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                <title>पुष्कर में होली महोत्सव की मचेगी धूम : दो दिन होंगे कार्यक्रम, पर्यटकों का उमड़ेगा सैलाब; होटल-रिसोर्ट फुल</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व प्रसिद्ध पुष्कर की सतरंगी होली महोत्सव के दो दिवसीय कार्यक्रम का आगाज गुरुवार को होगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/dhoom-will-be-done-for-holi-festival-in-pushkar-two/article-107411"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news-(7)5.png" alt=""></a><br /><p>पुष्कर। विश्व प्रसिद्ध पुष्कर की सतरंगी होली महोत्सव के दो दिवसीय कार्यक्रम का आगाज गुरुवार को होगा। जिसमें पहले दिन मेला मैदान में पद्मश्री गुलाबो सपेरा समेत राजस्थानी लोक कलाकार होली का रंग बरसाएंगे। वहीं दूसरे दिन शुक्रवार को नगरवासियों के साथ-साथ दूरदराज से आए हजारों देशी-विदेशी पर्यटक गुलाल व रंगों से होली खेलेंगे। होली मनाने के लिए देशी व विदेशी पर्यटकों की आवक लगातार जारी है। वहीं पुलिस व प्रशासन भी अलर्ट हो गया। सतरंगी होली महोत्सव के उपलक्ष्य में राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से मेला मैदान में आयोजित सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ गुरुवार को पुष्कर के नगाड़ा वादक नरेंद्र सोलंकी व उनकी टीम के शंख व नगाड़ा वादन के साथ होगा। जिला पर्यटन अधिकारी प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध गुलाबो सपेरा अपने साथी कलाकारों के साथ कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति देगी। भारतीय लोक कला संस्थान भरतपुर के 14 सदस्यीय कलाकार मयूर नृत्य एवं फूलों से ब्रज की होली खेलेंगे। पुष्कर के हेमंत देवड़ा के निर्देशन में 12 विदेशी युवतियां राजस्थानी लोक नृत्य की प्रस्तुति देगी। इसके अलावा बाड़मेर के भूंगर खान का लंगा मांगणियार गायन, चूरू के गोपालराम गीला पार्टी का चंग-ढप वादन, किशनगढ़ की नेहा वैष्णव का घूमर व चरी नृत्य, बारां के अमित छाबड़ा का चकरी नृत्य, गोपाल एंड पार्टी का सहरिया स्वांग नृत्य, जैसलमेर के आवड सैनी का भंवई नृत्य, बाडमेर के गौतम परमार का रिम भंवई आकर्षण का केंद्र होंगे। सांस्कृतिक संध्या के लिए सरकार ने 12 लाख रुपए मंजूर किए। सांस्कृतिक कार्यक्रम गुरुवार शाम 7 से रात 10 बजे तक चलेगा। इसके बाद मध्य रात शुभ मुहूर्त में वराह घाट चौक समेत सभी गली-मौहल्लों में परंपरागत रूप से प्रहलाद पूजन कर होलिका दहन किया जाएगा। उधर ला बेला यूथ मंडल की ओर से वराह घाट पर डांडिया व गैर नृत्य परवान पर रहा। नगरवासियों के साथ देसी-विदेशी सैलानी ढोल व मंजीरों की धुनों पर देर रात तक झूमते रहे।</p>
<p><strong>यहूदियों का फेस्टिवल पूरीम कल</strong></p>
<p>धार्मिक नगरी पुष्कर में 14 मार्च को इजरायली पर्यटक अपना कलर फेस्टिवल पूरीम मनाएंगे। इजरायली रंगों से होली खेलेंगे। पुष्करवासियों के साथ होली खेलने के लिए इस बार बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी पुष्कर पहुंच गए। खबाद हाउस से सटे नाला क्षेत्र की होटलों में इजराइलियों का जमघट लगा हुआ है और वे होली खेलने को लेकर खासे उत्साहित है। पुष्कर सहित आस-पास के अमूमन सभी होटल, रिसोर्ट बुधवार को ही एडवांस में फुल हो गए है। साथ ही पुष्कर की धर्मशालाओं में एडवांस बुकिंग देखने को मिल रही है।</p>
<p><br /><strong>जयपुर घाट पर तीन मंचों से महाआरती आज</strong><br />पुष्कर दिव्य महाआरती संघ के बैनर तले फाल्गुन मास की पूर्णिमा व होली पर्व पर गुरुवार को जयपुर घाट पर तीन मंचों से सरोवर की दिव्य महाआरती की जाएगी। संघ के संरक्षक सेवानिवृत्त न्यायाधीश अजय शर्मा ने बताया कि जयपुर घाट पर शाम 6 बजे सरोवर की महाआरती की जाएगी। इससे पहले पं. कैलाशनाथ दाधीच के आचार्यत्व एवं पं. रवि गौड़ के उपाचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सरोवर का पूजन, दुग्धाभिषेक कर फाग महोत्सव मनाया जाएगा। बताया कि तीन मंचों से सरोवर की महाआरती पं. चंद्रशेखर गौड़, यज्ञनारायण और ईशान गौड़ करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Mar 2025 15:50:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पुष्कर में वकील हत्या का विरोध : चौपाटी पर वकील-पुलिस आमने-सामने, सवारी उतारकर निकाली वाहनों की हवा; आन्दोलन जारी रखने का ऐलान </title>
                                    <description><![CDATA[जानलेवा हमले में पुष्कर के वरिष्ठ एडवोकेट पुरषोत्तम जाखेटिया की हत्या से आक्रोशित वकीलों के आह्वान पर शनिवार को छुटपुट घटनाओं के साथ अजमेर बंद रहा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/in-pushkar-lawyer-protest-against-murder-lawyer-police-and-announced-to/article-106919"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news3.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। जानलेवा हमले में पुष्कर के वरिष्ठ एडवोकेट पुरषोत्तम जाखेटिया की हत्या से आक्रोशित वकीलों के आह्वान पर शनिवार को छुटपुट घटनाओं के साथ अजमेर बंद रहा। श्री व्यापारिक महासंघ के समर्थन के चलते अधिकांश कारोबारियों ने प्रतिष्ठान बन्द रखे, लेकिन आधा दर्जन से ज्यादा प्रतिष्ठान खुले रहने से बंद का आह्वान करने वाले वकीलों और प्रतिष्ठान मालिकों के बीच विवाद हुआ। चौपाटी के सामने एक बार तो वकील और पुलिस वाले आमने-सामने हो गए जिससे पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा और कलक्टर लोक बन्धु सहित अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर गजेन्द्र चौहान को घटना स्थल पर पहुंचना पड़ा। अजमेर बंद की खास बात यह रही कि दिवंगत एडवोकेट जाखेटिया के परिजन वकीलों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़े रहे। उल्लेखनीय है कि जिला बार एसोसिएशन ने एडवोकेट पुरषोत्तम जाखेटिया की हत्या के बाद जेएलएन अस्पताल परिसर में धरना देते हुए जो मांग-पत्र दिया था उस पर जिला व पुलिस प्रशासन का सकारात्मक रवैया नहीं होने पर जिला बार ने अजमेर बन्द का आह्वान किया था। शनिवार सुबह से वकीलों ने अपने-अपने क्षेत्र से अजमेर बन्द कराना अपने स्तर पर शुरू कर दिया था। सेशन न्यायालय परिसर स्थित जिला बार कार्यालय से करीब पांच सौ पुरुष व महिला वकीलों का हुजूम अजमेर बंद कराने के लिए रैली के रूप में निकला। ब्यावर रोड सब्जी मंडी में वकीलों के पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई और वकीलों की वीडियोग्राफी करने वाले पुलिस वालों से उनकी कहासुनी हो गई। </p>
