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                <title>emmanuel macron - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>emmanuel macron RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल-लेबनान युद्धविराम का किया समर्थन, इजरायल को लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए युद्ध रोकना चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिवसीय युद्धविराम का समर्थन करते हुए नागरिक सुरक्षा की अपील की है। उन्होंने हिजबुल्लाह से हथियार छोड़ने और इजरायल से संप्रभुता का सम्मान करने को कहा। बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे शांति का अवसर बताया, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिकी मध्यस्थता की सराहना की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/french-president-emmanuel-macron-supports-israel-lebanon-ceasefire-israel-must-stop/article-150840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/macro1.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल और लेबनान के बीच दस दिनों के युद्धविराम का 'पूर्ण समर्थन' किया है। मैक्रों ने हालांकि इस समझौते को लेकर चिंता भी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "मैं इस बात को लेकर चिंतित हूँ कि सैन्य अभियानों के जारी रहने से यह युद्धविराम कमजोर पड़ सकता है। मैं सीमा के दोनों ओर नागरिक आबादी की सुरक्षा की अपील करता हूँ। हिजबुल्लाह को अपने हथियारों का त्याग करना चाहिए और इजरायल को लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए युद्ध रोकना चाहिए।"</p>
<p>इजरायल और लेबनान दोनों ने इस युद्धविराम का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे 'ऐतिहासिक शांति समझौता करने का अवसर' बताया है। यह समझौता फिलहाल दस दिनों के लिए है, जिसे बातचीत में प्रगति होने पर आगे बढ़ाया जा सकता है। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी मुख्य प्रावधानों के अनुसार, इजरायल के पास किसी भी संभावित हमले के खिलाफ 'आत्मरक्षा में सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार' सुरक्षित रहेगा। वहीं, लेबनान को हिजबुल्लाह और अन्य सशस्त्र समूहों द्वारा हमलों को रोकना होगा। साथ ही देश की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी केवल लेबनानी सुरक्षा बलों की होगी।</p>
<p>दोनों पक्षों ने बाकी मुद्दों को सुलझाने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है। इजरायल ने इस युद्धविराम को स्थायी शांति की दिशा में एक 'सद्भावना संकेत' बताया है। हिजबुल्लाह ने भी इसमें शामिल होने के संकेत दिए हैं, लेकिन उसने हमलों को पूरी तरह रोकने और इजरायली सैनिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस संघर्षविराम का स्वागत करते हुए अमेरिका की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे विवाद का दीर्घकालिक समाधान निकलेगा और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने का आग्रह किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 18:29:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>फ्रांस-ब्रिटेन होर्मुज में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेंगे : राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और पीएम कीर स्टार्मर होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन के लिए अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। यह मिशन पूरी तरह रक्षात्मक होगा और अमेरिकी नाकेबंदी से अलग स्वतंत्र रूप से कार्य करेगा। इसका उद्देश्य वैश्विक व्यापार मार्ग को बहाल करना और तनावपूर्ण क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय सहयोग सुनिश्चित करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/france-uk-president-emmanuel-macron-to-host-international-conference-to-ensure/article-150274"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/france-president-emmanuel-macron.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने सोमवार को यह घोषणा की कि फ्रांस और ब्रिटेन आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। फ्रांसिसी राष्ट्रपति ने बताया कि इस सम्मेलन में उन देशों को एक साथ लाया जाएगा जो नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के उद्देश्य से एक शांतिपूर्ण, बहुराष्ट्रीय अभियान में योगदान देने के इच्छुक हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "यह पूरी तरह से रक्षात्मक मिशन होगा, जो युद्धरत पक्षों से अलग होगा और परिस्थितियों के अनुकूल होते ही इसे तैनात किया जाएगा।"</p>
