<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/restrictions/tag-8192" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>restrictions - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/8192/rss</link>
                <description>restrictions RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एमडीआर-183 पर अधूरी सड़क बनी मुसीबत,वन विभाग की रोक से अटका 5.9 किमी निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[साढ़े तीन साल बीत जाने के बावजूद भी सड़क का निर्माण पूरा नहीं हुआ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/incomplete-road-on-mdr-183-becomes-a-nightmare--5-9-km-of-construction-stalled-due-to-forest-department-restrictions/article-150741"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(8)6.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। भण्डेड़ा क्षेत्र में एमडीआर-183 मुख्य मार्ग पर दो स्थानों पर अधूरी सड़क निर्माण के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भरने से हालात और भी गंभीर हो गए हैं।  क्षेत्र में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा धनावा से वाया दबलाना, बांसी होते हुए नैनवां तक करीब 45 किमी सड़क का निर्माण कराया गया, लेकिन दो स्थानों पर वन विभाग की आपत्ति के चलते निर्माण कार्य अधूरा रह गया।<br />जानकारी के अनुसार एक स्थान पर लगभग 2.9 किमी और दूसरे स्थान पर करीब 3 किमी सड़क का निर्माण रुका हुआ है। इन अधूरे हिस्सों में गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बरसाती पानी भरने से वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक अक्सर संतुलन खोकर गिर रहे हैं, जबकि चौपहिया और लोडिंग वाहन भी हिचकोले खाते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब साढ़े तीन साल बीत जाने के बावजूद सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग नैनवां व हिण्डोली उपखंड सहित करीब 50 गांवों को बूंदी जिला मुख्यालय से जोड़ता है। अधूरी सड़क के कारण रोजाना हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।</p>
<p><strong>स्वीकृति के बावजूद शुरू नहीं हुआ निर्माण </strong><br />दबलाना से बांसी के बीच सांवतगढ़-फोकी पिपलिया मार्ग पर वन सीमा का हवाला देकर निर्माण कार्य रोका गया था। इसी तरह मानपुरा की डुंगरिया से नैनवां की ओर भी करीब 3 किमी क्षेत्र में कार्य अटका रहा। हालांकि अब वन विभाग से स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।</p>
<p><strong>गड्ढों के कारण लगते हैं तेज झटके</strong><br />स्थानीय निवासी नीरूशंकर शर्मा व अवधेश कुमार जैन ने बताया कि बसों में सफर के दौरान गड्ढों के कारण तेज झटके लगते हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। वहीं डेयरी संचालक कौशल किराड़ ने बताया कि वाहन में दूध की केन हिचकोलों के कारण गिर जाती है, जिससे नुकसान उठाना पड़ता है।</p>
<p>वन विभाग की समस्या का समाधान हो चुका है और स्वीकृति भी मिल गई है। करीब 10 करोड़ 16 लाख रुपए की राशि भी उपलब्ध हो चुकी है। नई टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही शेष सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा।<br /><strong>-हरिराम मीणा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी</strong><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/incomplete-road-on-mdr-183-becomes-a-nightmare--5-9-km-of-construction-stalled-due-to-forest-department-restrictions/article-150741</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/incomplete-road-on-mdr-183-becomes-a-nightmare--5-9-km-of-construction-stalled-due-to-forest-department-restrictions/article-150741</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 11:20:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/111200-x-600-px%29-%288%296.png"                         length="1311570"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूसी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका ने रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/sanctions-on-russian-oil-companies/article-130760"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news39.png" alt=""></a><br /><p>अमेरिका ने रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इसके पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुख्य उद्देश्य है रूस की तेल से होने वाली आय को कम करना। ताकि यूक्रेन युद्ध में रूस की वित्तीय क्षमता को सीमित किया जा सके। इस फैसले का प्रभाव सिर्फ रूस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर भारत पर भी पड़ेगा। यह दोनों कंपनियां भारत को अधिकांश कच्चे तेल की आपूर्ति करती हैं। ऐसे में भारतीय रिफाइनरियों का भविष्य भी दांव पर लग गया है। यदि आपूर्ति किन्हीं कारणों से प्रभावित होती है, तो ऐसे में भारत को तेल आयात के लिए सउूदी अरब, संयुक्त अरब, इराक या सिंगापुर के ट्रेडिंग हब आदि का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे तेल की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।</p>
<p><strong>वैकल्पिक स्रोतों की तलाश : </strong></p>
