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                <title>guidelines - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>राजस्थान न्यायिक सेवा के अधिकारियों को कार खरीदने के लिए सॉफ्ट लोन सुविधा में संशोधन, वित्त विभाग ने जारी किए नए दिशा-निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान सरकार ने न्यायिक सेवा अधिकारियों के कार खरीद सॉफ्ट लोन दिशा-निर्देश संशोधित। अब अधिकारी हर 10 वर्ष में नई कार के लिए आवेदन कर सकते। 2016 के बाद लिए गए लोन पर ब्याज रिइम्बर्समेंट संभव। ब्याज सबवेंशन सेवा अवधि तक ही मिलेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/finance-department-issues-new-guidelines-to-amend-soft-loan-facility/article-146219"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/secratrait1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने राजस्थान न्यायिक सेवा के अधिकारियों को कार खरीदने के लिए दी जाने वाली सॉफ्ट लोन (एडवांस) सुविधा के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। वित्त विभाग (नियम प्रभाग) ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।</p>
<p>वित्त विभाग के आदेश के अनुसार सरकार की स्क्रैपिंग नीति को ध्यान में रखते हुए अब न्यायिक सेवा के अधिकारी हर 10 वर्ष में एक बार नई कार खरीदने के लिए कार लोन के लिए पुनः आवेदन कर सकेंगे। इससे पहले इस संबंध में 23 जनवरी 2025 को जारी आदेश के तहत सॉफ्ट लोन सुविधा के दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए थे। नए आदेश में यह भी प्रावधान किया गया है कि 1 जनवरी 2016 के बाद कार लोन लेने वाले न्यायिक अधिकारी अपने बैंक खाते के विवरण सहित कार लोन पर चुकाए गए ब्याज का विवरण प्रस्तुत कर सकेंगे। ऐसे मामलों में सरकार द्वारा वहन किए जाने वाले ब्याज के हिस्से की प्रतिपूर्ति (रिइम्बर्समेंट) की जाएगी।</p>
<p>इसके अलावा यह स्पष्ट किया गया है कि कार खरीदने के लिए सॉफ्ट लोन पर ब्याज सबवेंशन की सुविधा केवल उसी अवधि तक लागू रहेगी, जब तक संबंधित न्यायिक अधिकारी सेवा में कार्यरत रहेगा। सेवा से अलग होने के बाद यह सुविधा स्वतः समाप्त मानी जाएगी।</p>
<p>वित्त सचिव (बजट) कुमार पाल गौतम द्वारा जारी इस आदेश के अनुसार संशोधित प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे न्यायिक अधिकारियों को वाहन खरीदने में वित्तीय सहायता मिलेगी और उन्हें कर्तव्यों के निर्वहन में सुविधा होगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 14:22:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विरोधियों को निशाना बनाने से पहले दिशा-निर्देशों पर ध्यान दें राजनीतिक दल : एआई को माना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन, चुनाव आयोग ने कहा- असत्यापित आरोपों और आलोचना से बचें</title>
                                    <description><![CDATA[वीडियो में एआई का उपयोग आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन। दिशा-निर्देशों का पालन करे। कार्यकर्ताओं के निजी जीवन के सभी पहलुओं की आलोचना से बचे। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/parties-should-pay-attention-to-the-guidelines-before-targeting/article-129219"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/election-commission1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों को प्रतिद्वंद्वी दलों तथा उम्मीदवारों को निशाना बनाकर तैयार वीडियो में एआई के उपयोग को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुये सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। आयोग ने एक बयान में कहा कि 6 अक्टूबर को बिहार विधानसभा के आम चुनाव और 8 विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनावों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी है। ये प्रावधान उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों द्वारा सोशल मीडिया सहित इंटरनेट पर पोस्ट की जा रही सामग्री पर भी लागू होंगे। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधान अन्य दलों की आलोचना, उनकी नीतियों, कार्यक्रमों, पिछले रिकॉर्ड और कार्य तक ही सीमित रहेंगे। दलों और उम्मीदवारों को अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के निजी जीवन के उन सभी पहलुओं की आलोचना करने से बचना चाहिए, जो सार्वजनिक गतिविधियों से संबंधित न हों। इसके साथ ही राजनीतिक दलों को असत्यापित आरोपों या विकृति के आधार पर अन्य दलों या उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना से बचना चाहिए।</p>
<p>आयोग ने चुनावी प्रक्रिया की अखंडता को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए राजनीतिक दलों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सूचनाओं को विकृत करने या गलत सूचना फैलाने वाले डीप फेक वीडियो बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उपकरणों का दुरुपयोग नहीं करने की सलाह दी है। आयोग ने कहा कि सभी राजनीतिक दल और उनके नेता, उम्मीदवार और स्टार प्रचारक, अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से या विज्ञापनों के रूप में प्रचार के लिए साझा की जा रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सामग्री को डिजिटल रूप से संवर्धित जैसे स्पष्ट प्रतीकों का उपयोग कर प्रमुखता से चिह्नित करने के लिए आवश्यक उपाय करेंगे।</p>