<p>ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ब्रिटेन ने 40 से अधिक देशों को इस मिशन के लिए आमंत्रित किया है जो नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के हमारे लक्ष्य को साझा करते हैं। स्टार्मर ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने को 'बेहद हानिकारक' बताते हुए कहा कि ब्रिटेन और फ्रांस इस सप्ताह एक शिखर सम्मेलन की सह-मेजबानी करेंगे। इसका उद्देश्य संघर्ष समाप्त होने पर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की सुरक्षा के लिए एक समन्वित, स्वतंत्र और बहुराष्ट्रीय योजना पर काम करना है। </p>
<p>मैक्रॉन का यह बयान श्री स्टार्मर के उस रुख के बाद आया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि ब्रिटेन ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी सैन्य नाकेबंदी में शामिल नहीं होगा। गौरतलब है कि कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उद्घोषणा के अनुरूप सोमवार सुबह 10 बजे (भारतीय समयानुसार रात 8:30 बजे) से ईरानी बंदरगाहों के सभी समुद्री यातायात को रोकने की घोषणा की है। ब्रिटेन ने स्पष्ट किया है कि उसके 'माइनस्वीपर्स' (समुद्री बारूदी सुरंग हटाने वाले जहाज) और एंटी-ड्रोन इकाइयां क्षेत्र में अपना संचालन जारी रखेंगी, लेकिन ब्रिटिश नौसैनिक जहाजों और सैनिकों का उपयोग अमेरिकी नाकेबंदी लागू करने के लिए नहीं किया जाएगा।</p>
<p>इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान द्वारा परमाणु हथियारों को त्यागने से इनकार करना 'इस्लामाबाद वार्ता' की विफलता का मुख्य कारण रहा। वहीं, ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा कि तेहरान ने 'भविष्योन्मुखी पहल' का प्रस्ताव रखा था, लेकिन वह अभी तक अमेरिकी विश्वास हासिल नहीं कर सका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 18:02:20 +0530</pubDate>
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                <title>फ्रांस-जापान के बीच न्यूक्लियर एनर्जी पर बड़ा समझौता: 2050 तक अगली पीढ़ी के परमाणु रिएक्टर का लक्ष्य, परमाणु और अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग</title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने नागरिक परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग के लिए ऐतिहासिक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। दोनों देश 2050 तक अगली पीढ़ी के परमाणु रिएक्टर विकसित करेंगे। अंतरिक्ष सुरक्षा बढ़ाने और रीयूजेबल रॉकेट तकनीक साझा करने पर भी सहमति बनी है, जो वैश्विक नवाचार को नई दिशा देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-agreement-between-france-and-japan-on-nuclear-energy-target/article-148817"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/macro.png" alt=""></a><br /><p>टॉक्यों। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की जापान की दो दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देशों ने परमाणु ऊर्जा के विकास पर एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ बुधवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मैक्रों ने कहा, "हमने नागरिक परमाणु ऊर्जा पर एक घोषणापत्र अपनाया है। परमाणु ऊर्जा कार्बन उत्सर्जन कम करने और संप्रभुता की रणनीति के केंद्र में है।" फ्रांसिसी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दोनों देश संयुक्त परियोजनाओं के माध्यम से दोनों देश साझेदारी को विकसित करना जारी रखेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों को 2050 तक अगली पीढ़ी के परमाणु रिएक्टर मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>मैक्रों ने कहा, "हमारी साझेदारी अंतरिक्ष क्षेत्र में भी जारी है। फ्रांसीसी अंतरिक्ष कमान में एक जापानी अधिकारी भेजने के लिए एक तकनीकी समझौते पर हस्ताक्षर के साथ यह एक नए स्तर पर पहुंच गई है।" फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के पास इस क्षेत्र में सहयोग विकसित करने की महत्वपूर्ण संभावनाएं हैं, विशेष रूप से पुन: प्रयोज्य रॉकेट (रीयूजेबल लॉन्च व्हीकल) और छोटे रॉकेट के क्षेत्र में। साथ ही पृथ्वी की निचली कक्षा में उपग्रहों को स्थापित करने में भी सहयोग की काफी संभावनाएं हैं। उल्लेखनीय है कि, मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट मंगलवार को दो दिवसीय यात्रा पर जापान पहुंचे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 13:05:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शांति की अपील: PM Modi ने की मैक्रां, ओमान के सुल्तान हैतम और इब्राहिम से बातए पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस, ओमान और मलेशिया के नेताओं से बातचीत कर पश्चिम एशिया में शांति बहाली पर जोर दिया। भारत ने ऊर्जा ठिकानों और तेल रिफाइनरियों पर हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है। मोदी ने कूटनीति और संवाद के जरिए क्षेत्र में स्थिरता लाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-spoke-to-macron-sultan-haitam-and-ibrahim-of/article-147119"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pm-modi-oman-visit.