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                <title>daughters - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>आंसुओं से लिखी सफलता की इबारत : झाड़ू-पौंछा लगाने वाली और मजदूर की बेटियों ने बोर्ड में रचा इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[गरीबी, दर्द , अभावों से लड़कर और जिम्मेदारियों के बीच बेटियां बनीं बोर्ड टॉपर ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-saga-of-success-written-in-tears--daughters-of-domestic-workers-and-laborers-make-history-in-board-exams/article-147974"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)71.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">कोटा । किसी के हाथ में किताबों से पहले झाड़ू थी, कोई मां के बिना घर संभालते हुए पढ़ी तो किसी ने पिता की मौत के बाद टूटते परिवार को संभाला। मजदूर और किसान की बेटियां अभावों से लड़ती रही। लेकिन, हालातों के आगे हार नहीं मानी। संघर्ष, चुनौतियों और अभावों से जूझते हुए इन बेटियों ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर खुद को साबित किया। उन्होंने साबित कर दिया कि सफलता के लिए महंगे स्कूल, कोचिंग और सुविधाएं जरूरी नहीं, बल्कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास जरूरी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">बिन मां की बेटी कृष्णा ने मैकेनिक पिता का नाम किया रोशन</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">कृष्णा ने संघर्ष और चूनौतियों से लड़ खुद को साबित किया। बिन मां की बेटी कृष्णा ने 10वीं बोर्ड में 90 प्रतिशत अंकों के साथ सभी विषयों में डिक्टेशन हासिल की है। पिता वेल्डिंग का काम करते हैं। परिवार की माली हालत और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा का दामन थामे रखा। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय अंबेडकर नगर कुन्हाड़ी की छात्रा के पिता विपिन कुमार बताते हैं, कृष्णा तीन भाई बहन है। स्कूल से आने के बाद घर का काम और बुजुर्ग दादी की सार-संभाल करती है। दिन में थोड़ा समय पढ़ाई के लिए मिलता तो शाम को फिर से घर के काम में लग जाती। रात को 4 घंटे पढ़ती और साथ में छोटे भाई को भी पढ़ाती। परीक्षा के दौरान बीमार हो गई फिर भी कृष्णा ने हार नहीं मानी और परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">पिता की मृत्यु से टूटी फिर संभली अब बोर्ड में किया नाम रोशन</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">कुन्हाड़ी निवासी सरकारी स्कूल की छात्रा रंजिता का जीवन चुनौतियों और संघर्षों से भरा रहा। वर्ष 2024 में पिता का अचानक देहांत होने से वह टूट गई। मां हॉस्टल में झाडू-पौंछा कर परिवार का पेट पालती है। ऐसी विकट परिस्थितियों में भी रंजिता ने हार नहीं मानी और नियमित 4 घंटे पढ़ाई कर परीक्षा में 81 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए। साथ ही सभी 6 विषयों में विशेष योग्यता हासिल कर गार्गी पुरस्कार में चयनित हुई। प्रिंसिपल अर्पणा शर्मा कहती हैं, अभावों से जूझते हुए भी रंजिता ने मुकाम हासिल किया है। अब वह साइंस लेकर मेडिकल फिल्ड में जाना चाहती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">मजदूर की बेटी ने किया स्कूल टॉप</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">राजकीय बालिका उच्च माध्मिक विद्यालय कुन्हाड़ी की छात्रा सोनाक्षी ने 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया। उनके पिता विशू प्रताप मजदूरी करते हैं और मां इसी स्कूल में पोषाहार बनाती है। मां ममता मेघवाल बताती हैं, घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। किराए से कमरा लेकर रहते हैं। एक ही कमरे में परिवार के 6 सदस्य रहते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद सोनाक्षी ने सफलता की इबारत लिखी। बेटी आगे इंजीनियर बनना चाहती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">इलेक्ट्रीशियन की बेटी ने रचा इतिहास</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय सुल्तानपुर की छात्रा दिव्या नागर ने बोर्ड परीक्षा में 96.83 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे ब्लॉक में टॉपर रही है। दिव्या के पिता सुरेश इलेक्ट्रीक की दुकान पर काम करते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल के बाद बेटी घर के काम में मां का हाथ बटाती है। रात को 4 घंटे नियमित पढ़ाई करती है और छोटे बहन-भाई को भी पढ़ाती है। बुजुर्ग दादी की अक्सर तबीयत खराब रहती है, जिससे घर का माहौल भी अशांत हो जाता है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दिव्या ने खुद को साबित करके दिखाया। बेटी सरकारी टीचर बनना चाहती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">काश्तगार की बेटी ने बढ़ाया पिता का मान</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">सुल्तानपुर के सरकारी स्कूल की छात्रा फिजा खानम ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 92.67 प्रतिशत अंक प्राप्त कर परिवार का मान बढ़ाया। फिजा के पिता दिलभर खान काश्तगार हैं, जो दूसरों की जमीन जोतकर आजिविका चलाते हैं। उन्होंने बताया कि घर से स्कूल की दूरी एक किमी है। बेटी रोजाना पैदल स्कूल जाती है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उसने पढ़ाई जारी रखी। 5 घंटे नियमित पढ़ाई करती और घर का काम भी संभालती। बेटी ने 600 में 556 अंक प्राप्त किए हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 15:41:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बोर्ड परीक्षा- 2025 : बेटियों की उड़ान, रिकॉर्ड्स भी पीछे छूटे; 66 बोर्ड्स में लहराया परचम </title>
