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                <title>contribution - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि: सोनिया, खरगे, राहुल और प्रियंका ने दी श्रद्वाजंलि, खड़गे ने कहा- देश को 21वीं सदी की ओर अग्रसर करने की रखी मजबूत नींव </title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने 'वीर भूमि' जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। खड़गे ने उन्हें 21वीं सदी के आधुनिक भारत का निर्माता बताया, वहीं राहुल गांधी ने उनके कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत के सपने को साकार करने का संकल्प दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sonia-kharge-rahul-priyanka-paid-tribute-to-rajiv-gandhi-on/article-154516"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rajiv-gandhi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर गुरुवार को यहाँ उनके समाधि स्थल वीर भूमि जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वीर भूमि पर इस दौरान राजीव गांधी की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने भारत के निर्माण के लिए राजीव गांधी के एक उद्दरण को सोशल मीडिया एक्स पर पेश करते हुए लिखा, 'भारत एक प्राचीन देश है, लेकिन एक युवा राष्ट्र है। मैं ऐसे भारत का सपना देखता हूं—मजबूत, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और विश्व के अग्रणी देशों की पंक्ति में खड़ा, जो मानवता की सेवा करे।' खरगे ने कहा "भारत रत्न राजीव गांधी ने दूरदृष्टि, साहस और भारत के भविष्य में गहरी आस्था के साथ देश को 21वीं सदी की ओर अग्रसर करने की मजबूत नींव रखी। उनके कार्यकाल में मतदान की आयु 18 वर्ष करना, पंचायती राज के माध्यम से स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाना, दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति की शुरुआत, कंप्यूटरीकरण को बढ़ावा, महत्वपूर्ण शांति समझौते, सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम तथा समावेशी शिक्षा नीति जैसी कई परिवर्तनकारी पहलें की गईं। उनकी विरासत आज भी आधुनिक भारत को दिशा दे रही है और नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।"</p>
<p>राहुल गांधी ने भी एक पोस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए लिखा "पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा। आपकी सीख, आपके संस्कार और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 11:58:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में वैश्य समाज का महत्वपूर्ण योगदान : राज्यपाल ने दीपावली सजावट में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को किया सम्मानित, बागड़े ने परोपकार के कार्यों में निरंतर सहयोग करने का किया आह्वान </title>
                                    <description><![CDATA[उसी तरह की रोशनी, सजावट और उत्साह जयपुर में मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष एनके गुप्ता, महामंत्री गोपाल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में समाजबन्धु उपस्थित थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/important-contribution-of-vaishya-community-in-the-economy-of-the/article-131213"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/6622-copy9.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा है कि राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में वैश्य समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। वे शनिवार को अन्तरराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन की ओर से आयोजित दीपावली स्नेह मिलन समारोह को महावीर स्कूल में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने व्यावसायिक संस्थानों को सार्वजनिक सरोकार रखते हुए परोपकार के कार्यों में भी निरंतर सहयोग करने का आह्वान किया। राज्यपाल बागडे ने स्वदेशी उत्पादों को उपयोग में लेने, आत्म निर्भर भारत के लिए काम करने पर जोर दिया।  