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                <title>IRGC Missile Attack - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>IRGC Missile Attack RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ईरान के मिसाइल हमलों के जवाब में अमेरिका की बड़ी कार्रवाई, तीन ईरानी तेल टैंकरों को किया निष्क्रिय</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर मिसाइल दागने के बाद तीन ईरानी तेल टैंकरों पर हमला कर उन्हें नष्ट कर दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसे ईरान के आर्थिक ताने-बाने पर कड़ा हमला बताते हुए चेतावनी दी है कि अमेरिकी जहाजों पर हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/major-action-by-america-in-response-to-irans-missile-attacks/article-164842"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/iran1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने तीन ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों पर उस समय हमला किया जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त कर रहे अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस घटना से फारस की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों में नौवहन और ज्यादा बाधित हो सकती है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और निर्देशित-मिसाइल विध्वंसक ने ईरान के कई अकारण हमलों से सफलतापूर्वक बचाव किया और किसी भी अमेरिकी कर्मी को नुकसान नहीं पहुंचा।</p>
<p>सेंटकॉम ने कहा कि ईरान के नाकाम हमलों के बाद, सेंटकॉम ने खार्ग द्वीप के पास और जास्क के पास आईआरजीसी के कच्चे तेल के टैंकरों को हमेशा के लिए बेकार कर दिया। अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में बिना लदे कच्चे तेल के टैंकर को भी नष्ट कर दिया। चालक दल को जहाज छोड़ने का निर्देश देने के बाद, जहाज को बेकार करने के लिए कई अहम जगहों पर हमला किया गया। सेंटकॉम ने आगे कहा "ईरान के ये तीन कच्चे तेल के टैंकर एक ऐसे अरबों डॉलर के 'शैडो नेटवर्क' का हिस्सा हैं, जो आईआरजीसी और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को फंड देता है। ईरान के पास इनकी सुरक्षा का कोई माध्यम नहीं है।"</p>
<p>सेंटकॉम कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा, "आईआरजीसी को यह साफ़ संदेश जाना चाहिए कि अगर आप हमारे दो जहाज़ों पर गोली चलाते हैं, तो हम आपके तीन जहाज़ों को नष्ट करके आप पर और भी भारी आर्थिक बोझ डालेंगे। हम अमेरिकी सेना की रक्षा करने में पीछे नहीं हटेंगे और ज़रूरत पड़ने पर ईरान के सीमित और खुले तेल बेड़े को नष्ट कर देंगे।" अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर हमला किया तो अमेरिका ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाना जारी रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना मध्य पूर्व या हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ईरानी टैंकरों पर हमला कर सकती है।</p>
<p>ईरान ने इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें गैर-कानूनी और आक्रामक बताया और कहा कि इनसे यूएन चार्टर का उल्लंघन हुआ है और अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए खतरा उत्पन्न हुआ है। सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि देश इन हमलों का जवाब देगा। रिपोर्ट के अनुसार खार्ग द्वीप के पास एक टैंकर पर अमेरिका के चार प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। तस्नीम ने बताया कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।</p>
<p>नवीनतम हमले होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर बढ़े तनाव के बीच हुए हैं जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक प्रमुख नौवहन मार्ग है। ईरान ने जलडमरूमध्य के रास्ते नौवहन को प्रतिबंधित करने की कोशिश की है जबकि अमेरिका ने ईरानी नौवहन पर दबाव बढ़ा दिया है। ईरानी तट से दूर स्थित खार्ग द्वीप एक प्रमुख कच्चे तेल का निर्यात टर्मिनल है और संघर्ष के दौरान इसे निशाना बनाया गया है। सीएनएन द्वारा उद्धृत नौवहन डेटा और उपग्रह तस्वीरों से संकेत मिलता है कि दर्जनों ईरानी टैंकर अभी भी फारस की खाड़ी में और उसके आसपास मौजूद हैं।</p>