                                    <description><![CDATA[देशभर में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम जारी हो चुके हैं और एक बार फिर छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/board-results-2025-girls-outperform-boys-66-boards/article-118309"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(8)6.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देशभर में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम जारी हो चुके हैं और एक बार फिर छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। कुल 66 स्कूल बोर्ड्स में बेटियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा है। </p>
<p>शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा किए गए विश्लेषण में यह सामने आया है कि 60 फीसदी से लेकर 90 फीसदी या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वालों में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा है। यह आंकड़ा न केवल परीक्षा परिणामों में उनकी मजबूती को दर्शाता है, बल्कि STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) जैसे क्षेत्रों में उनकी बढ़ती भागीदारी को भी रेखांकित करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Jun 2025 16:59:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>उच्च शिक्षा से वंचित हो रही हैं गांवों की बेटियां</title>
                                    <description><![CDATA[ गांव से दूर कॉलेज होने पर अभिभावक बेटियां को बाहर भेजने से है कतराते। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/village-daughters-are-being-deprived-of-higher-education/article-74369"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/uchh-shiksha-s-vanchit-ho-rhi-gaav-ki-betiya...karwar,-bundi-news-03-04-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>करवर। बूंदी जिले के केशवरायपाटन विधानसभा क्षेत्र की बेटियां कॉलेज के अभाव में उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती है। अधिकतर अभिभावक बेटियों को घर से दूर नहीं भेजते है। इस वजह से 12 वीं की शिक्षा के बाद लड़कियां उच्च शिक्षा प्राप्त करना सपना बन कर ही रह जाता है। केशवरायपाटन के साथ करवर में  डिग्री कॉलेज नहीं होने से उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। <br /><strong> </strong><br /><strong>उच्च शिक्षा के लिए सैंकड़ों किमी का फासला</strong><br /> छात्र-छात्राएं पलायन कर उच्च शिक्षा के लिए दूसरी जगह पर जाते हैं। कुछ तो सुविधा के अभाव में डिग्री की शिक्षा प्राप्त ही नहीं करते। कारण की आस - पास कोई डिग्री कॉलेज ना होने से उनका मनोबल टूट जाता है। उसके साथ-साथ अभिभावकों को उसके खर्चा न उठाने की स्थिति में उनकी शिक्षा अधूरी रह जाती है। इसके चलते गरीब व प्रतिभाशाली विद्यार्थी शिक्षा से वंचित रह जाते  हैं।</p>
<p><strong>कॉलेज के लिए 100 किमी दूर जाने की मजबूरी</strong><br />केशवराय पाटन विधानसभा  में करवर क्षेत्र की 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण क्षेत्र के छात्र छात्राएं को 50 से लेकर 100 किलोमीटर दूर रहकर शिक्षा प्राप्त करना मजबूरी है। करवर क्षेत्र से कोटा की दूरी 100 किमी है। इसी प्रकार बूंदी 65 किमी, टोंक के लिए 75 किमी और सवाई माधोपुर 55 किमी दूर है। ऐसे में विद्यार्थियों को घर परिवार को छोड़ कर दूर जाने को मजबूर है। लेकिन बहुत से विद्यार्थी इस स्थिति में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए  इतना दूर नहीं जा पाते। विशेष रूप से बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है और अधिक दूरी होने से ग्रामीण क्षेत्र की कहीं बालिकाएं अपनी उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पाती और अभिभावक भी अपनी लड़कियों को अन्यत्र शिक्षा के लिए भेजने से कतराते हैं अगर करवर कस्बे में डिग्री कॉलेज हो जाए तो इस क्षेत्र में भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करने में समर्थ और सक्षम हो सकेंगे। कमजोर वर्ग के बच्चे जो पैसों के अभाव में कालेज की। शिक्षा नही ले पाते है वे डिग्री कर सकेंगे।</p>
