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                <title>implementation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: 23 नई सेवाएं समयबद्ध कानून में शामिल, लाइसेंस-एनओसी तय समय सीमा में मिलेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली सरकार ने 'राइट टू टाइम बाउंड डिलीवरी एक्ट' के तहत 23 नई सेवाओं को शामिल किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, अब फैक्टरी स्वीकृति, दुकान पंजीकरण, बार लाइसेंस और एनओसी जैसी अनुमतियां 1 से 60 दिनों की निश्चित समय सीमा में मिलेंगी। इस कदम से भ्रष्टाचार रुकेगा और व्यापार करना बेहद आसान होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-delhi-government-23-new-services-included-in/article-157765"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rekha-guprta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 23 नयी सेवाओं को दिल्ली राइट ऑफ सिटिजन टू टाइम बाउंड डिलीवरी ऑफ सर्विसेज एक्ट, 2011 के तहत समयबद्ध सेवा वितरण व्यवस्था में शामिल किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि इस निर्णय से आम नागरिकों के साथ-साथ उद्योग, व्यापार, होटल, पर्यटन, निर्माण और सेवा क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों तथा आम जन को सीधे लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य नागरिकों और कारोबारियों को सरकारी सेवाएं निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराना है। अब विभिन्न विभागों से मिलने वाली महत्वपूर्ण अनुमतियां, लाइसेंस, पंजीकरण और अनापत्ति प्रमाणपत्र तय समय सीमा के भीतर जारी किये जायेंगे। इससे अनावश्यक देरी और कार्यालयों के चक्कर लगाने की समस्या में कमी आयेगी।</p>
<p>सरकार देश की राजधानी दिल्ली को निवेश, व्यापार और रोजगार के लिए अधिक अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। समयबद्ध सेवा वितरण व्यवस्था न केवल नागरिकों का अधिकार सुनिश्चित करेगी बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही को भी मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के लिए लगातार सुधार किये गये हैं। केंद्र सरकार की इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार भी ऐसी व्यवस्थाएं विकसित कर रही है जिनसे उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, स्टार्टअप्स और सेवा क्षेत्र को अधिक सुविधाजनक वातावरण मिल सके।</p>
<p>अब नयी व्यवस्था के अंतर्गत श्रम विभाग में फैक्टरी योजना स्वीकृति 15 दिनों में और दुकान एवं स्थापना अधिनियम के तहत पंजीकरण केवल एक दिन में किया जायेगा। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवरेज कनेक्शन 15 दिनों में उपलब्ध कराया जायेगा, जबकि दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम द्वारा फिल्म शूटिंग की अनुमति 15 दिनों के भीतर प्रदान की जायेगी। इसके अलावा ऊर्जा विभाग के अंतर्गत बिजली मीटर से संबंधित आवेदन और कनेक्शन समझौते की प्रक्रिया 60 दिनों में पूरी की जायेगी। विधिक माप विज्ञान के अंतर्गत दुकानों, उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले तौल-माप उपकरणों के पंजीकरण का कार्य 45 दिनों में पूरा किया जायेगा। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) द्वारा बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अंतर्गत बैटरी अपशिष्ट के संग्रहण, भंडारण, परिवहन एवं पुनर्चक्रण से संबंधित गतिविधियों के लिए आवश्यक प्राधिकरण-पत्र (ऑथराइजेशन) 15 दिनों में जारी किया जायेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि नगर निगम से संबंधित सेवाओं में वाटर स्पोर्ट्स एवं एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालकों के पंजीकरण तथा मनोरंजन पार्क संचालन की सहमति 60 दिनों में, खाद्य व्यवसाय के लिए राज्य लाइसेंस के लिए स्थानीय निकाय का एनओसी 60 दिनों में, होटल पंजीकरण या संचालन अनुमति 60 दिनों में तथा बूचड़खाना लाइसेंस 60 दिनों में जारी किया जायेगा। मोबाइल टावर स्थापना की अनुमति 30 दिनों में तथा निर्माण सामग्री भंडारण की स्वीकृति केवल एक दिन में उपलब्ध करायी जायेगी। कृषि विभाग द्वारा कीटनाशक नियंत्रण संचालन लाइसेंस, बिक्री पंजीकरण और बीज लाइसेंस की प्रक्रियाएं 21-21 दिनों में पूरी की जायेंगी।</p>
