसिक परेशानी हुई और समय भी व्यर्थ हुआ।</p>
<p>यह दिखने में छोटी लेकिन गंभीर समस्या है, जब एनएचएआई टोल पूरा लेती है तो वाहन चालकों व यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। सबसे ज्यादा मुसीबत बाहर से आने वाले व पहली बार जालिमपुरा से कराड़िया एक्सप्रेसवे पर आने वाले वाहन चालकों के लिए रहती है। एनएचएआई की लापरवाही कभी बड़ा हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में जरूरी है कि समय पर व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाए। दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे पर सभी जगह संकेतक बोर्ड लगे हुए हैं। रही बात कराड़िया में बारां और कोटा इंटरचेंज के मोड़ पर संकेतक बोर्ड की तो दिखवाएंगे।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/nhai-s-negligence-is-causing-confusion-for-drivers-on-the-delhi-mumbai-expressway/article-141796</link>
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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 18:05:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोती डूंगरी गणेश मंदिर में वाहनों का महाकुंभ, अबूझ मुहूर्त में 1150 से अधिक फोर व्हीलर और 600 से अधिक टू-व्हीलर वाहनों का पूजन</title>
                                    <description><![CDATA[बसंत पंचमी पर जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में वाहन पूजन के लिए भारी भीड़ उमड़ी। 1150 से अधिक कारें और 600 दोपहिया वाहन पहुंचे, जिससे जाम की स्थिति बनी। ऑटो डीलर्स के अनुसार, इस अवसर पर 20-30% तक बिक्री बढ़ी और करीब 110 करोड़ रुपए के वाहनों की बिक्री व बुकिंग हुई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mahakumbh-of-vehicles-in-moti-dungri-ganesh-temple-more-than/article-140693"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(2)49.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बसंत पंचमी के अवसर पर मोती डूंगरी गणेश मंदिर में वाहन पूजन अल सुबह से तांता लगा रहा। अबूझ मुहूर्त में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां 1150 से अधिक फोर व्हीलर और 600 से अधिक टू-व्हीलर पूजन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर वाहनों से अटा पड़ा रहा और भक्तों ने गणेश जी की कृपा से अपने वाहनों की सुरक्षा और समृद्धि की कामना की। दिनभर सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। भगवान गणेश को पीले रंग की रेशम की पोषाक धारण करवाई गई। मंदिर प्रशासन ने पूजन के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। भक्तों ने वाहनों को सजाकर मंदिर पहुंचाया और पूजन के बाद प्रसाद वितरण किया गया। ऑटोमोबाइल डीलर्स का कहना है कि ऐसे अवसरों पर बिक्री में 20-30% की वृद्धि देखी जाती है। करीब 104 करोड़ के फोर-व्हीलर और 6 करोड़ के टू-व्हीलर की बिक्री से इनकार नहीं किया जा सकता। मारुति सुजुकी, फॉक्सवैगन, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, टोयोटा, एमजी, हुण्डई, बजाज ऑटो, हीरो मोटो, टीवीएस सहित अन्य कंपनियां के वाहनों की बिक्री हुई। साथ ही नए मॉडल्स की बुकिंग की संख्या में भी इजाफा हुआ।</p>
<p><strong>शुभ कार्य का अबूझ मुहूर्त :</strong></p>
<p>महंत कैलाश शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि बसंत पंचमी का यह मुहूर्त विशेष महत्व रखता है, जहां बिना किसी ज्योतिषीय गणना के शुभ कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया इस वर्ष की भक्त पिछले वर्षों से कहीं अधिक है, जो लोगों की आस्था और अर्थव्यवस्था में सुधार का संकेत है।</p>
<p><strong>ऑटो मार्केट को न्यू ईयर गिफ्ट :</strong></p>
<p>फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष साईं गिरधर ने शुक्रवार बसंत पंचमी ऑटो मार्केट के लिए सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा बसंत पंचमी पर वाहन पूजन की परंपरा ऑटोमोबाइल उद्योग को बूस्ट देती है। बाजार में नई गाड़ियों की डिमांड बढ़ रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mahakumbh-of-vehicles-in-moti-dungri-ganesh-temple-more-than/article-140693</link>
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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 13:24:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूरी तरह जर्जर हुआ समरानिया-निवाड़ी लिंक रोड</title>
                                    <description><![CDATA[दर्जनों गांवों और मध्यप्रदेश सीमा की ओर प्रतिदिन गुजरते हैं हजारों वाहन
