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                <title>sudan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सूडान में भयावह हादसा: नाव पलटने से 15 लोगों की मौत; कई लापता, बचाव और राहत कार्य जारी</title>
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                        <![CDATA[खार्तूम में नाइल नदी प्रांत में यात्री नाव पलटने से कम से कम 15 लोगों की मौत हुई। आठ को बचाया गया, कई लापता। उच्च लहरों और कमजोर सुरक्षा मानकों को हादसे का कारण बताया गया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/horrific-accident-in-sudan-15-people-died-after-boat-capsized/article-142957"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>खार्तूम। उत्तरी सूडान के नाइल नदी प्रांत में यात्री नौका के डूबने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गयी। सूडान के नागरिक सुरक्षा प्राधिकरण के एक सूत्र ने बुधवार को यह जानकारी दी। </p>
<p>सूत्रों के अनुसार, लकड़ी की नाव तैयबा अल-खावद और दैम अल-कराई गांवों के बीच यात्रा कर रही थी और उसमें महिलाओं, बुजुर्गों तथा बच्चों समेत 27 से अधिक यात्री सवार थे। उच्च लहरों के कारण नाव पलट गयी। घटना की सूचना मिलते ही नागरिक सुरक्षा इकाइयां मौके पर पहुंचीं। अब तक 15 से अधिक शव बरामद किये जा चुके हैं। आठ लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि करीब चार अन्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। </p>
<p>इस बीच स्वैच्छिक संगठन सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने भी एक बयान में हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि 15 से अधिक शव निकाले जा चुके हैं और छह लोग जीवित बचे हैं, जबकि स्थानीय निवासी और नागरिक सुरक्षा बल लापता यात्रियों की तलाश जारी रखे हुए हैं। संगठन ने नदी परिवहन की असुरक्षा और बुनियादी सुरक्षा मानकों की कमी को रेखांकित करते हुए संबंधित अधिकारियों से विशेष बचाव दल और खोज एवं बरामदगी उपकरण तैनात करने की अपील की। साथ ही, भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए नदी परिवहन सुरक्षा को मजबूत करने की मांग की। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि सूडान में नील नदी के दोनों किनारों को जोडऩे वाले पुलों की संख्या सीमित होने के कारण, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में पारंपरिक नावों का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इससे इस तरह की दुर्घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने बाढ़ के मौसम में विशेष रूप से कच्ची लकड़ी की नावों से यात्रा करने से बचने की चेतावनी दी है, ताकि डूबने से होने वाली घटनाओं और जानमाल के नुकसान को रोका जा सके।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 18:42:40 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>सूडान में आरएसएफ के ड्रोन हमलों में 32 लोगों की मौत, अन्य 86 घायल</title>
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                        <![CDATA[मध्य और दक्षिण सूडान में आरएसएफ के ड्रोन हमलों में 32 लोगों की मौत, 86 घायल। सैन्य शिविर और बाजार निशाने पर रहे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/32-killed-86-injured-in-rsf-drone-attacks-in-sudan/article-139408"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/sudan.png" alt=""></a><br /><p>खार्तूम। मध्य और दक्षिण सूडान में सोमवार को रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के ड्रोन हमलों में 32 लोग मारे गए एवं 86 अन्य घायल हो गए। स्थानीय सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सिन्नार के एक सरकारी सूत्र ने बताया कि मध्य सूडान के सिन्नार राज्य के सिन्जा शहर में एक सैन्य शिविर पर आरएसएफ के ड्रोन हमले में कम से कम 27 लोग मारे गए और 73 अन्य घायल हो गए एवं चोटों की गंभीरता के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।</p>
