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                <title>still - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>दो माह पहले खोदी नाली का काम अब तक अधूरा पड़ा </title>
                                    <description><![CDATA[दो माह पूर्व खोदी गई नाली का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। पक्की नाली अभी भी नही बनी हुई है, इस में नजदीक बारिश होने के कारण ग्रामीण लोग परेशान हो रहे हैं कि बारिश के दिनों में यह नाली गहरे गड्ढे में तब्दील हो जाएगी। जिससे आने जाने वाले राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-work-of-the-drain-dug-two-months-ago-was-still-incomplete/article-12032"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/2-maah-pehle-khodi-naali-ka-kaam-adhura.jpg" alt=""></a><br /><p>देवरी। अंधेर नगरी चौपट राजा, टकासेर भाजी टका सेर खाजा यह कहावत यहां सिद्ध होती है कि दो माह पूर्व खोदी गई नाली का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत भोयल में एक नाली निर्माण के लिए और रास्ता खराब पर खरंजा करवाने के लिए भोयल गांव के लोगों ने सन 2020-2021 में  पंचायत भोयल पर जाकर ग्राम सभा की बैठक में एक प्रस्ताव दिया जो प्रस्ताव पंचायत कार्मिकों ने रजिस्टर में लिखा था। जबकी ग्रामीणों का आरोप है कि हम लोगो ने पंचायत मुख्यालय पर जाकर इस संदर्भ में कई बार लिखित में सूचना दी गई है। हालात अभी भी जस के तस बने हुए है। जबकि यह कार्य रास्ते पर खरंजा एवं पक्की नाली निर्माण कार्य 2021- 2022 में स्वीकृत हो गया। जिसकी स्वीकृत राशि 12.50 लाख रुपए की है। यह कार्य के ठेकेदार के दौरान नाली खुदाई निर्माण कार्य करीब दो माह पूर्व करा दिया लेकिन पक्की नाली अभी भी नही बनी हुई है, इस में नजदीक बारिश होने के कारण ग्रामीण लोग परेशान हो रहे हैं कि बारिश के दिनों में यह नाली गहरे गड्ढे में तब्दील हो जाएगी। जिससे आने जाने वाले राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ेगी।<br /><br />ग्रामीण मावेश मेहता, राजमल मेहता, नवसिंह मेहता, सरदार सहरिया, भगवान सिंह जाटव ,राजमल जाटव ,शिवचरण मेहता, सतीश मेहता,  बीरेंद्र सहरिया, सरदार शिकारी, चंदन शिकारीआदि ग्रामीणों ने बताया कि इस कार्य के लिए हमने बहुत बार ग्राम पंचायत मैं जाकर लिखित रूप से ग्राम पंचायत को अवगत करा रखा है। उसके बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। इन गहरे गड्ढों में गिरकर राहगीरों को चोटिल होने का अंदेशा लगा रहता है।<br /><br />कच्ची नाली हमारे बिना पूछे किसी ने खोद दी। जिसकी जानकारी हम लोगों को बाद में मिली। इस संदर्भ में मैंने विकास अधिकारी छुट्टनलाल मीणा से भी बात की और साथ में ही कृष्ण कुमार मंगल ने बताया कि इस कार्य की फाइनल वित्तीय स्वीकृति नहीं निकली। फाइनल वित्तीय स्वीकृति निकलते ही इस कार्य को जून के अंत में कराने की बात कहीं। <br /><strong>- कृष्ण कुमार मंगल, ग्राम विकास अधिकारी।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 16:01:48 +0530</pubDate>
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                <title>जयपुर बम ब्लास्ट का फैसला हुआ, लेकिन पीड़ितों को न्याय का अभी तक इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में 13 मई 2008 को हुई इस घटना के मामले में विशेष न्यायालय ने भले ही चार गुनहगारों को मृत्यु दंड़ की सजा सुना दी हो, लेकिन अभियुक्तों को फांसी नहीं मिलने के चलते शहरवासियों को सही मायने में अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/decision-of-the-jaipur-bomb-blast-was-taken--but-the-victims-are-still-waiting-for-justice/article-9689"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/bomb-blast.gif" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में आठ जगह हुए सिलसिलेवार बम ब्लास्ट की घटना को आज पूरे 14 साल हो चुके हैं। चंद मिनटों के अंतराल हुए शहर को स्तब्ध करने वाली घटना के घाव आज भी शहरवाासियों के सीने में ताजा हैं। शहर में 13 मई 2008 को हुई इस घटना के मामले में विशेष न्यायालय ने भले ही चार गुनहगारों को मृत्यु दंड़ की सजा सुना दी हो, लेकिन अभियुक्तों को फांसी नहीं मिलने के चलते शहरवासियों को सही मायने में अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।</p>
<p><br />मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों शाहबाज हुसैन, मोहम्मद सैफ, सरवर आजमी, सैफुर्रहमान और सलमान को गिरफ्तार किया था। जबकि कुछ अन्य आरोपियों को अब तक गिरफ्त में नहीं ले पाई है। इस मामले में पुलिस ने आठ मुकदमे दर्ज किए थे और इन सभी में आरोपियों पर चार्ज तय होने के बाद ट्रायल हुई। मामलों में एक हजार से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद विशेष अदालत ने 18 दिसंबर 2019 को शाहबाज हुसैन को बरी करते हुए अन्य चारों अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई थी। शाहबाज हुसैन पर आरोप लगाया गया था कि उसने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए ईमेल भेजा था।</p>
<p><br /><strong>अभियोजन पक्ष की गलती से फांसी में देरी</strong><br />कानून के जानकारों का कहना है कि मामले में अभियोजन पक्ष ने शुरू से ही तकनीकी गलती की। जिसके चलते अभियुक्तों को अभी तक फांसी नहीं हो पाई है। एक ही दिन एक समान घटना होने के बाद भी पुलिस ने आठ ब्लास्ट के मामले में आठ अलग-अलग मामले दर्ज किए। वहीं अदालत में अलग-अलग आठ आरोप पत्र पेश किए। जिसके चलते अदालत ने भी आठों मामलों में अलग-अलग सुनवाई कर अपने फैसले दिए। जिसके चलते राज्य सरकार के डेथ रेफरेंस और अभियुक्तों की कुल अपीलों की संख्या मिलाकर करीब 44 हो गई हैं। ऐसे में हाईकोर्ट में सुनवाई में देरी होना लाजमी है।</p>
<p><br /><strong>फैसले के बाद जिंदा बम को लेकर फिर पेश किया आरोप पत्र</strong><br />विशेष न्यायालय की ओर से फैसला सुनाने के करीब आठ माह बाद अभियोजन पक्ष ने चांदपोल हनुमान मंदिर के बाहर जिंदा मिले बम को लेकर शाहबाज हुसैन सहित बाकी चारों अभियुक्तों के खिलाफ फिर से आरोप पत्र पेश कर दिया। आरोप पत्र में मूल मामले के तथ्यों को दोहराते हुए समान धाराएं रखी गई हैं। इस मामले में अदालत में अभियोजन पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं हाईकोर्ट आरोपी शाहबाज हुसैन को गत 25 फरवरी को जमानत पर रिहा कर चुकी है।</p>
