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                <title>heritage - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>FIFA World Cup में इतिहास रचने उतरेंगे भारतीय मूल के ये खिलाड़ी, जानें कौन किस टीम के​ लिए खेलेगा ?</title>
                                    <description><![CDATA[फीफा विश्व कप 2026 में भले ही टीम इंडिया न हो, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अलग-अलग देशों से खेलते नजर आएंगे। कतर से तहसीन जमशीद, न्यूजीलैंड से सरप्रीत सिंह, कांगो से सैमुअल मुतुसामी और ऑस्ट्रेलिया से निशान वेलुपिल्ले इस 48 टीमों के महाकुंभ में भारतीय फैंस के उत्साह को दोगुना करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/these-players-of-indian-origin-will-create-history-in-fifa/article-155962"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/fifa-world-cup-2026.png" alt=""></a><br /><p> <br />नई दिल्ली। फीफा विश्व कप 2026 में भले ही भारतीय फुटबॉल टीम हिस्सा नहीं ले रही हो, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच पर अपनी चमक बिखेरते नजर आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार इस बार टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं और भारतीय फैंस की नजर खासतौर पर इन खिलाड़ियों पर रहेगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कतर की टीम में केरल मूल के 19 वर्षीय विंगर तहसीन जमशीद को प्रारंभिक टीम में जगह मिली है। उनके अंतिम टीम में चयन की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, न्यूजीलैंड की ओर से पंजाब मूल के सरप्रीत सिंह मैदान में उतरेंगे।</p>
<p>डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की टीम में तमिल मूल के सैमुअल मुतुसामी शामिल हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया की टीम में भारतीय मूल के निशान वेलुपिल्ले भी खेलते नजर आएंगे। भारतीय मूल के खिलाड़ियों की मौजूदगी से भारतीय फुटबॉल प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 14:22:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कैलाश मानसरोवर से लौटे 35 श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत, बोले- जीवन का सबसे दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के 35 श्रद्धालुओं का दल कैलाश मानसरोवर की पवित्र आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण कर सकुशल लौट आया है। राहुल अग्रवाल के नेतृत्व में दल ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच पूजा-अर्चना संपन्न की। एयरपोर्ट पहुंचने पर परिजनों और खंडेलवाल समाज के गणमान्य लोगों ने माल्यार्पण कर यात्रियों का भव्य अभिनंदन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/grand-welcome-for-35-pilgrims-returning-from-kailash-mansarovar/article-155795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(1).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व की सबसे पवित्र आध्यात्मिक यात्राओं में शामिल कैलाश मानसरोवर यात्रा पूर्ण कर जयपुर के 35 श्रद्धालुओं का दल सकुशल लौट आया। यात्रा का नेतृत्व राहुल अग्रवाल ने किया। श्रद्धालुओं ने कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन कर पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने बताया कि कैलाश पर्वत के दर्शन और मानसरोवर के पवित्र तट पर बिताए गए क्षण उनके जीवन के सबसे दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बन गए। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद पूरी यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुखद रही।</p>
<p>जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर समाज श्री सीताराम एवं खंडेलवाल समाज के गणमान्य व्यक्तियों, परिजनों और श्रद्धालुओं ने यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान राकेश कूलवाल, सुनील गुप्ता, जितेश कूलवाल, प्रवीण शाह और अरविंद बैद सहित अन्य लोगों ने माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। यात्रा संयोजक राहुल अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में धार्मिक पर्यटन के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और जीवन मूल्यों को समझने का अनूठा अवसर भी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:41:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नेपाली