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                <title>नगर निगम कैथून में भी बनाएगा गौशाला, आयुक्त ने अधिकारियों के साथ देखी जमीन</title>
                                    <description><![CDATA[कैथून नगर पालिका और तीन पंचायतें नगर निगम में शामिल हुई है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/municipal-corporation-to-establish-a-gaushala-in-kathun-as-well/article-152080"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(2)46.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से कैथून में भी गौशाला बनाने की योजना है। इसके लिए नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों के साथ कई जगह पर जमीन देखी है।नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने सोमवार को कैथून क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने नगर पालिका और कोटा विकास प्राधिकरण की कई जमीनों को देखा। जहां गौशाला बनाई जा सकती है।</p>
<p>आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि कैथून नगर पालिका और तीन पंचायतें नगर निगम में शामिल हो गई है। ऐसे में यहां भी बड़ी संख्या में निराश्रित मवेशी हैं। उन्हें यहां से पकड़कर बंधा धर्मपुरा स्थित निगम की गौशाला में ले जाना काफी भारी पड़ रहा है। कैथून से गौशाला की दूरी करीब पचास किमी. है। ऐसे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कैथून में ही गौशाला की संभावना तलाशने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देशों की पालना में ही यहां कई जगह पर जमीन देखी है।</p>
<p><strong>एक हजार गायों के लिए बनेगी गौशाला</strong><br />आयुक्त मेहरा ने बताया कि कैथून में करीब एक हजार गायों को रखने के लिए गौशाला बनाने की योजना है। जिससे इस क्षेत्र से निराक्षित गौवंश को पकड़कर यहीं रखा जा सकेगा। उन्हें बंधा गौशाला नहीं ले जाया जा सकेगा। इसके लिए उतनी बड़ी जमीन की तलाश की जा रही है। कुछ जमीन देखी हैं उन पर विचार कर निर्णय किया जाएगा।</p>
<p><strong>बंधा गौशाला में होंगे एक करोड़ के काम</strong><br />इधर नगर निगम की बंधा धर्मपुरा स्थित गौशाला में करीब एक करोड़ रुपए के कार्य करवाए जाएंगे।आयुक्त मेहरा ने बताया कि वर्तमान में करीब 28 लाख रुपए के टेंडर तो हो चुके हैं। 80 लाख रुपए और स्वीकृत करवाए जाएंगे। जिनसे यहां शेड, पानी की टंकी, प्रशासनिक भवन, टॉयलेट्स , चार दीवारी निर्माण समेत अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।</p>
<p><strong>डेढ़ हजार की क्षमता होगी विस्तारित गौशाला की</strong><br />आयुक्त मेहरा ने बताया कि निगम की बंधा गौशाला में वर्तमान में करीब दो हजार गौवंश हैं। वहीं इसके पास ही करीब 25 बीघा जमीन केडीए से प्राप्त हुई है। जिसका विस्तार किया जा रहा है। इस विस्तारित गौशाला में भी करीब डेढ़ हजार गौवंश को रखा जाएगा। इस तरह से बंधा गौशाला की क्षमता भी बढ़ जाएगा।</p>
<p><strong>गर्मी से बचाव के इंतजाम किए जा रहे</strong><br />शहर में पड़ रही भीषण गर्मी का असर जहां इंसानों पर हो रहा है। वहीं जानवर भी इससे अधूते नहीं है। नगर निगम की बंधा धर्मपुरा गौशाला और किशोरपुरा स्थित कायन हाउस में गौवंश को गर्मी से बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कायन हाउस में ग्रीन नेट लगाई गई है। जबकि गौशाला में पुरानी नेट तो लगी हुई है। नई ग्रीन नेट भी लगाई जा रही है। साथ ही गौशाला में अलग-अलग बाड़ों के हिसाब से 20से अधिक पंखे व कूलर भी लगाए गए हैं।</p>
<p> शहर की तुलना में बंधा की तरफ तापमान अधिक रहता है। ऐसे में जहां गौवंश को गर्मी से राहत के इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं ट्रेक्टर से फव्वारा पद्धति से गौवंश पर व बाड़ों में पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है।<br /><strong>-जितेन्द्र सिंह ,पूर्व अध्यक्ष गौशाला समिति</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 15:00:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड 38- मंदिर परिसर को लोगों ने बनाया पार्किंग स्थल, डिवाइडर ऊंचे होने से राहगीरों को हो रही परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[नालियों में पानी की निकासी की व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित है जिससे बरसात मे सड़कों पर पानी भरता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-38---residents-have-turned-the-temple-complex-into-a-parking-lot--causing-inconvenience-to-pedestrians-due-to-the-high-divider/article-129077"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(1)22.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर निगम उत्तर क्षेत्र के वार्ड 38 में मूलभूत सुविधाओं का अभाव लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। सड़क, सफाई, पार्क और सामुदायिक भवन जैसी बुनियादी जरूरतें अब भी अधूरी हैं। वार्ड के रहवासी कई वर्षों से इन समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन हालात में सुधार नहीं हो सका है। हालात यह हैं कि वार्ड का प्रमुख धार्मिक स्थल भी अब पार्किंग स्थल में तब्दील होता जा रहा है। वार्ड में सुविधा कॉम्प्लेक्स में नल भी लगे हुए नहीं है। वार्ड में बने मंदिर पसिर में लोगों ने पार्किंग स्थल बना दिया है जिसके कारण यहां आने वाले श्रद्धालु काफी परेशान हो रहे है।</p>
