<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/children-s/tag-8305" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>children's - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/8305/rss</link>
                <description>children's RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मनोहरथाना में 26 सरकारी विद्यालय शिफ्ट, बच्चों की सुरक्षा व पढ़ाई पर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[कई गांवों में बच्चों को उनके मूल विद्यालय के बजाय 3 - 4 किमी. दूर के स्कूलों में पढ़ने जाना होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/26-government-schools-shifted-in-manoharathana--raising-questions-about-children-s-safety-and-education/article-138861"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)1.png" alt=""></a><br /><p>मनोहरथाना । एक ओर राज्य सरकार अपने दो वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियां गिना रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि जर्जर विद्यालय भवनों का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है। पिपलोदी हादसे के बाद जिन स्कूल भवनों को जर्जर घोषित किया गया था, उन्हें समय रहते ध्वस्त कर नए भवनों का निर्माण नहीं किया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि झालावाड़ जिले के मनोहरथाना ब्लॉक में करीब 26 सरकारी विद्यालयों को पास के अन्य विद्यालयों में शिफ्ट करना पड़ा है। इस निर्णय से हजारों बच्चों की पढ़ाई, सुरक्षा और अभिभावकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला</strong><br />जानकारी के अनुसार, मनोहरथाना ब्लॉक के जिन विद्यालयों को जर्जर घोषित किया गया था, वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को 10 जनवरी के बाद अन्य विद्यालयों में पढ़ने जाना होगा। कई गांवों में बच्चों को अपने मूल विद्यालय के बजाय 3 से 4 किलोमीटर दूर स्थित स्कूलों में भेजा जा रहा है। इस फैसले को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।</p>
<p><strong>शिफ्ट किए गए 26 विद्यालय</strong><br />कोटड़ा चमरगढ़, ताजपुरिया, चित्तौड़ा, ढाबा, कुंजरी, गोडिया, हनोतिया, आफूखेड़ी, गुराड़खेड़ा, कंवरिया खेड़ी, भवानीपुरा, बिरजीपुरा, हमीरपुर, शोलाल का पूरा, तलाईबेह, टांडी तंवरान, बामलाबेह, बकबट पूरा, भामा का पूरा, गंगाहोनी, झिरी, गिरधरपुरा, खेड़ी बोर, कंजरी की टापरियां, मोतीपुरा, रामपुरिया गुजरान।</p>
<p><strong>इन 13 विद्यालयों ने दर्ज कराई आपत्ति</strong><br />ताजपुरिया, चित्तौड़ा, गुराड़खेड़ा, कंवरिया खेड़ी, बकबट पूरा, भामा का पूरा, गंगाहोनी, गिरधरपुरा, खेड़ी बोर, कंजरी की टापरियां, बिरजीपुरा, झिरी।</p>
<p><strong>अभिभावकों की चिंता</strong><br />अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए रोज 3-4 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना आसान नहीं है। प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को व्यस्त सड़क मार्ग से गुजरना पड़ेगा, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पहले से ही पिपलोदी हादसे की टीस मन में है, ऐसे में दूरी बढ़ने से डर और गहरा गया है।</p>
<p><strong>पढ़ाई पर असर</strong><br />विद्यालय शिफ्ट होने से बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होनी हैं। नए स्कूल, नया वातावरण और पहले से भरी कक्षाओं में अतिरिक्त विद्यार्थियों का दबाव शिक्षा की गुणवत्ता पर असर डाल सकता है।</p>
<p><strong>स्थायी समाधान की मांग</strong><br />ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षाविदों की मांग है कि जर्जर भवनों को गिराकर समयबद्ध तरीके से नए सुरक्षित विद्यालय भवनों का निर्माण किया जाए। जब तक नए भवन नहीं बनते, तब तक गांव स्तर पर सुरक्षित अस्थायी व्यवस्था या परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए।</p>
<p>मनोहरथाना ब्लॉक में 26 विद्यालय शिफ्ट किए गए हैं। इनमें से 13 विद्यालयों की आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिन्हें उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। निर्देश मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>-दुलीचंद लोधा, कार्यवाहक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, झालावाड़ </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/26-government-schools-shifted-in-manoharathana--raising-questions-about-children-s-safety-and-education/article-138861</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/26-government-schools-shifted-in-manoharathana--raising-questions-about-children-s-safety-and-education/article-138861</guid>