<p>अमेरिका के प्रतिबंधों का स्वरूप मुख्यत: द्वितीयक प्रतिबंध यानी यह सिर्फ अमेरिकी नागरिकों या कंपनियों तक नहीं बल्कि उन देषों या कंपनियों को भी निषाना बना सकता है जो रूस के साथ तेल व्यापार में सहयोग करती हैं। प्रतिबंधित कंपनियों के साथ व्यापार करने वाले बैंक या ऊर्जा कंपनियां भी प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में भारतीय बैंकों और बीमा कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है, जो रूसी तेल सौदों को वित्तीय सहायता या बीमा सुरक्षा देती हैं।</p>
<p>यदि अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिले तो भारत, ईरान और वेनेजुएला जैसे देशों से पुन: तेल आयात करने पर विचार कर सकता है। ईरान पर अमेरिका ने पहले से ही प्रतिबंध लगा रखा है। इन दिनों उसने वेनेजुएला की अलग सैन्य घेरेबंदी कर रखी है। ऐसे में प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की वजह से भारत को अपनी जरूरत के मुताबिक तेल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करनी पड़ सकती है। इसके अलावा स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व को मजबूत करना और दीर्घकालिक तेल अनुबंधों पर ध्यान देना होगा। 2020 में यूक्रेन युद्ध के बाद जब पश्चिमी देशों ने रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाए, तब भारत ने रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदना शुरू किया। आज भारत, चीन के बाद रूस का सबसे बड़ा कच्चा तेल का खरीदार बना। 2024 तक रूस से भारत अपने तेल आयात का करीब 35 फीसदी तक पहुंच गया। इससे भारत को न केवल अपनी ऊर्जा लागत को नियंत्रित करने बल्कि परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात भी बढ़ाया।</p>
<p><strong>भारत रूसी कंपनियों से व्यापार जारी :</strong></p>
<p>रूस ने अब तक भारत को लगभग 10-12 डॉलर प्रति बैरल की छूट पर तेल बेचा है। अगर प्रतिबंधों के कारण रूस की निर्यात प्रक्रिया जटिल होती है तो रियायती दरें घट सकती हैं। यानी भारत को महंगे दामों पर रूसी तेल खरीदना पड़ सकता है, जिससे घरेलू ईंधन की कीमतों पर दबाव पड़ेगा। भारत और रूस के बीच जो रुपए-रूबल भुगतान प्रणाली स्थापित की गई थी, वह पश्चिमी वित्तीय तंत्र स्विफ्ट से बाहर काम करती है। भारत ने अब तक रूस और अमेरिका दोनों के साथ संबंधों का संतुलन बनाए रखा है। एक ओर अमेरिका भारत का सामरिक साझेदार है क्वाड और इंडो पैसिफि क रणनीति में उसकी प्रमुख भूमिका है। दूसरी ओर रूस भारत का पारंपरिक रक्षा और ऊर्जा सहयोगी है। अब अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत पर दबाव बढ़ सकता है कि वह रूस से दूरी बनाए। लेकिन भारत के लिए यह संभव नहीं है, क्योंकि उूर्जा सुरक्षा उसकी प्राथमिक आवश्यकता है। भारत की रूस के तेल खरीद पर पहले से ही पश्चिमी देशों ने नैतिक और राजनीतिक आलोचना की है। अमेरिका और यूरोप मानते हैं कि भारत और चीन की रूसी तेल खरीद से रूस को युद्ध चलाने के लिए आर्थिक मदद मिलती है। नए प्रतिबंधों के बाद यदि भारत रूसी कंपनियों से व्यापार जारी रखता है तो कूटनीतिक आलोचना बढ़ सकती है।</p>
<p><strong>वास्तविक बहुध्रुवीय संतुलन की नीति अपनानी :</strong></p>
<p>भारत को अपनी ऊर्जा नीति में विविधता लाने की जरूरत होगी। नवकरणीय उूर्जा जैसे सौर और पवन में निवेश और रूस के साथ ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करने के लिए रुपये या डिजिटल करेंसी आधारित भुगतान प्रणाली को बढ़ावा दे। रूस यह भी चाहता है कि भारत उसकी तेल रिफाइनरी परियोजनाओं या पाइपलाइन निवेशों में साझेदारी करे ताकि पश्चिमी प्रतिबंधों के प्रभाव को कम किया जा सके। अगर रूसी तेल की आपूर्ति प्रतिबंधों के कारण घटती है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें पहले ही 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब हैं, नई बाधाओं से यह 100 डॉलर से उूपर जा सकता है। भारत जैसे आयातक देशों के लिए यह महंगाई और व्यापार घाटे में वृद्धि का कारण बनेगा। भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह अमेरिकी दबाव और अपनी ऊर्जा जरूरतों के बीच संतुलन बनाए रखे। रूस से संबंधों को पूरी तरह तोड़ना संभव नहीं और अमेरिका से दूरी बनाना रणनीतिक रूप से हानिकारक है। इसलिए भारत को वास्तविक बहुध्रुवीय संतुलन की नीति अपनानी होगी। जहां राष्ट्रीय हित सवार्ेपरि हों और वैश्विक दबावों में स्वतंत्र निर्णय लिए जाएं। देश के तेल आयात बिल में 2 फीसदी की वृद्धि होगी। हालांकि बढ़ी हुई लागत का भारतीय उपभोक्ताओं पर कम से कम तुरंत असर पड़ने की संभावना नहीं है। नई दिल्ली को मास्को के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए कूटनीतिक रूप से कदम उठाने होंगे। खासकर जब अमेरिका के साथ संबंध अप्रत्याशित हो गए हैं, जिससे वह कुछ और वायु रक्षा प्रणालियां खरीदने की उम्मीद कर रहा है। फि र दिसंबर माह में नई दिल्ली में राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन भी आयोजित होने वाला है।</p>
<p><strong>- महेश चंद्र शर्मा</strong><br /><strong>(यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/sanctions-on-russian-oil-companies/article-130760</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/sanctions-on-russian-oil-companies/article-130760</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Oct 2025 12:48:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/y-of-news39.png"                         length="444589"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली : एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लागू प्रतिबंधों में ढील देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार</title>
