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                <title>weddings - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title> रिवर फ्रंट पर बढ़ा शादियों का क्रेज, दिसम्बर तक फुल</title>
                                    <description><![CDATA[किराया  दो गुना से अधिक करने के बाद भी यहां लगातार आयोजन हो रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/weddings-on-the-river-front-are-on-the-rise--full-until-december/article-145820"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(2)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। चम्बल नदी के किनारे बना रिवर फ्रंट पर्यटन स्थल के रूप में तो अपनी पहचान बना ही रहा है। वहीं दूसरी तरफ यह नया वेडिंग डेस्टीनेशन भी बन रहा है। रिवर फ्रंट पर शादियों का क्रेज लगातार बढ़ता ही जा रहा है। यहां दिसम्बर तक शादियों के लिए अभी से बुकिंग हो गई है।कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से करीब 1445 करोड़ रुपए की लागत से बने रिवर फ्रंट के बैराज साइड पूर्वी छोर पर तो पर्यटकों की संख्या काफी अच्छी है। यहां दो सौ रुपए प्रति व्यक्ति प्रवेश टिकट होने के बाद भी अधिकतर लोग इसी तरफ उसे देखने के लिए जा रहे हं। जबकि इसके सकतपुरा साइड पश्चिमी छोर पर प्रवेश टिकट मात्र 50 रूपए किया हुआ है। उसके बाद भी वहां पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत काफी कम है।</p>
<p><strong>पश्चिमी छोर के शौर्य घाट पर आयोजन</strong><br />रिवर फ्रंट के पश्चिमी छोर स्थित शौर्य घाट पर ही अधिकतर विवाह के आयोजन हो रहे हैं। यहां काफी बड़ा एरिया है। जहां एक बार में दो हजार से अधिक लोग एक साथ विवाह समारोह में शामिल हो सकते हैं। हालांकि पहले यहां विवाह आयोजन करने पर किराया कम था। लेकिन आयोजनों के अधिक होने पर केडीए ने इसका किराया करीब दो गुना से अधिक कर दिया है। उसके बाद भी यहां लगातार आयोजन हो रहे हैं।</p>
<p><strong>शौर्य घाट आयोजनों के लिए ही </strong><br />केडीए की ओर से शौर्य घाट को अधिकतर आयोजनों के लिए रिजर्व कर दिया है। यहां शादी समारोह व अन्य आयोजनों के साथ ही कोटा महोत्सव, ट्रेवल मार्ट या अन्य सांस्कृतिक आयोजन भी इसी तरफ हो रहे हैं। यहां बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगी हुई है। जिससे भारत के मैच का सीधा प्रसारण भी लोग देख सकते हैं।</p>
<p><strong>केडीए के लिए नुकसान का सौदा</strong><br />रिवर फ्रंट बनने के बाद से अभी तक केडीए के लिए नुकसान का ही सौदा रहा है। केडीए इसके संचालन पर जितना खर्चा कर रहा है। उससे आधी भी कमाई नहीं हो रही है। हालांकि यहां पर्यटकों की संख्या पहले से बढ़ी है। साथ ही वाटर पार्क, नाव व कई सांस्कृतिक कार्यक्रम और संग्रहालय भी बना हुआ है। साथ ही शादी समारोह व अन्य आयोजनों से भी आय हो रही है। लेकिन यहां बनी दुकानों के शुरू नहीं होने और होटल रेस्टोरेंट नहीं होने से लोगों को खाने-पीने की वस्तुएं नहीं मिल पा रही है। इस कारण से इसका संचालन भारी पड़ रहा है। हालांकि केडीए की ओर से इसका संचालन निजी फर्म के माध्यम से करवाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए दो बार टेंडर हो चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई फर्म इसके लिए योग्य साबित नहीं हुई है।</p>
<p><strong>पहले से बढ़ा है लोगों का क्रेज</strong><br />कोटा विकास प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता ललित कुमार मीणा ने बताया कि रिवर फ्रंट के शौर्य घाट पर शादी समारोह के आयोजन करने के प्रति लोगों का क्रेज पहले से अधिक हुआ है। हालांकि शुरूआत में इसका किराया काफी कम था। लेकिन आयोजनों को देखते हुए कुछ समय पहले ही इसका किराया बढ़ाया है। उसके बाद भी लोगों का रूझान अच्छा है। यहां रविवार को भी विवाह समारोह का आयोजन हुआ। इस माह में हर दो से तीन दिन में एक आयोजन के लिए बुकिंग है। जबकि साल के अंत दिसम्बर तक शादियों की अभी से बुकिंग हो गई है। इसका कारण चम्बल नदी का किनारा, हैरिटेज लुक, पार्किंग की सुविधा और एक नई जगह होने से लोगों के लिए भी इसे देखने का उत्साह रहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 14:55:34 +0530</pubDate>