उन्होंने दीपावली को उजाले का पर्व बताते हुए कहा कि घर, परिवार और समाज में उमंग और उत्साह के लिए सब मिलकर कार्य करना चाहिए। इस मौके पर दीपावली की सजावट में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिष्ठानों को सम्मानित किया गया। फेडरेशन के राज्य प्रभारी धु्रवदास अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी जयपुर में सजावट करोड़ोें रुपए खर्च करके करता है, देश और दुनिया के अनेक पर्यटक दीपावली देखने के लिए एक सप्ताह पहल यहां आ जाते हैं। पूरा शहर में रोशनी में नहा जाता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान राम के 14 वर्ष का वनवास काट कर आने पर अयोध्या में स्वागत हुआ था, उसी तरह की रोशनी, सजावट और उत्साह जयपुर में मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष एनके गुप्ता, महामंत्री गोपाल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में समाजबन्धु उपस्थित थे। </p>
<p><strong>ये रहे विजेता</strong><br />जयपुर पश्चिम में मॉल श्रेणी में: सर्वश्रेष्ठ  गणपति प्लाजा और एमआई रोड, श्रेष्ठ में टाइम स्क्वायर मॉल और विद्याधर नगर, उत्तम श्रेणी में ट्रिटॉन मॉल झोटवाड़ा पुलिया रहे। इसी प्रकार मुख्य बाजार श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ में एमआई रोड व्यापार मंडल, श्रेष्ठ श्रेणी में सीकर रोड व्यापार महासंघ, उत्तम श्रेणी में चित्रकूट मार्ग व्यापार मंडल रहे। प्रतिष्ठान श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ नन्द किशोर मेघराज ज्वेलर्स एमआई रोड श्रेष्ठ में जेकेजे ज्वेलर्स अम्बाबाड़ी तथा उत्तम में कल्याण ज्वेलर्स वैशाली नगर रहा। इसी प्रकार जयपुर पूर्व में मॉल श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ  पिंक स्क्वायर मॉल, गोविन्द मार्ग, श्रेष्ठ होरीजन टॉवर ज्वेल्स आॅफ इंडिया जेएलएन मार्ग और उत्तम में गौरव टॉवर मालवीय नगर रहा। मुख्य बाजार श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ राजा पार्क व्यापार मंडल, श्रेष्ठ में सदभावना व्यापार मंडल मध्यम मार्ग तथा उत्तम में महेश नगर व्यापार मंडल रहा। प्रतिष्ठान श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ सिटी वाइव्स टोंक रोड, श्रेष्ठ में मोतीसन्स ज्वेलर्सए टोंक रोड तथा उत्तम में सूर्यवंशी ज्वेलर्स टोंक रोड रहा। </p>
<p><strong>जयपुर परकोटा क्षेत्र में</strong><br />गेट श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ चांदपोल बाजार व्यापार मंडल तथा मुख्य बाजार श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ जौहरी बाजार व्यापार मंडल एवं श्रेष्ठ में बापू बाजार व्यापार मंडल और उत्तम में त्रिपोलिया बाजार व्यापार मंडल रहा। मुख्य रास्ते परकोटा क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ में हल्दियों का रास्ता व्यापार मंडल तथा श्रेष्ठ में गणगोरी बाजार व्यापार मंडल द्वितीय और उत्तम में ब्रह्मपुरी बाजार व्यापार मंडल रहा। प्रशंसनीय पुरस्कार में गणगौरी बाजार व्यापार मंडल, मंगोड़ी वालों की बगीची व्यापार मंडल तथा खजाने वालों का रास्ता व्यापार मंडल रहा। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Nov 2025 10:02:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>परिवार में गृहिणियों के योगदान को मान्यता देने की वकालत : विधायिका की ओर से उचित कदम उठाने की आवश्यकता, हाईकोर्ट ने कहा : मालिकाना अधिकारों का फैसला लेने में मदद मिलेगी</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में परिवारों में गृहिणियों को योगदान को मान्यता देने की वकालत की है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/advocating-to-recognize-the-contribution-of-housewives-in-the-family/article-126813"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/court-hammer05.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में परिवारों में गृहिणियों को योगदान को मान्यता देने की वकालत की है। जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अब समय आ गया है कि गृहिणियों की भूमिका को संपत्ति के स्वामित्व संबंधी अधिकारों के संदर्भ में मान्यता दी जाए। कोर्ट ने कहा कि घर बनाने से लेकर उसे चलाने में गृहिणियों का अहम योगदान होता है। घर, परिवार और बच्चों की देखभाल में गृहिणियों के योगदान को देखते हुए उनके मालिकाना अधिकारों का फैसला लेने में मदद मिलेगी और ऐसे योगदानों का मूल्य तय किया जा सकेगा। इसके लिए विधायिका की ओर से उचित कदम उठाने की जरुरत है।</p>