<p><strong>छात्राओं का क्या है कहना</strong><br />कस्बे में डिग्री कॉलेज का नहीं होना  इस क्षेत्र के  छात्र छात्राओं को परेशानी होती है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो रहीं हैं। <br /><strong>- मनीषा वर्मा,ड्रॉप आउट छात्रा </strong></p>
<p>कॉलेज की मांग को लेकर कस्बे वासी वर्षों से मांग कर रहे हैं , यदि कस्बे में कॉलेज खुलता है तो इस क्षेत्र सहित केशवरायपाटन विधानसभा  क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के छात्र - छात्राओं  को भी उच्च शिक्षा का लाभ मिलेगा।<br /><strong>- शशि शर्मा, शिक्षाविद शिक्षिका करवर </strong></p>
<p>करवर क्षेत्र का दुर्भाग्य है कि कस्बे में  डिग्री कॉलेज नहीं है,इसलिए यहां के छात्र छात्राओं को बूंदी या कोटा में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने की मजबूरी है।<br /><strong>- सोनम फुलवाडीया,छात्रा करवर</strong></p>
<p>करवर कस्बे में महाविद्यालय खुलने से इंदरगढ़ क्षेत्र सहित करवर क्षेत्र की 14 ग्राम पंचायतों की ग्रामीण बेटियां के लिए उच्च शिक्षा की दूरी कम हो जाएगी और  युवाओं को अधिक लाभ मिलेगा।<br /><strong>- प्रेम चंद मेवलिया,समाज सेवी </strong></p>
<p>करवर कस्बे में राजकीय महाविद्यालय खुलना जरुरी है आस - पास कोई महाविद्यालय नहीं होने से ग्रामीण छात्र - छात्राओं को कोटा , बूंदी, टोंक व सवाई माधोपुर जाकर कॉलेज में एडमिशन लेना मजबूरी है।<br /><strong>- जानवी जैन , करवर बी ए प्रथम वर्ष की छात्रा</strong></p>
<p>कस्बे में महाविद्यालय खुलना जरुरी है जिससे क्षेत्र में अन्यत्र पठाई कर रहे छात्र छात्राओं को राहत मिल सके और अभिभावकों को आर्थिक नुकसान से बचा जा सकेञ<br /><strong>- प्रिया वर्मा, छात्रा</strong></p>
<p>विधानसभा क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग विधानसभा में कई बार उठाई गई ,लेकिन पूर्व की राज्य सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई क्षेत्र में छात्र हित की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए केशवरायपाटन विधानसभा क्षेत्र में  राजकीय महाविद्यालय खुलना चाहिए उसके लिए प्रयासरत हैं।<br /><strong>- पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />केशवरायपाटन विधानसभा में एक कॉलेज स्वीकृत करा लिया गया है। इसके लिए उच्च शिक्षा मंत्री ने हामी भर ली है। अब कौन सी जगह कॉलेज खुलेगा इसका अभी पता नहीं है। अब जो कोटा-बूंदी के सांसद बनेगा वो आगे की कार्रवाई करवाएंगे। <br /><strong>- सीएल प्रेमी, केशवरायपाटन विधायक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Apr 2024 19:03:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नेटबॉल के आसमान में पंख फैला रही बेटियां</title>
                                    <description><![CDATA[ कोटा जिले में अन्य खेलों के साथ-साथ महिला खिलाड़ी नेटबॉल में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए परचम लहरा रही है। जिले में लगातार नेटबॉल महिला खिलाड़ियों की पौध तैयार हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/daughters-spreading-their-wings-in-the-sky-of-netball/article-16948"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/net-ball-k-aasman-mei-pankh-...kota-news-30.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। देश में स्पोर्ट्स के क्षेत्र में महिलाओं की भागेदारी बढ़ी है। साथ ही महिलाओं के खेल में शामिल होने से शान बढ़ी हैं। और खेलों में मेडल्स की संख्या भी। कोटा के जेके पवेलियन अंतरराष्टÑीय खेल मैदान में बेटियों को खेल के मैदान में पंख फैलाते हुए देखा जा सकता है। बेटियां नेटबॉल में गेंद डालने का प्रयास तो कहीं कबड्डी में विरोधी को पछाड़ने का जुनून ले रही हैं। स्पर्धा में खेल के प्रति इन बेटियों का इस कदर जोश है कि यह किसी भी कीमत पर सफलता का आसमान छूना चाहती हैं। इसलिए वह खेलों को वह अपना करियर बना रही हैं। महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार भी लगातार कई पहल कर रही है। जिससे महिला खिलाड़ियों को घरेलू और वैश्विक स्तर पर उम्दा प्रदर्शन करने में मदद मिली है। जीवंत और मजबूत राष्टÑ के निर्माण में महिलाओं के योगदान को अब भुलाया नहीं जा सकता। कोटा जिले में अन्य खेलों के साथ-साथ महिला खिलाड़ी नेटबॉल में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए परचम लहरा रही है। जिले में लगातार नेटबॉल महिला खिलाड़ियों की पौध तैयार हो रही है। स्टेडियम के अलावा शहर में चल रहे तमाम प्राइवेट खेल संस्थानों में भी महिला खिलाड़ियों का ग्राफ बढ़ रहा है। कोटा की सैंकड़ों बेटियों ने नेटबॉल में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्टÑीय व राज्य स्तर पर कोटा को विशेष पहचान दिलाई है। <br /><br /><strong>200 के करीब खिलाड़ी</strong><br />कोटा में नेटबॉल महिला खिलाड़ियों की संख्या 200 के करीब मानी जाती है। पिछलें 2 वर्षों में कोरोनाकाल के कारण अनेक महिला खिलाड़ियों ने खेलना छोड़ दिया। लेकिन अब फिर से महिला खिलाड़ियों की टीम तैयार हो रही है। कोटा में महिला नेटबॉल खिलाड़ियों के 5 क्लब है। नेटबॉल को बढ़ावा देने के  लिए जिला नेटबॉल संघ द्वारा अथक प्रयास किए जा रहे है। <br /><br /><strong>राज्य स्तर की महिला खिलाड़ी</strong><br />सविता रावत, दीक्षिता वर्मा, अनुभूति चतूर्वेदी, सरिता स्वामी, निरवत खानम, खुशबु जैन, गरिमा, प्रियंका कुमारी सहित अनेक महिला खिलाड़ियों ने राज्य स्तर पर कोटा का प्रतिनिधित्व करते हुए गोल्ड व सिल्वर मेडल हासिल किए हैं।