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                <title>lake - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>झील की टूटी पाल : नेपाल बदहाल, विनाश का क्रूर चेहरा</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल में कुदरत का कहर जारी है। भोटेकोशी नदी की झील फटने के खतरे के बीच राहत अभियान प्रभावित हुआ। विनाशकारी बाढ़ में अब तक 587 लोगों की मौत और 1900 से ज्यादा लापता हैं। करीब 320 भारतीय नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं। सरकार ने 21 भारतीयों को स्वदेश पहुंचाया, जबकि हेलीकॉप्टरों से बड़े पैमाने पर रेस्क्यू जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/the-broken-sail-of-the-lake-nepal-the-cruel-face/article-164111"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/6622-copy107.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">काठमांडु। नेपाल में कुदरत का कहर थमने का नाम ही नहीं ले रहा। शुक्रवार को भोटेकोशी नदी के ऊपरी हिस्से में बनी झील के फटने का खतरा बना हुआ है। हालांकि प्रभावित इलाकों को खाली करा लिया गया है जिससे जनहानि का खतरा कम है। लेकिन राहत कार्यों को रोकना पड़ा। इस बीच विनाशकारी बाढ़ के बाद वहां करीब 320 भारतीय नागरिक लापता हैं जबकि 21 भारतीय नागरिकों को अब तक सुरक्षित स्वदेश लाया गया है। इस विनाशकारी आपदा में अब तक 587 लोगों की मौत हुई है और 1900 से ज्यादा लोग लापता हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">त्रिशूली ऊर्जा परियोजना में फंसे 63 लोगों को बचाया</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार को त्रिशूली ऊर्जा परियोजना में फंसे 63 लोगों को बचाया गया था। काठमांडू में भारतीय राजदूत ने उनसे मुलाकात की है। इसके अलावा 96 भारतीय नागरिक चीन के क्षेत्र से जमीन के मार्ग से नेपाल की ओर सुरक्षित पहुंच चुके हैं। इन सभी को स्वदेश लाने के लिए सरकार व्यवस्था कर रही है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चीन के इलाके में 400 भारतीय फंसे</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जायसवाल ने कहा कि चीन के क्षेत्र में अभी भी करीब 400 भारतीय नागरिक हैं लेकिन वे सभी सुरक्षित हैं और उनके परिजनों तथा भारतीय दूतावास से उनकी बात हुई है क्योंकि वहां मोबाइल नेटवर्क काम कर रहा है। उस क्षेत्र में भी भूस्खलन हुआ है और रास्तों के खराब होने के कारण इनके आने में समय लग सकता है। सरकार इन्हें स्वदेश लाने की व्यवस्था कर रही है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">राहत कार्य फिर शुरू</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उधर, काठमांडू से मिली खबरों के अनुसार, शुक्रवार को राहत कार्य फिर शुरू कर दिया गया। राहत कार्यों में मुख्य रूप से हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, शुक्रवार अपराह्न तीन बजे तक नेपाल में 547 और तिब्बत क्षेत्र में 5 शव बरामद किए जा चुके हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चितवन में सबसे ज्यादा तबाही</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चितवन में स्थिति विशेष रूप से गंभीर है। शुक्रवार दोपहर तक वहां 221 शव बरामद किए जा चुके थे, जबकि जिले के अस्पतालों के शवगृहों में कुल मिलाकर केवल 30-50 शव रखने की क्षमता है। इसके कारण भरतपुर स्थित औद्योगिक उद्यम विकास संस्थान की एक खाली इमारत को अस्थायी शवगृह में बदला जा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">117 विदेशी पर्यटकों को बचाया</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, रसुवा के बाढ़ प्रभावित इलाकों से 117 विदेशी पर्यटकों को बचाया गया है। इनमें 85 भारतीय, 16 चीनी, नौ दक्षिण कोरियाई, दो अमेरिकी और दो इतालवी नागरिक शामिल हैं। इन दुर्गम इलाकों से लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि सुरक्षा बल जमीन पर बस्तियों और नदियों के किनारे तलाशी अभियान चला रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 10:56:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तमिलनाडु में झील में डूबने से 4 महिलाओं की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[पूजा करने के बाद वह पीछे की तरफ झील में चले गए। अग्निशमन सेवा विभाग के अधिकारियों को सतर्क किया, जिन्होंने तलाशी अभियान के बाद शवों को बाहर निकाला। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/4-women-killed-due-to-drowning-in-lake-in-tamilnadu/article-74137"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/man-drown.jpg" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु के वेल्लोर के गुडियाथम शहर के पास वेप्पुर गांव में को एक दुखद घटना में एक झील में डूब कर दो किशोरियों समेत चार महिलाओं की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि जब यह हादसा हुआ तो मृतक झील में गये थे। काव्या और प्रीति वाई लावण्या के साथ वेप्पुर गाव के मुनिश्वरन मंदिर में दर्शन के लिए गई थीं। </p>
<p>पूजा करने के बाद वह पीछे की तरफ झील में चले गए। अग्निशमन सेवा विभाग के अधिकारियों को सतर्क किया, जिन्होंने तलाशी अभियान के बाद शवों को बाहर निकाला। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 Mar 2024 17:08:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आनासागर झील का जलस्तर बढ़ा सड़क पर बहता रहा ‘सागर’</title>
                                    <description><![CDATA[ झील के चैनल गेट से अधिक पानी निकालने की कवायद पर देर रात को आई मानसून की पहली बारिश ने पानी फेर दिया। जहां 14.7 फीट जलस्तर पर पहले 1.6 फीट और फिर घटा कर 1.4 फीट चैनल गेट खोले गए थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/the-water-level-of-anasagar-lake-increased/article-50002"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-की-कॉपी-(12)5.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। आनासागर झील का पानी एस्केप चैनल को लांघकर दूसरे दिन भी सुभाष उद्यान के मार्ग पर सड़क के ऊपर से बहता रहा। सड़क के दोनों तरफ मिट्टी के कट्टे रखकर यातायात बंद रखा गया है। झील के चैनल गेट से अधिक पानी निकालने की कवायद पर देर रात को आई मानसून की पहली बारिश ने पानी फेर दिया। जहां 14.7 फीट जलस्तर पर पहले 1.6 फीट और फिर घटा कर 1.4 फीट चैनल गेट खोले गए थे। वहीं झील का जलस्तर फिर से 14.8 फीट हो गया। नतीजतन चैनल गेट और अधिक खोल कर 1.7 फीट पर किए गए हैं। जिससे पानी की निकासी तेजी से हो रही है। पानी अब भी सड़क पर से ही गुजर कर एस्केप चैनल में जा रहा है। उधर झील से निकाला जा रहा पानी अब आस-पास के भवनों में घुस रहा है। जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता आनंद त्रिपाठी के अनुसार झील के चैनल गेट 1.4 फीट से बढ़ाकर 1.7 फीट खोल दिए गए हैं। जिससे पानी की निकासी तेजी से हो रही है। शनिवार देर रात आई मानसून की मूसलाधार बारिश से झील का जल स्तर रविवार को 14.8 फीट पर पहुंच गया। झील में पानी की आवक को देखते हुए ही जिला प्रशासन के निर्देश पर गेट और अधिक खोल दिए गए हैं। जिसकी वजह से आस-पास के भवनों में पानी घुस रहा है। सर्किल के पास ही स्थित एक शो-रूम के बेसमेंट में 6 फीट पानी भर चुका है। जबकि चैनल के रास्ते में स्थित कई आवासीय भवनों में भी पानी घुस रहा है। </p>
<p><strong> खानपुरा तालाब की चल रही चादर</strong><br />उधर झील का पानी खानपुरा तालाब में पहुंच रहा है। जिससे तालाब की चादर 1.6 फीट चल पड़ी है। अब खानपुरा के लोगों को दिक्कत हो गई है। क्योंकि चादर सड़क पर चल रही है और इसकी वजह से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। तालाब पहले ही अपनी पूरी भराव क्षमता 10.6 फीट तक भर चुका है। इससे बाहर निकल रहा पानी अब गोविंदगढ़ बांध में पहुंच रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jun 2023 10:30:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रामसागर झील का निखरेगा रूप, पर्यटन को लगेंगे पंख</title>