<p><strong>महिला ने फैमिली कोर्ट के आदेश को दी थी चुनौती</strong><br />दरअसल एक महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसने उसके दीवानी याचिका को खारिज कर दिया था। महिला ने हाईकोर्ट से मांग की थी कि वो ये घोषित करे कि विवादित संपत्ति में उसका भी समान और वैध अधिकार होगा। महिला ने मांग की थी कि उसे भी संपत्ति में कब्जे के साथ ही आधे का मालिक घोषित किया जाए। महिला की ओर से कहा गया था कि उसे उसके हिस्से को वंचित करना अन्याय होगा क्योंकि उसने परिवार की देखभाल के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ दी थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने साफ किया कि ससुराल में पत्नी का रहना मात्र, अपने आप में उसे पति के नाम पर मौजूदा संपत्तियों पर मालिक होने का अपराजेय अधिकार प्रदान नहीं कर सकता है। इसके लिए ठोस साक्ष्य और घरेलू योगदान को स्थापित करना जरुरी है। </p>
<p><strong> महिलाओं की छोटी बचत, बड़ी सहायता</strong><br />हाईकोर्ट ने साफ किया कि किसी को भी यह नहीं भूलना चाहिए कि इस देश में बहुत से परिवारों में खासकर उन परिवारों में जहां घरेलू सहायक आदि के रूप में कोई मदद नहीं है। ऐसे घरों में पूर्णकालिक गृहिणियों की मौजूदगी परिवार को उन खर्चों से बचाती हैं जो घर और परिवार को रखरखाव के लिए उठाने पड़ते हैं। इस बचत के जरिए परिवारों को घर संपत्ति खरीदने जैसी सुविधा मिलती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Sep 2025 12:34:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हमारे जीवन में पिता का योगदान और महत्व </title>
                                    <description><![CDATA[पिता हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। फादर्स डे पिता का सम्मान करने का दिन है। एक पिता का रिश्ता बहुत ही गहरा होता है और यह दिन इस रिश्ते को और मजबूत करता है। फादर्स डे हमें पिता के प्रति अपने प्यार, प्रशंसा कृतज्ञता को व्यक्त करने का अवसर देता है। यह दिन दुनिया भर में पिता के बलिदानों की सराहना करता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/father-s-contribution-and-importance-in-our-life/article-12546"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/k-2.jpg" alt=""></a><br /><p>पिता हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। फादर्स डे पिता का सम्मान करने का दिन है। एक पिता का रिश्ता बहुत ही गहरा होता है और यह दिन इस रिश्ते को और मजबूत करता है। फादर्स डे हमें पिता के प्रति अपने प्यार, प्रशंसा कृतज्ञता को व्यक्त करने का अवसर देता है। यह दिन दुनिया भर में पिता के बलिदानों की सराहना करता है। हालांकि हर रोज उनके लिए खास माना जाता है ,लेकिन यह दिन उनके लिए की गई सारी मेहनत को संजोने के लिए बहुत खास है। यह दिन उस प्यार को मनाता है जो एक व्यक्ति अपने पिता के प्रति महसूस करता है। पिता का महत्व शब्दों से परे है क्योंकि पिता वह व्यक्ति है जो अपने बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अथक प्रयास करता है ।</p>
<p>ऐसे सभी पिताओं की भावना का सम्मान करने के लिए हर साल फादर्स डे के रूप में एक विशेष दिन मनाया जाता है ताकि समाज में पिताओं के प्रयासों और योगदान को याद किया जा सके।  यह दिन हमें अपने पिता को उनके सभी बिना शर्त प्यार, स्रेह, योगदान और बलिदानों के लिए धन्यवाद व्यक्त करने का अवसर देता है। हमें अपने पिता को सम्मान देने और धन्यवाद कहने का बहुत बड़ा मौका देता है फादर्स डे, इसलिए इस दिन हर बच्चे को पूरे मन से अपने पिता के प्रति अपना प्यार का इजहार और अपने पिता के लिए अपनी कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए। फादर्स डे का मुख्य उद्देश्य पिता का सम्मान और उनके योगदान को याद कराना हैं।</p>
<p><strong><span style="color:#99cc00;">पहले गुरु</span>:</strong> माता-पिता इंसान  के पहले गुरु या शिक्षक होते हैं जहां माता अपने बच्चों को मान मर्यादा सिखाती हैं। वही पिता अपने बच्चों को बाहरी दुनिया से अवगत कराता है और उन्हें बाहरी संसार में कैसे जीना है, किसी व्यक्ति की पहचान करना और करियर से जुड़ी कई अन्य चीजों के बारे में उन्हें बताते हैं।</p>