<p>वकीलों ने कई ऑटोरिक्शा, मिनी बस और सिटी बसों को रोककर उनके पहियों की हवा निकाल दी। जगह-जगह नारेबाजी की। कोटड़ा क्षेत्र की शराब की दुकान भी आन्दोलनकारियों के हत्थे चढ़ी। आन्दोलनकारियों ने मिराज मॉल और पंचशील स्थित सीएसएम मॉल में घुसकर तोड़फोड़ की। </p>
<p><strong>पुलिस और वकील आमने-सामने</strong><br />आनासागर चौपाटी के सामने एक दुकानदार से कहासुनी होने पर वह आक्रोशित वकीलों के हत्थे चढ़ गया। वकील उसके साथ कोई हरकत करते इससे पहले पुलिस की बड़ी टीम पहुंची। सभी ने उस दुकानदार को बचा वकीलों से उलझने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस व वकीलों के बीच धक्कामुक्की हुई। मामला गरम होता इससे पहले वहां बार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अशोक रावत और सचिव दीपक गुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ वकील पहुंच गए। उन्होंने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Mar 2025 11:16:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अक्षय कुमार ने ब्रह्मा मंदिर में किए दर्शन, फिल्म की सफलता की मनोकामना की</title>
                                    <description><![CDATA[बाॅलीवुड के जानेमाने फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने राजस्थान के अजमेर से जुड़े तीर्थराज पुष्कर में सृष्टि के रचयिता जगतपिता ब्रह्मा जी के दर्शन किये।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/akshay-visited-lord-brahma-in-pushkar/article-76892"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/akshay-kumar.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बाॅलीवुड के जानेमाने फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने राजस्थान के अजमेर से जुड़े तीर्थराज पुष्कर में ब्रह्मा के दर्शन किये। अजमेर के रेलमंडल मुख्यालय की लोकेशन पर निर्माणाधीन फिल्म जोली एल. एल. बी.-3 की शूटिंग के लिये अक्षय यहाँ आये हुए है। वह पुष्कर की एक रिसार्ट में रुके हुए है। पहले वह दो दिन पहले ब्रह्मा मंदिर दर्शन के लिए जाने वाले थे, लेकिन प्रशंसकों की भारी भीड़ को देखते हुए उन्हें दर्शन निरस्त करना पड़ा। अक्षय सुरक्षा में ब्रह्मा मंदिर पहुंचे और भगवान ब्रह्मा के दर्शन कर कामयाबी की मनोकामना की। इस दौरान मंदिर में पुजारी परिवार ने उन्हें दर्शन कराये और अगवानी भी की। पुजारी किशन गोपाल वशिष्ट ने आरती में सहयोग किया। अक्षय सादे सफेद पोशाक में दर्शन करने पहुंचे।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि फिल्म की शूटिंग अजमेर के अलावा मसूदा के देवमाली में होनी है। यह फिल्म ‘जोली एलएलबी’ का स्वीक्वल है। करीब 15 दिनों का शिड्यूल चल रहा है, जिसमें अजमेर रेलमंडल मुख्यालय भवन पर ‘जिला एवं सत्र न्यायालय दिल्ली’ का सैट सजा कर न्यायालय परिसर को जीवंत कर फिल्मांकन किया जा रहा है। फिल्म में अक्षय के प्रतिद्वन्द्वी अधिवक्ता की भूमिका में अभिनेता अरशद वारसी हैं। साथ ही सह कलाकार सौरभ शुक्ला व अभिनेत्री हुमा कुरैशी भी दिखाई देंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 May 2024 16:47:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इजरायली युवक की पुष्कर में मौत</title>
                                    <description><![CDATA[पुष्कर में रविवार को इजरायली विदेशी पर्यटक की खाना खाने के बाद एकाएक तबीयत खराब हो गई। अचेतावस्था में उसे पुष्कर में चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर अजमेर रेफर कर दिया। अजमेर में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/israeli-youth-dies-in-pushkar/article-59050"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/israel-man-died-in-pushkar.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पुष्कर। पुष्कर में रविवार को इजरायली विदेशी पर्यटक की खाना खाने के बाद एकाएक तबीयत खराब हो गई। अचेतावस्था में उसे पुष्कर में चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर अजमेर रेफर कर दिया। अजमेर में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने विदेशी पर्यटक के शव को अजमेर जेएलएन के चीरघर में रखवा दिया। इजरायली दूतावास के जरिए परिजन को सूचना भिजवा दी। दूतावास या परिजन के आने के बाद ही पर्यटक का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बहराहाल विदेशी पर्यटक के मृत्यु का कारण पता नहीं चल सका। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। <br /><br />जानकारी के अनुसार इजरायल मूल के 38 वर्षीय चेन यहेजकेल पर्सिको दो पूर्व पुष्कर आया था। इजरायलियों के धर्मस्थल बेदखबाद के पास एक होटल में ठहरा हुआ था। रविवार दोपहर को लंच करने के लिए वह पास की एक रेस्टोरेंट माली थाली में खाना खा रहा था कि उसकी अचानक तबीयत खराब हो गई। उसके साथियों के सहयोग से पुष्कर चिकित्सालय ले जाया गया जहां उसकी हालत गंभीर पर चिकित्सकों ने उसे अजमेर रैफर कर दिया। वहीं अजमेर जेएलएन में चिकित्सकों ने विदेशी पर्यटक को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को अजमेर के चीरघर में रखवा दिया तथा इजयरायली दूतावास के जरिये परिजन को सूचना भिजवा दी। दूतावास के अधिकारियों या परिजन के आने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया जायेगा। इधर इजयरायली पर्यटक के संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने पर पुलिस भी हरकत में आ गई। तथा पुलिस उप अधीक्षक ग्रामीण मनीष बड़गूजर ने पुष्कर पहुंचकर मृतक पर्यटक के ठहरने वाले होटल एवं रेस्टोरेंट पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Oct 2023 09:48:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इंदावा के 4 स्काउट्स का राष्ट्रपति अवॉर्ड राज्य स्तरीय शिविर में चयन</title>
