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                <title>16 हजार में शाही सैर! कैरावैन बस से पटना की विरासत और गंगा का रोमांच, सैलानियों को भा रही लग्जरी कैरावैन</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार पर्यटन विभाग की लग्जरी कैरावैन बस पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है। इसके जरिए लोग बिहार, नेपाल, अयोध्या और बनारस की सैर कर रहे हैं। अब शुरू हुए विशेष 'पटना दर्शन' पैकेज के तहत पर्यटक ₹16,000 में बिहार म्यूजियम, पटना साहिब, बापू टॉवर और गंगा में स्पीड बोट राइड का आनंद ले सकेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/craze-for-world-class-caravan-bus-increases-tourists-are-visiting/article-157637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/bihar2.png" alt=""></a><br /><p>पटना। पर्यटन विभाग की विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस कैरावैन बस पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। देशी-विदेशी सैलानी इस लग्जरी कैरावैन के जरिए न सिर्फ बिहार, बल्कि पड़ोसी देशों और अन्य राज्यों के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की सैर का आनंद ले रहे हैं। विभाग के अनुसार, कैरावैन बस के माध्यम से अब तक पर्यटकों ने नेपाल, काठमांडू, पोखरा, बोधगया, राजगीर, बनारस और अयोध्या समेत कई प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया है। पर्यटकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए विभाग ने अब पटना वासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष ‘पटना दर्शन’ पैकेज शुरू किया है। </p>
<p>इस लग्जरी कैरावैन के जरिए पर्यटक शहर के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के साथ गंगा में स्पीड बोट राइड का भी आनंद ले सकेंगे। खासकर गर्मी की छुट्टियों में इस अनोखी पर्यटन सेवा की मांग में काफी वृद्धि हुई है। विभाग को इससे अच्छा राजस्व भी प्राप्त हो रहा है, जिससे राज्य में पर्यटन की नई संभावनाएं खुल रही है। विभाग ने पटना के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों से लोगों को रूबरू कराने के लिए विशेष टूर पैकेज तैयार किया है। महज 16 हजार रुपये में पर्यटक विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस कैरावैन बस में सफर करते हुए शहर के प्रमुख आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे। इस पैकेज के तहत पर्यटक तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब, बिहार म्यूजियम, बापू टॉवर, गोलघर और सभ्यता द्वार का भ्रमण करेंगे। इसके अलावा गंगा नदी में स्पीड बोट राइड का रोमांचक अनुभव भी इस पैकेज का ही हिस्सा होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 15:06:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लाल निशान में खुला बाजार: आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 800 अंक ​फ़िसला, निवेशकों के करोड़ों रूपए स्वाहा</title>
                                    <description><![CDATA[लगातार पांच दिनों की तेजी के बाद घरेलू शेयर बाजार शुक्रवार को औंधे मुंह गिरा। अमेरिकी टेक दिग्गज एक्सेंचुअर द्वारा राजस्व अनुमान घटाने से आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली हुई, जिससे सेंसेक्स 811 अंक टूटकर 76,598 और निफ्टी 220 अंक गिरकर 23,947 पर आ गया। इंफोसिस और टीसीएस के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/market-opens-in-red-sensex-slips-800-points-due-to/article-157418"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/share-market3.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। आईटी सेक्टर की कंपनियों में भारी बिकवाली के दबाव में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई का सेंसेक्स 800 अंक गिर गया। लगातार पांच दिन की तेजी के बाद सेंसेक्स 557.12 अंक टूटकर 76,852.86 अंक पर खुला। आईटी कंपनियों में बिकवाली से इसकी गिरावट और बढ़ी। खबर लिखे जाते समय यह 811.19 अंक (1.05 प्रतिशत) नीचे 76,598.79 अंक पर रहा। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी एक्सेंचुअर के इस साल का राजस्व अनुमान घटाने के बाद उसका शेयर गुरुवार को 18 प्रतिशत टूट गया। अमेरिका में सूचीबद्ध भारतीय आईटी कंपनियों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली और इसका असर आज घरेलू बाजार पर दिखा।</p>