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में लम्बे खिंच रहे युद्ध और उससे उत्पन्न चुनौतियों के बीच गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति एम्मेनुअल मैक्रां, ओमान के सुल्तान हैतम बिन तारिक और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से फोन पर बातचीत की। प्रधानंमत्री ने इन तीनों नेताओं से पश्चिम एशिया में लड़ाई को रोकने और उसके बाद वहां शांति तथा स्थिरता को पुनर्स्थापित करने के लिए बातचीत और कूटनीति की राह को प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत पर बल दिया।</p>
<p><strong>पीएम ने एक्स पर दी जानकारी</strong></p>
<p>मैक्रां के साथ हुई वार्ता के बारे में प्रधानमंत्री ने डिजिटल सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा,‘मैंने उनसे पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता, साथ ही संवाद और कूटनीति के रास्ते पर लौटने पर चर्चा की। ओमान के सुल्तान से बातचीत के बारे में मोदी ने कहा, अपने भाई, ओमान के सुल्तान हैतम बिन तारिक से भी सार्थक बातचीत की और ओमान की जनता को अग्रिम ईद की शुभकामनाएं दीं। ओमान की संप्रभुता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की </p>
<p>मोदी ने कहा कि भारत ने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की पुन: कड़ी निंदा की है तथा ओमान में रह रहे भारतीय नागरिकों सहित वहां रह रहे हजारों लोगों बाहरी लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के ओमान के प्रयासों की सराहना की है।</p>
<p><strong>पीएम इब्राहिम के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा </strong></p>
<p>मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम ने बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और क्षेत्र में तनाव कम करने तथा शीघ्र शांति बहाल करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाए जाने के लिए पुन: अपनी प्रतिबद्धता जताई। </p>
<p><strong>खाड़ी क्षेत्र में तेल-गैस कुंओं और रिफाइनरियों पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए: भारत</strong></p>
<p>भारत ने खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस के कुंओं तथा तेल रिफाइनरियों पर हमलों को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए कहा है कि इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता और इन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि भारत ने यह संघर्ष शुरू होने पर ही कहा था कि नागरिक और ऊर्जा ठिकानों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत ने पहले ही पूरे क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना सहित नागरिक अवसंरचना को निशाना बनाने से बचने का आह्वान किया था। इस क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हालिया हमले अत्यंत चिंताजनक हैं और ये पूरे विश्व के पहले से ही अनिश्चित ऊर्जा परिदृश्य को और अस्थिर करते हैं। ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 09:07:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मिडिल ईस्ट जंग: इराक के ड्रोन हमले में फ्रांसीसी सैनिक की मौत, कई अन्य घायल, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[इराक के एरबिल में हुए ड्रोन हमले में फ्रांसीसी सैनिक अर्नाड फ्रियोन शहीद । राष्ट्रपति मैक्रों ने हमले की निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्रांस आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है और इस क्षेत्र में जारी युद्ध की आड़ में सैनिकों को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/middle-east-war-french-soldier-killed-in-iraq-drone-attack/article-146344"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/franch.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। इराक के एरबिल इलाके में ड्रोन हमले के दौरान एक फ्रांसीसी सैनिक मारा गया है और कई अन्य घायल हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि इराक के एरबिल इलाके में एक ड्रोन हमले के दौरान एक फ्रांसीसी सैनिक मारा गया है और कई अन्य घायल हुए हैं। उन्होंने मारे गये सैनिक का नाम चीफ वारंट ऑफिसर अर्नाड फ्रियोन का नाम बताया। वह अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से मारे जाने वाले पहले फ्रांसीसी सैनिक हैं।</p>
<p>राष्ट्रपति मैक्रों ने सोशल मीडिया पर लिखा, उनके परिवार और उनके साथी सैनिकों के प्रति मैं पूरे देश की ओर से अपना स्नेह और एकजुटता व्यक्त करना चाहता हूँ। हमारे कई सैनिक घायल हुए हैं। फ्रांस उनके और उनके प्रियजनों के साथ खड़ा है।</p>