                                    <description><![CDATA[इस अवसर पर स्काउट सचिव श्रीकांत शर्मा ने बताया कि इंदावा के स्काउट्स सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे है। सत्र 2021 में भी कुलदीप जागा को सर्वश्रेष्ठ स्काउट प्राप्त हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/4-scouts-of-indawa-selected-in-presidents-award-state-level/article-52540"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/scout-guide.png" alt=""></a><br /><p>लालसोट। भारत स्काउट्स गाइड्स रीजनल कार्यालय सेंट्रल रीजन की ओर से जारी चयन सूची में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इंदावा के 4 स्काउट्स योगेंद्र जागा,विजय सिंह जागा, भगवान सहाय गुर्जर, कुलदीप जागा का चयन 27 जुलाई से 31 जुलाई को पुष्कर घाटी में होने वाले शिविर के लिए चयन हुआ है। गौरतलब रहे की संपूर्ण जिले से केवल मात्र 5 स्काउट्स का चयन हुआ है। जिसमें इंदावा से 4 स्काउट्स है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य रामलखन मीना ने खुशी जाहिर करते हुए कमलेश शर्मा के प्रयासों की सराहना की एवं उन्होंने कहा कि विद्यालय का स्टॉफ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालय में स्काउट गतिविधि सक्रिय रूप से संचालित है। जिससे ग्राम पंचायत इंदावा के विद्यार्थियों को राज्यपाल और राष्ट्रपति जैसे बड़े अवॉर्ड भी मिल रहे है। इस अवसर पर उप प्रधान रक्षा मिश्रा, कमलेश त्रिवेदी, डॉ. वरुण गौड़, कमलेश आशिका,पिंकी चतुर्वेदी,ओम प्रकाश चतुर्वेदी, सहित प्रधान पुरुषोत्तम जोशी, स्काउट काउंसलर प्रभु लाल शर्मा,रामकेश सैनी,गौरव गोयल,अविनाश शर्मा ने खुशी जाहिर की।</p>
<p><strong>इंदावा के स्काउट श्रेष्ठ स्काउट है - स्काउट सचिव</strong><br />इस अवसर पर स्काउट सचिव श्रीकांत शर्मा ने बताया कि इंदावा के स्काउट्स सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे है। सत्र 2021 में भी कुलदीप जागा को सर्वश्रेष्ठ स्काउट प्राप्त हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Jul 2023 14:50:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title> जहां शिवमहापुराण कथा वहां महादेव  </title>
                                    <description><![CDATA[पं. मिश्रा ने श्रोताओं से कहा कि हम किसी भी तीर्थ स्थल, पवित्र सरोवर, नदी या मंदिर भी जा रहे तो वहां कभी भी गंदगी ना करे, कभी भी दर्शन के लिए धक्का देकर आगे नहीं जाए और ना ही वहां किसी को भी कष्ट दे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/where-there-is-shivmahapuran-story-there-mahadev/article-51332"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/rj18.png" alt=""></a><br /><p>पुष्कर। तीर्थनगरी पुष्कर में चल रही ख्याति प्राप्त कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा की सात दिवसीय श्री ब्रह्मा शिव महापुराण कथा में रविवार को अपार जनसमूह उमड़ा। कथा के पंचम दिवस पर मेला मैदान स्थित कथा स्थल पर 1 लाख से अधिक शिवभक्त श्रोताओं ने कथा का रसपान किया। पं. मिश्रा ने कहा कि महादेव कैलाश पर्वत छोड़कर जहां शिवमहापुराण कथा होती है वहां विराजमान रहते है। भगवान शंकर की अविरल भक्ति पाने का एकमात्र तरीका शिवमहापुराण कथा है। जिसके दिल में महादेव है उसका शरीर हॉस्पिटल में कभी नहीं खोला जाता है।<br />अजमेर के खण्डेलवाल परिवार की ओर से आयोजित ब्रह्मा शिव महापुराण कथा में रविवार को श्रोताओं का सैलाब उमड़ा। श्रोताआें से खचाखच भरे कथा स्थल व बाहरी क्षेत्र में बैठे श्रोताओं को कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा व्यास पीठ से कहा कि अगर हम कभी वैकुंठ या स्वर्ग में नहीं गए और सभी तीर्थों की गुरु पुष्कर की भूमि पर आकर पावन भूमि को भी नमन कर लिया तो समझे की हमें वैकुंठ में निवास कर लिया। शिव महापुराण कहती है कि पुष्कर की यह भूमि भगवान ब्रह्मा, नारायण, विष्णु की पवित्र भूमि है। जिस भूमि पर स्वयं ब्रह्माजी ने यज्ञ किया है, इस भूमि पर वराह भगवान ने पृथ्वी को स्थिर किया था। वामन भगवान ने यहां चरण रखे थे। उन्होंने कहा कि केदारनाथ, सोमनाथ, काशी, उज्जैन सहित जितने ज्योर्तिलिंग में महादेव पहुंचे वहां भगवान शंकर ने एक रूप बदला लेकिन इस पुष्कर की पवित्र भूमि पर महादेव ने 3 अपने रूप को बदलकर पहुंचे है। यह भूमि साधारण भूमि नहीं है।<br /><br /><strong>तीर्थ स्थल पर गंदगी या किसी को कष्ट ना दे</strong><br />पं. मिश्रा ने श्रोताओं से कहा कि हम किसी भी तीर्थ स्थल, पवित्र सरोवर, नदी या मंदिर भी जा रहे तो वहां कभी भी गंदगी ना करे, कभी भी दर्शन के लिए धक्का देकर आगे नहीं जाए और ना ही वहां किसी को भी कष्ट दे। <br /><br /><strong>शिवलिंग में विराजित 33 कोटि देवी देवता</strong><br />उन्होंने कहा कि हम जिस भी मंदिर में वहां उस भगवान की मूर्ति में वह अकेले भगवान विराजमान है लेकिन शिवालय में सभी भगवान विराजमान रहते है। शिवलिंग में सभी 33 कोटि कोटि देवी देवता विराजमान रहते है। इसलिए जब भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाने जाते है तब कोई पूछे तो उनको कहना चाहिए कि मैं महादेव के साथ साथ सभी देवी देवताओं पर जल चढ़ाते है।</p>
<p><strong>मंदिर में हृदय व चित्त में पवित्रता रखें</strong><br />भक्त जब भी मंदिर में जाए तो उसको हृदय, बुद्धि व चित्त में पवित्रता रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर में दो तरह के लोग जाते है जिनमें एक भगवान के दर्शन करने जाता है तथा दूसरा केवल मंदिर की रंगत देखने जाते है, ऐसे लोग मंदिर में कमियां देखता है। वहीं दर्शन करने जाने वाला भक्त केवल भगवान के दर्शन करने जाता है और वह यही सोचता है कि मैं भगवान अपना कैसे बनाऊ।</p>
<p><strong>पवित्र स्थल पर गंदे कपड़े छोड़कर आना बहुत गलत</strong><br />पं. मिश्रा ने किसी वेद, शास्त्र या पुराण में कही नहीं लिखा है कि जब भी किसी पवित्र तीर्थ सरोवर, नदी या कुंड में स्रान करने जाओ तो वहां अपने गंदे कपड़े छोड़ के आ जाओ। ऐसा करने वाला बहुत गलत करता है, वह वहां कपड़े के रूप में अपनी बीमारी या दुख नहीं बल्कि गंदगी करके आ रहा है। इससे ऐसा करने वाले को ही दोष लगेगा। क्योंकि यहां 33 कोटि देवी देवताओं निवास कर रहे है तो यहां की शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए।</p>