<p>आबकारी विभाग के अंतर्गत बार लाइसेंस 30 दिनों में, आईएमएफएल श्रेणी के ब्रैंड/लेबल पंजीकरण 42 दिनों में और एफएल श्रेणी के ब्रांड/लेबल पंजीकरण 42 दिनों में किये जायेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा दिल्ली प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज एक्ट के तहत वृक्ष कटान संबंधी अनुमति के आवेदनों पर 60 दिनों के भीतर निर्णय लिया जायेगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा रोड कटिंग और उससे जुड़े अन्य कार्यों से संबंधित अनुमति 45 दिनों में प्रदान की जायेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 19:00:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेएलएनएच में दवा वितरण हुआ डिजिटल: ऑनलाइन डिमांड व्यवस्था लागू, कंप्यूटर प्रशिक्षण के अभाव में नर्सिंगकर्मी चिंतितं</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर के जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय में दवा वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए इनडोर वार्डों से दवाओं की मांग ऑनलाइन भेजने की व्यवस्था शुरू की गई है। इस डिजिटल कदम से दवाओं के स्टॉक और खपत का सटीक रिकॉर्ड रहेगा, हालांकि कंप्यूटर ज्ञान और प्रशिक्षण के अभाव के कारण नर्सिंगकर्मियों ने इस नई प्रणाली पर चिंता जताई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/medicines-distributed-in-jlnh-digital-online-demand-system-implemented-nursing/article-157772"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/hos.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। जेएलएनएच के इनडोर वार्डों में दवाओं की ऑनलाइन डिमांड व्यवस्था लागू, कंप्यूटर ज्ञान के अभाव में नर्सिंगकर्मियों की बढ़ी चिंता प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय (जेएलएनएच) में दवा वितरण व्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है। अस्पताल प्रशासन ने इनडोर वार्डों से दवाओं की मांग (डिमांड) अब ऑनलाइन माध्यम से भेजने के निर्देश दिए हैं। इस नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक वार्ड की नर्सिंग स्टाफ को कंप्यूटर सिस्टम के जरिए दवाओं की मांग दर्ज कर अस्पताल की दवा भंडार शाखा को भेजनी होगी। </p>
<p>हालांकि, अस्पताल प्रशासन की यह पहल दवा वितरण प्रणाली को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से की गई है, लेकिन कई नर्सिंगकर्मियों ने इस व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अस्पताल के अनेक नर्सिंगकर्मियों को कंप्यूटर संचालन का पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला है, जिससे उन्हें ऑनलाइन डिमांड प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता की उम्मीद अस्पताल प्रशासन का मानना है कि ऑनलाइन डिमांड प्रणाली लागू होने से वार्डों में दवाओं की उपलब्धता की वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड तैयार होगा।</p>
<p>किस वार्ड ने कब, कितनी और कौन-सी दवा मांगी, इसका पूरा ब्यौरा डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा। इससे दवाओं की अनावश्यक मांग, स्टॉक में गड़बड़ी और रिकॉर्ड संधारण की समस्याओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा। इसके अलावा दवा स्टोर में भी दवाओं के वितरण और स्टॉक प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। भविष्य में दवाओं की खपत का आकलन करना भी आसान होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:56:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल कर्मचारियों को बड़ा तोहफा: डीए में 20% की बढ़ोतरी, अक्टूबर से मिलेगा 38% महंगाई भत्ता</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने बजट में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 20% अतिरिक्त डीए/डीआर की घोषणा की है। इसके साथ ही कुल डीए बढ़कर 38% हो जाएगा, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। चुनावी वादे को पूरा करने की दिशा में यह राज्य की अब तक की सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-gift-to-west-bengal-employees-da-increased-by-20/article-157736"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/west-bengal-budget-2026.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने सोमवार को वर्ष 2026 के राज्य बजट में राज्य सरकार के कर्मचारियों, अर्ध-सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए एक बड़े राहत पैकेज की घोषणा की। बजट की घोषणा के अनुसार, मौजूदा 18 प्रतिशत महंगाई भत्ते के अलावा अतिरिक्त 20 प्रतिशत डीए दिया जाएगा, जिससे कुल डीए 38 प्रतिशत हो जाएगा। पेंशनभोगियों को भी इसी दर पर अतिरिक्त 20 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) मिलेगी। बढ़ी हुई डीए और डीआर दरें एक अक्टूबर, 2026 से लागू होंगी। सरकार ने इस घोषणा को सरकारी नीतियों और प्रशासनिक कामकाज को लागू करने में कर्मचारियों के योगदान की मान्यता के तौर पर पेश किया है। भाजपा सरकार ने पहले ही संकेत दिया था कि अपने पहले राज्य बजट में डीए में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है।</p>