<p>फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने इस इलाके में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ रहे फ्रांसीसी सैनिकों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए उन्हें अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा, इराक में उनकी मौजूदगी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के सख्त दायरे का हिस्सा है। ईरान में चल रहा युद्ध के दौरान ऐसे हमलों को किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 13:56:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का भारत दौरा: पीएम मोदी बोले मैक्रों से मिलने के लिए उत्सुक, बातचीत से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का स्वागत किया। दोनों नेता रक्षा, एआई और नवाचार क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने के साथ 'नवाचार वर्ष 2026' का शुभारंभ करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/president-emmanuel-macrons-visit-to-india-pm-modi-said-looking/article-143457"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/macro-and-pm-modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत यात्रा पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का स्वागत करते हुए कहा है कि भारत आपका और दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का इंतजार कर रहा है। पीएम मोदी ने मंगलवार को मैक्रो के साथ मुंबई में द्विपक्षीय (एजेंसी) से पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में भरोसा जताया कि उनकी बातचीत से अलग-अलग क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होगा तथा इससे दुनिया भर में प्रगति की उम्मीद जगेगी।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, राष्ट्रपति मैक्रो तीन दिन की यात्रा पर सोमवार रात मुंबई पहुंचे थे। आज उनकी पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक है। बाद में मैक्रो राजधानी दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में कहा, भारत में आपका स्वागत है, भारत आपके आने और हमारे आपसी रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का इंतजार कर रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारी बातचीत से अलग-अलग सेक्टर में सहयोग और मजबूत होगा और दुनिया भर में तरक्की होगी।</p>
<p>मुंबई में और बाद में दिल्ली में मिलते हैं, मेरे प्यारे दोस्त। इमैनुएल मैक्रों। इससे पहले फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने भारत के लिए रवाना होने के बाद कहा था कि वह भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए भारत जा रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, भारत के रास्ते में! हमारी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को और आगे ले जाने के लिए मुंबई से नई दिल्ली तक तीन दिन मेरे साथ हैं: बिजनेस लीडर्स और इकोनॉमिक, इंडस्ट्रियल, कल्चरल और डिजिटल प्लेयर्स जो भारत और फ्रांस के बीच रिश्तों को असली और ठोस जिंदगी देते हैं। हम सब मिलकर अपने सहयोग को और भी आगे बढ़ाएंगे। कल मिलते हैं, मेरे प्यारे दोस्त। नरेंद्र मोदी। पीएम मोदी और श्री मैक्रो के बीच द्विपक्षीय (एजेंसी) के बाद कई क्षेत्रों में समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 11:55:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुंबई दौरे पर होंगे पीएम मोदी, भारत-फ्रांस नवाचार 2026 का करेंगे उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को मुंबई में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे और 'भारत-फ्रांस नवाचार 2026' का उद्घाटन कर स्टार्टअप्स को संबोधित करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-will-be-on-mumbai-tour-with-french-president/article-143338"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(7)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रो इस दौरान भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा भी करेंगे और क्षेत्रीय तथा वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचार साझा करेंगे। दोनों नेता इस दौरान भारत-फ्रांस नवाचार 2026 का उद्घाटन करेंगे।</p>
<p>राष्ट्रपति मैक्रों पीएम मोदी के निमंत्रण पर 17 से 19 फरवरी तक भारत के औपचारिक दौरे पर रहेंगे। वह भारत में हो रहे एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और मुंबई में प्रधानमंत्री के साथ एक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे। यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा और मुंबई का पहला दौरा होगा। पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों 17 फरवरी को अपराह्न सवा तीन बजे मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे और दोनों देशों के बीच चल रही रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे।</p>