<br /><br /><strong>मिल रहा है बढ़ावा</strong><br />नेटबॉल में सरकार व खेल विभाग के प्रयासों से लगातार बेटियों को बढ़ावा मिल रहा है। यही वजह है की अब खेलों में बेटियां बढ Þचढ़कर भाग ले रही हैं। इसके साथ ही अब बेटियों को परिवार का सहयोग मिल रहा है। पहले लड़कियों को खेलने के लिए घर से बाहर नहीं भेजा जाता था। जिसकी वजह से वह आगे नहीं बढ़ पाती थी। बालिका शिक्षा के साथ-साथ खेलों को बढ़ावा मिल रहा है।<br /><strong>- कविता सेन, कोच</strong> <br /><br /><strong>मिल रही है मंजिल</strong> <br />खेलों में नाम और शोहरत दोनों हैं। इसलिए लड़कियां ग्राउंड पर दिन रात मेहनत करती है। कोटा में ऐसी अनेक खिलाड़ी है, जिन्होंने खेलों के माध्यम से अपनी मंजिल हासिल की है। मुझे राष्टÑीय स्तर का खिलाड़ी बनना है और यह मेरा सपना है। मैं अपने सपने को सच करके रहंूगी। खेलों को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर लगातार आयोजन होते रहने चाहिए। यह आयोजन खिलाड़ियों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।<br /><strong>- मरजीना, खिलाड़ी    </strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Jul 2022 14:44:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेटियों के जन्म से शादी तक की जिम्मेदारी उठाएगी सरकार </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में आज भी कई जगह बेटियों को बोझ समझा जाता है। लिहाजा बेटियों की परवरिश पर माता-पिता ज्यादा ध्यान नहीं देते। इसको लेकर राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-will-take-the-responsibility-of-daughters-from-birth-to/article-15237"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/ii.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर शिक्षा दिलाने और शादी होने तक की जिम्मेदारी संभालेंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग और चिकित्सा विभाग की योजनाओं का इंटीग्रेटेड सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसके बाद बेटियों को सरकारी योजनाओं का लाभ खुद ही मिल सकेगा। इस सिस्टम के बाद बेटियों के शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सभी मूलभूत जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। राजस्थान में आज भी कई जगह बेटियों को बोझ समझा जाता है। लिहाजा बेटियों की परवरिश पर माता-पिता ज्यादा ध्यान नहीं देते। इसको लेकर राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। सरकार के इंटीग्रेटेड सिस्टम में योजनाओं का लाभ लेने के लिए विभागों में बार-बार आवेदन नहीं करना पड़ेगा। इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।</p>
<p><br /><strong>तीन आईएएस को जिम्मेदारी</strong></p>
<p>इंटीग्रेटेड सिस्टम की मॉनिटरिंग के लिए मुख्य सचिव उषा शर्मा ने तीन आईएएस डॉ. समित शर्मा, नवीन जैन और ओपी बैरवा को जिम्मेदारी सौंपी है। सिस्टम की क्रियान्विति को लेकर पूरा प्लान तैयार किया जा रहा है। प्लान फाइनल होने से पहले मुख्यमंत्री को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।</p>
<p><strong>इंटीग्रेटेड प्लान में ऐसे होगा काम</strong></p>
<p>बेटियों के जन्म लेते ही चिकित्सा विभाग की योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। सभी टीकाकरण की जिम्मेदारी चिकित्सा विभाग की होगी। बेटी की उम्र बढ़ते ही महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। बालिकाओं को स्कूल में दाखिल करने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी। पहले टीकाकरण, पोषाहार, आंगनबाड़ी केन्द्र, स्कूल में एडमिशन, बेटियों की शादी के लिए अनुदान आदि योजनाओं के लिए अलग-अलग आवेदन करना पड़ता था। इस कारण कई बेटियां योजनाओं से वंचित रह जाती थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Jul 2022 14:46:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री कन्यादान योजना बनी बेटियों के लिए वरदान</title>
                                    <description><![CDATA[टोंक। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना गरीब, बीपीएल, असहाय वर्ग के परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है। जिससे परिवारों पर आर्थिक भार नहीं आने से कर्ज से भी मुक्ति मिली है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/chief-minister-kanyadan-yojana-became-a-boon-for-daughters/article-12906"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/cmmmmmm.jpg" alt=""></a><br /><p>टोंक। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना गरीब, बीपीएल, असहाय वर्ग के परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है। जिससे परिवारों पर आर्थिक भार नहीं आने से कर्ज से भी मुक्ति मिली है। टोंक जिले की तहसील देवली की ग्राम पंचायत आंवा निवासी रामदेव चौहान बताते है कि वे बीपीएल परिवार से है। उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। इसलिए अपनी दो बेटियों पूजा व रिंकू की शादी की चिंता से वह परेशान रहते थे। बेटियों की शादी करने के लिए रामदेव ने साहूकार से कर्ज लेकर अपनी दोनों बेटियों की शादी की। </p>