                                    <description><![CDATA[रामसागर झील का 15 करोड़ की लागत से सौंदर्यीकरण होगी। यह प्रदेश की सुंदर झीलों में से एक होगी । झील पर करीब 1 किलोमीटर लंबी पाल स्थित है जहां पर घने पेड़ पौधे अच्छादित हैं। छोटे पुष्कर के नाम से स्थित रघुनाथ घाट है। जहां पर ब्रह्मा शंकर रघुनाथ जी के मंदिर स्थित है । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/ramsagar-lake-will-flourish--tourism-will-get-wings/article-26195"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/ramsagar-jheel-ka-nikhrega-roop,-paryatan-ko-lagege-pankh...hindoli-news-bundi..11.10.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>हिण्डोली। रामसागर झील की खूबसूरती को अबजल्द ही चार चांद लग जाएंगे। इस झील के सौंदर्यीकरण के लिए 15 करोड़ की स्वीकृति सार्वजनिक निर्माण विभाग के नाम जारी कर दी। उसकी जानकारी मिलने पर हिण्डोली पंचायत सहित क्षेत्र के लोगों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा । रामसागर झील संरक्षण समिति व कस्बे वासियों ने मिठाई बांट कर आतिशबाजी की। सार्वजनिक निर्माण विभाग अब झील और इसकी पाल को निखारने का काम शुरु करेगा। इसके साथ ही झील में नाव संचालन भी शुरू होगा। इसके साथ ही झील में  फव्वारें लगेंगे। मनोरंजन के भी साधन लगाए जाएंगे। जानकारी के अनुसार प्रदेश की रमणीय झीलों में शुमार हिण्डोली रामसागर झील आजादी के बाद से उपेक्षित पड़ी हुई थी। झील का सौंदर्यकरण को संवारने वाला नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में यहां पर देसी विदेशी सैलानियों की आवाजाही थम सी गई थी। गत वर्ष यहां पर रामसागर झील संरक्षण समिति द्वारा झील के श्रमदान कर झील की सफाई अभियान शुरू किया एवं खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना से झील के सौंदर्यीकरण के लिए बजट आवंटित की मांग की। जिस पर मंत्री अशोक चांदना ने झील के सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री बजट सत्र में 15 करोड़ की स्वीकृति दिलाई। राज्य के वित्त विभाग द्वारा सोमवार को 15 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति जारी का निर्माण विभाग के नाम कार्य के आदेश दिए हैं। उसकी जानकारी मिलने पर हिण्डोली पंचायत सहित क्षेत्र के लोगों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा । </p>
<p><strong>प्रदेश की सुंदरतम झीलों में से एक होगी</strong><br />कस्बे की राम सागर झील सैंकड़ों बीघा भूभाग में फैली अरावली पर्वतमाला के बीच स्थित रामसागर झील का 15 करोड़ की लागत से सौंदर्यीकरण होगी। यह प्रदेश की सुंदर झीलों में से एक होगी । झील पर करीब 1 किलोमीटर लंबी पाल स्थित है जहां पर घने पेड़ पौधे अच्छादित हैं। छोटे पुष्कर के नाम से स्थित रघुनाथ घाट है। जहां पर ब्रह्मा शंकर रघुनाथ जी के मंदिर स्थित है । वहीं सामने वाली छोर पर बिजासन, चौथ माता व बाबा केवट के मंदिर है। जो झील की सुंदरता बढ़ाते हैं। पश्चिमी छोर पर सूर्यमल मिश्रण की जन्मस्थली हरणा तक झील लगी हुई है । झील किनारे स्थित छतरियां दरीखाना विकास की बांट जोह रहा है जो शीघ्र ही पूरी होगी। रामसागर झील का सौंदर्यकरण बताइए प्रदेश की सबसे रमणीय जिलों में से एक होगी। यहां पर एक बार फिर से विदेशी सैलानियों की लगातार आवक बढ़ेगी। यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा। 15 करोड़ स्वीकृत करवाने पर राज्यमंत्री का झील संरक्षण समिति व क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा आभार जताया। </p>
