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                <title>Persian Gulf Maritime Diplomacy Oman Moderation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Persian Gulf Maritime Diplomacy Oman Moderation RSS Feed</description>
                
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                <title>होर्मुज में स्थिति अपरिवर्तित, संप्रभुता की रक्षा हमारी पहली प्राथमिकता: ईरान</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन सुरक्षा के मुद्दे पर ओमान के साथ बातचीत जारी है, लेकिन देश की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा उसकी पहली प्राथमिकता है। तेहरान ने अमेरिका पर सैन्य आक्रामकता के जरिए कूटनीतिक माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए सीधी वार्ता से इनकार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/situation-in-hormuz-unchanged-protecting-sovereignty-our-first-priority-iran/article-161142"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/hormuz1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने सोमवार को कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है और इस समुद्री मार्ग के प्रबंधन को लेकर ओमान के साथ सकारात्मक बातचीत जारी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान की तत्काल प्राथमिकता बातचीत के बजाय अपनी संप्रभुता की रक्षा करना है, उन्होंने हालांकि यह भी स्वीकार किया कि ईरान मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान जारी रखे हुए है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत के लिए फिलहाल स्थितियां मौजूद नहीं हैं।</p>
<p>बघाई ने ऑस्ट्रिया के ओआरएफ टेलीविजन के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "हम संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं, लेकिन हमारी प्राथमिकता अब ईरान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अपने लोगों की रक्षा करना है।" प्रवक्ता ने अमेरिका पर अपनी सैन्य कार्रवाइयों के माध्यम से कूटनीति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका ने बातचीत के लिए आवश्यक स्थितियों को बिगाड़ दिया है और ईरान के साथ पिछले समझौते का सम्मान करने में विफल रहा है।</p>
<p>बघाई ने हालिया अमेरिकी हमलों को ईरान के खिलाफ एक ‘अवैध युद्ध’ का हिस्सा बताया और कहा कि अमेरिका की कार्रवाइयों ने नये सिरे से बातचीत की संभावनाओं को कमजोर कर दिया है।होर्मुज पर श्री बघाई ने कहा कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय नौवहन की सुरक्षा बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी निभायी है, लेकिन वह इस जलमार्ग को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरों के मंच के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाइयों ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाने और सुरक्षा स्थितियों को अस्थिर करने में योगदान दिया है।</p>
<p>प्रवक्ता ने 2015 के परमाणु समझौते को लेकर यूरोपीय देशों की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका के समझौते से बाहर होने के बाद उन्होंने भी अपने वादे पूरे नहीं किये। उन्होंने कहा कि समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभाने के कारण यूरोपीय देश ईरान के प्रति जवाबदेह हैं।ईरान और अमेरिका के बीच तनाव हाल के हफ्तों में बढ़ गया, अमेरिका ने 13 रातों तक ईरान पर हमले किए और ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत सहित क्षेत्र के हिस्सों में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की।</p>
<p>ईरान के साथ युद्ध के दौरान शुरू में अमेरिका का लक्ष्य वहां की सरकार बदलना था। बाद में उसका ध्यान केवल ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी सैन्य ताकत को कमजोर करने पर आ गया। लेकिन पांच महीने बाद यह संघर्ष हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की लड़ाई बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ जुलाई को कहा कि ईरान के साथ हुआ समझौता ज्ञापन अब खत्म हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने इस समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया। उनका यह बयान हॉर्मुज़ में तीन तेल टैंकरों पर हुए हमलों और वहां जहाजों की आवाजाही के नियमों को लेकर फिर से शुरू हुए विवाद के बाद आया।</p>
<p>अमेरिका चाहता है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से सभी जहाज बिना किसी रोक-टोक के गुजर सकें। वहीं, ईरान का कहना है कि जहाजों को उसके तट के पास तय किये गये समुद्री मार्ग से ही गुजरना चाहिए और उनकी आवाजाही ईरानी अधिकारियों की निगरानी में होनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 18:32:08 +0530</pubDate>
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