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                <title>Karnataka Assembly Session Minister Oath - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कर्नाटक कांग्रेस में मंत्री बनने की होड़: 20 सीटों पर 60 दावेदार, दिल्ली बैठक में नए मंत्रियों के नामों पर लग सकती है मुहर</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक कांग्रेस में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। लगभग 20 रिक्त मंत्री पदों के लिए 60 से अधिक विधायक दावेदारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और डी.के. शिवकुमार के बीच शक्ति संतुलन तथा जातीय-क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए नई दिल्ली में हाईकमान अंतिम निर्णय लेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/competition-to-become-minister-in-karnataka-congress-60-contenders-for/article-161030"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/karnaraka.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक में बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार पर अंतिम फैसला लेने के लिए कांग्रेस आलाकमान पूरी तरह तैयार है और लगभग 20 मंत्री पदों के लिए कांग्रेस के 60 से अधिक विधायक होड़ में हैं। इस राजनीतिक रस्साकशी में मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया अपने-अपने पसंदीदा विधायकों का समर्थन कर रहे हैं, जो पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन को नया रूप दे सकता है। नयी दिल्ली में मंगलवार को होने वाली एक बैठक में कांग्रेस नेतृत्व नए मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दे सकता है। इस बैठक में शिवकुमार और सिद्दारमैया, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के सामने अपने-अपने दावेदारों के नाम रख सकते हैं।</p>
<p>मंत्रिमंडल का यह विस्तार पार्टी के लिए एक बेहद नाजुक संतुलन साधने की जद्दोजहद बन गया है। पार्टी नेतृत्व क्षेत्रीय, जातीय और पीढ़ीगत प्रतिनिधित्व को बनाए रखते हुए दो मुख्य गुटों के दावों को संभालने की कोशिश कर रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सबसे बड़ी चुनौती वरिष्ठ विधायकों को नाराज किए बिना नए चेहरों को शामिल करने की है, जो सरकार बनने के बाद से ही मंत्री पद का इंतजार कर रहे हैं।<br />समझा जाता है कि राहुल गांधी युवा विधायकों और पहली बार के विधायकों को अधिक मौका देने के पक्ष में हैं, जो नया नेतृत्व तैयार करने की पार्टी की व्यापक रणनीति को दर्शाता है। यह भी उम्मीद है कि विस्तारित मंत्रिमंडल में महिलाओं को पर्याप्त स्थान दिया जाएगा, जिसमें कम से कम दो महिला विधायकों को जगह मिल सकती है।</p>
<p>अंतिम चयन में जातीय समीकरण भी निर्णायक भूमिका निभाएंगे। आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी अपने सामाजिक आधार को मजबूत बनाए रखने के लिए लिंगायत, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और वोक्कालिगा समुदाय को साधने पर विचार कर रही है। प्रभावशाली समुदायों और वरिष्ठ नेताओं को साधने के लिए अतिरिक्त उपमुख्यमंत्री पद की अटकलों ने भी जोर पकड़ लिया है। राजनीतिक गलियारों में सतीश जारकीहोली, एम. बी. पाटिल और बी. के. हरिप्रसाद जैसे नामों की चर्चा है, लेकिन पार्टी ने अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।</p>
<p>मंत्रिमंडल विस्तार के इस घटनाक्रम के बीच श्री शिवकुमार की नयी दिल्ली में कर्नाटक के सांसदों के साथ बैठक का भी राजनीतिक महत्व बढ़ गया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर यह बैठक महादायी और कलासा-बंदूरी जैसी रुकी हुई केंद्रीय परियोजनाओं पर चर्चा के लिए बुलाई गई है, लेकिन इसके समय को देखते हुए माना जा रहा है कि इसमें मंत्रिमंडल विस्तार पर भी विचार-विमर्श हो सकता है। यदि आलाकमान नामों को मंजूरी दे देता है, तो अगस्त के पहले हफ्ते में शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से पहले बुधवार को नए मंत्री शपथ ले सकते हैं। इस विस्तार पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे कर्नाटक कांग्रेस के भीतर सत्ता के संतुलन और गुटबाजी से निपटने की आलाकमान की रणनीति का साफ संकेत मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 18:02:57 +0530</pubDate>
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