<p><strong>आतिशबाजी कर बांटी मिठाई </strong><br />रामसागर झील संरक्षण समिति व कस्बे वासियों ने झील के विकास के लिए 15 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति निर्माण विभाग के नाम जारी होने पर उन्होंने आतिशबाजी कर मिठाइयां बांटी व खुशी जताई एवं राज्य मंत्री का आभार जताया। इस दौरान झील संरक्षण समिति के अध्यक्ष रीतेश जैन, सुनील खींची, राकेश शर्मा, चिराग नकलक, शुभम सुवालका, मदनलाल सैनी, बाबूलाल सैनी, परमेश्वर सैनी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।</p>
<p>हिण्डोली राम सागर झील वाकई अरावली के बीच स्थित झीलों में से एक है। झील के विकास के लिए मैंने क्षेत्र की जनता से वादा किया था। वह वादा पूरा कर दिया। यहां पर उनसे 15 करोड की मांग थी जिससे 15 करोड़ के आदेश जारी करवाएं । झील को ऐतिहासिक झील का दर्जा दिलाया जाएगा। यहां पर बोटिंग, फव्वारे सहित आधुनिक सौंदर्यीकरण होगा। झील को देखने के लिए देशी-विदेशी सैलानी आएंगे। यहां पर मत्स्य पालन भी शीघ्र बंद करवा दिया जाएगा। <br /><strong>-अशोक चांदना, खेल राज्य मंत्री</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Oct 2022 19:15:03 +0530</pubDate>
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                <title>झील में अवैध खारड़ों पर चला पीला पंजा </title>
                                    <description><![CDATA[उपखंड के दक्षिण में फैली खारे पानी की विश्वप्रसिद्ध सांभरझील में नमक के वर्चस्व व अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए बुधवार को जिला कलक्टर पीयूष समारिया द्वारा निर्देश दिये जाने व तीन टीमें गठित किये जाने के बाद गुरूवार को प्रशासनिक अमला ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/nagaur/nagaur-yellow-claw-walked-on-illegal-shoals-in-the-lake/article-10514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/nawa04.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">  नावां सिटी। उपखंड के दक्षिण में फैली खारे पानी की विश्वप्रसिद्ध सांभरझील में नमक के वर्चस्व व अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए बुधवार को जिला कलक्टर पीयूष समारिया द्वारा निर्देश दिये जाने व तीन टीमें गठित किये जाने के बाद गुरूवार को प्रशासनिक अमला तीव्र गति से हरकत में आया व सुबह आठ बजे से सायं सात बजे तक लगातार ग्यारह घंटे तक झील में मैराथन गति से कार्यवाही को अंजाम दिया।  </p>
<p style="text-align:justify;">एसडीएम ब्रह्मलाल जाट ने जानकारी देते हुए बताया कि, झील के खसरा नंबर 2/1 रकबा 11011 हैक्टर में मोहनपुरा पहाड़ी से बंवली सीमा की के पास उपखंड अधिकारी, तहसीलदार सतीश राव, आरआई राजेन्द्र सिंह, एईएन विद्युत सुल्तान सिंह, पटवारी रविन्द्र सिंह, अशोक कुमार, मनीष कुमार, भंवर सिंह, रामनिवास के साथ ही हेड कांस्टेबल शंकरलाल, कांस्टेबल अर्जुन के साथ पालिका, राजस्व विभाग व विद्युत विभाग के साथ करीब पच्चीस लोगों की टीम की उपस्थिति व सहयोग से करीब पचपन बीघा भूमि पर से अवैध खारड़ा दो जेसीबी की मदद से नष्ट किया गया व साथ ही तीन सौ पचास स्क्वायर फुट भूमि पर बना पक्का निर्माण भी ध्वस्त किया गया और पंद्रह बोरवेल नष्ट करने के साथ ही सात सब मर्सिबल पंप जब्त किये गये। वहीं ओपनवेल में से भी मोटर निकालकर जब्त की गयी व ध्वस्त करने की कार्यवाही की गयी।</p>
<p style="text-align:justify;">झील में रूपनगढ़ क्षैत्र जिला अजमेर में भी भारी मात्रा में अवैध अतिक्रमण व बोरवेल आदि है, पर रूपनगढ़ प्रशासन द्वारा कभी कार्यवाही करने के समाचार नहीं मिलते हें, नावां प्रशासन आये दिन अवैध गतिविधियों के विरूद्ध कार्यवाही करता रहता है। हांलाकि अवैध गतिविधियों पर कई प्रश्न है, जो प्रशासन पर सवालिया निशान खड़ा करते हैं, जैसे इतनी बड़ी मात्रा में अवैध निर्माण होने के बावजूद भी प्रशासन को इसकी भनक नहीं लगना, अवैध खारड़ों में बिजली के कनेक्शन दे दिया जाना आदि, इन पर भी विचार किया जाना चाहिए व अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के साथ ही भ्रष्टाचार की जड़ पर भी चोट किया जाना नितांत आवश्यक है। </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>नागौर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 May 2022 13:00:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आनासागर झील में मिले एक करोड़ 16 लाख के नकली नोट</title>
