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                <title>हिन्द महासागर भारत-सेशेल्स संबंधों का स्तम्भ: पीएम मोदी बोले- इसकी सुरक्षा और समृद्धि हमारी जिम्मेदारी, यूपीआई और स्वास्थ्य क्षेत्र में समझौते</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित कर इतिहास रचा। सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान ‘ब्लू होराइजन के संरक्षक’ से सम्मानित पीएम मोदी ने हिंद महासागर को साझा विजन बताया। भारत-सेशेल्स संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने पर दोनों देशों के बीच यूपीआई (UPI) और जन औषधि क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/indian-ocean-is-the-pillar-of-india-seychelles-relations-pm-modi/article-158347"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/12200-x-600-px)-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिन्द महासागर को सेशेल्स और भारत के संंबंधोंं का स्तम्भ बताते हुए कहा है कि भारत ऐसे हिंद महासागर की कल्पना करता है, जहां समुद्री सुरक्षा के साथ आर्थिक समृद्धि भी बढ़े, जहां हमारी साझेदारी आकार नहीं, आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित हो, और जहां हम हर देश के पास-पास नहीं हर देश के साथ-साथ चलें। सेशेल्स यात्रा पर गए मोदी ने रविवार को राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद कहा कि हमारी परिकल्पना हिन्द महासागर को अवसरों का महासागर बनाना है। इस दौरान यू पीआई को सेशेल्स में लागू करने तथा जन औषधि जैसे स्वास्थ्य से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग के समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद मोदी ने सेशेल्स की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती के अवसर पर वहां की नेशनल असेंबली को भी संबोधित किया। मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।</p>
<p><strong>जलवायु कार्रवाई पर भारत का वैश्विक संदेश</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने समुद्री संरक्षण और जलवायु कार्रवाई में सेशेल्स की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित छोटे द्वीपीय देशों की चिंताओं को वैश्विक स्तर पर प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, मिशन लाइफ, आपदा-रोधी अवसंरचना और हरित विकास से जुड़ी भारत की पहलों का उल्लेख करते हुए जलवायु न्याय और समावेशी वैश्विक विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। </p>
<p><strong>भारत-सेशेल्स मित्रता के 50 वर्ष पूरे</strong></p>
<p>पीएम ने कहा कि उनकी यात्रा ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर हो रही है, जब सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता के पचास वर्ष पूरे कर रहा है, और हम भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों की भी पचासवीं वर्षगाठं मना रहे हैं। उन्होंने कहा, इन पचास वर्षों की यात्रा में हमने मित्रता को विश्वास में, विश्वास को सहयोग में, और सहयोग को जन-कल्याण में बदला है। </p>
<p><strong>साझी विरासत है हिन्द महासागर </strong></p>
<p>मोदी ने हिन्द महासागर को साझी विरासत बताते हुए कहा, हमारा विश्वास है कि हिन्द महासागर हमारा साझा घर है, इसकी सुरक्षा, सततता और समृद्धि हमारी साझा जिम्मेदारी है। यही भावना हमारे महासागर विजन का आधार है।</p>
<p><strong>सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए मोदी</strong></p>
<p>सेशेल्स ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रविवार को अपने सर्वाेच्च सम्मान ‘ब्लू होराइजन के संरक्षक’ से सम्मानित किया। पीएम मोदी को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में नेतृत्व के लिए यह सम्मान दिया गया है। यह सम्मान सतत विकास को बढ़ावा देने और हरित दृष्टिकोण के प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घकालिक प्रयासों को मान्यता देता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 11:38:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकास और सुशासन से परास्त हो रहा नक्सलवाद, बस्तर में शांति और अवसरों का नया दौर शुरू : पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आए बड़े बदलाव को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि जहां कभी भय और हिंसा का माहौल था, आज वहां विकास, सुशासन और जनविश्वास की जीत हो रही है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों में युवाओं की भागीदारी इस सकारात्मक परिवर्तन और सुरक्षा बलों के साहस का जीवंत प्रमाण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/victory-of-development-over-naxalism-new-era-of-peace-and/article-157842"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi-1.png" alt=""></a><br /><p>रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक संदेश में कहा है कि नक्सलवाद और माओवाद के खिलाफ सरकार की लड़ाई अब विकास, जनविश्वास और सुशासन की जीत के रूप में सामने आ रही है। जिन इलाकों में कभी भय और हिंसा का माहौल था, वहां आज विकास और नई संभावनाओं का दौर शुरू हो चुका है। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग ने मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग सुरक्षा, आजीविका और सम्मान को लेकर चिंतित रहते थे तथा विकास कार्यों का हिंसक विरोध किया जाता था। सड़क निर्माण, संचार सुविधाओं के विस्तार और अन्य परियोजनाओं को बाधित करने के प्रयास होते थे। इसके बावजूद सरकार ने विकास को प्राथमिकता देते हुए हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण कराया, मोबाइल टावर स्थापित किए और दूरस्थ क्षेत्रों तक संचार सुविधाएं पहुंचाईं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बैंकिंग, डाक सेवाओं और वित्तीय समावेशन के जरिए लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया। यह बदलाव केवल आधारभूत ढांचे के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन में विश्वास और अवसरों के विस्तार का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सुरक्षा अभियानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने, सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और लोकतंत्र में विश्वास मजबूत करने पर भी समान रूप से ध्यान दिया गया। इसी का परिणाम है कि आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है।</p>
<p>बस्तर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक और हिंसा का माहौल था, वहां आज युवा खेल, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी इस सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र-राज्य सरकार की समन्वित रणनीति के कारण बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीर बदली है। उन्होंने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, बैंकिंग और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच से लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर की पहचान नक्सली हिंसा नहीं, बल्कि विकास, जनभागीदारी, खेल, पर्यटन और नई संभावनाओं से बन रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सुशासन और विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा तथा बस्तर देश के तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 17:28:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ज्ञानेश कुमार ने किया बीएलओ और सुपरवाइजर्स से संवाद : BLO मेरे परिवार का हिस्सा, बोले- लोकतंत्र की सफलता में उनकी महत्ती भूमिका </title>
                                    <description><![CDATA[सीईसी ज्ञानेश कुमार ने जयपुर में 700 बीएलओ से संवाद करते हुए उन्हें निर्वाचन आयोग और मतदाताओं के बीच की अहम कड़ी बताया। उन्होंने राजस्थान द्वारा तय समय से 7 दिन पहले एसएसआर कार्य पूरा करने की सराहना की। सीईसी ने भारत की वैश्विक लोकतांत्रिक साख और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर बल दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gyanesh-kumar-interacted-with-blo-and-supervisors-blo-said-they/article-157624"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/gyanesh-kumar.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सभी बीएलओ मेरे परिवार का हिस्सा है। लोकतंत्र की सफलता में उनकी महत्ती भूमिका है। सीईसी शनिवार को सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी)में बीएलओ संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के लगभग 700 बूथ स्तरीय अधिकारियों बीएलओ और सुपरवाइजर्स से संवाद कर रहे थे। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बीएलओज की तारीफ करते हुए कहा कि हमारे बीएलओ के मेहनत का ही परिणाम रहा कि हम एसआईआर का कार्य तय समय से 7 दिन पूर्व संपन्न कर पाएं।</p>
<p><strong>खम्मा धणी से की शुरुआत</strong></p>