                                    <description><![CDATA[ उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी प्रक्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लागू प्रतिबंधों में ढील देने से इनकार करते हुए सोमवार को कहा कि संबंधित आंकड़ों की समीक्षा के बाद वह 05 दिसंबर को किसी प्रकार की छूट देने पर विचार करेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-refuses-to-relax-restrictions-imposed-to-tackle-air/article-96499"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/supreme-court--2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी प्रक्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लागू प्रतिबंधों में ढील देने से इनकार करते हुए सोमवार को कहा कि संबंधित आंकड़ों की समीक्षा के बाद वह 05 दिसंबर को किसी प्रकार की छूट देने पर विचार करेगा। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी की ढील देने की गुहार अस्वीकार करते हुए कहा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली में लगाए गए ग्रेडेड एक्शन रिस्पांस प्लान (जीआरएपी) स्टेज-4 के तहत तमाम प्रतिबंध लागू रहेंगे।</p>
<p>पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल की मांग खारिज करते हुए कहा- ''वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) स्थिर नहीं है। इसमें वृद्धि हुई है। हम आपके सुझावों पर गौर करेंगे, लेकिन आज हम ढील देने की अनुमति नहीं दे सकते। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह वायु गुणवत्ता सूचकांक में गिरावट के रुझानों का विश्लेषण करने के बाद सीएक्यूएम द्वारा प्रस्तावित ढील पर गुरुवार को कोई फैसला लेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-refuses-to-relax-restrictions-imposed-to-tackle-air/article-96499</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-refuses-to-relax-restrictions-imposed-to-tackle-air/article-96499</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 17:55:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/supreme-court--2.jpg"                         length="195864"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शादियों के सीजन में हुआ 25 करोड का कारोबार </title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना काल के खत्म होने के बाद हटी पाबंदियों के चलते इस वर्ष झालावाड़ में शादी विवाह की जबरदस्त धूम है। सीजन की शुरूआत में ही झालावाड़ में लगभग साढ़े तीन सौ से अधिक विवाह समारोह संपन्न हो चुके हैं, जबकि अभी कई मुर्हूत बाकी हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/25-crore-business-done-in-wedding-season/article-9471"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/wedding.jpg" alt=""></a><br /><p>झालावाड़। कोरोना काल के खत्म होने के बाद हटी पाबंदियों के चलते इस वर्ष झालावाड़ में शादी विवाह की जबरदस्त धूम है। कोरोना के 2 सालों के मुकाबले इस साल शादियों में जबरदस्त बूम देखने को मिल रहा है, सीजन की शुरूआत में ही झालावाड़ में लगभग साढ़े तीन सौ से अधिक विवाह समारोह संपन्न हो चुके हैं, जबकि अभी कई मुर्हूत बाकी हैं। अक्षय तृतीया जिसे अबूझ सावा भी कहा जाता है, इस अवसर पर शहर में 100 से अधिक विवाह समारोह संपन्न हुए। अक्षय तृतीया के अबूझ सावे के अतिरिक्त लगातार चल रहे शादियों के क्रम के चलते 2 साल बाद बाजारों में भी रौनक लौट आई है। शादी विवाह से जुड़े सभी व्यापार इन दिनों ऊंचाइयों पर हैं और जमकर व्यापार हो रहा है।<br /><br /><strong>इस बार हो रही हैं तीन गुना शादियां</strong><br />शादी विवाह से जुड़े कारोबारियों तथा विवाह संपन्न कराने वाले लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले 2 वर्ष के कोरोना काल के मुकाबले इस वर्ष के शुरूआती दौर में ही लगभग 3 गुना विवाह समारोह संपन्न हो चुके हैं।<br /><br /><strong>2020 में हुए थे मात्र 50 विवाह</strong><br />सूत्रों से प्राप्त जानकारी और आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में कोरोना का दौर शुरू होने से पहले शहर में कुल 50 विवाह समारोह संपन्न हुए थे, जबकि कोरोना लॉकडाउन लगने के बाद कोई विवाह समारोह शहर में संपन्न नहीं हो पाया।<br /><br /><strong>वर्ष 2021 में हुई 97 शादियां</strong><br />वर्ष 2021 में कुछ पाबंदियों के साथ विवाह समारोह आयोजित करने की अनुमति मिलने के बाद शहर के विभिन्न विवाह आयोजन स्थलों पर कुल 97 विवाह समारोह आयोजित किए गए, जो भी बेहद सादगी पूर्ण तरीके से आयोजित किए गए थे। उनमें ना तो ज्यादा चमक धमक देखने को मिली ना ही ज्यादा खर्च।<br /><br /><strong>2022 में अब तक 350 से अधिक शादियां</strong><br />वर्ष 2022 की शुरूआत कोरोना के खात्मे के साथ हुई, इसके चलते इस वर्ष लोगों ने विवाह समारोह को देखकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। 