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                <title>may - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>Wholesale Inflation बढ़कर मई में 2.61 प्रतिशत</title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य और विनिर्मित वस्तुओं के दामों में तेजी के चलते थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रा स्फीति गत मई में बढ़कर 2.61 प्रतिशत रही जबकि अप्रैल में यह 1.26 प्रतिशत थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/wholesale-inflation-increased-by-261-percent-in-may/article-81564"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/wholesale-inflation.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। खाद्य और विनिर्मित वस्तुओं के दामों में तेजी के चलते थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रा स्फीति गत मई में बढ़कर 2.61 प्रतिशत रही जबकि अप्रैल में यह 1.26 प्रतिशत थी।</p>
<p>शुक्रवार को जारी मासिक रिपोर्ट के अनुसार मई में थोक मूल्य सूचकांक आधार वर्ष (2011-12) बढ़कर 153. 3 हो गया जबकि अप्रैल में यह 153.0 प्रतिशत रहा।</p>
<p>मई में खाद्य वस्तुओं की थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 7.40 प्रतिशत पर पहुँच गयी जबकि अप्रैल में यह 5. 52 प्रतिशत थी। इसी प्रकार खाद्य वस्तुओं का थोक मूल्य सूचकांक 185.7 था जबकि एक माह पहले 183. 6 प्रतिशत था। वहीं  प्राथमिक वस्तुओं की थोक महंगाई दर 7.20 प्रतिशत रही जबकि इससे एक माह पहले यह 5.01 प्रतिशत थी।</p>
<p>मई में विनिर्मित वस्तुओं के थोक मूल्यों में भी वृद्धि दर्ज की गई और इस वर्ग में थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 0. 78 प्रतिशत दर्ज की गई जबकि अप्रैल में विनिर्मित वस्तुओं के थोक भाव सालाना आधार पर 0. 42 प्रतिशत कम थे।</p>
<p>ईंधन और बिजली की थोक दरें मई में सालाना आधार पर 1. 35 प्रतिशत ऊँची थी जबकि अप्रैल में ईंधन और बिजली वर्ग की थोक मुद्रास्फीति 1.38 प्रतिशत थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 17:34:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>बच्चे को जबरदस्ती खाना खिलाना पड़ सकता है आपको भारी</title>
                                    <description><![CDATA[कई बार मां अनजाने में बच्चे को ओवरफीड करवा देती हैं। जिससे उसे फायदे की जगह नुकसान उठाना पड़ता है। जब बच्चे को जबरदस्ती फीड करवाया जाता है तो वह खाने को जल्दी-जल्दी निगलने लग जाता है। ऐसा करते समय कई बार उसे उल्टियां शुरू हो जाती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/you-may-have-to-force-feed-the-baby/article-13905"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/focus.jpg" alt=""></a><br /><p>बच्चों की पोषण संबंधी जरूरतों का ख्याल रखने की जिम्मेदारी ज्यादातर मांए अपने पास ही रखती हैं। बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास उन्हें मिलने वाले पोषण पर निर्भर करता है। लेकिन कई बार मां अनजाने में बच्चे को ओवरफीड करवा देती हैं। जिससे उसे फायदे की जगह नुकसान उठाना पड़ता है। जब बच्चे को जबरदस्ती फीड करवाया जाता है तो वह खाने को जल्दी-जल्दी निगलने लग जाता है। ऐसा करते समय कई बार उसे उल्टियां शुरू हो जाती है।</p>
<p><br />जब बच्चे को जबरदस्ती खाने के लिए दिया जाता है तो इससे उनके पाचन तंत्र पर विपरीत असर पड़ सकता है। बच्चे जब जबरदस्ती खाना खाते हैं तो वह उसे चबाते नहीं है सीधा निगल लेते हैं। जिसकी वजह से पाचन तंत्र अच्छी तरह से काम नहीं कर पाता है। लगातार ऐसा करने से बच्चे को डाइजेशन संबंधी समस्या हो सकती है।जो बच्चे घर में जबरदस्ती खाना खाते हैं या उन्हें ओवर फीडिंग करवाया जाता है, उनमें मोटा होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।  