प्रतिनिधिमंडल ने की भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात: नवीन ने किया लामिछाने का गर्मजोशी से स्वागत, शासन मॉडल और जनसम्पर्क जैसे मुद्दों पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल की सत्तारूढ़ आरएसपी के अध्यक्ष रबी लामिछाने ने भाजपा मुख्यालय में नितिन नवीन से मुलाकात की। पांच दिवसीय भारत यात्रा पर आए लामिछाने दोनों दलों के बीच संगठनात्मक कार्यप्रणाली और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा कर रहे हैं। वे पीएम मोदी और विदेश मंत्री से भी मुलाकात कर सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nepalese-delegation-met-bjp-president-naveen-warmly-welcomed-lamichhane-issues/article-155754"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/nepal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रबी लामिछाने ने मंगलवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। यहां के दीनदयाल मार्ग पर स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचने पर श्री नवीन ने श्री लामिछाने का गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया। उनके सम्मान में वहां नृत्य और वाद्य संगीत आयोजित किया गया था। आरएसपी के नेता श्री लामीछाने के सम्मन में राजधानी में रह रहे नेपाली समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।</p>
<p>लामिछाने पांच दिवसीय भारत यात्रा पर आए हैं। उनके साथ नेपाली संसद के कई अन्य नेता और प्रतिनिधि भी मौजूद हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भाजपा और आरएसपी के बीच संवाद स्थापित करना, संगठनात्मक कार्यप्रणाली और जन-केंद्रित राजनीतिक पहुंच पर विचारों का आदान-प्रदान करना है। इसके साथ ही नेपाली प्रतिनिधिमंडल लोकतांत्रिक व्यवस्था, शासन मॉडल और जनसम्पर्क जैसे मुद्दों पर भी चर्चा करेगा।</p>
<p>लामीछाने ने इस मुलाकात में भाजपा अध्यक्ष को कुछ सांस्कृतिक उपहार भेट किये। इन औपचारिकताओं के बाद दोनों पक्षों की बैठक हुई। भाजपा के पदाधिकारियों के अनुसार दोनों नेताओं ने भारत-नेपाल के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए परस्पर सहयोग बढ़ाने के बारे में बातचीत की। भाजपा ने उम्मीद जतायी है कि इस मुलाकात से दोनों राजनीतिक दलों के बीच सार्थक संवाद और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लामिछान के नेतृत्व में आया प्रतिनिधनमंडल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकता है। उल्लेखनीय है कि नवीन ने 26 मई को भाजपा को जानिए पहल के तहत 12 देशों के राजनयिक मिशनों के प्रमुखों से मुलाकात की थी। इस मुलाकात का उदेश्य विदेशी मिशनों के साथ संवाद तंत्र को मजबूत करना था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 16:53:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मन की बात में पीएम मोदी का संदेश: एस्ट्रोनॉमी क्लबों और एथलीटों को सराहा, नीदरलैंड्स से चोल काल की ताम्र पट्टिकाएं लौटीं</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 134वें एपिसोड में युवाओं से एस्ट्रोनॉमी क्लबों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने 100 मीटर दौड़ के राष्ट्रीय रिकॉर्ड विजेताओं की खेल भावना को सराहा और बताया कि नीदरलैंड्स से चोल काल की प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं भारत वापस आ गई हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-country-is-moving-forward-with-inspiring-works-astronomy-club/article-155583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश के गांवों और शहरों में ऐसे अनेक प्रेरणादायी कार्य हो रहे हैं जिनसे यह विश्वास मजबूत होता है कि देश लोगों की शक्ति से निरंतर आगे बढ़ रहा है। मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134 वीं कड़ी में इसी तरह के अनेक प्रेरणादायी कार्यों का उल्लेख करते हुए लोगोंं से इनकी सराहना करने तथा इनसे जुड़ने की अपील की है। उन्होंंने कहा, भारत के हर गाँव में, हर शहर में, कुछ-न-कुछ ऐसा हो रहा है जो हमें प्रेरणा देता है। कई बार, इन प्रयासों की ज्यादा चर्चा नहीं होती, लेकिन जब हम इन्हें जानते हैं, तो ये विश्वास और मजबूत होता है, कि देश, अपने लोगों की शक्ति से आगे बढ़ रहा है। </p>