<p>इस समय इंफोसिस का शेयर आठ प्रतिशत से अधिक की गिरावट में है। टीसीएस का शेयर छह फीसदी और टेक महिंद्रा तथा एचसीएल टेक्नोलॉजीज का पांच प्रतिशत से अधिक नीचे चल रहा है। सेंसेक्स में इन चार आईटी कंपनियों के बाद सबसे अधिक गिरावट एचडीएफसी बैंक, इटरनल, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा और हिंदुस्तान यूनीलिवर के शेयरों में है। एनटीपीसी, एयरटेल, सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ट्रेंट के शेयर फिलहाल बढ़त में हैं।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 176.80 अंक गिरकर 23,991.20 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 220.85 अंक यानी 0.91 प्रतिशत उतरकर 23,947.15 अंक पर था। कमजोर निवेश धारणा से वृहत बाजार में भी बिकवाली हावी है। स्वास्थ्य और फार्मा को छोड़कर सभी सेक्टर दबाव में हैं। आईटी के साथ टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, रियल्टी, ऑटो, वित्त, बैंकिंग और एफएमसीजी समूहों के सूचकांक भी लाल निशान में हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 11:25:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपयों का पानी का बिल अब तक बकाया, मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद राजस्व वसूली का लक्ष्य अधूरा, विभाग 30 करोड़ राजस्व की ही कर सका वसूली।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-bills-worth-crores-remain-outstanding-against-government-departments/article-157017"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(4)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। पानी की हर बूंद का हिसाब रखने वाला जलदाय विभाग खुद अपने ही राजस्व की रक्षा करने में नाकाम रहा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग को 78 करोड़ रुपए राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन पूरे वर्ष की कवायद के बाद विभाग महज 30 करोड़ रुपए ही वसूल कर सका। नतीजतन, सरकार को करीब 48 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हो गया। गंभीर बात यह है कि सरकारी विभागों, औद्योगिक संस्थानों और हजारों उपभोक्ताओं पर वर्षों से करोड़ों रुपए पानी के बिल बकाया हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी प्रभावी वसूली अभियान चलाने के बजाय नोटिस जारी करने की औपचारिकता निभाकर इतिश्री करते रहे। इस स्थिति ने विभागीय कार्यप्रणाली, निगरानी व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p><strong>कमजोर राजस्व प्रबंधन से सरकार को करोड़ों का नुकसान</strong><br />जलदाय विभाग की लापरवाही और कमजोर राजस्व प्रबंधन का खामियाजा सरकार को करोड़ों रुपए के नुकसान के रूप में भुगतना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही जल विभाग टारगेट हासिल करने में रुचि नहीं दिखाता, पूरे वर्ष कुंभकरणीय नींद की आगोश में रहता है, जैसे ही वित्तीय वर्ष समाप्त होने की कगार पर पहुंचता है तब अफसरों की नींद टूटती है और टारगेट पूरा करने के लिए अफसर दौड़ते हैं लेकिन चुनिंदा महीनों में करोड़ों का राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा होना तो दूर आधा भी हासिल नहीं कर पाते। इसी का नतीजा है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्ति के बाद भी विभाग केवल 30 करोड़ रुपए की ही वसूली कर पाया और 48 करोड़ रुपए का लक्ष्य अधूरा रह गया, जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचा है।</p>
<p><strong>सरकारी विभागों व उपभोक्ताओं पर 48 करोड़ बकाया</strong><br />जलदाय विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सरकारी विभागों, स्वायत्त संस्थाओं, औद्योगिक इकाइयों और बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं पर पानी के बिलों की करोड़ों रुपए की बकाया राशि वर्षों से बकाया चल रही है। इसके बावजूद जल अधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। जबकि, सबसे ज्यादा पानी का बिल सरकारी महकमों पर बकाया चल रहा है। फिर भी उनके खिलाफ न तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई और न ही बकाया वसूली के लिए कोई विशेष अभियान चलाया गया। परिणामस्वरूप बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही है और हर साल विभाग का राजस्व लक्ष्य अधूरा रह जाता है।</p>