जरूरत से ज्यादा खाना बच्चे के शरीर में फैट के रूप में स्टोर होने लगता है। जिससे उनका वजन भी बढ़ने लगता है। बच्चे को जबरदस्ती खाना खिलाने से उसे गैस संबंधी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है। <br /><br />क्या करें <br />कभी भी बच्चे को एक साथ बहुत अधिक खाना खाने के लिए ना दें। बल्कि उसे थोड़-थोड़ दें, ताकि उसकी बॉडी खाने को अच्छी तरह डाइजेस्ट कर सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Jul 2022 15:09:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>वेस्ट इंडीज टी-20 सीरीज से भी बाहर हो सकते हैं विराट</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय क्रिकेट टीम के शीर्ष बल्लेबाज विराट कोहली को वेस्ट इंडीज दौरे की वनडे सीरीज के बाद टी-20 सीरीज के दौरान भी आराम दिया जा सकता है। क्रिकबज ने गुरुवार को कहा कि कोहली ने चयनकर्ताओं, टीम प्रबंधन और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से अनुरोध किया है कि उन्हें वेस्ट इंडीज दौरे के लिए टीम में शामिल न किया जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/virat-may-stay-out-of-west-indies-t20-series-too/article-13854"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/virat.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई।</strong> भारतीय क्रिकेट टीम के शीर्ष बल्लेबाज विराट कोहली को वेस्ट इंडीज दौरे की वनडे सीरीज के बाद टी-20 सीरीज के दौरान भी आराम दिया जा सकता है। क्रिकबज ने गुरुवार को कहा कि कोहली ने चयनकर्ताओं, टीम प्रबंधन और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से अनुरोध किया है कि उन्हें वेस्ट इंडीज दौरे के लिए टीम में शामिल न किया जाए। क्रिकबज ने कहा कि कोहली के अलावा अन्य वरिष्ठ खिलाड़ी तीन मैच की टी-20 सीरीज के लिए टीम में वापसी करेंगे।</p>
<p>इस दौरे पर रविचंद्रन अश्विन को टीम में शामिल किया जा सकता है। अश्विन टी-20 विश्व कप 2021 में टीम का हिस्सा रहे थे लेकिन पिछले सात महीनों से उन्होंने एक भी अंतरराष्ट्रीय  सीमित ओवर मुकाबला नहीं खेला है, हालांकि राहुल द्रविड़ के कोच बनने के बाद अश्विन को सूचित किया गया था कि टीम को उनके अनुभव और कौशल की जरूरत है। वेस्ट इंडीज टी-20 सीरीज के लिए टीम का ऐलान 10 जुलाई को इंग्लैंड के विरुद्ध होने वाले तीसरे और अंतिम टी-20 के बाद हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Jul 2022 11:34:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चीनी निर्यात रोकने की योजना बना रहीं मोदी सरकार, अलग-अलग चीजों पर लगाया बैन</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्र सरकार छह साल में पहली बार चीनी निर्यात रोकने की योजना बना रही है। घरेलू कीमतों में उछाल को रोकने के लिए सरकार ऐसा कर रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इस सीजन के निर्यात को 10 मिलियन टन तक सीमित कर सकती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/there--may---ban-on-sugar-export--central-government---ready-to-stop-inflation/article-10423"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/suger.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> केन्द्र सरकार छह साल में पहली बार चीनी निर्यात रोकने की योजना बना रही है। घरेलू कीमतों में उछाल को रोकने के लिए सरकार ऐसा कर रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इस सीजन के निर्यात को 10 मिलियन टन तक सीमित कर सकती है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक और ब्राजील के बाद दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है। इसके टॉप ग्राहकों में बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मलेशिया और दुबई शामिल हैं।<br /><br /><strong>स्टॉक्स में गिरावट</strong><br />चीनी से जुड़े ज्यादातर स्टॉक्स में गिरावट देखने को मिली। श्री रेणुका शुगर का स्टॉक करीब 14 फीसदी और बलरामपुर चीनी करीब 10 फीसदी टूट गया। मामले से जुड़े एक व्यक्ति के हवाले से ब्लूमबर्ग ने लिखा सरकार सितंबर तक चलने वाले मार्केटिंग ईयर के लिए चीनी निर्यात को 10 मिलियन टन तक सीमित करने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अक्टूबर में अगला चीनी सीजन शुरू होने से पहले पर्याप्त भंडार हो।<br /><br /><strong>अलग-अलग चीजों पर लगाया बैन</strong></p>
<p>यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद, फूड प्राइसेस आसमान छू रही हैं और दुनिया भर की सरकारों ने अपने देश में जरूरी चीजों की कीमत न बढ़े इसके लिए इन वस्तुओं के एक्सपोर्ट पर पाबंदी लगाई है। मलेशिया एक जून से चिकन का एक्सपोर्ट रोकने जा रहा है। इंडोनेशिया ने हाल ही में अस्थायी रूप से पाम ऑयल पर प्रतिबंध लगाया था। भारत ने गेंहूं के एक्सपोर्ट को भी प्रतिबंधित कर दिया है। सर्बिया और कजाकिस्तान ने अनाज शिपमेंट पर कोटा लगाया है।</p>
