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                <title>prisoners - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>prisoners RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ट्रंप का बड़ा फैसला : 1,000 कैदियों के अदला-बदली की घोषणा,  रूस-यूक्रेन के बीच 3 दिवसीय युद्धविराम</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'विजय दिवस' पर रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिवसीय युद्धविराम और 1,000 कैदियों की अदला-बदली की ऐतिहासिक घोषणा की। 9 से 11 मई तक प्रभावी इस समझौते का पुतिन और ज़ेलेंस्की दोनों ने समर्थन किया है। यह कदम चार साल से जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-decision-of-trump-government-3-day-ceasefire-between-russia-and/article-153217"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोहों दौरान रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन के युद्धविराम और 1,000 कैदियों की अदला-बदली की घोषणा की है। यह समारोह द्वितीय विश्व युद्ध में नाज़ी जर्मनी पर सोवियत संघ की विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से न केवल सैन्य अभियान रुकेंगे बल्कि युद्ध शुरू होने के बाद से कैदियों की सबसे बड़ी अदला-बदली भी होगी। रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि रूस ने यूक्रेन के साथ नौ से 11 मई तक युद्धविराम करने और इस अवधि के दौरान यूक्रेन के साथ "हजार के बदले हजार" कैदियों की अदला-बदली करने की श्री ट्रम्प की पहल पर सहमति व्यक्त की है।</p>
<p>यह अस्थायी युद्धविराम नौ मई से 11 मई तक रहेगा और यह चार साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में जारी राजनयिक प्रयासों के बीच हुआ है। ट्रंप की घोषणा के कुछ ही समय बाद, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पुष्टि किया कि यूक्रेन युद्धविराम में शामिल होगा। रूसी सरकारी मीडिया ने भी कहा कि रूस ने प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की है। ज़ेलेंस्की ने एक्स पर पुष्टि किया कि युद्धविराम की व्यवस्था अमेरिका के नेतृत्व में युद्ध को समाप्त करने के लिए किए जा रहे वार्ता प्रयासों के अंतर्गत की गई है जो अब चार साल से अधिक समय से चल रहा है।</p>
<p>उशाकोव ने बाद में कहा कि "अमेरिकी प्रशासन के साथ हमारी टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान इस मामले पर एक समझौता हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि यूक्रेन के संपर्क में भी थे।" उशाकोव के अनुसार, यह समझौता रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ट्रंप के बीच हाल ही में हुई फोन कॉल के बाद हुआ, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर बल दिया कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हमारे देश सहयोगी थे और विजय दिवस समारोह के दौरान युद्धविराम की संभावना पर भी चर्चा की। यह घोषणा कई दिनों से बढ़ते तनाव के बाद हुई है,जिसमें रूस और यूक्रेन दोनों एक-दूसरे पर रूस के विजय दिवस समारोह से जुड़े अलग-अलग युद्धविरामों के बावजूद हमले जारी रखने का आरोप लगा रहे हैं।</p>
<p>रूस ने इससे पहले नौ मई के विजय दिवस समारोह से जुड़ा एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी, जबकि यूक्रेन ने कहा कि उसने पहले ही छह मई से व्यापक युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था, लेकिन दावा किया कि रूस ने इस प्रस्ताव को नजरअंदाज कर दिया। लगभग दो दशकों में पहली बार, रूस में विजय दिवस परेड में सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा क्योंकि यूक्रेन द्वारा समारोहों को बाधित करने के प्रयास की आशंकाओं के कारण अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं। अधिकारियों ने मास्को और सेंट पीटर्सबर्ग दोनों शहरों के निवासियों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा कारणों से आयोजनों के दौरान मोबाइल इंटरनेट की सुविधा प्रतिबंधित हो सकती है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि रूस का वार्षिक रेड स्क्वायर सैन्य परेड, जो वैश्विक नेताओं और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को