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/samrania-niwari-link-road-completely-dilapidated/article-140114"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(2)32.png" alt=""></a><br /><p>समरानिया। समरानिया कस्बे से निवाड़ी की ओर जाने वाली लिंक रोड की जर्जर हालत से ग्रामीणों में रोष है। दर्जनों गांवों और मध्यप्रदेश सीमा को जोड़ने वाला यह मार्ग लंबे समय से मरम्मत की बाट जोह रहा है।समरानिया कस्बे से निकलकर निवाड़ी की ओर जाने वाली लिंक रोड क्षेत्र के दर्जनों गांवों को जोड़ती है। इसी मार्ग से होकर मध्यप्रदेश सीमा की ओर भी प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। लेकिन सड़क की हालत अत्यंत खराब होने से आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर चिंता जताई।</p>
<p><strong>एक महीने से अधिक नहीं टिकती मरम्मत  </strong><br />देवेन्द्र सिंह भानावत ने बताया कि जब इस सड़क का निर्माण किया गया था, तब ठेकेदार द्वारा पुलिया का नया निर्माण नहीं कर पुरानी पुलिया की ही मरम्मत कर दी गई, जो अब फिर से जर्जर हो चुकी है। कुंदन सिंह भानावत ने बताया कि सड़क पर कई बार पेचवर्क कराया गया, लेकिन यह मरम्मत एक महीने से अधिक नहीं टिक पाती।</p>
<p><strong>किसानों को हो रहा नुकसान</strong><br />ग्रामीण रामा चौधरी, रविन्द्र मेहता, कुलदीप शहरिया, थान सिंह मेहता, रवि मेहता, नीलू मेहता सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यदि इस सड़क का शीघ्र निर्माण नहीं हुआ तो किसानों को फसल मंडी तक पहुंचाने में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। सड़क खराब होने के कारण किसानों को वैकल्पिक और लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि इस लिंक रोड का नए सिरे से निर्माण किया जाए।</p>
<p><strong>कभी भी हो सकता है हादसा</strong><br />कपिल मेहता ने बताया कि इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन और स्कूल बसें गुजरती हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं रामकुमार मेहता ने कहा कि लगभग 6 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर सामान्य स्थिति में जहां 10 मिनट लगने चाहिए, वहां अब 30 मिनट से अधिक समय लग रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सड़क और पुलिया की मरम्मत का कार्य शीघ्र ही करा दिया जाएगा जिससे लोगों को राहत मिल सकेगी।<br /><strong>- बसंत गुप्ता, अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 16:21:16 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सड़क किनारे उगे अंग्रेजी बबूलों की कटाई से घटी हादसों की आशंका </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cutting-of-prosopis-juliflora-trees-along-the-roadside-reduces-the-risk-of-accidents/article-138713"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>अरण्डखे़डा । दैनिक नवज्योति में 2 जनवरी को खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आते हुए प्रशासन ने मंगलवार को कोटा-कनवास मुख्य सड़क मार्ग पर अरण्डखेड़ा के समीप घुमावदार स्थान पर  सड़क किनारे उगे अंग्रेजी बबूलों की कटाई का काम शुरू कर दिया। गौरतलब है कि इन बबूलों के कारण सामने से आने वाले वाहन नजर नहीं आ रहे है। जिससे कई वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके थे। इस समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया। </p>
<p>ग्राम पंचायत अरण्डखेडा़ के ग्राम विकास अधिकारी हिमांशु सिंह ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए मनरेगा के तहत मस्टररोल जारी करवाया। इसके बाद सड़क किनारे उगे अंग्रेजी बबूल व अन्य पेड़ों की कटाई करवाई गई। कटाई कार्य के बाद अब घुमावदार स्थान पर दूर से ही सामने से आने वाले वाहन दिखाई देने लगे है।  जिससे वाहन चालकों को राहत मिली है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे दुर्घनाओं की आशंका कम होगी और यातायात अधिक सुरक्षित बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 15:34:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिसंबर में वाहनों की रिकॉर्ड-तोड़ बिक्री, नए साल में दाम बढ़ने और जीएसटी कटौती का असर</title>
                                    <description><![CDATA[जीएसटी कटौती से बढ़ी मांग के चलते दिसंबर 2025 में वाहन बिक्री ने लगातार तीसरे महीने रिकॉर्ड बनाया। मारुति सुजुकी ने 2.17 लाख, महिंद्रा ने 86,090, टाटा मोटर्स ने 50,046 और हुंडई ने 58,702 वाहन बेचे। रेनो की बिक्री भी 33% बढ़ी। कई कंपनियों ने सालाना रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/record-breaking-sales-of-vehicles-in-december-impact-of-price-rise/article-138084"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती से उत्साहित ग्राहकों की बढ़ी खरीद से घरेलू बाजारों में वाहनों की रिकॉर्ड-तोड़ बिक्री का सिलसिला लगातार तीसरे महीने दिसंबर में भी जारी रहा। मारुति सुजुकी समेत कई कंपनियों ने दिसंबर 2025 में मासिक और पूरे साल के दौरान वार्षिक बिक्री के नए रिकॉर्ड की जानकारी दी है।</p>