<p>मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने संबोधन की शुरुआत राजस्थानी परंपरा के अनुरूप खम्मा घणी... कहकर की। उन्होंने कहा कि सभी बीएलओ उनके परिवार का हिस्सा हैं, और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के आधार है। उन्होंने कहा कि 12 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में हुए एसआईआर में राजस्थान को प्रथम लाने में यहां के बीएलओ की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत में सभी चुनाव संविधान और विधि के अनुरूप स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न होते हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि भारत इस वर्ष लोकतांत्रिक देशों के वैश्विक संगठन इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस की अध्यक्षता कर रहा है। यह संगठन विश्व के सभी देशों में स्थायी, सशक्त और समावेशी लोकतंत्र को बढ़ावा देने वाली संस्था है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में चुनावों में मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि देश के नागरिकों का लोकतांत्रिक प्रक्रिया एवं निर्वाचन आयोग पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है।</p>
<p><strong>सेतु का काम करते हैं बीएलओ</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में निर्वाचन आयोग एक संस्थागत ढांचे के रूप में कार्य करता है, किंतु चुनावों के दौरान लगभग 1.80 करोड़ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भागीदारी के साथ यह विश्व की सबसे बड़ी चुनावी संस्था बन जाता है। इस विशाल व्यवस्था में बीएलओ सबसे आधारभूत और महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जो निर्वाचन आयोग और मतदाताओं के बीच सेतु का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के बीएलओ से संवाद चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी कराने में नई दिशा देगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 14:02:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी : AI के लिए प्रस्तुत किया 'मानव' विजन, सुरक्षा और समावेशिता पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-7 सम्मेलन में एआई के लिए भारत का 'मानव' विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि एआई का विकास सुरक्षा, गति और जनहित पर आधारित होना चाहिए। पीएम ने डीपफेक और साइबर खतरों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग और 'ग्लोबल साउथ' तक तकनीक पहुंचाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/development-of-artificial-intelligence-should-be-based-on-the-basic/article-157305"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/modii.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी-7 देशों के सामने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बारे में भारत के 'मानव' विजन का उल्लेख करते हुए कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास समावेशिता, सुरक्षा और जनहित के मूल सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए। जी-7 देशों के 52 वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस यात्रा पर गये पीएम मोदी ने बुधवार रात फ्रांस के एवियन में "इंश्योरिंग ए सेफ, रैपिड एंड एफिशिएंट रोल आउट ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस" विषय पर आयोजित आउटरीच सत्र को संबोधित किया।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि एआई एक परिवर्तनकारी शक्ति है जिसमें मानव सभ्यता की दिशा को फिर से परिभाषित करने की क्षमता है, लेकिन इसे लोगों को सशक्त बनाने वाला भी होना चाहिए। उन्होंने विस्तार से बताया कि इसी व्यापक सोच के साथ भारत ने हाल ही में एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी की थी। प्रधानमंत्री ने एआई के लिए भारत के 'मानव' विजन को रेखांकित किया, जो इस बात पर जोर देता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास समावेशिता, सुरक्षा और जनहित के मूल सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा साइबरस्पेस को एक वैश्विक सार्वजनिक संपत्ति के रूप में देखा है और लोकतांत्रिक देशों की ऐसी एआई मॉडल तक पहुंच होनी चाहिए जो उनके महत्वपूर्ण सूचना बुनियादी ढांचे को सुरक्षित कर सकें और उन्हें साइबर खतरों से निपटने में मदद कर सकें। उन्होंने एआई विकास के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण का आह्वान किया, जिसमें सुरक्षा, गति और दक्षता पर एक साथ ध्यान दिया जाए।</p>