                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 16:20:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%291.png"                         length="709311"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झिकड़िया विद्यालय जर्जर, बच्चों की पढ़ाई बाधित</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चे जर्जर भवन और खतरे के साये में पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग की लापरवाही से बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/jhikariya-school-dilapidated--children-s-studies-disrupted/article-124501"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer20.png" alt=""></a><br /><p>मिश्रौली। जिलेभर में जर्जर स्कूल भवनों पर कार्रवाई के दावे कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। ग्राम पंचायत सिलेहगढ़ के गांव झिकड़िया का प्राथमिक विद्यालय महीनों से जर्जर स्थिति में है। हाल ही में हुई बारिश के कारण भवन टपकने लगा और बच्चों की कक्षाएं बाधित हो गईं। गाँव के लोग बताते हैं कि इस मुद्दे की जानकारी कई बार पंचायत, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुँचाई गई, लेकिन न पंचायत ने ध्यान दिया, न प्रशासन हरकत में आया और न ही कोई ठोस कदम उठाया। आखिरकार, बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप न हो, इसके लिए ग्रामीणों और शिक्षकों ने आपसी सहयोग से टीन शेड बनवाने का निर्णय लिया है। लगभग 60 से 70 हजार की लागत से टीन शेड तैयार होगा। जल्द ही इसी अस्थायी व्यवस्था में कक्षाएं शुरू होंगी। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति बेहद शर्मनाक है कि जब सबको शिक्षा, अच्छी शिक्षा का नारा दिया जाता है, तब जमीनी स्तर पर बच्चे जर्जर भवन और खतरे के साये में पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग की लापरवाही से बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है।</p>
<p> हमने कई बार पंचायत और अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब हम खुद सहयोग करके बच्चों के लिए टीन शेड बना रहे हैं।<br /><strong>-  मुकनलाल केवट ग्रामीण, झिकड़िया।</strong></p>
<p>हमारे बच्चें रोजाना खतरे में पढ़ाई करने जाते हैं, कई बार पंचायत व अधिकारियों को बताया लेकिन कोई सुनवाई नही हुई, इसलिए अब हमें ही सहयोग से टिनशेड बनाना पड़ रहा है।<br /><strong>-  मेहरबानसिंह ग्रामीण, झिकड़िया।</strong></p>
<p>मेरे द्वारा स्कूल में टीन शेड निर्माण के लिए ग्रामीणों द्वारा सहयोग राशि मैन्ंो मेरे निजी खर्चे के द्वारा प्रदान की गई है और इस स्कूल में बड़ा टीनशेड निर्माण के लिए कलक्टर साहब से बात कर के इसकी मांग करेंगे।<br /><strong>- रविन्द्र सिंह राठौड़, सरपंच, ग्राम पंचायत सिलेहगढ़।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/jhikariya-school-dilapidated--children-s-studies-disrupted/article-124501</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/jhikariya-school-dilapidated--children-s-studies-disrupted/article-124501</guid>
                <pubDate>Sat, 23 Aug 2025 15:46:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/oer20.png"                         length="581810"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों की मेंटल ग्रोथ के लिए जरूर खिलाएं ये चीजें</title>
                                    <description><![CDATA[ पौष्टिक भोजन मस्तिष्क को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है और इस प्रकार बच्चे के सीखने, याद रखने, ध्यान अवधि और व्यवहार को बढ़ाने में मदद करता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/feed-these-things-for-childrens-mental-growth/article-15129"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/iente.jpg" alt=""></a><br /><p>हेल्दी डाइट देने से बच्चों की ग्रोथ तेजी से होती है। पौष्टिक भोजन मस्तिष्क को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है और इस प्रकार बच्चे के सीखने, याद रखने, ध्यान अवधि और व्यवहार को बढ़ाने में मदद करता है। एक संपूर्ण और स्वस्थ आहार में खनिज, विटामिन और एंटीऑक्सिडेंट शामिल होते हैं, जो मस्तिष्क को पोषण प्रदान करते हैं और इसे तनाव या चिंता से बचाते हैं। इसलिएए माता.पिता को अपने बच्चों की ग्रोथ के लिए स्वच्छ और हेल्दी डाइट देनी चाहिए। कुछ ऐसी चीजें हैंए जो मेंटल ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी है।</p>