<p>चुनाव आयोग ने कहा है कि चुनावी माहौल को खराब नहीं होने देने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आयोग ने आदर्श आचार संहिता के दिशा-निर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की है। इन दिशा-निर्देशों के किसी भी उल्लंघन से सख्ती से निपटा जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 16:57:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निकाय-पंचायत चुनाव को लेकर आयोग ने गाइडलाइन जारी की, कलक्टरों को वोटर लिस्ट तैयार करने के दिए निर्देश, नवम्बर में चुनाव संभव</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को राजस्थान चुनाव आयोग ने गाइडलाइन जारी कर दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-commission-issued-guidelines-for-the-election-election-instructions-were/article-124469"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/election-symbol.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को राजस्थान चुनाव आयोग ने गाइडलाइन जारी कर दी। आयोग ने सभी जिला कलक्टरों को मतदाता सूची तैयार करने के निर्देश दे दिए। आयोग कभी भी चुनावों की घोषणा कर सकता है। राज्य की 49 निकायों और जिन पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल पूरा हो गया है उनके संभवत: नवम्बर माह में चुनाव कराए जाएंगे। इसी बीच राज्य सरकार उच्च न्यायालय की एकलपीठ के फैसले के खिलाफ खंडपीठ में अपील कर दी। राज्य सरकार अभी भी वन स्टेट वन इलेक्शन पर अडिग है।</p>
<p><strong>यह रहेगा वोटर लिस्ट प्रोग्राम :</strong></p>
<p>सभी जिला कलक्टरों को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशन 20 सितंबर करना होगा।  इसके बाद 5 अक्टूबर तक दावें और आपत्तियां पेश कर सकेंगे। 29 और 30 सितंबर को विशेष अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम के अनुसार 12 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियां का निस्तारण करना होगा। इसके बाद 24 अक्टूबर तक पूरक लिस्ट तैयार होगी और 29 अक्टूबर तक वोटर लिस्ट का फाइनल प्रकाशन होगा।</p>
<p><strong>पंचायत चुनाव के लिए अलग-अलग वोटर लिस्ट :</strong></p>
<p>राज्य निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार ग्राम पंचायत के हर वार्ड, पंचायत समिति के हर निर्वाचन क्षेत्र और जिला परिषद के हर निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट तैयार करनी होगी। 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर वोटर लिस्ट को अपडेट किया जाएगा।</p>
<p><strong>निकाय चुनाव :</strong></p>
<p>स्थानीय निकाय चुनावों के लिए 3 नवंबर को फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी निकाय चुनाव की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 24 सितंबर को प्रकाशित होगी। 3 नवंबर को फाइनल वोटर लिस्ट तैयार होगी। 8 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियों को पेश किया जा सकेगा। 16 अक्टूबर तक दावों और आपत्तियों का निपटारा करना होगा।</p>
<p>पंचायत और निकाय चुनाव नवंबर में संभव पंचायत और निकाय चुनाव की वोटर लिस्ट तैयार करने की गाइडलाइन के बाद यह तय हो गया है कि राज्य निर्वाचन आयोग अक्टूबर के बाद ही निकाय और पंचायत चुनाव करवाएगा।</p>
<p><strong>बने टकराव के हालात :</strong></p>
<p>इन चुनावों को लेकर राज्य सरकार और चुनाव आयोग में टकराव के हालात बनते जा रहे हैं। सरकार दिसंबर तक चुनाव टालना चाहती है, लेकिन आयोग इसे मानने को तैयार नहीं है। राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुकर गुप्ता वन स्टेट वन इलेक्शन को मौजूदा हालात में अव्यवहारिक बता चुके हैं। सरकार के मंत्री झाबर सिंह खर्रा दिसंबर में निकायों के एक साथ चुनाव करवाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन आयोग इस तर्क को मानने को तैयार नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Aug 2025 12:50:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीबीएसई ने जारी की गाइडलाइन, मातृभाषा में हो बच्चों की पढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[ इसके अनुसार अब सीबीएसई के सभी स्कूलों को छात्रों को मातृभाषा में पढ़ाई करानी होगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cbse-released-guidelines-in-mother-tongue/article-115310"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/cbse.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने एक नई गाइडलाइन जारी की है। इसके अनुसार अब सीबीएसई के सभी स्कूलों को छात्रों को मातृभाषा में पढ़ाई करानी होगी। आमतौर पर ऐसा देखा गया है कि अधिकतर प्राइवेट स्कूलों में अंग्रेजी भाषा में ही पढ़ाई होती है, लेकिन अब सीबीएसई ने मातृभाषा में पढ़ाई को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। </p>