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                <title>शादी-ब्याह में अब नहीं सुनाई देती लोक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनें </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान की कला प्रतिभा अपने ही राज्य में उपेक्षित होकर बाहर अपना भविष्य तलाशने को मजबूर है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-sweet-tunes-of-folk-instruments-are-no-longer-heard-in-weddings/article-112757"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/5623.png" alt=""></a><br /><p>छीपाबड़ौद। राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा रहे लोक वाद्ययंत्र आज धीरे-धीरे हमारी सामाजिक परंपराओं से गायब होते जा रहे हैं। कभी शादी-ब्याह, पर्व और अन्य पारंपरिक आयोजनों में जिन ढोल, नगाड़ा, बांकिया, शहनाई, थाली, मंजीरा और ढप की मधुर धुनें सुनाई देती थीं, आज उनकी जगह डीजे और इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक ने ले ली है। आधुनिकता की दौड़ में अब लोक संस्कृति हाशिये पर पहुंच गई है। अखातीज (अक्षय तृतीया) से शुरू हुए वैवाहिक आयोजनों में अब वह पारंपरिक गूंज नहीं सुनाई देती जो पहले गांव-गांव में उत्सव का रंग घोल देती थी। अब बारात में न लोक कलाकार दिखते हैं, न उनके वाद्ययंत्र। उनके स्थान पर बड़े पिकअप वाहनों में लगे शक्तिशाली डीजे और फिल्मी गानों की तेज आवाज ने ले ली है।</p>
<p><strong>अब केवल यादों में बांकिया जैसे वाद्ययंत्र</strong><br />एक समय था जब बारात की अगुवाई बांकिया और ढोल से करते थे। गांव की गलियों में बजती इन धुनों से लोग जान जाते थे कि कहीं विवाह समारोह हो रहा है। आज वही वाद्ययंत्र गुमनामी की ओर बढ़ चुके हैं। इन्हें बजाने वाले लोक कलाकारों की संख्या बहुत कम रह गई है, और अधिकांश कलाकार रोजगार के अभाव में यह कला छोड़ चुके हैं।</p>
<p><strong>प्रशासनिक रोक के बावजूद डीजे का बढ़ता चलन</strong><br />कई स्थानों पर डीजे की तेज और कर्कश ध्वनि को लेकर प्रशासन ने प्रतिबंध लगाए हैं, फिर भी गांवों और कस्बों में डीजे का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इससे एक ओर जहां पारंपरिक संगीत उपेक्षित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर शोर के कारण सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।</p>
<p><strong>विद्यालयों में कला विषय है लेकिन शिक्षक नहीं</strong><br />राजस्थान के शैक्षणिक संस्थानों में स्थिति और भी चिंताजनक है। राज्य के अधिकांश विद्यालयों में कला विषय तो है, लेकिन कला शिक्षक ही नहीं हैं। खासकर संगीत जैसे विषय बच्चों को पढ़ाने वाला कोई नहीं है। 1992 तक नियमित रूप से कला शिक्षकों की भर्ती होती थी, लेकिन उसके बाद सरकार की उदासीनता के कारण यह प्रक्रिया ठप हो गई। तब से लेकर अब तक हजारों पद खाली हैं और हजारों प्रशिक्षित संगीत शिक्षक बेरोजगार बैठे हैं।</p>
<p><strong>लोक कलाकारों और संगीत शिक्षकों ने उठाई आवाज </strong><br />हालात इतने गंभीर हैं कि पारंपरिक कलाकारों और संगीत विषय के प्रशिक्षित लेकिन बेरोजगार शिक्षकों ने बारां जिला कलेक्टर से लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री तक ज्ञापन सौंपे हैं। उनकी मांग है कि पारंपरिक वाद्ययंत्रों को संरक्षण दिया जाए, कलाकारों को मंच और आर्थिक सहायता मिले और संगीत को समाज में पुन: उसका स्थान दिलाया जाए।</p>
<p><strong>कलाकार अन्य राज्यों की ओर पलायन को मजबूर</strong><br />यह भी एक चिंताजनक पहलू है कि राजस्थान के प्रशिक्षित कलाकार और संगीत शिक्षक आज बिहार, मध्यप्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में पलायन कर रहे हैं। इन राज्यों में न केवल कला को सम्मान और महत्व दिया जा रहा है, बल्कि वहां नियमित रूप से सरकारी पद भी भरे जा रहे हैं। परिणामस्वरूप, राजस्थान की कला प्रतिभा अपने ही राज्य में उपेक्षित होकर बाहर अपना भविष्य तलाशने को मजबूर है।</p>