<p><br /><strong> जामुन</strong><br />जामुन में एंथोसायनिन नामक यौगिक होते हैं, जो मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। जामुन का सेवन मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है, सूजन.रोधी होता है और नई तंत्रिका कोशिकाओं के उत्पादन में भी सहायक होता है। जामुन का सेवन बच्चों में के मानसिक विकास के लिए बहुत जरूरी है।</p>
<p><br /><strong> दही</strong> <br />प्रोटीन से भरपूर बिना मीठा दही दिमाग की सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। दही में आयोडीन होता है जो मस्तिष्क को प्रभावी ढंग से कार्य करने में मदद करता है। दही प्रोटीन, जिंक, बी 12 और सेलेनियम से भी भरा होता है, जो मस्तिष्क के विकास के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व हैं। अपने बच्चे को नाश्ते के लिए फलों और नट्स के साथ सादा दही दें।</p>
<p><br /><strong> संतरा</strong><br />संतरा विटामिन.सी से भरपूर होता है, जो स्वस्थ मस्तिष्क के लिए महत्वपूर्ण है। संतरे के सेवन से बच्चों में बेहतर प्रदर्शन, ध्यान केंद्रित करने में सुधार, प्रतिधारण शक्ति, एकाग्रता, पहचान जैसे लाभ होते हैं और वे अच्छे निर्णय लेने वाले भी होते हैं। संतरा बच्चे की स्किल्स में भी सुधार करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/health/feed-these-things-for-childrens-mental-growth/article-15129</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/health/feed-these-things-for-childrens-mental-growth/article-15129</guid>
                <pubDate>Mon, 18 Jul 2022 14:50:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/iente.jpg"                         length="31789"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिकने के बाद नाबालिग से लगातार दुष्कर्म, हुई गर्भवती</title>
                                    <description><![CDATA[इस किशोरी को चार माह पूर्व दलाल के मार्फत गुजराती युवक ने खरीदा था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur--minor-raped-continuously-after-being-sold--got-pregnant--children-s-commission-took-cognizance--members-reached-the-spot/article-7085"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/rapa.jpg" alt=""></a><br /><p> उदयपुर। जिले के फलासिया थाना क्षेत्र में सवा लाख रुपए में खरीदी गई नाबालिग लगातार दुष्कर्म के बाद गर्भवती हो गई। इस किशोरी को चार माह पूर्व दलाल के मार्फत गुजराती युवक ने खरीदा था। पत्नी की तरह रखते हुए दुष्कर्म करता रहा। लगभग दो माह पूर्व जैसे-तैसे नाबालिग भागकर अपने घर पहुंच गई। इस किशोरी के माता-पिता विकलांग होने के साथ बधिर भी हैं। घटना का वीडियो वायरल होने पर फलासिया पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नाबालिग की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद पीड़िता का मेडिकल करवा सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया, जहां से नाबालिग को नारी निकेतन भेज दिया। किशोरी की खरीद और उससे शारीरिक शोषण का मामला सामने आने के बाद राज्य बाल आयोग ने प्रसंज्ञान लिया। वहीं बुधवार को आयोग सदस्य डॉ. शैलेंद्र पंड्या फलासिया पहुंचे।</p>
<p><br /><strong>रुपए का लालच और पत्नी बनाकर रखने का आश्वासन</strong><br /> थानाधिकारी प्रभुलाल ने बताया कि थाना क्षेत्र की 17 वर्षीय लड़की ने रिपोर्ट में बताया कि चार माह पहले गरणवास निवासी बहादुर पुत्र रमेश डामोर गुजरात में हिम्मतनगर के कारवाड़ निवासी प्रवीण पुत्र अमृतलाल मकवाना, उसका बहनोई रंजीत सिंह निवासी रोजर व एक अन्य व्यक्ति उसके घर आए। पिता को सवा लाख रुपए का लालच देकर बहादुर ने प्रवीण की पत्नी बनाने के लिए बेच दिया। उसी दिन बहादुर के साथी किशोरी को कारवाड़ ले गए, जहां प्रवीण ने दुष्कर्म किया। लगभग दो माह पूर्व पीड़िता मौका देखकर भागकर निकली और पिता के घर आ पहुंची। <br /><br /><strong>यूं पहुंची पुलिस तक</strong><br />दो दिन पहले रविवार दोपहर को मुख्य आरोपी प्रवीण व उसके साथी जीप लेकर पीड़ित के घर पहुंचे और उसे जबरन गाड़ी में बिठाकर रवाना हो गए। खोखरा बॉर्डर पर गुजरात पुलिस ने पीड़िता को रोते देख गाड़ी रुकवाई और उससे जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता के परिजनों को सूचना दी। सूचना पर पीड़िता के पिता व परिजन मौके पर पहुंचे और उसे घर ले आए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur--minor-raped-continuously-after-being-sold--got-pregnant--children-s-commission-took-cognizance--members-reached-the-spot/article-7085</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur--minor-raped-continuously-after-being-sold--got-pregnant--children-s-commission-took-cognizance--members-reached-the-spot/article-7085</guid>
                <pubDate>Thu, 31 Mar 2022 15:16:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/rapa.jpg"                         length="38621"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों की ‘कोवैक्सीन’ को डीसीजीआई की मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[देश में अब 12 से 18 साल तक के बच्चों को भी कोरोना का टीका लगेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E2%80%98%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8%E2%80%99-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%86%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-3536"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/kids-vexin.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में ओमिक्रॉन की वजह से कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच बड़ी खुशखबरी आई है। देश में अब 12 से 18 साल तक के बच्चों को भी कोरोना का टीका लगेगा। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने भारत बायोटेक और आईसीएमआर की ओर से विकसित को-वैक्सीन को मंजूरी दे दी है।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E2%80%98%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8%E2%80%99-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%86%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-3536</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E2%80%98%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8%E2%80%99-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%86%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-3536</guid>
                <pubDate>Sun, 26 Dec 2021 11:55:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/kids-vexin.jpg"                         length="37724"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना का असर : प्राइवेट के बजाय सरकारी विद्यालयों के प्रति बढ़ा बच्चों का रुझान</title>
                                    <description><![CDATA[असर रिपोर्ट-2021 का सर्वे : अभिभावकों का निजी स्कूलों से मोहभंग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A4%B0---%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-2493"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/aser.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोरोना के कारण अभिभावकों का निजी स्कूलों के प्रति मोहभंग हो गया है और अब अभिभावक अपने बच्चों के दाखिले के लिए सरकारी स्कूलों की तरह भाग रहे है। निजी स्कूलों में दाखिले की संख्या 2018 में 32.5 प्रतिशत थी, जो 2021 में 8.1 घटकर 24.4 प्रतिशत तो सरकारी विद्यालयों में  नामांकन 2018 में 59.1% से 9.3 प्रतिशत बढ़कर 2021 में 68.4% हो गया है। इसका मुख्य कारण कोरोना के चलते लोगों के पास जॉब न होना है, जिसके चलते अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों से निकालकर सरकारी स्कूलों में पढ़ाने को मजबूर हो रहे है। पिछले तीन साल में छात्रों का रुझान देश के निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों की ओर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। वार्षिक शिक्षा स्थिति रिपोर्ट (असर-2021) में यह जानकारी सामने आई। यह रिपोर्ट 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। कुल 76,706 घरों और पांच से 16 साल के 75,234 बच्चों के साथा-साथ प्राथमिक शिक्षा देने वाले 7,299 सरकारी स्कूलों के शिक्षकों या प्रधान शिक्षकों तक यह सर्वेक्षण किया गया। बुधवार को जारी की गई एएसईआर की 16वीं रिपोर्ट में कहा गया, अखिल भारतीय स्तर पर, निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों की ओर स्पष्ट रूप से झुकाव देखा गया है। छह से 14 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में दाखिले की संख्या 2018 में 32.5 प्रतिशत थी जो 2021 में घटकर 24.4 प्रतिशत रह गई।</p>