आकर्षित करने वाले अंतर्राष्ट्रीय जमावड़े के रूप में जाना जाता है, इस वर्ष बहुत छोटे पैमाने पर आयोजित होने की उम्मीद है। केवल बेलारूस, मलेशिया और लाओस के नेताओं के साथ-साथ कुछ अन्य गणमान्य व्यक्तियों के ही शामिल होने की उम्मीद है। इसी बीच, ट्रम्प ने यूक्रेन संघर्ष के समाधान में सहायता के लिए रूस में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भेजने की इच्छा व्यक्त की है। यूक्रेन पर बातचीत के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को रूस भेजने की तत्परता के बारे में पूछे जाने पर राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "अगर मुझे लगता है कि इससे मदद मिलेगी तो मैं ऐसा जरूर करूंगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 12:08:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चादर को बनाया रस्सी और फिर....कन्नौज जेल से 2 कैदी पुलिस को चकमा देकर हुए फरार, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[कन्नौज में पास्को एक्ट के तहत बंद दो कैदी, अंकित और डिम्पी, चादर की रस्सी की मदद से ऊंची दीवार फांदकर जेल से भाग निकले। प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कर तलाश शुरू की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-sheet-was-converted-into-a-rope-and-two-prisoners/article-138561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/uttar-pradesh-jail.png" alt=""></a><br /><p>कन्नौज। उत्तर प्रदेश के कन्नौज से एक चौकाने वाला और लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां कैदियों ने जेल से निकलने का अनोखा ही तरीका अपनाया है। बताया जा रहा है कि यहां कैदियों ने चादर से रस्सी बनाई और ऊंची दीवारों को फांदकर जेल से फरार हो गए। इस मामले में जिला न्यायाधीश आशुतोष मोहन ​​अग्निहोत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि फरार कैदियों की पहचान अंकित और डिम्पी के रूप में हुई है और दोनों ही पास्को के मामले में जेल में बंद थे।</p>
<p>फिलहाल, इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जेल से इस तरह कैदियों के फरार होने के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 13:11:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मेक्सिको की जेल में हुए दंगे : 7 कैदियों की मौत, जवानों ने जेल पर किया नियंत्रण </title>
                                    <description><![CDATA[मेक्सिको के पूर्वी राज्य वेराक्रूज के टक्सपैन शहर में एक जेल में हुए दंगे में कम से कम 7 कैदियों की मौत हो गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/7-prisoners-killed-in-mexico-jail-soldiers-controlled-jail/article-122607"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/capture11.jpg" alt=""></a><br /><p>मेक्सिको सिटी। मेक्सिको के पूर्वी राज्य वेराक्रूज के टक्सपैन शहर में एक जेल में हुए दंगे में कम से कम 7 कैदियों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। राज्य के लोक सुरक्षा सचिवालय ने यह जानकारी दी। सचिवालय ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि दंगे के बाद सुबह राष्ट्रीय रक्षा और राज्य के लोक सुरक्षा सचिवालय के कर्मियों के साथ राष्ट्रीय गार्ड के जवानों ने जेल पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया।</p>
<p>पोस्ट में कहा गया कि दंगे के परिणामस्वरूप 7 कैदियों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत की सूचना मिली है, साथ ही 11 लोग घायल भी हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। सचिवालय ने कहा कि जेल में दंगे पर नियंत्रण कर लिया गया और कई कैदियों को पानुको शहर की एक जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है। वेराक्रूज राज्य सरकार ने अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय में सुशासन और जेलों में सुरक्षा स्थितियों में सुधार के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Aug 2025 14:53:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इराक ने 130 ईरानी कैदियों को भेजा वापस : अपने देश में मिली जेल की बाकी अवधि काटने की अनुमति, प्रत्यर्पण समझौतों पर किए हस्ताक्षर </title>