<p><strong>16 मिलियन का सरप्लस स्टॉक</strong><br />चीनी निर्यात को सीमित करने की सरकार की योजना एहतियात वाली है। चीनी की घरेलू आपूर्ति प्रचुर मात्रा में है। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन के अनुसार भारत में इस सीजन में 35 मिलियन टन उत्पादन और 27 मिलियन टन की खपत होने की उम्मीद है। पिछले सीजन के लगभग 8.2 मिलियन टन के भंडार सहित 16 मिलियन का सरप्लस है।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 May 2022 15:30:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मौसम: अगले 5 वर्षों में टूट सकता है तापमान का बैरियर</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व मौसम संगठन का आकलन है कि अगले पांच सालों में कोई एक साल ऐसा हो सकता है जिसमें धरती की तापमान वृद्धि का 1.5 डिग्री का बैरियर टूट जाये।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/weather--temperature-barrier-may-break-in-next-5-years/article-10296"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/133.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विश्व मौसम संगठन का आकलन है कि अगले पांच सालों में कोई एक साल ऐसा हो सकता है जिसमें धरती की तापमान वृद्धि का 1.5 डिग्री का बैरियर टूट जाये। विश्व मौसम विज्ञान संगठन यानी डब्लूएमओ की ओर से जारी नई रिपोर्ट द ग्लोबल एनुअल टू डिकेडल क्लाइमेट अपडेट के हवाले से पता चला है कि इस बात की करीब 48 फीसदी आशंका है कि अगले पांच वर्षों में वैश्विक तापमान में होती वृद्धि 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर जाएगी। यह अनुमान ऐसे समय आया है जब भारत समेत पूरा दक्षिण एशियाई उपमहाद्वीप भयानक हीट वेब की चपेट में हैं। पाकिस्तान में सूखा पड़ा है और भीषण गर्मी से जनता बेहाल है। उधर, शोध ये भी बता रहे हैं कि ग्लेशियरों के लिए ग्लोबल वॉर्मिंग के प्रभाव से उबरना कठिन होता जा रहा है। भारत पिछले कुछ हफ्तों से भयानक हीट वेब की मार झेल रहा है। मौसम विभाग की घोषणा के हिसाब से गुरुवार को देश में हीट वेब का दूसरा दौर शुरू हो गया। राजस्थान के धौलपुर, अलवर, करौली और नागौर में तापमान गुरुवार को 46 डिग्री से ऊपर रहा। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा जिले में दिन का अधिकतम तापमान 49 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।<br /><br /><strong>दिल्ली, यूपी में तापमान 49 डिग्री सेंटीग्रेड से ऊपर</strong><br />भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मई में बांदा में यह अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। जिले में पिछला अधिकतम तापमान 31 मई 1994 को 48.8 डिग्री सेल्सियस था। इससे पहले दिल्ली और उत्तर प्रदेश में तापमान 49 डिग्री सेंटीग्रेड और उससे ऊपर तक चले गये। हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू, कश्मीर, लद्दाख और बिहार में तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री तक अधिक रहा। जयपुर में रविवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से 7 डिग्री ऊपर था। गुजरात में गर्मी के कारण पेड़ों से पक्षियों के बेहोश होकर गिरने की खबर आई। इस बीच देश में भीषण गर्मी के बीच प्रायद्वीप के इलाकों में भारी बारिश की खबर है। केरल ने पांच जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।</p>
<p><br />आईएमडी यानी मौसम विभाग ने राज्य में 27 मई तक जल्द मानसून के आने की घोषणा की है। आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा चक्रवाती तूफान असानी और करीम के कारण हो रहा है। ऐसे में वैश्विक तापमान में होती वृद्धि पहले ही पूर्व-औद्योगिक काल के औसत तापमान स्तर से 1.1 डिग्री सेल्सियस ज्यादा हो चुकी है। मतलब कि इसके पेरिस समझौते के 1.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने से केवल 0.4 डिग्री सेल्सियस दूर है।<br /><br /><br /><strong>टूट सकता है सबसे गर्म साल का रिकॉर्ड</strong><br />कुछ साल पहले तक कहा जा रहा था कि साल 2050 या 2040 तक धरती का तापमान डेढ़ डिग्री की लक्ष्मण रेखा को पार करेगा जो दुनिया में तबाही की घंटी है लेकिन अब यह अगले कुछ ही सालों में होता दिख रहा है। जी हां, विश्व मौसम संगठन यानी डब्लूएमओ ने कहा है कि इस बात की 50: 50 आशंका है कि अगले 5 साल में धरती का तापमान 1.5 डिग्री की तापमान वृद्धि हासिल कर ले। रिपोर्ट में इस बात की भी 93 फीसदी आशंका जताई है कि वर्ष 2022 से 2026 के बीच कम से कम कोई एक साल ऐसा हो सकता है जो इतिहास के अब तक के सबसे गर्म वर्ष के रूप में दर्ज हो सकता है, जो 2016 