<p><strong>भगवान के चरण पकड़ो संघर्ष की जरूरत नहीं</strong><br />सत्ता, धन, वैभव, सम्पदा, प्रतिष्ठा पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है पर भगवान का चरण पाने के लिए कोई संघर्ष नहीं करना पड़ता है उस भक्त को भगवान के चरणों में चल जाना चाहिए उसको संघर्ष करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि संघर्ष तब होता है जब अपना साथ छोड़ देते है। जब अपने साथ नहीं होते है तब उस व्यक्ति को संघर्ष करना पड़ता है।</p>
<p><strong>ब्रह्माजी के श्राप से लंकनी बनी रावण की लंका की द्वारपाल</strong><br />कथा प्रसंग में बताया कि पहले लंकनी ब्रह्मद्वार की द्वारपाल थी, तब एक बार ब्रह्माजी ने लंकनी को आवाज लगाई गई लंकनी ब्रह्मद्वार के द्वार बंद करो लेकिन लंकनी नहीं सुनी इसके बाद ब्रह्माजी को क्रोध आया और ब्रह्माजी ने लंकनी को श्राप दिया कि अब तू पृथ्वी लोक में राक्षस रावण की लंका की द्वारपाल बनेगी। इसके बाद लंकनी रोने लगी और ब्रह्माजी से बार बार विनती करी कि उसको इस श्राप से कैसे मुक्ति मिलेगी और वह पृथ्वी लोक से वापस ब्रह्म लोक कैसे आएगी। तब ब्रह्मा जी ने कहा कि महादेव के अवतार हनुमान जी तुझे मुष्टिका से स्पर्श करेंगे तब तू श्राप से मुक्त हो जाएगी और पुन: ब्रह्म लोक में आ जाएगी।</p>
<p><strong>निंदा करने वाला और सुनने वाले दोनों पाप के भागी</strong><br />शिवमहापुराण कहती है कि भगवान महादेव तथा भोलेनाथ का कोई भक्त हो तो उसकी कभी निंदा ना करो। तथा अगर कोई आपके सामने महादेव की निंदा कर रहे है तो वहां से चले जाना चाहिए। क्योंकि महादेव की निंदा करने वाला और सुनने वाले को पाप का दोष लगता है और ये दोनों पशु की अवस्था ले लेते है। इसलिए कभी भी ना किसी निंदा करनी चाहिए और ना कभी सुननी चाहिए।</p>
<p><strong>महादेव को दिखावा पसंद नहीं</strong><br />देवता, यक्ष, असुर, गंधर्व, जलचर,   वायुचर, पशु पक्षी और मनुष्य सभी महादेव के उपासक है। महादेव को प्रसन्न के लिए सबके तरीके अलग है। लेकिन महादेव को रिझाने की सबसे अच्छी बात है कि भोलेनाथ को कभी छल और दिखावा प्रिय नहीं है। शिव तो भक्त के निर्मल मन से ही प्रसन्न हो जाते है।</p>
<p><strong>भक्तों के पढ़े पत्र</strong><br />पुष्कर की चेतना कुमावत ने पत्र में लिखा कि 2020 में शादी के 10 वर्ष बाद उसके संतान हुई लेकिन बीमारी के चलते उसकी संतान नहीं रही। इसके बाद चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया लेकिन उसे संतान हुई इसके पश्चात उसने पशुपति व्रत किया तथा सफेद आंकड़े की जड़ का प्रयोग किया और अभी वह गर्भवती है और वह महादेव से कामना करती है कि उसे स्वस्थ्य संतान प्राप्त हो। अजमेर के पंचशील की उपमा शर्मा ने पत्र में लिखा है कि उसकी माता ने उसकी सरकारी नौकरी लगने के लिए कथा सुनकर पशुपति व्रत उसकी माता व उसने किया इसके बाद उसकी सरकारी नौकरी लग गई। भीलवाड़ा की रतन देवी ओझा ने पत्र में लिखा कि उसकी बहू को 18 वर्ष से संतान सुख नहीं मिल रहा था उसके बाद उसने पशुपति व्रत करना शुरू किया और उसकी बहू के 18 वर्ष संतान हुई। इसके चलते वह अपनी 6 माह की बच्ची के साथ कथा सुनने आज पुष्कर आयी है। गुजरात की 53 वर्षीय कला बेन शर्मा ने पत्र में लिखा है कि वर्ष 2014 में उसके कैंसर हो गया इसके बाद उसके परिजन ने कैंसर का आॅपरेशन कराया उस समय उसके कैंसर का क्रम और बढ़ गया इसके बाद उसने कथा सुनकर उसने शिवलिंग पर चढ़ाए जल को पीना और बेल्वपत्र खाना शुरू किया। इसके बाद पुन: जांच कराई तो उसके कैंसर रोग समाप्त हो गया। इसके लिए वह गुजरात से पुष्कर कथा सुनने आई। रामपुरा डाबला पीसांगन के राजेन्द्र ने पत्र में लिखा है कि उसके जीभ में कैंसर की गांठ हो गई थी तब उसने आॅपरेशन कराया लेकिन उसके वापस कैंसर की गांठ हो गई। तब वह बहुत परेशान हो गया इसके बाद उसने कथा सुनना शुरू किया और शिवलिंग पर जल चढ़ाकर पीना शुरू किया उसके कुछ दिनों बाद वापस जांच कराई तो उसके कैंसर की बीमारी खत्म हो गया। भीलवाड़ा की धनवती पाल ने पत्र में लिखा कि उसका बेटा वर्ष 2018 से सरकारी नौकरी के लिए प्रयास कर रहा था लेकिन सफलता नहीं मिली तब वर्ष 2021 में शिवमहापुराण कथा सुनी और शिवालय जाना शुरू किया तथा पशुपति व्रत कर शिव मंदिर में साफ-सफाई करना शुरू किया तथा 12 मई 2023 में सीहोर जाकर वहां महादेव से प्रार्थना की गई 8 जून को उसके बेटे की सरकारी नौकरी लग गई। अजमेर निवासी डा. डिम्पल सेन ने पत्र में लिखा कि उसकी दोनों आंखों से 8 वर्षों से लगातार पानी बहता रहता था जिससे उसको पढ़ाई सहित बहुत परेशानी उठानी पड़ी। उसके कई चिकित्सकों को दिखाया लेकिन सही नहीं हुआ तथा उसने 2 वर्ष पूर्व कथा सुनकर शिवलिंग पर जल चढ़ाकर जल को आंखों पर लगाया और उसकी यह बीमारी सही हो गई। अजमेर की इन्द्रा सेन ने पत्र में लिखा कि उसके 3-4 वर्षों से सोयराइसिस की बीमारी थी। चिकित्सकों को दिखाया लेकिन आराम नहीं मिली। इसके बाद कथा सुनना शुरू किया और शिवलिंग पर चढ़े बेल्वपत्र को खाना शुरू किया और शिव अभिषेक किया उसके बाद उसकी यह बीमारी सही हो गई।</p>
<p><strong>कुंदकेश्वर महादेव की सजाई सजीव झांकी</strong><br />कथा के पंचम दिवस की समाप्ति पर रविवार को कार्तिकेय-तरकासुर युद्ध के बाद कुंदकेश्वर महादेव की सजीव झांकी सजाई गई। जिसमें महादेव ने हाथ में त्रिशुल और डमरू तथा सिर पर चांद शोभयमान था। तत्पश्चात शिवमहापुराण कथा का पूजन किया गया। इस मौके पर आयोजनकर्त्ताओं के साथ विधायक सुरेश सिंह रावत, अजमेर उप महापौर नीरज जैन, हर्ष पाराशर, गौरव मित्तल सहित प्रबुद्धजन मौजूद थे। वहीं कथा शुभारंभ पर पार्षद टीकम शर्मा, ओमप्रकाश डोल्या, धीरज जादम, उमा दग्दी, चन्द्रशेखर गौड़, अमित भट्ट, रघु पारीक, गोपालकृष्ण चौधरी, संजय दग्दी, मुकश्ो कुमावत, इन्दरसिंह पंवार आदि ने कथा व्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया। </p>