                                    <description><![CDATA[इराक ने देश में कैद 130 ईरानी नागरिकों को वापस भेज दिया, जिससे उन्हें अपने देश में जेल की बाकी अवधि काटने की अनुमति मिल गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iraq-sent-130-iranian-prisoners-signs-of-extradition-agreements-permission/article-105761"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(14)8.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। इराक ने देश में कैद 130 ईरानी नागरिकों को वापस भेज दिया, जिससे उन्हें अपने देश में जेल की बाकी अवधि काटने की अनुमति मिल गई। ईरान के मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप न्याय मंत्री असकर जलालियन के हवाले से कहा कि कैदियों को 2011 में दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित एक अपराधी प्रत्यर्पण समझौते के ढांचे के तहत ईरान भेजा गया था। उन्होंने कहा कि कैदियों को पश्चिमी ईरान में मेहरान सीमा के माध्यम से उनके देश वापस भेजा गया।</p>
<p>जलालियन ने कहा कि ईरान ने 29 देशों के साथ दोषियों के प्रत्यर्पण पर समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, उन्होंने जोर देकर कहा कि 23 संधियाँ पहले ही प्रभावी हो चुकी हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Feb 2025 16:23:32 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>इजरायल ने बंधकों के लिए गाजा युद्धविराम समझौते को दी मंजूरी, कैदियों को किया जाएगा रिहा </title>
                                    <description><![CDATA[इजरायल सरकार ने कैबिनेट बैठक के बाद गाजा में बंधकों की रिहाई के उद्देश्य से एक युद्धविराम समझौते को मंजूरी दे दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/israel-approves-gaza-ceasefire-agreement-for-hostages-prisoners-will-be/article-101199"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/israel-flagg.png" alt=""></a><br /><p>यरूशलम। इजरायल सरकार ने कैबिनेट बैठक के बाद गाजा में बंधकों की रिहाई के उद्देश्य से एक युद्धविराम समझौते को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी है। एक बयान में कहा गया कि बैठक में 24 मंत्रियों ने पक्ष में और आठ ने इसके खिलाफ वोट किया। समझौता प्रभावी होने की उम्मीद है। समझौते के पहले चरण के तहत गाजा में बंद तीन इजरायली महिलाओं और 95 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाएगा।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बैठक में कहा कि उन्हें अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आश्वासन दिया था कि उनके पद संभालने के बाद इजरायल को हथियारों की रुकी हुई आपूर्ति मिलेगी। नेतन्याहू ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि अगर हम समझौते के दूसरे चरण तक नहीं पहुंचते हैं, तो हमारे पास लड़ाई में लौटने के लिए अतिरिक्त उपकरण होंगे। उल्लंघन की स्थिति में ट्रम्प इजरायल को युद्ध में लौटने के लिए पूरा समर्थन दे रहे हैं। </p>
<p>इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट द्वारा बंधकों के लिए गाजा युद्धविराम समझौते के पक्ष में मतदान करने के बाद पूर्ण कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। दो दक्षिणपंथी मंत्रियों इटमार बेन-गविर और बेजोल स्मोट्रिच ने समझौते का विरोध किया और समझौते के पहले चरण के पूरा होने के बाद गाजा में लड़ाई फिर से शुरू करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की मांग की, जिसमें हमास 33 इजरायली बंधकों को रिहा करेगा। समूह द्वारा एक बयान में समझौते की पूर्ण शर्तों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के बाद हमास ने कहा कि विवादों का समाधान हो गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Sat, 18 Jan 2025 12:49:30 +0530</pubDate>
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                <title>क्षमता से अधिक बंदी होने से जेल पड़ रही छोटी </title>