<p>एक चश्मदीद ने कहा कि हमले में सूडानी सेना के 17वें इन्फैंट्री डिवीजन मुख्यालय और पास की बिजली और पानी की सुविधाओं को निशाना बनाया गया था। उन्होंने कहा, शहर में एक साथ और जोरदार धमाके हुए, साथ ही सूडानी सेना के एंटी-एयरक्राफ्ट फायर की आवाज भी आई और बताया कि घायलों को राज्य के कई अस्पतालों में ले जाया गया।</p>
<p>जानकार सूत्रों ने लक्षित की गई जगह की पुष्टि की और कहा कि हमला एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक के दौरान हुआ, जिसमें सिन्नार, व्हाइट नाइल और ब्लू नाइल राज्यों के गवर्नर के साथ ही सैन्य और सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए थे। हमला सीधा बैठक हॉल पर हुआ।</p>
<p>सिन्नार राज्य सरकार ने भी एक बयान जारी कर कहा कि सिजा को सोमवार दोपहर आरएसएफ के एक रणनीतिक ड्रोन ने निशाना साधा था और सूडानी सेना के वायु रक्षा प्रणाली ने ड्रोन को घेर लिया। बयान में आम लोगों के हताहत होने की बात मानी, लेकिन सही संख्या नहीं बताई।</p>
<p>इस बीच, आरएसएफ कमांडर के सलाहकार एल बाशा ताबिग ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि 17वें इन्फैंट्री डिवीजन मुख्यालय पर हमले कोई अलग घटना नहीं है। उन्होंने कहा, जो हुआ वह सैन्य नेतृत्व और युद्ध जारी रखने का समर्थन करने वालों को एक सीधा संदेश देता है, और आने वाले समय में और बढऩे की धमकी दी। </p>
<p>इस बीच, स्वयंसेवी डॉक्टरों और चश्मदीदों ने कहा कि सोमवार को सूडान के दक्षिणी कोर्डोफन राज्य के एक बाजार में ड्रोन हमले में पांच नागरिक लोग मारे गए और 13 अन्य घायल हो गए। एक स्वयंसेवी समूह, सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने एक बयान में कहा कि सुबह का हमला अल-जिबल अल-सिट्टा (सिक्स माउंटेन्स) इलाके में करतला बाजार को लक्ष्य करके किया गया था और इसे आरएसएफ निर्देशित ड्रोन से किया गया था।</p>
<p>नेटवर्क ने आम लोगों पर सीधे हमले की निंदा की और आरएसएफ को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया, इस हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लड़ाई वाले इलाकों में आम लोगों की सुरक्षा करने की अपील की। आरएसएफ ने इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उल्लेखनीय है कि सूडान 15 अप्रैल, 2023 से एक गृहयुद्ध में फंसा हुआ है। जहां सूडानी सेना और आरएसएफ के बीच सत्ता और नियंत्रण के संघर्ष चल रहा है। जिसमें हजारों लोग मारे गए और लाखों लोग बेघर हो गए।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 12:44:51 +0530</pubDate>
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                <title>सूडान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन की वापसी</title>
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                        <![CDATA[सूडान में संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने बताया कि देश में चल रहे संघर्ष में सहायता प्रदान करने के लिये संयुक्त राष्ट्र की ओर से चलाये गये मिशन को पूरा कर लिया गया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/return-of-united-nations-assistance-mission-in-sudan/article-71466"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/transfer-(3)18.jpg" alt=""></a><br /><p>संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने कहा, सूडान में संयुक्त राष्ट्र एकीकृत संक्रमण सहायता मिशन  ने स्थानीय समयानुसार गुरुवार को सूडान से अपनी वापसी पूरी कर ली।</p>