<p>विधानसभा चुनावों से पहले, पार्टी के चुनावी घोषणा-पत्र में वादा किया गया था कि अगर वे सत्ता में आए, तो राज्य सरकार के कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों को केंद्र सरकार की दरों पर डीए दिया जाएगा। सोमवार को बजट में की गई घोषणा राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाती है। बढ़ोतरी के बावजूद, राज्य और केंद्र सरकार की डीए दरों के बीच अंतर बना हुआ है। इस नई बढ़ोतरी के साथ, पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों का डीए बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अभी 58 प्रतिशत डीए मिलता है, जिससे 20 प्रतिशत का अंतर बना हुआ है।</p>
<p>पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए डीए में की गई यह बढ़ोतरी अब तक की सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी में से एक है। रिपोर्टों के अनुसार, कर्मचारी संगठनों को पहले ही बढ़ोतरी की संभावना के संकेत मिल गए थे और उन्हें ऐसी घोषणा की उम्मीद थी। कर्मचारियों के संयुक्त मंच के नेताओं ने बजट पेश होने से पहले बकाया डीए का भुगतान करने, स्थायी पद सृजित करने और अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बेहतर वेतन संरचना लागू करने की मांगें भी उठाई थीं। इस ताज़ा घोषणा से पूरे पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार के कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों को बहुत राहत मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 16:11:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>20 साल पुराने यूरोपीय प्रोजेक्ट पर 2023 से खर्च शून्य: जल सुधार की रिपोर्ट गौण ; 450 करोड़ का यूरोपीय संघ जल सुधार कार्यक्रम, कितनी बदली राजस्थान की तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में जल प्रबंधन के लिए शुरू हुई 450 करोड़ की यूरोपीय संघ परियोजना सवालों के घेरे में है। 415.66 करोड़ रुपये खर्च होने और जल नीति-2010 जैसी उपलब्धियों के बावजूद, पिछले तीन वर्षों (2023-26) से व्यय शून्य बना हुआ है। विशेषज्ञ जमीनी स्तर पर इसके वास्तविक प्रभाव और रखरखाव पर सवाल उठा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/zero-expenditure-on-20-year-old-european-project-from-2023/article-157627"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(1)44.png" alt=""></a><br /><div>जयपुर। राजस्थान में जल प्रबंधन सुधार और भूजल संरक्षण के लिए वर्ष 2006 में शुरू किया गया यूरोपीय संघ (यूरोपियन यूनियन) समर्थित स्टेट पार्टनरशिप प्रोग्राम (एसपीपी)द्ध एक बार फिर चर्चा में है। करीब 450 करोड़ की परियोजना को जल क्षेत्र में सुधार की बड़ी पहल बताया गया, लेकिन उपलब्ध आंकड़े से भारी निवेश के बावजूद इसके वास्तविक प्रभाव और वर्तमान स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यूरोपीय संघ ने इस परियोजना के लिए 80 मिलियन यूरो (करीब 450 करोड़ रुपए) का अनुदान स्वीकृत किया था। अब तक 61.675 मिलियन यूरो 418.83 करोड़ रुपए) जारी किए जा चुके हैं, जबकि 31 मई 2026 तक कुल खर्च 415.66 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है।</div>
<div> </div>
<div><strong>11 जिलों की 3,182 ग्राम पंचायतें शामिल</strong></div>
<div> </div>
<div>परियोजना का उद्देश्य राज्य में जल क्षेत्र सुधार, भूजल संरक्षण, सुरक्षित पेयजल उपलब्धता और पंचायतों की भागीदारी को मजबूत करना था। इसके तहत 11 जिलों की 82 पंचायत समितियों और 3182 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया। हालांकि सबसे बड़ा सवाल यह है कि परियोजना पर 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ। वित्तीय प्रगति रिपोर्ट में लगातार तीन वर्षों तक व्यय शून्य दर्शाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परियोजना के तहत तैयार किए गए जल प्रबंधन मॉडल इतने सफल रहे, तो फिर उनके विस्तार और रखरखाव पर खर्च क्यों नहीं हुआ? वहीं सरकारी दस्तावेज परियोजना की उपलब्धियों में जल नीति-2010, एक्विफर मैपिंग, जल जागरूकता अभियान, नदी बेसिन प्राधिकरण गठन और 14 अंतर.बेसिन जलांतरण योजनाओं की तैयारी को प्रमुख उपलब्धि बताते हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>उठते सवाल...</strong></div>