                                    <description><![CDATA[जेल के अंदर 1000 बंदियों के रहने के लिए बैरिक, रसोई, मैस आदि का निर्माण किया जाएगा। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/prison-is-getting-small-due-to-excess-prisoners/article-95393"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/257rtrer-(3).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा सेंट्रल जेल में क्षमता से अधिक बंदियों व सजायाफ्ता कैदियों की संख्या  जेल प्रशासन के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। इस जेल में क्षमता से अधिक बंदियों के होने से कैदियों के लिए अब छोटी पड़ने लगी है। वर्तमान जेल की क्षमता 1009 बंदियों की है, लेकिन यहां कैदियों को क्षमता से अधिक संख्या में रखा जा रहा है।   बंदियों को सोने-बैठने खाने-पीने तथा जन सुविधाओं तथा सोने के लिए भी जगह कम पड़ रही है। इस समस्या के निदान के लिए राज्य सरकार द्वारा दिसंबर 2021 में शुभूपुरा में जेल के लिए भूमि आवंटन किया गया, लेकिन चार साल बीतने के बाद भी अभी तक कार्य प्रगति पर नहीं आया है। नयी जेल बनने के बाद यहां 1000 सजायाफ्ता बंदियों को रखा जाएगा। इस जेल की क्षमता 1000 बंदियों को रखने की होगी। इसके बावजूद अभी तक जेल के मामले में कार्रवाई केवल कागजों में चल रही है।  इस जेल के निर्माण में 82 करोड़ का खर्च होगा। 2021 में ही जमीन को जेल प्रशासन को सौंप दिया गया था। इसके बावजूद तीन से चार जेल अधीक्षक बदल गए, लेकिन निर्माण कार्य में प्रगति पर नहीं ला सके । नक्शा हो रहा है तैयार: जेल अधीक्षक राजेन्द्र कुमार ने बताया कि केन्द्रीय कारागार की क्षमता मात्र 1009 बंदियों की है, लेकिन यहां मंगलवार को 1548 बंदी हैं। कभी-कभी तो संख्या और भी बढ़ जाती है। इस समस्या को कम करने के लिए वर्ष 2021 में शंभूपुरा में ं1000 सजायाप्ता बंदियों को रखने के लिए 9.06 हेक्टेयर भूमि यूआईटी द्वारा आवंटित कर चुकी है और कब्जा भी सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन ने कब्जा संभाल लिया है। इस जेल के निर्माण के लिए पुलिस हाउसिंग सोसाइटी बनाई गई है और उसके द्वारा नक्शा तैयार किया जा रहा है। इस जेल में अत्याधिनुक सुविधाओं के लिए राज्य सरकार की तरफ से 82 करोड़ का बजट भी मंजूर किया गया है। जिसमें जेल के अंदर 1000 बंदियों के रहने के लिए बैरिक, रसोई, मैस आदि का निर्माण किया जाएगा। </p>
<p><strong>32 क्वार्टर का होगा निर्माण </strong><br />जेल अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान जेल में 32 नए क्वार्टर भी पुलिस हाउसिंग सोसायटी के द्वारा ही बनाया जाना प्रस्तावित है। इसका का कार्य भी जल्द ही शुरू किया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Nov 2024 16:37:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बंदियों के पैरोल की राह पर नए कानून ने लगाया ग्रहण</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य की जेलों में फैलती अव्यवस्था को सुधार व मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने 129 साल पुराने कानून को बदल दिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-new-law-eclipsed-the-path-of-prisoners--parole/article-52285"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/bandiyo-ki-perol-ki-raah-pr-naye-kanoon-ne-lgaya-grhan...kota-news-20-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। जेल में सजाकाट रहे बंदियों के पैरोल पर जाने के  बाद फरार होने के बढ़ते मामलों को देखते हुए जेल प्रशासन ने अब नए कानून के तहत नए नियम लागू कर दिए हैं। इसके साथ ही अब पैरोल पर जाने वाले सजाप्ता बंदियों को नए कानूनी नियम के तहत लंबा इंतजार करना होगा। जबकि पुराने कानून में पहले सजाप्ता बंदी को मात्र चौथाई सजा काटने के बाद ही पैरोल की अर्जी को जेल प्रशासन मंजूर कर लेता था, लेकिन अब पचास प्रतिशत सजा काटने के बाद ही पैरोल की अर्जी लगाई जा सकेगी। साथ कानून में बदलाव के नियमानुसार रेप के साथ मर्डर करने वाले तथा डकैती सहित अंति गंभीर आरोप में संलिप्त सजाप्ता बंदियों की पैरोल पर पूर्ण रुप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।</p>
