<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/long/tag-8165" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>long - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/8165/rss</link>
                <description>long RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>60 दिन चलने वाली आजादी गौरव यात्रा का जन-जन तक पहुंचे संदेश: मुख्यमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के अनेक गावों से गुजरेगी यात्रा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--news--message-of-the-60-day-long-azadi-gaurav-yatra-reached-the-people--chief-minister--yatra-will-pass-through-many-villages-of-rajasthan/article-7561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ashok-g.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस की आजादी गौरव यात्रा महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम गुजरात से आरंभ होकर राजस्थान समेत चार राज्यों में 1100 किलोमीटर का सफर तय कर बापू की समाधि राजघाट पर समाप्त होगी। साठ दिन चलने वाली इस यात्रा में शांति, सद्भावना एवं भाईचारे का संदेश जन-जन तक पहुंचे, यह मेरी शुभकामनाएं है।</p>
<p><br />गहलोत ने ट्वीट के जरिए कहा कि भारत के मूल विचार सर्वधर्म सम्मभाव, साम्प्रदायिक सौहार्द तथा एकता को देश में बढ़ावा देने तथा कांग्रेस की इसी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के उदेश्य से निकाली जा रही यह यात्रा देश के करीब 350 गांवों से गुजरेगी, जिसमें राजस्थान के अनेक गांव शामिल हैं जो कि हमारे लिए गौरव की बात हैं।<br /><br /><strong>गांधी जी के बारे में जितना पढ़ो उतना कम: गहलोत</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को शांति एवं अहिंसा निदेशालय तथा महात्मा गांधी इन्स्टीट्यूट आॅफ  गवर्नेंस एवं सोशल साइंसेज के संयुक्त तत्वावधान में सेंट्रल पार्क स्थित कनक भवन में गांधी दर्शन प्रशिक्षण शिविर में बीकानेर संभाग के प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी तो इतना बड़ा खजाना है कि जितना पढ़ो उतना कम है।  गहलोत ने कहा कि गांधीजी के बारे में जो भी पढ़ेगा, उसके जीवन में वह काम आएगा। गांधीजी की विचारधारा को दिल में उतारकर आज देश को बचाने का वक्त है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें गांधी जी की बात करनी है तो सत्य की बात करनी पड़ेगी, अहिंसा की बात करनी पड़ेगी। इस दौरान कला व संस्कृति मंत्री मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी सहित अन्य भी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--news--message-of-the-60-day-long-azadi-gaurav-yatra-reached-the-people--chief-minister--yatra-will-pass-through-many-villages-of-rajasthan/article-7561</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--news--message-of-the-60-day-long-azadi-gaurav-yatra-reached-the-people--chief-minister--yatra-will-pass-through-many-villages-of-rajasthan/article-7561</guid>
                <pubDate>Thu, 07 Apr 2022 15:49:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/ashok-g.jpg"                         length="269513"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अभी किराए पर ही उड़ान, डेढ़ साल बाद मिलेंगे हेलिकॉप्टर-विमान</title>
                                    <description><![CDATA[मल्टी टरबाइन जेट और चार सीटर हेलिकॉप्टर अगली सरकार में ही उपयोग आएंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--flying-on-rent-now--helicopter-aircraft-will-be-available-after-one-and-a-half-year--long-process-of-company-selection--modification-and-training-from-tender--multi-turbine-jet-and-four-seater-helicopter-will-be-used-only-in-the-next-government/article-6928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/helicopter.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार का हवाई बेड़ा अभी पूरी तरह से खाली है। एक विमान और हेलिकॉप्टर खरीद के टेंडर हो चुके हैं, लेकिन अभी डेढ़ साल सरकार को इनके आने का इंतजार करना ही पड़ेगा। ऐसे में फिलहाल सरकार की वीवीआईपी उड़ान के लिए किराए के विमान-हेलिकॉप्टर ही काम में लेने होंगे। प्रदेश के सिविल एविएशन विभाग वीवीआईपी उड़ान के लिए गुजरात की तर्ज पर 200 करोड़ का एक 10 सीटर मल्टी-टरबाइन अत्याधुनिक सुविधाओं से लबरेज जेट विमान और चार सीटर 30 करोड़ का हेलिकॉप्टर खरीद रहा है। टेंडर गत दो मार्च को हो गए हैं, अप्रैल में कंपनियों का चयन तो हो जाएगा, लेकिन इनके हवाई-बेड़े में लैंड होने में करीब डेढ़ साल का समय लगेगा यानी डिलेवरी चुनावों के वक्त तक ही हो पाएगी। ऐसे में इनका उपयोग अगली सरकार के वक्त ही हो पाएगा।<br /><br /><strong>7 साल में 100 करोड़ सेवाओं पर खर्च</strong><br />हवाई बेड़े में वीवीआईपी उड़ान के लिए सात साल से विमान-हेलिकॉप्टर नहीं है। इस समयावधि में किराए के विमान-हेलिकॉप्टर से ही वीवीआईपी उड़ान का काम चल रहा है। हर साल औसतन 18-20 करोड़ रुपए विमान सेवाओं पर खर्च होते हैं। पिछले दो साल महामारी के चलते राशि काफी कम खर्च हुई है। इस हिसाब से करीब सौ करोड़ रुपए अब तक किराए की उड़ान पर खजाने से खर्च हुए हैं। अभी डेढ़ साल और किराए पर ही विमान सेवा चलेगी। ऐसे में 27-30 करोड़ और खर्च होने का आंकलन है। <br /><br /><strong>खुद के सरकारी बेड़े में समय यूं लगेगा</strong><br />टेंडर की अंतिम तारीख के बाद कंपनियों से प्रजेंटेशन लिया जाएगा। फिर तकनीकी और फाइनेंशियल बिड़ खोली जाएगी, जिस कंपनी के हेलिकॉप्टर-विमान पर बात बनेगी, उनमें