<p>सूडान में संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने बताया कि देश में चल रहे संघर्ष में सहायता प्रदान करने के लिये संयुक्त राष्ट्र की ओर से चलाये गये मिशन को पूरा कर लिया गया।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के मुख्य प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक बयान में गुरुवार को कहा कि सूडान में संयुक्त राष्ट्र एकीकृत संक्रमण सहायता मिशन (यूनीटैम्स) को पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि गुटेरेस ने मिशन के दौरान सूडान के लोगों के प्रति उनके समर्पण और सेवा के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय यूनिटैम्स कर्मियों की सराहना की है। </p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि महासचिव को एक मार्च को मिशन की परिसमापन प्रक्रिया यथासंभव सुचारू और तेजी से पूरी करने के लिए सूडानी अधिकारियों के पूर्ण सहयोग की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सूडान में जारी संघर्ष कानून के शासन तथा नागरिकों की सुरक्षा को और भी कमजोर कर रहा है, साथ ही पूरे देश और क्षेत्र को खतरे में डाल रहा है। गुटेरेस ने संघर्षरत पक्षों से अपने हथियार डालने और व्यापक-आधारित शांति (एजेंसी) के लिए प्रतिबद्ध होने का आह्वान किया, जिससे नागरिक नेतृत्व वाले लोकतांत्रिक परिवर्तन की बहाली हो सके। सूडान के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के निजी दूत रामताने लामामरा ने मध्यस्थता प्रयासों के समर्थन में अपना काम शुरू कर दिया है।</p>
<p>इस संबंध में निरंतर अंतरराष्ट्रीय समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रवक्ता ने कहा, गुटेरेस ने सूडानी अधिकारियों से इस अत्यंत आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए अपना सहयोग जारी रखने का आह्वान किया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सूडानी अधिकारियों के अनुरोध पर यूनीटैम्स के जनादेश को समाप्त करने के लिए एक दिसंबर, 2023 को एक प्रस्ताव अपनाया।</p>
<p>गौरतलब है कि सूडानी सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक समूह रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच युद्ध छिडऩे के बाद से यूनीटैम्स और सूडान के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Feb 2024 14:39:02 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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                <title>आरएसएफ के खिलाफ पूरी घातक शक्ति का इस्तेमाल करेगा सूडान</title>
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                        <![CDATA[ सूडान में चल रहे युद्धविराम के बीच, सूडानी सेना के प्रमुख अब्देल फतह अल-बुरहान ने चेतावनी दी है कि अगर प्रतिद्वंद्वी कोई जवाब नहीं देता है तो युद्धरत प्रतिद्वंद्वी अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) के खिलाफ पूरी घातक शक्ति का इस्तेमाल किया जायेगा। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/sudan-to-use-full-lethal-force-against-rsf/article-47318"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/666666.png" alt=""></a><br /><p>खार्तूम। सूडान में चल रहे युद्धविराम के बीच, सूडानी सेना के प्रमुख अब्देल फतह अल-बुरहान ने चेतावनी दी है कि अगर प्रतिद्वंद्वी कोई जवाब नहीं देता है तो युद्धरत प्रतिद्वंद्वी अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) के खिलाफ पूरी घातक शक्ति का इस्तेमाल किया जायेगा। सूडान के सशस्त्र बलों (एसएएफ) और प्रतिद्वन्द्वी त्वरित समर्थन बलों (आरएसएफ) के बीच 15 अप्रैल को युद्ध भड़क उठा था। फिलहाल दोनों पक्षों ने युद्धविराम की घोषणा कर रखी है।</p>
<p>एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मिलिट्री मीडिया द्वारा जारी एक बयान के अनुसार अल-बुरहान ने मंगलवार को सूडानी सेना की कुछ इकाइयों का निरीक्षण करते हुए यह टिप्पणी की। अल-बुरहान ने कहा, ''सेना लोगों की ओर से यह लड़ाई लड़ रही है और अभी तक अपनी पूरी घातक ताकत का इस्तेमाल नहीं किया है।"</p>
<p>अल-बुरहान के हवाले से कहा गया है, देश के सभी हिस्सों पर नियंत्रण करने के बाद भी सभी सैन्य क्षेत्रों और डिवीजनों ने अपनी सभी ताकतों को बनाए रखा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सशस्त्र बल जीत तक लडऩे के लिए तैयार रहेंगे। इस बीच अल-बुरहान ने पुष्टि की कि सूडानी सेना नागरिकों के लिए सेवाओं के प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के लिए संघर्ष विराम समझौते का विस्तार करने पर सहमत हुई है। सोमवार को, सऊदी अरब और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान में घोषणा की है कि सूडानी युद्धरत पक्ष 20 मई को दोनों पक्षों द्वारा हस्ताक्षरित संघर्षविराम समझौते के पांच दिनों के विस्तार पर सहमत हुए हैं।</p>