<p>उनकी चर्चा रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने और इसे नये तथा उभरते क्षेत्रों में और विस्तारित करने पर केंद्रित होगी। पीएम मोदी और श्री मैक्रों क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचार साझा करेंगे। आधिकारिक सूचना के अनुसार दोनों नेता मंगलवार शाम 5.15 बजे भारत-फ्रांस नवाचार 2026 का उद्घाटन करेंगे और दोनों देशों के व्यावसायिक नेताओं, स्टार्ट-अप, शोधकर्ताओं और अन्य नवोन्मेषकों के एक सम्मेलन को संबोधित करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:20:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>&quot;इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026&quot; में शामिल होंगे ब्रिटेन के पूर्व पीएम ऋषि सुनक, कर्टेन रेजर कार्यक्रम को करेंगे संबोधित</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के कर्टेन रेजर में ऋषि सुनक संबोधित करेंगे। मैक्रों, गुटेरेस सहित वैश्विक नेता एआई सहयोग, नवाचार और शासन पर चर्चा करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/former-uk-pm-rishi-sunak-will-attend-india-ai-impact/article-142876"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(4).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के पूर्वावलोकन कार्यक्रम (कर्टेन रेजर)'एआई फॉर ऑल: रीइमेजिनिंग ग्लोबल कोऑपरेशन में वक्तव्य देंगे। सार्वजनिक नीति शोध संस्था कार्नेगी इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में  कहा, हमें यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, इस आयोजन के लिए 100 से अधिक देशों के 35,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें 500 से अधिक स्टार्टअप सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत की यात्रा पर रहेंगे और इस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उनकी यह यात्रा उभरती और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, विशेष रूप से एआई के क्षेत्र में सहयोग को लेकर दोनों राष्ट्रों की प्राथमिकता को रेखांकित करती है।</p>
<p>अपनी यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति मैक्रों पीएम मोदी के साथ होराइजन 2047 रोडमैप के अंतर्गत द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक चर्चा करेंगे। वे मुंबई में संयुक्त रूप से भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 का भी उद्घाटन करेंगे। नयी दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट पांच दिवसीय कार्यक्रम है, जो नीति, अनुसंधान, उद्योग और सार्वजनिक सहभागिता पर केंद्रित है।</p>
<p>'जनमानस, पृथ्वी और प्रगति के तीन आधारभूत स्तंभों पर आधारित यह शिखर सम्मेलन वैश्विक नेताओं, नीति निर्माताओं, नवाचारियों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाएगा, ताकि शासन, नवाचार और सतत विकास में एआई की भूमिका पर विचार किया जा सके। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उन्होंने एआई की चुनौतियों के समाधान में भारत की अग्रणी भूमिका की सराहना की है। उन्होंने एआई को अंतरराष्ट्रीय संबंधों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा और अब तक की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल में शामिल होने के लिए भी भारत को आमंत्रित किया है। यह 40 सदस्यीय विशेषज्ञ निकाय एआई के विकास का आकलन करने, वैश्विक संवाद को बढ़ावा देने और आधिकारिक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए गठित किया गया है। इसमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के बी. रविंद्रन और भारतीय-अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक विपिन कुमार को सदस्य के रूप में सम्मिलित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पैनल दुनिया को तथ्यों और कल्पनाओं के बीच अंतर करने में सहायता करेगा, जो निष्पक्ष समझ के लिए आज अनिवार्य है।</p>
<p>यह शिखर सम्मेलन एआई के प्रति भारत के विकास-केंद्रित दृष्टिकोण पर आधारित है और इंडिया एआई मिशन तथा डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप है। इसका मुख्य बल वैश्विक एआई चर्चाओं को व्यावहारिक और लोगों के हित में परिवर्तित करने पर है। इस सम्मेलन में यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएएसआईएसपीएफ) की भागीदारी होगी। यह मंच अमेरिकी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों के सबसे बड़े प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेगा।</p>