<p><strong>श्रोताओं की उमड़ी भीड़</strong><br />पुष्कर के मेला मैदान में चल रही सात दिवसीय श्री ब्रह्मा शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन रविवार को शिवभक्त श्रोताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 7 बजे से ही भीड़ पुष्कर के चारों तरफ से उमड़ना शुरू हुई जिसका क्रम दोपहर 2 बजे लगातार बना रहा। वहीं कथा स्थल मेला मैदान के प्रवेश व निकास द्वार पर श्रोताओं की कैंची देखने को मिली। 1 बजे हल्की रिमझिम बारिश शुरू हुई लेकिन कुछ देर में बारिश बंद होने से कथा का आयोजन आनंदपूर्वक हुआ। कथा स्थल व इसके बाहर इतनी अधिक मात्रा में भीड़ पहली बार देखी गई।</p>
<p><strong>खाने-पीने की वस्तुएं बांटी</strong><br />शिव महापुराण कथा में आने वाले शिवभक्तों के लिए पुष्कर सहित आस-पास के दानदाताओं द्वारा दिल खोलकर प्रतिदिन द्वारा कथा स्थल सहित कथा मार्ग में शिवभक्त श्रोताओं को पानी की बोतलें, बिस्किट, मिल्क रोज, फल फ्रूट, नींबू पानी सहित खाने पीने की चीजे बांटी जा रही है। वहीं कथा में पं. मिश्रा भी श्रोताओं को खाने पीने की वस्तुऐं बांटने की अपील कर रहे है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jul 2023 12:35:05 +0530</pubDate>
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                <title>हरी व हर का मिलन ही श्रावण व अधिक मास</title>
                                    <description><![CDATA[शिव पुराण कथा कहती है कि जल ही शिव का स्वरूप है। उन्होंने जल को बचाने के लिए सभी भक्तों को पौधेरोपण करने को कहा। महाराज ने कहा कि शिव महापुराण कथा कहती है कि झूठ नहीं बोलना चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/the-meeting-of-hari-and-har-is-the-month-of/article-50961"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/multipurpose-timeline-infographic-based-on-years-(6).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पुष्कर। तीर्थनगरी पुष्कर में विश्व की पहली श्री ब्रह्मा शिव महापुराण कथा का शुभारंभ बुधवार को हुआ। अंतर्राष्टÑीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) ने सात दिवसीय कथा के प्रथम दिवस जगत पिता ब्रह्माजी की उत्पत्ति एवं तीर्थगुरु पुष्कर राज का महत्व बताया। सावन माह के मौके पर पुष्कर के मेला मैदान में आयोजित कथा में भीषण गर्मी व उमस के बीच 50 हजार से अधिक शिवभक्तों ने कथा का रसपान किया। महाराज ने कहा कि सौभाग्यशाली है जो तीर्थनगरी में शिव महापुराण कथा सुनने का अवसर मिला है। इस मौके पर पूरा कथा स्थल श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के उद्घोष से गूंज उठा।<br /><br />अंतर्राष्टÑीय वैश्य महासम्मेलन अजमेर के सानिध्य में चन्द्रकांता-कैलाशचंद, मोनिका-राकेश, कीर्ति-अमितकुमार गुप्ता खण्डेलवाल परिवार की ओर से आयोजित कथा का विधिवत शुभारंभ बुधवार को गणपति वंदना के साथ हुआ। इसके बाद करीब 1.15 बजे कथा व्यास पं. प्रदीप मिश्रा कथा स्थल पर पहुंचे और उन्होंने भगवान लड्डूगोपाल की पूजा व माल्यार्पण किया। तत्पश्चात शिवपुराण कथा पुराण की पूजा व नमन कर व्यास पीठ की गद्दी पर विराजमान हुए। तथा गणपति सहित देवताओं की जयकार करते हुए अपनी समुधुर वाणी से ऊं नम: शिवाय भजन की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर हर महादेव, श्री शिवाय नमस्तुभ्यं, एक लोटा जल सभी समस्या का हल आदि का उच्चारण कर कथा शुरू की। उन्होंने कहा कि शिव कथा भगवान शंकर का संवाद है, भगवान शिव की कथा है उसमें 24 हजार श्लोकों का अपार समुद्र है। अगर आपने शिवमहापुराण की कथा का 1 क्षण भी इस श्रावण मास में पुष्कर राज की भूमि, ब्राह्मणों की धरा व ब्रह्मा जी का निवास ऐसी पवित्र भूमि पर कथा सुनने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने श्रोताओं से एक बार पुष्कर सरोवर में स्रान पूजन व ब्रह्मा जी के दर्शन कर अपने जीवन का धन्य बनाने का आग्रह किया। आगे बताया कि प्रतिदिन मनुष्य के शरीर से 21 हजार 6 सौ श्वास निकलती है उसमें वह कितनी श्वास भगवान, भजन, परिवार, स्वयं के कार्य में लगा रहे है। बताया कि मनुष्य ने पृथ्वी पर कितना धर्म व पुण्य किया इसका हिसाब परमात्मा जरूर लेता है। सभी को अपने मोबाइल पर फोटो व स्टेटस उसकी लगानी चाहिए जिसने तुम्हारी तकदीर बदल दी हो। हरी और हर का मिलन श्रावण और अधिक मास है। महाराज ने सत्यनारायण कथा के महत्व के बारे में भी बताया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जल ही शिव का स्वरूप, उसे बचाएं<br /></strong>शिव पुराण कथा कहती है कि जल ही शिव का स्वरूप है। उन्होंने जल को बचाने के लिए सभी भक्तों को पौधेरोपण करने को कहा। महाराज ने कहा कि शिव महापुराण कथा कहती है कि झूठ नहीं बोलना चाहिए। और अहंकार व दिखावे से भगवान शंकर प्रसन्न नहीं होते है। महादेव को प्रसन्न करने के लिए स्वयं भोला भक्त बन जाए। अपनी वाणी, शरीर व चरित्र द्वारा किसी को दुख ना दे यहीं भोला भक्त होता है। ब्रह्मा की नगरी में पहली बार शंकर के भक्त आए तो सभी को पानी पिलाये। महाराज ने कहा कि अगर घर में से कोई भी एक सदस्य महादेव पर एक लोटा जल चढ़ा रहा है तो वह अपनी एकत्तर पीढ़ी को पार लगा रहा है। अंत में महाराज ने ईसर गणगौर की कथा बताई। इस मौके पर आयोजक अमित गुप्ता एवं कीर्ति गुप्ता द्वारा ईसर गणगौर के रूप में सजीव झांकी सजाई गई। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1 हजार अश्वमेघ यज्ञ करने के बराबर पुष्कर में एक रात रुकना<br /></strong>उन्होंने भक्तों से सभी तीर्थों के गुरु पुष्कर में शिव के प्रिय मास सावन माह में ब्रह्मा शिव महापुराण कथा सुनने का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि पद्मपुराण में लिखा है कि 1 हजार अश्वमेघ यज्ञ और एक रात्रि पुष्कर राज की भूमि पर निवास करने के महत्व के बराबर है। कहा कि पद्मपुराण कहती है अगर कोई पृथ्वी पर आकर 1 हजार अश्वमेघ यज्ञ नहीं कर पाए तो उसे प्रयास करना कि पुष्कर पहुंचकर पवित्र सरोवर में स्रान, पूजा व ब्रह्मा का दर्शन कर लेंवे तो उसे यह पुण्य प्राप्त हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कथा श्रवण मात्र ही समस्याओं का निस्तारण<br /></strong>पं. मिश्रा ने बताया कि ब्रह्माजी ने भगवान विष्णु से प्रश्न किया कि में आपकी नाभी से प्रकट हुआ हूं और आप मेरे पिता हो। ब्रह्माजी ने विष्णु भगवान से प्रश्न किया कि आपको आपके पिता का नाम बता है। तब भगवान विष्णु ने