<p>बयान में कहा गया है कि यह विस्तार मानवीय सहायता, आवश्यक सेवाओं की बहाली और संभावित दीर्घकालिक विस्तार की चर्चा के लिए एक सही दिशा प्रदान करेगा। वैसे सूडान 15 अप्रैल से राजधानी खार्तूम और अन्य क्षेत्रों में सूडानी सेना और आरएसएफ के बीच घातक सशस्त्र संघर्ष देख रहा है। मानवीय समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से 800 से अधिक लोग मारे गए हैं, और लगभग 1.4 लाख लोगों को अपना घर छोडऩे के लिए मजबूर किया गया है, दस लाख से अधिक लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं और लगभग 345,000 लोग पड़ोसी देशों में शरण मांगने गए हैं। मिलिट्री मीडिया द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, अल-बुरहान ने मंगलवार को सूडानी सेना की कुछ इकाइयों का निरीक्षण करते हुए यह टिप्पणी की।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 May 2023 15:43:55 +0530</pubDate>
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                <title>सूडान से 18 हजार से अधिक लोगों ने इथियोपिया में किया प्रवेश</title>
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                        <![CDATA[ यूएनओसीएचए ने बताया कि कि 440 से अधिक लोग इथियोपिया के बेनिशांगुल में कुरमुक सीमा पार बिंदु के माध्यम से इथियोपिया में प्रवेश कर चुके हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/more-than-18-thousand-people-entered-ethiopia-from-sudan/article-45358"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/manoj-(630-×-400-px)-(2)2.jpg" alt=""></a><br /><p>अदीस अबाबा। सूडान में जारी संघर्ष की स्थिति के कारण इथोपिया पहुंचने वाले लोगों की संख्या 18 हजार से अधिक हो गई है। मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (यूएनओसीएचए) ने यह जानकारी दी है। यूएनओसीएचए ने गुरुवार को जारी अपने नवीनतम स्थिति अद्यतन में कहा कि मेटेमा सीमावर्ती शहर के माध्यम से सूडान से इथियोपिया पहुंचने वाले लोग अब 18 हजार से अधिक हो गए हैं, यूएनओसीएचए ने बताया कि कि 440 से अधिक लोग इथियोपिया के बेनिशांगुल में कुरमुक सीमा पार बिंदु के माध्यम से इथियोपिया में प्रवेश कर चुके हैं। एजेंसी के अनुसार, सूडान में संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार इथोपिया के गाम्बेला क्षेत्र में पागक/बुबिएर सीमा पार से नए लोगों के आने की सूचना मिली है।</p>
<p>यूएनओसीएचए के आंकड़े बताते हैं कि आने वाले लोगों में 60 राष्ट्रीयताओं के लोग है और सबसे बड़ा समूह इथियोपियाई, सूडानी और तुर्की हैं।एजेन्सी ने पहले घोषणा की थी कि जिन्हें पुनर्वास की आवश्यकता है उन लोगों के लिए आश्रय और स्वागत क्षेत्र निर्माणाधीन हैं  और उन्हें आगे चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी। सूडान ने 15 अप्रैल से राजधानी शहर खार्तूम और अन्य क्षेत्रों में सूडानी सेना और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स के बीच घातक सशस्त्र संघर्ष देखा है, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर संघर्ष शुरू करने का आरोप लगाया है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 May 2023 12:58:27 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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                <title>सूडान में आरएसएफ अभी तक सात दिन के युद्धविराम पर सहमत नहीं</title>