<p><strong><span style="color:#99cc00;">पिता का प्यार</span>:</strong> एक पिता अपने बच्चे के लिए और उसके उज्जवल भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करता है वह खुद अपनी इच्छाओं का त्याग कर अपने बच्चों की इच्छाओं की पूर्ति करने के बारे में सोचता है।</p>
<p><br /><strong><span style="color:#99cc00;">पिता की डांट</span> :</strong> पिता की डांट के पीछे छुपी आपकी भलाई और आपके प्रति उनका प्यार शायद ही आपको दिखाई देता है परंतु पिता अपने बच्चों को इसलिए डांटता है ताकि वे किसी गलत रास्ते ना निकल जाए जिससे उसके भविष्य को सवारने में दिक्कतें आए। पिता की डांट में आपको वह प्यार और चिंता भी दिखनी चाहिए जो वे आपके लिए करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/father-s-contribution-and-importance-in-our-life/article-12546</link>
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                <pubDate>Sat, 18 Jun 2022 16:17:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>सेना को हर तरह की चुनौती से निपटने के लिए तैयार रखना होगी प्राथमिकता : पांडे </title>
                                    <description><![CDATA[नवनियुक्त सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि बदलती स्थितियों में सेना को मौजूदा तथा भविष्य की हर तरह की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/-army-making-contribution-in-building--says-manoj/article-8972"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/6544654645.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नवनियुक्त सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि बदलती स्थितियों में सेना को मौजूदा तथा भविष्य की हर तरह की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। देश के 29वें सेना प्रमुख का कार्यभार संभालने वाले जनरल पांडे को यहां साउथ ब्लॉक में गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया गया। इस मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी भी मौजूद थे। निवर्तमान सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के सेवानिवृत्त होने के बाद जनरल पांडे ने नए सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला है। पांडे ने कहा कि मौजूदा समसामयिक और भविष्य की सभी तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए सेना को उच्च स्तर पर पूरी तरह तैयार रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। यूक्रेन-रूस युद्ध की ओर संकेत करते हुए उन्होंने कहा कि भू राजनीतिक स्थिति बहुत तेजी से बदल रही है और हमारे सामने कई चुनौतियां हैं। यह सेना का कर्तव्य है कि वह अन्य दोनों सेनाओं के साथ मिलकर किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि उनके पूर्ववर्ती अधिकारियों ने जो कार्य शुरू किए थे( उन्हें आगे बढ़ाया जाये।</p>
<p>पांडे ने कहा कि वह सैन्य सुधारों, पुनर्गठन और सेना की संचालन तथा कार्य दक्षता को बढ़ाने पर विशेष रूप से ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि सेना की क्षमता बढ़ाने तथा आधुनिकीकरण की दिशा में उनकी कोशिश स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भरता के माध्यम से सेना को नई प्रौद्योगिकी से लैस करने की होगी। भारतीय सेना का देश की सुरक्षा और अखंडता को बनाए रखने का इतिहास है। इसके साथ ही सेना राष्ट्र निर्माण में भी बड़ा योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं के बीच सहयोग तथा तालमेल बढ़ाकर एकीकरण की दिशा में काम करना भी उनका उद्देश्य है। पांडे ने कहा कि वह नौसेना तथा वायु सेना के प्रमुखों से भलीभांति परिचित है और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल की यह एक अच्छी शुरुआत होगी। आश्वस्त किया कि तीनों सेनाएं मिलकर राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में दृढ़ता से काम करेगी। तीनों सेनाओं के प्रमुख राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एनडीए के 61वें कोर्स में एक साथ रहे है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 May 2022 16:51:45 +0530</pubDate>