<p>सीबीएसई के जारी सर्कुलर में कहा गया कि प्री-प्राइमरी से कक्षा 2 तक को बच्चों की पढ़ाई उनकी घरेलू भाषा, मातृभाषा या एक परिचित क्षेत्रीय भाषा में होनी चाहिए। कक्षा 3 से 5वीं तक के छात्र आर1 (मातृभाषा/परिचित क्षेत्रीय भाषा) में सीखना जारी रख सकते हैं या R1 के अलावा किसी अन्य माध्यम में पढ़ाई का विकल्प दिया जा सकता है। सीबीएसई ने पहली बार संकेत दिया कि वह अपने स्कूलों में मातृभाषा-आधारित पढ़ाई को अनिवार्य बना सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/cbse-released-guidelines-in-mother-tongue/article-115310</link>
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                <pubDate>Sun, 25 May 2025 14:55:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कागजों में गल गई सस्ती दाल, रसोई तक नहीं पहुंची</title>
                                    <description><![CDATA[राशन की दुकानों पर मिलनी थी भारत दाल। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cheap-dal-got-buried-in-papers--did-not-reach-kitchens/article-110736"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(1)42.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। आमजन को महंगाई से राहत देने के लिए सरकार की ओर से राशन की दुकानों पर सस्ते दाम पर चना दाल वितरण करने की योजना कागजों में ही दफन हो गई। गत वर्ष सरकार ने इसके लिए एसओपी जारी कर राशन की दुकानों पर भारत दाल कम दाम में उपलब्ध कराने का निर्णय किया था। इस सम्बंध में प्रदेश के सभी जिला रसद अधिकारी से वहां की आवश्यकतानुसार प्रस्ताव मांगे गए थे। इसके बाद प्रत्येक जिले से दाल वितरित करने वाले राशन डीलरों की सूची तैयार करवा कर खाद्य विभाग जयपुर को भिजवाई गई थी। सूची भेजने के बाद खाद्य विभाग से योजना के बारे में कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए है। इस कारण आमजन को सस्ती दर पर चना दाल उपलब्ध कराने की योजना खटाई में पड़ गई। </p>
<p><strong>ये थी वितरण की योजना</strong><br />योजना के तहत प्रदेश में राशन की दुकानों के माध्यम से चना दाल की बिक्री के लिए राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड जयपुर (आरएसएफसीएससी) को नोडल एजेन्सी बनाया गया था। सबसे पहले आरएसएफसीएससी की ओर से मांग के अनुसार खाद्य विभाग (राज.) के माध्यम से भारत सरकार से चना दाल का आवंटन होना था। इसके बाद रसद विभाग की ओर से जिले की राशन की दुकानों पर भारत दाल की आपूर्ति करनी थी।  एसओपी के अनुसार चना दाल 1 किलोग्राम और 30 किलोग्राम के पैकेट में बेचनी थी। एक किलो की कीमत 60 रुपए और 30 किलो के पैकेट की कीमत 55 रुपए प्रति किलो निर्धारित की गई थी। प्रथम चरण में एफपीएस के माध्यम से भारत दाल ( चना दाल ) के वितरण का कार्य प्रारभ किया जाना था।</p>
<p><strong>बाजार में महंगी बिक रही दालें</strong><br />जानकारी केअनुसार पिछले कुछ सालों से बाजार में दालों की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। इस कारण आमजन का घरेलू खर्च बढ़ता जा रहा है। इन दिनों किराना बाजार में चना दाल का भाव 85 से 90 रुपए किलो बीच बना हुआ है। वहीं कुछ दालों की कीमतें तो सौ रुपए को पार कर चुकी है। ऐसे में महंगाई के कारण आमजन का घरेलू बजट गड़बड़ा जा रहा है। लोगों को महंगाई से राहत दिलाने के लिए ही सरकार ने सस्ती चना दाल व्तिरण करने की योजना बनाई थी, लेकिन यह दाल आमजन की रसोई तक पहुंचती उससे पहले ही कागजों में ही घुल गई। अब लोगों को बाजार से महंगी दर पर दालें खरीदनी पड़ रही है।</p>
<p><strong>कमीशन की आस रह गई अधूरी</strong><br />जानकारी के अनुसार कोटा जिले में राशन की 522 दुकानें हैं, जिन पर उपभोक्ताओं को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जाता है। चना दाल बेचने के इच्छुक डीलरों से विभाग की ओर से आवेदन मांगे गए थे। चना दाल बेचने की एवज में राशन डीलरों को कमीशन मिलना था। ऐसे में कोटा जिले के अधिकांश डीलरों ने इसमें रूचि लेते हुए आवेदन कर दिया था। विभाग की ओर से स्थानीय डीलरों की सूची तैयार जयपुर भिजवा भी दी गई थी, लेकिन बाद में इस सम्बंध में वहां से दाल की आपूर्ति और वितरण के सम्बंध में कोई गाइड लाइन जारी नहीं की गई। इस कारण राशन डीलरों के कमीशन की आस भी अधूरी ही रह गई।  </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />बाजार में दालों की कीमतों में लगातार इजाफा होता जा रहा है। इससे घरेलू बजट गड़बड़ा रहा है। राशन की दुकानों पर सस्ती दाल बेचने से लोगों को काफी राहत मिलती। सरकार को जल्द से जल्द इसका वितरण शुरू करना चाहिए। <br /><strong>- ग्यारसी बाई, उपभोक्ता</strong></p>
<p>राशन की दुकानों पर सस्ती दाल वितरण करने की योजना बनाई गई थी। इस सम्बंध में जिले के राशन डीलरों की सूची तैयार कर जयपुर भिजवा दी ्रगई थी। इसके बाद योजना के सम्बंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। <br /><strong>- कार्तिकेय, जिला रसद अधिकारी  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cheap-dal-got-buried-in-papers--did-not-reach-kitchens/article-110736</link>