                                    <description><![CDATA[गंज थाना क्षेत्र स्थित पुष्कर रोड पर आनासागर झील में दो-दो हजार रुपए के करीब एक करोड़ 16 लाख रुपए के नकली नोटों की 58 गड्डियां तैरती व पड़ी हुई दिखाई देने से शुक्रवार दोपहर हड़कंप मच गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer-news--fake-notes-of-one-crore-16-lakh-found-in-anasagar-lake/article-9241"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/nakli-note.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। गंज थाना क्षेत्र स्थित पुष्कर रोड पर आनासागर झील में दो-दो हजार रुपए के करीब एक करोड़ 16 लाख रुपए के नकली नोटों की 58 गड्डियां तैरती व पड़ी हुई दिखाई देने से शुक्रवार दोपहर हड़कंप मच गया। पुलिस व मीडिया मौके पर पहुंच गई। अधिकांश नोट पानी में गलने के कारण खराब हो गए। उन पर भारतीय रिजर्व बैंक लिखा होने पर पुलिस गंभीरता से ले रही है। पुलिस आरोपी का सुराग लगाने का प्रयास कर रही है। </p>
<p>आनासागर चौकी प्रभारी बलदेव राम ने बताया कि दोपहर में लगभग 1 बजे उन्हें फोन पर सूचना मिली थी कि पुष्कर रोड पर सेन्चुरी पब्लिक स्कूल के निकट आनासागर झील के किनारे पानी में 2-2 हजार रुपए के नोट पड़े हुए हैं। वहां पर प्लास्टिक की थैलियां भी पड़ी हुई हैं। वे तुरंत मौके पर पहुंचे जहां 2-2 हजार रुपए के कुछ नोट पानी में तैरते हुए दिखाई दिए। उन्होंने तुरंत स्थानीय गोताखोरों की मदद से नोटों को बाहर निकलवाया। साथ ही वहां पर पड़ी तीन थैलियों को भी उन्होंने जब चैक कराया तो उनमें भी नोटों की गड्डी रखी थी। उन्होंने नोटों की गड्डी को अपने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया। उन्होंने बताया कि प्रारम्भिक जांच में वह कुल 58 गड्डी होना सामने आया है। उनमें नोट कितने हैं, यह जांच के बाद सामने आएगा। फिलहाल 58 गड्डी होने से कुल नोट 1 करोड़ 16 लाख रुपए के माने जा रहे हैं। </p>
<p><strong>गलने से लुगदी बन गई कई गड्डी </strong></p>
<p>एएसआई बलदेव राम ने बताया कि नोटों की अधिकांश गड्डियां पानी में भीगने व लम्बे समय तक पानी में रहने के कारण खराब हो गईंं। कुछ गड्डियां लुगदी टाइप बन गई। लेकिन उन्होंने सभी गड्डी को जांच कराने के लिए सुरक्षित रख लिया है। </p>
<p><strong>आरबीआई लिखा होने पर गंभीरता से लिया  </strong></p>
<p>पुलिस का कहना है कि कुछ गड्डी के नोटों पर स्पष्ट पढ़ने में आ रहा है। उन सभी पर भारतीय रिजर्व बैंक लिखा हुआ है। इसलिए पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब उन सभी नोटों की संबंधित बैंक अधिकारियों को बुलाकर जांच करवाई जाएगी। उसके बाद ही नोटों की वास्तविकता स्पष्ट होगी। </p>
<p><strong>फोटोस्टेट होने की भी संभावना </strong></p>
<p>एएसआई बलदेव राम ने बताया कि प्रारम्भिक जांच में सामने आया कि कुछ गड्डी में एक ही सीरीज नंबरों के नोट हैं। ऐसे में यह संभावना भी जताई जा रही है कि बदमाशों ने 2 हजार के नोट की अच्छे क्वालिटी के कागज को लेकर फोटो स्टेट की है। जिससे वह असली नोट की तरह ही दिखाई दे रहे हैं लेकिन फोटोस्टेट के बाद में प्रिन्ट तो हो गया। लेकिन नोट पर कागज सही होने से गड़बड़ हो गई या फिर बदमाशों ने उक्त नोट सिर्फ ट्रायल के रूप में निकाले होंगे, जो सही नहीं होने पर झील में फेंक दिए गए। </p>
<p><strong>सीसीटीवी फुटेज चैक किए जाएंगे</strong></p>
<p>एएसआई बलदेव ने बताया कि इन नोटों को झील में किसने डाला है। इस संबंध में जांच की जाएगी। उन्होंने आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को भी चैक किया जाएगा। जिससे नोट डालने वाले का सुराग मिल सके। उसके बाद ही पूछताछ से मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।</p>