अत्याधुनिक सेवाओं के लिए सिविल एविएशन की तकनीकी कमेटी मैन्यूफेक्चरिंग कराएगी। इसके बाद मेंटिनेंस के लिए इंजीनियरों की टीम को और पायलटों को उड़ान के लिए विक्रेता कंपनी तीन माह की ट्रेनिंग देगी। इसके बाद डायरेक्टर जनरल आॅफ सिविल एविएशन की उड़ान को हरी झंडी मिलने की प्रक्रिया होगी। तब प्रदेश में वीवीआईपी उड़ान के लिए विमान मिलेंगे। <br /><br /><strong>महामारी ने रोकी थी पिछली खरीद</strong><br />गहलोत सरकार ने कोरोना महामारी शुरू होने से ठीक पहले फ्रांस की डेशो एविएशन कंपनी से मिड साइज 12 सीटर जेड विमान खरीद का निर्णय लिया था, लेकिन प्रस्ताव को महामारी के चलते सीएम ने मंजूर नहीं किया था। <br /><br />18 अप्रैल तक कंपनियों से टेंडर मांगे हैं। कंपनी चयन के बाद मोडिफिकेशन, ट्रेनिंग सहित अन्य कार्यों के बाद प्रदेश को मिलने में समय लगेगा।<br />-<strong>जितेन्द्र कुमार उपाध्याय, शासन सचिव, सिविल एविएशन विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--flying-on-rent-now--helicopter-aircraft-will-be-available-after-one-and-a-half-year--long-process-of-company-selection--modification-and-training-from-tender--multi-turbine-jet-and-four-seater-helicopter-will-be-used-only-in-the-next-government/article-6928</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--flying-on-rent-now--helicopter-aircraft-will-be-available-after-one-and-a-half-year--long-process-of-company-selection--modification-and-training-from-tender--multi-turbine-jet-and-four-seater-helicopter-will-be-used-only-in-the-next-government/article-6928</guid>
                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 12:07:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/helicopter.jpg"                         length="49212"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिर खुला आसमान</title>
                                    <description><![CDATA[ इस फैसले से न केवल विदेश जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि ट्रेवल एवं टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/editorial--again-open-skies--due-to-the-corona-epidemic--the-last-long-closed-international-flights-will-be-restored-from-march-27/article-6006"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/air-plane.png" alt=""></a><br /><p>कोरोना महामारी के चलते पिछले लंबे समय से बंद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 27 मार्च से फिर बहाल हो जाएंगी। इस फैसले से न केवल विदेश जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि ट्रेवल एवं टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कोरोना की वजह से मार्च, 2020 से लेकर अब तक अंतरराष्ट्रीय उड़ाने बंद होने से इस उद्योग की कमर टूट गई थी। अब कोरोना का असर दिन प्रतिदिन कम हो रहा है। हालात बेहतर होते हुए भी यदि इस फैसले को आगे तक और टाला जाता तो इस इण्डस्ट्री में संकट और गहरा जाता और इसे फिर संभलने मेंं कई मुश्किलें खड़ी हो जातीं। इस इण्डस्ट्री में काम करने वाले करीब दस लाख लोगों की नौकरी संकट में पड़ने का खतरा बढ़ जाता। सरकार के राजस्व संग्र्रह में इस इण्डस्ट्री का योगदान करीब 10 प्रतिशत है। 2019 पर गौर करें तो ट्रेवल इण्डस्ट्री ने 30 बिलियन डॉलर की कमाई सिर्फ विदेशी यात्रियों से की थी। कोरोना शुरू होने से पहले 2019 में करीब 25 मिलियन भारतीय विदेश घूमने गए थे और 11 मिलियन विदेशी पर्यटक भारत आए थे। इस तरह पिछले दो साल में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद होने से करीब 60 से 65 बिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। दो साल तक उड़ाने बंद रहने और कोरोना लॉकडाउन के चलते इस इण्डस्ट्री में काम करने वाले या इससे जुड़े लाखों लोगों की नौकरियां खत्म हो चुकी हैं। कोरोना का असर कम होता देख दुनिया के कई देशों ने विदेशी यात्रियों के लिए रास्ते खोल दिए हैं। तब से भारत में भी विदेशी यात्रियों के लिए उड़ाने शुरू करने की मांग उठ रही थी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार भारतीय एयरलाइंस और हवाई अड्डों को वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 20 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। वहीं, हवाई अड्डों का संचालन करने वाली कंपनियों को भी 5 हजार करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा। कई एयरलाइंस ने अपने किराए बढ़ा दिए हैं, जिससे यात्रियों को ज्यादा जेब खाली करनी पड़ रही है। किराये में 30 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी गई है। उड़ानें शुरू होने से विमानन उद्योग व पर्यटन उद्योग की गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मांग व आपूर्ति में संतुलन कायम होगा। अंतरराष्ट्रीय यात्रा सस्ती होने की उम्मीद जगेगी। लेकिन रूस-यूक्रेन का युद्ध और रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों की आंच भी इण्डस्ट्री पर पड़ेगी। युद्ध समाप्त होने के बाद ही विमानन उद्योग सामान्य हो सकेगा। फिर भी नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ाने शुरू होने से यात्रियों को राहत मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/editorial--again-open-skies--due-to-the-corona-epidemic--the-last-long-closed-international-flights-will-be-restored-from-march-27/article-6006</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/editorial--again-open-skies--due-to-the-corona-epidemic--the-last-long-closed-international-flights-will-be-restored-from-march-27/article-6006</guid>