<p><br /> <strong>-यह भी चौकानें वाली बात </strong><br /> रिपोर्ट में कहा गया, यह सभी कक्षाओं और लड़कों तथा लड़कियों के बीच देखा गया। हालांकि निजी स्कूलों में लड़कों का दाखिला कराने की संभावना लड़कियों की तुलना में अब भी अधिक है।</p>
<p><br /> सरकारी स्कूलों में 2018 में औसतन 64.3 प्रतिशत दाखिला हुआ जो पिछले साल बढ़कर 65.8 प्रतिशत हो गया और इस साल यह 70.3 प्रतिशत पर पहुंच गया। वर्ष 2006 से 2014 तक निजी स्कूलों में दाखिले की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी गई।निजी स्कूलों में दाखिले की संख्या 2018 में 32.5 प्रतिशत थी, जो 2021 में 8.1 घटकर 24.4 प्रतिशत तो सरकारी विद्यालयों में नामांकन 2018 में 59.1% से 9.3 प्रतिशत बढ़कर 2021 में 68.4% हो गया।</p>
<p><br /> रिपोर्ट के अनुसार, कुछ सालों तक 30 प्रतिशत पर टिके रहने के बाद, महामारी के सालों में इसमें उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। कोविड के पहले भी सरकारी स्कूलों में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा थी। रिपोर्ट में कहा गया कि यह समय के साथ जारी है।</p>
<p><strong><br /> -राजस्थान में भी पहुंचा</strong><br /> असर सर्वेक्षण राजस्थान के 33 जिलों के 4691 घरों में 5-16 आयु वर्ग के 5380 बच्चों तक पहुंचा है।</p>
<p>हम आज भी महामारी के बदलते माहोल से नए सामान्य परिस्थितियों की और बढ़ रहे हैं। जहां हमें सरकारी स्कूलों में बढ़ते नामांकन के साथ ही सीखनें के नुकसान में सुधार के लिए पर्याप्त सुविधाएं और संसाधन सुनिश्चित करने की तत्काल आवश्यकता है। इसके लिए हाइब्रिड शिक्षण गतिविधियों के मिश्रण के साथ वर्तमान में घर पर मिल रहे शिक्षण सहयोग को समायोजित व मजबूत करने के नए तरीके तलाशने की आवश्यकता है। वर्तमान डिजिटल उपकरण एक गंभीर चुनौती है, डिजिटल उपकरणों व इन्टरनेट कनेक्टिविटी की गुणवक्ता व सार्वभौमिक उपलब्धता के लिए हमें सभी बच्चों के लिए अतिरिक्त समाधान तलाशने होंगे। - <strong>के.बी. कोठारी, मैनेजिंग ट्रस्टी, असर प्रथम राजस्थान</strong><br /> <br /> <strong>पिछले तीन सालों में सबसे अधिक बढ़ा नामांकन, हो रहे बंपर एडमिशन</strong><br /> 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 76,706 घरों और पांच से 16 साल के 75,234 बच्चों के बीच हुआ सर्वेक्षण<br /> <br /> <strong>यह है मुख्य तथ्य</strong><br />     नामांकन की स्थिति  : 6 -14 आयु वर्ग के बच्चों का सरकारी विद्यालयों में नामांकन 2018 में 59.1% से बढ़कर 2021 में 68.4% हो गया है। <br /> राजस्थान में 6-14 आयु वर्ग केअनामांकित बच्चों के अनुपात में बदलाव: 2018 में अनामांकितबच्चों का अनुपात 3.4% था, जो कि 2020 में बढ़कर 6.6% हो गया था। लेकिन अभी अनामांकित बच्चों के प्रतिशत में थोडा सुधार देखने को मिला है और  2021 मेंयह अनुपात 4.5% पर आ गया है। <br />     ट्यूशन लेने वाले बच्चों में वृद्धि : राष्ट्रीय स्तर पर, 2018 में, 30% से कम बच्चे निजी ट्यूशन कक्षाएं लेते थे। 2021 में यह अनुपात बढ़कर लगभग 40% हो गया है। यह अनुपात दोनों लड़के और लड़कियों, सभी कक्षाओं और दोनों सरकारी और निजी स्कूलों में जाने वाले बच्चों के लिए बढ़ा है।<br /> -राजस्थान के लिए यह आंकड़ा 2018 में 5.1% था जो 2021 में बढ़कर 15.3% हो गया है यह10.2% बढ़ा है। ट्यूशन लेने वाले बच्चों की संख्या में बड़ा बदलवा देखने को मिला है। <br /> -ट्यूशन में सबसे अधिक वृद्धि आर्थिक रूप से वंचित वर्ग में<br /> आर्थिक स्थिति के लिए माता-पिता की शिक्षा के स्तर को प्रॉक्सी मानते हुए, कम पढ़े-लिखे(प्राथमिक शिक्षा या कम) माता-पिता के बच्चों में ट्यूशन लेने के अनुपात में 12.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि अधिक पढ़े-लिखे (कक्षा 9 या अधिक) माता-पिता के बच्चों में यह वृद्धि 7.2 प्रतिशत की है। <br /> -राष्ट्रीय स्तर पर 2018 की तुलना में लगभग दुगने घरों में स्मार्टफोन उपलब्ध<br /> स्मार्टफोन की उपलब्धि 2018 में 36.5% से बढ़कर 2021 में 67.6% हो गई है, लेकिन सरकारी विद्यालय जाने वाले बच्चों की अपेक्षा (63.7%) निजी विद्यालय के ज्यादा बच्चों के पास स्मार्टफोन उबलब्ध हैं (79%)।</p>