<p><strong>लोक परंपरा को बचाने की आवश्यकता</strong><br />वर्तमान समय में जरूरत है कि सरकार और समाज दोनों मिलकर लोक कलाकारों और वाद्ययंत्रों के संरक्षण की दिशा में ठोस पहल करें। विद्यालयों में कला शिक्षकों की भर्ती हो, संगीत को शिक्षा में अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए और पारंपरिक कलाकारों को मंच, सम्मान और सहायता मिले। अगर जल्द प्रयास नहीं किए गए, तो हमारी धरोहर बन चुके लोक वाद्ययंत्र और संगीत संस्कृति सिर्फ किताबों और संग्रहालयों में सिमटकर रह जाएगी। नई पीढ़ी अपने ही सांस्कृतिक अतीत से अपरिचित रह जाएगी।</p>
<p>राजस्थान में 1992 तक नियमित रूप से कला शिक्षकों की भर्ती होती थी, लेकिन उसके बाद से सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। हजारों प्रशिक्षित संगीत शिक्षक आज बेरोजगार हैं। विद्यालयों में संगीत विषय होते हुए भी शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों को इसका कोई ज्ञान नहीं मिल पा रहा। अगर यही स्थिति रही तो हमारी अगली पीढ़ी पारंपरिक वाद्ययंत्रों और संगीत से पूरी तरह कट जाएगी।<br /><strong>- राजेंद्र रावल, संगीत शिक्षक, गंधर्व संगीत विद्यालय, छबड़ा। </strong></p>
<p>पहले हमारे वाद्ययंत्रों की धुन सुनते ही लोग दूर से जान जाते थे कि कहीं शादी-ब्याह या त्यौहार है। हमें बुलावा मिलता था, मान-सम्मान मिलता था। लेकिन अब डीजे और बैंड के आगे हमारी कला की कोई पूछ नहीं रही। बहुत दु:ख होता है कि हमारी परंपरा धीरे-धीरे खत्म हो रही है। सरकार से निवेदन है कि हमें फिर से मंच और अवसर दे ताकि हम अपनी कला को जीवित रख सकें।"<br /><strong>- चम्पालाल रावल, पारंपरिक संगीत कलाकार, छीपाबड़ौद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 May 2025 15:20:35 +0530</pubDate>
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                <title>आखातीज के बैंडबाजा से 15 हजार को मिला रोजगार</title>
                                    <description><![CDATA[ अप्रैल में तारा अस्त होने से अक्षय तृतीया  को सबसे बड़ा दिन है। माना जा रहा है कि इस बार बाजार में अब तक के खरीदारी के सभी रिकॉर्ड टूट जाएंगे। अक्षय तृतीय पर  कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव  ने बताया कि इस बार 50 से 55 करोड तक व्यापार होने की उम्मींद है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/15-thousand-got-employment-from-akhatij-s-bandbaza/article-43556"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/manoj-(630-×-400-px)-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में शनिवार को अक्षय तृतीया के अबूझ मुर्हूत पर करीब 300 से अधिक शादियां होगी। वहीं टेंट, बैडबाजा, केटरिंग, हलवाई, सजावट से जुडे करीब 15 हजार से अधिक लोगों को एक दिन में बंपर रोजगार मिलेगा। अप्रैल में एक मात्र विवाह मुहूर्त होने से सारा भार इस बार अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर आ गया है।  शनिवार को अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर शहर में बंपर शादियां होने वाली है। शहर के विभिन्न रिसोर्ट व होटलों सामुदायिक भवनों में 300 से अधिक शादियां होने के अनुमान है। वहीं शहर में अक्षय तृतीया पर 55 करोड़  के कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस बार आखा तीज पर विशेष संयोग होने से इस बार बंपर शादियां हो रही है।  अप्रैल में तारा अस्त होने से अक्षय तृतीया  को सबसे बड़ा दिन है। माना जा रहा है कि इस बार बाजार में अब तक के खरीदारी के सभी रिकॉर्ड टूट जाएंगे। गहने, वाहन, गारमेंट एंड शू, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, कैटरिंग और हलवाई, टेंट और डेकोरेशन, इवेंट, आर्ट एंड हैंडीक्राफ्ट्स, गिफ्ट्स, फूलों का बड़ा कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अक्षय तृतीय पर  कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि इस बार 50 से 55 करोड तक व्यापार होने की उम्मींद है।</p>