के सबसे अधिक गर्म होने के रिकॉर्ड को तोड़ देगा। यूएन एजेंसी प्रमुख पेटेरी तालास ने चेतावनी दी है कि इसके साथ-साथ हमारे महासागर गर्म और अधिक क्षारीय होते जाएंगे। <br /><br />इसके साथ ही समुद्र और ग्लेशियरों में जमा बर्फ पिघलती रहेगी हिमनदों के लिए ग्लोबल वॉर्मिंग के प्रभाव से उबरना कहीं अधिक कठिन होगा। स्टॉकहोम विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी आॅफ कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में कहा है कि ग्रीनलैंड जैसे इलाकों में बर्फ की दीवार (आइस शेल्फ) अगर बढ़ते तापमान के कारण टूट जाती है तो वह फिर दोबारा खड़ी नहीं हो सकती चाहे ग्लोबल वार्मिंग रुक भी जाए।<br />ग्लेशियरों की बर्फ पहले के मुकाबले 30% अधिक पिघल रही</p>
<p><br />अंतराष्ट्रीय विज्ञान जर्नल नेचर कम्युनिकेशन्स में प्रकाशित इस शोध के मुताबिक यह आइस शेल्फ, ध्रुवीय बर्फ की चादरों को होनी वाली क्षति को भी कम करती हैं। वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि ग्लेशियरों की बर्फ अब पहले के मुकाबले 30% अधिक पिघल रही है। भारत के लिये यह शोध विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां के हिमालयी क्षेत्र में 10 हजार से अधिक छोटे-बड़े ग्लेशियर हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 May 2022 16:27:07 +0530</pubDate>
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                <title>टी-20 से बाहर रह सकते हैं विराट कोहली और रोहित</title>
                                    <description><![CDATA[आईपीएल 2022 के ठीक बाद दक्षिण अफ्रीका नौ जून से 19 जून के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिये भारत का दौरा करेगी। साथ ही भारत 16 जून को इंग्लैंड दौरे के लिए भी रवाना होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sports-news--virat-kohli-and-rohit-may-stay-out-of-t20/article-9908"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/rohit-sharma-virat-kohli.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। आईपीएल 2022 के ठीक बाद दक्षिण अफ्रीका नौ जून से 19 जून के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिये भारत का दौरा करेगी। साथ ही भारत 16 जून को इंग्लैंड दौरे के लिए भी रवाना होगा। ऐसे में मुमकिन है कि चेतन शर्मा की चयन समिति दोनों सीरीज के लिए दो अलग-अलग टीमों का चयन करे।  क्रिकबज के अनुसार विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, रिषभ पंत, केएल राहुल, मोहम्मद शमी, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा और चेतेश्वर पुजारा को इंग्लैंड दौरे में शामिल किया जाएगा जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इन्हें आराम दिया जाएगा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले पांच टी-20 मुकाबलों में आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को जगह दी जा सकती है। शिखर धवन की कप्तानी में तिलक वर्मा, उमरान मलिक और अर्शदीप सिंह टीम में जगह बना सकते हैं।</p>
<p>चयनकर्ताओं की बैठक से पहले आईपीएल में चोटिल हुए सूर्यकुमार यादव के स्वास्थ्य का भी जायजा लिया जाएगा। यह कयास भी लगाये जा रहे हैं कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 खेलने वाली टीम 26 और 28 जून को होने वाले टी-20 मुकाबलों के लिए आयरलैंड का दौरा करेगी, जबकि वरिष्ठ खिलाड़ी इंग्लैंड दौरे में व्यस्त होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 May 2022 10:53:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कमर्शियल/सरकारी उपयोगकर्ताओं से ट्विटर ले सकता है शुल्क</title>
                                    <description><![CDATA[ट्विटर वाणिज्यिक, सरकारी यूजर्स से शुल्क ले सकता है: मस्क]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/twitter-may-charge-fees-from-commercial-government-users/article-9106"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/elon-musk.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। टेस्ला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क ने कहा कि एक बार जब वह आधिकारिक तौर पर ट्विटर का अधिग्रहण कर लेते हैं, तो यह सेवा वाणिज्यिक और सरकारी उपयोगकर्ताओं के लिए थोड़ी महंगी हो सकती है। मस्क ने मंगलवार को ट्विटर पर लिखा,''कैजुअल यूजर्स के लिए ट्विटर हमेशा फ्री रहेगा, लेकिन कमर्शियल/सरकारी उपयोगकर्ताओं के लिए यह थोड़ी सी कीमती हो सकती है।''