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                <title>Middle East Escalation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Middle East Escalation RSS Feed</description>
                
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                <title>लाल सागर में बढ़ा तनाव: हूतियों के मिसाइल हमलों से मोखा बंदरगाह ठप, 7 लोगों की मौत; 1.6 करोड़ डॉलर के नुकसान के बाद बंद हुआ संचालन</title>
                                    <description><![CDATA[यमन के रणनीतिक मोखा बंदरगाह पर हूती विद्रोहियों के 25 से अधिक मिसाइल हमलों के बाद व्यापारिक और समुद्री गतिविधियां रोक दी गई हैं। इन हमलों में 7 लोगों की मौत हुई और करीब 1.6 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ। लाल सागर के महत्वपूर्ण जलमार्ग पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tension-increases-in-the-red-sea-mokha-port-stalled-due/article-163064"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/lal-sagar.png" alt=""></a><br /><p>ताइज़। यमन के रणनीतिक लाल सागर स्थित मोखा बंदरगाह ने हाल के दिनों में 25 से अधिक मिसाइल हमलों के बाद वाणिज्यिक और समुद्री गतिविधियां निलंबित कर दी हैं। इन हमलों में सात लोगों की मौत हुई है और करीब 1.6 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है। बंदरगाह निदेशक ने कहा कि मिसाइल हमलों से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ, जिसके कारण परिचालन रोकना पड़ा। मोखा बंदरगाह बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास स्थित है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला प्रमुख समुद्री मार्ग है।</p>
<p>यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार को मोखा पर छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि हमलों में सऊदी सैनिकों के ठिकानों और हथियारों के साथ-साथ सऊदी समर्थित यमनी सरकार से जुड़े बलों की सैन्य नौकाओं को निशाना बनाया गया। नौ अगस्त को भी मोखा पर हूती हमले में सात लोगों की मौत और 30 के घायल होने की जानकारी सामने आयी थी। हूतियों ने उस समय भी सऊदी सैनिकों के ठिकानों और हथियार डिपो को निशाना बनाने का दावा किया था।</p>
<p>हालिया हमलों से यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष विराम के कमजोर पड़ने और लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका बढ़ गयी है। ईरान समर्थित हूती, जिन्हें अंसार अल्लाह के नाम से भी जाना जाता है, उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं। इनमें राजधानी सना और लाल सागर का विस्तृत तटीय क्षेत्र शामिल है। संगठन ने क्षेत्रीय संघर्षों के दौरान लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को भी निशाना बनाया है।</p>
<p>यमन में संघर्ष एक दशक से अधिक समय से जारी है और मुख्य रूप से हूतियों तथा सऊदी अरब और अन्य क्षेत्रीय देशों के समर्थन वाली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच है। सऊदी अरब ने 2015 में हूतियों के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में 2022 में हुए संघर्ष विराम से लड़ाई की तीव्रता कम हुई थी, लेकिन स्थायी शांति कायम नहीं हो सकी। मोखा बंदरगाह पर ताजा हमलों ने लाल सागर में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय व्यापार को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 15:06:06 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान का बड़ा पलटवार: कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमले, कई रक्षा प्रणालियां नष्ट करने का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी सेना ने अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इस कार्रवाई में पैट्रियट सिस्टम और रडार प्रतिष्ठानों के नष्ट होने का दावा किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/irans-big-counterattack-missile-drone-attacks-on-us-military-bases-in/article-160475"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(2)56.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने मंगलवार को कहा कि उसने कुवैत और बहरीन में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किये हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कई रडार प्रतिष्ठानों और एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को तबाह करने का दावा किया है। अमेरिकी सशस्त्र बलों ने लगातार दसवीं रात ईरान पर हमले जारी रखे। सोमवार रात मीडिया ने बताया कि बंदर अब्बास, बंदर-ए लेंगेह, सीरिक, चाबहार, कोनारक, इस्फहान, शिराज के साथ-साथ केश्म द्वीप पर भी धमाकों की आवाजें सुनी गयीं। </p>
<p>ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने ईरानी सेना के हवाले से कहा, "एक घंटे पहले हमारे देश के विभिन्न हिस्सों पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में हमारी थल सेना ने सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर कुवैती कैंप आरिफ़जान स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर लगे हायमर्स सिस्टम पर हमला किया।" रिपोर्ट में आज बताया कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कुवैत स्थित अमेरिकी अहमद अल जाबेर एयर बेस पर हमला कर कई रडार और एक पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को तबाह कर दिया। यह भी बताया गया कि आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स ने बेस पर एक अमेरिकी एयर डिफेंस अर्ली वार्निंग रडार, एक मिसाइल डिफेंस रडार, एक एएन/एफपीएस-117 रडार, एक पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम और एक सैटेलाइट कम्युनिकेशंस सिस्टम को निशाना बनाकर तबाह कर दिया।</p>
<p>आईआरजीसी ने कुवैत के अली अल सालेम एयर बेस पर अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन के हैंगर पर भी हमला किया, जिससे कई ड्रोन नष्ट हो गये या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गये। इसके साथ ही आईआरजीसी ने बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर वहां एक अमेरिकी रडार प्रतिष्ठान और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स ने एलान किया है कि 'ऑपरेशन नस्र 2' की 24वें दौर के दौरान उसने एक साथ मिसाइल और ड्रोन से हमले किये, जिसमें मुहर्रक में एक अमेरिकी रडार स्टेशन और रिफा में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह हो गया।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 18:37:42 +0530</pubDate>
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