<p><strong>15 हजार लोगों  को रोजगार</strong><br />अक्षय तृतीया पर बंपर शादिया होने से इस बार लोगों अच्छा काम मिलेगा। टेंट व्यवसायी शनि सिंह ने बताया कि शहर में करीब 250 से अधिक टेंट डेकोरेशन से जुड़े कारोबारी है। एक व्यापारी के यहां 15 से 20 मजदूर काम करते है। उस हिसाब से करीब 3750 से 4500 हजार लेबर को काम मिलेगा। वहीं केटरिंग से व्यवसाय से जुडे मोहनलाल ने बताया कि शहर में करीब 150 केर्ट्स है प्रत्येक के पास 15 से 20 लोगों की टीम है। उस हिसाब 1500 से 2 हजार लोगों को  काम मिलेगा। वहीं पप्पु हलवाई ने बताया कि एक शादी में करीब पूडी बनाने से लेकर मिठाई के लिए 8 से 10 लोग लगते है। शहर में 150 हलवाई है उस हिसाब से 1500 लोगों काम मिलेगा। बाजेवाले शाकिर भाई ने बताया की शहर में 100 अधिक बैंडबाजे वाले है। एक बैंड में 12 से 15 कलाकार होते है। उस हिसाब से 1500 कलाकारों को आखातीज पर काम मिलेगा। इसके अलावा 150 से अधिक पंडितो भी शादी कराने का काम मिला है। इसके अलावा घोडी, लाइट उठाने वाले डेकोरेशन और फूल सजावट वालों सहित करीब 15 हजार लोगों को आखा तीज पर रोजगार मिलेगा।</p>
<p><strong>कपड़ा बाजार में रही भीड़ </strong><br />ईद और अक्षय तृतीया दो बडे त्यौहार एक ही दिन आने से  बाजारों में खासी भीड़  रही कपड़ा बाजार में शादी ब्याह के साथ ईद के लिए लोग जमकर कपड़ों की खरीदारी की। शहर के क्लॉथ मार्केट, रेडिमेट बाजार, इंदिरा बाजार में ग्राहकों खासी भीड़ नजर आ रही है। कपड़ा व्यापारी गोपाल गोयल ने बताया कि अप्रैल माह में एक विवाह मुहूर्त होने से बाजार अच्छी खरीदारी हो रही कपड़ा बाजार में 5 से 6 करोड़ का कारोबार होने की अनुमान है।</p>
<p><strong>वाहन बाजार में रही भीड</strong><br />अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर दो पहिया व चार पहिया वाहनों की जमकर बुकिंग हुई। इसके अलावा आखातीज के सावे के लिए शादी में देने के लिए बाइक, स्कूटी की करीब 150 बुकिंग हुई। </p>
<p><strong>फर्नीचर बाजार में रही भीड़</strong><br />फर्नीचर विक्रेता इल्यास भाई ने बताया कि शहर के फर्निचर बाजार में अक्षय तृतीया की शादियों के लिए ड्रेसिंग टेबल, पलंग, डाइनिंग टेबल के साथ अन्य फर्निचर की जमकर बुकिंग  हुई है। इस बार 8 से 10 करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद है। बाजार में खरीदारों की खासी पूछपरक है। फर्निचर व्यापारी एसएन खान ने बताया कि इस बार आाखा तीज पर बंपर शादियां होने से अच्छी बुकिंग हो रही है। </p>
<p><strong>इलेक्ट्रॉनिक बाजार में दिख रही खरीदारों की भीड़</strong><br />इलेक्ट्रानिक उपकरण बाजार के अध्यक्ष  सत्यनारायण गुप्ता ने बताया कि शहर के इलेक्ट्रानिक बाजार में इन दिनो ंकुलर, फ्रिज, पंखा के साथ घरेलू उपकरणों की जमकर खरीदारी हो रही है।  शादी ब्याह के साथ गर्मी को देखते हुए पंखे, कुलर एसी की बिक्री बढ़ी है। 5 से 7 करोड़ के कारोबार का अनुमान है।</p>
<p><strong>बैंडबाजा और केटरिंग की एडवांस बुकिंग</strong><br />टेंट एसोसिएशन के शनि ने बताया कि इस बार अक्षय तृतीया पर टेंट, केटरिंग और डीजे की अच्छी बुकिंग हुई है। 8 से 10 करोड़ शहर में कारोबार होने का अनुमान है। बैंडबाजा एसोसिएशन के सकिर भाई ने बताया कि इस बार घोड़ बैंडबाजा की अच्छी बुकिंग हुई है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Apr 2023 16:30:10 +0530</pubDate>
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                <title>जयपुर शहर में आगामी दिनों में शादी समारोह के दौरान विशेष होगी यातायात व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[यातायात पुलिस जयपुर जाप्ता लगाकर आमजन को सुगम एवं सुरक्षित यातायात का प्रयास किया जा रहा है, इसके लिए अधिक दबाव की स्थिति में यातायात का आवश्यकतानुसार समानांतर मार्गों पर डायवर्जन किया जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-will-be-special-traffic-arrangements-during-the-wedding-ceremony/article-31001"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/download-(1)-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पुलिस उपायुक्त यातायात प्रहलाद सिंह कृष्णियों ने बताया कि आगामी दिनों में जयपुर शहर के विभिन्न स्थानों जैसे सीकर रोड, सिरसी रोड, मुरलीपुरा, न्यू सांगानेर रोड, इस्कान रोड, टोंक रोड, आगरा रोड पर स्थित विवाह स्थलों साथ-साथ कोलोनियों में स्थित विवाह स्थलों में काफी संख्या में शादी समारोह का आयोजन होना है। जिससे शाम के समय विवाह स्थलों के आसपास काफी भीड-भाड होने की संभावना है।</p>