<p>इस संबंध में, उन्होंने चार सुझाव दिए: एआई सिस्टम को 'सेफ-बाय-डिजाइन' (निर्माण के स्तर पर ही सुरक्षित) होना चाहिए। एआई के इस्तेमाल के साथ-साथ सामान्य मानक, परीक्षण फ्रेमवर्क और नियामक दिशानिर्देश होने चाहिए। डीपफेक, गलत सूचना और साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए प्रभावी वैश्विक सहयोग होना चाहिए और एक समावेशी दुनिया सुनिश्चित करने के लिए एआई का लाभ 'ग्लोबल साउथ' के देशों तक पहुँचना चाहिए।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उद्देश्य मानव क्षमता का विस्तार करना, मानवीय विकल्पों को सशक्त बनाना और मानव गरिमा की रक्षा करना होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इन उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:08:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी से मिलीं सिटी बैंक की अध्यक्ष एवं सीईओ: भारत के विकास की प्राथमिकताओं, सहयोग के अवसरों पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सिटी बैंक की सीईओ जेन फ्रेज़र ने मुलाकात की। उन्होंने भारत के 'विकसित भारत 2047' लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता जताई। बैठक में वैश्विक पूंजी निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। सिटी बैंक भारत में अपने परिचालन के 125 वर्ष पूरे करने जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/citibank-chairman-and-ceo-met-pm-modi-discussed-indias-development/article-156012"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/city-bank.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर काम करने वाले अमेरिका के प्रसिद्ध बैंकिंग संस्थान सिटी बैंक के संचालक मंडल की प्रमुख और मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) जेन फ्रेज़र ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और भारत के आर्थिक विकास में सहयोग देने की अपनी कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराया। सिटी अगले वर्ष भारत में अपने परिचालन के 125 साल पूरे करने जा रहा है। सिटी बैंक की ओर से गुरुवार को हुई इस मुलाकात पर जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री के साथ सिटी की सीईओ की कल हुई बातचीत में देश में वैश्विक निवेश आकर्षित करने, विदेशों में भारतीय कंपनियों को बढ़ावा देने और वैकल्पिक ऊर्जा तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्रों में अवसरों की तलाश करने जैसे विषय शामिल थे।</p>
<p>बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विकास की गति को तेज़ करने और आर्थिक रफ़्तार को बढ़ाने के अपने दृष्टिकोण को साझा किया। चर्चा में कई विषयों को शामिल किया गया, जिनमें भारत में निवेश और पूंजी प्रवाह, विदेशों में भारत के कॉर्पोरेट क्षेत्र के लिए अवसर, वैकल्पिक ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शामिल थे। उन्होंने इस बात पर विचार-विमर्श किया कि सिटी किस प्रकार भारत के आर्थिक एजेंडे को और अधिक समर्थन दे सकती है, देश में वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने में मदद कर सकती है, और दुनिया भर में नए बाज़ारों में विस्तार कर रही भारतीय कंपनियों को बढ़ावा दे सकती है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त, उन्होंने देश के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास से संबंधित अवसरों पर भी चर्चा की, जिसमें सौर ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन जैसे हरित ऊर्जा स्रोत शामिल हैं। बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विषय भी शामिल था, जिसमें इसके विनियमन की भूमिका और उन क्षेत्रों पर चर्चा हुई जहाँ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए इस तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। इस बैठक में फ्रेज़र के साथ सिटी के भारत में कारोबार के प्रभारी सीईओ, बैंकिंग प्रमुख और भारतीय उपमहाद्वीप के सब-क्लस्टर प्रमुख के. बालासुब्रमण्यम भी मौजूद थे। दोनों ने देश में सिटी की हालिया प्रगति पर चर्चा की और देश तथा अपने ग्राहकों को समर्थन देने की कंपनी की मज़बूत प्रतिबद्धता को दोहराया।</p>
<p>सिटी की ओर से कहा गया है कि यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी के सुधार के एजेंडे में वैश्विक वित्तीय संस्थानों के विश्वास को दर्शाता है। पीएम की ऐतिहासिक पहलों ने भारत के बैंकिंग परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है और वित्तीय समावेशन की प्रक्रिया को तेज़ किया है। देश के अग्रणी अंतरराष्ट्रीय बैंक के तौर पर सिटी ने 3-5 जून तक मुंबई में सीटी इंडिया कांफ्रेंस आयोजित किया है जिसमें में 1,500 से ज़्यादा ग्राहक और निवेशक आमंत्रित किये गये हैं। इस सम्मेलन का इस प्लेटफॉर्म का मकसद भारत से जुड़ी चर्चाओं को आगे बढ़ाना और वैश्विक पूंजी के लिए निवेश के अवसरों को उजागर करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 18:29:57 +0530</pubDate>