<p>शिखर सम्मेलन से पूर्व, यूएएसआईएसपीएफ ने बोर्ड एआई टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। इस कार्यबल का नेतृत्व जॉन चैंबर्स करेंगे और इसका मुख्य केंद्र एआई तंत्र को सशक्त बनाना, इसके उत्तरदायी उपयोग में तीव्रता लाना और व्यापक स्तर पर इसके सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित करना होगा। कार्यबल के शुभारंभ पर जॉन चैंबर्स ने कहा, जैसा कि पीएम मोदी ने कहा है, एआई का अर्थ अमेरिका और इंडिया है। सिलिकॉन वैली के अपने अनुभव से मैं देख सकता हूं कि एआई हमारे समय की निर्णायक तकनीक बनेगी, ठीक वैसे ही जैसे भारत-अमेरिका संबंध इस युग की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी है। इस कार्यबल के माध्यम से, हम दोनों देशों के लगभग दो अरब लोगों के लिए एआई के उत्तरदायी विकास और क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु सार्वजनिक-निजी भागीदारी के अपने गहन अनुभव का उपयोग करेंगे। भारत की प्रगति को लेकर मेरा विश्वास अटूट है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 13:16:41 +0530</pubDate>
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                <title>फ्रांसीसी पीएम बना रहे कैबिनेट में फेरबदल की योजना, इन मुद्दों पर रहेगा फोकस</title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांस के पीएम सेबास्टियन लेकॉर्नू बजट पारित होने के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी में। विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बना रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/french-pm-is-planning-to-reshuffle-the-cabinet-focus-will/article-140815"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(19)1.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकॉर्नू देश का बजट पारित होने के बाद अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल की योजना बना रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री के करीबी सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस का बजट फरवरी के मध्य तक अंतिम रूप से मंजूर हो सकता है।</p>
<p>इससे पहले, ला फ्रांस इंसूमिस और नेशनल रैली पार्टियों ने घोषणा की थी कि वे 2026 के राज्य बजट के एक और हिस्से को बिना संसदीय मतदान के अपनाने की सरकार की योजना के विरोध में लेकॉर्नू सरकार के खिलाफ एक बार फिर अविश्वास प्रस्ताव लाएंगी।</p>
<p>गौरतलब है कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेदों के चलते फ्रांसीसी संसद दिसंबर 2025 के अंत तक 2026 के राज्य बजट को पारित करने में विफल रही थी।</p>
<p>इस स्थिति को देखते हुए, दिसंबर के अंत में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक विशेष कानून पर हस्ताक्षर किए थे, ताकि नए बजट के अभाव में भी सरकारी संस्थानों के वित्तपोषण की निरंतरता सुनिश्चित की जा सके। जनवरी में 2026 के राज्य बजट को पारित करने के प्रयास दोबारा शुरू किए गए हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 17:30:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का मैक्रों को झटका:  जी7 की आपातकालीन बैठक बुलाने की अपील को किया खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आपातकालीन G7 बैठक के सुझाव को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने मैक्रों के निजी संदेश को सार्वजनिक करते हुए उनके राजनीतिक भविष्य पर भी तंज कसा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/president-trump-rejects-macrons-appeal-to-call-an-emergency-meeting/article-140410"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump-and-mecro.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा आपातकालीन जी7 बैठक बुलाने की अपील को खारिज कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ग्रीनलैंड को हासिल करने के ट्रम्प के प्रयास को लेकर अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि वह यूक्रेन में युद्ध पर चर्चा करने के लिए जी7 नेताओं की प्रस्तावित बैठक में शामिल नहीं होंगे। इस बैठक का सुझाव मैक्रों ने दिया था, हालांकि फ्रांसीसी नेता ने बाद में स्पष्ट किया कि इस हफ्ते ऐसी कोई बैठक नहीं होगी। </p>
<p>ट्रंप ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए मैक्रों के राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, बहुत लंबे समय तक वहां नहीं रहने वाले हैं और वहां कोई स्थिरता नहीं है। ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर मैक्रों के एक निजी संदेश का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया, जिसमें फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने उन्हें विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के बाद जी7 की बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। संदेश में मैक्रों ने कहा कि फ्रांस और अमेरिका सीरिया पर एक ही राय रखते हैं और ईरान के मुद्दे पर 'महान काम' कर सकते हैं लेकिन ग्रीनलैंड पर श्री ट्रम्प के रुख पर उन्होंने संशय जाहिर किया। मैक्रों ने लिखा, मेरे दोस्त, हम सीरिया पर पूरी तरह से एक ही राय रखते हैं। हम ईरान पर महान काम कर सकते हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि आप ग्रीनलैंड पर क्या कर रहे हैं। उन्होंने दावोस के बाद पेरिस में जी7 की बैठक और अमेरिका लौटने से पहले ट्रंप के साथ एक निजी भोज का प्रस्ताव दिया। </p>