<p><strong>नगर निगम और केडीए पर 103 करोड़ का बकाया</strong><br />जल अधिकारियों का कहना है कि राजस्व वसूली की राह में सबसे बड़ा अडंगा सरकारी महकमा ही है, जो करोड़ों रुपए बकाया राशि पर कुंडली मार बैठा है। जिसकी वजह से जलदाय विभाग का टारगेट पूरा होना असंभव बना हुआ है। इनमें सबसे बड़े बकायदार नगर निगम व केडीए है। दोनों विभागों पर कई वर्षों का 103 करोड़ रुपए पानी का बिल बकाया चल रहा है। जबकि, हमने 16 फरवरी को नोटिस भी दे चुके हैं और हर सोमवार को कलक्टर की अध्यक्षता में होने वाली अंतरविभागीय बैठकोें में भी मामले को उठाते हैं, इसके बावजूद न तो नगर निगम और न ही केडीए द्वारा बकाया जमा करवाया गया। नगर निगम कोटा उत्तर-दक्षिण पर 63 करोड़ तो केडीए पर 40 करोड़ रुपए पानी का बिल वर्षों से लंबित चल रहा है।</p>
<p><strong>गत वर्ष 36 करोड़ की हुई थी राजस्व वसूली</strong><br />गत वित्तीय वर्ष में विभाग को राजस्व वसूली का लक्ष्य 73 करोड़ रुपए मिला था। जिसमें से अधिकारी केवल 36 करोड़ का ही राजस्व हासिल कर सके थे, जबकि, 37 करोड़ रुपए बकाया रह गए थे। इस वर्ष 48 करोड़ रुपए का राजस्व बकाया रह गया।</p>
<p><strong>नोटिसों तक सीमित रही कार्रवाई</strong><br />नाम न छापने की शर्त पर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश मामलों में जलदाय विभाग केवल नोटिस जारी कर इतिश्री कर लेता है। इसका सबसे बड़ा उदारहण फरवरी माह का है, विभाग ने केडीए व नगर निगम को बकाया जमा करवाने का नोटिस जारी किया था लेकिन बकायादारों से वसूली सुनिश्चित करने के लिए न तो नियमित फॉलोअप किया जाता है और न ही जवाबदेही तय की जाती है। यही कारण है कि बड़े बकायादारों में भुगतान को लेकर किसी प्रकार का दबाव महसूस नहीं होता।</p>
<p><strong>मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल</strong><br />राजस्व वसूली विभाग की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक मानी जाती है, लेकिन लक्ष्य और उपलब्धि के बीच 48 करोड़ रुपए का अंतर विभागीय मॉनिटरिंग और जल अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। केडीए व नगर निगम के अलावा, पुलिस, शिक्षा विभाग सहित अन्य कई सरकारी विभाग शामिल हैं, जिनके लाखों से करोड़ों का बकाया चल रहा है।</p>
<p><strong>जवाबदेही तय हो तो रफ्तार पकड़े वसूली अभियान</strong><br />जानकारों का मानना है कि बकाया वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने, बड़े बकायादारों की सूची सार्वजनिक करने और जिम्मेदारों के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने से ही स्थिति में सुधार संभव है। अन्यथा हर वर्ष सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ता रहेगा।</p>
<p>सरकार से मिलने वाला वित्तीय राजस्व लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने के हमारी ओर से लगातार प्रयास किए जाते हैं। सबसे बड़े बकायादार केडीए व नगर निगम है। जिन्हें बकाया पानी का बिल जमा करवाने के लिए हर साल नोटिस दिया जाता है ओर जिला कलक्टर के समक्ष भी मामला उठाते हैं। गत 16 फरवरी को भी हमने दोनों नगर निगम व केडीए को इस संबंध में नोटिस जारी किए थे।<br /><strong>-दीपक कुमार झा, एक्सीईएन जलदाय विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 14:15:08 +0530</pubDate>
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                <title>केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: इथेनॉल मिले पेट्रोल पर हटाई एक्साइज ड्यूटी, जानें ताजा भाव</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की आपूर्ति बाधाओं के बीच केंद्र सरकार ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 22%, 25%, 27% और 30% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क और सभी उपकर शून्य कर दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-central-government-excise-duty-removed-on-petrol/article-156635"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/petrol.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 22 प्रतिशत, 25 प्रतिशत, 27 प्रतिशत और 30 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क शून्य कर दिया है। वित्त मंत्रालय की बुधवार देर रात जारी अधिसूचनाओं में कहा गया है कि इन चारों प्रकार के पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क शून्य और इससे संबंधित सभी उपकर शून्य कर दिये गये हैं, बशर्ते इनमें मिश्रित पेट्रोल पर नियमों के मुताबिक उत्पाद शुल्क और उपकर तथा इथेनॉल पर वस्तु एवं सेवा कर और उपकर का पूरा भुगतान पहले ही किया जा चुका हो।</p>