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                <title>ओबीसी की वंचित जातियों को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देने की मांग, कांग्रेस नेतृत्व को लिखा पत्र </title>
                                    <description><![CDATA[ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य राजेंद्र सेन ने कांग्रेस नेतृत्व को पत्र भेजकर वंचित ओबीसी जातियों को राज्यसभा में अवसर देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सैन, सुनार, कुम्हार और दर्जी जैसे उपेक्षित समाजों को राजनीतिक भागीदारी मिलने से सामाजिक न्याय मजबूत होगा और आगामी चुनावों में पार्टी को बड़ा समर्थन मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/letter-written-to-congress-leadership-demanding-representation-in-rajya-sabha/article-154662"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rajendra-sen.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल सदस्य राजेन्द्र सेन ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व को पत्र लिखकर ओबीसी वर्ग की वंचित जातियों को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी यदि उन ओबीसी जातियों को राजनीतिक भागीदारी देती है जिन्हें आज तक लोकसभा और विधानसभा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला, तो इससे सामाजिक और राजनीतिक न्याय को मजबूती मिलेगी। राजेन्द्र सेन ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भागीदारी देने का जो विजन रखा गया है, उसे धरातल पर उतारने के लिए वंचित ओबीसी समाजों को राज्यसभा में अवसर दिया जाना आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश में कई मेहनतकश एवं सेवा आधारित ओबीसी समाज आज भी राजनीति में उपेक्षित हैं। उन्होंने अपने पत्र में सैन समाज, सुनार समाज, लुहार समाज, दर्जी समाज, जांगिड समाज, कुम्हार समाज, तेली समाज, कलाल समाज, रावणा राजपूत समाज एवं धाकड़ समाज सहित अनेक जातियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन समाजों को आज तक विधानसभा और लोकसभा में पर्याप्त टिकट नहीं दिए गए हैं। इससे इन वर्गों में राजनीतिक भागीदारी की भावना कमजोर हुई है।</p>
<p>यदि कांग्रेस पार्टी इन वंचित ओबीसी समाजों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नेतृत्व को राज्यसभा में भेजती है, तो इससे इन समाजों में कांग्रेस के प्रति विश्वास मजबूत होगा तथा आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी को व्यापक समर्थन प्राप्त होगा। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की कि राज्यसभा में वंचित ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधियों को अवसर देकर सामाजिक न्याय एवं भागीदा</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 19:01:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तमिलनाडु में मंत्रिमंडल विस्तार : कांग्रेस की 59 साल बाद सत्ता में वापसी, जानें कितने विधायक बने मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी 10 दिन पुरानी कैबिनेट का विस्तार करते हुए 23 नए मंत्रियों को शामिल किया है। इसके साथ ही कांग्रेस के दो विधायकों के मंत्री बनने से राज्य में 59 साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई है और तमिलनाडु के इतिहास में पहली बार गठबंधन सरकार का गठन हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tamil-nadu-gets-first-coalition-government-cm-vijay-expands-cabinet/article-154529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cm-vijay.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक घटनाक्रम के तहत मुख्यमंत्री एवं टीवीके संस्थापक सी. जोसेफ विजय ने गुरुवार को अपने 10 दिन पुराने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए नये सहयोगी कांग्रेस को इसमें शामिल किया। इसके साथ ही राज्य में 59 वर्ष बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई और तमिलनाडु में पहली बार गठबंधन सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिससे द्रविड़ राजनीति के इस गढ़ में लंबे समय से चली आ रही एकदलीय शासन व्यवस्था का अंत हो गया।</p>