<p>यातायात पुलिस जयपुर जाप्ता लगाकर आमजन को सुगम एवं सुरक्षित यातायात का प्रयास किया जा रहा है, इसके लिए अधिक दबाव की स्थिति में यातायात का आवश्यकतानुसार समानांतर मार्गों पर डायवर्जन किया जाएगा। यातायात पुलिस के क्रेन/ट्रक द्वारा इन स्थानों पर लगातार राउण्डअप रहकर नो-पार्किंग / यातायात अवरूद्ध कर रहे वाहनों को हटाया जायेगा।</p>
<p>विवाह स्थलों के प्रबंधक अपने-अपने विवाह स्थलों पर वॉलिटियर तैनात करेंगे। जो विवाह समारोह में आने वाले वाहनों को विवाह स्थल की निर्धारित पार्किंग में पार्क करवायेगें। वाहन चालक अपने वाहन को मुख्य मार्ग पर एवं बेतरतीब खड़ा नहीं करेंगे जिससे कि स्वयं एवं दूसरों को असुविधा हो। अपने वाहन में किसी भी प्रकार का कीमती सामान (जेवरात, कपडे, रूपये) नहीं रखेगें। बारात की निकासी विवाह स्थल से कम से कम दूरी पर रखें एवं बीच सड़क पर घेरा डालकर डांस न करें जिससे कि सडकों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो व उससे राहगीरों को परेशानी हो ।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Nov 2022 18:39:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली संकट: डिमांड से दो हजार मेगावाट बिजली कम, शादियों की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती से हल्की राहत</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में इन दिनों शादियों का सीजन जारी है। स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती  को लेकर डिस्कॉम पर दबाव बनाते जा रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--electricity-crisis--two-thousand-mw-less-electricity-than-demand--light-relief-from-cuts-in-rural-areas-due-to-weddings/article-9154"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/el.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर।प्रदेश में चल रहे बिजली के संकट के बीच एक तरफ डिमांड की तुलना में बिजली उपलब्धता करीब 2000 मेगावाट कम चल रही है वहीं दूसरी तरफ शहरी और ग्रामीण अंचलों में शादियों के सीजन के चलते कटौती समय में कमी कर उपभोक्ताओं को राहत दी जा रही है।</p>
<p><strong>नियमित बिजली कटौती से उपभोक्ताओं को राहत</strong></p>
<p>बिजली की मांग और उपलब्धता में आ रहे अंतर की कमी के चलते अब पूर्व घोषित नियमित बिजली कटौती से उपभोक्ताओं को राहत दी जा रही है। जयपुर में पिछले 4 दिनों से कहीं बिजली की कटौती या तो नहीं की गई है, या फिर समय से कम पावर कट हुए हैं।बिजली के संकट के बीच डिस्कॉम ने संभाग मुख्यालयों पर सुबह 7 बजे से 8 बजे तक, जिला मुख्यालयों पर 2 घंटे और नगर पालिका सहित 5000 से अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में इससे अधिक बिजली की कटौती करने का एलान किया था, लेकिन पिछले दो दिनों में पवन ऊर्जा के माध्यम से मिली करीब ढाई हजार मेगावाट बिजली से डिस्कॉम को कुछ राहत मिली है। बुधवार को पवन ऊर्जा से मिलने वाली बिजली के जनरेशन में एकाएक कमी आई और यह 250 मेगावाट तक ही रह गई, जिसके बावजूद गुरुवार सुबह जयपुर सहित कुछ संभाग मुख्यालय पर सुबह 7 से 8 के बीच होने वाली बिजली की कटौती नहीं हुई।</p>