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                <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 15:29:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोषाधिकारियों के लिए आई.एफ.एम.एस. 3.0 के उपयोग हेतु दिशा-निर्देश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[ राज्य सरकार ने कोषाधिकारियों के लिए वित्तीय अनुशासन एवं लेखा संकलन कार्य के प्रभावी संचालन के लिए आई.एफ.एम.एस. 3.0 प्रणाली के विभिन्न मॉड्यूल्स के उपयोग के दिशा-निर्देश जारी किए हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/guidelines-issued-for-the-use-of-ifms-30-for-the/article-108921"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news-(8)12.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने कोषाधिकारियों के लिए वित्तीय अनुशासन एवं लेखा संकलन कार्य के प्रभावी संचालन के लिए आई.एफ.एम.एस. 3.0 प्रणाली के विभिन्न मॉड्यूल्स के उपयोग के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में पासवर्ड पॉलिसी के तहत नियमित पासवर्ड परिवर्तन, स्थानांतरित कर्मचारियों के लॉगिन निष्क्रिय करने, और रोल आधारित लॉगिन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। आई.एफ.एम.एस. पर उपलब्ध मास्टर डेटा को अद्यतन रखने के साथ एम्पलॉयी आई.डी. व एसएसओ आईडी की विधिवत जांच और मैपिंग का निर्देश दिया गया है।</p>
<p>डिजिटल हस्ताक्षर के सावधानीपूर्वक उपयोग और अधिकृत स्तर पर ही इसके प्रयोग को सुनिश्चित करने की बात कही गई है। समस्याओं के समाधान हेतु आहरण-वितरण अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें, प्रशिक्षण शिविर और वर्कशॉप आयोजित करने पर भी बल दिया गया है।<br />यह दिशा-निर्देश वित्त विभाग एवं कोष एवं लेखा निदेशालय द्वारा समय-समय पर जारी परिपत्रों के अनुपालन को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। कोषाधिकारियों से इन निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 13:30:36 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मोशन कोचिंग उड़ा रहा गाइडलाइन की धज्जियां : 13 वर्ष के छात्रों को भी कोचिंग, 16 वर्ष की उम्र तथा माध्यमिक परीक्षा के बाद ही प्रवेश का नियम </title>
                                    <description><![CDATA[उसकी एक क्लास में ही पचास से ज्यादा बच्चे हैं। यह सभी बच्चे मोशन कोचिंग की यूनिफार्म पहन कर जाते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/motion-coaching-is-blowing-guidelines-13-years-old-students-also/article-106049"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy4.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोचिंग नगरी में कोचिंग छात्रों की आत्महत्या व आत्महत्या के प्रयास जैसे प्रकरण रोकने के लिए केन्द्र व राज्य सरकार अथक प्रयास कर रही है। केन्द्र की गाइड लाइन जारी होने व प्रशासन के लाख प्रयासों के बावजूद कोटा का मोशन कोचिंग संस्थान इस गाइडलाइन की धज्जियां उड़ा रहा है। वह गाइडलाइन की अवहेलना कर छोटी क्लासों से ही बच्चों को कोचिंग पढ़ा रहा है। जबकि गाइडलाइन के अनुसार दसवीं कक्षा के बाद  और 16 वर्ष से अधिक की उम्र के बच्चों को ही कोचिंग संस्थानों में पढ़ाया जा सकता है।</p>
<p>इससे कम उम्र के बच्चों  को कोचिंग में पढ़ाना पूर्ण रूप से गाइडलाइन की अवहेलना है। वर्ष 2024 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्चतर शिक्षा विभाग ने कोचिंग केन्द्रों के विनियमन के लिए दिशा निर्देश जारी किए थे लेकिन मोशन कोचिंग संस्थान दो सौ से ज्यादा छोटी उम्र के बच्चों को रानपुर स्थित कोचिंग में पढ़ा रहा है। उसकी एक क्लास में ही पचास से ज्यादा बच्चे हैं। यह सभी बच्चे मोशन कोचिंग की यूनिफार्म पहन कर जाते हैं। </p>
<p><strong>यूं हो रही गाइडलाइन अवहेलना की पुष्टि</strong><br />मोशन कोचिंग का छात्र दिलीप बंजारा 27 फरवरी से लापता है। जो 8वीं क्लास का छात्र था।  छात्र के पिता ने बताया कि उसका पुत्र दिलीप बंजारा मोशन कोचिंग संस्थान में पढ़ता था वह परीक्षा देने के लिए घर से निकला था।  संस्थान में वह पिछले सात-आठ माह से पढ़ रहा था। छात्र के पिता महेन्द्र बंजारा की ओर से रानपुर थाने में दर्ज गुमशुदगी रिपोर्ट से भी यह साबित हो रहा है कि मोशन कोचिंग संस्थान गाइडलाइन की अवहेलना कर 16 साल से कम उम्र के बच्चे को कोचिंग पढ़ा रहा है। गाइड लाइन के अनुसार माध्यमिक परीक्षा पास का ही कोचिंग नामांकन कर सकता है जबकि लापता छात्र दिलीप बंजारा अभी 8 वीं क्लास में ही पढ़ रहा है।</p>
<p><strong>नहीं दिया कोई जवाब</strong></p>
<p>मोशन कोचिंग संस्थान के निदेशक नितिन विजय को हमने फोन कर व वाट्सअप मैसेज कर इस मामले में उनका पक्ष जानना चाहा लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। </p>
<p><strong>कोचिंग का छात्र दो दिन से लापता</strong><br />कलम का कुआं निवासी महेन्द्र बंजारा ने बताया कि उनका 13 वर्षीय पुत्र दिलीप बंजारा रानपुर रीको स्थित मोशन कोचिंग में पढ़ता है। वह 27 फरवरी को सुबह 9.30 बजे घर से कोचिंग जाने के लिए निकला था। लेकिन वापस घर नहीं आया। इस पर जब कोचिंग में जाकर पता किया तो मालूम हुआ कि वह कोचिंग ही नहीं पहुंचा। उसके बाद सभी जगह पर उसकी तलाश की गई लेकिन पता नहीं चला। इस पर महेन्द्र ने रानपुर थाने में रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में बताया कि दिलीप आॅटो टैम्पो से केवल नगर से जगपुरा आता जाता है। उसने कोचिंग की ड्रेस व सफेद जूते पहन रखे हैं। उसका रंग गेहुंआ है। कद 4.5 फीट है। थानाधिकारी राम विकास मीणा ने बताया कि महेन्द्र बंजारा की रिपोर्ट पर मामला बीएमएस की धारा 137(2) का होने पर मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। सीसीटीवी भी खंगाले जा रहे हैं। </p>