<p><strong>मंदिर परिसर में खड़े रहते वाहन से श्रद्धालु परेशान</strong><br />वार्ड के प्रमुख श्रीराम मंदिर, हनुमान और गायत्री देवी मंदिर बने हुए हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर में प्रवेश करते ही वाहनों की कतार नजर आती है। मंदिर के भीतर तक गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे श्रद्धालुओं को न केवल असुविधा होती है बल्कि मंदिर परिसर की पवित्रता भी प्रभावित हो रही है। श्रद्धालु बताते हैं कि शहर के अन्य इलाकों में पार्किंग की व्यवस्था मंदिरों के बाहर होती है, लेकिन यहां निगम की अनदेखी  के कारण पूरा परिसर ही पार्किंग स्थल बन गया है। इससे श्रद्धालुओं के आने-जाने में कठिनाई होती है और परिसर की स्वच्छता भी बिगड़ रही है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />हरिजन बस्ती, खटीको का मोहल्ला, राधाकृष्ण मन्दिर, बैरवा मोहल्ला, आमेरा भवन के आस पास का ऐरिया, आदिनाथ नमकीन, बाबा रामदेव मन्दिर का क्षेत्र शामिल है। </p>
<p><strong>ऊंचे डिवाइडर बने मुसीबत</strong><br />इंदिरा गांधी नगर में नालियों की निकासी की व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित है। बरसात के दौरान सड़कों पर पानी भर जाता है, जिससे पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। कई बार जलभराव के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाते। उन्होंने बताया कि कॉलोनियों के बीच बने डिवाइडर इतने ऊंचे हैं कि बुजुर्गों और दोपहिया चालकों को आने-जाने में कठिनाई होती है। इस कारण दुर्घटनाओं की संभावना भी बनी रहती है।<br /><strong>- कैलाशी देवी, रहवासी</strong></p>
<p><strong>बच्चों के खेलने की जगह नहीं</strong><br />इलाके में बच्चों के खेलने के लिए कोई पार्क नहीं है और न ही सामाजिक कार्यक्रमों के लिए कोई सामुदायिक भवन है। स्थानीय लोगों को किसी भी सामुदायिक आयोजन के लिए दूसरे वार्डों पर निर्भर रहना पड़ता है। नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई है। कई जगहों पर नालियों पर ढकान होने से सफाई कार्य मुश्किल हो गया है। कुछ लोगों ने नालों के ऊपर अस्थायी निर्माण कर रखे हैं, जिससे बरसात के समय पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो जाती है। यह स्थिति न केवल अस्वच्छता को बढ़ाती है, बल्कि मच्छरों के पनपने और बीमारियों के फैलने का भी खतरा पैदा करती है।<br /><strong>- मोहम्मद सलीम, रहवासी</strong></p>
<p><strong>सड़कों पर फैला कचरा</strong><br />वार्ड के कई हिस्सों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। नालियों में गंदगी और कचरा भरा पड़ा है। ढकान लगे होने से सफाईकर्मी नियमित सफाई नहीं कर पा रहे। स्थानीय निवासी कांतिबाई ने बताया कि निगम की अनदेखी से वार्ड में लोगों ने सड़कों को ही कचरा प्वाइंट बना रखा है।<br /><strong>- कांति बाई, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में स्थित कॉम्प्लेक्स के बारे में कई बार अधिकारियों को शिकायत दि है। मगर अभि तक कोई जवाब नहीं आया। वार्ड में सफाई रोजाना होती है, <br /><strong>- महेन्द्र वर्मा, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 15:41:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राजस्थान के अंतिम गांव के हालात : 78 साल बाद भी बिस्लाई गांव में नहीं पहुंचा नल का पानी, ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर</title>
                                    <description><![CDATA[जहां मवेशी स्नान करते हैं वहीं मृत जानवरों को किनारे फेंक देते है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-situation-in-rajasthan-s-last-village--even-after-78-years--bislai-village-has-not-received-tap-water/article-127339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(31).png" alt=""></a><br /><p>छीपाबड़ौद। छीपाबड़ौद तहसील क्षेत्र की सहजनपुर ग्राम पंचायत का बिस्लाई गांव आज भी बदहाली की दास्तां कह रहा है। आजादी के 78 साल बाद भी यहां पेयजल की सुविधा नहीं है। ग्रामीणों को अब भी नदी से पानी ढोकर लाना पड़ता है। महिलाएं हर रोज कई किलोमीटर दूर नदी तक जाती हैं और सिर पर मटकी रखकर परिवार के लिए पानी लाती हैं। वही नदी, जहां मवेशी स्नान करते हैं और मृत जानवरों को किनारे फेंक दिया जाता है। मजबूरी में ग्रामीण दूषित पानी पीने को विवश हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना, ट्यूबवेल और टैंकर की घोषणाएं केवल कागजों में सिमट गईं। सरपंच से लेकर विधायक-सांसद तक गुहार लगाने के बावजूद हालात जस के तस हैं। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि हर चुनाव में नेताओं ने वादे किए, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई इस गांव की सुध लेने तक नहीं आया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा।</p>
