<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/donald-trump-iran-warning/tag-83623" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Donald Trump Iran Warning - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/83623/rss</link>
                <description>Donald Trump Iran Warning RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ट्रंप ने ईरान को लेकर विकल्पों पर विचार किया, पूछा, 'पूरे देश को कब तबाह कर दूं?'</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई सहित कई विकल्पों पर विचार करने की बात कही है। उन्होंने निकट भविष्य में बड़े घटनाक्रमों के संकेत दिए। यह बयान ईरान द्वारा मध्यस्थों के माध्यम से होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने हेतु शर्तें रखने और संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के बीच आया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-considered-options-regarding-iran-and-asked-when-to-destroy/article-166205"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें ईरान पर बड़े हमले का विकल्प भी शामिल है। उन्होंने सवाल किया, "मैं पूरे देश को कब तबाह कर दूं?" ईरान को एक नई चेतावनी देते हुए ट्रंप ने कहा कि वह ईरान युद्ध को लेकर "फैसला लेने की स्थिति" में हैं और निकट भविष्य में "बहुत बड़ी घटनाएं" होने वाली हैं। ट्रंप की यह टिप्पणी ईरान के उस बयान के बाद आई है जिसमें उसने कहा था कि उसने मध्यस्थों के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए अपनी शर्तें अमेरिका तक पहुंचा दी हैं। इस बीच अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।</p>
<p>ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा कि वह "फैसला लेने की स्थिति" में हैं और निकट भविष्य में "बहुत बड़ी घटनाएं होने वाली हैं।" उन्होंने अपने सामने मौजूद विकल्पों में "ईरान का सफाया करना, उसे आर्थिक रूप से बर्बाद होने देना या कूटनीतिक समझौता करना" बताया है। उन्होंने कहा, "मेरा सवाल है कि अगर और कब मैं पूरे देश को तबाह कर दूं? उन्हें बेहतर होगा कि वे सही व्यवहार करें।" ट्रंप ने गुरुवार को भी कहा था कि वह इस बात पर विचार कर रहे हैं कि "ईरान में जाकर उसे पूरी तरह तबाह कर दूं या नहीं।" उन्होंने कहा था कि उनके साथ "कुछ भी हो सकता है।"</p>
<p>ट्रंप की ताजा टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचने की उम्मीद है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारी भी उनके साथ आ सकते हैं। ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि ईरानी अधिकारियों के एक "मुख्य प्रतिनिधिमंडल" को महासभा के उच्चस्तरीय सत्र में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि वह संयुक्त राष्ट्र की बैठक के दौरान पेजेश्कियन से मुलाकात के लिए तैयार हो सकते हैं।</p>
<p>'तस्नीम' के अनुसार, पेजेश्कियन संयुक्त राष्ट्र की बैठक से इतर कई देशों के नेताओं के साथ बैठक कर सकते हैं। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने रविवार को कहा कि ईरान को अपने विरोधियों का मुकाबला करने के लिए लड़ाई और बातचीत दोनों जारी रखनी चाहिए तथा जब युद्ध के मैदान में स्थिति उसके पक्ष में हो तो कूटनीति का इस्तेमाल करना चाहिए।</p>
<p>अमेरिका और ईरान के बीच व्यापक स्तर पर जारी लड़ाई कई महीनों से रुकी हुई है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव अब भी काफी अधिक है। अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को हुआ 60 दिनों का समझौता पिछले महीने समाप्त हो गया। इसके बाद विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हमले बढ़े हैं, जिसे ईरान ने प्रभावी रूप से बंद कर रखा है। अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी भी जारी रखी है।</p>
<p>ईरान की शर्तों में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना, ईरान के रोके हुए धन को जारी करना, ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करना, ईरान के आंतरिक मामलों में अमेरिकी हस्तक्षेप रोकना और ईरानी क्षेत्र पर सभी अमेरिकी हमले रोकना शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/trump-considered-options-regarding-iran-and-asked-when-to-destroy/article-166205</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/trump-considered-options-regarding-iran-and-asked-when-to-destroy/article-166205</guid>
