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                <title>Strait Of Hormuz Conflict - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Strait Of Hormuz Conflict RSS Feed</description>
                
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                <title>दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग पर संकट, ईरान ने बंद बताया तो अमेरिका बोला- होर्मुज पूरी तरह खुला</title>
                                    <description><![CDATA[रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर है। ईरान द्वारा इस समुद्री मार्ग को बंद करने के दावे के उलट अमेरिका ने इसे पूरी तरह खुला घोषित किया है, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और हवाई हमलों का दौर तेज हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/crisis-on-the-worlds-most-important-sea-route-when-iran/article-159732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/hormuz.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण के मुद्दे पर केंद्रित होता नजर आ रहा है। दोनों देशों ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही की स्थिति को लेकर परस्पर विरोधी दावे किये हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने सप्ताहांत में दावा किया कि उसने बिना अनुमति निर्धारित मार्ग का उपयोग करने का प्रयास कर रहे एक जहाज पर चेतावनी स्वरूप गोलीबारी करने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया है।</p>
<p>बाद में ईरान के समुद्री प्राधिकारियों ने भी इस दावे का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक क्षेत्र में "स्थिरता और शांति" बहाल नहीं हो जाती, तब तक इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही संभव नहीं है। इसके विपरीत अमेरिका ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने कहा कि यह जलमार्ग सभी जहाजों के लिए खुला है और अमेरिकी बल समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं।</p>
<p>अमेरिकी नौसेना की देखरेख में संचालित संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र ने भी कहा कि ओमान के तट के समानांतर स्थित दक्षिणी समुद्री मार्ग दोनों दिशाओं में जहाजों की आवाजाही के लिए खुला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हमारे हिसाब से यह जलमार्ग खुला है।" इस बीच, अमेरिकी सेना ने रविवार देर रात ईरान के विभिन्न हिस्सों पर एक और बड़े पैमाने पर हमले किये। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार इन हमलों में दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया। सेंटकॉम ने कहा कि हमलों में ईरान की वायु रक्षा प्रणालियां, तटीय रडार, मिसाइल एवं ड्रोन क्षमताएं तथा छोटी नौकाएं निशाना बनीं। उसका दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात पर हमले करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना था।</p>
<p>ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमले दक्षिणी और पश्चिमी ईरान के कई क्षेत्रों में हुए, जिनमें क़ेश्म द्वीप, बंदर अब्बास, इराक सीमा से लगे खुज़ेस्तान प्रांत तथा फारूर द्वीप शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक फारूर द्वीप पर हुए हमले में एक दूरसंचार कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गये। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने इसके जवाब में सोमवार तड़के जॉर्डन, बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किये। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर कथित हमलों को आधार बनाकर दक्षिणी ईरान में कई स्थानों पर हवाई हमले किये, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गयी।</p>
<p>फिर से शुरू हुई लड़ाई ने पहले से ही नाज़ुक बातचीत पर और दबाव डाल दिया है और इस बात का डर बढ़ा दिया है कि यह संकट सीधे सैन्य टकराव से आगे बढ़ सकता है। इस इलाके में अमेरिका के सहयोगी कई देशों में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट कर दिए गए। बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए, जबकि कुवैत की सेना ने कहा कि वह "दुश्मन के हवाई टारगेट" का जवाब दे रही थी। जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में घुसी चार मिसाइलों को रोक दिया।</p>
<p>तेहरान की रणनीति दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा परिवहन मार्ग में से एक को खतरे में डालकर आर्थिक दबाव बनाने पर केंद्रित दिखती है। ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसेन रेज़ाई ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को ईरान की सबसे अहम रणनीतिक संपत्तियों में से एक बताया और कहा कि यह "दर्जनों परमाणु बमों से भी ज़्यादा महत्वपूर्ण" है। पश्चिमी देश लंबे समय से ईरान पर परमाणु हथियार बनाने की क्षमता हासिल करने की कोशिश का आरोप लगाते रहे हैं, जबकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 18:25:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: ईरान का पलटवार, तीन देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को बनाया निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने दक्षिणी ईरान पर हुए अमेरिकी हमलों का बदला लेते हुए जॉर्डन, बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले किए। इस जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी रडार, ईंधन डिपो और मिसाइल प्रणालियों को निशाना बनाया गया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tension-increased-in-the-middle-east-irans-counterattack-targeted-american/article-159716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/06.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने दक्षिणी ईरान पर रविवार रात हुए अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में सोमवार तड़के जॉर्डन, बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किये। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर कथित हमलों को आधार बनाकर दक्षिणी ईरान में कई स्थानों पर हवाई हमले किये, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गयी। बयान के अनुसार, आईआरजीसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों को रोका था, जिन्होंने अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर रखा था और बिना अनुमति निर्धारित मार्ग से हटकर नौवहन कर रहे थे, जिससे इस रणनीतिक जलमार्ग में यातायात प्रभावित हो रहा था।</p>
<p>आईआरजीसी ने कहा कि जवाबी कार्रवाई के पहले चरण में जॉर्डन स्थित प्रिंस हसन एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। बयान में कहा गया, "जवाबी कार्रवाई के पहले चरण में प्रिंस हसन एयरबेस पर मिसाइल भंडार और ईंधन भंडारण सुविधाओं को निशाना बनाया।" दूसरे चरण में आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स ने बहरीन के शेख ईसा एयरबेस स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया।</p>
<p>आईआरजीसी के अनुसार, इस हमले में हेलीकॉप्टर रखरखाव एवं मरम्मत केंद्र, पी-8 इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान के हैंगर तथा अमेरिकी ड्रोन अभियानों के कमांड एवं कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया गया। तीसरे और चौथे चरण में कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किये गये। आईआरजीसी ने दावा किया कि अली अल सलेम एयरबेस पर ईंधन भंडारण टैंक, पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली और अहमद अल जाबेर एयरबेस पर एफपीएस रणनीतिक रडार प्रणाली को नष्ट कर दिया गया।</p>
<p>उसने यह भी दावा किया कि चौथे चरण में कुवैत स्थित अमेरिकी सेना के सतह से सतह पर वार करने वाली मिसाइल अड्डे पर हमला कर दो हिमार्स मिसाइल लांचर और मिसाइलों से भरे गोला-बारूद डिपो को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इस बीच, कुवैत ने कहा कि उत्तर में उसकी तीन सीमा चौकियां हमले में क्षतिग्रस्त हुई हैं तथा एक अपतटीय तेल ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। बहरीन के गृह मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि हमलों के बाद एक बार फिर हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए गए और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया।</p>
<p>आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान का क्षेत्र है और "दुनिया के दूसरे छोर से आई बच्चों की हत्या करने वाली बेलगाम सेना को यहां अवैध हस्तक्षेप जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।" इससे पहले अमेरिकी सेना ने रविवार देर रात ईरान के विभिन्न हिस्सों पर एक और बड़े पैमाने पर हमले किये। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के अनुसार इन हमलों में दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया।सेंटकॉम ने कहा कि हमलों में ईरान की वायु रक्षा प्रणालियां, तटीय रडार, मिसाइल एवं ड्रोन क्षमताएं तथा छोटी नौकाएं निशाना बनीं। उसका दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात पर हमले करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना था।</p>
<p>ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमले दक्षिणी और पश्चिमी ईरान के कई क्षेत्रों में हुए, जिनमें क़ेश्म द्वीप, बंदर अब्बास, इराक सीमा से लगे खुज़ेस्तान प्रांत तथा फारूर द्वीप शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक फारूर द्वीप पर हुए हमले में एक दूरसंचार कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 16:18:57 +0530</pubDate>
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