<br /><br />वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि मस्क ने निवेशकों से कहा कि वह लगभग तीन साल बाद फिर से ट्विटर को सार्वजनिक करने की योजना बना रहे हैं। ट्विटर ने पिछले हफ्ते कहा था कि वह मस्क द्वारा 44 अरब डॉलर के सौदे में अधिग्रहण करने के लिए सहमत है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 May 2022 13:54:24 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गहलोत की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को लग सकता है झटका, ACB और RAS के बीच टकराहट ने कांग्रेस सरकार की बढ़ाई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[ आरएएस के आंदोलन की लगाम सीएमओ में तैनात अफसरों के हाथों में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--gehlot-s-zero-tolerance-policy-may-get-a-setback--the-conflict-between-acb-and-ras-increased-the-concern-of-the-congress-government/article-9103"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/ras-acb.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में पिछले पांच दिनों से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी और आरएएस के बीच चल रही टकराहट ने राज्य सरकार की चिंता को बढ़ा दिया है। सरकार को चिन्ता है कि इस टकराहट के चलते मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू की गई जीरो टॉलरेंस की नीति पर ब्रेक लगने की आशंका है। आरएएस की परिषद एसीबी के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ी हुई है, जबकि एसीबी के अधिकारी इसका विरोध कर रहे हैं। इस मसले के हल के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्य सचिव उषा शर्मा और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार को जिम्मेदारी सौंपी है। आरएएस के आंदोलन की लगाम सीएमओ में तैनात अफसरों के हाथों में है।<br /><br /><strong>इस वजह से हुआ विवाद</strong><br />भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 26 अप्रैल को राष्टÑीय पोषण अभियान में डिस्ट्रिक्ट कोआॅर्डिनेटर लगाने के नाम पर रिश्वत लेते दो कार्मिकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। एसीबी ने जब इस मामले में आरोपी से पूछताछ की तो उन्होंने उच्चाधिकारियों का नाम लिया। इसके बाद एसीबी पूछताछ के लिए तत्कालीन एडिशनल डायरेक्टर भागचंद बधाल को  लेकर गई। उसी देर शाम उन्हें छोड़ भी दिया। भागचंद बधाल को बिना नोटिस के इस तरह जबरन पूछताछ के लिए लेकर जाना आरएएस को नागवार गुजरा। आरएएस ने 28 अप्रैल को इसका विरोध जताया और मुख्य सचिव से मुलाकात की। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन की मौजूदगी में मुख्य सचिव ने घटना की पूरी जानकारी ली थी। इस दौरान आरएएस अधिकारियों ने साफ  कहा कि माफी से काम नहीं होगा। जब तक कार्रवाई नहीं होगी, बात खत्म नहीं होगी। आरएएस का विरोध जारी है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार को चिंता है कि आरएएस एसोसिएशन की मांग को स्वीकार करते हुए एसीबी के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो इसका आरपीएस एसोसिएशन भी विरोध जता सकती है। पिछले तीन साल से एसीबी की ओर से की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से उसकी देशभर में तारीफ हो रही है, लेकिन सिविल सर्विसेज के अफसरों की नींद उड़ी हुई है।<br /><br /><strong>गहलोत का था पहला संदेश</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की सत्ता संभालने के एक दिन बाद ही संदेश दिश था कि किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। गहलोत ने 20 दिसम्बर 2018 को अपने अधिकारियों के साथ बैठक में यह संदेश दिया था।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 May 2022 12:52:53 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>'खुदा हाफिज 2' का इंतजार मई के बाद होगा खत्म, 17 जून को रिलीज होगी विद्युत जामवाल की फिल्म</title>