<p>सरकार का यह कदम इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए है ताकि आपूर्ति संबंधी बाधाओं के बीच कच्चे तेल का आयात कम किया जा सके। पश्चिम एशिया संकट के कारण पिछले कुछ समय से दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर संकट है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही प्रतिबंधित करने से इस संकट का फिलहाल कोई समाधान निकलता नहीं दिख रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 12:53:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान रिफाइनरी से इसी माह शुरू होगा डीजल उत्पादन, निवेश और रोजगार के खुलेंगे नए अवसर </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान की महत्वाकांक्षी एचपीसीएल रिफाइनरी में इसी महीने डीजल उत्पादन शुरू होने जा रहा है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि उत्पादित ईंधन का अधिकतम उपयोग प्रदेश में ही होगा। इससे ईंधन वितरण नेटवर्क मजबूत होगा, रोजगार बढ़ेंगे और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/diesel-production-will-start-from-rajasthan-refinery-this-month-new/article-156587"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/v.-srinivass.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर।राजस्थान की महत्वाकांक्षी एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी में इसी माह डीजल उत्पादन शुरू होने जा रहा है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि रिफाइनरी से उत्पादित डीजल, एलपीजी और पेट्रोल का अधिकतम उपयोग प्रदेश में ही सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे निवेश, रोजगार और राजस्व के नए अवसर विकसित होंगे। सचिवालय में आयोजित बैठक को वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि राजस्थान सरकार की इस परियोजना में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रिफाइनरी पूरी क्षमता से संचालित होने पर प्रतिवर्ष 40 लाख टन डीजल, 10 लाख टन पेट्रोल तथा पॉलीप्रोपलिन सहित अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उत्पादन करेगी।</p>
<p>रिफाइनरी उत्पादों के विपणन और समन्वय के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों में डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति तथा नए आउटलेट स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। अपर्णा अरोरा ने बताया कि हिन्दुस्तान पेट्रोलियम द्वारा प्रदेश में करीब 300 नए पीओएल आउटलेट खोलने की योजना है। इससे ईंधन वितरण नेटवर्क मजबूत होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी के संचालन से राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और औद्योगिक विकास के नए द्वार खुलेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 17:39:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लाइसेंस नियमों में बड़ा बदलाव: 50 साल की उम्र तक वैध होगा ड्राइविंग लाइसेंस, ऑनलाइन होंगी RTO सेवाएं</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। नए प्रस्ताव के तहत लाइसेंस की वैधता 50 साल की उम्र तक की जा सकती है। इसके साथ ही, मालिकाना हक ट्रांसफर और परमिट रिन्यूअल जैसी आरटीओ सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन होंगी। नियम तोड़ने पर निगेटिव मार्किंग और लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान भी लागू होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rto-rounds-will-end-dl-will-be-valid-for-50/article-156385"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/dl.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन संबंधी नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। प्रस्तावित नए सिस्टम के तहत ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता 50 साल की उम्र तक की जा सकती है, जिससे लोगों को बार-बार लाइसेंस रिन्यू कराने की परेशानी से राहत मिलेगी। फिलहाल लाइसेंस आमतौर पर 20 साल के लिए जारी होता है।</p>
<p>इसके साथ ही वाहन मालिकाना हक ट्रांसफर, परमिट रिन्यूअल और अन्य आरटीओ सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने की योजना बनाई जा रही है। इससे लोगों को आरटीओ कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से काम हो सकेगा।</p>