<p><strong>सजा के बाद खुलेंगे रोजगार के अवसर</strong> <br />राज्य की जेलों में फैलती अव्यवस्था को सुधार व मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने 129 साल पुराने कानून को बदल दिया है। इसके लिए द राजस्थान कारागार विधेयक 2023 बनाया गया है। इस नए कानून के तहत राज्य की समस्त जेलों में बदियों की व्यवस्थाआें को और मजबूत बनाया जाएगा।  इस बदलाव से बंदियों के लिए सुधारात्मक उप बंध, मूलभूत मानवाधिकारों के हक, उनके कौशल विकास और व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम को सुनिश्चित किया जाएगा। अब यह विधेयक बंदियों के साथ-साथ जेलों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए भी उपयोगी होगा। इस के तहत कारागार विभाग द्वारा बंदी सुधार के लिए विभिन्न नवाचार किए जाएंगे। ताकि सजा पूरी होने के बाद उन्हें रोजगार मिल सके। इसके लिए नए कानून में प्रावधान किया गया है। इसके अलावा खुली बंदी शिविर, कौशल विकास कार्यक्रम एवं जेलों में पेट्रोलपंप खोलना आदि रोजगार के साधन को नावाचार होंगे। </p>
<p><strong>सजायाफ्ता कैदियों की आधी सजा के बाद पैरोल </strong><br />पुराने नियम 1958 में सजायाप्ता बंदी सजा मिलने की समय सीमा के चौथाई सजा काटने के बाद ही बीच में ही पैरोल का आवेदन कर पैरोल प्राप्त कर लेता था, लेकिन नए नियम में ऐसा नहीं कर सकता है। इसके लिए उसे सजा की समय सीमा का आधा समय जेल में ही बिताना होगा। उसके बाद ही उसे पैरोल पर आवेदन कर सकता है तथा पैरोल पर छोड़ा जा सकता है। साथ  उन्होेंने बताया कि इस नियम में 29 जून 2021 से पहले के सजायाप्ता बंदियों पर अभी पुरारा कानून ही लागू रहेगा तथा  30 जून 2021 के बाद सजायाप्ता बंदियों पर नया कानून दा राजस्थान प्रिजनर्स रिलीज आॅन पैरोल रुल्स 2021 लागू होगा। इस कानून के बदलाव से अब बंदी जिस जेल में रहेगा उस जिले का जिला कलक्टर पैरोल की सुनवाई कर सकता है, जबकि पुराने नियम में ऐसा था कि बंदी के रहने वाले स्थान के जिला स्तर पर निर्णय लिया जाता था। जेलों में 23 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सात साल व उससे कम की सजा का सामना कर रहे कैदियों या सात साल तथा उससे कम की सजा वाले अपराधों के मुकदमोंं का सामना कर रहे बंदियों की रिहाई पर विचार किया जा सकता है। </p>
<p><strong>पोक्सो और रेप के कैदियो की रिहाई पर रोक </strong><br />जेल अधीक्षक परमजीत सिंह सिद्धू ने बताया कि दा राजस्थान प्रिजनर्स रिलीज आॅन पैरोल रुल्स 1958 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय परामर्शदायी समिति ऐसे नियमित पैरोल प्रार्थना पत्र पर निर्णय लेती है। इस दौरान सजाप्ता बंदी को कम से कम सजाप्ता अवधि के 1/4 प्रतिशत सजा को काटने के बाद पैरोल का आवेदन किया जाता रहा है। अब नए  नियमों के तहत पोक्सो और रेप तथा गंभीर आरोपों में सजायाप्ता कैदी की रिहाई पर रोक लगा दी गई है। जबकि पुराना 1958 का नियम है कि एक तय समय सीमा के बाद ही कैदी पैरोल की मांग कर सकता है तथा उसे पैरोल दी जा सकती है। नया नियम 2021 में रोक लगा दी गई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jul 2023 15:42:26 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>म्यांमार में दो हजार से अधिक कैदियों को क्षमादान</title>
                                    <description><![CDATA[म्यांमार की स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन काउंसिल ने वेसाक दिवस के अवसर पर बुधवार को 2153 कैदियों को क्षमादान दिये जाने की घोषणा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amnesty-for-more-than-two-thousand-prisoners-in-myanmar/article-44568"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/jail.png" alt=""></a><br /><p>यांगून। म्यांमार की स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन काउंसिल ने वेसाक दिवस के अवसर पर बुधवार को 2153 कैदियों को क्षमादान दिये जाने की घोषणा की।</p>
<p>काउंसिल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जिन कैदियों को दंड संहिता की धारा 505 (ए) के तहत उकसाने का दोषी ठहराया गया है, केवल उन्हें ही बुधवार को क्षमा किया धारा 505 (ए) दंड संहिता एक सरकारी कर्मचारी के खिलाफ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष अपराध,  डर पैदा करने, झूठी खबरें फैलाने और आंदोलन करने पर रोक लगाती है।</p>