<p><br /> <strong>-राजस्थान में स्मार्टफोन उपलब्ध</strong><br /> स्मार्टफोन की उपलब्धि 2018 में 39.7% से बढ़कर 2021 में 66.6% हो गई है।<br /> -राजस्थान में स्मार्टफोन होने के बाद भी बच्चों के उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं है। <br /> -पिछले एक वर्ष में घर पर बच्चों को पढ़ाई में मिलने वाला सहयोग कम हुआ है:घर पर पढ़नेमें सहयोग मिलने वाले नामांकित बच्चों का अनुपात2020 में तीन चौथाई से घटकर 2021 में दो तिहाई हो गया है।सहयोग में सबसे ज्यादा गिरावट उच्च कक्षा (कक्षा 9 या अधिक) के बच्चों के लिए आई है। <br /> -राजस्थान में भीबच्चों को पढाई में घर पर मिलने वाले सहयोगमें कमी आई है 2020 में 62.4% बच्चों को घर पर पढाई में सहयोग मिल रहा था, लेकिन 2021 में 52.4% बच्चों को ही घर पर पढ़ाई में सहयोग मिल रहा है। <br /> -दोनों सरकारी और निजी विद्यालय जाने वाले बच्चों में, जिन बच्चों के विद्यालय खुल गए है, उनको घर से कम सहयोग मिल रहा है। उदाहरण के लिए, जो निजी विद्यालय नहीं खुले है, उनमें जाने वाले 75.6% बच्चों को पढ़ने में सहयोग मिलता है। इसकी तुलना में खुले हुए निजी विद्यालयों में जाने वाले 70.4% बच्चों को यह मदद मिलती है।</p>
<p><br /> <strong>-राष्ट्रीय स्तर पर लगभग सभी बच्चों के पास पाठ्यपुस्तकें है</strong><br /> लगभग सभी नामांकित बच्चों के पास अपनी वर्तमान कक्षा की पाठ्यपुस्तकें हैं (91.9%)। दोनों सरकारी और निजी विद्यालयों के बच्चों के लिए यह अनुपात पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ गया है। <br /> राजस्थान में भी लगभग 90% बच्चों के पास अपनी वर्तमान कक्षा की पाठ्यपुस्तकें है 2021 में निजी विद्यालयों के 82.6% व सरकारी स्कूलों के 91.9% बच्चों के पास अपनी वर्तमान कक्षा की पाठ्यपुस्तकें हैे। यहां निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन बेहतर दिखाई दे रहा है।</p>
<p><strong><br /> अतिरिक्त शैक्षिक सामग्री की प्राप्ति में थोड़ी बढ़ोतरी</strong><br /> जिन नामांकित बच्चों के विद्यालय नहीं खुले हैं, उनमें से 39.8% बच्चों को सर्वेक्षण के पिछले सप्ताह में अपने शिक्षक द्वारा किसी प्रकार की शैक्षिक सामग्री या गतिविधियां (पाठ्यपुस्तकों के अलावा) प्राप्त हुई। इसमें पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, जब यह अनुपात 35.6% था।</p>
<p><br /> <strong>-राजस्थान में 2021 सर्वेक्षण के दौरान बच्चे द्वारा घर पर की जा रही लर्निंग गतिविधियां</strong><br /> 61% बच्चे घर पर अपनी पाठ्यपुस्तक व वर्कशीट से पढ़ाई कर रहे है, 8.4% बच्चे टी.वी. या रेडियो पर और 16.8% बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई द्वारा प्राप्त गतिविधियों को करते पाए गए।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A4%B0---%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-2493</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A4%B0---%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-2493</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Nov 2021 12:02:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/aser.jpg"                         length="220611"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाल सत्र : परीक्षाओं में भाई-भतीजावाद और प्रदेश में नेटबंदी का मुद्दा सदन में गूंजा</title>
                                    <description><![CDATA[
राजस्थान विधानसभा में उठे ज्वलंत मुद्दे तो हंगामा-वॉकआउट भी हुआ : कई नेताओं के पोते-पोती, दोहिते भी दिखे मंत्री,