                <pubDate>Sat, 12 Mar 2022 12:50:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/air-plane.png"                         length="282687"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> दो साल की बच्ची के लीवर में घुसी 2 इंच लम्बी सूई ऑपरेशन कर बाहर निकाली, एसएमएस अस्पताल के चिकित्सकों ने फिर किया कमाल</title>
                                    <description><![CDATA[कार्डियक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने जटिल सर्जरी कर बचाई बच्चे की जान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-a-2-inch-long-needle-inserted-into-the-liver-of-a-two-year-old-girl-was-operated-and-pulled-out--the-needle-kept-on-the-bed-entered-the-girl-s-chest-while-playing--doctors-of-cardiac-surgery-department-saved-the-child-s-life-by-performing-complex-surgery/article-5471"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/bacha.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। एसएमएस अस्पताल के चिकित्सकों ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक बार फिर कमाल कर दिखाया है। अस्पताल के कार्डियक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने दो वर्षीय बालिका के लिवर में घुसी कपड़े सिलने वाली दो इंच लंबी सूई को सर्जरी कर सफलतापूर्वक निकालने में कामयाबी हासिल की है। बच्ची को सूई घुसने के बाद पहले जेकेलोन अस्पताल में परिजनों द्वारा लाया गया था जहां से उसे एसएमएस अस्पताल के कार्डियक सर्जरी विभाग में रैफर किया गया।<br /><br /><strong>ये था मामला</strong><br />कार्डियक सर्जरी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि एक दो वर्षीय बालिका जेकेलोन अस्पताल से रैफर होकर आई थी। बच्ची के छाती के एक्सरे में एक दो इंच लंबी कपड़े सिलने वाली सूई दिखाई दे रही थी। बच्ची के माता से पूछने पर उन्होंने बताया कि बच्ची बिस्तर पर खेल रही थी और खेलते खेलते सुईं धागे सहित बच्ची के छाती के निचले हिस्से में घुस गई। इस पर माता पिता बच्ची को तुरंत जेकेलोन अस्पताल ले गए। जहां इमरजेंसी में सूई निकालने का प्रयास किया गया लेकिन केवल धागा ही निकल पाया और सूई अंदर ही रह गई। कार्डियक सर्जरी में आने के बाद हमारी टीम ने बच्ची का एक्सरे किया तो सूई छाती के निचले हिस्से में दिखाई दे रही थी लेकिन जब ऑपरेशन किया गया तो सूई छाती की जगह पेट में लिवर के बांये हिससे में मिली। डॉ. शर्मा ने बताया कि सूई छाती से होती हुई डायफ्राम को पार करते हुए पेट में लिवर के बांये भाग में जाकर घंस गई लेकिन पेट के आंतरिक अंग को नुकसान नहीं हुआ। ऑपरेशन की टीम में शामिल डॉ. सुनील दीक्षित, डॉ. मोहित शर्मा, डॉ. सौरभ मित्तल, डॉ. जमनाराम और डॉ. जील सहित एनेस्थिसिया से डॉ. इंदु डॉ. अंशुल और डॉ. सतवीर के प्रयासों से ऑपरेशन सफल रहा और बच्ची की जान बच गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-a-2-inch-long-needle-inserted-into-the-liver-of-a-two-year-old-girl-was-operated-and-pulled-out--the-needle-kept-on-the-bed-entered-the-girl-s-chest-while-playing--doctors-of-cardiac-surgery-department-saved-the-child-s-life-by-performing-complex-surgery/article-5471</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-a-2-inch-long-needle-inserted-into-the-liver-of-a-two-year-old-girl-was-operated-and-pulled-out--the-needle-kept-on-the-bed-entered-the-girl-s-chest-while-playing--doctors-of-cardiac-surgery-department-saved-the-child-s-life-by-performing-complex-surgery/article-5471</guid>
                <pubDate>Fri, 04 Mar 2022 14:58:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/bacha.jpg"                         length="189738"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस के खिलाफ कितनी देर टिकेगा यूक्रेन? जानिए दोनों सेनाओं की ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[पावर इंडेक्स की सूची में रूस दुनिया के 140 देशों की सूची में दूसरे स्थान पर आता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/how-long-will-wkraine-last-against-russia--know-the-strength-of-both-armies/article-4971"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/map.jpg" alt=""></a><br /><p>इस बात में कोई संदेह नहीं है कि युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं बल्कि दिमाग से जीता जाता है। अगर यूक्रेन किसी मामले में कमजोर भी है तो वह रूस से काफी दिनों तक संघर्ष कर सकता है।<br /> <br /> ग्लोबलफायर पावर डॉट कॉम के अनुसार पावर इंडेक्स की सूची में रूस दुनिया के 140 देशों की सूची में दूसरे स्थान पर आता है। जबकि, यूक्रेन 22 नबंर पर है। रूस आबादी के मामले में 9वें और यूक्रेन 34वें स्थान पर है। यानी रूस के पास 14.23 करोड़ की आबादी है तो यूक्रेन के पास 4.37 करोड़ की। करीब 9.85 करोड़ का अंतर है।  रूस मौजूदा मैनपावर की ताकत के मामले में 9वें स्थान पर और यूक्रेन 29वें स्थान पर है। यानी रूस की मौजूदा मैनपावर 6.97 करोड़ से ज्यादा है। इनमें से 4.66 करोड़ से थोड़े ज्यादा लोग फिट फॉर सर्विस है। यूक्रेन की मैनपावर 2.23 करोड़ से ज्यादा है। इनमें से 1.56 करोड़ से ज्यादा लोग फिट फॉर सर्विस हैं।</p>