सरल भाषा में बताया कि मेरे पिता देवादिदेव महादेव है, कोई दूसरा नहीं। बताया कि भगवान विष्णु की लक्ष्मीजी के साथ विवाह भी भगवान शंकर ने करवाया। कथा में पं. मिश्रा ने उत्तराखंड स्थित बद्री विशाल की कथा को विस्तार से समझाया। सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड, सभी तीर्थों का गुरु पुष्कर राज है। पं. मिश्रा ने बताया कि प्रत्येक शिव मंदिर में भगवान शंकर के लिंग चाहे वह पाषण का हो, हरी को, पन्ने, चांदी, सोने, स्फटिक शिवलिंग आदि पर चढ़े जल को आचमन कर सकते है, लेकिन इनमें एक पारद के शिवलिंग पर चढ़े जल का आचमन नहीं किया जाता है। भगवान शिव के स्वरूप को साधारण मनुष्य द्वारा पहचान पाना बहुत कठिन है। उन्होंने कहा कि जो शिव महापुराण कथा सुनता है उसके सभी समस्या भगवान महादेव हर लेते है। <br /><br /><strong>महादेव से कामना करो दुख का समय समाप्त होगा</strong><br />अगर आपके दुख का समय समाप्त नहीं हो रहा है और आपने देवी देवताओं, ज्योतिषाचार्य, वास्तु शास्त्र, अंगुठियां पहन आदि प्रयास कर लिए लेकिन कोई सफलता नहीं मिले तो उन्हे इस श्रावण मास में एक प्रयास यह करना है कि जो पौधा अपने घर में लगा हो उसी पौधे की मिट्टी से थोड़ी मिट्टी हाथ से निकालकर उसी पौधे के नीचे लिंग की आकृति बनाकर पूजन व जल चढ़ाकर 15-20 मिनट बाद अपना कार्य करने के बाद उसको उसी मिट्टी में अपनी कामना कर विसर्जन कर दे। दो महिने बाद महादेव क्या देगा ये महादेव ही जानते है। <br /><br /><strong>3 वर्ष पहले हुई बुकिंग अजमेर की जगह पुष्कर में फाइनल हुई</strong><br />महाराज ने बताया कि 3 वर्ष पहले यजमान परिवार ने बुकिंग कराई उस समय अजमेर में कथा कराने का विचार था। महाराज ने बताया कि कुछ समय पूर्व उनकी दिल की इच्छा, यजमान परिवार की इच्छा व ब्रह्माजी व महादेव की कृपा से कथा का पुष्कर में होना फाइनल हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ब्रह्माजी के कटे सिर से कर्मनाशा नदी प्रकट हुई<br /></strong>बताया कि ब्रह्माजी ने शंकर भगवान की वाणी को झूठा संबोधित करने पर महादेव ने अपने पैर के अंगूठे के नख को तोड़कर काल भैरव को प्रकट किया और फिर काल भैरव को कहा कि ब्रह्माजी का शीश काट दो। ब्रह्माजी का शीश कटकर लुढ़कता हुआ कर्मनाशा नदी प्रकट हो गई। वो कर्मनाशा नदी का पानी जिसका पानी का छींटा भी शरीर पर लग जाये तो सात पीढ़ी में किया हुआ पुण्य नष्ट हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>तैतीस कोटि देवी देवताओं करते थे यहां तप-साधना<br /></strong>महाराज ने कहा कि पुष्कर के पवित्र सरोवर में स्रान, पूजन व आचमन करो सही है लेकिन कपड़े धोना, कुल्ला या गंदगी करना ये बहुत गलत है। उन्होंने बताया कि पूर्व काल में एक ब्रजनाभ नामक राक्षस था जिसका काम था जलाश्य को दूषित करना था। यह राक्षस जल को दूषित इसलिए करता था कि यह गंदा जल देवताओं पर चढ़ेगा तो देवताओं नाराज होकर उस जल से नफरत करेंगे। उन्होंने बताया कि पद्मपुराण में लिखा है कि पुष्कर के कंकर-कंकर में, पुष्कर की रज-रज व एक-एक कण कण में तैतीस कोटि देवी देवताओं बैठकर तप साधना करते है यह भूमि पुष्कर है। यहां गंदगी करना उचितता नहीं व श्रेष्ठता नहीं है। लेकिन ब्रजनाभ ने गंदगी करी तब ब्रह्माजी ने समझाया लेकिन वह नहीं समझा तब ब्रह्माजी ने गुस्से में आकर ब्रजनाभ को मार दिया। ब्रह्माजी ने वापस आकर क्रोध में आकर बैठे तब उनके गले में कमल के पुष्प की माला से दो पुष्प व हाथ से एक पुष्प पृथ्वी पर आकर गिरे इससे तीन पुष्कर का निर्माण हुआ। यहां पर ब्रह्माजी ने यहां आकर जन कल्याण के लिए यज्ञ किया। और पृथ्वी का निर्माण किया। बताया कि द्वापर युग में ब्रह्माजी ने राधा रानी का भगवान कृष्ण के साथ विवाह कर कन्यादान किया था। कन्या का कन्यादान करना सरल बात नहीं है कथा के अनुसार बेटा एक कुल को और बेटी दो कुल को तारती है। जब बेटी का कन्यादान पिता करते से ही वो पिता 94 तरह के नरकों को नहीं भुगता है वो वैकुंठधाम को चला जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>...तो नारी अपमान का दोष दूर होगा<br /></strong>महाराज ने बताया कि पुष्कर के सरोवर का जल लेकर ब्रह्मा जी का नाम लेकर कपालेश्वर महादेव पर समर्पित किया जाता है तो भूल से भी किसी नारी का अपमान किया हो या गर्भ में बेटी का शांत हो गई हो उसका दोष पुष्कर राज की धरा पर समाप्त हो जाता है यह वो भूमि है।<br />उन्होंने कहा कि मनुष्य में किसी पूजन, सत्संग व धार्मिक कर्म करते समय अगर थोड़ा भी अंहकार आ जाए तो भगवान उस धार्मिक कर्म को कभी स्वीकार नहीं करते है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>भजनों की दी प्रस्तुति<br /></strong>कथा में महाराज एवं भजन मंडली ने हरी ओम में ओम समाया है मेरा भोला पुष्कर में आया है, मेरे भोले के हाथों में त्रिशुल है, खाली ना जाता कोई दर से तुम्हारे में भी खड़ा हूं नंदी बाहें पसारे अपने हृदय से लगा लो लगा लो गिरा जा रहा हूं उठा लो उठा लो, मत कर बुरे कर्म भगवान की आंखों से तू बच नहीं पायेगा आदि भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>हंसी मजाक के साथ लगाए ठहाके<br /></strong>कथा में पं. प्रदीप मिश्रा ने कई प्रसंगों के बीच बीच में श्रोताओं को हंसी मजाक के साथ जमकर ठहाके लगाए जिस पर श्रोताओं ने हंसते हुए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए तालियां बजाई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>भक्तों के आए पत्रों को पढ़ा<br /></strong>कथा के दौरान पं. मिश्रा ने राजस्थान सहित दूरदराज से आए पत्रों को पढ़कर श्रोताओं को सुनाया। इस दौरान चंडीगढ़ से नरेश कुमारी महिला भक्त के एक पत्र को पढ़ते हुए बताया कि उस भक्त ने शिव के बगलामुख और बगलामुखी माता वाला हल्दी की माला वाले उपाय से उसकी भक्त की वर्षों पुरानी सोरयसिस वाली बीमारी समाप्त हो गई। इसी तरह उस भक्त ने पशुपति नाथ का व्रत कर महादेव से विनती करने पर उसके 35 वर्षीय बेटें की रूकी हुई शादी हो गई है। बीकानेर के महिला भक्त मोहिनी देवी सोनी के आए पत्र को पढ़ते हुए बताया कि उसके बेटे के गले में हो रखी केंसर की गांठ व बंद आवाज केवल शिव पुराण कथा सुनने और महादेव पर चढ़े एक बल्व पत्र और जल को बेटे को पिलाने से सहीं हो गई। जयपुर निवासी लक्ष्मी यादव के पत्र में बताया कि एक लोटे जल व महादेव पर चढ़े बल्वपत्र को खाने और कुंदकेश्वर महादेव की कृपा से उसके पेट की केंसर की गांठ सही हो गई। नसीराबाद के नांदला निवासी कमला देवी के पत्र में बताया कि महादेव पर चढ़े जल को पीने व बल्वपत्र खानें से उसकी दांतों की बड़ी बीमारी सही हो गई। नागौर के डेगाना निवासी महिला भक्त कैलाश कंवर के आए पत्र को पढ़ते हुए बताया कि उस महिला के पशुपति व्रत करने व सफेद आंकड़े की जड़ का प्रयोग करने से उसकों संतान सुख की प्राप्ति हुई। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आरती में देवस्थान मंत्री रावत सहित जनप्रतिनिधियों ने लिया भाग<br /></strong>शाम 4 बजे कथा समय की समाप्ति पर शिव पुराण कथा में भगवान शंकर की आरती की गई। इस अवसर पर राज्य सरकार की देवस्थान मंत्री श्रीमती शकुंतला रावत, आरटीडीसी चैयरमेन धर्मेन्द्र सिंह राठौड़, प्रदेश के उप नेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया, सांसद भागीरथ चौधरी, विधायक सुरेश सिंह रावत, पूर्व विधायक डा. श्रीगोपाल बाहेती, अजमेर उप महापौर नीरज जैन, आयोजक परिवार एवं जनप्रतिनिधियों सहित प्रबुद्धजनों ने आरती में भाग लिया। इस मौके पर प्रवक्ता उमेश गर्ग ने सभी अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया। इससे पूर्व सभी ने हजारों भक्तों के साथ कथा श्रवण किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कथा शुरू होने से पहले ही पांडाल खचाखच <br /></strong>मेला मैदान में पं. प्रदीप मिश्रा की 7 दिवसीय श्री ब्रह्मा शिव महापुराण कथा सुनने के लिए पहले ही दिन उम्मीद से अधिक शिव भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। बुधवार को दिन निकलने के साथ ही श्रोताओं ने डेरा जमाना शुरू कर दिया। कथा दोपहर 1 बजे शुरू होनी थी, लेकिन इससे पहले ही आयोजन स्थल महिला-पुरूषों से खचाखच भर गया। जिसको जहां जगह मिली, वहीं बैठ गए। अधिकतर महिला भक्तों ने भजन गाकर पं. मिश्रा के आने का इंतजार किया। शाम को पहले दिन की कथा संपन्न होने के साथ ही मेला मैदान से एक साथ शिव भक्तों की भीड़ रैले के रूप में बाहर निकली। कथा के बाद कई श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्रान व ब्रह्मा मंदिर के दर्शन किए। वहीं बाकी आस-पास के गांव व शहरों से आए शिव भक्त वापस अपने घरों के लिए लौट गए। इसके चलते बस स्टैंड व पार्किंग स्थलों पर काफी देर तक लोगों का जमघट लगा रहा तथा बांगड़ व गनाहेड़ा तिराहे पर जाम लग गया। वाहनों को पुष्कर से निकालने के लिए पुलिस व यातायत कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बसों की कमी, यात्री परेशान<br /></strong>भारी भीड़ के बावजूद रोडवेज प्रशासन ने बसों की माकूल व्यवस्था नहीं की है। शिव भक्तों को कथा के पहले ही दिन बसों की कमी का सामना करना पड़ा। कथा संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोग बस स्टैंड पहुंचे, मगर उन्हें बसों का धूप में बैठ कर घंटों इंतजार करना पड़ा। बसों का इंतजार कर रहे कुछ लोगों की तबीयत भी बिगड़ गई। इस मामले में कांगे्रस ब्लॉक अध्यक्ष संजय जोशी ने गहरी नाराजगी प्रकट की है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पुलिसकर्मी व पासधारियों में नोंकझोंक<br /></strong>आयोजक परिवार की ओर से प्रबुद्ध नागरिकों को विशिष्ट अतिथि के नाम से पास जारी किए गए। हालांकि शुरूआत में तो प्रवेश द्वार पर तैनात पुलिस कर्मियों ने पासधारी लोगों को अतिथि दीर्घा में बैठने दिया। मगर बाद में अतिथि दीर्घा में प्रवेश रोक दिया। जिससे पासधारियों व पुलिस कर्मियों के बीच कई बार नोंकझोंक देखने को मिली।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>उपखंड़ कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित<br /></strong>उपखंड अधिकारी निखिल कुमार पोद्दार ने बताया कि शिव महापुराण कथा में शिव भक्त श्रोताओं व सावन मास के दौरान सरोवर का जल लेने के लिए आने वाले कावड़ियों की आपात काल में सहायता के लिए उपखंड़ कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष के तहसीलदार संदीप चौधरी प्रभारी रहेंगे। नियंत्रण कक्ष 24 घंटे खुला रहेगा। कक्ष में तीन कर्मचारियों की राउंड़ द क्लॉक ड्यूटी लगाई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>स्कूल बसों को भी रोका<br /></strong>कथा के चलते अजमेर रोड स्थित यात्री कर नाके से गनाहेड़ा तिराहे तक के मुख्य मार्ग समेत शहर के गली-मौहल्लों में चार पहिए वाहनों के आवागमन पर पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह से रोक लगा दी है। यही नहीं अजमेर से आने वाली स्कूल बसों को भी शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। सभी बसों को अजमेर रोड यात्री कर नाके से पहले ही रोका जा रहा है। जिससे अजमेर पढ़ने के लिए जाने वाले छात्र-छात्राओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्कूल बसों को दो किमी पहले ही रोकने से अभिभावकों में रोष उत्पन्न हो रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Jul 2023 09:41:41 +0530</pubDate>
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                <title>मोदी आज पुष्कर-अजमेर में</title>
                                    <description><![CDATA[मोदी दोपहर सवा तीन बजे विशेष विमान से किशनगढ़ एयरपोर्ट पहुुंचेंगे। यहां से हैलिकॉप्टर के जरिए वह पुष्कर जाएंगे। जहां ब्रह्मा मंदिर में दर्शन कर पूजा करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/modi-in-pushkar-ajmer-today/article-47245"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/630-400-size-(3)2.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को अजमेर आएंगे। वह शाम पांच बजे कायड़ विश्राम स्थली में भाजपा की ओर से आयोजित आमसभा में सरकार के नौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा के महाजनसम्पर्क और जनसंवाद अभियान का आगाज करेंगे। इससे पूर्व वह पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। </p>