<p>बयान के मुताबिक म्यांमार कैलेंडर के कसोन चंद्र मास की पूर्णिमा 'वेसाक दिवस' पर कैदियों की रिहाई लोगों के मन की शांति और मानवीय आधार पर की गयी है। म्यांमार ने 17 अप्रैल को अपने पारंपरिक नव वर्ष को चिह्नित करने के लिए 3,000 से अधिक कैदियों को क्षमादान दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 May 2023 14:24:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस के साथ कैदियों की अदला-बदली के तहत यूक्रेन के 100 बंदी रिहा</title>
                                    <description><![CDATA[रिहा किए गए लोगों में यूक्रेन के सैनिक, राष्ट्रीय रक्षक और नौसैनिक और सीमा रक्षक शामिल है। उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा कि रिहा किए गए लोगों में से कुछ घायल हैं और कुछ गंभीर रूप से बीमार हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ukraine-frees-100-prisoners-in-prisoner-swap-with-russia/article-42489"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/eukrane.jpg" alt=""></a><br /><p>कीव। रूस के साथ कैदियों की अदला-बदली के तहत 20 महिलाओं सहित यूक्रेन के 100 बंदियों को रिहा कर दिया गया। यूक्रेन के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख एंड्री एर्मक ने सोमवार को बताया कि रिहा किए गए लोगों में यूक्रेन के सैनिक, राष्ट्रीय रक्षक और नौसैनिक और सीमा रक्षक शामिल है। उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा कि रिहा किए गए लोगों में से कुछ घायल हैं और कुछ गंभीर रूप से बीमार हैं।</p>
<p>उन्होंने अदला-बदली समझौते के तहत यूक्रेन की ओर से रिहा किए गए रूसी सैनिकों की संख्या के बारे में कोई ब्योरा नहीं दिया। युद्ध बंदियों के इलाज के लिए समन्वय मुख्यालय ने बताया कि यूक्रेन ने गंभीर रूप से घायल पांच सैनिकों को जिनेवा समझौते के तहत रूस को सौंप दिया है। गौरतलब है कि मार्च 2022 से रूस के साथ कैदियों की अदला-बदली के तहत दो हजार अधिक यूक्रेनी कैदियों को रिहा किया गया है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Apr 2023 16:02:43 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>स्वतंत्रता दिवस पर 51 कैदी होंगे रिहा</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/51-prisoners-to-be-released-on-independence-day/article-18907"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/kota-jail_new-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के विभिन्न कारागाहों में सजा काट रहे 51 कैदियों को अच्छे आचरण के फलस्वरूप विशेष माफी देते हुए 15 अगस्त, 2022 को रिहा करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। </p>
<p>इन कैदियों में अपनी कुल कारावास की दो तिहाई अवधि पूरी कर चुके 36 कैदी, अपनी आधी कारावास अवधि पूरी कर चुके 60 वर्ष की आयु से अधिक के 5 पुरूष कैदी तथा अपनी कारावास अवधि पूरी कर चुके 10 आर्थिक रूप से कमजोर कैदी शामिल हैं। आर्थिक रूप से कमजोर कैदी अपनी सजा पूर्ण होने के बाद भी आरोपित जुर्माना राशि देने में असमर्थ होने के कारण रिहा नहीं हो पा रहे थे। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कुछ विशेष श्रेणियों के ही कैदियों को राहत दी जा सकती है। इन कैदियों में दहेज हत्या, बलात्कार, आतंकवाद, मानव तस्करी सहित अन्य गंभीर अपराधों में लिप्त कैदी शामिल नहीं हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Aug 2022 17:32:08 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>एक नवाचार से बदली कारागार की तस्वीर, रचनात्मक काम में जुटे हैं कैदी</title>