<p><br /><strong>ये हैं आरोपी</strong><br />पहला आरोपी शाहबाज हुसैन उर्फ शानू निवासी मौलवीगंज, उत्तरप्रदेश। जयपुर में 13 मई 2008 को हुए बम ब्लास्ट के बाद सबसे पहले 8 सितंबर 2008 को शाहबाज हुसैन को गिरफ्तार किया गया। हालांकि विशेष न्यायालय ने बरी कर दिया। दूसरा आरोपी मोहम्मद सैफ, निवासी सरायमीर, आजमगढ़ उत्तरप्रदेश है। इसे 23 दिसंबर 2008 को गिरफ्तार किया गया। तीसरा आरोपी मोहम्मद सरवर आजमी, निवासी चांदपट्टी, आजमगढ़ उत्तरप्रदेश है। इसे 29 जनवरी 2009 को गिरफ्तार किया गया। चौथा आरोपी सैफ उर्फ सैफुर्रहमान, निवासी आजमगढ़ उत्तरप्रदेश है। इसको 23 अप्रेल 2009 को गिरफ्तार किया गया। पांचवा आरोपी सलमान, निवासी निजामाबाद, उत्तर प्रदेश है। इसे 3 दिसंबर 2010 को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा कई अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं।<br /><br /><strong>16 मिनट के अंतराल में इन जगहों पर हुए बम धमाके</strong><br />1. 13 मई 2008 की शाम करीब 7.20 बजे पहला बम ब्लास्ट खंदा माणक चौक, हवा महल के सामने हुआ। इसमें 1 महिला की मौत हुई जबकि 18 लोग घायल।<br />2. दूसरा बम धमाका बड़ी चौपड़ के पास मनिहारों के खंदे में ताला चाबी वालों की दुकानों के पास शाम करीब 7.25 बजे हुआ। जिसमें 6 लोगों की मौत हुई साथ ही 27 लोग घायल हुए।<br />3. तीसरा बम ब्लास्ट शाम करीब 7.30 बजे छोटी चौपड़ पर कोतवाली थाने के बाहर पार्किंग में हुआ। इनमें 2 पुलिसकर्मियों सहित 7 लोगों की मौत हुई। जबकि 17 लोग घायल हुए थे।<br />4. चौथा बम धमाका भी इसी समय दुकान नंबर 346 के सामने, त्रिपोलिया बाजार के पास हुआ। इसमें 5 लोगों की मौत और 4 लोग घायल हुए।<br />5. पांचवां बम धमाका चांदपोल बाजार स्थित हनुमान मंदिर के बाहर पार्किंग स्टैंड पर शाम 7.30 बजे हुआ। इनमें सबसे ज्यादा 25 लोगों की मौत हुई, जबकि 49 लोग घायल हुए।<br />6. छठा बम ब्लास्ट जौहरी बाजार में पीतलियों के रास्ते की कार्नर पर नेशनल हैंडलूम के सामने शाम करीब 7.30 बजे हुआ। इनमें 8 लोगों की मौत और 19 लोग घायल हुए।<br />7. सातवां बम धमाका शाम 7.35 बजे छोटी चौपड़ पर फूलों के खंदे में हुआ। इसमें 2 लोगों की मौत और 15 लोग घायल हुए।<br />8. आठवां बम धमाका जौहरी बाजार में सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर के बाहर शाम 7.36 बजे हुआ। इसमें 17 लोगों की मौत हुई जबकि 36 लोग घायल हुए।<br />9. नौवे ब्लास्ट की कोशिश दुकान नंबर 17 के सामने चांदपोल बाजार में एक गेस्ट हाउस के बाहर करने की थी। बम में रात 9 बजे का टाइमर सेट था, लेकिन 15 मिनट पहले बम स्कॉड टीम ने इसे डिफ्यूज कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 May 2022 15:20:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सफेद पट्टी बांध खुद को बचाने के लिए शांति की गुहार,  फिर भी मारी गोली</title>
                                    <description><![CDATA[शवों की जांच की गयी और विस्तृत विश्लेषण के लिए फोरेंसिक चिकित्सा संस्थानों में भेजा गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/white-bandage-tied--pleaded-for-peace-to-save-himself--but-still-shot--bodies-of-more-than-900-ukrainian-citizens-found-on-the-streets-of-kyiv/article-8031"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ukrainian03.jpg" alt=""></a><br /><p>कीव। रूसी सेना के कीव छोडऩे के बाद यहां सड़कों पर शांति की गुहार लगाने वाले 900 से अधिक नागरिकों के शव मिले। जिनकी बाहों में सफेद रंग की पट्टी बंधी हुई थी। जिन्हें प्रताड़ति करने के बाद गोली मार दी गयी थी। एक आधिकारिक यह जानकारी मिली।<br /><br />कीव क्षेत्रीय पुलिस प्रमुख एंड्री नीबितोव ने शुक्रवार को कहा कि रूसी सेना के इलाके को छोडऩे के बाद 900 नागरिकों के शव बरामद हुए हैं। पुलिस प्रमुख ने कहा शवों की जांच की गयी और विस्तृत विश्लेषण के लिए फोरेंसिक चिकित्सा संस्थानों में भेजा गया था। नीबितोव ने यह भी कहा कि शेवचेंको गांव में कुछ लोगों के शवों की पहचान कर ली गयी है। उन्होंने कहा कि वह सब स्थानीय नागरिक थे, जिन्हें दुर्भाग्य से प्रताड़ति किया गया और गोली मार कर उनकी हत्या कर दी गयी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को गोली मारी गयी, उनमें से कुछ की बाहों में सफेद पट्टी बंधी थी जो रूसी सेना से खुद को बचाने के लिए शांति की गुहार लगार रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Apr 2022 18:51:40 +0530</pubDate>
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                <title>आवासन मण्डल : सम्पत्तियां खरीदने की अब भी होड़, चार गुना अधिक दर पर बिके भूखंड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जयपुर। कोरोनाकाल की मंदी के दौर से अभी लोग उभर नहीं पाए है, लेकिन राजस्थान आवासन मंडल की जमीनों की खरीद के लिए लोगों में अब भी क्रेज है।</p>
<p><br />प्रताप नगर जयपुर में निर्धारित दर से चार गुना अधिक दर पर खरीदारों ने भूखंड लिए हैं। गत एक माह में 805 सम्पत्तियां के बिकने से मंडल को 80 करोड़ 15 लाख रु. से अधिक का राजस्व मिला। वहीं आगामी बुधवार से जोधपुर की कुड़ी भगतासनी योजना में एक हजार आवास 50 प्रतिशत की छूट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। यह आवास 156 किश्तों पर आवंटित होंगे और खरीदार 10</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/--housing-board--still-competing-to-buy-properties--plots-sold-at-four-times-higher-rate/article-5951"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/rhb.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोरोनाकाल की मंदी के दौर से अभी लोग उभर नहीं पाए है, लेकिन राजस्थान आवासन मंडल की जमीनों की खरीद के लिए लोगों में अब भी क्रेज है।</p>
<p><br />प्रताप नगर जयपुर में निर्धारित दर से चार गुना अधिक दर पर खरीदारों ने भूखंड लिए हैं। गत एक माह में 805 सम्पत्तियां के बिकने से मंडल को 80 करोड़ 15 लाख रु. से अधिक का राजस्व मिला। वहीं आगामी बुधवार से जोधपुर की कुड़ी भगतासनी योजना में एक हजार आवास 50 प्रतिशत की छूट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। यह आवास 156 किश्तों पर आवंटित होंगे और खरीदार 10 प्रतिशत राशि जमा करवाकर अपने घर का सपना पूरा कर सकेगा।</p>