                                    <description><![CDATA[फिल्म के पोस्टर में विद्युत एक कैदी की वर्दी में बढ़े हुए बाल और दाढ़ी में नजर आ रहे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/bollywood-news--waiting-for-khuda-hafiz-2-will-end-after-may--vidyut-jammwal-s-film-to-release-on-june-17/article-8322"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/khuda-hafiz-.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड के एक्शन हीरो विद्युत जामवाल की फिल्म 'खुदा हाफिज' 2Ó22 जून को रिलीज होगी।  विद्युत जामवाल और शिवालिका ओबेरॉय स्टारर थ्रिलर फिल्म 'खुदा हाफिज' दर्शकों को काफी पसंद आई थी। विद्युत जामवाल ने पिछले साल जुलाई में शिवलीका ओबेरॉय के साथ खुदा हाफिज चैप्टर 2 की शूटिंग शुरू की थी। अब उन्होंने फिल्म की रिलीज डेट का भी एलान कर दिया है। फिल्म के पोस्टर में विद्युत एक कैदी की वर्दी में बढ़े हुए बाल और दाढ़ी में नजर आ रहे है। इस बारे में अभिनेता विद्युत जामवाल ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी। <br /><br />अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर फिल्म का एक पोस्टर शेयर करते हुए विद्युत ने फिल्म की तारीख का एलान किया। इस पोस्टर को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि खुदा हाफिज चैप्टर 2 में समीर और नरगिस की अग्निपरीक्षा के साक्षी बनें। फिल्म 17 जून, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Apr 2022 18:09:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरयू की स्नातक की परीक्षाएं 5 मई से</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र की स्नातक (यूजी) परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिसमें चार लाख से अधिक नियमित और प्राइवेट छात्र शामिल होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--ru-graduation-exams-from-may-7/article-8264"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/4564654465.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र की स्नातक (यूजी) परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिसमें चार लाख से अधिक नियमित और प्राइवेट छात्र शामिल होंगे। परीक्षा 5 मई से 29 जून तक होगी। आरयू प्रशासन ने परीक्षाओं की तैयारियों पूरी कर ली है। आरयू स्नातकोत्तर (पीजी) का अभी तक टाइम टेबल जारी नहीं किया गया है, इसमें करीब 1.50 लाख छात्र शामिल होंगे।</p>
<p><strong>यह होगा समय</strong> <br />स्नातक प्रथम पार्ट की परीक्षा सुबह 11 से 12.30 बजे तक और 12.40 से 2.10 तक होगी। स्नातक दूसरे पार्ट की परीक्षा दोपहर 3 से 4.30 बजे और चार से 6.10 बजे तक होगी। स्नातक तृतीय पार्ट की परीक्षा सुबह 7 से 8.30 बजे और 8.40 से 10.10 बजे तक होगा।</p>
<p>5 मई से स्नातक की परीक्षाएं शुरू होगी जो जून तक पूरी होगी, लेकिन जैसे-जैसे परीक्षाएं पूरी होती जाएगी। वैसे-वैसे कॉपी जांच का काम भी जारी रहेगा, जिससे की समय पर छात्रों का परिणाम जारी किया जा सके।<br /><strong>- डॉ. राकेश राव, परीक्षा नियंत्रक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--ru-graduation-exams-from-may-7/article-8264</link>
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                <pubDate>Thu, 21 Apr 2022 12:01:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुतिन यूक्रेन में कर सकते हैं परमाणु हथियारों का इस्तेमाल, जेलेंस्की ने पूरी दुनिया को दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[कीव को हथियारों की जल्द आपूर्ति जरूरी : यूरोपीय आयोग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/putin-may-use-nuclear-weapons-in-ukraine--zelensky-warns-the-whole-world/article-8075"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ukraine2.jpg" alt=""></a><br /><p>कीव।  यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने दुनिया को चेतावनी दी है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन में सामरिक परमाणु हथियारों का उपयोग करने की संभावना के लिए तैयार रहें। यह सूचना सीएनएन के जरिए दी। सीएनएन के साथ एक साक्षात्कार में जेलेंस्की ने कहा कि केवल मुझे ही नहीं पूरी दुनिया को सभी देशों को चिंतित होना होगा क्योंकि यह वास्तविक जानकारी नहीं हो सकती है, लेकिन यह सच हो सकती है। मीडिया आउटलेट ने उन्हें यह कहते हुए उद्धृत किया कि उन्हें रासायनिक हथियार का प्रयोग करना चाहिए, वे कर सकते हैं क्योंकि उनके लिए लोगों का जीवन कुछ भी नहीं। इसलिए। हमें सोचना चाहिए डरना नहीं चाहिए बल्कि तैयार रहना चाहिए। लेकिन यह कोई केवल यूक्रेन के लिए सवाल नहीं है, बल्कि मुझे लगता है कि पूरी दुनिया के लिए है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पुतिन यूक्रेन में सामरिक परमाणु हथियारों का उपयोग कर सकते हैं। एक कोने में वे इसका समर्थन करते हैं। मीडिया आउटलेट ने सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक बिल बर्न्स के हवाले से कहा कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन और रूसी नेतृत्व की संभावित हताशा को देखते हुए उन्हें अब तक सैन्य रूप से जिन असफलताओं का सामना करना पड़ा है।</p>