<table style="height:444px;" width="584">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;"> </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">रूस</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">यूक्रेन</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">सक्रिय सैनिक</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">8.50 लाख</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">2 लाख</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">रिजर्व सैन्य बल</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">2.50 लाख</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">2.50 लाख</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">पैरामिलिट्री फोर्स</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">2.50 लाख</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">50 हजार</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">एयरक्राफ्ट</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">4173</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">318</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;"> फाइटर जेट       </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;"> 772   </td>
<td style="width:168.867px;height:41px;"> 69</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;"> ट्रांसपोर्ट व्हीकल</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;"> 445    </td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">32 </td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;"> टैंक्स  </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">12,420  </td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">2596</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;"> बख्तरबंद वाहन</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">30,122</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">12,303</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">स्वचालित आर्टिलरी </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">6574 </td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">1067</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">मोबाइल रॉकेट लॉन्चर्स </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">3391</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">  490</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">नौसैनिक फ्लीट             </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">605</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">38</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">एयरक्राफ्ट करियर  </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">1</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">00</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;"> सबमरीन </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">70</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">00</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">विधंव्सक    </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">15</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">00</td>
</tr>
<tr style="height:41.5833px;">
<td style="width:240.083px;height:41.5833px;"> फ्रिगेट्स  </td>
<td style="width:168.883px;height:41.5833px;">11 </td>
<td style="width:168.867px;height:41.5833px;">01</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">कॉर्वेट्स</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">86</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">01</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">एयरपोर्ट्स</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">1218</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">187</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">हेलिकॉप्टर्स</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">1543</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">112</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>            <br /><strong>सदस्य बनने के लिए यूरोपीय देश होना जरूरी</strong><br /> नाटो का सदस्य बनने के लिए यूरोपीय देश होना जरूरी शर्त है। हालांकि, अपनी पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से नाटो ने कई अन्य देशों से भी अपने संपर्क स्थापित किए हैं। अल्जीरिया, मिस्र, जॉर्डन, मोरक्को और ट्यूनिशिया भी नाटो के सहयोगी हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान में भी नाटो की भूमिका रही है।<br /> <br /> <strong>नाटो: 1949 में स्थापना, 30 सदस्य देश <br /> </strong></p>
<p><strong>उत्तर अटालांटिक संधि संगठन </strong><br /> उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों का एक सैन्य संगठन है। इसकी स्थापना 1949 में हुई थी। नाटो का उद्देश्य राजनीतिक और सैन्य माध्यमों से अपने सदस्यों की स्वतंत्रता और सुरक्षा की गारंटी देना है। सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद बने इस संगठन का उस समय मुख्य उद्देश्य सोवियत संघ के बढ़ते दायरे को सीमित करना था। नाटो जब बना तो अमेरिका, ब्रिटेन, बेल्जियम, कनाडा, डेनमार्क, फ्रांस, आइसलैंड, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड्स, नॉर्वे और पुर्तगाल इसके 12 संस्थापक सदस्य थे। वर्तमान में इसके सदस्यों की संख्या 30 है। नॉर्थ मैसेडोनिया साल 2020 में इसमें शामिल होने वाले सबसे नया मेंबर है।