<p><br />आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने बताया कि मण्डल की रियल स्टेट मार्केट में चमक बरकरार है। गत एक माह में मण्डल की 805 सम्पत्तियां बिकी। इसमें मण्डल की 26 प्रीमियम सम्पत्तियां ई आॅक्शन के माध्यम से बिकी, जिससे मण्डल को 62 करोड़ 96 लाख रु. का राजस्व मिला। बुधवार नीलामी उत्सव ई बिड सबमिशन योजना में गत एक माह में 779 सम्पत्तियां बिकी, जिससे 17 करोड़ 19 लाख रु. मिले।</p>
<p><br />अरोड़ा ने बताया कि जयपुर वृत्त प्रथम, द्वितीय और तृतीय में 196 सम्पत्तियों से 21.77 करोड़ रुपए, जोधपुर वृत्त प्रथम और द्वितीय में 110 सम्पत्तियों से 14.24 करोड़ रुपए, कोटा वृत्त में 28 सम्पत्तियां से 4.47 करोड़ रुपए, बीकानेर वृत्त में 331 सम्पत्तियों से 21.38 करोड रुपए, उदयपुर वृत्त में 120 सम्पत्तियों से 14.33 करोड रुपए और अलवर वृत्त में 20 सम्पत्तियों के बिकने से मण्डल को 3.97 करोड़ रुपए का राजस्व मिला।</p>
<p><br /><strong>जयपुर के 3 प्रीमियम सम्पत्तियों के ऑक्शन से मिला 37 करोड का राजस्व</strong><br />आयुक्त ने बताया कि मण्डल की इंदिरा गांधी नगर और प्रताप नगर योजना में स्थित 3 बडेÞ व्यावसायिक भूखंड 37 करोड़ में बिके, जिनमें प्रताप नगर में 2 भूखण्ड जो कि पेट्रोल पम्प के लिए आरक्षित थे और जिनका न्यूनतम बोली मूल्य 42 हजार और 44 हजार रुपए था। रिलायंस और इण्डियन ऑयल जैसी कम्पनियों ने इनको चार गुना कीमत में खरीदा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Mar 2022 13:12:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरप्लस का दावा, फिर भी बिजली संकट</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में भले ही बिजली उत्पादन में सरप्लस होने का दावा किया जाता हो, लेकिन महंगी दरों पर तीन से पांच करोड़ की बिजली की खरीद करने में भी पीछे नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/surplus-claim--still-power-crisis--17-87-rs--68-76-crore-electricity-purchased-per-unit-in-august--still-troubled-by-cuts/article-5452"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/bl-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में भले ही बिजली उत्पादन में सरप्लस होने का दावा किया जाता हो, लेकिन महंगी दरों पर तीन से पांच करोड़ की बिजली की खरीद करने में भी पीछे नहीं है। प्रदेश ने 2021 में केवल एक माह में 3.85 करोड़ यूनिट बिजली 17.87 रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदी गई है। अर्थात इतनी महंगी खरीद के लिए कंपनियों क68.76 करोड़ का भुगतान करना पड़ा। इसके बावजूद शहर व गांवों में बिजली की कटौती होती रही। उपनेता राजेन्द्र राठौड़ ने विधानसभा में सरकार को घेरा। राठौड़ ने कहा कि तीन माह में 13097 करोड़ की बिजली खरीदी गई है, जो एक बड़ा स्कैंडल है।</p>
<p><strong>राज्य सरकार ने अडानी पावर, राजवेस्ट एनर्जी और कालीसिंध पावर से बिजली खरीदी। यह बिजली इन तीनों कंपनियों से कुल 21791.84 करोड़ यूनिट की खरीद की गई, जिसकी औसत रेट 4.59 रुपए प्रति यूनिट रही।</strong></p>
<table style="width:778px;">
<tbody>
<tr>
<td style="width:109px;">माह</td>
<td style="width:100px;">
<p>अडानी पावर</p>
<p>बिजली</p>
</td>
<td style="width:94px;">
<p>अडानी पावर</p>
<p>रेट</p>
</td>
<td style="width:130px;">
<p>राजवेस्ट एनर्जी</p>
<p>बिजली</p>
</td>
<td style="width:97px;">
<p>राजवेस्ट एनर्जी</p>
<p>रेट</p>
</td>
<td style="width:117.567px;">
<p>कालीसिंध पावर</p>
<p>बिजली</p>
</td>
<td style="width:123.433px;">
<p>कालीसिंध पावर</p>
<p>रेट</p>
</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:109px;">जनवरी-20</td>
<td style="width:100px;">772.73</td>
<td style="width:94px;">3.92</td>
<td style="width:130px;">456.20</td>
<td style="width:97px;">4.76</td>
<td style="width:117.567px;">622.77</td>
<td style="width:123.433px;">4.82</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:109px;">फरवरी-20</td>
<td style="width:100px;">673.49</td>
<td style="width:94px;">3.99</td>
<td style="width:130px;">491.17</td>
<td style="width:97px;">4.44</td>
<td style="width:117.567px;">582.00</td>
<td style="width:123.433px;">4.79</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:109px;">मार्च-20</td>
<td style="width:100px;">448.48</td>
<td style="width:94px;">5.32</td>
<td style="width:130px;">399.16</td>
<td style="width:97px;">4.88</td>
<td style="width:117.567px;">503.10</td>
<td style="width:123.433px;">5.66</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:109px;">अप्रैल-20</td>
<td style="width:100px;">176.29</td>
<td style="width:94px;">8.20</td>
<td style="width:130px;">440.54</td>
<td style="width:97px;">4.65</td>
<td style="width:117.567px;">0.00</td>
<td style="width:123.433px;">0.00</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:109px;">मई-20</td>
<td style="width:100px;">572.21</td>
<td style="width:94px;">4.36</td>
<td style="width:130px;">504.17</td>
<td style="width:97px;">4.38</td>
<td style="width:117.567px;">198.69</td>
<td style="width:123.433px;">8.99</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:109px;">जून-20</td>
<td style="width:100px;">693.77</td>
<td style="width:94px;">3.99</td>
<td style="width:130px;">551.08</td>
<td style="width:97px;">4.44</td>
<td style="width:117.567px;">382.40</td>
<td style="width:123.433px;">5.99</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:109px;">जुलाई-20</td>
<td style="width:100px;">803.24</td>
<td style="width:94px;">3.90</td>
<td style="width:130px;">556.09</td>
<td style="width:97px;">4.21</td>
<td style="width:117.567px;">508.67</td>
<td style="width:123.433px;">5.19</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:109px;">अग्सत-20</td>
<td style="width:100px;">726.86</td>
<td style="width:94px;">4.05</td>
<td style="width:130px;">537.65</td>
<td style="width:97px;">4.47</td>
<td style="width:117.567px;">330.15</td>
<td style="width:123.433px;">5.82</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:109px;">सितंबर-20</td>
<td style="width:100px;">757.24</td>
<td style="width:94px;">3.96</td>