<p>तमिलनाडु में गठबंधन युग की शुरुआत विजय के उस चुनावी वादे की भी पूर्ति मानी जा रही है, जिसमें उन्होंने सहयोगी दलों के साथ सत्ता साझा करने की बात कही थी। इसे राज्य के राजनीतिक इतिहास में चुनाव बाद हुए पहले बड़े राजनीतिक पुनर्संयोजन के रूप में भी देखा जा रहा है। सीएम विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 10 दिन बाद अपने नौ मंत्रियों वाले मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 23 नये मंत्रियों को शामिल किया, जिनमें कांग्रेस के दो और सत्तारूढ़ टीवीके के 21 विधायक शामिल हैं। राज्यपाल आर. वी. आर्लेकर ने लोक भवन में आयोजित समारोह में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।</p>
<p>शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत वंदे मातरम्, राष्ट्रगान और तमिल थाई वाझ्तु से हुई। इससे पहले राज्यपाल ने मुख्यमंत्री की सिफारिश पर 23 विधायकों को मंत्रिपरिषद में शामिल करने को मंजूरी दी। नये मंत्रियों में तीन महिला मंत्री भी शामिल हैं, जिससे मंत्रिमंडल में महिला मंत्रियों की संख्या बढ़कर चार हो गयी है और कुल मंत्रियों की संख्या 33 हो गयी है। नवनियुक्त मंत्रियों के विभागों की घोषणा शीघ्र किये जाने की संभावना है।</p>
<p>कांग्रेस के दो मंत्रियों में विधायक दल के नेता एस. राजेश कुमार तथा पी. विश्वनाथन शामिल हैं। किलियूर से निर्वाचित राजेश कुमार और मदुरै जिले की मेलूर सीट से जीते विश्वनाथन के मंत्रिमंडल में शामिल होने के साथ ही कांग्रेस का लगभग छह दशक लंबा इंतजार समाप्त हो गया। वर्ष 1967 में के. कामराज और एम. भक्तवत्सलम सरकार की पराजय के बाद राज्य में कांग्रेस शासन समाप्त हो गया था। लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक मणिकम टैगोर ने कहा कि कांग्रेस के विधायकों का मंत्रिमंडल में शामिल होना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के दिन होना महज संयोग नहीं है।</p>
<p>वर्ष 1967 में द्रविड़ राजनीति के उदय के बाद अगले 59 वर्षों तक द्रमुक और अन्नाद्रमुक ने बारी-बारी से राज्य पर शासन किया। वर्ष 2026 में नयी गठित टीवीके ने इस लंबे द्रविड़ वर्चस्व को समाप्त करते हुए सत्ता हासिल की और राज्य में पहली गठबंधन सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त किया। गठबंधन सरकार की अवधारणा द्रमुक और अन्नाद्रमुक दोनों के लिए लंबे समय तक अस्वीकार्य रही थी। वर्ष 2006 में द्रमुक बहुमत से दूर रहकर भी कांग्रेस और अन्य सहयोगियों के बाहरी समर्थन से सरकार चलाने में सफल रही थी, लेकिन कांग्रेस तब सत्ता में साझेदारी नहीं कर सकी थी। इस बार कांग्रेस ने विजय के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मंत्रिमंडल में शामिल होकर लगभग 60 वर्ष पुराना सपना पूरा कर लिया। दो मंत्री पदों के अलावा कांग्रेस को राज्यसभा की एक सीट मिलने की भी संभावना है, जो विद्रोही अन्नाद्रमुक विधायक सी. वे. शण्मुगम के इस्तीफे से रिक्त हुई है।</p>
<p>पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने पहले तमिलनाडु कांग्रेस मुख्यालय और श्रीपेरंबदूर स्थित उनकी समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और बाद में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, विजय सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के एक-एक विधायक को भी मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने की संभावना है। दोनों दलों ने हालांकि अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है। सी. वे. शण्मुगम, एस. पी. वेलुमणि और सी. विजयभास्कर के नेतृत्व वाले अन्नाद्रमुक के विद्रोही गुट को मंत्रिमंडल विस्तार में कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला। वाम दलों और वीसीके ने उनके शामिल किये जाने का विरोध किया था।</p>