<p>सरकार का कहना है कि डिजिटल सिस्टम से राज्यों के राजस्व पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर भी सख्ती बढ़ाई जाएगी। नए सिस्टम में निगेटिव मार्किंग लागू हो सकती है, अधिक अंक होने पर लाइसेंस सस्पेंड या रद्द किया जा सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 18:26:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैश्विक कारकों के साथ घरेलू आंकड़ों से तय होगी शेयर बाजार की दिशा, आगामी सप्ताह में RBI नीति और जीडीपी आंकड़ों पर टिकी नजरें</title>
                                    <description><![CDATA[कमजोर मानसून की भविष्यवाणी और पश्चिम एशिया संकट से घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 639 अंक और निफ्टी 123 अंक टूटकर बंद हुआ। आगामी सप्ताह में बाजार की दिशा आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा, वित्त वर्ष 2025-26 के जीडीपी आंकड़ों और औद्योगिक उत्पादन के नतीजों से तय होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/domestic-data-along-with-global-factors-will-decide-the-direction/article-155550"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/share-market7.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजारों में रही गिरावट के बाद आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर वैश्विक कारकों के अलावा कुछ महत्वपूर्ण घरेलू आंकड़ों पर भी रहेगी। पश्चिम एशिया संकट का असर तो शेयर बाजारों पर दिखेगा ही, मानसून की प्रगति, अप्रैल के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े, मई के पीएमआई के आंकड़े और वित्त वर्ष 2025-26 के जीडीपी के आंकड़े निवेश धारणा को काफी प्रभावित करेंगे। इसके अलावा रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद शुक्रवार को जारी बयान भी बाजार को दिशा देंगे।</p>
<p>गत सप्ताह 28 मई को बकरीद का अवकाश होने के कारण बाजार में चार दिन ही कारोबार हुआ। मौसम विभाग की कमजोर मानसून की भविष्यवाणी से शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स लगभग 1,100 अंक लुढ़क गया। कुल मिलाकर चार दिन में यह 639.61 अंक यानी 0.85 प्रतिशत टूटा और सप्ताहांत पर 74,775.74 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 123.25 अंक (0.52 प्रतिशत) की गिरावट में शुक्रवार को 23,547.75 अंक पर बंद हुआ। वृहत बाजार में निवेशकों का विश्वास बना रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.07 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.02 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।</p>
<p>सेंसेक्स की कंपनियों में सप्ताह के दौरान 19 कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे। आईटीसी ने सबसे ज्यादा 4.89 प्रतिशत का नुकसान उठाया। एचडीएफसी बैंक का शेयर 2.82 फीसदी, टीसीएस का 2.73, हिंदुस्तान यूनीलिवर का 2.55, रिलायंस इंडस्ट्रीज का 2.51, सन फार्मा का 2.40 और भारती एयरटेल का 2.23 प्रतिशत गिर गया। पावर ग्रिड में 1.56 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.54, ट्रेंट में 1.52, बीईएल में 1.36, बजाज फाइनेंस में 1.27, इंफोसिस में 1.25 और अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.09 प्रतिशत की गिरावट रही। इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक और एनटीपीसी के शेयर भी नीचे बंद हुए।</p>
<p>टेक महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 4.32 प्रतिशत चढ़ा। एलएंडटी में 3.81 फीसदी और इटरनल में 3.70 फीसदी की तेजी रही। एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर 1.77 प्रतिशत, भारतीय स्टेट बैंक का 1.57, एशियन पेंट्स का 1.26, बजाज फिनसर्व का 1.10 और मारुति सुजुकी तथा अडानी पोर्ट्स दोनों के शेयर 1.02 प्रतिशत ऊपर बंद हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 14:20:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान शांति वार्ता की उम्मीद में हरे निशान में खुले शेयर बाजार, ये कंपनियां करवा सकती है मोटी कमाई</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू होने की उम्मीद से सोमवार को शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई। बीएसई सेंसेक्स 919 अंक चढ़कर 76,334.77 और एनएसई निफ्टी 220 अंक की बढ़त के साथ खुला। चौतरफा लिवाली के बीच ऑटो और बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा मुनाफा रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/stock-markets-opened-in-the-green-in-anticipation-of-iran/article-154897"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/share-market.