<td style="width:130px;">625.53</td>
<td style="width:97px;">4.46</td>
<td style="width:117.567px;">517.68</td>
<td style="width:123.433px;">5.53</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:109px;">अक्टूबर-20</td>
<td style="width:100px;">834.36</td>
<td style="width:94px;">3.84</td>
<td style="width:130px;">548.81</td>
<td style="width:97px;">4.23</td>
<td style="width:117.567px;">713.52</td>
<td style="width:123.433px;">4.55</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:109px;">नवंबर-20</td>
<td style="width:100px;">769.21</td>
<td style="width:94px;">3.90</td>
<td style="width:130px;">519.10</td>
<td style="width:97px;">4.33</td>
<td style="width:117.567px;">592.82</td>
<td style="width:123.433px;">4.89</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:109px;">दिसंबर-20</td>
<td style="width:100px;">795.93</td>
<td style="width:94px;">3.89</td>
<td style="width:130px;">566.51</td>
<td style="width:97px;">4.18</td>
<td style="width:117.567px;">667.09</td>
<td style="width:123.433px;">4.98</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:109px;">जनवरी-21</td>
<td style="width:100px;">745.40</td>
<td style="width:94px;">3.96</td>
<td style="width:130px;">489.29</td>
<td style="width:97px;">4.44</td>
<td style="width:117.567px;">718.50</td>
<td style="width:123.433px;">4.58</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:109px;">कुल</td>
<td style="width:100px;">8769.20</td>
<td style="width:94px;">4.12</td>
<td style="width:130px;">6685.31</td>
<td style="width:97px;">4.43</td>
<td style="width:117.567px;">6337.32</td>
<td style="width:123.433px;">3.89</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>जब हमारे पास पर्याप्त बिजली थी तो तीन महीने में इतनी महंगी बिजली क्यों खरीदी गई। इसके साथ ही एक ही महीने में तीन अलग-अलग कंपनियों से बिजली की खरीद भी अलग-अलग दरों पर क्यों की गई। इसका सरकार को जवाब देना चाहिए।<br /><strong>- गुलाब चंद कटारिया, नेता प्रतिपक्ष</strong></p>
<p>यह एक बड़ा मुद्दा है( इस पर कम समय में चर्चा नहीं हो सकती। इस सवाल को नए सिरे से फिर से लाया जाए] ताकि सदन में चर्चा हो सके।<br /><strong>- डॉ. सीपी जोशी, अध्यक्ष विधानसभा</strong></p>
<p>बिजली समस्या होने पर कुछ समय के लिए ही महंगी दरों पर यह बिजली खरीदी गई थी। अगस्त माह में कोयला खदानों में पानी भर जाने से समस्या हुई, जिससे पूरे देश में कोयले की कमी हो गई। उस वक्त ओपन एक्सचेंज से यह बिजली खरीदी गई ताकि किसानों और आमजन को पूरी बिजली दे सकें।<br /><strong>- भंवर सिंह भाटी, ऊर्जा राज्यमंत्री</strong></p>
<p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>जुलाई, अगस्त, सितंबर 2021 में एक्सचेंज से ये खरीदी बिजली</strong></span></p>
<table style="width:778px;">
<tbody>
<tr>
<td style="width:188px;">माह</td>
<td style="width:165px;">
<p>विद्युत क्रय</p>
<p>(करोड़ यूनिट</p>
</td>
<td style="width:196.7px;">
<p>औसत दर</p>
<p>(रुपए प्रति यूनिट)</p>
</td>
<td style="width:224.3px;">
<p>राशि</p>
<p>(करोड़ रुपए)</p>
</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:188px;">जुलाई-21</td>
<td style="width:165px;">25.44</td>
<td style="width:196.7px;">2.91</td>
<td style="width:224.3px;">75.04</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:188px;">अगस्त-21</td>
<td style="width:165px;">77.70</td>
<td style="width:196.7px;">6.23</td>
<td style="width:224.3px;">484.13</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:188px;">सितंबर-21</td>
<td style="width:165px;">41.37</td>
<td style="width:196.7px;">3.55</td>
<td style="width:224.3px;">146.88</td>
</tr>
</tbody>
</table>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Mar 2022 11:50:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बजट कम होेने की दुहाई देकर नहीं लगाए सीसीटीवी कैमरे</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर कमिश्नरेट की बात करें तो यहां सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में कैमरे लगाने काम मालवीय नगर थाने में हुआ था। बाकी अभी कुछ थानों को छोड़कर मामला अधर में है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-issue-of-installation-of-cctv-in-every-police-station-is-still-pending--talking-about-jaipur-commissionerate--first-of-all--the-work-of-installing-cameras-in-compliance-with-the-order-of-supreme-court-was-done-in-malviya-nagar-police-station/article-4759"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/camera.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के हर थाने में सीसीटीवी लगाए जाने का मामला अभी अटका हुआ है। जयपुर कमिश्नरेट की बात करें तो यहां सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में कैमरे लगाने काम मालवीय नगर थाने में हुआ था। बाकी अभी कुछ थानों को छोड़कर मामला अधर में है। अब सीसीटीवी लगाने के लिए स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने और अतिरिक्त बजट की मांग की है। यदि यह बजट मिलेगा तब ही सभी थाने सीसीटीवी से लैस हो सकेंगे। <br /><br /><strong>यह था मामला</strong><br />वित्तीय वर्ष 2019-20 की बजट घोषणा के अनुसार थानों में पारदर्शिता लाने के लिए दो वर्षों में हर थाने में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसकी क्रियान्विति के लिए स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो को हर थाने में 6-6 सीसीटीवी कैमरों की स्थापना करने के लिए पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत 1694.80 लाख रुपए उपलब्ध कराए जा चुके हैं। एससीआरबी पुलिस थानों में सीसीटीवी के लिए कार्रवाई कर रहा है। <br /><br /><strong>यह था सुप्रीम कोर्ट का आदेश</strong><br />उच्चतम न्यायालय ने स्पेशल लीव पिटीशन में दो दिसम्बर 2020 को हर थाने में न्यूनतम 16 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए आदेशित किया था, जिनकी स्टोरेज क्षमता प्राथमिकता के आधार पर 18 माह और अनिवार्यता के आधार पर 12 माह निर्धारित