<p><strong>पूर्व में भी झील में मिले थे नोट </strong></p>
<p>आनासागर झील में इससे पूर्व भी वर्ष 2021 में नोट तैरते हुए मिले थे। लेकिन उस दौरान रामप्रसाद घाट के नजदीक झील में 200 व 500 रुपए के असली नोट मिले थे। उस समय नोट झील में दिखने पर लोगों का जमावड़ा लग गया था। कुछ लोगों ने तो झील में डुबकी लगाकर नोट भी निकाल लिए थे। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने नोटों को जब्त किया था। बाद में सामने आया था कि नोट किसी जायरीन के पर्स से झील में गिर गए थे। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 May 2022 12:07:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसागर झील में चार साल बाद दिखी 300 से अधिक पेलिकन्स</title>
                                    <description><![CDATA[इस समय यहां ग्रेट वाइट पेलिकन, पलासल गल, स्टेपी गल, शॉवलर्स, मलाड, पिंटेल, कॉमन टिल सहित कई तरह के वेंडर्स नजर आ रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/more-than-300-pelicans-seen-in-mansagar-lake-after-four-years/article-4614"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/8_new1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गुलाबी नगरी की मानसागर झील में विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों का कलरव देखने को मिल रहा है। इस समय यहां ग्रेट वाइट पेलिकन, पलासल गल, स्टेपी गल, शॉवलर्स, मलाड, पिंटेल, कॉमन टिल सहित कई तरह के वेंडर्स नजर आ रहे हैं। इस बार खास बात ये है कि पिछले 4 साल के बाद अब यहां पेलिकन्स की संख्या तकरीबन 300 से अधिक है। इसके अतिरिक्त पलासल और स्टेपी गल को मिलाकर इनकी संख्या करीब 500 से अधिक बताई जा रही है। बर्ड एक्सपर्ट गोविन्द यादव ने बताया कि 4 साल बाद इस बार यहां पेलिकंस की अच्छी खासी तादाद देखने को मिल रही है। पिछले सालों के दौरान माइग्रेशन रूट पर इन्हें भोजन और पानी अच्छा मिला था। तो वे बीच में ही रुक गई, लेकिन इस बार ऐसा ना होने के कारण मानसागर और विभिन्न जलाशयों पर इनकी अच्छी संख्या देखने को मिल रही है। इस बार 19 से 20 फरवरी तक होने वाले 25वें इंडियन बर्डिंग फेयर में स्कूली बच्चों के साथ-साथ आम लोगों को भी इसमें हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। बच्चों के लिए क्विज प्रतियोगिताओं के साथ ही विभिन्न सेशन होंगे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Feb 2022 16:40:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर की सबसे सर्द रात : सर्दी का कहर : छह जिलों में पारा माइनस</title>
                                    <description><![CDATA[नक्की झील पर जमी बर्फ, शून्य से नीचे पारा रहने से खेतों में गिरा पाला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4---%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%B0---%E0%A4%9B%E0%A4%B9-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A4%B8/article-3355"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/sardi_pala-jama.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। पहाड़ों से आ रही सर्द हवा ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के छह जिलों में तापमान माइनस में दर्ज किया गया, जिससे खेतों में सिंचाई के लिए लगे पाइप से पानी के साथ बर्फ के टुकड़े निकले। माउण्ट आबू में रात का तापमान माइनस एक डिग्री दर्ज होने से नक्की झील पर बर्फ की परत जम गई। बीती रात प्रदेश में सबसे कम रात का तापमान फतेहपुर शेखावाटी में माइनस 5.2 डिग्री दर्ज हुआ। चूरू में रात का तापमान माइनस 2.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो दिसम्बर माह में 12 साल में सबसे कम रहा। इससे पूर्व चूरू में दिसम्बर माह में सबसे कम न्यूनतम तापमान 28 दिसम्बर, 1973 को 4.6 डिग्री दर्ज किया गया था। प्रदेश के अधिकांश जिलों में रात का तापमान पांच डिग्री से नीचे बना हुआ है। हालांकि रविवार को सूर्य देवता के दिनभर दर्शन हुए, लेकिन सूर्य के ताप के बेअसर होने से लोगों को शीतलहर से राहत नहीं मिली। लोग दिन में भी अलाव तापते नजर आए और शाम ढलने के साथ ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया। </p>