<p>सीएम विजय की पार्टी टीवीके ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीती थीं, जिनमें से एक सीट से विजय के इस्तीफे के बाद उसकी संख्या 107 रह गयी। कांग्रेस के पांच, माकपा, भाकपा और वीसीके के दो-दो विधायकों के समर्थन से सरकार ने 118 के बहुमत का आंकड़ा हासिल कर विश्वास मत जीत लिया। मंत्रिपरिषद में शामिल किये गये 23 नये चेहरों में श्रीनाथ, कमली एस., सी. विजयलक्ष्मी, आर. वी. रंजीतकुमार, विनोत, राजीव, बी. राजकुमार, वी. गांधीराज, मधन राजा, जेगदेश्वरी, एस. राजेश कुमार, एम. विजय बालाजी, लोगेश तमिलसेलवन, विजय तमिलन पार्थिबन, रमेश, पी. विश्वनाथन, आर. कुमार, के. थेन्नारसु, वी. संपत कुमार, मोहम्मद फारवस, डी. शरतकुमार, एन. मेरी विल्सन और विग्नेश के. शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 13:08:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भजनलाल सरकार में शिक्षा का स्वर्णिम दौर : आवासीय विद्यालयों के छात्रों ने रचा इतिहास, मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन से मिली सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी नीतियों से आवासीय विद्यालयों के छात्रों ने बोर्ड परीक्षाओं में कीर्तिमान रचा है। कला और वाणिज्य संकाय में लगभग 100% परिणाम के साथ वंचित वर्ग के विद्यार्थियों ने उत्कृष्टता सिद्ध की। मंत्री अविनाश गहलोत ने इस सफलता को समावेशी शिक्षा और शिक्षकों के समर्पण का परिणाम बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/golden-era-of-education-under-bhajanlal-government-students-of-residential/article-151812"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ambedkar-bhawan.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों का असर अब परिणामों में साफ दिखाई दे रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने इस वर्ष 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने इस शानदार उपलब्धि का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों को दिया। उन्होंने कहा कि यह सफलता वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नई प्रेरणा है और आने वाले समय में ये विद्यालय और बेहतर परिणाम देंगे।</p>
<p><strong>शानदार परीक्षा परिणाम</strong></p>
<p>आवासीय विद्यालयों के छात्रों ने इस वर्ष उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए—</p>
<p>10वीं बोर्ड में 97.98% परिणाम दर्ज किया। 1829 में से 1792 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।<br />12वीं विज्ञान संकाय में 98.38% सफलता मिली, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की।<br />कला संकाय में 99.85% का लगभग शत-प्रतिशत परिणाम रहा।<br />वाणिज्य संकाय में 100% परिणाम दर्ज कर सभी 18 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।</p>
<p>उच्च अंकों की बात करें तो कई विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त कर उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया।</p>
<p><strong>समावेशी शिक्षा का मॉडल बना योजना</strong></p>
<p>वर्ष 1997-98 में शुरू हुई आवासीय विद्यालय योजना आज सामाजिक परिवर्तन का मजबूत माध्यम बन चुकी है। वर्तमान में राज्य के 42 विद्यालयों में 14,500 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां अनुसूचित जाति, जनजाति, विशेष पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन, पुस्तकें और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।</p>
<p><strong>बढ़ते निवेश से मिल रहे बेहतर परिणाम</strong></p>
<p>राज्य सरकार द्वारा इस योजना पर लगातार निवेश बढ़ाया जा रहा है। पिछले वर्षों में करोड़ों रुपये खर्च कर हजारों विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है, जिससे शिक्षा का स्तर ऊंचा हुआ है और वंचित वर्ग मुख्यधारा से जुड़ रहा है।</p>
<p><strong>मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन से मिली सफलता</strong></p>
<p>छात्रों की नियमित मॉनिटरिंग, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और परामर्श व्यवस्था ने इन परिणामों की नींव मजबूत की है। सभी विद्यालय राजस्थान रेजिडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन सोसाइटी (RREIS) के माध्यम से संचालित हो रहे हैं, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सही अवसर और संसाधन मिलने पर वंचित वर्ग के विद्यार्थी भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 16:16:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डीएनटी पहचान प्रमाण पत्र सहायता शिविरों की तिथि 15 फरवरी तक बढ़ी, 10,764 आवेदन प्राप्त हुए, 5000 से ज्यादा प्रमाण पत्र जारी, 1300 से ज्यादा आवेदन लौटाए गए</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में डीएनटी समुदाय के पहचान प्रमाण पत्र सहायता शिविरों की अवधि 15 फरवरी तक बढ़ी। अधिक लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने हेतु प्रदेशभर में शिविर जारी रहेंगे, सरकार कहती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/date-of-dnt-identity-certificate-help-camps-extended-till-15th/article-141774"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु (डीएनटी) समुदाय के लिए प्रदेश भर में संचालित पहचान प्रमाण पत्र सहायता शिविरों की अवधि बढ़ा दी गई है। अब ये शिविर 15 फरवरी तक आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभ मिल सके।</p>