<p>मेरा लड़का मोशन कोचिंग संस्थान में पढ़ता है। 27 फरवरी को वह कोचिंग में नहीं पहुंचा तो कोचिंग से फोन आया कि बच्चा एक्जाम देने नहीं आया। उसके बाद से उसे लगातार ढूंढ रहे हैं। बच्चे का अब तक पता नहीं चला है। अकेले उसकी क्लास में पचास से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं।  <br /><strong>- महेन्द्र बंजारा लापता छात्र के पिता</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Mar 2025 09:37:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आईएफएमएस में कई प्रावधान को लेकर संशोधन, वित्त विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के संशोधित अनुमान को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/finance-department-issued-guidelines-for-several-provisions-in-ifms/article-102562"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/secretariat.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के संशोधित अनुमान को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। बजट फाइनलाइजेशन कमेटियों की बैठकें पूरी होने के बाद संबंधित विभागों के लिए इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (IFMS) में प्रावधान उपलब्ध कराए गए हैं। </p>
<p>अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त अखिल अरोड़ा ने आदेश जारी किए है। विभागीय आदेश के अनुसार, बजट नियंत्रक अधिकारी सुनिश्चित करें कि: यदि उपलब्ध प्रावधान बजट अनुमान 2024-25 से अधिक हैं, तो इस अतिरिक्तता को शामिल करने के लिए अनुपूरक अनुदान प्रस्ताव समय सीमा के भीतर वित्त विभाग को भेजा जाए। यदि प्रावधान बजट अनुमान से कम हैं, तो व्यय को वर्तमान प्रावधानों के दायरे में सीमित किया जाए। </p>
<p>इसके अलावा बीसीओ को निर्देशित किया गया है कि यदि बीएफसी बैठकों के बाद विभाग को मिली अतिरिक्तता या पुनः विनियोजन आईएफएमएस में प्रदर्शित नहीं हो रही है, तो इसे तुरंत वित्त विभाग के संज्ञान में लाया जाए। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि आईएफएमएस में उपलब्ध प्रावधानों के उपयोग के लिए विभागों को फाइलें वित्त विभाग को भेजने की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 18:35:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीसीसीआई ने जारी किए सख्त नियम, गाइडलाइन के उल्लंघन पर हो सकता है आईपीएल बैन</title>
                                    <description><![CDATA[टीम में अनुशासन, एकता और सकारात्मक माहौल सुनिश्चित करने के लिए बीसीसीआई ने 10 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/bcci-has-issued-strict-rules-and-guidelines-ipl-may-be/article-101184"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(5)13.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। टीम में अनुशासन, एकता और सकारात्मक माहौल सुनिश्चित करने के लिए बीसीसीआई ने 10 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की है। इसका पालन नहीं करने पर न केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, बल्कि खिलाड़ी का केन्द्रीय अनुबंध समाप्त करते हुए आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में खेलने पर प्रतिबंध भी लग सकता है। यह गाइडलाइन गुरूवार को खिलाड़ियों को भेजी गई, जिसमें पिछले सप्ताह हुई रिव्यू मीटिंग की सलाह शामिल हैं। </p>
<p>न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज और फिर आस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद रिव्यू मीटिंग बुलाई गई थी, जिसमें टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर, टेस्ट और वनडे कप्तान रोहित शर्मा, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर सहित बीसीसीआई के नए  सचिव बने देवजीत सैकिया भी शामिल थे। </p>
<p><strong>लंबे दौरे पर परिवार के लिए सिर्फ दो हफ्ते :</strong></p>
<p>कोरोना के बाद लंबे दौरों पर खिलाड़ियों के परिवारों की उपस्थिति बहुत सामान्य बात हो गई है, लेकिन बीसीसीआई ने इसे फोकस प्रभावित होने का एक संभावित कारण माना है। नई गाइडलाइन के अनुसार अगर कोई दौरा 45 दिनों का है तो खिलाड़ियों के पार्टनर और बच्चे 14 दिन से अधिक नहीं रुक सकते।</p>
<p><strong>परिवार का खर्चा उठाना होगा खिलाड़ियों को :</strong></p>
<p>परिवार लंबे दौरे पर सिर्फ एक बार ही आ सकता है, जिसके खर्चों का ख्याल खिलाड़ी को ही रखना होगा। परिवार को ले जाने के लिए भी कोच,  कप्तान और बीसीसीआई के जनरल मैनेजर ऑपरेशंस से अनुमति लेनी होगी। बीसीसीआई सिर्फ शेयर्ड एकमोडेशन की व्यवस्था करेगा, बाकी खर्चे खिलाड़ी को ही देने होंगे। इसके अलावा अगर कोई परिवार तय समय से अधिक रुकता है तो वह खर्चा भी खिलाड़ी ही देगा।</p>
<p><strong>खिलाड़ी अब अलग से यात्रा नहीं कर सकेंगे :</strong></p>