विधायक की भूमिका में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0---%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%AD%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%82%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE/article-2381"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/child-v-sabha.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा के इतिहास में रविवार को पहली बार बाल सत्र का आयोजन हुआ। देश-प्रदेश के 200 बच्चे विधायक और मंत्रियों की भूमिका में विधानसभा पहुंचे। सदन में बच्चों को मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मंत्री और विधायक की भूमिका दी गई। बच्चों की सदन में बैठने की व्यवस्था भी उसी हिसाब से की गई। विधायक-मंत्रियों की भूमिका में मौजूद बच्चों में कई बच्चे कई विधायकों, मंत्रियों और जजों तक के पोते-पोती और दोहिते-दोहिती थे। विधानसभा में सदन की अधिकारी दीर्घा में मंत्री और विधायक मौजूद रहे। सत्र में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और राष्टÑमंडल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा के सचिव संयम लोढ़ा मौजूद रहे। <br /><strong><br />जातिवाद और धर्म के नाम पर राजनीति देशहित में नहीं: गहलोत</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भावी पीढ़ी और आगामी पीढ़ी को इस बात का संकल्प लेना चाहिए कि छुआछूत और जातिवाद से दूर रहकर भाईचारा अपनाना होगा, तभी देश आगे बढ़ेगा। जातिवाद और धर्म के नाम पर राजनीति देश हित में नहीं है। इस देश का संविधान सभी को बराबरी का हक देता है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में आज भी अनेकता में एकता है। लाखों लोगों की कुर्बानी से हमें आजादी मिली। देश-प्रदेश में लम्बे समय तक कांग्रेस का राज रहा है। संविधान की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस की सरकारों ने राज किया है। बाल सत्र के आयोजन पर गहलोत ने विधानसभा स्पीकर जोशी को बधाई दी। </p>
<p><strong><br />नीति बनाते समय बच्चों की बात भी सुनी जाए: जोशी</strong><br />विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि हमें बच्चों की मन की बात सुनकर उनके हिसाब से नीतियां बनाने पर सोचना होगा। बच्चों से यह पूछा जाना चाहिए कि वे किस तरह की सरकार चाहते हैं। हमारे संसदीय लोकतंत्र में चर्चा के बाद निर्णय होते हैं, इसके बाद भी यहां जेपी आंदोलन, अन्ना आंदोलन और किसान आंदोलन हो रहे हैं। विधानसभा और लोकसभा यदि लोगों की उम्मीदों को पूरा नहीं करेंगे तो संसदीय लोकतंत्र कमजोर होगा। बाल सत्र में आए 200 बच्चों के मन की कल्पनाओं पर हमें विश्लेषण करना चाहिए। <br /><br /><strong>भारत के लोकतंत्र ने दुनिया में हमारा मान बढ़ाया: कटारिया</strong><br />नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि बाल सत्र के आयोजन से विधानसभा में आज सदन का गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि 70 साल में लोकतंत्र मजबूत हुआ है। सरकारें आती हैं, जाती हैं, लेकिन देश की जनता जो फैसला करती है, वह सबको मानना होता है। भारत के लोकतंत्र ने दुनिया में हमारा मान बढ़ाया है। उन्होंने बाल सत्र के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी को धन्यवाद दिया। <br /><strong><br />प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्रवाई हुई</strong><br />सदन की कार्रवाई में पक्ष-विपक्ष के सदस्यों के बीच सवालों पर नोक झोंक हुई, आसन को इस दौरान हस्तक्षेप भी करना पड़ा। प्रतियोगी परीक्षाओं में नेटबंदी और भाई भतीजावाद का मुद्दा उठा और विधायकों ने जनता को परेशानी की बात रखी तो सत्तापक्ष के जबाव से विपक्ष के विधायक असंतुष्ट नजर आए और सदस्यों ने हंगामा कर दिया। कुछ सवालों के सत्तापक्ष की तरफ से जबाव नहीं आने पर विपक्ष ने एक बार वॉकआउट भी किया। सदन की कार्रवाई के दौरान प्रश्नकाल और शून्यकाल में हंगामा और नोक झोंक हुई।  <br /><br /><strong>विधायकों ने ये मुद्दे उठाए:</strong><br />बाल सत्र के दौरान विधायक बने बच्चों ने बाल विवाह, दुष्कर्म, युवाओं में नशीले पदार्थ की बढ़ती लत, कोरोना, पानी, बिजली और बाल मजदूरी जैसे मुद्दे उठाए। तकरीबन 12 सवाल प्रश्नकाल में पूछे गए। बाल सत्र के लिए देशभर के 5500 बच्चों में से 200 बच्चे चुने गए थे, जो विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर सदन में बैठे। </p>
<p><br /><strong>गुजरात के हर्ष भाई पिपलिया बने मुख्यमंत्री:</strong><br />बाल सत्र में गुजरात के हर्ष भाई पिपलिया राजस्थान के मुख्यमंत्री की भूमिका में नजर आए। इसके अलावा जान्हवी शर्मा विधानसभा अध्यक्ष और वैभवी गहलोत नेता प्रतिपक्ष बनी। बाल सत्र में कई मंत्री, विधायकों और जजों के दोहिते-दोहिती, पोते-पोती भी विधायक और मंत्री की भूमिका में नजर आए। सीएम गहलोत की पोती काश्विनी गहलोत को विधायक, जलदाय मंत्री बीडी कल्ला के पोते राघव कल्ला को कला संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिवंगत भोमराज आर्य के दोहिते मनीष ढाका को विधायक बनाया गया। वित्त मंत्री बनाई गई अनुष्का