<p>सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर 12 से 31 जनवरी तक डीएनटी समुदाय के लोगों को पहचान प्रमाण पत्र जारी करने के लिए शिविर लगाए गए थे। समुदाय के प्रतिनिधियों की मांग और पात्र व्यक्तियों को अधिकाधिक लाभान्वित करने के उद्देश्य से शिविरों की तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>मंत्री गहलोत ने बताया कि शिविरों के आरंभ से अब तक ई-मित्र पोर्टल पर डीएनटी पहचान प्रमाण पत्र के लिए कुल 10,764 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 5,378 प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 1,301 आवेदन कमी पूर्ति या अन्य आक्षेपों के कारण लौटाए गए हैं। शेष आवेदन प्रक्रियाधीन हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सुशासन में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि घुमन्तु समुदाय के सभी व्यक्तियों को ऑनलाइन पहचान प्रमाण पत्र जारी कर राज्य की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। इसके लिए सभी जिलों के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायत समितियों, नगरपालिकाओं, नगर परिषदों एवं नगर निगमों में 15 फरवरी तक सहायता शिविर आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p>शिविरों में मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने की भी व्यवस्था की गई है। मंत्री ने अपील की कि समुदाय के अधिक से अधिक पात्र लोग शिविरों का लाभ उठाएं, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 16:22:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>डॉ. पूनियां ने CM गहलोत को लिखा पत्र.... जाने वज़ह</title>
                                    <description><![CDATA[रीट-2021 में विशेष शिक्षकों के 5 हजार पद सम्मिलित करवाये जाने हेतु  डॉ. सतीश पूनियां ने अशोक गहलोत को लिखा पत्र]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A1%E0%A5%89--%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%87-cm-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-----%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A4%BC%E0%A4%B9/article-2213"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/ashok-gehlot_satish-puniya.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  रीट-2021 में विशेष शिक्षकों के 5 हजार पद सम्मिलित करवाये जाने हेतु राजस्थान विशेष संघ से प्राप्त ज्ञापन के क्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर विशेष शिक्षकों के 5 हजार पद सम्मिलित करने का आग्रह किया है। डॉ. पूनियां ने गहलोत को पत्र में लिखा कि, रीट-2021में विशेष शिक्षकों के 5 हजार पदों को सम्मिलित करवाये जाने हेतु राजस्थान विशेष शिक्षक संघ से मुझे ज्ञापन प्राप्त हुआ है। <br /> <br /> संलग्न ज्ञापन द्वारा मेरे संज्ञान में लाया गया है कि प्रदेश के राजकीय विद्यालयों  में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षक पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में दिव्यांग बच्चे प्रदेश के राजकीय विद्यालयों से ड्रॉप आउट होने पर मजबूर हो गये हैं। इस श्रेणी के बच्चों को विशेष देखभाल की आवश्यकता रहती है। विशेष शिक्षकों के अभाव में दिव्यांग बच्चों का साल दर साल प्रदेश के राजकीय विद्यालयों से ड्रॉप आउट का स्तर बढ़ता जा रहा है। विशेष शिक्षक संघ राजस्थान ने ज्ञापन प्रस्तुत कर रीट-2021 भर्ती में 5 हजार पद विशेष शिक्षकों के सम्मिलित करवाये जाने के संबंध में निवेदन किया है।<br /> <br /> राजस्थान विशेष शिक्षक संघ द्वारा रीट-2021 भर्ती में 5 हजार पद विशेष शिक्षकों के सम्मिलित करने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से धरने पर हैं। विशेष शिक्षकों के पद सम्मिलित करने की कार्यवाही करवाये जाने का श्रम करावें, जिससे प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों को पर्याप्त संख्या में विशेष शिक्षक उपलब्ध हो सकें व विशेष शिक्षा के प्रशिक्षित बेरोजगारों को रोजगार के सुअवसर प्राप्त हो सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Nov 2021 16:22:57 +0530</pubDate>
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