की गई है। एससीआरबी ने न्यायालय के आदेश की पालना के लिए कैमरों की संख्या में वृद्धि और स्टोरेज क्षमता के आधार पर अब सभी पुलिस थानों में कैमरे लगाने के लिए 4647.29 लाख रुपए अनुमानित खर्चा बताया है। यदि बजट घोषणा में यह बजट मिल जाएगा तो सीसीटीवी कैमरे लग जाएंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-issue-of-installation-of-cctv-in-every-police-station-is-still-pending--talking-about-jaipur-commissionerate--first-of-all--the-work-of-installing-cameras-in-compliance-with-the-order-of-supreme-court-was-done-in-malviya-nagar-police-station/article-4759</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-issue-of-installation-of-cctv-in-every-police-station-is-still-pending--talking-about-jaipur-commissionerate--first-of-all--the-work-of-installing-cameras-in-compliance-with-the-order-of-supreme-court-was-done-in-malviya-nagar-police-station/article-4759</guid>
                <pubDate>Mon, 21 Feb 2022 13:05:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CM गहलोत की सलाह : कोविड से दुनिया में बन रही परिस्थितियों को देखते हुए अभी भी बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता</title>
                                    <description><![CDATA[WHO का अनुमान हैं कि वर्तमान से लगाकर अगले वर्ष मार्च तक यूरोप के अनेक देशों में हॉस्पीटल, हॉस्पीट्ल्स बेड्स और आई.सी.यू. पर भारी दबाव रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cm-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B9---%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A1-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%B9%E0%A4%A6-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE/article-2745"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/gehlot_corona_apil.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यूरोप में कोविड की स्थिति को लेकर कहा कि कोविड से दुनिया में बन रही परिस्थितियों को देखते हुए अभी भी बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। गहलोत ने सोशल मीडिया पर एक अखबार में प्रकाशित आर्टिकल भी शेयर किया है, जिसमें यूरोप में कोरोना की स्थिति के बारे में बताया गया है। आर्टिकल के अनुसार यूरोप के अनुभव को देखते हुए ऐसा लगता है कि केवल वेक्सीन से ही कोरोना संक्रमण की श्रृंखला को नहीं तोड़ा जा सकता और न ही इस महामारी का अन्त किया जा सकता है। यूरोप में पिछले वर्ष मार्च के पश्चात् दूसरी बार कोरोना संक्रमण के नये मामलों और मौतों में तेज गति से वृद्धि हो रही है। यूरोप पुनः कोरोना महामारी का मुख्य केन्द्र बन गया है।<br /> <br /> इस वर्ष अक्टूबर के प्रारम्भ से ही संक्रमण के मामलों में रोजाना वृद्धि होनी शुरू हुई थी। यह वृद्धि प्रारम्भ में तीन देशों तक सीमित थी किन्तु बाद में यूरोप के सभी देशों में फैल गई जिसकी मुख्य वजह डेल्टा वेरियट है। पिछले सप्ताह यूरोप में 20 लाख नये मामले हुए जो महामारी के शुरूआत होने के बाद से सर्वाधिक है। कोरोना से पूरे विश्व में जितनी मौतें हुई है उनमें से आधे से ज्यादा इस महीने यूरोप में हुई है। ऑस्ट्रिया, नीदरलैण्ड, जर्मनी, डेनमार्क तथा नोवें में प्रतिदिन संक्रमण के सर्वाधिक मामले हो रहे हैं। रोमानिया तथा यूक्रेन में भी कुछ दिनों पहले सर्वाधिक मामले हुए पूरे यूरोप में हॉस्पीटल बेड्स तेज गति से भर रहे हैं।<br /> <br /> WHO का अनुमान हैं कि वर्तमान से लगाकर अगले वर्ष मार्च तक यूरोप के अनेक देशों में हॉस्पीटल, हॉस्पीट्ल्स बेड्स और आई.सी.यू. पर भारी दबाव रहेगा। अधिकांश पश्चिमी यूरोप के देशों में टीकाकरण की दर बहुत ऊंची है। आयरलैण्ड में 90 प्रतिशत से अधिक लोगों को इस वर्ष सितम्बर तक दोनों टीके लग चुके हैं। फ्रांस में बिना टीका लगे लोगों की उन्मुक्त आवाजाही तथा कार्यालय जाने को मुश्किल बना दिया गया है। अगले वर्ष फरवरी से आस्ट्रिया में टीकाकरण अनिवार्य कर दिया जायेगा। आस्ट्रिया में इस वर्ष 22 नवम्बर से 3 सप्ताह का राष्ट्रव्यापी लॉक- डाउन भी लगाया गया है। इस देश में 65 प्रतिशत लोगों को दोनों टीके लगे हुए हैं फिर भी संक्रमण तेज गति से फैल रहा है। यूरोप में संक्रमण के अधिकांश नये मामले उन लोगों के हैं जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है, जिन्हें ब्रेकथ्रू इन्फेक्शन हैं तथा दोनों टीका लगे हुए लोग भी भारी संख्या में अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Nov 2021 12:48:47 +0530</pubDate>
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                <title>संविधान हमारा, कानून आज भी अंग्रेजों के</title>
                                    <description><![CDATA[संविधान दिवस पर विशेष :  1897 में जिस कानून में सर्वप्रथम बाल गंगाधर तिलक को सजा हुई थी, वह आज भी लागू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87/article-2738"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/constitution.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। यह ऐसा ही अचंभा है, जैसे पहले संतान पैदा हो और मां बाद में। देश में संविधान तो तैयार होकर पारित हुआ 26 नवंबर 1949 को और लागू हुआ 26 जनवरी 1950 को। लेकिन संविधान की भावनाओं के अनुरूप बनने वाले कानून इससे भी 100 साल पुराने मौजूद हैं। ये आज भी न केवल लागू हैं, अदालतें इन्हीं के आधार पर फैसले करती हैं। विधिवेत्ताओं के अनुसार देश में अपराध भी उसे ही माना गया है, जिसका उल्लेख अंग्रेजों ने 1860 में बनी आईपीसी किया है। इंडियन एविडेंस एक्ट भी 1872 का है। विधिवेत्ताओं के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 13 में प्रावधान किया गया कि जो तत्कालीन कानून संविधान के मूल अधिकारों से नहीं टकराते हैं, उन्हें लागू रखा जाएगा। हालांकि इतना लंबा समय बीतने के बाद भी अब तक अंग्रजों के बनाए कानून यथावत हैं।<br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>इनका कहना है</strong></span></span></span><br /> मैंने 1255 कानूनों को हटाने की सिफारिश की थी। संविधान के मूल ढ़ांचे में बदलाव नहीं हो सकता। हालांकि समय के साथ कानूनों में बदलाव किया जाना चाहिए। नेशनल लॉ कमीशन के चेयरमैन पद पर रहते हुए मैंने प्रदेश के 1255 कानूनों में से कई कानूनों को स्क्रैप करनी की सिफारिश की थी पर कार्रवाई नहीं हुई।