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                        <![CDATA[इससे पहले मंगलवार को दक्षिण सूडान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सूडानी सशस्त्र बलों और आरएसएफ के नेताओं ने 4 से 11 मई तक युद्धविराम पर सहमति जताई है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/rsf-in-sudan-yet-to-agree-seven-day-ceasefire/article-44548"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/sudan.png" alt=""></a><br /><p>काहिरा। सूडान में अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) सात दिन के संघर्ष विराम पर अभी तक सहमत नहीं हुआ है। आरएसएफ नेता मोहम्मद हमदान दगालो के सलाहकार यूसुफ इज्जत ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इससे पहले मंगलवार को दक्षिण सूडान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सूडानी सशस्त्र बलों और आरएसएफ के नेताओं ने 4 से 11 मई तक युद्धविराम पर सहमति जताई है। </p>
<p>बयान के अनुसार सूडान सेना के कमांडर इन चीफ जनरल अब्देल फतह अल बुरहान और दगालो ने बातचीत शुरू करने के लिए अपने प्रतिनिधियों का नाम देने पर सहमति व्यक्त की।      इज्जत ने अल अरबिया ब्रॉडकास्टर को बताया कि सात दिनों के युद्धविराम के लिए हमारे समझौते के बारे में बात करना जल्दबाजी होगी। इस बिंदु पर, हम एक सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत नहीं हुए हैं।  </p>
<p>उन्होंने जोर देकर कहा कि आरएसएफ युद्धविराम को अस्वीकार नहीं करता है और सूडान में आंतरिक संघर्ष को हल करने के उद्देश्य से सभी पहलों का स्वागत करता है। सूडान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष में कम से कम 550 लोग मारे गए हैं और लगभग 5,000 घायल हुए हैं।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 May 2023 12:27:08 +0530</pubDate>
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                <title>गुटेरेस ग्रिफिथ्स को भेज रहे हैं सूडान</title>
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                        <![CDATA[उन्होंने कहा कि हम एक बार फिर संघर्ष के सभी पक्षों से नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की रक्षा करने का आग्रह करते हैं और नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग की अनुमति देते हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/guterres-is-sending-griffiths-to-sudan/article-44327"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/guterres.png" alt=""></a><br /><p>संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सूडान में तेजी से बिगड़ते मानवीय संकट को देखते हुए विश्व निकाय के आपातकालीन राहत समन्वयक मार्टिन ग्रिफिथ्स को तत्काल सूडान भेज रहे है। संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने रविवार को यह जानकारी दी। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक बयान में कहा कि सूडान में जो कुछ भी हो रहा है उसका पैमाना और गति अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सूडान और व्यापक क्षेत्र में सभी लोगों पर तत्काल और साथ ही दीर्घकालिक प्रभाव से बेहद चिंतित है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हम एक बार फिर संघर्ष के सभी पक्षों से नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की रक्षा करने का आग्रह करते हैं और नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग की अनुमति देते हैं। सूडान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सूडानी सेना और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स के बीच 15 अप्रैल को हुई झड़पों में 500 से अधिक लोग मारे गए और 4,000 से अधिक घायल हुए हैं। ग्रिफिथ्स ने क्षेत्र की अपनी यात्रा से पहले जारी एक बयान कहा कि संघर्ष शुरू होने के दो सप्ताह बाद से, मानवीय स्थिति ब्रेकिंग पॉइंट पर पहुंच रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सबसे बुरी तरह प्रभावित शहरी केंद्रों, विशेष रूप से खार्तूम में लोगों के अस्तित्व के लिए आवश्यक सामान दुर्लभ होते जा रहे हैं, और लोगों को पानी, भोजन, ईंधन और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं तक पहुंचने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रिफिथ्स ने कहा कि वह यह पता लगाने के लिए इस क्षेत्र में जा रहे हैं कि लाखों लोगों को तत्काल राहत कैसे पहुंचाई जाए।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 May 2023 12:53:56 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur ]]>