<p><br /><strong>एक्सचेंज में मिल रही सस्ती बिजली:</strong><br />ऊर्जा विभाग से जुड़े अधिकारीयों ने बताया कि इस दौरान एक्सचेंज के जरिए राजस्थान को कम रेट पर बिजली उपलब्ध हो गई, जिसके चलते पावर कट नहीं किया गया। प्रदेश में पीक आवर में प्रतिदिन मांग और उपलब्धता के बीच 1000 से 2500 मेगावाट तक का अंतर आ रहा है, जिसे विभिन्न इलाकों में पावर कट कर समायोजित किया जा रहा है।<br /><br /><strong>शादियों का सीजन, जनप्रतिनिधियों का दबाव:</strong><br />प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में इन दिनों शादियों का सीजन जारी है। स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती  को लेकर डिस्कॉम पर दबाव बनाते जा रहे हैं। लिहाजा ऊर्जा विभाग ने अधिकांश ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती के समय में कमी कर दी है। जिला और संभाग मुख्यालय स्तर पर भी कटौती नाम मात्र की हो रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 May 2022 13:05:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई गाइडलाइन ‘महामारी सतर्क-सावधान जनअनुशासन’ 11 जनवरी से प्रदेश में होगी लागू, प्रदेश में रविवार को वीकेंड कर्फ्यू, शहर और कस्बों में 12वीं तक के स्कूल 30 जनवरी तक बंद, शादियां और अन्य समारोहों में केवल 50 लोग शामिल हो सकेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[बाजार, धार्मिक स्थल, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, जिम आदि आठ बजे तक ही खुल सकेंगे,  मास्क नहीं पहनने पर अब एक हजार रुपए जुर्माना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A8%E0%A4%88-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A1%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8-%E2%80%98%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8%E2%80%99-11-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%82--%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82--%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-12%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%B2-30-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6--%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%B2-50-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%97-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87/article-3901"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/bhid_croud_corona.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। कोविड के बढ़ते मामलों पर राज्य सरकार ने सख्ती और बढ़ाते हुए रविवार को नई गाइडलाइन जारी कर 30 जनवरी तक पाबंदियां बढ़ाई हैं। यह गाइडलाइन प्रदेश में 11 जनवरी से लागू होगी। प्रदेश में रविवार को वीकेंड कर्फ्यू रहेगा। प्रदेश के सभी नगर निगम व पालिका क्षेत्रों में 12वीं तक की स्कूल गतिविधियां 30 जनवरी तक बंद कर दी गई हैं। दसवीं से बारहवीं तक के जिन विद्यार्थियों ने वैक्सीन लगवा ली है, वे अभिभावकों की सहमति से स्कूल जा सकेंगे। स्कूलों में कैंटीनें बंद रहेंगी। ऑनलाइन क्लासें चालू रहेंगी। कोचिंग और कॉलेजों को फिलहाल बंद नहीं किया है। वहीं 15 साल से छोटे बच्चों को घर में रहकर ही पढ़ाई करनी होगी।  टेस्ट पॉजिटिविटी दस फीसदी से अधिक तो येलो या रेड जोन : ग्राम पंचायत और नगर निगम-पालिका क्षेत्रों में कोरोना केसों के हिसाब से जोन भी तय कर दिए हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर जीरो एक्टिव केस में ग्रीन जोन, एक से 20 एक्टिव केस पर येलो जोन और 20 से अधिक केसों पर रेड जोन होगा। एक लाख जनसंख्या अनुपात आधार पर नगर निगम-पालिका क्षेत्रों में 50 एक्टिव केस पर ग्रीन जोन, 51 से 100 केस पर येलो जोन और 100 से अधिक केस पर रेड जोन होगा। क्षेत्रों में टेस्ट पॉजिटिविटी रेट दस प्रतिशत से अधिक होने पर कलेक्टर या संबंधित अधिकारी जोन तय कर प्रतिबंध लगा सकेंगे।