<p>रिव्यू मीटिंग में कहा गया था कि कुछ खिलाड़ी मैच या अभ्यास के लिए टीम बस की जगह अलग से यात्रा करते हैं। इससे टीम का अनुशासन भंग होता है। इसके अलावा कुछ खिलाड़ी अभ्यास सत्रों में ग्रुप के साथ समय नहीं बिता रहे हैं, जिससे टीम का माहौल खराब होता है। बीसीसीआई ने कहा है कि अगर किसी खिलाड़ी को किन्हीं विशेष परिस्थितियों में मैच या ट्रेनिंग के लिए अलग से यात्रा करनी है तो उन्हें मुख्य कोच या मुख्य चयनकर्ता से अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा उन्हें अभ्यास सत्र में पूरे समय रहना होगा, भले ही उनकी ट्रेनिंग पहले समाप्त हो गई हो। दौरों पर भी खिलाड़ियों को परिवार के साथ अलग से यात्रा करने की बजाय टीम के साथ ही यात्रा करने का सुझाव दिया गया है। </p>
<p><strong>पर्सनल स्टाफ :</strong></p>
<p>बीसीसीआई ने यह भी कहा है कि खिलाड़ियों को अपने व्यक्तिगत स्टाफ सीमित करने होंगे। इसमें मैनेजर, शेफ, सहायक, सोशल मीडिया टीम और सुरक्षा गॉर्ड शामिल हैं। इससे लॉजिस्टिकल चुनौतियां कम होंगी। बीसीसीआई ने यह भी सलाह दी है कि सीरीज या दौरे के दौरान खिलाड़ी कोई व्यक्तिगत शूट ना करें और फोकस सिर्फ क्रिकेट पर रखें।</p>
<p><strong>घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेना अनिवार्य :</strong></p>
<p>बीसीसीआई ने फिर से दोहराया है कि खिलाड़ी ख़ुद को घरेलू क्रिकेट के लिए उपलब्ध रखें। अगर ऐसा नहीं होता है तो वे अंतरराष्ट्रीय मैचों में चयन और सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के लिए अयोग्य घोषित हो जाएंगे। अपरिहार्य परिस्थितियों और चयन समिति की अनुमति के बाद ही किसी खिलाड़ी को इसमें छूट मिल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jan 2025 11:26:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अभी चालू नहीं हुए ड्राइविंग टेस्ट, ट्रैक के बंद पड़े कैमरे</title>
                                    <description><![CDATA[परिवहन कार्यालय पर पिछले 12 दिन से कैमरा खराब पड़े हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/driving-tests-have-not-started-yet--cameras-of-the-track-are-not-working/article-84164"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/52.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जगपुरा स्थित परिवहन कार्यालय में लगे हाई डेफिनेशन कैमरे अभी तक ठीक नहीं हो पाए हैं। जिसके कारण हर दिन सैंकडों आवेदकों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। परिवहन कार्यालय के ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर लगे कैमरे 25 जून को भारी बारिश के चलते खराब हो गए थे। हालांकि विभाग की ओर से कैमरा को सही करवाने के लिए कोशिश भी की गई लेकिन कैमरा पिछले 3 दिन से खराब हैं। हर दिन बनते हैं औसतन 180 लाइसेंस: जगपुरा स्थित ट्रैक पर हर दिन औसतन 180 ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट लिया जाता है। साथ ही इतने ही लाइसेंस हर दिन जारी होते हैं। ऐसे में कैमरों के खराब होने के चलते ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट देने आए आवेदकों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। विभाग द्वारा कैमरे खराब हो जाने के बाद उन्हें स्थानीय स्तर पर ठीक कराने की कोशिश की थी हालांकि दो दिन कैमरा ने काम भी किया लेकिन फिर से खराब हो जाने के चलते उन्हें जयपुर बदलवाने के लिए भेज दिया गया था जिसके चलते यह देरी हुई। एजेंट विजय प्रजापति ने बताया कि कैमरा खराब होने से सैंकड़ों लाइसेंस पेंडिंग में चले गए हैं। साथ ही रोजाना नए आवेदन आ रहे हैं ऐसे में ये संख्या और बढ़ेगी।</p>
<p><strong>ड्राइविंग स्कूलों में अभी तक शुरू नहीं हुए टेस्ट</strong><br />परिवहन कार्यालय पर पिछले 12 दिन से कैमरा खराब पड़े हैं। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की ओर से ड्राइविंग स्कूल में टेस्ट का प्रावधान देने के बाद अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। ड्राइविंग स्कूल चलाने वालों का कहना है कि केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार स्कूल के पास कम से कम 3 एकड़ भूमि होना आवश्यक है। जो कोटा में किसी भी ड्राइविंग स्कूल के पास नहीं है। साथ ही इतनी बड़ी जमीन शहर के अंदर भी मौजूद नहीं है। ऐसे में इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए तीन एकड़ जमीन यूआईटी, वन विभाग या फिर किसानों से लेनी होगी जो बहुत मंहगी होगी। इस तरह कोटा में ड्राइविंग स्कूल में ही लइसेंस के टेस्ट शुरू होने में लंबा समय लग सकता है।</p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br />मुझे ड्राइविंग टेस्ट के लिए 8 जुलाई की डेट मिली थी, लेकिन यहां पहुंचने पर पता चला कि अभी कैमरा ठीक नहीं हो पाए हैं अब कल आने को बोला है।<br /><strong>- सतीश वर्मा, बोरखेड़ा</strong></p>
<p>ड्राइविंग स्कूल में टेस्ट शुरू करने के लिए स्कूल में पास कम से कम 3 एकड़ जमीन होना आवश्यक है। जो अभी किसी के पास नहीं है। विभाग को इसके लिए बोला है, जमीन मिलने के बाद ही टेस्ट शुरू हो पाएंगे।<br /><strong>- भूपेंद्र गोचर, ड्राइविंग स्कूल संचालक</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />ट्रैक पर लगे कैमरों को सोमवार को बदलने का कार्य किया गया है। कैमरों आज कल में ठीक कर टेस्ट शुरू कर दिए जाएंगे। मौसम खराब होने के कारण परेशानी आ रही थी जिसे ठीक कर लिया गया है।<br /><strong>- दिनेश सिंह सागर, आरटीओ, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jul 2024 16:55:43 +0530</pubDate>
