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                <title>कॉलेज सरकारी, कोर्सेज प्राइवेट, ढाई गुना फीस चुका रही बेटियां</title>
                                    <description><![CDATA[रेगुलर स्कीम के मुकाबले सेल्फ फाइनेंस स्कीम में ढाई गुना ज्यादा फीस।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/government-college--private-mode-courses--young-women-paying-2-5-times-the-fees/article-159711"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(2)26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा संभाग का सबसे बड़ा गर्ल्स कॉलेज जेडीबी आर्ट्स में एमए होम साइंस व जीपीईएम पिछले 8 साल से सेल्फ फाइनेंस स्कीम में संचालित हो रहा है। जिससे बालिकाओं की शिक्षा महंगी हो गई। नतीजन, 16 हजार की डिग्री के लिए उन्हें 50 हजार रुपए फीस चुकानी पड़ रही है। सरकारी कॉलेज होने के बावजूद महंगी फीस, बालिकाओं के उच्च शिक्षा में बढ़ते कदम पर बेड़ियां बन गई।</p>
<p>दरअसल, जेडीबी आर्ट्स कॉलेज में गारमेंट प्रोडेक्शन एंड एक्सपोर्ट मैनेजमेंट (जीपीईएम) व होम साइंस बीए तक तो सरकारी स्कीम के तहत संचालित होता है। जिसमें कोर्स फीस पर ईयर 3 हजार रुपए लगती है। जबकि, एमए में यही कोर्स सेल्फ फाइनेंस स्कीम में चलने से 20 हजार रुपए पर ईयर हो गई। महंगी फीस के कारण बालिकाएं एडमिशन नहीं ले पाती। मजबूरन, उन्हें कोर्स छोड़ना पड़ता है। जबकि, इंडस्ट्रीज में डिमांड होने के बावजूद छात्राएं इन पाठ्यक्रमों में एडमिशन लेने से वंचित रह जाती हैं।</p>
<p><strong>जीपीईएम : 40 हजार कोर्स व 10 हजार एग्जाम फीस</strong><br />राजकीय कला कन्या महाविद्यालय (जेडीबी आर्ट्स) में सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत एमए जीपीईएम कोर्स की फीस सालाना 20 हजार रुपए है। साल में दो बार सेमेस्टर एग्जाम होते हैं। पर-सेमेस्टर एग्जाम फीस ढाई हजार रुपए है, ऐसे में एक साल के 25 हजार रुपए होते हैं और दो साल का पीजी कोर्स पूरा करने के लिए छात्राओं को 50 हजार रुपए चुकाने पड़ते हैं। जबकि, यही कोर्स रेगुलर स्कीम में हो जाए तो 16 हजार रुपए में ही डिग्री पूरी हो सकती है। ग्रामीण परिवेश से आने वाली छात्राओं के लिए इतनी महंगी फीस दे पाना मुश्किल रहता है। ऐसे में कई छात्राएं रुचि होने के बावजूद इस कोर्स में दाखिला नहीं ले पाती।</p>
<p><strong>रेगुलर स्कीम में 3 हजार रुपए फीस</strong><br />जीपीईएम विभागाध्यक्ष प्रो. बिंदू चतुर्वेदी बताती हैं, यदि गारमेंट प्रोडेक्शन एंड एक्सपोर्ट मैनेजमेंट (जीपीईएम) कोर्स सरकारी स्कीम में संचालित किया जाए तो इसकी फीस 20 हजार की बजाय 3 हजार रुपए सालाना हो जाएगी। वहीं, सेमेस्टर एग्जाम फीस 5 हजार रुपए जोड़कर 8 हजार रुपए में एक साल पूरा हो जाएगा। इस तरह दो साल की यह डिग्री 50 हजार की जगह 16 हजार रुपए में पूरी हो जाएगी। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा छात्राएं दाखिला ले पाएंगी और उन पर आर्थिक भार भी नहीं पड़ेगा। टैक्सटाइल डिजाइनिंग के क्षेत्र में प्रतिभाएं उभर सकेंगी।</p>
<p><strong>होम साइंस : 16 हजार की जगह लग रही 30 हजार फीस</strong><br />होम साइंस की विभागाध्यक्ष दीपा स्वामी बताती हैं, एमए होम साइंस भी सेल्फ फाइनेंस स्कीम में संचालित हो रहा है। इसकी पर-ईयर फीस 10 हजार रुपए तथा 5 हजार रुपए सेमेस्टर एग्जाम फीस है। ऐसे में एक साल में 15 हजार रुपए खर्च होते हैं। इस तरह दो साल की डिग्री पूरी करने के लिए 30 हजार रुपए लगते हैं। जबकि, यही कोर्स यूजी में सरकारी स्कीम में संचालित होने से इसकी फीस परईयर 3 हजार रुपए ही है।</p>
<p>सेल्फ फाइनेंस स्कीम में चलने से कोर्स की फीस बहुत महंगी होती है। ऊपर से सेमेस्टर के कारण फीस और बढ़ गई। इसके अलावा प्रेक्टिकल, असाइमेंट व इंडस्ट्री विजिट सहित अन्य खर्चों को मिलाकर दो साल की डिग्री करने में 50 हजार से ज्यादा रुपए खर्च हो जाते हैं। सरकार को जीपीएम व होम साइंस को रेगुलर स्कीम में करना चाहिए ताकि छात्राओं को राहत मिल सके।<br /><strong>-कौशल्या कुमारी, निर्मला, छात्रा</strong></p>
<p>यह संभाग का सबसे बड़ा गर्ल्स कॉलेज है। न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत यह दोनों सब्जेक्ट स्किल बेस्ड है। इसलिए इन पाठ्यक्रमों के नियमितिकरण के लिए प्रयास कर रहे हैं। आगे हम विद्या संबल के लिए लिखेंगे। हमारी ओर से लगातार सकारात्मक प्रयास जारी है।<br /><strong>-प्रो. सीमा चौहान, प्राचार्य जेडीबी आर्ट्स कॉलेज कोटा</strong></p>
<p>छात्राओं की मांग आने पर सेल्फ फाइनेंस स्कीम में चल रहे कोर्सेज को रेगुलर स्कीम में बदलवाने के प्रयास करेंगे।<br /><strong>- नवीन मित्तल, क्षेत्रीय सहायक निदेशक आयुक्तालय कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 15:30:21 +0530</pubDate>
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