<p> <br /><strong>बिछ गई बर्फ की चादर</strong><br />प्रदेश के छह जिलों में तापमान के माइनस होने से सुबह के समय खेतों में बर्फ की चादर बिछी नजर आई। चूरू में रात का तापमान माइनस 2.6, सीकर माइनस 2.5, सीकर के फतेहपुर शेखावाटी माइनस 5.2, चित्तौड़गढ़ माइनस 0.2, करौली माइनस 0.6, माउण्ट आबू माइनस 1, जयपुर के जोबनेर में माइनस 5 और किशनगढ़ रेनवाल में माइनस 4 डिग्री रात का तापमान दर्ज हुआ। फतेहपुर शेखावाटी के मौसम केन्द्र के अनुसार रात का तापमान माइनस 5.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि मौसम केन्द्र, जयपुर के अनुसार फतेहपुर शेखावाटी का रात का तापमान 4.7 डिग्री दर्ज हुआ।<br /><br /><strong>जयपुर में रात का तापमान 4.5 डिग्री</strong><br />जयपुर में इस सीजन का अब तक का सबसे कम रात का तापमान 4.5 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि दिन का तापमान 22.5 डिग्री दर्ज हुआ। तेज सर्दी के चलते लोग दिनभर गर्म कपड़ों से लदे नजर आए। रविवार को अवकाश और पौष माह का आगाज होने के कारण लोगों ने पकौड़ी, पुड़ी बनाकर सर्द मौसम का लुत्फ उठाया। शहर में शाम होने के साथ ही देर रात तक लोगों से भरे रहने वाले बाजार सूने नजर आए। <br /><strong><br />यहां तापमान पांच डिग्री से नीचे</strong><br />प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सर्दी का सितम जारी है। अजमेर में रात का तापमान 3.1, बाड़मेर 8.3, बीकानेर 5.0, जयपुर 4.5, जैलसमेर 7.0, जोधपुर 6.0, कोटा 5.0, श्रीगंगानगर 3.5, उदयपुर 2.6, भीलवाड़ा 0.0, टोंक 1.5, अलवर 0.4, पिलानी 0.1, फलौदी 8.4, सवाई माधोपुर 4.2, धौलपुर 5.5 डिग्री रात का तापमान दर्ज हुआ। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>फतेहपुर शेखावाटी<br />माइनस 5.2॰<br />जोबनेर<br />माइनस 5॰<br />किशनगढ़ रेनवाल<br />माइनस 4॰<br />चूरू<br />माइनस 2.6॰<br />सीकर<br />माइनस 2.5॰<br />माउण्ट आबू<br />माइनस 1॰<br />चित्तौड़गढ़ <br />माइनस 0.2॰<br />करौली <br />माइनस 0.6॰</strong></span></span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>सीकर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Dec 2021 11:00:10 +0530</pubDate>
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                <title>कांगो में किवु झील में नाव पलटी, 10 लोगों की मौत, 50 लापता</title>
                                    <description><![CDATA[एक मोटरचालित नाव स्थानीय बाजार की ओर जाते समय झील में पलट गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A5%81-%E0%A4%9D%E0%A5%80%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%AA%E0%A4%B2%E0%A4%9F%E0%A5%80--10-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4--50-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE/article-2295"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/kango-nav-palti.jpg" alt=""></a><br /><p>किंशासा। मध्य अफ्रीकी देश कांगो के पूर्वी हिस्से में किवु झील में नाव पलटने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और 50 अन्य लापता हैं। ओकापी रेडियो ब्रॉडकास्टर ने क्षेत्रीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि एक मोटरचालित नाव स्थानीय बाजार की ओर जाते समय झील में पलट गई। उल्लेखनिय है कि नाव पर 120 लोग सवार थे और बहुत भारी सामान भी लदा हुआ था। आशंका जतायी जा रही है कि क्षमता से अधिक भार लदे होने के कारण यह हादसा हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Nov 2021 10:54:11 +0530</pubDate>
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