2 वर्षों से इंतजार कर रहे लोग भी इस वर्ष से बेहद खुश हैं, वह शादी ब्याह पर जमकर पैसा खर्च कर रहे हैं। झालावाड़ में आयोजित सम्मेलनों तथा समस्त विवाह आयोजन स्थलों से एकत्रित की गई जानकारी के अनुसार अब तक यहां पर 350 से अधिक विवाह समारोह आयोजित हो चुके हैं। जिसके चलते झालावाड़ के बाजारों में भी व्यापार जोरदार हुआ है तथा व्यापारी खुशी नजर आ रहे हैं।<br /><br /><strong>15 करोड से अधिक का हुआ ज्वैलरी कारोबार</strong> <br />वर्ष 2021 में जनवरी से लेकर अब तक आयोजित विवाह समारोह में लगभग झालावाड़ के सर्राफा बाजार में 15 करोड से अधिक का व्यापार हुआ है तथा सोने चांदी के जेवरों की बिक्री के अतिरिक्त इमिटेशन ज्वैलरी की बिक्री भी खूब हुई है, ऐसे में झालावाड़ का सर्राफा बाजार भी इन दिनों गुलजार है तथा सर्राफा व्यापारी इस वर्ष अच्छे व्यापार की पूरी उम्मीद लिए बैठे हैं।<br /><br /><strong>10 करोड से अधिक का टेंट और कैटरिंग व्यापार</strong><br />विवाह समारोह में ज्वैलरी के बाद दूसरा बड़ा खर्चा टेंट, कैटरिंग, होटल, डीजे, हलवाई और फोटोग्राफी का होता है। यह खर्च शहरी क्षेत्र में लगभग 300000 तक आता है, इस हिसाब से झालावाड़ शहर में अब तक 10 करोड़ से अधिक का व्यापार इन क्षेत्रों में हो चुका है तथा इन क्षेत्रों में काम करने वाले व्यापारी भी खुशी व्यक्त कर रहे।<br /><br /><strong>सजने संवरने सामग्री पर खर्च हुए 35 से 40 लाख</strong><br />झालावाड़ में आयोजित किए गए विवाह समारोह में सजने संवरने पर लगभग 35 से 40 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। ब्यूटीशियन शैफाली ने बताया कि गत 2 वर्षों के मुकाबले इस वर्ष शादी ब्याह का काम उनके पास काफी अच्छा रहा। पिछले 2 सालों के मुकाबले अब तक वह लगभग 3 गुना से भी अधिक काम कर चुकी हैं। ऐसे में झालावाड़ के कुल ब्यूटी मार्केट में 35 से 40 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है।<br /><br /><strong>पांच-पांच करोड़ का हुआ फर्नीचर कपड़ा</strong><br />शहर में आयोजित विवाह समारोह के दौरान फर्नीचर में डबल बेड, सोफा सेट, डाइनिंग टेबल, ड्रेसिंग टेबल, सेंट्रल टेबल ,गोदरेज की अलमारी जैसे जरूरी फर्नीचर भी लगभग 5 करोड से अधिक के बिके हैं।इस दौरान अब तक 5 करोड़ से अधिक का कपड़े का व्यापार संपन्न हुआ है, जिसमें रेडीमेड कपड़े का व्यापार ज्यादा है। झालावाड़ कपड़ा बाजार से प्राप्त की गई जानकारी के अनुसार रेडीमेड कपड़ों की 3 करोड़ से अधिक की बिक्री हुई है, जबकि लगभग 2 करोड रुपए का सामान्य कपड़ा बिका है। ऐसे में यदि बात की जाए तो शादी ब्याह में होने वाले बड़े खर्चों पर इस वर्ष झालावाड़ शहर में लगभग 35 करोड से अधिक रुपए खर्च हुए हैं। जबकि अन्य खर्चे इसमें शामिल नहीं है, ऐसे में एक मोटे अनुमान के मुताबिक शहर में अब तक शादी विवाह समारोह पर 50 करोड़ से अधिक का कारोबार हो चुका है, जबकि अभी आधा वर्ष ही बीता है और बाकी 6 महीने में 15 से अधिक विवाह के शुभ मुर्हूत बाकी हैं, जिनमें भी बड़ी तादात में शादी ब्याह होने की उम्मीद है।<br /><br /> पिछले 2 सालों के मुकाबले इस वर्ष से शादियां काफी ज्यादा हो रही है, एक अनुमान के मुताबिक पिछले 2 सालों के मुकाबले अब तक दोगुने से ज्यादा विवाह समारोह संपन्न हो चुके हैं।<br /><strong>-आसिफ खान, मैरिज गार्डन संचालक</strong><br /><br /> कोरोना की पाबंदी हटने के बाद लोग शादी ब्याह में पैसा खर्च कर रहे हैं तथा सोने चांदी की बिक्री अच्छी हो रही है। पिछले 2 सालों के मुकाबले व्यापार काफी अच्छा है। <br /><strong>-प्रमोद कुमार, सर्राफा व्यापारी</strong><br /><br /> कोरोना के दौर में शादी की सभी बुकिंगें कैंसिल हो गई थी और पिछले साल भी ज्यादा बुकिंग नहीं मिली, लेकिन इस बार काफी अच्छा काम चल रहा है।<br /><strong>-मांगीलाल, हलवाई।</strong><br /><br />त्यौहारी सीजन के अलावा शादी के सीजन में भी इस बार कपड़ों की अच्छी बिक्री हो रही है, पिछले 2 सालों के मुकाबले मार्केट काफी तेज है।<br /><strong>-आमिर, रेडीमेड गारमेंट्स व्यवसायी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/25-crore-business-done-in-wedding-season/article-9471</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/25-crore-business-done-in-wedding-season/article-9471</guid>
                <pubDate>Tue, 10 May 2022 14:41:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/wedding.jpg"                         length="65219"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> सुख सुविधाओं में कुलपति मंत्रियों से भी आगे : धोबी, नाई, माली, कुक मर्जी से रख सकते हैं वीसी: मंत्री सरकारी नियमों की बंदिशों में</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को समाज में सार्वजनिक रूप से भले ही उच्च शिक्षा मंत्री जैसा रुतबा नहीं मिल पाता है, लेकिन इन्हें मिलने वाले बंगले, वेतन और अन्य सुविधाएं मंत्रियों की सुविधाओं पर भी भारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vice-chancellor-ahead-of-ministers-in-amenities--washerman--barber--gardener--cook-can-keep-vc-at-will--minister-under-restrictions-of-government-rules/article-4820"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/kulapati.