<div> </div>
<div>
<ul>
<li>450 करोड़ की परियोजना के बावजूद जल संकट वाले क्षेत्रों में स्थिति कितनी बदली, इसका स्पष्ट मूल्यांकन सार्वजनिक नहीं।</li>
<li>2023-24 से लगातार तीन वर्षों तक व्यय शून्य रहना परियोजना की सक्रियता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।</li>
<li>कई उपलब्धियां अध्ययन, कार्यशाला और योजनाओं तक सीमित दिखाई देती हैं, जबकि जमीनी प्रभाव के आंकड़े सीमित हैं।</li>
<li>14 जलांतरण योजनाएं बनीं, लेकिन कितनी लागू हुईं, इसका उल्लेख नहीं है।</li>
<li>परियोजना समाप्ति के बाद बनाए गए ढांचे और संस्थाओं की वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं है।</li>
</ul>
</div>
<div><strong>परियोजना की प्रमुख उपलब्धियां</strong></div>
<div> </div>
<div>
<ul>
<li>राज्य जल नीति-2010 लागू</li>
<li>3182 ग्राम पंचायतों में जल प्रबंधन योजनाएं तैयार</li>
<li>79,550 लोगों को प्रशिक्षण</li>
<li>भूजल एक्विफर मैपिंग और गुगल आधारित डेटा तैयार</li>
<li>जल चेतना यात्रा, जल मेला और जनजागरूकता अभियान</li>
<li>14 अंतर-बेसिन जलांतरण योजनाओं की तैयारी</li>
<li>जल कानूनों के सामंजस्य की पहल</li>
</ul>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 11:36:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>“मंगलम मेगा इंडस्ट्रियल पार्क” में विकास कार्यों ने पकड़ी रफ्तार, उद्योगों की शुरुआत भी हुई </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के सीकर रोड (चोमू) में मंगलम मेगा इंडस्ट्रियल पार्क का निर्माण तेजी से जारी है। VKIA से मात्र 35 मिनट की दूरी पर स्थित इस पार्क में प्रशासनिक कार्यालय, मुख्य द्वार और 5-6 औद्योगिक इकाइयों का काम शुरू हो चुका है। यहाँ RIPS छूट, 33 KV GSS और 80 फीट चौड़ी सड़कें जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/development-works-gained-momentum-in-%E2%80%9Cmangalam-mega-industrial-park%E2%80%9D-industries/article-156016"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/manglam.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। MIC और MIC-2 की शानदार सफलता के बाद मंगलम बिल्डर्स का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “मंगलम मेगा इंडस्ट्रियल पार्क” तेजी से आकार ले रहा है। इटावा, सीकर रोड, चोमू (जयपुर) में विकसित हो रहा यह आधुनिक इंडस्ट्रियल पार्क उद्योगों के लिए एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। VKIA से मात्र 35 मिनट की दूरी पर स्थित होने के कारण इसकी कनेक्टिविटी भी निवेशकों और उद्यमियों को आकर्षित कर रही है। प्रोजेक्ट के डीजीएम विजय सिंह ने बताया कि पार्क में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रोजेक्ट का प्रशासनिक कार्यालय एवं मुख्य प्रवेश द्वार (Main Gate) पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 5 से 6 औद्योगिक इकाइयों का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पार्क में 33 केवी के समर्पित GSS का कार्य प्रगति पर है तथा ओवरहेड टैंक के माध्यम से जल आपूर्ति व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके अलावा 80 फीट चौड़ी डामर सड़कें, पूर्ण औद्योगिक स्वीकृति, RIPS के तहत स्टांप ड्यूटी में छूट, लोन एवं सब्सिडी सुविधाएं, गेटेड एंट्री के साथ 24×7 सुरक्षा, EV चार्जिंग स्टेशन, ट्रक पार्किंग, हरित पार्क, स्ट्रीट लाइट्स और भव्य प्रवेश द्वार जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। मंगलम समूह के अनुसार, यह प्रोजेक्ट उद्योगों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 17:54:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>औद्योगिक कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती: रीको और पीडब्ल्यूडी मिलकर करेंगे सड़कों का निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए रीको और PWD मिलकर 50-50% वित्तीय साझेदारी से 38 एप्रोच सड़कों का विकास करेंगे। PWD ने ₹290.82 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है, जिससे 16 जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों की लगभग 205 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/industrial-connectivity-will-be-strengthened-rico-and-pwd-will-jointly/article-155896"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/ricco.