<p><strong>नेता व प्रशासन की प्रतिक्रिया</strong><br />बिस्लाई गांव की तस्वीरें साफ दिखा रही हैं कि सरकार और प्रशासन ने यहां की समस्याओं की अनदेखी की है। 78 साल बाद भी अगर ग्रामीणों को नदी से पानी ढोना पड़ रहा है तो यह सरकार की नाकामी है।<br /><strong>-  प्रेम सिंह मीणा, कांग्रेस नेता</strong></p>
<p>इस मामले का जल्द संज्ञान लिया जाएगा। <br /><strong>- अभिमन्यु सिंह कुंतल, उपखंड अधिकारी छीपाबड़ौद।</strong></p>
<p><strong>ग्रामीणों का दर्द उनके ही शब्दों में</strong></p>
<p>आजादी को 78 साल हो गए, लेकिन हमारे गांव में आज तक नल का पानी नहीं आया। जानवर जिस नदी में नहाते हैं, उसी से हमें पीने का पानी भरना पड़ता है। .<br /><strong>- घनश्याम बैरवा, ग्रामीण</strong></p>
<p>जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक सबको कहा, लेकिन किसी ने नहीं सुना। गंदा पानी पीने से बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियां फैल रही हैं। <br /><strong>- राम भरोस, ग्रामीण</strong></p>
<p>सुबह से दोपहर तक नदी से पानी लाना हमारी मजबूरी है। बारिश में स्थिति और भी विकट हो जाती है। <br /><strong>- नीलू बाई, महिला ग्रामीण </strong></p>
<p>बरसों से सुन रहे हैं कि नल-जल योजना आएगी, पाइप लाइन डलेगी, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।<br /><strong>- सूखना बाई, महिला ग्रामीण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 17:48:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - रेल यात्रियों को फिर मिली एस्केलेटर की सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[सभी यात्रियों को प्लेटफार्म पर आने-जाने के लिए आसानी रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---railway-passengers-again-get-escalator-facility/article-122697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(2)10.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के हृदयस्थल स्थित कोटा रेलवे स्टेशन पर सोमवार को रेलयात्रियों के लिए तकनीकी खराबी के चलते बंद हुए एस्केलेटर को पुन: चाल कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने दैनिक नवज्योति में प्रकाशित शीर्षक कोटा स्टेशन पर स्केलेटर की खराबी के चलते यात्री हो रहे परेशान के बाद हरकत में आया तथा रेल यात्रियों की सुविधा के लिए पुन: तकनीकी खराबी को सही करवा चालू करवा दिया।</p>
<p>रेलवे जनसंपर्क अधिकारी शिव शंकर शाह ने बताया कि रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए पुन: स्केलेटर (स्वचालित सीढी) चालू कर दिया है। स्टेशन पर विकलांग, वृद्धजन, महिलाओं व जरूरतमंद सभी यात्रियों को प्लेटफार्म पर आने-जाने के लिए आसानी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Aug 2025 14:22:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अब घर बैठे मिलेगा नल कनेक्शन, मोबाइल पर मिलेगी आवेदन स्वीकृत-अस्वीकृत की जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[जलदाय विभाग कैम्प लगाकर लोगों को सिखा रहा आवेदन करने के तौर-तरीके]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-you-will-get-tap-connection-sitting-at-home/article-115228"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer24.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहरवासियों के लिए खुश खबर है। अब नल कनेक्शन लेने के लिए उन्हें सरकारी विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बस एक क्लिक पर ही कनेक्शन मिल जाएगा। नल फिटिंग से लेकर रोड कटिंग तक का सारा काम जलदाय विभाग खुद करेगा। जिसके दो फायदे होंगे,पहला-संबंधित सरकारी एजेंसियों के चक्कर काटने में व्यर्थ होने वाला समय की बचत हो सकेगी। दूसरा-रोड कटिंग से लेकर नल फिटिंग करवाने के लिए प्राइवेट वकर्स द्वारा मनमाना शुल्क वसूलने की समस्या से निजाद मिलेगी। दरअसल, जलदाय विभाग द्वारा नागरिक सेवाओं में सुशासन को बढ़ावा देने के लिए सरलीकृत जल कनेक्शन प्रक्रिया लांच की गई है। जिसमें नया नल कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ता को जल मित्र पोर्टल या ई-मित्र के माध्यम से जरूरी दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा। साथ ही 8100 रुपए डिमांड नोट राशि जमा करवानी होगी। विभाग इस राशि के जमा होने पर उपभोक्ता के घर तक नल कनेक्शन की सारी कार्यवाही पूरी करेगा। </p>
<p><strong>नल फिटिंग से रोड कटिंग तक सारा काम विभाग का</strong><br />नल कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को अब संबंधित विभागों के चक्कर नहीं काटने पडेंÞगे। नल फिटिंग,रोड कटिंग, सड़क मरम्मत, मीटर लगाना सहित अन्य सभी कार्य जलदाय विभाग के कर्मचारी ही करेंगे।  जबकि, अभी तक नल कनेक्शन लेने के लिए आवेदक को पाइप बिछाने के लिए सड़क कटाई के लिए केडीए या नगर निगम से परमिशन लेनी पड़ती है और इसका शुल्क भी अलग से जमा करवाना पड़ता है। जिसकी रसीद जलदाय विभाग को देने के बाद कनेक्शन और सुरक्षा राशि जमा के संबंध में पीएचईडी से डिमांड नोटिस जारी किया जाता था। फिर मीटर जमा करने, प्लम्बर चयन की औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थी। इसके बाद ही कनेक्शन जारी किया जाता था। लेकिन, अब उपभोक्ता को सिर्फ 8100 रुपए का शुल्क जमा करवाना होगा। नल कनेक्शन के लिए सड़क कटाई, कनेक्शन के लिए पाइप व मीटर व कनेक्शन जोड़ने का सारा कार्य विभाग करेगा।</p>