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। राज्य में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को समाज में सार्वजनिक रूप से भले ही उच्च शिक्षा मंत्री जैसा रुतबा नहीं मिल पाता है, लेकिन इन्हें मिलने वाले बंगले, वेतन और अन्य सुविधाएं मंत्रियों की सुविधाओं पर भी भारी है। कुछ कुलपतियों के बंगले तो मंत्रियों के बंगलों से काफी बड़े हैं। इस मामले में कई जिलों में तो कलक्टर और एसपी के पास भी मंत्रियों से ज्यादा सुख सुविधाएं हैं।  कई विश्वविद्यालयों में अधिकांश कुलपतियों को शासकीय निवास वाले बंगले मिले हुए हैं, जिनमें उनका ऑफिस और गेस्ट हाउस भी होता है। आगन्तुकों और अतिथियों की वजह से रसोइया, धोबी, माली, नाई, नौकर जैसी सुविधाएं भी कई कुलपतियों के पास होती हैं। वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री को भी बंगले, वेतन और नौकर जैसी सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन कुलपति निवास की तुलना में कर्मचारी नहीं मिलते। राज्यपाल विश्वविद्यालय से ऑर्डिनेस पास कर धोबी, नाई, कुक, माली और गार्ड अपनी मर्जी के हिसाब से रख सकते हैं, वहीं मंत्री को तय स्टाफ से ज्यादा रखने पर सरकार से मंजूरी लेनी पड़ती है। राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति को सबसे ज्यादा 2.60 लाख रुपए वेतन मिलता है, वहीं अन्य कुलपतियों को भी करीब 2.25 लाख रुपए वेतन मिलता है। मंत्री को भी शासकीय निवास वाले बंगले ही मिलते हैं, लेकिन बंगले, वेतन और नौकर की सुविधाएं कुलपति की तुलना में कम है। <br /><br /><strong>मंत्री को ये सुविधाएं</strong><br />उच्च शिक्षा मंत्री राजेन्द्र यादव को 62 हजार रुपए वेतन और 80 हजार रुपए सत्कार भत्ता मिलता है। इसके अलावा अन्य मंत्रियों की तरह सरकारी गाड़ी और बंगला, पीए, गनमैन, गार्ड और अन्य स्टाफ की सुविधाएं मिलती हैं। सरकारी बंगला शासकीय आवास होने के कारण चार लोगों का स्टाफ मिलता है। <br /><br /><strong>हां कुलपतियों को मिलती है अधिक छूट</strong><br />हां, यह बात सही है कि कुलपतियों को मिलने वाली सुविधाएं मंत्रियों की तुलना में कहीं ज्यादा  हैं। कुलपतियों को सुविधाएं यूनिवर्सिटी एक्ट के हिसाब से मिलती हैं। हालांकि मंत्री और कुलपति की सुविधाओं की तुलना कई मायनों में उचित नहीं है, लेकिन कुलपतियों को अपनी सुविधाएं बढ़ाने में मंत्रियों से ज्यादा छूट होती है। - <strong>कैलाश सोढ़ानी, पूर्व कुलपति, एमडीएस विवि,अजमेर </strong><br /><br /><strong>शिक्षाविदों का तर्क: कुलपति का ओहदा बड़ा</strong><br />हालांकि उच्च शिक्षामंत्री और कुलपति के ओहदे की तुलना में शिक्षाविद् अलग नजरिया रखते हैं। शिक्षाविदों का मानना है कि कुलपति सीधे तौर पर राज्यपाल के अधीन होते हैं। उनके अधीन यूनिवर्सिटी में कई राज्यों के विद्यार्थी रहते हैं। लिहाजा विद्वत्ता के मानकों के हिसाब से कुलपति का ओहदा उच्च शिक्षा मंत्री से बड़ा होता है। अधिकांश उच्च शिक्षा मंत्री कुलपतियों के योग्यता और अनुभव के सामने कहीं नहीं टिकते।</p>
<p><strong><br />नजरिया बदलने के लिए ये कारण जिम्मेदार</strong><br />बड़ा ओहदा होने के बावजूद मंत्रियों की तुलना में समाज में कम आंकने की प्रवृत्ति के लिए कुलपतियों की भूमिका भी काफी हद तक जिम्मेदार है। किसी जमाने में बीएचयू के कुलपति से मिलने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे लोग पहुंचते थे। पॉलिटिकल पहुंच से पद हासिल करने वाले कुलपति कई मौकों पर मंत्रियों के पास पहुंचकर या उन्हें रिसीव करने पहुंचते हैं तो लोग उन्हें छोटा आंकने लगते हैं। अपने व्यक्तित्व और शख्यिसत के विपरीत आचरण दिखाने में कई कुलपतियों की घटनाएं रही हैं। अजमेर के एक कुलपति निजी कॉलेज संचालक से रिश्वत लेकर जेल गए। <br /><br /><strong>कुलपतियों को मिलने वाली सुविधाएं</strong><br />आरयू के कुलपति का बंगला सभी बंगलों में बड़ा माना जाता है, वहीं यूनिवर्सिटी एक्ट के हिसाब से उनको सबसे ज्यादा वेतन-भत्ते मिलते हैं। अन्य सुविधाएं तकरीबन सभी कुलपतियों की समान सी होती हैं। कुलपति कम से कम 10 से 12 कर्मचारियों का स्टाफ रख सकता है और अधिकतम की कोई संख्या तय नहीं है। सुविधाओं में गाड़ी, वीसी लॉज के लिए गार्ड, कुक, माली, नाई, धोबी, आदि। वीसी ऑफिस के लिए तीन चौकादीर, तीन गार्ड, आठ चपरासी और मंत्रालय कर्मचारियों में एक पीए, एक पीएस, एक स्टेनो, दो बाबू मिलते हैं। कुलपति चाहे तो अध्यादेश के माध्यम से अपनी मर्जी से स्टाफ की संख्या में बढ़ोतरी कर सकता है। राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति का वेतन दो लाख दस हजार बेसिक है। टीए, 31 प्रतिशत डीए और अलाउंस सहित 2,60,000 रुपए है। अन्य कुलपतियों को कुल वेतन करीब 2.25 लाख रुपए तक मिलता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vice-chancellor-ahead-of-ministers-in-amenities--washerman--barber--gardener--cook-can-keep-vc-at-will--minister-under-restrictions-of-government-rules/article-4820</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vice-chancellor-ahead-of-ministers-in-amenities--washerman--barber--gardener--cook-can-keep-vc-at-will--minister-under-restrictions-of-government-rules/article-4820</guid>