<p><strong>मारुति ने दो लाख से अधिक वाहन बेचे :</strong></p>
<p>मारुति सुजुकी ने बताया कि उसने दिसंबर में कुल 2,17,854 वाहन बेचे जिसमें घरेलू बिक्री सर्वकालिक उच्चतम स्तर 1,82,165 इकाई पर रही। कंपनी ने दूसरी कंपनी (सुजुकी) के 9,950 वाहन बेचे जबकि निर्यात 25,739 इकाई रहा। साथ ही कैलेंडर वर्ष 2025 में उसकी कुल बिक्री 23,51,139 इकाई रही जो अपने-आप में नया रिकॉर्ड है। जीएसटी की दरों और ढांचे में 22 सितंबर 2025 को बदलाव किया गया था। इसमें अधिकतर वाहनों के दाम कम किये गये हैं। साथ ही, कई कंपनियों के एक जनवरी से दाम बढ़ाने की घोषणा के कारण भी लोगों ने दिसंबर में ज्यादा वाहन खरीदे।  </p>
<p><strong>महिन्द्रा ने 50,946 वाहन बेचे :</strong></p>
<p>महिंद्रा ऑटो की कुल बिक्री दिसंबर में 25 प्रतिशत बढ़कर 86,090 इकाई रही। कंपनी ने घरेलू बाजार में 50,946 वाहन बेचे जो दिसंबर 2024 के मुकाबले 23 प्रतिशत अधिक है। उसके वाणिज्यिक वाहनों की घरेलू बिक्री 34 प्रतिशत बढ़कर 24,786 इकाई पर पहुंच गयी। <br />बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर रही : महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव डिविजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नलिनीकांत गोल्लागुंटा ने कहा कि कैलेंडर वर्ष 2025 में कंपनी के एसयूवी और हल्के वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर रही।</p>
<p><strong>टाटा ने 50,046 वाहन बेचे :</strong></p>
<p>टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) के यात्री वाहनों की बिक्री दिसंबर में 13.1 प्रतिशत बढ़कर 50,046 इकाई रही। निर्यात 59 इकाई से बढ़कर 473 इकाई पर पहुंच गयी। इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल बिक्री 24.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 6,906 इकाई पर रही।</p>
<p>लगातार पांचवें साल रिकॉर्ड बनाया: टीएमपीवी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेश चंद्रा ने बताया कि कैलेंडर वर्ष 2025 में कंपनी ने लगातार पांचवें साल रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की। उसने कुल 5,87,218 वाहन बेचे। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री भी 81,125 इकाई के रिकॉर्ड स्तर पर रही। कंपनी ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में डीलरों को जहां 1,71,103 वाहन बेचे, वहीं तिमाही पंजीकरण पहली बार 2,00,000 इकाई के पार पहुंच गया।  </p>
<p><strong>हुण्डई ने 58,702 वाहन बेचे :</strong></p>
<p>हुंडई मोटर इंडिया की बिक्री दिसंबर में 6.6 प्रतिशत बढ़कर 58,702 इकाई हो गयी। उसने घरेलू बाजार में 42,416 इकाई बेचे जबकि निर्यात 26.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 16,286 इकाई रहा।</p>
<p><strong>रेनो इंडिया ने 3,845 वाहन बेचे :</strong></p>
<p>रेनो इंडिया की बिक्री दिसंबर में 33.4 प्रतिशत बढ़ी। उसने कुल 3,845 वाहन बेचे। कंपनी ने बताया कि सालाना आधार पर जुलाई-दिसंबर के दौरान बिक्री में 18.2 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 11:42:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैबिनेट के बड़े फैसले : 15 साल पुराने वाहन होंगे स्क्रैप, AI में निवेश का हब बनेगा राजस्थान; उद्यमों एवं शहरी निकायों के लिए ग्रीन के्रडिट योजना को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल और जलदाय मंत्री कन्हैयालाल ने प्रेस कॉन्फे्रंस में मंत्रिमंडल में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-decisions-of-the-cabinet-15-year-old-vehicles-will/article-137828"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)18.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेश के पर्यावरण संरक्षण, हरित एवं टिकाऊ विकास, प्रशासनिक सुधार, उद्योग, शिक्षा और कर्मचारी कल्याण से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को सीएमओ में कैबिनेट की बैठक में राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025, राजस्थान एआई एवं मशीन लर्निंग पॉलिसी-2026, ग्रीन क्रेडिट वाउचर योजना-2025 सहित कई महत्वपूर्ण नीतियों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल और जलदाय मंत्री कन्हैयालाल ने प्रेस कॉन्फे्रंस में मंत्रिमंडल में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।</p>