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                <title>दीनबंधु चौधरी को पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट रत्न पुरस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[डी. आर. मेहता, पंडित विश्वमोहन भट्ट,श्याम सुन्दर पालीवाल, गुलाबो सपेरा, शाकिर अली और तिलक गिताई को भी वर्ष 2021 के लिए "क्रेडेंट रत्न" पुरस्कार दिया गया  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%81-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%89%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7-2021-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%9F-%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-4212"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/whatsapp-image-2022-01-28-at-14.16.07.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ऑनलाइन आयोजित हुए 5 दिवसीय शिक्षा के महाकुम्भ "जयपुर एजुकेशन समिट" में वर्ष 2021 के लिए क्रेडेंट पुरस्कारों की घोषणा की गयी।  मनस्विता समूह द्वारा कला, साहित्य, विज्ञान, शिक्षा, कृषि, संगीत, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र दिए गए विशिष्ठ योगदान के लिए देश और विदेश में रहने वाले भारतीयों को यह पुरस्कार प्रदान किये गए। इस अवसर पर जयपुर एजुकेशन समिट के फाउंडर डायरेक्टर सुनील नारनोलिया ने बताया कि पद्मभूषण डी. आर. मेहता को समाज सेवा के क्षेत्र में, पद्मभूषण पंडित विश्वमोहन भट्ट को संगीत को संगीत के क्षेत्र में, दैनिक नवज्योति के संपादक दीनबंधु चौधरी को पत्रकारिता के क्षेत्र में, पद्मश्री श्याम सुन्दर पालीवाल को पिपलांत्री मॉडल के लिए पर्यावरण के क्षेत्र में, पद्मश्री गुलाबो सपेरा को लोकनृत्य के क्षेत्र में, पद्मश्री शाकिर अली और पद्म श्री तिलक गिताई को चित्रकला के क्षेत्र में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान में लिए वर्ष 2021 के लिए "क्रेडेंट रत्न" पुरस्कार दिया गया है। <br /><br />प्रख्यात साहित्यकार ममता कालिया, चित्रा मुद्गल, लंदन निवासी तेजेन्द्र शर्मा और राजस्थान दूरदर्शन के पूर्व निदेशक, वरिष्ठ साहित्यकार नन्द भारद्वाज को साहित्य के क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया। प्रख्यात आलोचक डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल को साहित्य आलोचना, टीवी एक्टर शैलेश लोढ़ा को साहित्यिक गतिविधियों, व्यंगकार फारूक आफरीदी को व्यंग्य और गगनांचल के संपादक डॉ आशीष कंधवे को कविता और संपादन के के क्षेत्र में दिए गए योगदान के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया। <br /><br />कृषि थिंक टैंक महाराणा प्रताप कृषि और तकनिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर  के कुलपति डॉ नरेंद्र सिंह राठौड़, प्रख्यात गाँधीवादी विचारक और वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा के पूर्व कुलपति प्रो. नरेश दाधीच, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार बिसेन, जन संचार केंद्र, राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व हेड प्रो. संजीव भानावत, राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) विष्णु शर्मा और मोटिवेशनल स्पीकर और 4 PSU's के  MD रहे पी. एम. भारद्वाज को शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया। डॉ अखिल शुक्ला और नार्वे निवासी शरद शुक्ल "आलोक" को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया। <br /><br />कृषि के क्षेत्र में पद्मश्री जगदीश प्रसाद पारीक को सब्जी नवाचार,  धर्मवीर कम्बोज को कृषि यंत्र खोज, ईश्वर सिंह कुंडू को जैविक कृषि नवाचार,  संतोष खेदड़ को फल नवाचार और संतोष पचार को कृषि नवाचार क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया।  