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता फिर शुरू होने की उम्मीद में घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को शुरुआती कारोबार में अच्छी तेजी रही। बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 720.47 अंक की बढ़त के साथ 76,135.82 अंक पर खुला और कुछ ही देर में 919 अंक की बढ़त बनाता हुआ 76,334.77 अंक पर पहुंच गया। खबर लिखे जाते समय यह 722.21 अंक (0.96 प्रतिशत) ऊपर 76,137.56 अंक पर था। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा है कि ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ी है और वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए भी तैयार हो गया है। हालांकि उन्होंने बाद में यह भी कहा कि जबतक होर्मुज को खोलने के समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते अमेरिकी नौसैना वहां से घेराबंदी नहीं हटायेगी।</p>
<p>उनके इस बयान के बाद निवेशकों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापारिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही फिर शुरू हे सकेगी। इससे दुनिया के तमाम शेयर बाजारों में तेजी रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 220.95 अंक की बढ़त में 23,940.25 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 210.95 अंक यानी 0.89 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,930.25 अंक पर रहा। चौतरफा लिवाली के बीच ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी देखी गयी और इसका सूचकांक फिलहाल सवा दो फीसदी ऊपर है। </p>
<p>बैंकिंग और वित्तीय सेक्टरों के सूचकांक भी लगभग डेढ़ फीसदी की बढ़त में हैं। तेल एवं गैस और रियलटी सेक्टरों में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी है। सेंसेक्स की कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर पौने तीन फीसदी और एलएंडटी का लगभग ढाई प्रतिशत ऊपर है। कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडिगो, मारुति सुजुकी, इटरनल, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टाइटन, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत तक की बढ़त में हैं। वहीं, टीसीएस और सनफार्मा में अभी बिकवाली हावी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 11:20:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑक्शन खानों को जल्द शुरू करना सरकार की प्राथमिकता, प्रक्रियाओं में लाई जाएगी तेजी </title>
                                    <description><![CDATA[अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा ने नीलाम की गई खदानों को जल्द परिचालन में लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने 18 महीने की समय-सीमा को कम करने और इस वर्ष 120 खनिज ब्लॉकों को तैयार करने को कहा है, जिससे राज्य में निवेश, राजस्व और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/governments-priority-to-start-auction-mines-soon-processes-will-be/article-154701"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-600-px2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अपर्णा अरोरा राज्य सरकार ने ऑक्शन की गई खानों को जल्द परिचालन में लाने के लिए विभागीय प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने कहा कि प्री-एम्बेडेड मेजर और माइनर मिनरल ब्लॉकों के ऑक्शन पर विशेष फोकस किया जाएगा ताकि खनन कार्य शीघ्र शुरू हो सके और निवेश, रोजगार व राजस्व के नए अवसर विकसित हों। सचिवालय के मंथन कक्ष में खान एवं भूविज्ञान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में एसीएस अपर्णा अरोरा ने कहा कि ऑक्शन के बाद खदानों के परिचालन तक की 18 माह की समय सीमा को कम करने के प्रयास किए जाएं। साथ ही एलओआई जारी करने की 45 दिन की समय-सीमा में भी आवश्यक औपचारिकताओं को तेजी से पूरा किया जाए। </p>
<p>उन्होंने प्रिफर बीडर्स से भी समय पर दस्तावेज और प्रक्रियाएं पूरी करने की अपील की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वित्तीय वर्ष में प्री-एम्बेडेड के 20 मेजर मिनरल ब्लॉक और करीब 100 माइनर मिनरल प्लॉट तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि मेजर मिनरल ब्लॉकों के ऑक्शन में राजस्थान देश में शीर्ष स्थान पर है तथा प्री-एम्बेडेड के 8 ब्लॉकों के ऑक्शन में भी प्रदेश अग्रणी है। इन ब्लॉकों में जल्द खनन कार्य शुरू होने की संभावना है। अपर्णा अरोरा ने कहा कि विभाग द्वारा माइनिंग प्लान अनुमोदन और पर्यावरण स्वीकृति जैसी आवश्यक अनुमति पहले ही प्राप्त कर ऑक्शन