<p>राज्य सरकार द्वारा चलाए गए प्रशासन गांव के संग अभियान में रामदेव को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की जानकारी प्राप्त हुई। उन्होंने विभाग में जाकर इस योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। शादी के 6 महीने के अंदर ई-मित्र के माध्यम से आॅनलाइन आवेदन करने के पश्चात विभाग द्वारा संपूर्ण दस्तावेजों की पूर्ति कर रामदेव को 1 लाख 2 हजार रुपए की आर्थिक सहायता सीधे खाते में जमा करा दी गई। रामदेव कहते है कि गरीब परिवारों की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना वरदान है।</p>
<p>इसी तरह इस योजना से लाभान्वित टोंक शहर के ताल कटोरा निवासी लाडले मिया भी बीपीएल परिवार से आते है। लाडले मिया ठेले पर माल ढोने का कार्य कर अपनी आजीविका चलाते है। परिवार में 8 सदस्य है। निश्चित आय नहीं होने के कारण परिवार का गुजारा बड़ी मुष्किल से हो पाता था। बेटि शमा के शादी लायक हो जाने के कारण उन्हें उसकी शादी की चिंता हो रही थी। किसी परिचित के द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की जानकारी होने से उन्हें अपनी बेटी की शादी में राज्य सरकार से 41 हजार रूपए की आर्थिक सहायता मिली। लाड़ले मियां ने अपनी बेटी की शादी में मिली सहायता के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jun 2022 15:57:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> चार घंटे तक माँ के लिए बिलखती रही दो मासूम बेटियां, पत्रकार ने निभाया सरोकार</title>
                                    <description><![CDATA[कस्बे के भरतपुर रोड स्थित पीएनबी बैंक के पास चाय की थड़ी पर दो मासूम बेटियों को छोड़कर एक मां 4 घंटे तक फरार हो गई। बच्चियों को बिलखती देख मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंचे पत्रकार नीरज शर्मा ने पुलिस एवं चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित कर बच्चियों को अपने संरक्षण में लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/two-innocent-daughters-crying-for-their-mother-for-four-hours/article-12312"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/pp2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सैंपऊ।</strong> कस्बे के भरतपुर रोड स्थित पीएनबी बैंक के पास चाय की थड़ी पर दो मासूम बेटियों को छोड़कर एक मां 4 घंटे तक फरार हो गई। बच्चियों को बिलखती देख मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंचे पत्रकार नीरज शर्मा ने पुलिस एवं चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित कर बच्चियों को अपने संरक्षण में लिया। जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह कस्बे के पंजाब नेशनल बैंक के बगल में एक चाय की थड़ी पर 6 माह एवं डेढ़ साल की दो मासूम बच्चियां बिलख रही थी।</p>
<p>बच्चियों को लावारिस अवस्था में देख मार्केट के लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों द्वारा बच्ची के माता-पिता को खोजने का भी प्रयास किया। लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। स्थानीय लोगों की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पत्रकार नीरज शर्मा द्वारा स्थानीय पुलिस एवं बाल कल्याण समिति सदस्य बृजेश मुखरेया से वार्ता कर चाइल्ड हेल्प लाइन को अवगत कराया गया। इस दौरान दोनों बच्चियों को पत्रकार नीरज शर्मा द्वारा खुद के संरक्षण में लिया।करीब 4 घंटे बाद बच्चियों की मां निवासी राजौरा खुर्द पहुंच गई। इस दौरान स्थानीय पुलिस के हवलदार रामनाथ मीणा के साथ चाइल्ड हेल्प लाइन के बीपी सिंह भी टीम को लेकर पहुंच गए। पुलिस द्वारा वार्ता करने पर मुख्य तथ्य  सामने आया के पति पत्नी में विवाद हुआ था।</p>
<p>विवाद होने पर पत्नी दोनों बच्चियों को लेकर सैपऊ कस्बे में पंजाब नेशनल बैंक से रुपए निकालने आई थी। लेकिन बैंक पासबुक को घर भूल आई थी। ऐसे में चाय की थड़ी पर दोनों बच्चियों को लावारिस हालत में छोड़कर घर पासबुक को लेने चली गई थी। करीब 4 घंटे के अंतराल में पुलिस और चाइल्ड लाइन एवं स्थानीय लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस और चाइल्ड हेल्प लाइन ने पति पत्नी से समझा कर दोनों बच्चियों को सुपुर्द कर दिया है। पुलिस द्वारा पति को पाबंद भी किया है। चाइल्ड हेल्प लाइन द्वारा पत्नी को भी भविष्य में ऐसा बर्ताव नहीं करने की चेतावनी दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/two-innocent-daughters-crying-for-their-mother-for-four-hours/article-12312</link>