<br /> जस्टिस वीएस दवे<br /> <br /> <strong><br /> </strong><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>महात्मा गांधी पर दायर किया था राजद्रोह का मुकदमा</strong></span></span></span><br /> ब्रिटिश काल में स्वतंत्रता सेनानियों को आईपीसी की धारा 124ए का लागू होती थी। तिलक पहले ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें इस कानून के तहत 1897 में सजा हुई। महात्मा गांधी, भगत सिंह और जवाहर लाल नेहरू सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ अंग्रेजों ने इस धारा का बखूबी प्रयोग किया। इस कानून के तहत वर्ष 1922 में महात्मा गांधी पर भी यंग इंडिया में उनके लेखों के कारण राजद्रोह का मुकदमा दायर किया गया था। वहीं आजादी के बाद पहली बार यह मामला वर्ष 1951 में आया। पंजाब हाईकोर्ट ने तारासिंह गोपीचंद बनाम राज्य सरकार के मामले में निर्णय दिया कि धारा 124ए बोलने की आजादी असीमित नहीं है। हाल ही में सीजे एनवी रमन्ना की खंडपीठ ने इसकी वैधानिकता पर बोलते हुए कहा था कि महात्मा गांधी और तिलक को चुप कराने के लिए अंग्रेजों का ये औपनिवेशिक कानून है।<br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>मोटर वाहन अंग्रेजों के थे, इसलिए एक्सीडेंट में सजा मामूली</strong></span></span></span><br /> उस समय अधिकांश मोटर वाहन अंग्रेजों के पास ही होते थे। ऐसे में दुर्घटनाओं में मौत होने पर जिम्मेदारी से बचने की मानसिकता के साथ ही आईपीसी की धारा 304ए को लागू किया गया था।<br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>ये हैं कुछ उदाहरण</strong></span></span></span><br />     आईपीसी - 6 अक्टूबर 1860 में लागू की गई। <br />     इंडियन एविडेंस एक्ट 1872 में लागू किया गया था।<br />     सीआरपीसी - दीवानी या सिविल प्रकृति के मामलों के लिए 1908 में लागू। <br />     संविदा अधिनियम- 1872 में लागू किया गया था।<br />     माल एवं बिक्री अधिनियम- 1930 में लागू किया गया था।<br />     शासकीय गुप्त बात अधिनियम- देश की सुरक्षा या हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए गुप्त रखी गई बातों या दस्तावेजों को प्रकट करने से रोकने के लिए वर्ष 1923 में इस कानून को लागू किया गया था।<br />     घातक दुर्घटना अधिनियम- वर्ष 1855 में लागू इस अधिनियम के तहत हादसे में हुई क्षति को लेकर पीड़ित पक्ष को मुआवजा दिलाया जाता है। पेड़ गिरने से दबकर मौत, करंट लगने, आवारा पशु सहित अनेक अन्य कारणों को लेकर हुई क्षति को लेकर मुआवजा देने का प्रावधान है।<br /> सराय अधिनियम- ब्रिटिश सरकार ने वर्ष 1867 में इस कानून को बनाया था। बड़ी से बड़ी होटल हो या गेस्ट हाउस सभी इस अधिनियम के तहत नियंत्रित होते हैं।<br /> टेलीग्राफ अधिनियम- अंग्रेजों ने वर्ष 1885 में इस अधिनियम को लागू किया था। इसके पीछे मंशा दूरसंचार के साधनों को प्रतिबंधित करने की थी। वर्तमान में सारा दूरसंचार इस अधिनियम के नियंत्रण में आता है। इस कानून के तहत सरकार को आपातकाल या लोक सुरक्षा के हित में फोन संदेश को प्रतिबंधित करने एवं उसे टेप करने व निगरानी करने का अधिकार है।<br /> कारागार अधिनियम- जेल व्यवस्था कैसी रहेगी और कैदियों को लेकर क्या नियम रहेंगे, इसके लिए ब्रिटिश सरकार ने वर्ष 1894 में इस अधिनियम को लागू किया था।<br /> <br /> हम आज भी अंग्रेजों के बनाए कानून पर न्याय दिला रहे हैं। जल्द और सुलभ न्याय के लिए अब नए कानूनों की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुराने कानूनों को हटाने की शुरुआत कर दी है।  -<strong>ओम बिरला, लोस अध्यक्ष</strong><br /> <br /> अंग्रेजों ने अधिकांश कानून भारतीयों को दबाए रखने के लिए बनाए थे। आजादी मिलने के बाद देशवासियों को आशा थी कि अब देशी कानून होंगे, लेकिन सात दशक बाद भी कानून नहीं बदले हैं। -<strong>अजय कुमार जैन, अधिवक्ता</strong><br /> <br /> हमें कानून को समय के साथ नहीं देखना चाहिए। यदि कोई कानून पुराना होते हुए भी अभी तक प्रासंगिक है तो उसे बनाए रखना चाहिए। इतना जरूरी है कि समय के साथ अप्रासंगिक कानूनों को रद्द कर देना चाहिए।-<strong>डॉ. गुंजन शर्मा, अधिवक्ता</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 26 Nov 2021 11:11:20 +0530</pubDate>
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                <title>तीसरी लहर की संभावना कम, आएगी भी तो ज्यादा घातक नहीं होगी : सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[वायरस के वेरिएंट पर भी काफी कुछ करेगा निर्भर, कोरोना के किसी भी वेरिएंट से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार अभी भी मास्क, करनी होगी कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर की पालना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%AE--%E0%A4%86%E0%A4%8F%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80---%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9/article-2504"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/corona_puniya.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में जिस तेजी से फिर से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं उसे देखकर ऐसा लग रहा है कि कोरोना एक बार फिर से अपने रंग में आ गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना के मामले बढ़ने का बड़ा कारण आमजन की ओर से त्योहारी सीजन में बरती गई लापरवाही है। साथ ही सब कुछ अनलॉक होने के बाद कोरोना के मामलों में कुछ उछाल आना स्वभाविक है। मुख्यमंत्री कोविड सलाहकार समिति के सदस्य और वरिष्ठ अस्थमा रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद काफी संख्या में लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है और लोगों में अब एंटीबॉडी भी डवलप हो गई है। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना काफी कम हैउऔर इसका नतीजा है कि दोनों डोज लगवाने वाले लोगों में भी कोरोना ज्यादा गंभीर नहीं है और लोग घर में ही ठीक हो रहे हैं। साथ ही आने वाले समय में वैक्सीनेशन का आंकड़ा और बढ़ेगा और ऐसे में लोगों में हर्ड इम्यूनिटी भी डवलप होगी जिससे कोरोना का असर कम हो जाएगा।<br /> <strong><br /> बच्चों में भी एंटीबॉडी होने लगी डवलप</strong><br /> डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने बच्चों में कोरोना के मामलों को लेकर कहा कि दिल्ली में जो सीरो सर्वे हुआ है उसके नतीजों में यह बात सामने आई है कि व्यस्कों के साथ ही बच्चों में भी एंटीबॉडी डवलप हो गई है। इसका कारण है कि कोरोना काल में बिना लक्षणों वाले मरीज भी देखे गए जिनमें बच्चे भी शामिल थे। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर आती भी है तो बच्चों पर भी प्रभाव काफी कम रहेगा। यही बात राजस्थान और जयपुर के मामले में भी देखी गई है कि यहां भी व्यस्कों के साथ ही बच्चों में भी एंटीबॉडी डवलप होने लगी है और ज्यादातर बच्चे लक्षण और बिना लक्षणों के कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। ऐसे में कोरोना अब ज्यादा गंभीर असर नहीं दिखाएगा।<br /> <strong><br /> वेरिएंट का लगाया जा रहा है पता</strong><br /> डॉ. सिंह ने बताया कि अभी एसएमएस मेडिकल कॉलेज में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के सैंपल की जिनोम सिक्वेंसिंग की जा रही है और कोरोना के वेरिएंट का पता लगाया जा रहा है। जब वेरिएंट का पता चलेगा तो यह बात भी साफ हो जाएगी कि वेरिएंट नया है या पुराना और कितना असरकारक है। हालांकि इसमें अभी समय लगेगा। <br /> <strong><br /> फिर मिले पांच पॉजिटिव</strong><br /> जयपुर में बुधवार को भी कोरोना मरीजों की संख्या में उतार चढ़ाव जारी रहा। एक दिन में पांच नए पॉजिटिव मिले और महज एक मरीज रिकवर होकर डिस्चार्ज हुआ। शहर के चांदपोल से 1, सिविल लाइंस से 1, गोविंदगढ़ से 1, मानसरोवर से 1 और वैशाली नगर से 1 केस पॉजिटिव मिला है। इसके साथ ही जयपुर में कोरोना के मामले बढ़कर एक लाख 87 हजार 877 हो गए हैं। एक्टिव केस फिर बढ़कर 55 पर पहुंच गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Nov 2021 14:29:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>अनशन और फोटो सेशन की तह तक जानने के लिए पढ़े यह ख़बर.....</title>
                                    <description><![CDATA[अनशनकारी पूनम का स्वास्थ्य बिगड़ा, डॉक्टरों ने एसएमएस के लिए रैफर किया, अनशनकारी अभी भी धरनास्थल पर मौजूद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%B9-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AA%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%AF%E0%A4%B9-%E0%A4%96%E0%A4%BC%E0%A4%AC%E0%A4%B0---/article-2477"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/anshan.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी के शहीद स्मारक स्थल पर सम्पूर्ण शराबबंदी व सशक्त लोकायुक्त की मांगों को लेकर अनशन कर रहीं पूनम छाबड़ा का स्वास्थ्य खराब हो गया है और उनके स्वास्थ्य की जांच करने वाली डॉक्टर्स की टीम ने उनको एसएमएस रैफर करने की सलाह दी है किंतु पूनम छाबड़ा अभी भी अनशनस्थल पर जमी हुई हैं। वहीं अनशनस्थल पर ही बुधवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, इस शिविर में सैकड़ों की तादाद में लोग पहुंचे और अपना समर्थन दिया।</p>
<p><br /> पूनम छाबड़ा का अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा किंतु तीन दिन से जल का ही सेवन करने से उनके स्वास्थ्य में भारी गिरावट को चिकित्सकों की टीम ने दर्ज किया। उनका रक्तचाप बहुत कम हो गया है और इस कारण चिकित्सकों ने उनको तुरंत प्रभाव से सवाई मानसिंह अस्पताल के लिए रैफर कर दिया।</p>
<p>हालांकि इस दौरान पूनम छाबड़ा टीम की ओर से बनाया गया विडियो काफी चर्चा में जहां पूनम छाबड़ा के साथ खड़े युवक अनशन की मार्केटिंग के लिए विजुअल बनाते वक्त ही इशारे कर क्या-क्या शूट करना है समझा रहे है। वैसे ये सब पार्ट होता है अपनी जानकारी टेक्नोलोजी के माध्यम से तेज रफ्तार से दूसरे लोगों तक पहुंचाने का लेकिन कई बार किरकिरी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><br /> वहीं अनशन के संबंध में अंकुर छाबड़ा ने बताया कि पूनम अभी भी अनशनस्थल पर ही हैं। उनके समर्थन में राजधानी ही नहीं अपितु प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी लोग पहुंच रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सम्पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर करीबन एक दशक पहले पूर्व विधायक गुरुशरण छाबड़ा ने आंदोलन आरंभ किया था और गत सरकार के शासनकाल में उन्होंने अनशन करते हुए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया था।</p>
<p><br /> उनके बलिदान और पूनम छाबड़ा के संघर्ष को देखते हुए बुधवार को अनशनस्थल पर दर्जनों संगठनों के सैकड़ों लोग धरनास्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने रक्तदान शिविर में भी भाग लिया। इस मौके पर पूनम छाबड़ा ने कहा, सरकार बेशक हमारा खून बेच दे उससे रेवन्यू अर्जित करे। मगर शराब रूपी जहर व अन्य नशे के पदार्थों को बेचना बंद करे, ताकि आने वाली पीढिय़ों का भविष्य बचाया जा सके। देश को बचाना है, इसलिए नशामुक्ति की ओर अग्रसर होना होगा। सशक्त लोकायुक्त से ही भरष्टाचार को रोक कर देश के गरीबों को सशक्त कर नया जीवन दिया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Nov 2021 16:47:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रशासन शहरों के संग अभियान की हकीकत : राजधानी की 3300 कॉलोनियों के 1.17 लाख बाशिंदों को अभी पट्टे का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[रियायतें भी बेअसर, अभियान में भी पट्टे की आस अधूरी : जेडीए, हेरिटेज और ग्रेटर निगम नहीं दे पा रहे अभियान को रफ्तार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A4%A4---%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-3300-%E0%A4%95%E0%A5%89%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-1-17-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%96-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-2254"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/nigam_jda.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। राजधानी जयपुर शहर में काफी लंबे से अपने आसियाने के पट्टे का इंतजार कर रहे लोगों को सरकार की भारी रियायतों के बाद भी मकान-भूखण्ड का पट्टा नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन शहरों के संग अभियान से पहले की गई सभी तैयारियां अब विफल होती नजर आ रही है।</p>