प्रक्रिया पूरी करने से खनन गतिविधियां तेजी से शुरू हो सकती हैं। इससे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 17:17:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज विभिन्न बैठकों में होंगे शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज मुख्यमंत्री आवास पर विभिन्न महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। दोपहर 12 बजे सामाजिक बैठक के बाद, वे दोपहर 3 बजे राजस्व अर्जन विभागों की समीक्षा करेंगे। शाम 4:30 बजे वे जल संरक्षण को समर्पित “कर्मभूमि से मातृभूमि एवं वंदे गंगाजल संरक्षण अभियान” बैठक को संबोधित करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajanlal-sharma-will-attend-various-meetings-today/article-154138"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bhajanlal.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भजनलाल शर्मा आज मुख्यमंत्री आवास पर विभिन्न कार्यक्रमों और बैठकों में भाग लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक सामाजिक बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद अपराह्न 3 बजे मुख्यमंत्री राजस्व अर्जन वाले विभागों की समीक्षा बैठक लेंगे। इस बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों, राजस्व संग्रहण और योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की जाएगी। वहीं शाम 4:30 बजे मुख्यमंत्री “कर्मभूमि से मातृभूमि एवं वंदे गंगाजल संरक्षण अभियान” की बैठक को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम भी मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित होगा, जिसमें जल संरक्षण और जनजागरूकता से जुड़े विषयों पर मंथन किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 18:02:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बीजापुर में भीषण हादसा: आकाशीय बिजली गिरने से 10 मवेशियों की मौत, पशुपालकों ने की मुआवजे की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पोन्दुम गांव में शनिवार रात आकाशीय बिजली गिरने से 10 मवेशियों की मौत हो गई। तेज गर्जना के साथ हुए इस हादसे में प्रभावित पशुपालकों के मवेशियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पीड़ित ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है, जिसके बाद राजस्व टीम नुकसान के आकलन में जुट गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/horrific-accident-in-bijapur-10-cattle-died-due-to-lightning/article-154135"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bijapur.png" alt=""></a><br /><p>बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड अंतर्गत पोन्दुम गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 10 मवेशियों की मौत हो गई। घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के मवेशी खेत और खुले स्थान में चर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया और तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने से मवेशी उसकी चपेट में आ गए। हादसे में सभी 10 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई।</p>
<p>घटना में लक्ष्मण हपका, बुधराम हपका और दशरथ बघेल के दो-दो मवेशियों की मौत हुई है, जबकि पिंकी बघेल, सुंदरी हपका, आसमती हपका और मन्नू हपका के एक-एक मवेशी की जान गई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। प्रभावित पशुपालकों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। सूचना मिलने पर राजस्व एवं पशु चिकित्सा विभाग की टीम के मौके पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन करने की जानकारी मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 15:13:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान : जम्मू-कश्मीर सरकार को लेकर कह दी बड़ी बात, संघर्ष बढ़ने पर गंभीर आर्थिक परिणामों की दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यदि केंद्र सरकार राजस्व घाटे की भरपाई कर दे, तो जम्मू-कश्मीर में शराब पर प्रतिबंध तत्काल लग सकता है। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे के राजनीतिकरण का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने ईरान-अमेरिका तनाव से उपजे वैश्विक ईंधन संकट और ऑनलाइन शिक्षा की चुनौतियों पर भी गहरी चिंता जताई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-statement-of-farooq-abdullah-first-revenue-stuffing-then-liquor/article-153532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ff.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि यदि केंद्र सरकार राजस्व के नुकसान की भरपाई कर दे, तो राज्य सरकार दो मिनट में शराब पर प्रतिबंध लगा सकती है। शराब की दुकानों को लेकर चल रहे विवाद पर अब्दुल्ला ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से शराब का सेवन नहीं करते हैं, लेकिन उनका मानना है कि जो लोग पीते हैं, वे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध न होने की स्थिति में इसे जम्मू-कश्मीर के बाहर से मंगवा लेंगे। </p>