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                <title>मिठाइयों पर अधिकांश दुकानदार नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट</title>
                                    <description><![CDATA[एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम यदि बोर्ड नहीं लिखे होंगे तो यह गंभीर मामला माना जाएगा। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/most-shopkeepers-are-not-writing-expiry-date-on-sweets/article-83405"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/mithaiyop-pr-adhikansh-dukandar-nhi-likh-rhi-expiry-date...kota-news-02-07-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने 2021 में एक पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए थे कि मिठाई की प्रत्येक दुकान पर एक्सपायरी डेट की पर्ची डिस्प्ले बोर्ड पर लगाई जाए। मिठाई निर्माण की तारीख और उस मिठाई की एक्सपायरी डेट प्रत्येक मिठाई की प्लेट के सामने ग्राहक को दिखना चाहिए, लेकिन शहर के कई मिठाई विक्रेता एफएसएसएआई के दिशा निदेर्शों को ही डकार गए और किसी भी मिठाई की दुकान में एफएसएसएआई की गाइडलाइन के अनुसार डिस्प्ले बोर्ड पर मिठाई की एक्सपायरी डेट देखने को नहीं मिल रही है, जबकि गर्मी के दिनों में कई मिठाई एक दिन में ही खराब हो जाती हैं, उनका दूसरे दिन उपयोग नहीं किया जा सकता है। मिठाई विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों के साथ की जा रही धोखाधड़ी को रोकने की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं की जा रही है।  फूड एण्ड सेफ्टी विभाग अधिकारी साढे तीन साल  मिठाई विक्रेताओं को समझाइश ही कर रहे है। दिशा-निदेर्शों का पालन कराने और जुर्माना नहीं कर रहे है।  लोगों को बासी मिठाई खाने से बचाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अक्टूबर 2021 से बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने के आदेश जारी किए थे। इसमें  छोटी  बड़ी सभी दुकानों  पर मिठाई बनाने, उसकी एक्सपायरी डेट, कब तक खाना है कि पूरी जानकारी मिठाई की ट्रे के उपर लिखना जरूरी किया था।  बासी और खराब पर रोक के लिए बनाया था नियम: बासी और पुरानी मिठाइयां बेचने की लगातार आ रही शिकायतों के बाद  भारतीय  खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने इसे 1 अक्टूबर 2021 से लागू किया। तीन साल पहले लागू हुए  इस नियम की कोटा जिले में पालना होती नहीं दिखाई दे रही है। जबकि सरकार ने प्रदेश में भी सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस नियम की पालना कराने के निर्देश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर की ओर से जारी किए हैं। लेकिन पालना अभी भी नहीं हुई है।</p>
<p><strong>जुर्माने का प्रावधान फिर भी कार्रवाई नही</strong><br />एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम नहीं लिखे होने पर पांच लाख तक के जुर्माने का है प्रावधान किसी दुकानदार द्वारा गलत तारीख लिखी है और उसकी शिकायत खाद्य विभाग में हो जाती है तो उस शिकायत के आधार पर दुकान जांच होगी। खाद्य पदार्थ के सैंपल का टेस्ट होगा। खुले रूप से बिकने वाली मिठाई की भीजांच की होती है। एक्सपायरी डेट और मिठाई के दाम यदि बोर्ड नहीं लिखे होंगे तो यह गंभीर मामला माना जाएगा। ऐसी स्थिति एफएसएसएआई का उल्लंघन करने पर गंभीर मामला मानते हुए उस दुकानदार पर पांच लाख रुपए तक का  जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है।  लेकिन शहर में अभी तक किसी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।</p>
<p><strong>7 दिन उपयोग होने वाली मिठाई व ड्राई फ्रूट</strong><br />फूट लडडू, काजू कतली, घेवर, शक्कर पारा, गुड़ पारा, शाही लड्डू मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राई फ्रूट गुजिया, बेदी लडू, काजू केसर बर्फी, काजू ब्रेक्स गुजिया, बादाम लोग, बालूशाही, बादाम बर्फी, केसर बड़ी मलाई, चंद्रकला, केसर गुजिया, मेदा गुजिया, काजू खजूर, पिस्ता लौंग, छोटा केसर घेवर, केसर चंद्रकला, काजू लड्डू, काजू रोज कतली। </p>
<p><strong>कौन सी मिठाई कितने दिन तक उपयोग करने योग्य</strong><br />4 दिन तक उपयोग होने वाली मिठाई: मिल्क केक, पेड़ा, प्लेन बर्फी, मिल्क बफी, पिस्ता बफी, कोकोनट बर्फी, चॉकलेट बफी, सफेद पेड़ा, कोकोनट लड्डू, लाल लड्डू के अतिरिक्त मोतीचूर मोदक, खोया बदाम, मेर्वा भाटी, फ्रूट केक खोया तिल, केसर कोकोनट लड्डू और मलाई घेवर आदि। एक दिन उपयोग में आने वाली मिठाई : कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, रोज कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद। दो दिन तक उपयोग वाली मिठाई:  दुग्ध उत्पादन व मिल्क बादाम रसगुल्ला, रस मालाई, रबाड़ी रसमालाई, शाही टोस्ट, राजभोग, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, हिरमानी व हरी भोग, अनारकली, माधुरी, पाकोजा, रस कदम, रस काटा, सौर मोहन, गुड़ रसमलाई, गुड रबड़ी, गुड़ रसगुल्ला।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में एक अक्टूबर 2021 से खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने का नियम लागू है।  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान मिठाई दुकानदारों को इसके लिए पाबंद किया जा रहा है। विभाग की ओर से अनवरत जांच का अभियान जारी है। दुकानों की जांच कर सैंपल लेने का कार्य जारी है। द बिना एक्सपायरी लिखी मिठाई की दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>- संदीप अग्रवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा</strong></p>