<p>व्हाइट हाउस के संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप से इस संदेश और पेरिस में प्रस्तावित आपातकालीन जी7 की बैठक के बारे में पूछा गया, जिसे उन्होंने पहले सार्वजनिक किया था। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इसमें शामिल होने पर विचार करेंगे, तो ट्रम्प ने साफ तौर पर जवाब दिया, नहीं, मैं ऐसा नहीं करूंगा। मैक्रों ने बाद में कहा कि इस हफ्ते जी7 शिखर सम्मेलन का कोई कार्यक्रम तय नहीं है। उन्होंने दावोस में विश्व आर्थिक मंच को संबोधित करने के बाद कहा, कोई बैठक तय नहीं है। </p>
<p>विश्व आर्थिक मंच में मैक्रों ने अमेरिका की व्यापार प्रथाओं की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका की आयात शुल्क (टैरिफ) की धमकियों का लक्ष्य 'साफ तौर पर यूरोप को कमजोर करने और अधीन करने का है और उनका इस्तेमाल क्षेत्रीय संप्रभुता के खिलाफ दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 18:45:51 +0530</pubDate>
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                <title>यूक्रेन में शांति सेना: राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों का ऐलान, संघर्ष विराम के बाद अपने सैनिकों को भेजेंगे यूक्रेन</title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन-रूस संघर्ष विराम के बाद शांति बनाए रखने हेतु हजारों सैनिक तैनात करने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सैनिक केवल निगरानी और पुनर्निर्माण में सहयोग करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/president-emmanuel-macron-announces-that-ukraine-will-send-its-troops/article-138740"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/emmanuel-macron.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष विराम होने के बाद वह यूक्रेन में शांति बरकरार रखने के लिये 'हजारों फ्रांसिसी सैनिक' तैनात कर सकते हैं। उन्होंने यहां मंगलवार को पश्चिमी और यूरोपीय देशों की एक बैठक के दौरान फ्रांस-2 टीवी चैनल के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि फ्रांस संघर्ष विराम पर हस्ताक्षर होने के बाद रूस-यूक्रेन सीमा की देखरेख के लिये'अभियानों में हिस्सा लेगा।</p>
<p>उन्होंने यह भी साफ किया कि फ्रांसिसी सैनिक यूक्रेन में युद्ध के लिये नहीं जायेंगे। फ्रांस की भूमिका यूक्रेनी सेना के पुनर्निमाण तक ही सीमित होगी। राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि यूक्रेन, यूरोपीय देशों और अमेरिका के बीच बातचीत हुई है और यही देश फैसला करेंगे कि सीमा का उल्लंघन हुआ है या नहीं। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि, 30 पश्चिमी और यूरोपीय देशों ने मंगलवार को यहां एक बैठक में इस बात पर सहमति जताई कि भविष्य का कोई भी शांति समझौता यूक्रेन के लिये मजबूत और बाध्य सुरक्षा गारंटियों के बिना नहीं होगा। सभी देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वे संघर्ष विराम होने के बाद वे एक राजनीतिक और कानूनी तौर पर बाध्य गारंटियों की व्यवस्था लागू करने के लिये तैयार हैं। इसमें अमेरिका के नेतृत्व वाले संघर्ष विराम की निगरानी व्यवस्था में हिस्सा लेना, यूक्रेन को सैन्य समर्थन देना और दीर्घकालिक रक्षा सहयोग शामिल होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 15:21:23 +0530</pubDate>
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                <title>फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया अभिनंदन</title>
                                    <description><![CDATA[एयरपोर्ट पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए फूल भेंट कर उनका अभिनंदन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/draft-add-your-titlejayaram-rame/article-68155"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/untitled-design-(3).jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के जयपुर पहुंचने पर उनकी अगवानी की। एयरपोर्ट पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए फूल भेंट कर उनका अभिनंदन किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jan 2024 15:07:42 +0530</pubDate>
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