<p>उन्होंने कहा, “मैं शराब नहीं पीता। जो पीते हैं, वे पिएंगे ही। अगर उन्हें यहां से नहीं मिलेगी, तो वे बाहर से लाएंगे। और जो लोग आवाज उठा रहे हैं, उनसे पूछिए कि शराब पीने वाले लोग कौन हैं।” साल 1977 की एक घटना को याद करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने उनके पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला से राज्य में शराब की बिक्री बंद करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा, “मेरे पिता ने उनसे कहा था कि अगर केंद्र हमें वह राजस्व दे दे, जो हम इससे कमाते हैं, तो हम इसे बंद कर देंगे। उसके बाद कुछ नहीं हुआ। ”</p>
<p>नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने तर्क दिया कि इस मुद्दे का विरोधियों द्वारा राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब पहले शराब की दुकानें खोली गयीं थी, तब विरोध क्यों नहीं हुआ था। उन्होंने कहा, “हमने शराब की दुकानें नहीं खोलीं। जिन्होंने खोलीं, तब किसी ने आवाज क्यों नहीं उठाई? हर गांव में दुकानें खुल रही थीं।” विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पर निशाना साधते हुए अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि वे केवल सरकार पर हमला करने के लिए इस मुद्दे को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, “वे हर बात पर हमारी आलोचना करने के लिए तैयार रहते हैं...उन्हें लगता है कि हम उनसे डरते हैं, लेकिन हम उन्हें इस तरह हराएंगे कि वे याद रखेंगे।”</p>
<p>हाल ही में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा शराब के सेवन पर दिये गये बयानों के बाद जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक विवाद छिड़ गया था। पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने उन पर मुस्लिम बहुल क्षेत्र की संवेदनशीलता को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था। उमर ने रविवार को कहा था कि किसी को शराब पीने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है और लोग अपनी मर्जी से शराब की दुकानों पर जाते हैं। आलोचना के बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयानों को राजनीतिक विरोधियों द्वारा ‘मरोड़ा’ जा रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में उपलब्ध शराब केवल उन अन्य धर्मों के मानने वालों के लिए है, जिनके यहां इसके सेवन की अनुमति है।</p>
<p>अब्दुल्ला ने ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच गहराते ईंधन और गैस संकट पर भी चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मितव्ययिता की अपील पर उन्होंने कहा कि बढ़ते संकट के कारण देश कठिन स्थिति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “ हम ईंधन और गैस संकट का सामना कर रहे हैं और हम तबाही की ओर बढ़ रहे हैं।” अबदुल्ला ने यह भी कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए ऑनलाइन शिक्षा एक व्यावहारिक विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, “यह दुखद है कि गरीब लोगों की ऑनलाइन शिक्षा तक पहुंच नहीं है। शिक्षा जरूरी है, लेकिन ऑनलाइन शिक्षा हर किसी के लिए संभव नहीं है।”</p>
<p>उन्होंने वैकल्पिक समाधान खोजने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि शिक्षा, विशेष रूप से वंचित छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। संघर्ष बढ़ने पर गंभीर आर्थिक परिणामों की चेतावनी देते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि इसके नतीजे विनाशकारी हो सकते हैं। उन्होंने कहा, “इसमें कोई शक नहीं है। अगर यह संकट खत्म नहीं हुआ, अगर ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त नहीं हुआ, तो केवल ईश्वर ही जानता है कि हमारा क्या होगा।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 15:18:46 +0530</pubDate>
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