                <pubDate>Tue, 22 Feb 2022 14:54:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-02/kulapati.jpg"                         length="373349"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गृह विभाग की नई गाइडलाइन जारी : सभी पाबंदियां हटाई, पांचवीं तक के स्कूल बुधवार से खुलेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[16 फरवरी से लागू होगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%88-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A1%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80---%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%88--%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%A7%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87/article-4435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/secretariat_630x400.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोरोना नियंत्रण में आते ही राज्य सरकार ने प्रदेश में लगी सभी पाबंदियां हटाते हुए नाइट कर्फ्यू समाप्ति के साथ ही बाजारों के खुलने की भी नई गाइडलाइन जारी कर दी है। नगरीय क्षेत्रों में सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पांचवीं तक की कक्षाओं को खोलने, शादी व अन्य समारोहों में भी लोगों की सीमित संख्या पर रोक हटने से प्रदेशवासियों को राहत मिली है। गृह विभाग की जारी नई गाडलाइन 16 फरवरी से लागू होगी। गाइडलाइन में प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों के सभी निजी और सरकारी स्कूलों की कक्षा एक से पांच तक की शैक्षणिक गतिविधियां बुधवार से शुरू होंगी। अभिभावकों की लिखित सहमति के बाद ही बच्चे स्कूल जा सकेंगे। ऑनलाइन पढाई की सुविधा भी जारी रहेगी। सभी शैक्षणिक संस्थाओं के प्रधानों, सभी विभागों के मुखिया, कार्यालय प्रमुख, अन्य संस्थानों के संचालकों, व्यापारियों-दुकानदारों को यह घोषणा चस्पा करनी पड़ेगी कि उनके यहां कितने लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज लगवा ली है। विदेशों से आने वाले हवाई यात्रियों को आरटीपीसीआर जांच की नेगेटिव रिपोर्ट देना जरूरी होगा। घरेलू हवाई यात्रा और ट्रेन यात्रियों को भी डबल डोज वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट या 72 घंटे के अंदर आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट पेश करना जरूरी होगा। अन्यथा सात दिन के लिए क्वारंटाइन किया जाएगा। <br /><br /><strong><br />शादी-समारोहों में लोगों को मिली राहत</strong><br />शादी और अन्य समारोहों में पहले सौ और बाद में 200 लोगों के शामिल होने की बाध्यता अब हटने से लोगों को राहत मिली है। नाइट कर्फ्यू हटने, बाजार खुलने पर भी पाबंदी हटने से भी लोगों को आसान होगी। शैक्षणिक संस्थाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में पहले ही छूट दे दी गई थी, अब नगरीय क्षेत्रों में भी छूट मिल गई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%88-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A1%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80---%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%88--%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%A7%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87/article-4435</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%88-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A1%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80---%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%88--%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%A7%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87/article-4435</guid>
                <pubDate>Mon, 14 Feb 2022 10:58:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-02/secretariat_630x400.jpg"                         length="205523"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>COVID को लेकर WHO की चेतावनी: कोविड संबंधी प्रतिबंधों को हटाने में जल्दबाजी नहीं करें देश</title>
                                    <description><![CDATA[कोविड संबंधी प्रतिबंधों को हटाने में जल्दबाजी नहीं करें देश: डब्ल्यूएचओ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/covid-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-who-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A5%80--%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A1-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6/article-4261"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/who.jpg" alt=""></a><br /><p>जिनेवा। कोरोना के आकंड़ों में गिरावट के साथ ही कई देशों में कोरोना के कारण लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना शुरू कर दिया है। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड-19 महामारी से संबंधित प्रतिबंधात्मक उपायों को हटाने की शुरुआत कर रहे देशों से कहा है कि वे प्रतिबंधों में स्थिर और धीमी गति से ढील दें, क्योंकि हाल के आंकड़ों में दुनिया भर में कोरोना वायरस के कारण होने वाली मौतों की संख्या में तेज वृद्धि देखी गई है।<br /> <br /> डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम गेब्रेयेसस ने एक प्रेस (एजेंसी) में कहा है कि ओमिक्रॉन संस्करण को पहली बार केवल 10 सप्ताह पहले पहचाना गया था, इसके बावजूद डब्ल्यूएचओ के समक्ष लगभग नौ करोड़ मामले दर्ज कराये गये हैं, जो पूरे 2020 में सामने आये मामलों से अधिक है। अब हम विश्व के अधिकांश क्षेत्रों में मौतों में एक बहुत ही चिंताजनक वृद्धि देख रहे हैं। उन्होंने कुछ देशों के नागरिकों की इस धारणा को लेकर अपनी चिंता दोहरायी कि टीकों के कारण, और ओमिक्रॉन की उच्च संप्रेषणीयता और कम गंभीरता के कारण, इसके प्रसार को रोकना अब संभव नहीं है और आवश्यक भी नहीं है।