पद्मश्री सुंडा राम वर्मा को जल संरक्षण के क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया। <br /><br />जैव चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय, अजमेर के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) कृष्ण कुमार शर्मा को, मानवधिकारों के क्षेत्र में प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्त्ता भंवर मेघवंशी को, कथक के क्षेत्र में सिंगापुर निवासी पंडित चरण गिरधर चाँद को, मनोविज्ञान के क्षेत्र में प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉ. शिवगौतम को, चिकित्सकीय सेवाओं के क्षेत्र में IMA के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस.एस. अग्रवाल को वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया। कृषि पत्रकारिता के क्षेत्र में डॉ. महेंद्र मधुप को, कला समीक्षा के क्षेत्र में सर्वेश भट्ट को, डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में प्रकाश मिश्रा को, प्रकृति फोटोग्राफी  के क्षेत्र में महेश स्वामी को, समाज सेवा के क्षेत्र में कुंवर दिनेश सिंह मेड़ता को और किशोरी बालिका और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उषा कोटिया को उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Jan 2022 14:59:08 +0530</pubDate>
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                <title>मॉडर्ना की वैक्सीन बनाने में भारतीय मूल के वैज्ञानिक का अहम योगदान</title>
                                    <description><![CDATA[कंपनी ने मेतकर को ‘फर्स्ट नेम्ड इनवेंटर’ बताया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AE%E0%A5%89%E0%A4%A1%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%B9%E0%A4%AE-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-2308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/12.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली</strong>। दुनिया भर में कोरोना वायरस से बचाव के लिए दवा कंपनियां वैक्सीन बना रही हैं। इनमें मॉडर्ना कंपनी भी शामिल है। उसकी बनाई वैक्सीन भी लोगों को लगाई जा रही है। मॉडर्ना इस वैक्सीन को बनाने में भारतीय मूल के वैज्ञानिक का भी अहम योगदान है। इनका नाम मिहिर मेतकर है। आरएनए तकनीक का उपयोग करके कोरोना वायरस वैक्सीन के लिए अपने पेटेंट के लिए दिए आवेदन में कंपनी ने पुणे से पढ़ाई कर चुके बायोइंफॉर्मेटिक मिहिर मेतकर को ‘फर्स्ट नेम्ड इनवेंटर’ के रूप में बताया गया है।  ‘फर्स्ट नेम्ड इनवेंटर’ को प्राथमिक योगदान देने के रूप में जाना जाता है। मिहिर मेतकर को मॉडर्ना की ओर से अमेरिकी पेटेंट ऑफिस में दिए गए दो अन्य आवेदनों में भी नामित किया गया है। मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन नए तरीके की है जो मैसेंजर आरएनए (एमआरएनए) का उपयोग करती है। यही मैसेंजर आरएनए शरीर को कोविड-19 वायरस के जैसे ही प्रोटीन बनाने के लिए प्रेरित करता है ताकि शरीर का इम्यून सिस्टम बेहतर हो और कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बन सकें। पारंपरिक वैक्सीन में या तो मृत वायरस या उनके कुछ हिस्सों या एक अलग वायरस के जीन के संशोधित रूप का उपयोग किया जाता है।<br /> <br /> <strong>अमेरिकी दावे के खिलाफ</strong><br /> ‘फर्स्ट नेम्ड इनवेंटर’ के रूप में मिहिर मेतकर का नाम मॉडर्ना द्वारा अमेरिकी सरकार के राष्टÑीय स्वास्थ्य संस्थान (एनआईएच) के इस उस दावे के खिलाफ दायर किए गए दस्तावेज में है, जिसमें उसने कहा है कि उसके वैज्ञानिकों को टीके के आविष्कारक के रूप में भी श्रेय दिया जाना चाहिए। जिसे इसके सहयोग से विकसित किया गया था और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा अभियान के तहत वैक्सीन का तुरंत उत्पादन करने के लिए 1.53 अरब डॉलर की राशि उपलब्ध कराई गई थी। पेटेंट के लिए मूल आवेदन में उनके बाद व्लादिमीर प्रेस्रायक और गिलाउम स्टीवर्ट-जोन्स का नाम है।</p>
<p><strong><br /> मेतकर ने पुणे से की मास्टर्स डिग्री</strong><br />  मेतकर ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ बायोइंफॉमेटिक्स एंड बायोटेक्नोलॉजी से मास्टर्स किया है। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक वह अमेरिका जाने से पहले पुणे में भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान में एक परियोजना सहायक के रूप में काम कर चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 12 Nov 2021 13:26:25 +0530</pubDate>
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