<br /> <br /> <strong>नाटो देता है सदस्यों को सुरक्षा का आश्वासन</strong><br /> नाटो के गठन के समय जो समझौता हुआ था उसके तहत इसमें शामिल होने वाले सभी यूरोपीय देशों के लिए खुले दरवाजे की नीति अपनाई गई थी। इसके तहत इसमें कोई भी यूरोपीय देश शामिल हो सकता था। इसके साथ ही इसमें सदस्य देशों के लिए एक सुरक्षा का प्रावधान भी था। इसमें साझा सुरक्षा को लेकर एक घोषणा पत्र में अुनच्छेद भी है। इसके तहत इसके तहत कहा गया है कि यदि कोई बाहरी देश इसके सदस्य देशों पर हमला करता है तो फिर सभी सदस्य देश मिलकर उसकी रक्षा करेंगे। चूंकि, यूक्रेन नाटो का सदस्य नहीं है ऐसे में नाटो के देश सीधे तौर पर उसकी मदद के लिए आगे नहीं आ सकते हैं। हालांकि, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा सीधे तौर पर यूक्रेन की मदद कर रहे हैं।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/how-long-will-wkraine-last-against-russia--know-the-strength-of-both-armies/article-4971</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/how-long-will-wkraine-last-against-russia--know-the-strength-of-both-armies/article-4971</guid>
                <pubDate>Fri, 25 Feb 2022 12:47:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-02/map.jpg"                         length="205826"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समृद्ध राजस्थानी भाषा की उपेक्षा कब तक</title>
                                    <description><![CDATA[अन्य भाषाओं की तरह राजस्थानी भाषा की अपनी विशिष्ट परम्पराएं एवं परिवेश रहा है। राजस्थानी बोलने वालों की संख्या आज विश्व में 16 करोड़ तक पहुंच गई है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/how-long-has-the-rich-rajasthani-language-been-neglected/article-4663"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/rajasthan_new.jpg" alt=""></a><br /><p>भाषा व्यक्ति के भावों की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम होती है। पशु-पक्षी,कीट-पतंगे आदि सब जीवों की अपनी-अपनी भाषाएं हैं। ईश्वर की सर्वोतम कृति होने के नाते मानव ने अपनी भाषा का इतना विकास कर लिया कि वो छोटी से छोटी एवं बड़ी से बड़ी बात को अपने शब्दों से प्रकट कर देता है। अन्य भाषाओं की तरह राजस्थानी भाषा की अपनी विशिष्ट परम्पराएं एवं परिवेश रहा है। राजस्थानी बोलने वालों की संख्या आज विश्व में 16 करोड़ तक पहुंच गई है।  हिन्दी, बंगला,तेलगू,तमिल और मराठी के बाद इस दृष्टि से राजस्थानी का ही नाम आता है। मध्यकाल में मेवाड़,ढूंढाड़,हाड़ोती,गोड़वाड़, मेरवाड़ा, शेखावाटी,जंगळधर,मेवात व सवाळख अदि नाम शुरू हुए। कर्नल जेम्स टॉड की पुस्तक एनाल्स एण्ड एंटीक्रिटीज ऑफ  राजस्थान में सर्वप्रथम राजस्थान का नाम आया, उससे पहले यह प्रदेश राजपूताना के नाम से पुकारा जाता था। आजादी मिलने के बाद इस प्रदेश का नाम राजपूताना की जगह राजस्थान रखा गया। राजस्थान के स्थानवासी नाम से यहां की भाषा का नाम राजस्थानी रखा गया। इससे स्पष्ट है कि राजस्थानी अति प्राचीन भाषा है। इसका राजस्थानी नाम जरूर नया है, पहले यह मरूभाषा के नाम से जानी जाती थी। मध्यकाल में यह मरू गुर्जर कहलाई और स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात इसका नाम राजस्थानी पड़ा।</p>
<p><br />सर जॉर्ज ग्रियर्सन नें जब लिग्विस्टिक सर्वे ऑफ  इण्डिया नामक महान ग्रन्थ लिखा तो उन्होंने राजस्थान में बोली जाने वाली इकसार व्याकरण के ढांचे के सभी बोलियों का एक कुटुम्ब एक परिवार माना और जैसे गुजरात की गुजराती है वैसे ही राजस्थानी भाषा को राजस्थानी नाम दिया। ग्रियर्यन के सामने भी सम्भवत: कर्नल टॉड की पुस्तक का आधार था। भाषा-भूगोल की दृष्टि से राजस्थान के पूर्व में (उत्तर-दक्षिण तक) ब्रज भाषा, दक्षिण में (पूर्व से पश्चिम तक) बुन्देली,मराठी, भीली, खानदेसी और गुजराती, पश्चिम  में (दक्षिण से उत्तर तक) सिंधी, लहंदा और उत्तर में (पश्चिम से पूर्व तक)   लहंदा,पंजाबी और बांगरू है। विंध्याचल और आबू पर्वत के बीच के पर्वतों में भीली बोली जाती है। अंग्रेजों ने अपनी राजनैतिक सुविधा के लिए मालवा को राजस्थान से अलग कर दिया, परन्तु लोक के संस्कारों, रहन-सहन, बोलचाल, वेशभूषा आदि की दृष्टि से वह राजस्थान का स्वाभाविक अंश है।  मध्यप्रदेश के सात  जिले मन्दसौर, रतलाम, राजगढ़ , उज्जैन, देवास , इन्दौर व धार को मध्यप्रदेश सरकार आज भी मालवी भाषी मानती है। हरियाणा के रोहतक, सोनीपत, हिसार, सिरसा, गुड़गांव, जीन्द ,महेन्द्रगढ़ आदि की भाषा बांगड़ू बोली राजस्थानी भाषा का ही एक रूप है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राजस्थानी भाषा का  विस्तार कई दूसरे प्रदेशों तक है। राजनैतिक व्यवस्था और व्यवस्था के स्वरूप ने इस भाषा के विस्तार क्षेत्र को कुंठित कर दिया। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद राजनैतिक तौर पर मनचाहे ढंग से राजस्थानी को हिन्दी की उप भाषा मानकर इसके विकास को बहुत बड़ी क्षति पहुंचाई गई, जो आज भी पूरी नहीं हो पा रही है।</p>
<p><br />राजस्थानी समस्त राजस्थान की अपनी भाषा है। राष्ट्रभाषा हिन्दी की इस बहन का कहीं किसी तरह का विरोध नहीं है। अंतर इतना ही है कि राजस्थानी राजस्थान की धरती के वासियों की मातृभाषा है। मातृभाषा से राष्ट्रभाषा का हमेशा मान बढ़ा हैै। लेकिन राजस्थान में बाहर से आए शिक्षित लोगों ने जो कि इस धरती की प्रकृति और भाषा से अंजान थे, हिन्दी को मातृभाषा बतलाना और पढ़ाना शुरू कर दिया। बिना इस अंतर को जाने या जानते हुए भी सरकारी सर्वेक्षणों में मातृभाषा के हाशिए में हिन्दी को लिख शुरू से ही राजस्थान वासियों को भ्रमित करना शुरू कर दिया। बाल मानस पर धरी यह छाप राजस्थानी भाषा की महत्ता को राजस्थान की नई पीढ़ी को निरन्तर न समझने के लिए तैयार कर दिया। इसके दुष्परिणाम स्वरूप राजस्थानी भाषा की गति और विकास को भारी धक्का लगा। बाद में इस गति को सुधारने के लिए राजस्थान वासियों को आंदोलन का सहारा लेना पड़ा। सन् 2000 में एक राष्ट्र स्तरीय संगठन खड़ा कर राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए पूरे प्रदेश में जागृति लाई गई। जगह-जगह धरने, प्रदर्शन सम्मेलन हुए। आम जन की आवाज जयपुर तक पहुंची, सुपरिणाम स्वरूप 25 अगस्त 2003 को राजस्थान विधानसभा नें सर्वसम्मति से राजस्थानी भाषा की संवैधानिक मान्यता का संकल्प (प्रस्ताव) पारित कर केन्द्र सरकार को भेज दिया। </p>