<p><strong>मोबाइल पर मिलेगी आवेदन स्वीकृत-अस्वीकृत की जानकारी</strong><br />जलदाय विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, नल कनेक्शन के लिए उपभोक्ता ई-मित्र के माध्यम से संबंधित दस्तावेजों के साथ आॅनलाइन आवेदन करेगा। जिसकी विभाग द्वारा जांच की जाएगी। इसके बाद आवेदन स्वीकृत या अस्वीकृत की जानकारी आवेदन में दिए गए मोबाइल नम्बर पर दी जाएगी। इसके अलावा दस्तावेजों में कोई कमी होने पर सुधार का मैसेज भी दिया जाएगा। ताकि, विभाग और उपभोक्ता के बीच पारदर्शिता बनी रहे।</p>
<p><strong>मनमाने शुल्क वसूली से मिलेगी निजात</strong><br />जलदाय विभाग की इस सुविधा से उपभोक्ताओं को प्राइवेट पलम्बर द्वारा वसूले जाने वाला मनमाना शुल्क से छुटकारा मिल सकेगा। आवेदक को आवेदन के साथ 8100 रुपए जमा करवाने पर कनेक्शन से संबंधित सभी कार्य विभाग द्वारा करवाए जाएंगे। जबकि, पहले उपभोक्ता को सड़क काटने के लिए संबंधित विभाग से परमिशन लानी पड़ती थी और मीटर सहित पाइप भी खुद ही लाने पड़ते थे। जिसमें काफी परेशानी होती थी। यह सब समस्या का निवारण विभाग की इस सुविधा से हो सकेगा।</p>
<p><strong>यह दस्तावेज कराने होंगे जमा </strong><br />आॅनलाइन आवेदन के दौरान आवेदक को घर के पते का  प्रमाण के लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, पासपोर्ट, भूस्वामित्व का प्रमाण पत्र, रजिस्ट्री-पट्टा, राशन कार्ड  या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दस्तावेज जमा करवाने होंगे। किराएदारको कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। क्योंकि, कनेक्शन के लिए मकान का मालिकाना हक होना चाहिए, जिसके दस्तावेज आवेदन में लगते हैं।</p>
<p><strong>कैम्प लगाकर जागरूक कर रहा विभाग</strong><br />ऑनलाइन नल कनेक्शन दिए जाने की सुविधा की जानकारी देने के लिए जलदाय विभाग द्वारा शहरभर में कैम्प लगाए जा रहे हैं। जहां विभाग के अधिकारी-कर्मचारी स्थानीय लोगों को आॅनलाइन कनेक्शन लेने के तौर-तरीके, दस्तावेजों की उपलब्धता तथा घर बैठे कनेक्शन मिलने सहित सम्पूर्ण जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है। साथ ही इलाके के ई-मित्र संचालकों को भी शिविर में ऑनलाइन फाइलिंग कैसे होगी, इससे संबंधित जानकारी दी जा रही है। </p>
<p><strong>एक क्लिक पर नल कनेक्शन </strong><br />सरकार का यह प्रयास सराहनीय है। जलदाय विभाग ने शहरवासियों को आॅनलाइन नल कनेक्शन दिए जाने की सुविधा दी है। उपभोक्ताओं को  विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, वह घर बैठे ही आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए शहर के विभिन्न इलाकों में कैम्प लगाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और सरकार की योजना के उद्देश्य व फायदों से अवगत करा रहे हैं। इलाके के ई-मित्र संचालकों को भी ट्रैनिंग दे रहे हैं, ताकि आवेदकों को परेशानी न हो और उनके आवेदन सही तरह से हो सके।  <br /><strong>-प्रकाशवीर नथानी, एक्सईएन जलदाय विभाग कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 May 2025 15:42:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में सरकारी भूमि का बनेगा लैंड बैंक : निवेशकों को ऑनलाइन मिलेगी सुविधा, सुधांश पंत ने अधिकारियों को दिए निर्देश  </title>
                                    <description><![CDATA[ सीएस ने गुरुवार को राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के दौरान हस्ताक्षरित एमओयू के कार्यान्वयन की समीक्षा बैठक ली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/land-bank-investors-will-get-online-facility-of-government/article-105837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze-(1)26.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्य सचिव सुधांश पंत ने अधिकारियों को उपलब्ध सरकारी भूमि का लैंड बैंक बनाने और इसे निवेशकों को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। रीको की ओर से भूमि बैंक विकसित करने और निवेशकों को तेजी से भूमि आवंटित करने के लिए उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए पंत ने राजस्व, यूडीएच व एलएसजी जैसे अन्य भूमि आवंटन संबंधित विभागों को भी अलग-अलग आॅनलाइन भूमि बैंक बनाने की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए। सीएस ने गुरुवार को राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के दौरान हस्ताक्षरित एमओयू के कार्यान्वयन की समीक्षा बैठक ली।</p>
<p><strong>बड़े सौर पार्क विकसित करने की संभावनाएं तलाशें</strong></p>