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                <title>सूडान से निकाले गए 229 भारतीय बेंगलुरु पहुंचे</title>
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                        <![CDATA[सूडान से बचाए गए भारतीयों का छठा बैच था। ये सूडान से बचाए गए भारतीयों का छठा बैच है। इसके अलावा शनिवार सुबह 231 भारतीयों के साथ एक और विमान नई दिल्ली पहुंचा था। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/229-indians-evacuated-from-sudan-reach-bengaluru/article-44291"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/manoj-(630-×-400-px)-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सूडान में लड़ाई के बीच से 229 भारतीयों को बचाकर कर्नाटक के बेंगलुरु लाया गया है। इन्हें पहले पोर्ट सूडान सऊदी से अरब के जेद्दाह ले जाया गया था। ये सूडान से बचाए गए भारतीयों का सातवां बैच है। बेंगलुरु पहुंचने के बाद यात्रियों ने कहा कि सूडान में इन लोगों के पास पीने का पानी तक नहीं था। ये शौचालय में इस्तेमाल होने वाला पानी पीने को मजबूर थे। अब तक 2700 लोगों को सूडान से निकाला जा चुका है। </p>
<p>इससे पहले रविवार सुबह 365 भारतीय दिल्ली लौट आए थे। सूडान से बचाए गए भारतीयों का छठा बैच था। ये सूडान से बचाए गए भारतीयों का छठा बैच है। इसके अलावा शनिवार सुबह 231 भारतीयों के साथ एक और विमान नई दिल्ली पहुंचा था। </p>
<p><strong>अमेरिका ने भी किया अपने लोगों का रेस्क्यू</strong><br />पहली बार अमेरिका ने भी सूडान में फंसे अपने नागरिकों को रेस्क्यू किया। अमेरिकी बस ने शनिवार को 300 लोगों को सूडान से बाहर निकाला। दरअसलए वहां लड़ाई के बीच फंसे अमेरिकियों के परिजन लगातार सरकार की आलोचना कर रहे थे और अपने लोगों की घर वापसी की मांग कर रहे थे।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 May 2023 09:39:16 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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            <item>
                <title>बंगलादेश सरकार अपने नागरिकों को सूडान से निकालने कदम उठाए है: विदेश मंत्रालय</title>
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                        <![CDATA[ बंगलादेश की सरकार ने सूडान में फंसे उसके नागरिकों को सऊदी अरब के जेद्दा से वापस लाने के लिए कदम उठाए हैं। बंगलादेश के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता सहेली सबरीन ने बताया कि सबसे पहले बंगलादेशी नागरिकों को खार्तूम से पोर्ट सूडान लाकर और वहां से उन्हें जेद्दाह ले जाया जाएगा। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/bangladesh-government-has-taken-steps-to-evacuate-its-citizens-from/article-44218"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/pexels-md-ahsan-mahmud-11255399.jpg" alt=""></a><br /><p>ढाका। बंगलादेश की सरकार ने सूडान में फंसे उसके नागरिकों को सऊदी अरब के जेद्दा से वापस लाने के लिए कदम उठाए हैं। बंगलादेश के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता सहेली सबरीन ने बताया कि सबसे पहले बंगलादेशी नागरिकों को खार्तूम से पोर्ट सूडान लाकर और वहां से उन्हें जेद्दाह ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाद में उन्हें बिमान बंगलादेश एयरलाइंस की कई उड़ानों से बंगलादेश लाया जाएगा। खार्तूम में बंगलादेश दूतावास ने बंगलादेशी नागरिकों को खार्तूम और आस-पास के शहरों से पोर्ट सूडान ले जाने के लिए नौ बसों की व्यवस्था की है और जेद्दा में बंगलादेश के महावाणिज्य दूतावास से एक दल वहां उनकी सहायता के लिए पहुंचेगा।</p>