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                <pubDate>Thu, 16 Jun 2022 12:29:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 10वीं का परिणाम जारी: बेटियों ने फिर मारी बाजी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है। शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने शिक्षा संकुल में परिणाम की घोषणा की। इस बार के परिणाम में लड़कियां आग रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/board-of-secondary-education-released-the-10th-result--daughters-again-won/article-12049"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/bd-k.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर/जयपुर। राजस्थान बोर्ड की दसवीं कक्षा का परिणाम सोमवार को जारी किया गया। इस परीक्षा में 8 लाख 77 हज़ार विद्यार्थी पास हुए। शिक्षा मंत्री डॉ.बीडी कल्ला ने जयपुर स्थित शिक्षा संकुल के प्रशासनिक भवन से राजस्थान बोर्ड की 10वीं कक्षा का परिणाम जारी किया। इस परीक्षा में फिर बेटियों ने बाजी मारी है, बेटियां फिर बेटों से आगे निकली  हैं। 10वीं परीक्षा का  कुल 82.89% रहा। लगभग 81 प्रतिशत इस साल छात्र पास हुए। छात्राओं ने एक बाद फिर दम दिखाते हुए 84.38% परीक्षा परिणाम दर्ज करवाया। जबकि छात्रों का 81.62% परिणाम रहा। लगभग 84 प्रतिशत छात्राएं पास हुई परीक्षा के लिए इस वर्ष 10,36,626 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। स्टूडेंट्स राजस्थान बोर्ड की 10 वीं कक्षा का परिणाम बोर्ड की बेवसाइट पर देख सकते हैं।</p>
<p>इस मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री डॉक्टर बी डी कल्ला ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूल और इंग्लिश मीडियम महात्मा गांधी स्कूलों में काफी सुधार हो रहा है। जिसके चलते नेशनल अचीवमेंट सर्वे में भी राजस्थान का दबदबा बढ़ता जा रहा है। कल्ला ने कहा  कि सप्ताह में 2 दिन स्कूलों में बच्चों को दूध वितरित किया जाएगा। पहले यह दुविधा थी सप्ताह में 2 दिन दिया जाएगा। शिक्षकों की ओर से हो रहे विरोध को लेकर मंत्री बीडी कल्ला ने कहा की यूनिफार्म का कपड़ा सरकार की ओर से स्कूल मैनेजमेंट को दिया जाएगा शिक्षा संकुल में एसीबी ट्रैप पर कल्ला ने कहा कि पारदर्शिता से काम कर रही है, जो गलत करेगा, उस पर क़ानून और सरकार की ओर से उचित कार्रवाई होगी</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 16:37:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षाओं में बेटियों ने मारी बाजी</title>
                                    <description><![CDATA[ उदयपुर। प्रदेश की 33 डाइट की ओर से कराई गई कक्षा पांचवीं और आठवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम बुधवार को शिक्षा मंत्री डॉ बीडी कल्ला ने यहां आरएससीईआरटी कार्यालय में लेपटॉप पर क्लिक कर और मार्कशीट प्रिंट निकाल कर जारी करने के साथ ही परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थियों को बधाई दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/daughters-outperformed-in-5th-and-8th-board-examinations/article-11674"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/bd-kalla-new.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। प्रदेश की 33 डाइट की ओर से कराई गई कक्षा पांचवीं और आठवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम बुधवार को शिक्षा मंत्री डॉ बीडी कल्ला ने यहां आरएससीईआरटी कार्यालय में लेपटॉप पर क्लिक कर और मार्कशीट प्रिंट निकाल कर जारी करने के साथ ही परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थियों को बधाई दी।<br />डॉ कल्ला ने कहा कि दोनों परीक्षाओं में बेटियों ने बाजी मारी है। कक्षा 8 में कुल 12.63 लाख परीक्षार्थी बैठे थे, जिसमें 6.72 लाख छात्र और 5.91 लाख छात्राएं थी। कक्षा 8वीं का परीक्षा परिणाम स्कूल 95.59 प्रतिशत रहा, जिसमें बालिकाओं का परिणाम 96.30 प्रतिशत और छात्रों का परिणाम 94.97 प्रतिशत रहा। इसी प्रकार कक्षा 5वीं में 14.53 लाख बच्चे शामिल हुए थे, जिसमें 7.6 लाख छात्र और 6.8 लाख छात्राएं शामिल हुई। कक्षा 5 का परीक्षा परिणाम कुल 93.83 प्रतिशत रहा। इसमें छात्राओं का परिणाम 94.06 प्रतिशत और छात्रों का 93.62 प्रतिशत रहा। डॉ कल्ला ने कहा कि परिणाम को देख बच्चे हतोत्साहित न हों, इसे ध्यान में रखते हुए इस बार जिलेवार टॉप रहे विद्यार्थियों की मेरिट लिस्ट जारी नहीं की गई है। कक्षा 5वीं और 8वीं के परीक्षा परिणाम ग्रेड आधारित दिया हैं जिसमे ए, बी, सी और डी ग्रेड तय की है। इसमें ए और बी ग्रेड वाले विद्यार्थियों के अध्ययन में कमी का पता लगाकर उनके भविष्य में बेहतर परिणाम के लिए प्रयास किए जाएंगे। वहीं सी और डी ग्रेड वाले विद्यार्थियों के अध्ययन में रही कमियों को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा उपचारात्मक प्रयास कर उनकी दक्षताएं बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा यह भी पता लगाया जाएगा कि किन शिक्षकों के सी और डी ग्रेड वाले विद्यार्थी ज्यादा हैं। ऐसे शिक्षकों का भी मूल्यांकन किया जाएगा।</p>