<p><br /> हम में से कोई भी सामरिक परमाणु हथियारों या कम क्षमता वाले परमाणु हथियारों के संभावित खतरे को हल्के में नहीं ले सकते हैं। इस बीच यूक्रेन द्वारा रूस के सैनिकों के नुकसान की तुलना करते हुए जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार युद्ध में लगभग 2,500 से 3,000 यूक्रेनी सैनिक मारे गए हैं, हालांकि, रूस की हताहतों की संख्या 19,000 से 20,000 है। उन्होंने कहा कि युद्ध में लगभग 10,000 यूक्रेनी सैनिक घायल हुए हैं और यह कहना मुश्किल है कि उनमें से कितने जीवित रहेंगे। नागरिक के हताहतों पर उन्होंने कहा कि नागरिकों के बारे में बात करना बहुत मुश्किल है क्योंकि हमारे देश के दक्षिण में जहां कस्बों और शहरों को अवरुद्ध कर दिया गया है खेरसान, बर्डियांस्क, मारियुपोल आगे पूर्व में और पूर्व में वोल्नोवाखा क्षेत्र-हम नहीं जानते कि उस क्षेत्र में कितने लोग मारे गए हैं जो अवरुद्ध है। 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन में एक विशेष सैन्य अभियान के तहत कार्रवाई शुरू की, जिसे पश्चिम ने एक अकारण युद्ध करार दिया। इसके परिणामस्वरूप पश्चिमी देशों ने मास्को पर कई गंभीर प्रतिबंध लगाए हैं।<br /><br /><br /><strong>नाटो में शामिल होने के लिए जेलेंस्की समय हासिल करना चाहते है: रूस</strong><br />मॉस्को। रूसी संसद के निचले सदन के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन ने रविवार को कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में क्रीमिया मुद्दे पर चर्चा करने के लिए अपनी कथित तत्परता व्यक्त की थी और नाटो में शामिल होने से इनकार किया था लेकिन इसके पीछे उनका मकसद नाटो से सैन्य सहायता के लिए कुछ समय हासिल करना था। वोलोदिन ने कहा कि जेलेंस्की ने तुर्की में वार्ता से पहले भी यही कहा था, जब रूसी सेना कीव पहुंच चुकी थी। उनके अनुसार, मॉस्को ने कीव क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियों को कम कर दिया था। अपने सैनिकों को वापस ले लिया था। जिसके बाद बुचा में सैनिकों को उकसाया गया और कीव ने समझौते को स्वीकार नहीं किया। वोलोदिन ने कहा कि आज भी स्थिति वैसी ही है। इसके पीछे कारण स्पष्ट है।<br /><br /> राष्ट्रपति जेलेंस्की सैन्य सहायता के लिए नाटो की ओर रुख करते हुए समय हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना पहले ही अपने 23,367 साथियों को खो चुकी है और मारियुपोल में शनिवार को 1,464 यूक्रेनी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा कि अगर वह (जेलेंस्की) अपने नागरिकों की हित चाहते हैं, तो यूक्रेन को डोनेट्स्क और लुहान्स्क गणराज्यों से अपने सैनिकों को वापस लेना चाहिए और क्रीमिया पर रूस की संप्रभुता को ध्यान में रखना चाहिए। इसके अलावा नाटो में शामिल नहीं होने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए।<br /><br /><strong>कीव को हथियारों की जल्द आपूर्ति जरूरी : यूरोपीय आयोग</strong><br />यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने यूक्रेन में रूस के चल रहे विशेष सैन्य अभियान के बीच यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों से यूक्रेन को जल्द से जल्द और अधिक हथियारों की आपूर्ति करने का आह्वान किया है।  लेयेन ने रविवार को प्रकाशित जर्मन बिल्ड एम सोनटैग अखबार के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि सभी सदस्य राज्यों को यूक्रेन को यथाशीघ्र हथियार  मुहैया कराना चाहिए, तभी वह रूस के खिलाफ अपने रक्षात्मक संघर्ष में बच सकता है। यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने में मदद के लिए हर संभव प्रयास करने की आवश्यकता है, हालांकि युद्ध सबसे खराब स्थिति में महीनों या वर्षों तक चल सकता है। लेयेन ने कहा कि यूक्रेन को वह देने की जरूरत है जो उसे अपनी रक्षा के लिए चाहिए और जो वह संभाल सकता है।इस महीने की शुरुआत में लेयेन के साथ कीव की अपनी यात्रा के बाद, ईयू की विदेश नीति के प्रमुख जोसेप बोरेल ने कीव को और सैन्य सहायता प्रदान करने की ईयू की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि यूक्रेन में संघर्ष युद्ध के मैदान में जीता जाएगा।<br /><br /> उल्लेखनीय है कि अमेरिका में रूसी राजदूत अनातोली एंटोनोव ने चेतावनी दी है कि पश्चिम से यूक्रेन में संघर्ष क्षेत्र में हथियारों का निरंतर प्रवाह आग में ईंधन डाल रहा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को मिल रही घातक सैन्य आपूर्ति को रोकना महत्वपूर्ण है। रूस ने यह भी चेतावनी दी है कि पश्चिम द्वारा कीव को जो हथियार दिए जाते हैं, वे ईयू में कहीं भी आतंकवादियों के हाथ लग सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Apr 2022 15:02:14 +0530</pubDate>