<p>पंत ने एमओयू की अधिक संख्या वाले जिलों में लैंड बैंक बनाने को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए रीको के डायरेक्ट लैंड अलॉटमेंट पोर्टल के लॉन्च से पहले उन्होंने विभिन्न विभागों को शेष निवेशकों के लिए भूमि आवंटन से संबंधित टास्क क्रिएट करने को कहा। साथ ही अधिकारियों को राज्य में बड़े सौर पार्क विकसित करने की संभावनाएं तलाशने को कहा ताकि ऊर्जा कंपनियों को स्थापित किया जा सके।</p>
<p><strong>समिट में 35 लाख करोड़ के एमओयू</strong></p>
<p>दरअसल, निवेश समिट के दौरान 35 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए गए थे, इनमें से 1.66 लाख करोड़ के एमओयू का कार्यान्वयन मात्र दो महीने की रिकॉर्ड अवधि में शुरू किया जा चुका है। सीएस ने विभागीय सचिवों को निर्देश दिए कि वे एमओयू के कार्यान्वयन की साप्ताहिक समीक्षा करें और उनकी प्रगति से संबंधित जानकारी एमओयू इम्प्लीमेंटेशन पोर्टल पर अपलोड करें।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Feb 2025 12:49:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का- आखिरकार शुरू हो गई सोनोग्राफी मशीन, अब मरीजों को मिलेगी राहत  </title>
                                    <description><![CDATA[गांव वालों की परेशानी समाप्त हो गई उन्हें इलाज के लिए या जांच करने के लिए झालावाड़ नहीं जाना पड़ेगा।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/effect-of-news---sonography-machine-finally-started/article-101506"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer31.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर क्षेत्र में 2 साल से कमरे में बंद पड़ी सोनोग्राफी मशीन चालू कर दी गई। जानकारी अनुसार नवज्योति टीम ने खानपुर क्षेत्र में अस्पताल में बंद पड़ी सोनाग्राफी मशीन व अस्पताल में अव्यवस्थाओं को लेकर मुद्दा उठाया था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और सोनाग्राफी मशीन शुरू कर दी गई। अब मरीजों की जांच के लिए जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दिन सोनोग्राफी सुविधा हुई प्रारंभ पिछले 2 वर्षों से चिकित्सक के अभाव में सोनोग्राफी मशीन चालू नहीं थी जिससे क्षेत्र के लोगो को लाभ नहीं मिल रहा था, जिला मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ साजिद खान एव ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मुकेश नागर ने डॉ नरेंद्र स्वामी स्त्री एव प्रसूति रोग विशेषज्ञ की रिफ्रेशर ट्रेनिंग मेडिकल कॉलेज में करवाई गई।</p>
<p>क्षेत्रों के सभी गर्भवती महिलाओं को अब लाभ मिलेगा। इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने स्वास्थ्य महकमें को निर्देश दिए थे, अब सोनोग्राफी मशीन के चालू होने पर गरीब व्यक्तियों को इसका लाभ मिलेगा। खानपुर चिकित्सालय एक बहुत बड़ा चिकित्सालय है जहां पर दूर दराज के बहुत से गांव जुड़े हुए हैं। अब गांव वालों की परेशानी समाप्त हो गई उन्हें इलाज के लिए या जांच करने के लिए झालावाड़ नहीं जाना पड़ेगा।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 14:09:07 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - अब मेले में नि:शुल्क प्रवेश, एक्यूरम देखने का लगेगा टिकट </title>
                                    <description><![CDATA[जिसमें उसके द्वारा अभी तक तो वसूली हुई उसे छोड़कर अब शेष अवधि के मेले के लिए मेले में आमजन का प्रवेश नि:शुल्क कर दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-khabar-ka--now-free-entry-in-the-fair-ticket-will-be-charged-to-see-accurum/article-69283"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/photo-(2)2.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण से रियायती दर पर जगह लेकर ट्रेड फेयर के नाम पर मेला लगाने वाली राजकोट की फर्म ने अब आमजन के लिए मेले में प्रवेश की नि:शुल्क सुविधा कर दी है। राजकोट गुजरात की फर्म द्वारा निगम से 63 दिन के लिए पशु मेला स्थल की करीब एक लाख वर्ग मीटर जगह रियायती दर पर किराए से ली  है। 24 दिसम्बर से 24 फरवरी तक आयोजित इस मेले  में संचालक द्वारा सभी से प्रवेश के नाम पर 100 रुपए टिकट वसूल किया जा रहा था। इस संबंध में दैनिक नवज्योति ने 28 जनवरी को समाचार प्रकाशित किया था। उस समाचार के बाद निगम आयुक्त ने फर्म सचालक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने को कहा था।  फर्म संचालक द्वारा नोटिस का जवाब निगम आयुक्त को दिया गया। जिसमें उसके द्वारा अभी तक तो वसूली हुई उसे छोड़कर अब शेष अवधि के मेले के लिए मेले में आमजन का प्रवेश नि:शुल्क कर दिया गया है। साथ ही फिश एक्यूरम देखने का टिकट 100 रुपए लगेगा।  मेला संचालक ने यह सुविधा शुरू कर दी है।  इसके लिए  वहां आने वालों से पहले ही पूछा जा रहा है। जिसमें फिश एक्यूरम देखने वालों  को टिकट लेकर अलग रास्ते से औरु मेला देखने वालों को दूसरे रास्ते से प्रवेश दिया जा रहा है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने 28 जनवरी को पेज दो पर समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें निजी फर्म द्वारा लोगों से जबरन 100 रुपए वसूली के बारे में बताया गया था। जिस पर निगम अधिकारी भी हरकत में आए थे। आयुक्त ने नोटिस जारी किया था। उसके बाद संचालक भी बैकफुट पर आ गया है।  नगर निगम कोटा दक्षिण की आयुक्त सरिता सिंह ने बताया कि मेला संचालन फर्म को प्रोपराइटर को नोटिस जारी किया गया था। उसके जवाब में उसने कहा है कि वह आमजन को मेले में नि:शुल्क प्रवेश देगा। उस जवाब के बाद से उसने यह सुविधा कर दी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Feb 2024 13:17:10 +0530</pubDate>