<br /> <br />     शादियों और अन्य समारोहों में अब 100 की जगह 50 लोग ही शामिल हो सकेंगे। आयोजन से पहले राज्य सरकार के पोर्टल पर सूचना देना जरूरी होगा। <br />     जनअनुशासन कर्फ्यू का समय रोजाना रात 11 से सुबह पांच बजे तक रहेगा। <br />     धार्मिक स्थल भी अब सुबह पांच बजे से रात आठ बजे तक खुले रहेंगे। <br />     रेस्टोरेंट में 50 फीसद क्षमता के साथ रात दस बजे तक खुले रखने की अनुमति होगी। <br />     सिनेमा हॉल भी 50 फीसदी क्षमता के साथ रात आठ बजे तक खुल सकेंगे। <br />     बाजार, दुकान, शॉपिंग मॉल का समय भी अब आठ बजे तक कर <br /> दिया है। <br />     सिटी और मिनी बसें सुबह पांच से रात 11 बजे तक चल सकेंगी। <br />     लोहड़ी और मकर संक्रांति पर कोई सार्वजनिक आयोजन नहीं होगा। घर पर ही त्योहार मनाने की अपील की। <br /> <strong><br /> आइसोलेशन जोन में ही हो सकेगी फिल्म शूटिंग</strong><br /> आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों पर पाबंदी के तहत पर्यटन और फिल्म शूटिंग गतिविधियों के लिए आइसोलेशन जोन के आधार पर अनुमति मिलेगी। आइसोलेशन जोन में केवल अधिकृत लोग, कर्मचारी और कार्यक्रम से जुडेÞ लोगों को ही प्रवेश मिलेगा। आइसोलेशन जोन उन रिसोर्ट या होटलों के लिए भी लागू होगा, जो चार हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल या अधिक के हैं और गेस्ट के लिए कमरों की संख्या 40 से अधिक है। होटल-रेस्टोरेंट्स संचालकों को आयोजनों के दौरान मेहमानों की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट या वैक्सीन रिपोर्ट देखना जरूरी होगा। आयोजन समाप्त होने तक मेहमानों को बाहरी सम्पर्क की अनुमति नहीं होगी। <br /> <br /> <strong>शनिवार रात 11 से सोमवार सुबह पांच बजे तक होगी सख्ती</strong><br /> पूरे प्रदेश में रोजाना रात 11 से सुबह पांच बजे तक जनअनुशासन कर्फ्यू रहेगा। हर रविवार को वीकेंड कर्फ्यू में शनिवार रात 11 से सोमवार सुबह पांच बजे तक सभी बाजार, कार्य स्थल और व्यावसायिक कॉम्पलेक्स बंद रहेंगे। इसमें नियमित उत्पादन, नाइट शिफ्ट वाली फैक्ट्री, आईटी, ई-कॉमर्स कम्पनियां, मेडिकल दुकान, शादी समारोह, इमरजेंसी सेवाएं, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन और लोडिंग वाहनों को छूट रहेगी।</p>
<p><br /> <strong>सरकारी दफ्तरों में 50% कर्मचारी आएंगे</strong><br /> निगम और पालिका क्षेत्रों में सभी सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी स्टाफ आॅफिस और 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम के लिए बुलाया जा सकता है। विभागाध्यक्षों को इसके लिए जिला कलेक्टर से अनुमति लेनी होगी। जरूरी सेवाओं से जुडेÞ कार्यालयों पर यह नियम लागू नहीं होगा।<br /> <br /> <strong>गाइडलाइन में जुर्माना राशि भी बढ़ाई</strong><br /> कोविड गाइडलाइन की पालना नहीं करने पर जुर्माने भी बढ़ाए गए हैं। सार्वजनिक स्थान या कार्य स्थल पर मास्क नहीं पहनने पर अब एक हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। बिना मास्क वाले ग्राहक को सामान बेचने पर दुकानदार पर 500 रुपए जुर्माना, सार्वजनिक स्थान पर सोशल डिस्टेसिंग(छह फीट दूरी) नहीं होने पर सौ रुपए, सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर 200 रुपए, पान-गुटखा, तम्बाकू और शराब उपयोग पर पांच सौ रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। आॅटो, कैब, बस, ट्रेन आदि में मास्क नहीं लगाने पर 500 रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, खेल-कूद सांस्कृतिक, शैक्षणिक या शादी समारोह में 50 से अधिक लोग होने पर दस हजार रुपए जुर्माना तथा मैरिज गार्डन या सभा स्थल वालों पर भी दस हजार रुपए जुर्माना लगेगा। सभी कार्य स्थलों पर कार्य समय के दौरान सेनेटाइजशन और सोशल डिस्टेसिंग की पालना नहीं करने पर दस हजार रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jan 2022 10:43:39 +0530</pubDate>
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                <title>शादियों में मेहमानों पर लगी पाबंदी हटी : शैक्षणिक गतिविधियां सौ फीसदी क्षमता के साथ हो सकेंगी संचालित</title>