<p>मोदी ने देश में एस्ट्रोनॉमी क्लबों की बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए छात्रों से अपनी रूचि के अनुसार इन क्लबों से जुड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि देशभर में बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक, स्कूलों से लेकर पार्कों तक एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्होंंने कहा, आज के युवाओं में भी इसे लेकर काफी उत्साह दिखाई देता है। </p>
<p><strong>100 मीटर के नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड पर पीएम ने सराहा</strong></p>
<p>पीएम नरेन्द्र मोदी ने नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन कप प्रतियोगिता के विजेताओं को शुभकामनाएं दी हैं और 100 मीटर दौड़ में नए राष्ट्रीय रिकार्ड बनाने वाले दो खिलाड़ियों गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर से बात की तथा उनकी खेल भावना और खेलोंं के क्षेत्र में देश को आगे बढाने के उनके जुनून की सराहना की।</p>
<p><strong>भारत को वापस मिलीं प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं</strong></p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, मेरे प्यारे देशवासियों, बीते दिनों मुझे यूरोप के नीदरलैंड्स जाने का अवसर मिला। वहां मैं कई बैठक में शामिल हुआ। इसी दौरान एक ऐसा क्षण आया जिसने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। नीदरलैंड्स में आयोजित एक विशेष समारोह में चोला काल की प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं भारत को वापस सौंपी गईं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 09:54:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संगीत के सुनहरे अध्याय का अंत: लता मंगेशकर को टक्कर देने वाली पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस</title>
                                    <description><![CDATA[पद्म भूषण से सम्मानित मशहूर पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने छह दशकों तक हिंदी, मराठी और बांग्ला सहित कई भाषाओं में मधुर गीत गाए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शरद पवार ने उनके निधन को संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए श्रद्धांजलि दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/trending-today/end-of-the-golden-chapter-of-music-playback-singer-suman/article-155579"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/suman.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय संगीत जगत की दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 89 वर्ष थी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि सुमन कल्याणपुर के निधन से भारतीय संगीत जगत की एक मधुर, सुरमयी और भावपूर्ण आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई। उन्होंने कहा कि छह दशकों से अधिक समय तक सुमनजी ने अपनी अनुपम गायकी से संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया। मराठी, हिन्दी, बांग्ला, ओड़िया समेत अनेक भाषाओं में गाए गए उनके अमर गीत संगीत जगत की अमूल्य धरोहर हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पद्म भूषण से सम्मानित सुमनजी ने अपनी जादुई आवाज से भारतीय संगीत को समृद्ध किया। उनके गीतों की मिठास और भावपूर्ण अभिव्यक्ति सदैव स्मृतियों में जीवित रहेगी। सीएम फडणवीस ने कहा कि उनका निधन संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने सुमनजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने भी सुमन कल्याणपुर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अपनी मधुर, सुरमयी और भावपूर्ण आवाज से सुमनजी ने भारतीय संगीत जगत को समृद्ध किया। हिन्दी, मराठी और अनेक क्षेत्रीय भाषाओं में गाए गए उनके अमर गीत पीढ़ियों की भावनाओं पर राज करते रहेंगे।</p>