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                <title>प्रदेश में पहली बार अनिवार्य सेवाओं की कैटेगरी में मीडियाकर्मी शामिल : गुप्ता</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य निर्वाचन अधिकारी गुप्ता ने बताया कि इन सभी अनिवार्य सर्विस वालों को अब से पोस्टल बैलेट की सुविधा दी गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/election-commission-give-facility-of-voting-of-employees/article-59336"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/si-(8)1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव-2023 में सर्विस वोटर्स के अलावा अन्य आठ विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी भारत निर्वाचन आयोग ने डाक मतपत्र के जरिए वोटिंग की सुविधा दी है। इस श्रेणी में पहली बार राजस्थान में मीडियाकर्मियों को भी शामिल किया गया है। इस संबंध में निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी की है। बिजली-पानी, रोडवेज-मेट्रो, डेयरी, फायर फाइटर चिकित्सा शिक्षा विभाग और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी इसमें शामिल है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण कुमार गुप्ता ने बताया कि निर्वाचन आयोग से जारी आदेशों के मुताबिक मेडिकल सेक्टर में डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस कर्मचारी, ऊर्जा विभाग में इलेक्ट्रिशियन, लाइन मैन, पीएचईडी में पम्प आॅपरेटर, टर्नर, राजस्थान की दुग्ध समितियों में काम करने वाले कर्मचारी, रोडवेज में ड्राइवर-कंडक्टर और निर्वाचन आयोग से अधिकृत मीडिया कर्मचारियों को इस साल से पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्र) के जरिए वोटिंग की सुविधा दी जाएगी। गुप्ता ने बताया कि सर्विस वोटर्स की श्रेणी में पहली बार पत्रकारों को शामिल किया गया है। अभी तक सर्विस वोटिंग की सुविधा चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों-अधिकारियों, सेना या पैरा मिलिट्री से जुड़े जवानों को ही मिलती थी।</p>
<p>मुख्य निर्वाचन अधिकारी गुप्ता ने बताया कि इन सभी अनिवार्य सर्विस वालों को अब से पोस्टल बैलेट की सुविधा दी गई है। संबंधित विभाग बताएंगे कि उनके यहां कितने ऐसे कर्मचारी है जिनकी वोटिंग के दिन ड्यूटी रहेगी और वो उस दिन वोट देने से वंचित रह सकते हैं। उस सूची के आधार पर रिटर्निंग अधिकारी उन कर्मचारियों को फार्म 12-डी जारी करेगा और उनको बैलेट पेपर के जरिए वोटिंग की सुविधा फैसिलिटेशन सेंटर पर दी जाएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Oct 2023 10:37:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>अब मतदान अधिकारी घर बैठे आएंगे बुजुर्गों का वोट लेने</title>
                                    <description><![CDATA[जानकारी के अनुसार कोटा जिले में 35 हजार 251 मतदाताओं को घर बैठे मतदान की सुविधा मिलेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-polling-officers-will-come-sitting-at-home-to-collect-votes-of-the-elderly/article-59292"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/ab-matdaan-adhikari-ghr-bethe-ayenge-buzurgo-ka-bote-lene...kota-news-11-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से पहली बार विधानसभा चुनाव के दौरान बुजुर्गों व दिव्यांगजनों को होम वोटिंग की सुविधा प्रदान की है। इसके तहत कोटा में इस श्रेणी के करीब 35 हजार से अधिक मतदाता घर बैठे मतदान कर सकेंगे। निर्वाचन आयोग की ओर से एक दिन पहले राज्य में विधानसभा चुनाव की घोषणा की है। 23 नवम्बर को होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार राज्य में करीब 5 करोड़ से अधिक मतदात मतदान करेंगे।  वहीं कोटा जिले की 6 विधानसभा सीटों के लिए 14 लाख 45 हजार 506 मतदाता मतदान कर सकेंगेी। इनमें से 35 हजार 251 मतदाता घर से मतदान कर सकेंगे। </p>
<p><strong>80 से अधिक के बुजुर्ग, 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले </strong><br />जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटा जिले में 35 हजार 251 मतदाताओं को घर बैठे मतदान की सुविधा मिलेगी। इनमें से 23 हजार 803 मतदाता बुजुर्ग हैं और 11 हजार 443 मतदाता दिव्यांग है।  निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश के अनुसार यह सुविधा 80 साल से अधिक आयु वाले बुजुर्गों और 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले दिव्यांगजनों को मिलेगी। बीएलओ द्वारा किए गए सर्वे में अभी तक इस श्रेणी के जिन लोगों ने अपने नाम जुड़वाएं हैं उन्हें यह सुविधा घर बैठे दी जाएगी। </p>