राठौड़ के पिता जज हैं। <br /><br /><strong>कानून बनाते समय संवाद की कमी चिंता का विषय</strong><br />लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि संसद और विधानसभा में कानून बनाते समय लम्बी चर्चा और संवाद का दौर कम होना हम सभी के लिए चिंता का विषय है। चर्चाओं से कई निष्कर्ष निकलकर सामने आते हैं। सहमति और असहमति हमारे लोकतंत्र की विशेष व्यवस्था है। मुद्दों पर सही चर्चा से सरकार का ध्यान आकर्षित होता है तो जनता में सही संदेश जाता है। लोकतंत्र में जनता की भी सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। बाल सत्र में बच्चों ने देश और प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर संयमित, शालीनता और अनुशासन में चर्चा करके दिखाई है।  बिरला ने इस अवसर पर घोषणा करते हुए कहा कि राजस्थान विधानसभा में हुए बाल सत्र की तर्ज पर हर विधानसभा में ऐसे आयोजन करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बच्चों से वादा किया कि संसद की कार्रवाई शुरू होने के बाद वे बच्चों को कार्रवाई में शामिल करेंगे।<br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0---%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%AD%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%82%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE/article-2381</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0---%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%AD%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%82%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE/article-2381</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Nov 2021 11:12:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/child-v-sabha.jpg"                         length="189439"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश में पहली बार राजस्थान विधानसभा में 14 को होगा बाल सत्र</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चे बनेंगे एमएलए, पूछेंगे सवाल और बहस के बाद देंगे जवाब]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-14-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0/article-2226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/kids-v-sabha.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। राजस्थान विधानसभा में देश की भावी पीढ़ी सदन में बैठकर जनता से जुड़े मुददों पर बहस करेगी। विधायक की भूमिका में बच्चे मंत्रियों से प्रश्न कर जवाब मागेंगे और शून्यकाल में अपनी बात भी रखेंगे। राजस्थान विधानसभा देश की ऐसी प्रथम विधानसभा होगी जहां बाल सत्र का आयोजन होगा। इस सत्र में बच्चों की ओर से विधानसभा सत्र का संचालन किया जाएगा। बच्चे ही विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाएंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष गुलाब चन्द कटारिया सहित राजस्थान विधान सभा के सदस्य बच्चों की ओर से संचालित बाल सत्र के साक्षी होंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी की पहल पर बाल दिवस 14 नवम्बर को बच्चे विधानसभा का सदन चलाएंगे। राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा के तत्वावधान में विधानसभा में बाल सत्र का संचालन होगा। अध्यक्ष डॉ. जोशी ने कहा कि भावी पीढ़ी को सदन चलाने, प्रश्न पूछने और अनुशासन के साथ अपनी बात रखने का मौका दिया है। सदन में आने के लिए बच्चे तैयारी कर रहे है। प्रश्न पूछने का तरीका, जवाब देने की स्टाइल और सदन संचालन में विधायकों की कार्य प्रणाली प्रस्तुत करने के लिए रिहसर्ल कर रहे हैं। इसके लिए बच्चों ने कुर्ता पायजामें तैयार करवाए हैं। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती बाल दिवस पर राजस्थान विधानसभा में यह अनूठा सत्र चलेगा।<br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-14-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0/article-2226</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-14-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0/article-2226</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Nov 2021 12:12:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-11/kids-v-sabha.jpg"                         length="96762"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        