<p>शरद पवार ने कहा कि उनके निधन के साथ भारतीय शास्त्रीय और सुगम संगीत के स्वर्णिम युग का एक अध्याय समाप्त हो गया। उन्होंने सुमन कल्याणपुर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>Trending Today</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 09:34:43 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बेटी टिफनी आज जैसलमेर आएंगी, पति संग सोनार किले व हवेलियों का करेंगी भ्रमण</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप और पति माइकल बोलस रविवार को चार्टर विमान से जैसलमेर पहुंच रहे हैं। दिल्ली और आगरा के बाद शाही जोड़ा यहाँ सोनार किला और पटवों की हवेली देखेगा। भारत-पाक सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaisalmer/american-president-trumps-daughter-tiffany-will-come-to-jaisalmer-today/article-155532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump-doughter.png" alt=""></a><br /><p>जैसलमेर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छोटी बेटी टिफनी ट्रंप अपने पति माइकल बोलस के साथ रविवार को जैसलमेर के दौरे पर आ रही हैं। इस हाई-प्रोफाइल और निजी यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। शाही जोड़ा चार्टर प्लेन से सीधे जैसलमेर पहुंचेगा, जहां उनके ठहरने के लिए होटल सूर्यगढ़ में विशेष व्यवस्था की गई है। सोमवार को उनका यहां से वापस रवाना होने का कार्यक्रम है। यात्रा के दौरान टिफनी ट्रंप सोनार किला, नक्काशी के लिए मशहूर पटवों की हवेली और खूबसूरत गड़ीसर लेक का दीदार करने जाएंगी। टिफनी ट्रंप व माइकल बोलस ने अपनी यात्रा की शुरूआत देश की राजधानी दिल्ली से की थी। शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली के स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया था। इसके बाद शनिवार को वे आगरा पहुंचे, जहां उन्होंने ताजमहल का दीदार किया।</p>
<p><strong>सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद </strong></p>
<p>जैसलमेर, भारत-पाकिस्तान सीमा से सटा एक संवेदनशील जिला है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन व खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों और वीआईपी रूट पर सुरक्षा के अभूतपूर्व बंदोबस्त किए गए हैं, इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर रूट डायवर्जन की तैयारी भी की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जैसलमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 11:02:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर में एल. गोपाल ज्वेलर्स प्रा.लि. के नए शोरूम का हुआ उद्घाटन </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के सी-स्कीम में प्रतिष्ठित ब्रांड एल.गोपाल ज्वेलर्स के नए शोरूम का भव्य उद्घाटन हुआ। फाउंडर जगमोहन सोनी के अनुसार, यह शोरूम ग्राहकों को उत्कृष्ट गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ गोल्ड, डायमंड, कुंदन और ब्राइडल ज्वेलरी का एक्सक्लूसिव कलेक्शन देगा। उद्घाटन के मौके पर ग्राहकों के लिए विशेष ऑफर्स भी पेश किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-showroom-of-l-gopal-jewelers-pvt-inaugurated-in-jaipur/article-155425"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर के प्रतिष्ठित ज्वेलरी ब्रांड एल.गोपाल ज्वेलर्स प्रा.लि. (ए यूनिट आॅफ  जगमोहन सोनी) के नए शोरूम का उद्घाटन गुरुवार को जयपुर के सी-स्कीम स्थित लक्ष्मी पथ, अशोक मार्ग पर हुआ। उद्घाटन समारोह में शहर के कई गणमान्य अतिथि, उद्योग जगत से जुडेÞ लोग एवं बड़ी संख्या में ग्राहक उपस्थित रहे। इस अवसर पर संस्थान के फाउंडर जगमोहन सोनी ने बताया कि एल.गोपाल ज्वेलर्स हमेशा से ग्राहकों को उत्कृष्ट गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं विश्वास के साथ श्रेष्ठ आभूषण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जयपुर में नए शोरूम की शुरुआत ग्राहकों को आधुनिक डिजाइन एवं पारंपरिक कारीगरी का शानदार संगम उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आगे कहा कि नए शोरूम में ग्राहकों को गोल्ड, डायमंड, कुंदन, पोलकी एवं ब्राइडल ज्वेलरी का एक्सक्लूसिव और आकर्षक कलेक्शन देखने को मिलेगा। उद्घाटन अवसर पर ग्राहकों के लिए विशेष आॅफर्स और नई डिजाइनों की शृंखला भी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में शोरूम की भव्य सजावट एवं राजस्थानी संस्कृति से प्रेरित इंटीरियर आकर्षण का केंद्र रहे। अतिथियों ने नए शोरूम की आधुनिक सुविधाओं और शानदार कलेक्शन की सराहना की। एल.