<p><strong>यह रहेगी व्यवस्था</strong><br />निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश के अनुसार होम वोडिंग की सुविधा का लाभ लेने के लिए बीएलओ व सुपर वाइजर्स द्वारा फार्म 12 डी भरवाया गया है। साथ ही उनकी सहमति भी ली जा रही है। यदि कोई 80 वर्ष से अधिक आयु का बुजुर्ग और 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाला दिव्यांग स्वयं चलकर मतदान केन्द्र पर मतदान करने की इच्छा रखता है तो उसे यह सुविधा नहीं दी जाएगी।  आयोग के अनुसार मतदान से पहले निर्वाचन से जुड़े अधिकारी मत पत्र लेकर संबंधित के घर पर जाएंगे। वहां उनका वोट डलवाएंगे।  पुलिस सुरक्षा व वीडिेयोग्राफी के बीच मतदान कर पोस्टल बैलेट को बंद किया जाएगा। मतदान वाले दिन उन्हें शामिल किया जाएगा। </p>
<p><strong>अब कम नजर आएंगे इस तरह के दृश्य</strong><br />हर बार चुनाव के समय बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं को मतदान करवाने के लिए कई तरह से मतदान केन्द्रों पर ले जाया जाता है। कहीं खाट पर बैठाकर व लेटाकर तो कहीं गोदी में उठाकर। कहीं व्ीहल चेयर पर तो कहीं कंधे पर बैठाकर। कई जगह पर तो डोली नुमा साधन बनाकर उसमें बुजुर्गों को मतदान केन्द्र तक ले जाने के दृश्य अक्सर दिखाई देते थे। लेकिन इस बार निर्वान आयोग द्वारा बुजुर्ग व दिव्यांगों को होम वोडिंग की सुविधा से इस बार उस तरह के दृश्य बहुत कम देखने को मिलेंगे। सूत्रों के अनुसार उस  तरह के दृश्यों से समाज में अच्छा संदेश नहीं  जाता। उसे समाप्त करने के लिए ही यह सुविधा प्रदान की गई है। </p>
<p><strong>सम्मान से कर सकें मतदान का उपयोग</strong><br />निर्वाचन आयोग ने पहली बार होम वोटिंग की सुविधा दी है। जिसमें 80 साल से अधिक के बुजुर्ग व 40 फीसदी से अधिक दिव्यांगों को यह सुविधा दी जाएगी। कोटा में इन दोनों ही श्रेणियों में करीब 35 हजार से अधिक मतदाता शामिल हैं। जिनका पूर्व में ही चयन हो गया है। संबंधित अधिकारी मतदान से पहले वैलेट पेपर के माध्यम से उनके वोट डलवाएंगे। <br /><strong>-राजकुमार सिंह,  उप जिला निर्वाचन अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Oct 2023 15:48:56 +0530</pubDate>
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                <title>निगम,न्यास के बीच सेंडविच सा बना चंबल गार्डन, हो रही दुर्दशा</title>
                                    <description><![CDATA[निगम अधिकारियों को चाहिए वह इस गार्डन को मैंटेन करे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/chambal-garden-made-like-a-sandwich-between-corporation--trust--plight-is-happening/article-55083"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/nigam,-nyas-k-bich-sandwich-sa-bna-chambal-garden,-ho-rhi-durdasha...kota-news-21-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। चम्बल नदी के किनारे बना शहर का सबसे पुराने चम्बल गार्डन किसी समय में लोगों के लिए घूमने और पिकनिक का प्रमुख स्थान था। लेकिन वर्तमान में दुर्दशा का शिकार होने से आमजन को इसकी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नहीं दो विभागों के बीच फंसने ने गार्डन का विकास नहीं हो पा रहा था। अब नगर निगम यहां काम करवाएगा। चम्बल गार्डन में न तो फव्वारे चल रहे हैं और न ही झूले। गार्डन के बीच में बना बड़ा फव्वारा  वहां आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र था। जिसमें महिला के हाथ में रखे मटकों से पानी गिरता था और चारों तरफ फव्वारे चलते थे। लोग यहां फोटोग्राफी करते थे। हालत यह है कि पिछले कई सालों से यह फव्वारा बंद है। जिससे यहां आने वालों को निराशा हो रही है।</p>
<p><strong>यह भी है समस्या</strong><br />लोगों का कहना है कि गार्डन मे नि:शुल्क वाले झूलों में अधिकतर टूटे हुए हैं। जिससे बच्चे उन पर झूल नहीं पा रहे। टूटे झूलों से चोट लगने का खतरा है। वहीं जो झूले टिकट वाले हैं वे भी बंद हैं। डस्टबीन टूटे हुए हैं।  बैठने की बैंचें टूटी हुई हैं। गार्डन में दिनभर श्वान घूमते रहते हैं।  जिससे कभी खाने के सामान उठा ले जाते हैं तो कभी बच्चों को काटने का डर बना रहता है। </p>
<p><strong>टिकट वसूल रहे तो सुविधा दे निगम</strong><br />गार्डन आने वालों का कहना है कि निगम की ओर से गार्डन में प्रवेश का टिकट लगाया हुआ है। हालाकि वह राशि अधिक नहीं है। लेकिन जनता से टिकट की राशि 5 रुपए वसूल की जा रही है तो उसे सही करने की जिम्मेदारी भी निगम की है। निगम अधिकारियों को चाहिए वह इस गार्डन को मैंटेन करे। जनता को इससे कोई मतलब नहीं है कि यह निगम करवाएगा या नगर विकास न्यास। जनता को तो गार्डन में सुविधा चाहिए। </p>
<p><strong>बीच में फंसा विकास</strong><br />चम्बल गार्डन का विकास नगर निगम व नगर विकास न्यास के बीच में फंÞसा हुआ है। वैसे यह गार्डन नगर निगम कोटा दक्षिण के अधीन है। इसकी देखरेख नगर निगम करता है। लेकिन इसकी दुर्दशा होने पर इसके विकास का काम कुछ समय पहले यूआईटी ने करवाने का निर्णय किया था। जिसकी डीपीआर भी तैयार हो रही थी। लेकिन बाद में वह डीपीआर व काम से न्यास से हाथ खींच लिए। उसके बाद निगम को इसका काम करवाना था। लेकिन निगम के स्तर पर भी अभी कोई काम यहां नहीं कराया गया है। जिससे यहां घूमने आने वालों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। </p>