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                <title>खत्म हो सकता है सस्ते लोन का दौर, जून से लग सकता है ज्यादा ब्याज का झटका, बढ़ेगी ईएमआई </title>
                                    <description><![CDATA[ब्याज में वृद्धि से ईएमआई का बोझ बढ़ेगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/-era-of-cheap-loans-may-end--there-may-be-a-shock-of-more-interest-from-june--emi-will-increase/article-7993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/emi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आरबीआई अगली बैठक में रेपो दर में बढ़ोतरी करने का फैसला करता है तो इसका सीधा असर फ्लोटिंग दर पर लोन लेने वालों पर होगा। उनकी ईएमआई में बढ़ोतरी हो जाएगी। स्थायी दर पर लोन लेने वालों पर कोई असर नहीं। महंगाई के 17 महीनों के उच्च स्तर पर पहुंचने के साथ ही ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ गई है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आगामी बैठक में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इसका कारण यह है कि केंद्रीय बैंक के पास विकास को बाधित किए बिना कीमतों को नियंत्रित करने के सीमित विकल्प हैं।  खाद्य महंगाई और तेल की ऊंची कीमतों के कारण पिछले महीने यानी मार्च में खुदरा महंगाई दर 6.95 फीसदी पर पहुंच गई है। अर्थशास्त्री महंगाई के अधिक व्यापक होने के कारण चिंतित हैं। <br /><br />हाल ही में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि महंगाई अस्थायी है। इसके उलट यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में तेजी आ रही है।  ऐसे में अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि आरबीआई जून की द्विमासिक मौद्रिक समिति की बैठक में नीतिगत दरों में 25 आधार अंक या .25 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है।<br /><br /><strong>ब्याज में वृद्धि से ईएमआई का बोझ बढ़ेगा</strong><br />यदि आरबीआई अगली बैठक में रेपो दर में बढ़ोतरी करने का फैसला करता है तो इसका सीधा असर फ्लोटिंग दर पर लोन लेने वालों पर होगा। ऐसे लोगों की ईएमआई में बढ़ोतरी हो जाएगी। हालांकि, स्थायी दर पर लोन लेने वालों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनकी ईएमआई यथावत रहेगी।</p>
<p><br /><strong>छह फीसदी तक पहुंच सकती है रेपो दर</strong><br />ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने हाल ही में एक नोट में कहा है कि महंगाई में हो रही लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए आरबीआई अगली आठ बैठकों में हर बार रेपो दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकता है। इसके कारण वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में रेपो दर छह फीसदी तक पहुंच सकती है। नोट में कहा गया है कि 2022 में किसी एक बैठक में रेपो दर में 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी भी की जा सकती है।<br /><br /><strong>11 बार से कोई बदलाव नहीं</strong><br />आरबीआई ने नीतिगत दरों में 11 बार से कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो दरों में आखिरी बदलाव 22 मई 2020 को किया गया था। आरबीआई ने छह से आठ अप्रैल के बीच हुई बैठक में भी नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इस समय रेपो दर चार फीसदी और रिवर्स रेपो दर 3.35 फीसदी है। रेपो दर वह दर है, जिसपर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को फौरी जरूरतों को पूरा करने के लिये कर्ज देता है। जबकि रिवर्स रेपो दर के तहत बैंकों को अपना पैसा आरबीआई को देने पर ब्याज मिलता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Apr 2022 12:47:46 +0530</pubDate>
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