<p><br />राजनैतिक उदासीनता के कारण राजस्थान सरकार की ओर से  भेजा गया वह संकल्प केन्द्र सरकार के ठंडे बस्ते में है। यदि राजस्थान सरकार चाहे तो सर्वसम्मति से पारित संकल्प को आधार मानते हुए राजस्थानी भाषा को प्रदेश में द्वितीय राजभाषा का दर्जा दे सकती है, इसमें कोई कानूनी अड़चन नहीं है। पूर्व में छत्तीसगढ़ प्रदेश में ऐसा ही हो चुका है। विश्व मातृ भाषा दिवस पर राजस्थान प्रदेश के समस्त प्रदेशवासियों का नैतिक दायित्व बनता है कि वो अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, विधायकों ,सांसदों एवं राजनेताओं से अपनी मातृभाषा को मान्यता का सम्मान शीघ्र दिलवाने हित दबाव बनाएं।  शांतिप्रिय आंदोलन को सरकारें हमेशा नजरअंदाज करती आई हंै,इसलिए अब आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए बाल, युवा, प्रौढ़ ,वृद्ध एवं महिलाओं को अपनी ताकत दिखााने का समय आ गया है।  </p>
<p><strong>      -पवन पहाड़िया<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong><br />    <br /><br /><span style="color:#ff0000;">राजस्थानी समस्त राजस्थान की अपनी भाषा है।</span> राष्ट्रभाषा हिन्दी की इस बहन का कहीं किसी तरह का विरोध नहीं है। अंतर इतना ही है कि राजस्थानी राजस्थान की धरती के वासियों की मातृभाषा है। मातृभाषा से राष्ट्रभाषा का हमेशा मान बढ़ा हैै। लेकिन राजस्थान में बाहर से आए शिक्षित लोगों ने जो कि इस धरती की प्रकृति और भाषा से अंजान थे। हिन्दी को मातृभाषा बतलाना और पढ़ाना शुरू कर दिया।</p>
<p><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>ओपिनियन</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/how-long-has-the-rich-rajasthani-language-been-neglected/article-4663</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/how-long-has-the-rich-rajasthani-language-been-neglected/article-4663</guid>
                <pubDate>Sat, 19 Feb 2022 15:38:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-02/rajasthan_new.jpg"                         length="272624"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वीकेंड कर्फ्यू आज : बिना काम घूमने वालों के खिलाफ पुलिस महामारी एक्ट में कार्रवाई करेगी ऐसे में घर पर रहे, जरूरी दुकानें रात आठ बजे तक खुलेंगी</title>
                                    <description><![CDATA[180 प्वॉइंट पर होगी नाकाबंदी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82-%E0%A4%86%E0%A4%9C---%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AB-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%90%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%98%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87--%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4-%E0%A4%86%E0%A4%A0-%E0%A4%AC%E0%A4%9C%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80/article-4009"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/dukan-band.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में शनिवार की रात 11 बजे से वीकेंड कर्फ्यू लागू हो गया। यह सोमवार सुबह पांच बजे तक रहेगा। तीसरी लहर में यह पहला वीकेंड कर्फ्यू है। संडे को प्रभावी होने वाले कर्फ्यू में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद रहेगा। पेट्रोल पंप खुले रहेंगे। छूट वाली कैटेगरी को छोड़कर सभी बाजार, दुकानें, शॉपिंग मॉल, जिम और क्लब बंद रहेंगे। संडे कर्फ्यू में दूध की दुकानें, डेयरी बूथ, फल-सब्जी की दुकानें, किराना दुकानें रात आठ बजे तक ही खुली रहेंगी।<br /> <br /> <br /> <strong>सेंचुरी-रिजर्व रहेंगे बंद</strong><br /> जयपुर। वीकेंड कर्फ्यू के दिन प्रदेश भर के सेंचुरी और टाइगर रिजर्व और सफारी भी बंद रहेंगे। वन विभाग ने इसके आदेश जारी किए हैं। जयपुर में लेपर्ड सफारी और नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क बंद रहेंगे। <br /> <strong><br /> हिदायत- घर पर रहें</strong><br /> बिना काम घूमने वालों के खिलाफ  पुलिस महामारी एक्ट में कार्रवाई करेगी। पुलिस और प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर लोगों से घरों में रहकर सहयोग की अपील की है। <br /> <br /> <strong>180 प्वॉइंट पर होगी नाकाबंदी</strong><br />  जयपुर शहर में वीकेंड कर्फ्यू के लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। शनिवार रात 11 बजे से सोमवार सुबह पांच बजे तक वीकेंड कर्फ्यू रहेगा। इसके लिए जयपुर शहर में 180 नाकाबंदी प्वॉइंट बनाए जाएंगे। इन सभी नाकों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी जिले के डीसीपी तय करेंगे। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त द्वितीय हैदर अली जैदी ने बताया कि बेवजह घूमने वाले लोगों पर पुलिस सख्ती करेगी। आमजन कोरोना गाइडलाइन की पालना करें और शहर में बेवजह घर से नहीं निकलें। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82-%E0%A4%86%E0%A4%9C---%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AB-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%90%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%98%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87--%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4-%E0%A4%86%E0%A4%A0-%E0%A4%AC%E0%A4%9C%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80/article-4009</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82-%E0%A4%86%E0%A4%9C---%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AB-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%90%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%98%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87--%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4-%E0%A4%86%E0%A4%A0-%E0%A4%AC%E0%A4%9C%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80/article-4009</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Jan 2022 11:48:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-01/dukan-band.jpg"                         length="326568"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में मिले कोरोना के 9676 नए संक्रमित : जयपुर में घटे मरीज, जालोर में कोई नया संक्रमित नहीं मिला</title>
                                    <description><![CDATA[अलवर, जोधपुर, उदयपुर, भरतपुर कोरोना के नए एपिसेंटर बने, लंबे समय बाद आठ मौतों ने बढ़ाई चिंता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-9676-%E0%A4%A8%E0%A4%8F-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4---%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%98%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%9C--%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%88-%E0%A4%A8%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE/article-4008"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/corona8.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शनिवार को राज्य में 9,676 नए रोगी मिले, जबकि आठ मौतें हुई। काफी लंबे समय बाद एक साथ आठ मौतों ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। अब प्रदेश में एक्टिव केसों की संख्या भी बढ़कर 58 हजार 428 तक पहुंच गई है। पांच जिले तो ऐसे है, जिनमें तीन हजार से अधिक एक्टिव केस है। अब तक मौतों का आंकड़ा भी नौ हजार के करीब पहुंच गया है। शनिवार को एक राहत की खबर यह रही कि 4013 रिकवर हुए है।<br /> <br /> <strong><br /> यहां हुई मौतें</strong><br /> झालावाड़ में दो, बाड़मेर, बीकानेर, जयपुर, सीकर, सिरोही एवं उदयपुर में एक-एक की मौत हुई।<br /> <strong><br /> 8,83,23,575 <br /> पहली व दूसरी डोज लगी अब तक</strong><br /> राज्य में शनिवार को शाम साढ़े पांच बजे तक 2,87,613 लाभार्थियों को वैक्सीन की पहली व दूसरी डोज लगाई गई। इसमें 15 से 18 वर्ष के 44,630 लाभार्थियों को को-वैक्सीन की पहली डोज लगी। चार लाख 50 हजार 750 ने वैक्सीन की डोज ली। इसके साथ ही हेल्थ केयर वर्कर एवं फ्रंटलाइन वर्कर को 20,177 तथा 60 साल से अधिक आयु के गंभीर रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को 20,541 प्रिकॉशन डोज लगाई गई। इस प्रकार शनिवार को कुल 40,718 को प्रिकॉशन डोज लगी। राज्य में अब तक 8,83,23,575 को वैक्सीन की डोज लग चुकी है। इसमें 18 साल से अधिक आयु वर्ग के लाभार्थी 8,55,07,781 एवं 15 से 18 साल तक आयु वर्ग के 24,41,911 और प्रिकॉशन डोज के लाभार्थी 3,73,883 है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-9676-%E0%A4%A8%E0%A4%8F-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4---%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%98%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%9C--%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%88-%E0%A4%A8%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE/article-4008</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-9676-%E0%A4%A8%E0%A4%8F-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4---%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%98%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%9C--%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%88-%E0%A4%A8%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE/article-4008</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Jan 2022 11:23:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-01/corona8.jpg"                         length="149902"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चोरों ने गायब किया 58 फुट लंबा ब्रिज, पुलिस भी सोच में पड़ गई</title>
                                    <description><![CDATA[चोरी के बहुत से मामले सुने होंगे। लेकिन कभी सुना है कि चोर पूरा का पूरा ब्रिज ही उड़ा ले गए? जी हां, अमेरिका के ओहियो में महीने भर पहले चोर 58 फुट लंबा पुल चोरी कर ले गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%AC-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-58-%E0%A4%AB%E0%A5%81%E0%A4%9F-%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9C--%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%9A-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%9C-%E0%A4%97%E0%A4%88/article-3319"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/pool.jpg" alt=""></a><br /><p>ओहियो। चोरी के बहुत से मामले सुने होंगे। लेकिन कभी सुना है कि चोर पूरा का पूरा ब्रिज ही उड़ा ले गए? जी हां, अमेरिका के ओहियो में महीने भर पहले चोर 58 फुट लंबा पुल चोरी कर ले गए। पुलिस ने तस्वीर साझा कर लोगों से मदद मांगी है कि अगर उनके पास इस चोरी से जुड़ी कोई भी जानकारी है, तो वह साझा करें। अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने अपने अबतक के करियर में नहीं सुना था कि किसी ने इतनी बड़ी चीज चुराई हो।