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रीको द्वारा राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी एवं आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य के कई रीको औद्योगिक क्षेत्र राज्य राजमार्गों से जुड़े हुए हैं, जहां उद्योगों के कच्चे माल और तैयार उत्पादों के सुगम परिवहन हेतु सड़कों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण आवश्यक है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए रीको एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा 38 सड़कों का विकास कोस्ट शेयरिंग मॉडल पर किया जायेगा। इसके अंतर्गत कुल व्यय का 50 प्रतिशत भाग रीको द्वारा वहन किया जायेगा। रीको के 38 औद्योगिक क्षेत्रों की एप्रोच सड़कों की पहचान की गई है, जो सार्वजनिक निर्माण विभाग से संबंधित हैं।</p>
<p>इन सड़कों की कुल लंबाई लगभग 205 किलोमीटर है, जिनके सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण पर लगभग 290 करोड़ रुपये का व्यय होगा। ये सड़कें आबूरोड, अजमेर, बालोतरा, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, चुरू, दौसा, जयपुर, जालौर, झालावाड़, कोटा, नीमराना, सवाई माधोपुर, श्रीगंगानगर और उदयपुर के औद्योगिक क्षेत्रों को लाभान्वित करेंगी। इन सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग, राजस्थान सरकार के माध्यम से किया जायेगा, जिसमें रीको और पीडब्ल्यूडी की 50-50 प्रतिशत वित्तीय साझेदारी होगी। सार्वजानिक निर्माण विभाग (PWD) ने 205 किमी लंबी 38 सड़को के निर्माण के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति राशि रुपये 290.82 करोड़ दिनांक 06.05.2026 को जारी कर दी गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:32:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रेट निकोबार परियोजना पर जयराम रमेश का पत्र: कांग्रेस ने जताई पर्यावरण पर चिंता, केंद्र से की समीक्षा की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखकर ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपर्याप्त पर्यावरण प्रभाव आकलन के कारण द्वीप की अनूठी जैव विविधता, समुद्री पारिस्थितिकी और आदिवासी समुदायों पर गंभीर और विनाशकारी संकट मंडरा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jairam-ramesh-wrote-a-letter-to-bhupendra-yadav-appealing-for/article-155817"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/great-nicobar-project-ngt-clearance-malacca-trade-hub-2026.webp" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से इस पर पुनर्विचार करने और पर्यावरणीय पहलुओं का समुचित आकलन कराने की अपील की है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को बुधवार को पत्र लिखकर कहा कि परियोजना को दी गई पर्यावरणीय मंजूरी अपर्याप्त पर्यावरण प्रभाव आकलन अध्ययनों पर आधारित है। उनका दावा है कि इससे द्वीप की जैव विविधता, समुद्री पारिस्थितिकी तथा स्वदेशी समुदायों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p>रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर पत्र साझा करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से इस विषय पर उनका और मंत्री के बीच पत्राचार जारी है। परियोजना से संभावित पर्यावरणीय नुकसान पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए तथा संबंधित रिपोर्टों को सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए तैयार पर्यावरण प्रभाव आकलन रिपोर्ट पर्याप्त प्राथमिक आंकड़ों पर आधारित नहीं है तथा इसमें द्वीप की संवेदनशील पारिस्थितिकी से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की गई है।</p>