                                    <description><![CDATA[गृह विभाग ने की नई गाइडलाइन जारी : प्रदेश में अब हो सकेंगे सभी तरह के आयोजन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A5%80---%E0%A4%B6%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A3%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%97%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%8C-%E0%A4%AB%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-2195"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/gehlot_corona_band.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में अब सभी प्रकार के आयोजन हो सकेंगे। इसके साथ ही शैक्षणिक गतिविधियां भी सौ फीसदी क्षमता के साथ संचालित हो सकेंगी। इस संबंध में गृह विभाग ने सोमवार को नई गाइडलाइन जारी कर दी है। विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार के अनुसार कोरोना संक्रमण में आई कमी के बाद राज्य सरकार ने पाबंदियों पर शिथिलता देने का निर्णय लिया है। इसके तहत शादी समारोहों का आयोजन किया जा सकेगा, लेकिन सभी मेहमानों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। शादियों में मेहमानों पर लगी पाबंदी को हटा दिया है। इसके साथ ही सभी तरह के सार्वजनिक आयोजन भी हो सकेंगे। इनमें राजनीतिक, खेलकूद, मनोरंजन, सांस्कृति और धार्मिक समारोह शामिल है। इन आयोजनों में मास्क का अनिवार्य उपयोग और सेनेटाइजेशन के साथ ही दो गज दूरी की पालना करनी होगी। नई गाइडलाइन के अनुसार सभी तरह की शैक्षणिक संस्थाओं को 15 नवम्बर से सौ फीसदी उपस्थिति के साथ खोला जा सकेगा। इनमें कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यालय भी शामिल है। लेकिन शर्त यह है कि सभी कर्मचारियों को वैक्सीन की दोनों डोज लगाना अनिवार्य होगा। प्रदेश के सभी कोचिंग संस्थान भी 15 नवम्बर से सौ प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोले जाएंगे। इन संस्थाओं के शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को वैक्सीन के दोनों डोज लगाना अनिवार्य होगा। <br /> <strong><br /> प्रदेश में 100 दिन में कोरोना से कोई मौत नहीं</strong><br />  जयपुर। प्रदेश में सोमवार को कोरोना के 4 नए रोगी सामने आए हैं। बड़ी राहत यह है कि प्रदेश में पिछले 100 दिन से कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। अंतिम बार मौत 31 जुलाई को हुई थी। तब तक प्रदेश में 8954 लोगों की जान जा चुकी थी। सोमवार को मिले नए रोगियों में जयपुर में तीन और भीलवाड़ा में एक नया मरीज मिला है। प्रदेश के शेष 31 जिलों में कोई नया रोगी नहीं है। प्रदेश में वर्तमान में 42 एक्टिव केस हैं। जयपुर में 23, बीकानेर में 8, जोधपुर-उदयपुर-गंगानगर-अजमेर में 2-2, बारां, बाड़मेर, भीलवाड़ा 1-1 एक्टिव केस हैं। शेष 24 जिले फिलहाल कोरोना फ्री है।<br /> <br /> <strong>मुख्यमंत्री ने चेताया : कोरोना रोकने के लिए विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए विशेष प्रावधान हों : गहलोत<br /> मास्क का प्रयोग पहले की तरह ही करते रहें</strong><br />  जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यूरोप के देशों में कोरोना की नई लहर के बाद केन्द्र सरकार से विदेश से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग, क्वारंटाइन करने सहित विशेष प्रावधान लागू करने का सुझाव दिया है। गहलोत ने ट्वीट के जरिए यूरोप के देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों पर केन्द्र को चेताने के साथ लोगों को सावधानी बरतने की नसीहत दी है। गहलोत ने लिखा कि यूरोप में आई कोरोना की नई लहर में संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है। पहले देखा गया है कि यूरोप में संक्रमण बढ़ने के दो-तीन महीने बाद भारत में भी मामले बढ़ने लगे था। ऐसा इस बार नहीं हो, इसके लिए भारत सरकार को विदेशों से आने वाले यात्रियों के लिए विशेष प्रावधान करने चाहिए। साथ ही गहलोत ने कहा है कि यह भी देखा गया है कि आमजन ने अब मास्क का प्रयोग कम कर दिया है। मेरी सभी से प्रार्थना है कि ऐसा ना करें। मास्क का प्रयोग पहले की तरह ही करते रहें। मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और वैक्सीन ही कोविड से बचाव के तरीके है। इनमें कोई भी चूक आपको संक्रमित कर सकती है, इसलिए सावधानी बरतें।</p>]]></content:encoded>
                
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