<p> उन्होंने कहा कि सूडान में फंसे सभी बंगलादेशियों को दो मई तक पोर्ट सूडान ले जाया जाएगा। बंगलादेशी  नागरिकों के तीन से चार मई तक जेद्दा पहुंचने की संभावना है। जेद्दा स्थित दो बंगलादेशी स्कूल सूडान से लाए जा रहे बंगलादेशी नागरिकों के लिए भोजन, पेय, दवा और अस्थायी आवास उपलब्ध करा रहे हैं।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Apr 2023 19:05:57 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>सूडान में फंसे 28 भारतीयों ने लगाई जान बचाने की गुहार</title>
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                        <![CDATA[ गृह युद्ध के चलते सुडान में हालत खराब होने के कारण रोजी रोटी की तलाश में गए भारतीय लोग भी वहां पर फं सकर रह गए हैं। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/28-indians-stranded-in-sudan-plead-to-save-their-lives/article-43990"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/shekhawati-1.png" alt=""></a><br /><p>चूरु। गृह युद्ध के चलते सुडान में हालत खराब होने के कारण रोजी रोटी की तलाश में गए भारतीय लोग भी वहां पर फं सकर रह गए हैं। 28 भारतीय युवाओं के बीच रतनगढ़ का रहने वाला एक युवक मुकेश भी इनमें शामिल है। इन लोगों ने सोशल मीडिया पर स्वदेश बुलाने की गुहार लगाते हुए वहां की स्थिति से अवगत करवाया है। <br />मुकेश पिछले चार दिनों से भूखा-प्यासा एक बिल्डिंग में कैद है तथा इसके साथ देश के विभिन्न प्रांतों के 27 लोग भी हैं। ये सभी लोग पिछले चार दिनों से दाने-दाने के लिए मोहताज है। इन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि इन लोगों ने पिछले चार दिनों से कुछ नहीं खाया तथा पीने का पानी भी इनको नसीब नहीं हो रहा है। ये लोग अपनी जान जोखिम डालकर पास की एक फैक्ट्री से जैसे-तैसे पानी का जुगाड़ कर रहे हैं। मुकेश ने देश के गृहमंत्री, विदेश मंत्री एवं आर्मी चीफ  से सोशल मीडिया पर गुहार लगाई है कि इन लोगों को कैसे भी स्वदेश बुलाया जाए। मुकेश ने बताया कि लगातार गोलियां चल रही और कभी भी कोई बुलेट जान ले सकती है। मुकेश ने बताया कि उन्होंने भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया। लेकिन पिछले चार दिनों से केवल आश्वासन मिल रहा है। अभी तक सुडान से नहीं निकाला गया है। वहीं प्रशासन ने सुडान में फं से युवक की सुध लेते हुए देश लाने के प्रयास शुरू करने के क्रम में सूडान में फं से भारतीयों की आज दूतावास ने ली सुध। बिल्डिंग में फं से भारतीयों को सुरक्षा व्यवस्था के साथ पोर्ट लेकर पहुंची एक बस। 3 दिन बाद सभी भारतीय अपने वतन फ्लाइट से आ जाएंगे। <br />इनका है कहना<br />उक्त जानकारी युवक के परिजनों से संपर्क कर ली गई है। बराबर मामले में संज्ञान ले रहे हैं।<br /><br /></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>चूरू</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Apr 2023 14:50:53 +0530</pubDate>
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                <title>ऑपरेशन कावेरी: सूडान से लगभग 1,100 भारतीयों को निकाला गया</title>
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                        <![CDATA[भारतीय वायुसेना का सी-130जे विमान 128 भारतीयों को लेकर जेद्दाह पहुंचा, जबकि आईएनएस तेग भारतीयों के पांचवें जत्थे सहित 297 यात्रियों को लेकर कल रात सूडान बंदरगाह से रवाना हुआ।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/about-1100-indians-were-evacuated-from-operation-kaveri-sudan/article-43975"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/sud.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने अब तक ऑपरेशन कावेरी के तहत ङ्क्षहसा प्रभावित सूडान से करीब 1100 नागरिकों को भारतीय नौसेना के जहाजों और वायु सेना के विमानों के जरिये सुरक्षित बाहर निकाला है।</p>
<p>भारतीय वायुसेना का सी-130जे विमान 128 भारतीयों को लेकर जेद्दाह पहुंचा, जबकि आईएनएस तेग भारतीयों के पांचवें जत्थे सहित 297 यात्रियों को लेकर कल रात सूडान बंदरगाह से रवाना हुआ।</p>
