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                <title>Persian Gulf Security - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Persian Gulf Security RSS Feed</description>
                
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                <title>सेंटकॉम का दावा: ईरान पर हमला होर्मुज जलडमरूमध्य में बारुदी सुरंग बिछाने से रोकने के लिए था और कुछ नहीं !</title>
                                    <description><![CDATA[अमरीकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने स्पष्ट किया है कि ईरान पर हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य आईआरजीसी को होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग बिछाने से रोकना था। सेंटकॉम ने ईरान के आक्रामकता के दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए की गई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/centcom-claims-the-attack-on-iran-was-to-stop-it/article-164246"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/untitled-design-(1).png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमरीकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि ईरान पर हालिया हमले का उद्देश्य ईरानी सेना को होर्मुज जलडमरूमध्य में बारुदी सुरंग बिछाने से रोकना था। सेंटकॉम ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए हमले "आक्रामकता की कार्रवाई" थे। सेंटकॉम ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "दावा: ईरान के आईआरजीसी ने हाल ही में एक बयान में दावा किया कि आईआरजीसी को होर्मुज जलडमरूमध्य में बारुदी सुरंग बिछाने से रोकने के लिए अमेरिकी सेना द्वारा किए गए हमले 'आक्रामकता की कार्रवाई' थे। यह दावा पूरी तरह से गलत है।"</p>
<p>सेंटकॉम ने एक्स पर कहा "तथ्य: अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तत्काल खतरा पैदा करने वाली आईआरजीसी की सुरंग बिछाने वाली सेना के खिलाफ सीमित और सटीक कार्रवाई की। असल में, ईरान ने खतरा पैदा किया और अमेरिकी सेना ने नागरिक नाविकों, व्यापारिक जहाजों और वैश्विक व्यापार के निर्बाध प्रवाह की रक्षा के लिए इसे खत्म कर दिया।" कमांड का दावा है कि हमले का उद्देश्य व्यापारिक परिवहन और व्यापार के निर्बाध प्रवाह की रक्षा करना था।</p>
<p>एक्सियोस के पत्रकार बराक राविद ने एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिका ने लराक द्वीप पर ईरानी मिसाइल लॉन्चरों पर हमला किया था। इससे पहले, होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी द्वीप लराक पर कई धमाकों की आवाज सुनी गई थी। इसके बाद, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी जहाजों और पश्चिमी एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी थीं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 14:02:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग पर संकट, ईरान ने बंद बताया तो अमेरिका बोला- होर्मुज पूरी तरह खुला</title>
                                    <description><![CDATA[रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर है। ईरान द्वारा इस समुद्री मार्ग को बंद करने के दावे के उलट अमेरिका ने इसे पूरी तरह खुला घोषित किया है, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और हवाई हमलों का दौर तेज हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/crisis-on-the-worlds-most-important-sea-route-when-iran/article-159732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/hormuz.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण के मुद्दे पर केंद्रित होता नजर आ रहा है। दोनों देशों ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही की स्थिति को लेकर परस्पर विरोधी दावे किये हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने सप्ताहांत में दावा किया कि उसने बिना अनुमति निर्धारित मार्ग का उपयोग करने का प्रयास कर रहे एक जहाज पर चेतावनी स्वरूप गोलीबारी करने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया है।</p>
<p>बाद में ईरान के समुद्री प्राधिकारियों ने भी इस दावे का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक क्षेत्र में "स्थिरता और शांति" बहाल नहीं हो जाती, तब तक इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही संभव नहीं है। इसके विपरीत अमेरिका ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने कहा कि यह जलमार्ग सभी जहाजों के लिए खुला है और अमेरिकी बल समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं।</p>
<p>अमेरिकी नौसेना की देखरेख में संचालित संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र ने भी कहा कि ओमान के तट के समानांतर स्थित दक्षिणी समुद्री मार्ग दोनों दिशाओं में जहाजों की आवाजाही के लिए खुला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हमारे हिसाब से यह जलमार्ग खुला है।" इस बीच, अमेरिकी सेना ने रविवार देर रात ईरान के विभिन्न हिस्सों पर एक और बड़े पैमाने पर हमले किये। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार इन हमलों में दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया। सेंटकॉम ने कहा कि हमलों में ईरान की वायु रक्षा प्रणालियां, तटीय रडार, मिसाइल एवं ड्रोन क्षमताएं तथा छोटी नौकाएं निशाना बनीं। उसका दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात पर हमले करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना था।</p>
<p>ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमले दक्षिणी और पश्चिमी ईरान के कई क्षेत्रों में हुए, जिनमें क़ेश्म द्वीप, बंदर अब्बास, इराक सीमा से लगे खुज़ेस्तान प्रांत तथा फारूर द्वीप शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक फारूर द्वीप पर हुए हमले में एक दूरसंचार कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गये। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने इसके जवाब में सोमवार तड़के जॉर्डन, बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किये। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर कथित हमलों को आधार बनाकर दक्षिणी ईरान में कई स्थानों पर हवाई हमले किये, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गयी।</p>
<p>फिर से शुरू हुई लड़ाई ने पहले से ही नाज़ुक बातचीत पर और दबाव डाल दिया है और इस बात का डर बढ़ा दिया है कि यह संकट सीधे सैन्य टकराव से आगे बढ़ सकता है। इस इलाके में अमेरिका के सहयोगी कई देशों में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट कर दिए गए। बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए, जबकि कुवैत की सेना ने कहा कि वह "दुश्मन के हवाई टारगेट" का जवाब दे रही थी। जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में घुसी चार मिसाइलों को रोक दिया।</p>
<p>तेहरान की रणनीति दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा परिवहन मार्ग में से एक को खतरे में डालकर आर्थिक दबाव बनाने पर केंद्रित दिखती है। ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसेन रेज़ाई ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को ईरान की सबसे अहम रणनीतिक संपत्तियों में से एक बताया और कहा कि यह "दर्जनों परमाणु बमों से भी ज़्यादा महत्वपूर्ण" है। पश्चिमी देश लंबे समय से ईरान पर परमाणु हथियार बनाने की क्षमता हासिल करने की कोशिश का आरोप लगाते रहे हैं, जबकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 18:25:31 +0530</pubDate>
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