<p><strong>पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहन होंगे सड़क से बाहर</strong><br />कैबिनेट ने बजट 2025-26 की घोषणा के अनुरूप राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 को मंजूरी दी। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में सड़कों पर चल रहे अपंजीकृत, अनफिट और अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाना है। इसके तहत 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन, बिना फिटनेस या पंजीकरण वाले वाहन, दुर्घटनाग्रस्त व क्षतिग्रस्त वाहन, नीलामी में खरीदे गए कबाड़ वाहन और स्वेच्छा से दिए गए वाहन स्क्रैप किए जा सकेंगे। स्क्रैपिंग की पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पारदर्शी और ट्रेस योग्य होगी, जिससे स्क्रैप योग्य वाहनों के अवैध उपयोग की संभावना खत्म होगी।</p>
<p><strong>नया वाहन खरीदने पर टैक्स में छूट</strong><br />अधिकृत स्क्रैप सेंटर से वाहन स्क्रैप कराने पर वाहन मालिक को सर्टिफिकेट आॅफ  डिपॉजिट और सर्टिफिकेट आॅफ  व्हीकल स्क्रैपिंग मिलेगा। इसके आधार पर नया वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत तक (अधिकतम 1 लाख रुपए) की छूट दी जाएगी। स्क्रैप किए गए वाहन के चैसिस नंबर को दो साल तक सुरक्षित कस्टडी में रखा जाएगा। स्क्रैपिंग से प्राप्त स्टील, एल्युमिनियम, प्लास्टिक और रबर जैसी सामग्री का पुन: उपयोग संभव होगा, जिससे उद्योगों को सस्ती कच्ची सामग्री उपलब्ध होगी और सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी।</p>
<p><strong>एआई और मशीन लर्निंग में निवेश का केन्द्र बनेगा राजस्थान</strong><br />कैबिनेट ने राजस्थान एआई एवं मशीन लर्निंग पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी दी। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के उत्तरदायी, नैतिक और सुरक्षित उपयोग से सरकारी सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाना है। इस नीति के तहत प्रदेश में  एआई सेंटर आॅफ  एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया की स्पष्टता पर विशेष जोर दिया जाएगा। एआई से जुड़े साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग और समाधान के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है।</p>
<p><strong>स्कूल-कॉलेज में बढ़ेगा एआई शिक्षा का दायरा</strong><br />नीति के तहत हर विभाग में एक  एआई नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। स्कूलों,  आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कॉलेजों में एआई शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। युवाओं, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। उद्योग, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को भी एआई से जुड़ी पहल के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<p><strong>ग्रीन क्रेडिट वाउचर योजना से हरित विकास को बढ़ावा</strong><br />कैबिनेट ने ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025 को मंजूरी दी। इस योजना के तहत उद्यमों और शहरी स्थानीय निकायों को नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। ग्रीन निवेश पर 1 करोड़ रुपए तक 5 प्रतिशत और 10 करोड़ रुपए से अधिक निवेश पर 10 प्रतिशत (अधिकतम 2.50 करोड़ रुपए) तक के ग्रीन क्रेडिट वाउचर जारी किए जाएंगे।</p>
<p><strong>राजस्थान रिफाइनरी की संशोधित लागत को मंजूरी</strong><br />कैबिनेट ने पचपदरा में निर्माणाधीन राजस्थान रिफाइनरी परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दी। अब परियोजना की कुल लागत 79 हजार 459 करोड़ रुपए होगी। सरकार के अनुसार रिफाइनरी का काम तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रहा है। संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जनवरी में रिफाइनरी के पहले चरण का शुभारंभ करेंगे, जबकि जुलाई 2026 से इसका व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने की संभावना हैं।</p>
<p><strong>कर्मचारियों से जुड़े अहम फैसले</strong><br />बैठक में राजस्थान राजस्व लेखा सेवा नियम-2025, विधानसभा सचिवालय नियमों में संशोधन,  स्पेशल सिक्योरिटी विंग के कार्मिकों का विशेष भत्ता 15 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने और सप्तम राज्य वित्त आयोग की अंतरिम रिपोट को भी मंजूरी दी गई।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 09:49:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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