<br /> <br />  गेब्रेयेसस ने कहा है कि अधिक संचरण का मतलब अधिक मौतें हैं। हम किसी भी देश को फिर से तथाकथित लॉकडाउन लगाने के लिए नहीं कह रहे हैं, लेकिन हम सभी देशों से हर उपाय करके अपने लोगों की रक्षा करने का आह्वान कर रहे हैं, केवल टीके लगाना काफी नहीं है। किसी भी देश के लिए महामारी के समक्ष आत्मसमर्पण करना या जीत की घोषणा करना जल्दबाजी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/covid-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-who-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A5%80--%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A1-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6/article-4261</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/covid-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-who-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A5%80--%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A1-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6/article-4261</guid>
                <pubDate>Wed, 02 Feb 2022 16:15:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-02/who.jpg"                         length="150097"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में कोरोना के कारण बढ़ी पाबंदियां, डीडीएमए ने निजी दफ़्तरों को बंद करने का दिया आदेश, होटल, रेस्तरां में बैठकर खाने पर पाबंदी</title>
                                    <description><![CDATA[डीडीएमए की बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि मौजूदा पाबंदियों को कैसे सख्ती से लागू किया जाए, ताकि कोरोना वायरस और इसके नए स्वरूप ओमिक्रॉन को फैलने पर अंकुश लगाया जा सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82--%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%AE%E0%A4%8F-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%AB%E0%A4%BC%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6--%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%B2--%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80/article-3937"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/dll_corona.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश भर में कोरोना के बढ़ते केसों के बीच दिल्ली से बड़ी ख़बर है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ( DDMA) ने कोरोना के तेजी से बढ़ते मामले के बीच दिल्ली के सभी निजी दफ़्तरों को अगले आदेश तक  तत्काल प्रभाव से बंद करने को कहा है। डीडीएमए ने कहा है कि जरूरी सेवाओं से जुड़े कर्मचारी को छोड़कर सभी घर से काम करेंगे।<br /> <br /> डीडीएमए ने मंगलवार को नई गाइडलाइन जारी कर सभी निजी दफ़्तरों को अगले आदेश तक बंद करने तत्काल प्रभाव से बंद करने को कहा है। सरकारी कार्यालय में घर से काम करने की अनुमति पहले से है। इससे पहले 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ निजी दफ़्तर चलाने की अनुमति था, जिसे आज से बंद कर दिया गया है।  उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में कल डीडीएमए की बैठक में होटल, रेस्तरां में बैठकर खाने पर पाबंदी लगा दी गयी थी,  जबकि 'टेक अवे' और 'होम डिलीवरी' की अनुमति दी है। डीडीएमए की बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि मौजूदा पाबंदियों को कैसे सख्ती से लागू किया जाए, ताकि कोरोना वायरस और इसके नए स्वरूप ओमिक्रॉन को फैलने पर अंकुश लगाया जा सके।<br /> <br /> दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 19166 नए मामले सामने आए हैं, जबकि संक्रमण दर 25 प्रतिशत है।दिल्ली सरकार की ओर से आज जारी आँकड़े के अनुसार पिछले 24 घंटे में कोरोना के 19166 नए मामले सामने आए हैं, जबकि इस दौरान 17 लोगों की मौत हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82--%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%AE%E0%A4%8F-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%AB%E0%A4%BC%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6--%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%B2--%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80/article-3937</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82--%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%AE%E0%A4%8F-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%AB%E0%A4%BC%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6--%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%B2--%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80/article-3937</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Jan 2022 12:15:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-01/dll_corona.jpg"                         length="68122"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शादियों में मेहमानों पर लगी पाबंदी हटी : शैक्षणिक गतिविधियां सौ फीसदी क्षमता के साथ हो सकेंगी संचालित</title>