<p>बचाव कार्यों की निगरानी के लिए जेद्दा में मौजूदा विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने ट्वीट में कहा कि यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि जेद्दा पहुंचे सभी भारतीयों को जल्द से जल्द भारत भेजा जाए।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ''चौथी आईएएफ सी-130जे उड़ान 128 यात्रियों के साथ पोर्ट सूडान से जेद्दा के लिए रवाना हुई। ऑपरेशन कावेरी के तहत सूडान से निकाले जाने वाले भारतीयों का यह छठा जत्था है। इसके बाद अब तक कुल लगभग 1100 लोगों को सूडान से निकाला गया हैं।"</p>
<p>इस बीच मुरलीधरन ने खार्तून में गोलीबारी में मारे गए भारतीय नागरिक अल्बर्ट ऑगस्टाइन के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ''भारतीय वायुसेना के सी130 जे विमान द्वारा जेद्दा पहुंचे सूडान में मारे गए एक भारतीय अल्बर्ट ऑगस्टाइन के परिवार से मिला। परिवार के कोच्चि पहुंचने के लिए तुरंत टिकट का इंतजाम किया।"<br /><br />उन्होंने ट्वीट किया, परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। ऑपरेशन कावेरी तब तक जारी रहेगा जब तक हम उन सभी भारतीयों को नहीं बचा लेते जो घर वापस आना चाहते हैं।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Apr 2023 12:54:12 +0530</pubDate>
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                <title>अब तक 500 भारतीय नागरिकों को सूडान से सुरक्षित निकाल चुका है भारत</title>
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                        <![CDATA[ भारत अब तक संघर्षग्रस्त सूडान से 534 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल चुका है और इसके लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कावेरी के तहत भारतीय नौसैनिक जहाजों और भारतीय वायु सेना के विमानों के माध्यम से भारतीय नागरिकों को वहां से निकाला जा रहा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-has-so-far-evacuated-500-indian-nationals-from-sudan/article-43931"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/manoj-(630-×-400-px)-(630-×-400-px)-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत अब तक संघर्षग्रस्त सूडान से 534 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल चुका है और इसके लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कावेरी के तहत भारतीय नौसैनिक जहाजों और भारतीय वायु सेना के विमानों के माध्यम से भारतीय नागरिकों को वहां से निकाला जा रहा है।</p>
<p>दो सौ अठहतर भारतीयों का पहला जत्था जेद्दा के लिए रवाना हुआ, जहां आगे की यात्रा के लिए एक पारगमन सुविधा स्थापित की गई है। आईएनएस सुमेधा पर मंगलवार शाम को 121 और 135 भारतीयों के दो अन्य जत्थों को जेद्दा के लिए रवाना किया गया था। </p>
<p>विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन को जेद्दा में हैं, जहां सूडान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी की निगरानी के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। सेना और अर्धसैनिक बल के बीच लड़ाई शुरू होने के समय सूडान में मौजूद 3,000 से अधिक भारतीयों को निकालने के लिए और उड़ानें भरी जाएंगी।</p>
<p>सूडान में दो युद्धरत गुटों ने मंगलवार को तीन दिवसीय युद्धविराम की घोषणा की थी, जिसका लाभ उठाते हुए भारत ने अपने नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन कावेरी शुरू किया है।  सूडानी सशस्त्र बलों और प्रतिद्वंद्वी रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के नेताओं ने मंगलवार से शुरू होने वाली लड़ाई को रोकने पर सहमति व्यक्त की है।</p>
<p>आरएसएफ ने कहा कि युद्धविराम का मतलब Þमानवीय गलियारों की स्थापना करना है, जिससे नागरिकों और निवासियों को आवश्यक संसाधनों, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित क्षेत्रों तक पहुंचने की इजाजत मिलती है, साथ ही राजनयिक मिशनों को खाली कर दिया जाता है।Þ</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Apr 2023 17:41:55 +0530</pubDate>
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