                <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 18:28:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/trump-%282%292.png"                         length="653905"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पिकैक्स माउंटेन बना नया फ्लैशपॉइंट, ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने दी संघर्ष बढ़ने की धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सबसे सुरक्षित भूमिगत 'पिकैक्स माउंटेन' परमाणु ठिकाने को निशाना बनाने का संकेत दिया है। इसके जवाब में ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-can-target-pickaxe-mountain-iran/article-160607"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/iran3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान का अगला निशाना 'पिकैक्स माउंटेन' हो सकता है जो ईरान का एक बेहद सुरक्षित और मजबूत भूमिगत परमाणु परिसर है। पश्चिमी और इजरायली खुफिया एजेंसियों को संदेह है कि ईरान ने पिछले हवाई हमलों से बचाने के लिए अपने बचे हुए यूरेनियम के भंडार को पिकैक्स माउंटेन में सुरक्षित रखा है। ट्रंप की इस चेतावनी के जवाब में ईरान ने कहा है कि उसके परमाणु ठिकानों पर किसी भी अमेरिकी हमले को क्षेत्रीय संघर्ष के विस्तार के रूप में देखा जाएगा।</p>
<p>पहले नतांज, फोर्डो और इस्फहान में अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद खुफिया आकलन से यह बात सामने आई है कि ईरान ने अपनी मुख्य परमाणु संपत्तियों को इस पहाड़ी के नीचे स्थानांतरित कर दिया है। जमीन से 100 मीटर से भी अधिक गहराई में चट्टानों के नीचे बना यह ठिकाना ईरान के सबसे सुरक्षित परमाणु स्थलों में से एक माना जाता है। राष्ट्रपति कार्यालय में ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि हम बहुत जल्द उस इलाके पर बहुत भारी हमला कर सकते हैं और वे इसे रोकने के लिए कुछ नहीं कर सकते। इजरायली खुफिया जानकारी के मुताबिक पिछले साल हुए हमलों के बाद ईरान ने अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का हिस्सा और उन्नत सेंट्रीफ्यूज इस भूमिगत परिसर में स्थानांतरित कर दिए हैं। हालांकि ट्रंप ने इस आकलन की सीधी पुष्टि नहीं की, लेकिन उन्होंने कहा कि अमेरिका का अनुमान है कि बार-बार के सैन्य अभियानों के बावजूद ईरान के पास अब भी लगभग 1,000 पाउंड अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम मौजूद है जो हथियार बनाने के स्तर के करीब है।</p>
<p>ईरान में इस पहाड़ी को 'कूह-ए कलंग गज ला' के नाम से जाना जाता है, जो नतांज यूरेनियम संवर्धन परिसर से लगभग एक मील दक्षिण में स्थित है। यहां स्थित परिसर का निर्माण 2020 में शुरू हुआ था। इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी (आईएसआईएस) द्वारा विश्लेषण की गई उपग्रह तस्वीरों से पता चलता है कि इस परिसर में कई सुरंग नेटवर्क, बेहद मजबूत प्रवेश द्वार और एक बड़ा सुरक्षा घेरा है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि पिकैक्स माउंटेन अमेरिका के लिए एक बड़ी सैन्य चुनौती पेश करता है। रिपोर्ट के अनुसार, इसकी अत्यधिक गहराई के कारण अमेरिका का सबसे शक्तिशाली बंकर-बस्टिंग बम 'मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर' (एमओपी) भी सीमित असर ही दिखा सकता है। हवाई हमलों से सुरंगों के रास्ते बंद किए जा सकते हैं और बिजली आपूर्ति रोकी जा सकती है, लेकिन भूमिगत कमरों को पूरी तरह नष्ट करना मुश्किल हो सकता है। फिलहाल अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षकों पर प्रतिबंध होने के कारण ईरान के परमाणु भंडार को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है, जिससे पिकैक्स माउंटेन दोनों देशों के बीच तनाव का नया मुख्य केंद्र बन गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/america-can-target-pickaxe-mountain-iran/article-160607</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/america-can-target-pickaxe-mountain-iran/article-160607</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 16:26:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/iran3.png"                         length="958324"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        