गोपाल ज्वेलर्स परिवार ने जयपुरवासियों से मिले स्नेह और विश्वास के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी बेहतर सेवाएं देने का विश्वास जताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 17:50:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक माह के प्रशिक्षण शिविर में थिएटर, मीनिएचर पेंटिंग, ब्लॉक प्रिंटिंग और ढूंढाड़ी भाषा सीख रहे प्रतिभागी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के सिटी पैलेस में एक दिवसीय सांस्कृतिक विरासत प्रशिक्षण शिविर युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 18 जून तक चलने वाले इस शिविर में 5 वर्ष से अधिक उम्र के प्रतिभागी मीनिएचर पेंटिंग, थिएटर, ब्लॉक प्रिंटिंग और ढूंढाड़ी भाषा की बारीकियां सीख रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/participants-learning-theater-miniature-painting-block-printing-and-dhunkhadi-language/article-155104"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-600-px-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सिटी पैलेस में आयोजित एक माह का सांस्कृतिक विरासत प्रशिक्षण शिविर युवाओं और कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय संग्रहालय, रंगरीत स्टूडियो और सरस्वती कला केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे इस शिविर में 5 वर्ष से लेकर विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। शिविर संयोजक रामू रामदेव ने बताया कि 18 जून तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में राजस्थान की पारंपरिक कला, संगीत, नृत्य और भाषा से जुड़ी विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।</p>
<p>इस वर्ष थिएटर, टेक्सटाइल ब्लॉक प्रिंटिंग और ढूंढाड़ी भाषा विशेष आकर्षण हैं। मीनिएचर पेंटिंग कार्यशाला में राधा-कृष्ण, सवाई जय सिंह और श्रीनाथजी विषयों पर कलाकृतियां बनाना सिखाया जा रहा है, वहीं स्कैचिंग एवं पोट्रेट कार्यशाला में प्रतिभागियों को स्केच, कैरिकेचर और चेहरे के भाव उकेरने की बारीकियां सिखाई जा रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 18:00:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समान नागरिक संहिता से आदिवासी समुदाय को कोई नुकसान नहीं, हर व्यक्ति को आत्म-सम्मान के साथ जीने का अधिकार : अमित शाह</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रामलीला मैदान में आदिवासियों को आश्वस्त किया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। मोदी सरकार ने गुजरात और उत्तराखंड में आदिवासियों को इससे बाहर रखा है। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित इस समागम में धर्मांतरण और आरक्षण जैसे मुद्दे भी उठे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/uniform-civil-code-causes-no-harm-to-tribal-community-every/article-154921"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/amit-shah.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आदिवासी समुदाय के लोगों से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) नहीं डरने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें इससे कोई नुकसान नहीं होगा। शाह ने यहां के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 'तू-मैं एक रक्त, वनवासी-ग्रामवासी-नगरवासी, हम सब भारतवासी' नाम से आयोजित जनजातीय सांस्कृतिक समागम को संबोधित करते हुए कहा, "यह समागम आने वाले वर्षों तक जनजातियों के 'महाकुंभ' के रूप में जाना जाएगा। आप देश के दूर-दराज के इलाकों से, पारंपरिक वेशभूषा में, अपने वाद्य यंत्रों के साथ और अपनी संस्कृति के गीत गाते हुए यहाँ आए हैं, तो मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूँ कि मैंने अपने जीवन में कभी भगवान बिरसा मुंडा को नहीं देखा, लेकिन आज भगवान बिरसा मुंडा साक्षात मेरे सामने प्रकट हुए हैं। मैं आप सभी को नमन करता हूँ। "</p>
<p>उन्होंने कहा, "हमारे संविधान निर्माताओं ने हर व्यक्ति को अपने मूल धर्म में आत्म-सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया है। लोगों को लालच देकर किसी का धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। अब हमें दिल्ली की इस धरती से अपने धर्म की रक्षा करने की शपथ लेनी चाहिए और यह हमें हमारी संस्कृति और हमारे देश से जोड़े रखेगी।" केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, "मैं मध्य प्रदेश और गुजरात से आए अपने सभी भाइयों और बहनों का, मध्य प्रदेश और गुजरात के भील और मुंडा समुदायों का, छत्तीसगढ़ के गोंड और कोलाम समुदायों का, झारखंड और ओडिशा के संथाल और उरांव समुदायों का, पूर्वोत्तर के बोडो, कार्बी, दिमासा, खासी, गारो और चकमा समुदायों का, और आंध्र प्रदेश के चेंचु समुदायों का तहे दिल से स्वागत करता हूँ। मैं दोनों संगठनों का गहरा आभार व्यक्त करना चाहता हूँ कि उन्होंने मुझे अपने जीवनकाल में इस अद्भुत आयोजन का साक्षी बनने का यह अवसर दिया।