<p><strong>शहर में दो सौ दुकानें</strong><br />एफएसएसआई को टर्नओवर और एक से अधिक दुकान जैसी कई श्रेणी बनाकर इस प्रकार के नियम लगाने चाहिए थे। शहर में करीब दो सौ से अधिक मिठाई की दुकानें हैं। अधिकांश छोटे दुकानदार है कैसे करेंगे नियमों की पालना।<br /><strong>- राजू अग्रवाल , मिठाई व्यापारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jul 2024 15:09:12 +0530</pubDate>
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                <title>वाहिनियों में लगाने होंगे सीसीटीवी और सुझाव पेटी</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cctv-and-suggestion-box-will-have-to-be-installed-in-the-vehicles/article-80456"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/vahini-me-ab-lgane-hone-cctv-or-sujhavpeti...kota-news-05-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा विभाग अब निजी स्कूलों पर नकेल कसने जा रहा है। स्कूल की बाल वाहिनियों में दुर्घटना, अनियमितता, मारपीट, छेड़छाड़ सहित अन्य वारदातों की रोकथाम को लेकर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। साथ ही बाल वाहिनियों के निरीक्षण के लिए स्कूल में एक यातायात समिति गठित करने होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों को नई गाइडलाइन जारी की गई है। जिसमें स्कूल बस का रंग सुनहरी पीला, बस के आगे-पीछे स्कूल बस लिखना, साथ ही अनुबंधित बस, आॅटो, कैब या वैन पर आॅन स्कूल ड्यूटी लिखने के साथ ही पीछे व साइड में 150 मिली मीटर चौड़ाई की सुनहरी पीले रंग की पट्टी और बस के अंदर ड्राइवर के संपर्क संबंधित जानकारियां, वाहन मालिक का नाम, चाइल्ड हेल्पलाइन, यातायात पुलिस, परिवहन विभाग हेल्पलाइन नंबर तथा वाहन की पंजीयन संख्या चमकीले रंग में स्पष्ट रूप से लिखना होगा। वहीं चालक के पास पांच साल का अनुभव व पांच वर्ष पुराना वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना आवश्यक होगा।</p>
<p><strong>गंभीरता से ली जाएगी शिकायतें</strong><br />जिला परिवहन अधिकारी नियमित रूप से अपने स्तर पर शिक्षा विभाग के साथ संयुक्त अभियान में बाल वाहिनी वाहनों की जांच करेंगे, जिसकी हर तीन माह में रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके अलावा मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी बाल वाहिनियों की गाइड लाइन की पालना कराएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से जिला स्तर पर होने वाले संगोष्ठी, सेमिनार, जागरूक कार्यक्रमों में अभिभावकों को गाइडलाइन से अवगत कराएंगे। साथ ही अभिभावकों से प्राप्त होने वाली शिकायतों, समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए निस्तारण करेंगे। वहीं जिले के सभी गैर सरकारी स्कूलों से गाइडलाइन की पूर्ण पालना होने के लिए शपथ पत्र लेंगे।</p>
<p><strong>स्कूल स्तरीय समिति होगी गठित</strong><br />सभी निजी विद्यालयों को स्कूल स्तरीय प्रबंधन संबंधी सदस्य तथा 5 अभिभावकों को शामिल कर स्कूल स्तरीय बाल वाहिनी यातायात समिति का गठन करना होगा, जो वाहनों का नियमित निरीक्षण करेगी। बाल वाहिनी से कक्षावार आने वाले विद्यार्थियों की सूची कक्षा अध्यापक के पास होगी। कक्षा अध्यापक सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों से सुझाव पेटिका के माध्यम से प्राप्त समस्याओं के समाधान के लिए रिपोर्ट तैयार कर संस्था प्रधान को उपलब्ध कराएगा। संस्था प्रधान प्रत्येक माह के अंतिम कार्य दिवस को वाहिनी संचालकों के साथ बैठक करेंगे और समस्याओं का निस्तारण करेंगे। बस के अंदर कम आयु के बच्चों को वाहिनी में आगे की तरफ सुरक्षित स्थान बैठाना होगा।</p>
<p><strong>चालक का होगा वेरिफिकेशन</strong><br />चालक व सहकर्मी सभी बालकों के प्रति एक जैसा व्यवहार रखेगा, किसी भी बालक के लिए कोई द्वेष की भावना ना हो। चालक यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का धुम्रपान, मोबाइल चलाने और अन्य का काम नहीं करना चाहिए। चालक शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ हो, जिसे बस चलाने का कम से कम 5 साल का अनुभव हो। बस चालक स्थानीय होने के साथ ही उसका पुलिस से वेरिफिकेशन हो। बस के भीतर सभी उपकरणों को जांचने और आवश्यक वस्तुओं का होना सुनिश्चित करेगा।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />बालवाहिनियों को लेकर विभाग की ओर से नई गाइडलाइन प्राप्त हो चुकी है। जिसकी पालना सुनिश्चित करवाएंगे। साथ ही निजी विद्यालयों में अभिभावकों को इसे लेकर जागरुक करेंगे।<br /><strong>- के के शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, कोटा</strong></p>
<p>गाइडलाइन की जानकारी है बालवाहिनियों की नियमित जांच करवाते हैं, साथ ही नई गाइडलाइन आने पर उसकी पालना के लिए निजी विद्यालयों को पाबंद करेंगे।<br /><strong>- दिनेश सिंह सागर, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Jun 2024 15:13:51 +0530</pubDate>
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