<p><br /><strong>बीकानेर की राजनंदिनी को फोन पर दी बधाई</strong><br />परिणाम जारी करने के दौरान शिक्षा मंत्री डॉ. कल्ला ने बीकानेर के नालंदा पब्लिक स्कूल की कक्षा पांचवीं की छात्रा राजनंदिनी बोहरा को मोबाइल पर बधाई देते हुए बताया कि उसे सभी विषयों में ए ग्रेड मिली है। राजनंदिनी ने थैंक्यू कहा। भविष्य में क्या बनने के बारे में पूछने पर राजनंदिनी ने उन्हें बताया कि वह डॉक्टर बनना चाहती हैं। डॉक्टर बनने पर उनका इलाज फ्री करने का पूछने पर राजनंदिनी ने कहा फ्री कर देंगी। तब डॉ कल्ला ने उसे कहा कि इलाज फ्री करेंगी तो घर कैसे चलाएगी। यह कहें कि वाजिब फीस लेकर उपचार करेंगी।</p>
<p><br /><strong>शिक्षकों को साधुवाद</strong><br />कोरोनाकाल के दो वर्ष बाद हुई परीक्षाओं के सफल आयोजन के लिए डॉ कल्ला ने प्रदेश की सभी 33 डाइट के अधिकारी कर्मचारियों को साधुवाद देते हुए कहा कि सभी विद्यार्थी भविष्य में मन लगाकर पढ़ाई करने करें। जीवन में विद्या प्राप्ति से बड़ा कोई कार्य नहीं है। बीकानेर से ऑनलाइन जुड़े माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा निदेशक गौरव अग्रवाल ने निम्न ग्रेड प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सतत प्रयास करने की प्रेरणा देते हुए असफलता को सफलता की एक सीढ़ी के समान बताया।</p>
<p><br /><strong>फोल्डर का किया विमोचन</strong><br />शिक्षा मंत्री डॉ. कल्ला ने राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् की गतिविधियों की जानकारी लेते हुए प्रदेश में नई शिक्षा की नीति के तहत आरएससीईआरटी द्वारा लागू किए मुद्दों पर चर्चा की और आगे के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने तकनीकी नवाचारों के साथ मूल्य परक और रोजगार परक शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने परिषद् द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के संबंध में प्रकाशित एक फोल्डर का भी विमोचन किया। आरएससीईआरटी निदेशक प्रियंका जोधावत ने संस्थान की गतिविधियों से अवगत कराया। इस अवसर पर संस्थान के शिक्षा विभाग की संयुक्त निदेशक अंजलिका पलात, सीडीईओ पुष्पेंद्र शर्मा, डीईओ वीरेंद्र यादव, शिक्षाविद् शिवजी गौड़, एसोसिएट प्रोफेसर कमलेन्द्र सिंह राणावत आदि उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jun 2022 13:09:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[udaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>12वीं कला संकाय में भी बेटियों ने बाजी मारी </title>
                                    <description><![CDATA[छात्राओं का 97.21 और छात्रों का 95.44 फीसदी ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/daughters-also-outperformed-in-12th-arts-faculty/article-11476"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/radhika.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। </p>
<p>राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सोमवार को सीनियर सैकण्डरी के कला संकाय का परीक्षा परिणाम घोषित किया। परिणाम में इस बार भी बेटियों ने बाजी मारी है। कला संकाय का परिणाम 96.33 प्रतिशत रहा। साथ ही वरिष्ठ उपाध्याय का भी परिणाम जारी हुआ। जिसका परिणाम 94.99 फीसदी रहा। </p>
<p>बोर्ड प्रशासक लक्ष्मीनारायण मंत्री ने वेबसाइट पर क्लिक पर पहले कला और फिर वरिष्ठ उपाध्याय के नतीजे जारी किए। पूर्व में हुई नियमित परीक्षा के मुकाबले में कला संकाय में 5.63 फीसदी अच्छा रहा है। कला में छात्राओं का परिणाम 97.21 फीसदी और छात्रों का 95.44 प्रतिशत रहा। कला संकाय इस वर्ष 6 लाख 52 हजार 444 परीक्षार्थियों को पंजीकृत किया गया। इनमें से 6 लाख 40 हजार 239 परीक्षा में बैठे। नियमित परीक्षार्थियों की संख्या 6 लाख 37 हजार 321 और प्राइवेट परीक्षार्थियों की संख्या 2  हजार 918 ने परीक्षा दी। इनमें से 6 लाख 16 हजार 745 छात्र-छात्राएं पास हुए। नियमित का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.59 और प्राइवेट का 40.27 प्रतिशत रहा। इसी प्रकार वरिष्ठ उपाध्याय में इस वर्ष 4 हजार 58 परीक्षार्थियों को पंजीकृत किया गया। इनमें से 3 हजार 994 परीक्षा में बैठे। नियमित परीक्षार्थियों की संख्या 3 हजार 984 और प्राइवेट परीक्षार्थियों की संख्या 10 ने परीक्षा दी। इनमें से 3 हजार 794 छात्र-छात्राएं पास हुए। नियमित का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.08 और प्राइवेट का 60 प्रतिशत रहा।</p>
<p><strong>साल-दर-साल परिणाम में सुधार </strong></p>
<p>12वीं कला संकाय के परिणाम में साल दर साल सुधार देखने को मिल रहा है। वर्ष 2019 में जहां नियमित परीक्षा में 88 फीसदी रहा था।  वहीं वर्ष 2020 में यह बढ़कर 90.70 प्रतिशत हो गया। वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के चलते परीक्षाएं प्रभावित होने से विशेष प्रकार से परिणाम जारी किया गया, जिसमें परिणाम 99 फीसदी रहा। इस वर्ष नियमित परीक्षा का परिणाम 96.33 प्रतिशत रहा, जो पूर्व में 2019 तथा 2020 में हुई नियमित परीक्षा के अपेक्षा काफी अच्छा रहा। </p>