                                    <description><![CDATA[गृह विभाग ने की नई गाइडलाइन जारी : प्रदेश में अब हो सकेंगे सभी तरह के आयोजन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A5%80---%E0%A4%B6%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A3%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%97%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%8C-%E0%A4%AB%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-2195"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/gehlot_corona_band.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में अब सभी प्रकार के आयोजन हो सकेंगे। इसके साथ ही शैक्षणिक गतिविधियां भी सौ फीसदी क्षमता के साथ संचालित हो सकेंगी। इस संबंध में गृह विभाग ने सोमवार को नई गाइडलाइन जारी कर दी है। विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार के अनुसार कोरोना संक्रमण में आई कमी के बाद राज्य सरकार ने पाबंदियों पर शिथिलता देने का निर्णय लिया है। इसके तहत शादी समारोहों का आयोजन किया जा सकेगा, लेकिन सभी मेहमानों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। शादियों में मेहमानों पर लगी पाबंदी को हटा दिया है। इसके साथ ही सभी तरह के सार्वजनिक आयोजन भी हो सकेंगे। इनमें राजनीतिक, खेलकूद, मनोरंजन, सांस्कृति और धार्मिक समारोह शामिल है। इन आयोजनों में मास्क का अनिवार्य उपयोग और सेनेटाइजेशन के साथ ही दो गज दूरी की पालना करनी होगी। नई गाइडलाइन के अनुसार सभी तरह की शैक्षणिक संस्थाओं को 15 नवम्बर से सौ फीसदी उपस्थिति के साथ खोला जा सकेगा। इनमें कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यालय भी शामिल है। लेकिन शर्त यह है कि सभी कर्मचारियों को वैक्सीन की दोनों डोज लगाना अनिवार्य होगा। प्रदेश के सभी कोचिंग संस्थान भी 15 नवम्बर से सौ प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोले जाएंगे। इन संस्थाओं के शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को वैक्सीन के दोनों डोज लगाना अनिवार्य होगा। <br /> <strong><br /> प्रदेश में 100 दिन में कोरोना से कोई मौत नहीं</strong><br />  जयपुर। प्रदेश में सोमवार को कोरोना के 4 नए रोगी सामने आए हैं। बड़ी राहत यह है कि प्रदेश में पिछले 100 दिन से कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। अंतिम बार मौत 31 जुलाई को हुई थी। तब तक प्रदेश में 8954 लोगों की जान जा चुकी थी। सोमवार को मिले नए रोगियों में जयपुर में तीन और भीलवाड़ा में एक नया मरीज मिला है। प्रदेश के शेष 31 जिलों में कोई नया रोगी नहीं है। प्रदेश में वर्तमान में 42 एक्टिव केस हैं। जयपुर में 23, बीकानेर में 8, जोधपुर-उदयपुर-गंगानगर-अजमेर में 2-2, बारां, बाड़मेर, भीलवाड़ा 1-1 एक्टिव केस हैं। शेष 24 जिले फिलहाल कोरोना फ्री है।<br /> <br /> <strong>मुख्यमंत्री ने चेताया : कोरोना रोकने के लिए विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए विशेष प्रावधान हों : गहलोत<br /> मास्क का प्रयोग पहले की तरह ही करते रहें</strong><br />  जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यूरोप के देशों में कोरोना की नई लहर के बाद केन्द्र सरकार से विदेश से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग, क्वारंटाइन करने सहित विशेष प्रावधान लागू करने का सुझाव दिया है। गहलोत ने ट्वीट के जरिए यूरोप के देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों पर केन्द्र को चेताने के साथ लोगों को सावधानी बरतने की नसीहत दी है। गहलोत ने लिखा कि यूरोप में आई कोरोना की नई लहर में संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है। पहले देखा गया है कि यूरोप में संक्रमण बढ़ने के दो-तीन महीने बाद भारत में भी मामले बढ़ने लगे था। ऐसा इस बार नहीं हो, इसके लिए भारत सरकार को विदेशों से आने वाले यात्रियों के लिए विशेष प्रावधान करने चाहिए। साथ ही गहलोत ने कहा है कि यह भी देखा गया है कि आमजन ने अब मास्क का प्रयोग कम कर दिया है। मेरी सभी से प्रार्थना है कि ऐसा ना करें। मास्क का प्रयोग पहले की तरह ही करते रहें। मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और वैक्सीन ही कोविड से बचाव के तरीके है। इनमें कोई भी चूक आपको संक्रमित कर सकती है, इसलिए सावधानी बरतें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A5%80---%E0%A4%B6%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A3%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%97%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%8C-%E0%A4%AB%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-2195</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A5%80---%E0%A4%B6%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A3%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%97%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%8C-%E0%A4%AB%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-2195</guid>
                <pubDate>Tue, 09 Nov 2021 10:36:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/gehlot_corona_band.jpg"                         length="137158"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        