<p>मोदी दोपहर सवा तीन बजे विशेष विमान से किशनगढ़ एयरपोर्ट पहुुंचेंगे। यहां से हैलिकॉप्टर के जरिए वह पुष्कर जाएंगे। जहां ब्रह्मा मंदिर में दर्शन कर पूजा करेंगे। पुष्कर से वह शाम पांच बजे कायड़ विश्राम स्थली में बनाए गए अस्थाई हेलिपैड पहुंचेंगे। सभा में मोदी नौ साल की उपलब्धियां जनता के समक्ष रखेंगे। आमसभा की तैयारी के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, प्रदेश महामंत्री संगठन चंद्रशेखर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ सहित कई नेता पिछले कई दिनों से अजमेर में डेरा डाले हुए हैं। मंगलवार शाम पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी अजमेर पहुंचीं। उन्होंने कायड़ विश्राम स्थली पहुंचकर आमसभा की तैयारियों का जायजा लिया।</p>
<p><strong>अब तक की सबसे बड़ी सभा होगी</strong><br />भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जोशी और नेता प्रतिपक्ष राठौड़ का कहना है कि बुधवार को आयोजित होने वाली आमसभा अजमेर संभाग की अब तक की सबसे बड़ी आमसभा साबित होगी।  इसी के अनुसार आमसभा की तैयारियां की जा रही हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 May 2023 10:05:52 +0530</pubDate>
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                <title>दीपदान से जगमग पुष्कर सरोवर</title>
                                    <description><![CDATA[गहलोत ने मेला मैदान पर झण्डारोहण कर मेले का उद्घाटन किया और पुष्कर सरोवर की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/pushkar-sarovar-lit-by-lamp/article-28349"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/q-11.jpg" alt=""></a><br /><p>कासं/नवज्योति, पुष्कर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पुष्कर धाम सभी वर्गों की आस्था का केन्द्र है। सभी जाति और धर्मों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुष्कर में आते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पुष्कर मेले में वृहद स्तर पर उत्कृष्ट एवं भव्य व्यवस्थाएं की गई हैं। सीएम मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेला-2022 के उद्घाटन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस भव्य उद्घाटन कार्यक्रम के माध्यम से एक नई शुरुआत हुई है, आजादी के बाद पुष्कर तीर्थ में पहली बार ऐसा भव्य दृश्य देखने को मिला है। यहां शानदार व्यवस्थाओं के साथ उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसके लिए आयोजन से जुड़े सभी विभाग तथा पुरोहित समाज बधाई के पात्र हैं। गहलोत ने कहा पुष्कर धाम के विकास के लिए किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। विगत दो वर्षों से कोरोना के कारण मेला आयोजित करने में परेशानी आई परन्तु इस वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी पुष्कर मेले में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी को प्रेम, सद्भावना और आपसी भाईचारे के साथ मिलकर रहना चाहिए। <br /><br /><strong>झण्डारोहण कर मेले का उद्घाटन किया </strong><br />गहलोत ने मेला मैदान पर झण्डारोहण कर मेले का उद्घाटन किया और पुष्कर सरोवर की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने पवित्र पुष्कर सरोवर के ब्रह्म घाट पर आयोजित सरोवर अभिषेक, महाआरती और दीपदान कार्यक्रम में भाग लिया। दीपदान कार्यक्रम में सरोवर के 52 घाटों पर सवा लाख दीपकों से दीपदान एवं महाआरती की गई। <br /><br /><strong>विकास प्रदर्शनी का अवलोकन</strong><br />गहलोत ने मेला स्थल पर लगी राजीविका विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विकास प्रदर्शनी में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं से बातचीत की और विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी की सराहना की। राजस्थान राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत के कार्यकाल में आमजन के हित के लिए ऐतिहासिक फैसले हुए हैं। ओल्ड पेंशन स्कीम, मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, नि:शुल्क जांच एवं उपचार तथा अन्य फ्लैगशिप योजनाओं से करोड़ों लोगों को राहत मिली है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री शकुंलता रावत, बीज निगम के चेयरमैन धीरज गुर्जर, सांसद भागीरथ चौधरी, विधायक गंगा देवी, सुरेश रावत, मेला प्राधिकरण उपाध्यक्ष रमेश बोराणा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।<br /><br /><strong>110 करोड़ के कार्यों की सौगात</strong><br />इस मौके पर गहलोत ने अजमेर और पुष्कर में 110 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इसमें स्मार्ट सिटी, अजमेर विकास प्राधिकरण एवं वन विभाग के तहत विभिन्न विकास कार्य और परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुष्कर सरोवर में गंदे पानी की समस्या के समाधान के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है। करीब 11 करोड़ रुपए की लागत से पुष्कर का विकास कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुष्कर में घाटों का जीर्णाेद्धार एवं अन्य विकास कार्य जल्द पूरे किए जाएंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Nov 2022 09:57:23 +0530</pubDate>
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                <title>पुष्कर पशु हाट मेले का शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना गाइड लाइन के चलते उद्घाटन समारोह आयोजित नहीं किया गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B6%E0%A5%81-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%9F-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%AD/article-2205"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/camel.jpg" alt=""></a><br /><p>पुष्कर। पुष्कर पशु मेले का सोमवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। कोरोना गाइड लाइन के चलते उद्घाटन समारोह आयोजित नहीं किया गया  और ना ही कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। मेले में भाग लेने के लिए देश भर से पशु पालक अपने पशुओं को लेकर आए हैं।     </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Nov 2021 12:46:23 +0530</pubDate>
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