<p><br /> करीब 3300 कॉलोनियों में 1.17 लाख बाशिंदों को पट्टे देने की तैयार की गई कार्य योजना धरातल पर नहीं आ पा रही है। गृह निर्माण सहकारी समितियों के दस्तावेजों की वैद्यता खत्म करने के बाद भी कॉलोनियों के नियमन की रफ्तार धीमी नजर आ रही है। शहर में पृथ्वीराज नगर सहित करीब 1400 से अधिक ऐसी कॉलोनियां है, जिनमें 90ए और 90बी पहले ही हो चुकी है, लेकिन कॉलोनियों का ले-आउट प्लान स्वीकृत नहीं होने के कारण नियमन शिविर नहीं लगाया जा सका। अकेली इन कॉलोनियों में करीब 45 हजार से अधिक भूखण्डधारी है। <br /> <br /> <strong>जेडीए ने 11578 से अधिक पट्टे बांटे, जादुई धारा-69ए भी नहीं दे पा रही राहत<br /> हेरिटेज निगम : परकोटे की प्लानिंग भी धरातल पर नहीं</strong><br /> परकोटे में लंबे समय से लोग पट्टों का इंतजार कर रहे है। सालों से काबिज लोगों को पट्टे देने के लिए धारा 69-ए का भी प्रावधान किया गया, लेकिन इसके बाद भी परकोटे में हैरिटेज नगर निगम अपने चारों जोन में पट्टे देने की मुहिम को गति नहीं दे पा रही है। क्षेत्र में कराए गए सर्वे के अनुसार करीब 10 हजार पट्टे देने का निगम ने लक्ष्य तय किया, लेकिन इस टारगेट के मुताबिक निगम पट्टे नहीं बांट पा रही है। पट्टे नहीं बांट पाने के निगम अधिकारी कई बहाने भी बना रहे है। मौटे तौर पर बताया जा रहा है कि एक ही मकान में कई परिवारों के निवास के कारण पट्टे के टाइटल में भी कई लीगल अड़चने सामने आती है, जिसके कारण आवेदन भी कम आ रहे हैं।<br /> <br /> <strong>ग्रेटर निगम : जादुई धारा में <br /> अब तक आठ पट्टे बांटे</strong><br /> अभियान के दौरान नगर निगम ग्रेटर की ओर से भी काम को गति नहीं दी जा रही है। सरकार ने सालों से काबिज जिन लोगों के लिए धारा 69ए का प्रावधान किया और उसे जादुई धारा बताया, उसमें ग्रेटर ने अब तक आठ पट्टे जारी किए है, जबकि 74 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। इसके अलावा 356 आवेदन अभी लंबित है। इसी तरह अपने क्षेत्राधिकार में कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में 120 पट्टे दिए गए है, जबकि 95 को निरस्त कर दिया गया। इस तरह के 354 आवेदन भी लंबित है। ग्रेटर ने कच्ची बस्ती नियमन के पट्टे देने में भी रफ्तार नहीं ली है, अब तक केवल 19 पट्टे जारी किए गए है। इसी तरह स्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टे देने में भी निगम ने अब तक 33 पट्टे जारी किए है, जबकि 783 आवेदन अभी लंबित है।<br /> <br /> <strong>जेडीए : अप्रुव्वड कॉलोनियों <br /> में भी नहीं दे सके पट्टे</strong><br /> शहर की जिन कॉलोनियों का नियमन हो चुका है, उन कॉलोनियों में भी करीब 1950 कॉलोनी ऐसी है, जिनमें कई लोगों ने पट्टे नहीं लिए है। जेडीए के अनुसार अपु्रव्वड कॉलोनियों में करीब 86 हजार से अधिक भूखण्डधारी ऐसे है, जिन्होंने पट्टे नहीं लिए है। अभियान में पिछली बार भी कई कॉलोनियों में पट्टे देने के शिविर लगाए गए, लेकिन उसके बाद भी भूखण्डधारियों को जेड़ीए पट्टे नहीं दे सका। शहर के आगरा रोड पर जामडोली, पालड़ी मीणा, खो-नागोरियान, गोनेर रोड, टोंक रोड पर वाटिका रोड, सांगानेर, पृथ्वीराज नगर दक्षिण और उत्तर, निवारू रोड, अजमेर रोड, सिरसी रोड, जयपुर-दिल्ली रोड, सीकर रोड, बढ़ारना आदि ऐसे इलाके है, जिनमें गृह निर्माण सहकारी समितियों की ओर से कृषि भूमि पर कॉलोनियां काटी गई है, जिनका नियमन होना बाकी है। जेडीए ने आठ नवंबर तक 11400 से अधिक पट्टे बांटे है, जिनमें कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियां, पुरानी अपु्रव्वड स्कीम और कच्ची बस्ती के पट्टे भी शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Nov 2021 11:49:08 +0530</pubDate>
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                <title>राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बयान पर सियासत : कांग्रेस-बीजेपी ने निकाले अपने-अपने मायने</title>
                                    <description><![CDATA[जोशी ने बताया मलिक का ज़मीर अभी जिंदा, वहीं राठौड़ बोले- मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक की टिप्पणी गलत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A4---%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A8%E0%A5%87/article-2193"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/11.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मलिक का ज़मीर अभी जिंदा है: जोशी</strong><br /> जयपुर। किसान आंदोलन पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बयान मामले में मुख्य सचेतक डॉ महेश जोशी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मेघालय के राज्यपाल सतपाल मलिक ने केंद्र पर तीखी टिप्पणियां की थी। मुख्य सचेतक डॉ महेश जोशी ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बयान का समर्थन किया है। जोशी ने कहा है कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक का जमीर अभी जिंदा है। इसीलिए सत्यपाल मलिक इस तरह की बात कह पा रहे हैं। जिन लोगों का जमीर जिंदा है,वे सब किसान आंदोलन के पक्ष में बयान दे रहे हैं। राज्यपाल सत्यपाल मलिक अपना पद दांव पर लगाकर यह बयान दे रहे हैं। केंद्र सरकार को अब भी इससे सबक लेना चाहिए। केंद्र को किसानों की बात सुननी चाहिए।</p>
<p><strong>मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक की टिप्पणी को राठौड़ ने बताया गलत</strong><br /> मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक के रविवार को जयपुर में हुए एक कार्यक्रम के दौरान किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार को घेरने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने काहे की मलिक एक संवैधानिक पद पर हैं उन्हें इस तरह का बयान और टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। यह संविधानिक पद की मर्यादाओं के खिलाफ है। इससे पहले राजेंद्र राठौड़ ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राजस्थान में पेट्रोल और डीजल के दामों को कम करके सरकार जनता को राहत नहीं देना चाहती है। इसलिए वेट कम नहीं कर रही है उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जल्द ही वेट कम करने को लेकर सड़कों पर उतरेगी। राजस्थान में देवी के कहर को लेकर चिकित्सा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि संभाग मुख्यालय तक में सिंगल डोज प्लेटलेट लेने की व्यवस्था नहीं है और न ही इसके किट मौजूद है। इलाज की व्यवस्था करने में सरकार फेल साबित हुई है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 08 Nov 2021 17:39:20 +0530</pubDate>
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