<p>अमेरिका और ईरान ने इस सप्ताह की शुरुआत में हमला किया किए जो एक महीने से अधिक समय में उनके बीच पहला प्रत्यक्ष सैन्य हमला था। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि इस टकराव को ज़रूरी नहीं है कि युद्ध कहा जाए और बताया कि उस समय कोई गोलीबारी नहीं हो रही थी। उन्होंने टकराव खत्म होने के लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई और कहा कि ईरान लड़ाई को खत्म करने के लिए कदम उठा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 18:05:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>इराक: अमेरिका और सऊदी अरब के संयुक्त हमले में 20 लोगों की मौत, 32 अन्य घायल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और सऊदी अरब द्वारा इराक में ईरान समर्थित पीएमएफ ठिकानों पर किए गए संयुक्त हवाई हमलों में 20 लोगों की मौत हो गई। इस कार्रवाई के बाद बगदाद में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई। वहीं, तेहरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल दागकर जवाबी हमला करने का दावा किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/20-people-killed-32-others-injured-in-joint-attack-by/article-161348"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/iran4.png" alt=""></a><br /><p>बगदाद। इराक में अमेरिका और सऊदी अरब के साझा हवाई हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और 32 अन्य घायल हो गए। इन हमलों में ईरान से जुड़े 'लॉजिस्टिक्स और हथियारों के ठिकानों' को निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद बगदाद में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाई गई है। दूसरी ओर, तेहरान ने जॉर्डन में मौजूद अमरीकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी मिसाइल हमले करने का दावा किया है। इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (पीएमएफ) ने टेलीग्राम पर एक बयान जारी कर पुष्टि की कि अमेरिका और सऊदी अरब के हमलों में कम से कम 20 जवान शहीद हुए हैं और 32 घायल हैं। समूह के अनुसार, ये हमले बगदाद, वासित, निनवे, बसरा, किरकुक, कर्बला और दियाला समेत सात प्रांतों में स्थित उनके सैन्य ठिकानों पर हुए। इससे उनके मुख्यालयों, वाहनों और हथियारों को भारी नुकसान पहुंचा है।</p>
<p>पीएमएफ का कहना है कि राहत कार्य जारी होने के कारण मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। इससे पहले पीएमएफ की 30वीं ब्रिगेड ने बताया कि स्थानीय समयानुसार तड़के करीब 3:20 बजे उत्तरी इराक के निनवे प्रांत में सात हमले किए गए, जिनमें 10 लोगों की मौत हुई और छह अन्य घायल हो गए। पीएमएफ ने कहा, "हम इन हमलों को स्थिति को गंभीर रूप से भड़काने वाला कदम, इराक की संप्रभुता का हनन और हमारी सरकारी सुरक्षा संस्थाओं पर सीधा हमला मानते हैं।"</p>
<p>इराक के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, हमलों की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री अली फलीह अल-जैदी ने बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी मंत्रिस्तरीय परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाई।अमेरिकी और सऊदी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान समर्थित लड़ाकों द्वारा अमेरिकी सैनिकों और सऊदी तेल संयंत्रों पर किए गए लगातार हमलों के जवाब में की गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) और सऊदी अरब सशस्त्र बलों ने 28 जुलाई को इराक में सटीक हमले किए। उनके अनुसार, ये ठिकाने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के इशारे पर काम करने वाले आतंकियों के थे।</p>
<p>सेंटकॉम के बयान में कहा गया, "अमेरिकी और सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में आतंकियों के गोदामों और हथियार ठिकानों पर बमबारी की। यह कार्रवाई पिछले 72 घंटों में आईआरजीसी द्वारा किए गए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है। अमरीकी सैनिकों पर किए गए वे हमले असफल रहे थे।" बयान में यह भी बताया गया कि इस साल फरवरी से अप्रैल के बीच ईरान समर्थित गुटों ने अमरीकी ठिकानों पर 600 से अधिक बार हमला करने की कोशिश की थी। बयान में आगाह किया गया कि आगे की सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए आईआरजीसी और उसके सहयोगी समूह तुरंत हमले रोक दें। पीएमएफ के कई बड़े गुटों के रिश्ते ईरान की आईआरजीसी के साथ बेहद मजबूत हैं और वे उसके क्षेत्रीय नेटवर्क का हिस्सा हैं।</p>