<br /> <br /> <strong>पहले गायब हुआ ब्रिज का थोड़ा हिस्सा</strong><br /> रिपोर्ट के अनुसार, इस 58 फुट लंबे ब्रिज को ईस्ट अक्रोन में एक नहर के पास मैदान में रखा गया था। लेकिन 3 नवंबर को स्थानीय लोगों ने पाया कि पुल का कुछ हिस्सा गायब है। फिर एक हफ्ते बाद पता चला कि पूरा का पूरा ब्रिज ही लापता हो गया।<br /> <br /> <strong>30 लाख से ज्यादा थी पुल की कीमत</strong><br /> पुल काफी पुराना हो चुका था। इसलिए मरम्मत के प्रोजेक्ट के तहत उसे नहर से हटाकर प्रशासन ने मैदान में रखवा दिया था ताकि किसी दूसरे काम में इस्तेमाल किया जा सके। लेकिन किसने सोचा नहीं था कि पुल ही चोरी हो जाएगा। शहर के इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ब्रिज की कीमत लगभग 40,000 डॉलर (30 लाख रुपए से अधिक) आंकी गई थी।<br /> <strong><br /> इस चोरी ने पुलिस को किया हैरान</strong><br /> यह पुल 10 फुट चौड़ा, छह फुट ऊंचा और 58 फील लंबा था। ऐसे में उसके चोरी होने की खबर ने पुलिस को भी हैरान कर दिया। क्योंकि इतने बड़े ब्रिज को लेकर चोर कैसे गायब हो सकते हैं। हालांकि, पुलिस का अनुमान है कि मैदान से दूर ले जाने से पुल को पहले अलग-अलग हिस्सों में तोड़ा गया होगा।<br /> <br /> <strong>अभी नहीं मिला है कोई सुराग...</strong><br /> अक्रोन पुलिस विभाग के एक अफसर ने बताया कि उन्होंने अपनी 22 साल की नौकरी में कभी भी ऐसी घटना ना देखी थी, और ना ही उसके बारे में सुना था। वह कहते हैं- हमें पता है कि इस गुत्थी को सुलझाने के लिए कई पहेलियां सुलाझनी होंगी। क्यों, कैसे और कौन? इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही चोरी का पदार्फाश होगा। फिलहाल, उनके पास कोई लीड नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%AC-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-58-%E0%A4%AB%E0%A5%81%E0%A4%9F-%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9C--%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%9A-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%9C-%E0%A4%97%E0%A4%88/article-3319</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%AC-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-58-%E0%A4%AB%E0%A5%81%E0%A4%9F-%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9C--%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%9A-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%9C-%E0%A4%97%E0%A4%88/article-3319</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Dec 2021 15:07:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/pool.jpg"                         length="434679"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लंबे समय बाद CM गहलोत कल जाएंगे अपने गृह जिले जोधपुर</title>
                                    <description><![CDATA[बड़े भाई की शादी की 50 वीं वर्षगांठ समारोह में हिस्सा लेंगे गहलोत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-cm-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0/article-2184"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/ashok-gehlot-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंगलवार को गृह जिले  जोधपुर के दौरे पर रहेंगे। काफी समय बाद गहलोत अपने दौरे के दौरान एक पारिवारिक कार्यक्रम में भी शामिल हो सकते हैं।<br /> <br /> प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार गहलोत 9 नवम्बर (मंगलवार) को प्रातः 11 बजे जयपुर से  प्रस्थान कर दोपहर 12 बजे जोधपुर पहुंचेंगे। इसके बाद दो बजे तक जोधपुर सर्किट हाउस में जनसुनवाई करेंगे। इसके बाद जालेली फोजदार, मण्डोर (जोधपुर) में प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत आयोजित शिविर का अवलोकन करेंगे। यहां से डिगाडी कला स्कूल, वार्ड नं. 79, 80 (जोधपुर) में  प्रशासन शहरो के संग अभियान के तहत आयोजित शिविर का अवलोकन करेंगे।<br /> <br /> <strong>बड़े भाई की शादी की 50 वीं वर्षगांठ समारोह में हिस्सा लेंगे</strong><br /> गहलोत जोधपुर दौरे के दौरान  अपने बड़े भाई अग्रसेन गहलोत की शादी की 50 वीं वर्षगांठ समारोह में हिस्सा लेंगे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री का दीपावली का जोधपुर दौरा इसलिए रद्द किया ताकी वे अपने बड़े भाई के यहा आयोजित इस पारिवारिक समारोह में शिरकत कर सकें। परिवार में उनके स्वागत को लेकर तैयारियां चल रही है। गहलोत परिवार के लिए लंबे समय बाद ऐसा मौका आया है जब परिवार के सभी सदस्य एक समारोह में एकत्र होंगे। हालांकि पिछले दिनों मुख्यमंत्री जोधपुर के चाडी महिपाल मदेरणा के निधन पर शोक जताने गए थे, लेकिन  वहीं से वापस लौट आए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-cm-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0/article-2184</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-cm-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0/article-2184</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Nov 2021 14:33:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/ashok-gehlot-1.jpg"                         length="103456"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        