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। यह जल, यह वन और ये पहाड़ हमारे आदिवासी भाइयों की आजीविका का स्रोत हैं और एक अभेद्य दुर्ग हैं जो उनकी पहचान और संस्कृति की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा, "आज यदि दुनिया में कोई ऐसा मॉडल है जो सबसे अधिक टिकाऊ है, तो वह हमारे जनजातीय समुदायों द्वारा बनाया गया मॉडल है और हम इसकी रक्षा के लिए आगे आए हैं। सभी जनजातियों ने बिना किसी लिखित नियम के 'अनेकता में एकता' और 'एकता में अनेकता' के मंत्र को साकार करने का काम किया है।"</p>
<p>शाह ने कहा, "हज़ारों साल पहले त्रेता युग में भगवान राम ने शबरी के जूठे बेर खाकर हमें बहुत साफ़ तौर पर यह समझाया था कि हम सब एक हैं। जो लोग हमें बाँटना चाहते हैं, वे यह नहीं जानते कि जब निषाद राज ने मदद का हाथ बढ़ाया, तो भगवान राम ने उन्हें अपना परम मित्र बनाकर वनवासियों का सम्मान किया था। आज का यह सम्मेलन और यहाँ मौजूद लाखों आदिवासी लोग उन लोगों के लिए एक बड़ा संदेश हैं, जो फूट डालने का काम कर रहे हैं।"</p>
<p>उन्होंने " समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर एक साजिश शुरू हुई है कि इसके जरिये आदिवासी लोगों को उनकी संस्कृति, उनकी परंपराओं, उनके रीति-रिवाजों और उनके जीने के अधिकार से वंचित कर देगा। आज, नरेन्द्र मोदी सरकार के गृह मंत्री के तौर पर मैं इस मंच से यह साफ़ कर देना चाहता हूँ कि यूसीसी की कोई भी पाबंदी आदिवासी समुदाय या आदिवासी व्यक्तियों पर नहीं लगाई जाएगी। यूसीसी किसी भी आदिवासी अधिकार का उल्लंघन नहीं करेगा। हमने दो राज्यों में यूसीसी लागू किया है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है विशेषकर गुजरात और उत्तराखंड विशेष प्रावधान करके नरेन्द्र मोदी सरकार ने सभी आदिवासी समुदायों को यूसीसी से बाहर रखा है। इस संदेश के साथ अपने गाँवों, पहाड़ों, जंगलों में जाएँ और सभी आदिवासी समुदायों को जागरूक करें कि यूसीसी से डरने की कोई ज़रूरत नहीं है।"</p>
<p>आयोजकों ने इस आयोजन को आदिवासी पहचान और 'राष्ट्रीय एकता' की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के रूप में पेश किया है, जिसका नारा है 'तू मैं एक रक्त, वनवासी-ग्रामवासी-नगरवासी, हम सब भारतवासी.' जेएसएम के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रतिभागियों से देश के विभिन्न हिस्सों से पारंपरिक परिधानों में आने की उम्मीद है, जबकि दिल्ली में स्वयंसेवकों ने 20 अलग-अलग समितियों के माध्यम से आवास, भोजन, परिवहन और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की है. भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा में देश के कोने-कोने से जनजाति समाज के लोग राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे और लोक संस्कृति के साथ शोभा यात्रा निकाली। इस समागम का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े 'वनवासी कल्याण आश्रम' ने किया था, जिसमें कई संवेदनशील मुद्दे उठाये गये। इस समागम का सबसे बड़ा मुद्दा धर्मांतरण का रहा। </p>
<p>समागम में आये जनजातीय समाज के लोगों का कहना था कि धर्म परिवर्तन के बाद भी कुछ लोग आदिवासी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, जिससे मूल जनजातीय समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। इसके अलावा फर्जी अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाण पत्र, आदिवासियों की जमीनों पर कब्ज़ा और तथाकथित 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' जैसे मुद्दे उठाये। समागम के आयोजकों का कहना था कि कुछ विदेशी ताकतें और मिशनरी संगठन आदिवासियों को उनकी सांस्कृतिक पहचान से अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 13:19:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान विधानसभा के 75वें वर्ष की शुरुआत: नए प्रतीक चिन्ह का विमोचन, 13 द्वारों को मिले ऐतिहासिक नाम</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विधानसभा के 75वें वर्ष पर राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नए प्रतीक चिन्ह का विमोचन किया। प्रतीक चिन्ह में खेजड़ी, गोडावण और ऊंट जैसी सांस्कृतिक आकृतियां शामिल हैं। इसके साथ ही विधानसभा के 13 द्वारों