<p><strong>एक नजर में परिणाम: कला संकाय</strong></p>
<p>सम्मिलित छात्र - 3 लाख 17 हजार 209</p>
<p>उत्तीर्ण - 3 लाख 2 हजार 729</p>
<p>प्रथम श्रेणी- 1 लाख 44 हजार 144</p>
<p>द्वितीय श्रेणी - 1 लाख 36 हजार 781</p>
<p>तृतीय श्रेणी से 21 हजार 788</p>
<p>सप्लीमेन्ट्री - 4 हजार 691</p>
<p>सम्मिलित छात्राएं - 3 लाख 23 हजार 30</p>
<p>उत्तीर्ण 3 लाख 14 हजार 16</p>
<p>प्रथम श्रेणी - 1 लाख 95 हजार 330</p>
<p>द्वितीय श्रेणी - 1 लाख 5 हजार 801</p>
<p>तृतीय श्रेणी से 12 हजार 866</p>
<p>सप्लीमेन्ट्री 3543</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jun 2022 14:42:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइंस - कॉमर्स में अव्वल रहने के बाद अब बेटियों ने कला में भी मारी बाजी अव्वल</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वी आर्ट्स के परिणाम सोमवार को जारी कर दिए। परिणामों में कोटा जिले में भी एक बार फिर बेटियों ने अपना परचम लहरा दिया। कोटा जिले का कुल परिणाम 96.26 प्रतिशत रहा। 

]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/after-being-the-topper-in-science-commerce--now-the-daughters-also-topped-in-the-arts/article-11465"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/arts-result.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं के विज्ञान और वाणिज्य में अपना परचम लहराने के बाद बेटियों ने एक बार फिर कला में भी अपनी बाजीगरी दिखाई। सोमवार को जारी हुए 12वीं के कला वर्ग के परिणाम में बेटियों ने 97. 31 प्रतिशत परिणाम  देकर बेटों से अपने को आगे रखने में सफल रहे रही।<br />राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वी आर्ट्स के परिणाम सोमवार को जारी कर दिए। परिणामों में कोटा जिले में भी एक बार फिर बेटियों ने अपना परचम लहरा दिया। छात्राओं का परिणाम 97.31 प्रतिशत रहा। जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 95.21 रहा। परिणाम जारी होने के साथ ही कोटा में विद्यार्थियों और शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई ।<br /><br />कोटा जिले का कुल परिणाम 96.26 प्रतिशत रहा। कोटा में परीक्षा के लिए कुल 15464 स्टूडेंट रजिस्टर्ड थे, जिनमें 15203 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। इनमें 7556 छात्र और 7646 छात्राएं परीक्षा में मौजूद रहे। जारी परीक्षा परिणामों में 8229 स्टूडेंट फर्स्ट डिवीजन, 5773 स्टूडेंट सेकंड डिविजन, 632 स्टूडेंट थर्ड डिवीजन पास हुए।<br /><br />छात्रों की बात की जाए तो 3432 फर्स्ट डिविजन, 3342 सेकंड डिविजन और 420 स्टूडेंट थर्ड डिवीजन पास हुए। कुल 7194 छात्र पास हुए हैं। वहीं छात्राओं की बात की जाए तो 4797 फर्स्ट डिवीजन 2436 सेकंड डिविजन और 212 थर्ड ईयर पास हुई। कुल 7440 छात्राएं पास हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 16:40:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पति ने घर के आंगन में सो रही पत्नी एवं दो पुत्रियों की हत्या   </title>
                                    <description><![CDATA[﻿राजस्थान में उदयपुर जिले के आदिवासी बहुल कोटडा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी एवं दो पुत्रियों को हत्या कर देने का मामला सामने आया हैं ।आरोपी पोपट लाल घटना के बाद रात से ही फरार  है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/sensational-case-of-murder-murder-of-wife-and-two-daughters-sleeping-in-the-courtyard-of-the-house/article-11434"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/udaipur.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उदयपुर। </span></strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">रा</span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">जस्थान में उदयपुर जिले के आदिवासी बहुल कोटडा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी एवं दो पुत्रियों को हत्या कर देने का मामला सामने आया हैं।</span> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">प्राप्त जानकारी के अनुसार निचली सुबरी निवासी पोपलाल गमार ने अपने घर के आंगन में सो रही पत्नी एवं दो बेटियों को गत रात्रि पत्थर मारकर हत्या की। घटना की सूचना मिलने पर सोमवार को सुबह थानाधिकारी मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जें में लेकर कोटडा अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया। आरोपी पोपट लाल घटना के बाद रात को घटना के बाद से ही फरार है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/sensational-case-of-murder-murder-of-wife-and-two-daughters-sleeping-in-the-courtyard-of-the-house/article-11434</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 14:45:47 +0530</pubDate>
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