<p>ये समूह मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना और उसके सहयोगियों पर लगातार हमले करते रहे हैं। इन हवाई हमलों के कुछ ही घंटे बाद ईरान की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की घोषणा कर दी गई। आईआरजीसी की एयरोस्पेस फ़ोर्स ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी एयर बेस और सेंटकॉम मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। बुधवार तड़के जारी बयान में आईआरजीसी ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सेना के आक्रामक रुख का करारा जवाब है।</p>
<p>आईआरजीसी ने कहा कि उसके जांबाज सैनिकों ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाया है। जब तक ईरान के खिलाफ अमेरिका की धमकियां और गैर-कानूनी गतिविधियां बंद नहीं होंगी, तब तक उनका यह प्रतिरोध जारी रहेगा। बयान में कहा गया, "अमेरिकी अधिकारियों की धमकियां और हमारे मामलों में उनका गैर-कानूनी हस्तक्षेप तुरंत बंद होना चाहिए।"</p>
<p><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 17:38:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान का बड़ा पलटवार: कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमले, कई रक्षा प्रणालियां नष्ट करने का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी सेना ने अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इस कार्रवाई में पैट्रियट सिस्टम और रडार प्रतिष्ठानों के नष्ट होने का दावा किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/irans-big-counterattack-missile-drone-attacks-on-us-military-bases-in/article-160475"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(2)56.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने मंगलवार को कहा कि उसने कुवैत और बहरीन में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किये हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कई रडार प्रतिष्ठानों और एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को तबाह करने का दावा किया है। अमेरिकी सशस्त्र बलों ने लगातार दसवीं रात ईरान पर हमले जारी रखे। सोमवार रात मीडिया ने बताया कि बंदर अब्बास, बंदर-ए लेंगेह, सीरिक, चाबहार, कोनारक, इस्फहान, शिराज के साथ-साथ केश्म द्वीप पर भी धमाकों की आवाजें सुनी गयीं। </p>
<p>ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने ईरानी सेना के हवाले से कहा, "एक घंटे पहले हमारे देश के विभिन्न हिस्सों पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में हमारी थल सेना ने सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर कुवैती कैंप आरिफ़जान स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर लगे हायमर्स सिस्टम पर हमला किया।" रिपोर्ट में आज बताया कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कुवैत स्थित अमेरिकी अहमद अल जाबेर एयर बेस पर हमला कर कई रडार और एक पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को तबाह कर दिया। यह भी बताया गया कि आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स ने बेस पर एक अमेरिकी एयर डिफेंस अर्ली वार्निंग रडार, एक मिसाइल डिफेंस रडार, एक एएन/एफपीएस-117 रडार, एक पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम और एक सैटेलाइट कम्युनिकेशंस सिस्टम को निशाना बनाकर तबाह कर दिया।</p>
<p>आईआरजीसी ने कुवैत के अली अल सालेम एयर बेस पर अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन के हैंगर पर भी हमला किया, जिससे कई ड्रोन नष्ट हो गये या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गये। इसके साथ ही आईआरजीसी ने बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर वहां एक अमेरिकी रडार प्रतिष्ठान और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स ने एलान किया है कि 'ऑपरेशन नस्र 2' की 24वें दौर के दौरान उसने एक साथ मिसाइल और ड्रोन से हमले किये, जिसमें मुहर्रक में एक अमेरिकी रडार स्टेशन और रिफा में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह हो गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 18:37:42 +0530</pubDate>
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