<p>रमेश ने गलाथिया खाड़ी क्षेत्र में तटीय कटाव संबंधी रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि परियोजना के दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रभावों का स्वतंत्र और व्यापक अध्ययन कराया जाना चाहिए। उन्होंने परियोजना से संबंधित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा स्थानीय एवं आदिवासी समुदायों की चिंताओं को प्राथमिकता देने की मांग भी की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 14:06:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दानिश इकबाल का बड़ा बयान, कहा- कागज पर चल रहे मदरसों की सहायता राशि होनी चाहिए बंद, सरकारी धन के दुरूपयोग का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कागजों पर चल रहे फर्जी मदरसों और संस्थाओं की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि बिना इंफ्रास्ट्रक्चर के चल रहे संस्थानों को दी जाने वाली सरकारी सहायता अविलंब बंद होनी चाहिए और उस राशि का उपयोग सही स्कूलों के विकास में किया जाना चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/danish-iqbals-big-statement-said-assistance-amount-to-madrassas/article-155736"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/madarse.jpg" alt=""></a><br /><p>पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने मंगलवार को कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग कर सिर्फ कागज पर चल रहे मदरसों की जांच कर उनकी सहायता अविलंब बंद कर देनी चाहिए। इकबाल ने बयान जारी कर कहा कि सरकार यदि इस तरह के कागजी मदरसों की जांच करवाती है, तो उसकी सराहना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में बिना बिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के बहुत से मदरसे चलाये जा रहे हैं और इस क्रम में सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कागजी संस्थान फर्जीवाड़े की श्रेणी में आते हैं और उनका खुलासा करते हुए अविलंब कार्रवाई करनी चाहिए।</p>
<p>भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कहा कि उनका वक्तव्य केवल मदरसों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी बहुत सी संस्थाएं चलाई जा रही हैं, जो सरकारी पैसे के दुरुपयोग के लिए कागजों पर बनाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी सभी संस्थाओं की जांच करनी चाहिए और उनकी सहायता बंद कर सुरक्षित की गई राशि का उपयोग सही ढंग से संचालित स्कूलों में बच्चों के भविष्य निर्माण तथा अन्य विकास कार्यों में करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:36:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली रूट पर निजी बस परमिट की तैयारी : रोडवेज प्रशासन ने जताया विरोध, कहा- नए निजी परमिट से रोडवेज को होगा आर्थिक नुकसान </title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली रूट पर निजी बसों को उपनगरीय परमिट देने के फैसले के खिलाफ राजस्थान रोडवेज ने परिवहन विभाग में कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। रोडवेज ने तर्क दिया कि हाईवे पर पहले से ही 232 सरकारी बसें चल रही हैं। नए परमिट देने से रोडवेज को भारी आर्थिक नुकसान होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/roadways-administration-expressed-opposition-to-the-preparation-of-private-bus/article-155639"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bus.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दिल्ली रूट पर निजी बसों को उपनगरीय परमिट देने की तैयारी के बीच राजस्थान रोडवेज प्रशासन ने विरोध दर्ज कराया है। रोडवेज ने परिवहन विभाग को भेजी आपत्ति में कहा है कि कोटपूतली-शाहपुरा हाईवे और दिल्ली मार्ग पर पहले से ही पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध है, ऐसे में नए निजी परमिट जारी किए जाने से रोडवेज को आर्थिक नुकसान होगा और भविष्य की परिवहन योजनाएं प्रभावित होंगी। रोडवेज प्रशासन के अनुसार दिल्ली रूट पर राजस्थान रोडवेज की 168 बसें संचालित हो रही हैं, जबकि अन्य राज्यों के परिवहन निगमों की 64 बसें भी इस मार्ग पर चल रही हैं। इस प्रकार कुल 232 बसें एकतरफा रूप से इस रूट पर सेवा दे रही हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में अवैध वाहन भी दिल्ली मार्ग पर संचालित हो रहे हैं, जिनके विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई नहीं होने से स्थिति और जटिल बनी हुई है।</p>