का नामकरण कर अमृत महोत्सव कार्यक्रमों की औपचारिक शुरुआत की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/beginning-of-75th-year-of-rajasthan-legislative-assembly-release-of/article-154279"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rera2.pdf-(1200-x-600-px)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विधानसभा के 75वें वर्ष पर प्रतीक चिन्ह का विमोचन, 13 द्वारों का हुआ नामकरण विधानसभा लोकतंत्र का पवित्र सदन, नया प्रतीक चिन्ह राजस्थान की संस्कृति का द्योतक” राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े राजस्थान विधानसभा के 75वें वर्ष के अवसर पर सोमवार को राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधानसभा के नए प्रतीक चिन्ह का विमोचन किया तथा विधानसभा भवन के 13 द्वारों के नामकरण पट्टिका का अनावरण किया। इसके साथ ही विधानसभा के अमृत महोत्सव कार्यक्रमों की औपचारिक शुरुआत हुई।</p>
<p>राज्यपाल ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का पवित्र सदन है और राजस्थान विधानसभा का गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि नया प्रतीक चिन्ह राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और जनभावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। प्रतीक चिन्ह में शामिल खेजड़ी, गोडावण, ऊंट और विधानसभा भवन की आकृतियां राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और संघर्षशील जीवनशैली को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि खेजड़ी राजस्थान का कल्पवृक्ष है और यह त्याग तथा पर्यावरण संरक्षण की परंपरा का प्रतीक है। राज्यपाल ने शिक्षा व्यवस्था पर भी जोर देते हुए कहा कि देश शिक्षा से आगे बढ़ता है और व्यवहारिक शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत है। “विधानसभा करोड़ों नागरिकों की आशाओं का केंद्र” — वासुदेव देवनानी विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधानसभा का नया प्रतीक चिन्ह लोकतांत्रिक परंपराओं, जनआकांक्षाओं और संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विधानसभा भवन करोड़ों नागरिकों की आशाओं का पावन केंद्र है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 17:54:20 +0530</pubDate>
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                <title>आमेर महल के संरक्षण और सुविधाओं पर फोकस : मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने किया निरीक्षण, पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिए विकास के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आमेर महल का निरीक्षण कर चल रहे ₹25.5 करोड़ के संरक्षण कार्यों का जायजा लिया। महल में सालाना रिकॉर्ड 22.82 लाख पर्यटक (2.70 लाख विदेशी) पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए मुख्य सचिव ने पार्किंग, रास्तों और मूल ऐतिहासिक स्वरूप को बनाए रखते हुए बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने के निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/focus-on-conservation-and-facilities-of-amer-palace/article-154143"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/srinavas.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थल आमेर महल में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने सुविधाओं और संरक्षण कार्यों को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रविवार को आमेर महल का भ्रमण कर चल रहे विकास एवं संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले आमेर की आराध्य देवी शिला माता के दर्शन किए और इसके बाद महल परिसर का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वर्षभर में आमेर महल में करीब 22.82 लाख पर्यटक पहुंचे, जिनमें 2.70 लाख विदेशी पर्यटक शामिल रहे। प्रतिदिन औसतन 6,270 पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए मुख्य सचिव ने पार्किंग, शौचालय और आमेर तक पहुंचने वाले रास्तों को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।</p>