<p>चम्बल गार्डन में पहले नगर विकास न्यास को काम करवाना था। उसकी डीपीआर भी बन रही थी।। लेकिन उसे निरस्त कर दिया गया। अब निगम को इसका काम करवाना है। डीएलबी से यहां 50 लाख के काम करवाने के प्रस्ताव मांगे थे। वह बनाकर भेजे हैं। जिसमें पुराने कैंटीन हॉल के पास की जगह पर गार्डन विकसित करने और पौधे लगाने समेत कई काम हैं। वहां से स्वीकृति मिलने पर पहले उस काम को करवाया जाएगा।<br /><strong>- ए.क्यू कुरैशी, अधिशाषी अभियंता नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p>चम्बल गार्डन में फव्वारे व टूटे झूलों को सही करवाने का काम पहले नगर विकास न्यास को करना था। लेकिन अब यह काम नगर निगम करवाएगा। पहले चरण में 50 लाख के काम होंगे। साथ ही 15-15 लाख के दो टेंडर समेत अन्य काम के टेंडर जारी कर दिए हैं। शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर यहां काम निगम के स्तर पर करवाए जाएंगे। <br /><strong>- कुलदीप गौतम, अध्यक्ष उद्यान समिति, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Aug 2023 15:34:12 +0530</pubDate>
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                <title>हम नहीं किसी से कम कुश्ती में दिखा रहे दम</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में भी कुश्ती का स्तर बढ़ता जा रहा है। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना दम दिखा चुके हैंै।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/we-are-showing-no-less-than-anyone-in-wrestling/article-21732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/hum-nahi-kisi-se-kum...kota-news-5.9.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। अन्तरराष्टÑीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता में भारत के कई खिलाड़ियों ने पदक दिलाकर नाम रोशन किया है। अब तक कोटा के भी कई खिलाड़ी राष्टÑीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपने दम पर धाक कायम कर चुके हैं। इसके चलते इस खेल के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ने लगा है। कुश्ती का खेल पुरातन काल से चला आ रहा है। समय बदलने के साथ खेल का स्तर भी बदलता चला गया। किसी जमाने में मिट्टी के मैदान में होने वाला यह खेल अब मेट पर पहुंच गया है। गांवों में इस खेल का अभी भी काफी क्रेज हैं। वहां पर मिट्टी के मैदानों में ही इस खेल का आयोजन होता है। शहरों में इसका स्तर बदल गया है। अब यहां मेट पर कुश्ती का आयोजन करवाया जाता है। राष्टÑीय व अन्तरराष्टÑीय प्रतियोगिताएं भी मेट पर ही होती हैं। इस कारण अब जिला स्तर पर भी कुश्ती की तैयारियां मेट पर ही करवाई जाती है। कोटा में भी कुश्ती का स्तर बढ़ता जा रहा है। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना दम दिखा चुके हैंै।</p>
<p><strong>मेहनत के बल पर पाया मुकाम</strong><br />पिछले कुछ सालों में वैसे तो कई खिलाड़ियों में अपनी मेहनत के बल पर कुश्ती में ऊंचा मुकाम हासिल किया है और स्टेट व नेशनल स्तर पर पदक भी कोटा की झोली में डाले हैं। कोटा के खिलाड़ी यादवेन्द्र ने 92 किग्रा में नेशनल प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल हासिल कर रखा है। उन्होेंने दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों को कड़ी स्पर्धा में टक्कर देते हुए यह सफलता हासिल की है। वर्तमान में वह नियमित अभ्यास कर गोल्ड की तैयारी में जुटा हुआ है।  पहलवान रविन्द्र कुमार भी नेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल लाकर अपनी ताकत का लोहा मनवा चुके हैं।</p>
<p><strong>सुविधाओं की खल रही कमी</strong><br />कुश्ती का खेल अब मिट्टी से निकलकर मेट यानि गद्दे पर पहुंच गया है। कोटा में मैदान तो है, लेकिन बेहतरीन मेट की कमी खल रही है। शहर में कई अखाड़े बने हुए हैं, जहां पर नियमित रूप से खिलाड़ियों को कुश्ती का अभ्यास करवाया जाता है। उनमें प्रमुख मंगलेश्वर महादेव व्यायामशाला, देवभूमि अखाड़ा व महावीर व्यायामशाला शामिल है। इन अखाड़ों में रोजाना करीब सौ से डेढ़ खिलाड़ी अलग-अलग वर्गो में कुश्ती का नियमित अभ्यास कर रहे हैं। यहां पर मेट की सुविधा तो है, लेकिन वह स्टेट व नेशनल स्तर प्रतियोगिताओं के अनुरूप नहीं है। इससे खिलाड़ियों को परेशानी होती है। यदि बेहतर मेट की व्यवस्था हो जाए तो कोटा के खाते में पदकों की संख्या और जुड़ जाएगी।</p>
<p> कुश्ती में कोटा के खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन खेल से अच्छा मुकाम हासिल कर रखा है। अब तक कई खिलाड़ी अलग-अलग भार वर्गों में कोटा को पदक दिला चुके हैं। अब तो स्कूली स्तर पर भी खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है। यदि भामाशाह और सरकार की ओर से पर्याप्त सुविधाएं मिल जाए तो कोटा कुश्ती में हरियाणा की तरह सिरमौर हो सकता है।<br /><strong>- इन्द्र कुमार दत्ता, अध्यक्ष जिला कुश्ती संघ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Sep 2022 13:14:17 +0530</pubDate>
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