<p>रोडवेज ने यह भी बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत 1500 नई बसें शामिल की जानी हैं तथा जल्द ही 300 इलेक्ट्रिक बसें भी बेड़े में जुड़ेंगी। इनमें से बड़ी संख्या में बसों का संचालन शाहपुरा, कोटपूतली और दिल्ली रूट पर प्रस्तावित है। वर्तमान में हीरापुरा-खाटूश्यामजी और हीरापुरा-शाहपुरा मार्ग की रोडवेज बसें भी हाईवे से होकर संचालित हो रही हैं। रोडवेज प्रशासन ने मांग की है कि निजी बसों को परमिट जारी करने से पहले उसका पक्ष सुना जाए, ताकि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 19:00:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अजेय कुमार की मदन राठौड़ और राधा मोहन से मुलाकात: दिल्ली में हुई राजस्थान के नए संगठन महामंत्री की अहम बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान भाजपा के नए संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल से मुलाकात की। बैठक में आगामी निकाय-पंचायत चुनाव और सरकार के कामकाज पर प्रारंभिक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी आज उनकी मुलाकात संभावित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ajay-kumars-activism-increased-after-meeting-top-leaders-in-delhi/article-155637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ajay-kumra.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के नए संगठन महामंत्री अजय कुमार नियुक्ति के साथ ही दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल से मिले हैं। जानकारी के अनुसार अजेय कुमार ने दोनों से मुलाकात में राजस्थान की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, सरकार के कामकाज और आगामी पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर प्रारंभिक चर्चा की बताएं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी दिल्ली दौरे पर हैं। ऐसे में उनकी आज भाजपा प्रदेश मुख्यालय में अजेय कुमार से मुलाकात भी हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 15:02:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>अशोक गहलोत का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- जनता पर डबल मार कर रही डबल इंजन सरकार </title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने परियोजनाओं में देरी को लेकर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन राज में देश के 1981 और राजस्थान के 53 प्रोजेक्ट्स लेट चल रहे हैं। बाड़मेर रिफाइनरी की लागत 84% बढ़कर 79,459 करोड़ पहुंच चुकी है, जिससे जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ashok-gehlots-attack-on-bjp-government-said-double-engine/article-155609"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ashok-ggehlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: कई प्रोजेक्ट्स में देरी से लागत बढ़ने से आर्थिक भार पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकारों पर हमला बोला है। गहलोत ने कहा है कि डबल इंजन के राज में डबल इंतज़ारशास्त्र  चल रहा है। इंतज़ारशास्त्र के माध्यम से हमने राज्य सरकार को जगाने का प्रयास किया कि किस प्रकार योजनाओं और प्रोजेक्ट्स में देरी न सिर्फ सरकार बल्कि आमजन की जेब और उसको मिलने वाले लाभ पर भारी पड़ता है। मीडिया में आई  खबर दिखाती है कि इंतज़ारशास्त्र सिर्फ राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे देश में चल रहा है। </p>
<p>केंद्र सरकार द्वारा चलाये जा रहे 1981 प्रोजेक्ट्स में से अधिकतर इंतज़ारशास्त्र का शिकार हैं जिसके कारण उनकी लागत 5.65 लाख करोड़ रुपए बढ़ चुकी है। प्रदेश में 81 प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जिनमें से 53 प्रोजेक्ट्स लेट हैं और 10 का बजट बढ़ चुका है। राजस्थान रिफाइनरी जो 2022 में पूरी होनी थी, वह अब 2026 तक खींच दी गई है और उसकी लागत 84.23 प्रतिशत बढ़कर 79,459 करोड़ रुपए पहुंच चुकी है। यदि ये प्रोजेक्ट्स समय पर प्रारम्भ किए जाते या समय पर पूर्ण किए जाते तो 5.65 लाख करोड़ रुपए देश और प्रदेश की जनता की भलाई के काम आते। पीएम जिस डबल इंजन की बात करते हैं वो डबल इंजन जनता पर डबल मार लाता है महंगाई की, डबल भ्रष्टाचार और विकास कार्यों के डबल इंजतार की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 14:10:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का वज्र प्रहार: एक आरएएस सहित 20 की गई नौकरी ; 332 निलंबित 17 की पेंशन बंद, भ्रष्टाचार, अनियमितता और लापरवाही के खिलाफ  मिशन जीरो टोलरेंस</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक आरएएस सहित 20 भ्रष्ट अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। सरकार ने 332 कार्मिकों को निलंबित किया और 17 सेवानिवृत्त अधिकारियों की आजीवन पेंशन रोकी है। कुल 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति देकर 577 मामलों की जांच जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-sharmas-thunderbolt-20-jobs-including-one/article-155573"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bhajanlal.