<p>उन्होंने 25.5 करोड़ रुपए की लागत से चल रहे पार्किंग विकास, खेड़ी गेट रोड और अन्य संरक्षण कार्यों का निरीक्षण कर संतोष जताया। मानसिंह महल और शीशमहल में चल रहे संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए मूल स्वरूप बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। साथ ही डिजिटल संग्रहालय और गाइड प्रशिक्षण को लेकर भी आवश्यक निर्देश प्रदान किए। इस दौरान पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ पंकज धरेंद्र, पर्यटन विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर राकेश शर्मा, आमेर महल अधीक्षक डॉ राकेश छोलक, आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक (कार्य) एवं गाइड महेश शर्मा मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 16:02:18 +0530</pubDate>
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                <title>विश्व संग्रहालय दिवस: खजाना महल म्यूजियम में ब्राजील से लाए गए दुर्लभ स्वयंभू ब्रह्मा-विष्णु-महेश अमेथिस्ट एगेट का होगा प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व संग्रहालय दिवस पर जयपुर के खजाना महल में ब्राजील से लाया गया 100 किलो वजनी अमेथिस्ट एगेट पत्थर प्रदर्शित किया जाएगा। इस प्राकृतिक रत्न में तीन जुड़े हिस्से हैं, जो कैलाश पर्वत और त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का आभास कराते हैं। यह दुर्लभ भूगर्भीय नमूना आध्यात्मिक और मानसिक उपचार गुणों के लिए भी खास है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/world-museum-day-rare-swayambhu-brahma-vishnu-mahesh-amethyst-agate-brought-from/article-154154"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर खजाना महल जेम एंड ज्वेलरी म्यूजियम ने ब्राजील से प्राप्त एक असाधारण दुर्लभ अमेथिस्ट एगेट पत्थर को प्रदर्शित करने की घोषणा की है। इस पत्थर में प्राकृतिक रूप से तीन जुड़े हुए हिस्से हैं जो कैलाश पर्वत जैसे दिखते हैं और उनमें स्वयंभू रूप में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का आभास होता है। 100 किलोग्राम वजनी यह सिंगल पीस में निकला अमेथिस्ट पत्थर भूगर्भीय कला का अनूठा उदाहरण है। अमेथिस्ट क्रिस्टल के भीतर एक कैल्साइट का टुकड़ा भी समाया हुआ है और तीनों गोलाकार जुड़े हुए अमेथिस्ट एगेट खंड इसे भूगर्भीय और आध्यात्मिक दृष्टि से दुर्लभ नमूना बनाते हैं।</p>
<p>म्यूजियम निदेशक अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि यह टुकड़ा केवल अपनी दुर्लभता के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है। इसमें गहरी धार्मिक भावना भी है और भावनात्मक व मानसिक उपचार के गुणों के लिए भी इसे महत्व दिया जाता है। अमेथिस्ट एगेट को भावनाओं में संतुलन लाने, तनाव कम करने और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव करने वाला माना जाता है। म्यूजियम विश्व संग्रहालय दिवस पर इस नई प्राप्ति को जौहरी बाजार सेट  के प्रवेश द्वार पर रखेगा ताकि यह आगंतुकों को सबसे पहले दिखाई दे। खजाना महल म्यूजियम पत्थर से आभूषण तक के सफर को दर्शाने के लिए जाना जाता है और यह टुकड़ा उसी कथा से जुड़ता है क्योंकि यह कटाई या पॉलिश से पहले का प्राकृतिक रूप दिखाता है।</p>
<p>अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि म्यूजियम के पास पहले से ही 8.5 फुट ऊंचा अमेथिस्ट एगेट ड्रूजी दो हिस्सों में प्रदर्शित है। ब्राजील भूड के जुड़ने से खजाना महल की स्थिति और मजबूत हुई है जो भारत के उन गिने-चुने म्यूजियम में है जो पूरी तरह रत्न, खनिज और आभूषण विरासत को समर्पित हैं। जयपुर में स्थित खजाना महल म्यूजियम यह दर्शाता है कि जयपुर सदियों से रत्न कटाई और आभूषण निर्माण का वैश्विक केंद्र रहा है। इसके संग्रह में कच्चे पत्थर, पॉलिश किए गए रत्न, पारंपरिक आभूषण और निर्माण, ग्रेडिंग व शिल्प को समझाने वाले इंटरैक्टिव प्रदर्शन शामिल हैं। आगंतुक दुर्लभ खनिज, विरासत आभूषण और पत्थर कटाई व जड़ाई की लाइव डेमो देख सकते हैं।</p>
<p>म्यूजियम शिक्षा और संरक्षण पर भी ध्यान देता है। यह नियमित रूप से छात्रों, डिजाइनरों और पर्यटकों के लिए सत्र आयोजित करता है ताकि वे रत्नों के विज्ञान और संस्कृति को समझ सकें। भूगर्भीय नमूनों को आभूषण इतिहास के साथ जोड़कर खजाना महल आगंतुकों को वैज्ञानिक संदर्भ और सांस्कृतिक सराहना दोनों प्रदान करता है। ब्रह्मा-विष्णु-महेश अमेथिस्ट एगेट के जुड़ने के साथ म्यूजियम का लक्ष्य विश्व संग्रहालय दिवस और आने वाले पर्यटन सीजन में भक्तों और रत्न प्रेमियों दोनों को आकर्षित करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 14:51:17 +0530</pubDate>
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