                                    <description><![CDATA[यह खूबसूरत और मोहक दृश्य किसी आश्रम या हॉबी क्लास का नहीं, अपितु चूरू के जिला कारागार का है, जहां एक सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश तंवर की सोच के साथ शुरू हुए नवाचार ने सारी तस्वीर ही बदल दी है। अब यह जेल किसी सुधार गृह या आश्रम जैसी नजर आती है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/an-innovation-changed-the-picture-of-the-prison--the-prisoners-are-engaged-in-creative-work/article-11876"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/pic-3-today.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चूरू।</strong> सुबह-सुबह कोई भजन-कीर्तन में डूबा है तो कोई प्राणायाम-योगाभ्यास में। कोई माला फेर रहा है, ध्यान लगा रहा है तो कोई पक्षियों को चुग्गा डाल रहा है। कुछ लोग पेड़-पौधों की देखभाल में व्यस्त हैं। दिन चढ़ने के साथ ही अब सबके हाथों में अपनी-अपनी रूचि की किताबें हैं। कोई महापुरुषों की जीवनी पढ रहा है तो कोई धार्मिक संतों के प्रवचन। बाकी भी अपने-अपने हिसाब से कहानियां, कविताएं, गजलें, भजन, गीत और चुटकुले न केवल पढ रहे हैं, अपितु दूसरों को भी सुनाकर उनका मनोरंजन कर रहे हैं। जिनकी पेंटिंग में रूचि है, उन्होंने परिसर की दीवारों पर ऐसे सुंदर भित्ति चित्र बनाए हैं कि देखने वाले हैरान रह जाते हैं। यह खूबसूरत और मोहक दृश्य किसी आश्रम या हॉबी क्लास का नहीं, अपितु चूरू के जिला कारागार का है, जहां एक सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश तंवर की सोच के साथ शुरू हुए नवाचार ने सारी तस्वीर ही बदल दी है। अब यह जेल किसी सुधार गृह या आश्रम जैसी नजर आती है, जहां बंदी जन किसी न किसी रचनात्मक काम में जुटे रहते हैं।</p>
<p>जेल उपाधीक्षक कैलाश सिंह शेखावत बताते हैं कि चूरू के इस जिला कारागृह में लगभग दो सौ पचास बन्दी हैं। ये सभी विचाराधीन हैं। इनसे किसी भी प्रकार श्रम नहीं करवाया जा सकता। आज से करीब ढाई साल पहले 22 अक्टूबर 2019 को राजस्थान के जेल महानिदेशक की अनुमति से तत्कालीन जिला कलेक्टर संदेश नायकए पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम और जिला एवं सत्र न्यायाधीश अयूब खान के सानिध्य में हुए कार्यक्रम में पुरस्कृत शिक्षक फोरम के सचिव तथा सेवानिवृत्त व्याख्याता ओमप्रकाश तंवर ने जिला कारागार को एक हजार पुस्तकें और दो बड़ी आलमारी भेंट कर वाचनालय गतिविधि शुरू की। उसके बाद से इन बंदियों की दिनचर्या ही बदल गई है।</p>
<p> इस नवाचार, यहां की आवश्यकता और बंदीजनों के उत्साह को देखते हुए स्थानीय विधायक राजेंद्र राठौड़ द्वारा विधायक कोष से दस लाख पचास हजार रूपये की राशि से पुस्तकालय कक्ष बनाने की घोषणा की गई है। जिला कलेक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने निरक्षर बन्दियों को साक्षरता किट वितरित किए। इस कार्य में फोरम के जिलाध्यक्ष सूर्यप्रकाश त्रिवेदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमप्रकाश फगेड़िया, चैनरूप दायमा, कुलदीप व्यास अन्य सदस्यों तथा भामाशाहों का विशेष योगदान रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>चूरू</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 13:22:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title> अजमेर कारागार में कैदियों से फिर मोबाइल बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[ कैदियों के बैरक से दो मोबाइल, उसकी दो बैटरी और दो चार्जर तलाशी के दौरान जमीन में दबाये मिले हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/mobile-recovered-from-prisoners-in-ajmer-jail/article-5980"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/jail-mob.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। राजस्थान के अजमेर स्थित उच्च सुरक्षा कारागृह में एक बार फिर से मोबाईल एवं उससे संबंधित सामग्री बरामद की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जेल में तलाशी के दौरान दो दिन के अन्तराल में ही मोबाईल एवं अन्य सामग्री मिली है उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले भी मोबाइल बरामद किये गये थे।</p>
<p>सिविल लाइंस थाने के हैडकांस्टेबल जितेंद्र सिंह ने बताया कि जेल प्रबंधन से मिली शिकायत में कैदियों के बैरक से दो मोबाइल, उसकी दो बैटरी और दो चार्जर तलाशी के दौरान जमीन में दबाये मिले हैं। जेल प्रबंधन की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गयी है ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Mar 2022 16:15:14 +0530</pubDate>
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