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब तक एक आरएएस अधिकारी सहित 20 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है जबकि 332 अधिकारियों और कार्मिकों को निलंबित किया गया है। 17 कार्मिकों की पेंशन बंद की गई है तथा 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति जारी कर भ्रष्टाचार के आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाया गया है। इसके अलावा अनुशासनहीनता एवं लापरवाही के 577 मामलों की जांच जारी है। </p>
<p><strong>मुख्यमंत्री के प्रहार से इन अधिकारियों की गई नौकरी</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री के प्रहार के बाद सेवा से हटाए गए अधिकारियों में आरएएस नरसिंह, उपनिदेशक डॉ. पीआर खींची, सहायक आचार्य डॉ, सुनील व्यास, तकनीकी शिक्षा की प्रवक्ता प्रियंका दिवाकर और कृषि अधिकारी शीना लुकोश शामिल हैं। वहीं व्याख्याता अमृत लाल मीणा, सहायक आचार्य वैजयंती मीणा, चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार, खनिज अभियंता अनिल खिमेसरा और लेखा सेवा के नरेंद्र तंवर को सेवा से बर्खास्त किया गया है। इसी प्रकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तत्कालीन अतिरिक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह एवं पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक संजय पांडे को सेवा से हटाया गया है। वहीं, पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन विकास अधिकारी सुवाणा भीलवाड़ा भरत प्रकाश मेघवाल, तत्कालीन कृषि उप निदेशक झुंझुनूं राजेश कुमार नैनावत, तत्कालीन सहायक आयुक्त भरतपुर वित्त कर महावीर सिंह आसीवाल, तीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम मोहन सिंह चौहान सीएचसी बिछीवाड़ा डूंगरपुर, डॉ. मुरलीधर शर्मा सीएचसी रामगढ़ पचवारा दौसा और डॉ. मनोहर लाल सीएचसी रामगढ़ अलवर को सेवा से बर्खास्त किया गया है। पीएचईडी की अलवर प्रयोगशाला के वरिष्ठ रसायनज्ञ प्रदीप कुमार हजरती और हरिसिंह मीना तत्कालीन एपीपीए एसीजेएम-4 कोटा को एसीबी कोर्ट द्वारा सजा सुनाये जाने के बाद नौकरी से हटाया गया है।</p>
<p><strong>सेवानिवृत्ति के बाद भी कार्रवाई </strong></p>
<p>सरकार ने 17 अधिकारियों को भ्रष्टाचार सहित विभिन्न मामलों में आजीवन शत-प्रतिशत पेंशन रोक कर दण्डित किया है। उन्होंने आरएएस फतेह राय सोनी, पीटीआई फूलाराम फगेड़िया, अतिरिक्त निदेशक खान राकेश हीरात और आरपीएस ओमप्रकाश चंदोलिया की आजीवन पूरी पेंशन एवं चिकित्सा अधिकारी डा. निधि मेहरोत्रा की पूर्ण पेंशन एवं ग्रेच्युटी आजीवन रोककर दंडित किया है। आजीवन पेंशन रोकने वाले अधिकारियों में बनवारी लाल मीणा, आरएएसए उप सचिव नगर विकास न्यास अलवर, चिकित्सा विभाग के प्रमुख विशेषज्ञ डॉ. त्रिलोक चंद गगरानी, डॉ. शिवनारायण यादव, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी सीएचसी नीमराणा अलवर देवेन्द्र सिंह ढिल्लो, आरएएसए उप सचिव यूआईटी अलवर मनोहर लाल सिसोदिया, बीडीओ कपासन तत्कालीन कनिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद कोठारी सीएचसी मांडलगढ भीलवाड़ा, डॉ. कल्पना श्रीवास्तव, चिकित्साधिकारी गंगरार-चित्तौडगढ़, नृसिंह रेबारी, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी प्रतापगढ़, सुरेश माथुर, अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी जैसलमेर, महेन्द्र सिंह आरपीएस वृत्ताधिकारी सवाई माधोपुर, डॉ. लक्ष्मण दत्त शर्मा चिकित्साधिकारी निवाई टोंक, डॉ. अविनाश कुमार शर्मा सहायक निदेशक पशुधन विकास बांसवाड़ा, देशराज नूनिया, अधिशासी अभियंता आईजीएनपी मोहनगढ़ जैसलमेर शामिल हैं। वहीं पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता अशोक कुमार शर्मा की 3 वार्षिक वेतन वृद्धियां वापस ली गई हैं। </p>
<p><strong>अभियोजन के बाद गिरी गाज </strong></p>
<p>राज्य सरकार द्वारा 577 प्रकरणों में जांच कर जिम्मेदारी तय की जा रही है। इसी प्रकार अखिल भारतीय सेवा के 9 प्रकरणों की जांच जारी है। उन्होंने रिश्वत, ट्रैप, पद का दुरूपयोग, आय से अधिक संपत्ति प्रकरणों के 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 09:10:05 +0530</pubDate>
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