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                <title>Chief Justice Surya Kant - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Chief Justice Surya Kant RSS Feed</description>
                
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                <title>सुप्रीम कोर्ट ने CJP के 5 सितंबर दिल्ली मार्च पर रोक से किया इनकार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि प्रदर्शन से अप्रिय स्थिति होने का कोई ठोस आधार नहीं है। CJP अपनी मांगों को लेकर इंडिया गेट से पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-refuses-to-ban-cjps-5th-september-delhi-march/article-164307"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/cjp.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ऐसा मानने के लिए फिलहाल कोई ठोस आधार नहीं है कि प्रदर्शन से अनिवार्य रूप से अप्रिय स्थिति पैदा होगी। अदालत ने प्रशासन से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन से जुड़े सभी पक्षों से नियमों के दायरे में रहने की अपेक्षा जताई।</p>
<p>मार्च पर रोक की मांग सेवानिवृत्त दिल्ली पुलिस अधिकारी राजेंद्र सिंह की याचिका में की गई थी। याचिकाकर्ता ने आगामी BRICS सम्मेलन का हवाला देते हुए राजधानी में बड़े प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने की मांग की थी। CJP का कहना है कि सरकार ने आंदोलन के दौरान उठाई गई चार मांगों में से तीन अब तक पूरी नहीं की हैं। इनमें छात्रों के परिवारों को मुआवजा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेना और पुलिस-RAF की कार्रवाई पर माफी शामिल है। संगठन ने इन्हीं मुद्दों को लेकर 5 सितंबर को फिर मार्च निकालने का ऐलान किया है।</p>
<p>प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। इसमें कथित NEET अनियमितताओं के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों के शामिल होने की भी बात कही गई है। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि प्रदर्शन से जुड़ी FIR वापस लेने के लिए अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट में आवेदन किया गया है। इससे पहले 20 जुलाई के प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट पांच सदस्यीय समिति गठित कर चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 16:30:09 +0530</pubDate>
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                <title>अयोध्या राम मंदिर फंड पर उठे सवाल, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, यूपी सरकार और ट्रस्ट को जारी किया नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित वित्तीय हेराफेरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने मामले की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। साथ ही यूपी सरकार की एसआईटी से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में तलब की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/supreme-court-notice-to-central-up-government-trust-on-demand/article-159698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/ram2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में  गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोपों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सोमवार को केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को अब तक की जांच की स्थिति पर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट में एसआईटी के बारे में  भी उल्लेख करने को कहा गया है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई की। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उपस्थित सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एसआईटी की स्थिति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की जाएगी। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने मंदिर ट्रस्ट को नोटिस जारी करने को टालने का अनुरोध किया, जिसे पीठ ने अस्वीकार कर दिया।</p>
<p>याचिकाकर्ताओं में से एक के अधिवक्ता ने न्यायालय से सीसीटीवी फुटेज और अन्य अभिलेख सुरक्षित रखने का निर्देश देने का अनुरोध किया। याचिकाकर्ताओं ने एसआईटी की रिपोर्ट की प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन पीठ ने फिलहाल इससे इनकार करते हुए कहा कि जांच जारी है और इस पर बाद में विचार किया जाएगा ।एक याचिका नरेन्द्र कुमार गोस्वामी ने स्वयं दायर की है, जिसमें सीबीआई जांच के साथ-साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से ऑडिट कराने की मांग की गयी है।</p>
<p>दूसरी याचिका अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने दायर की है। इसमें भी सीबीआई जांच की मांग करते हुए केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और ट्रस्ट को श्रद्धालुओं एवं दानदाताओं के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गयी है। याचिका में कहा गया है कि आरोप अंतत: सही साबित हों या नहीं, लेकिन  वित्तीय अनियमितताओं की रिपोर्टों से राम मंदिर आंदोलन का समर्थन करने वाले और दान देने वाले लोगों में व्यापक चिंता पैदा हुई है। तीसरी जनहित याचिका राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने दायर की है। इसमें उच्चतम न्यायालय की निगरानी में सीबीआई जांच के अलावा ट्रस्ट के पूरे वित्तीय लेनदेन का फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की गयी है।</p>
<p>याचिका में सभी वित्तीय दस्तावेज, डिजिटल लेजर, यूपीआई लेनदेन का विवरण और बैंक अभिलेख सुरक्षित रखने का निर्देश देने की मांग की गई है, ताकि किसी भी साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके। याचिकाकर्ता ने यह भी अनुरोध किया है कि प्रस्तावित निगरानी समिति की पूर्व अनुमति के बिना ट्रस्ट को बड़े निवेश, महत्वपूर्ण अनुबंध या बड़े वित्तीय निर्णय लेने से रोका जाए। साथ ही ट्रस्ट को पारदर्शिता के हित में जांच की गयी वित्तीय रिपोर्ट और दान संबंधी विवरण अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने का निर्देश देने की भी मांग की गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 15:12:26 +0530</pubDate>
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